क्या 2025 में एलियंस से होगा पहला संपर्क? बाबा वेंगा की चौंकाने वाली भविष्यवाणी से मचा हड़कंप

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खगोलशास्त्रियों ने 1 जुलाई 2025 को एक रहस्यमयी Interstellar पिंड की खोज की, जिसे नाम दिया गया 3I/ATLAS. यह पिंड 130,000 मील प्रति घंटे की असामान्य गति से हमारे सौर मंडल में प्रवेश कर रहा था. 15 मील चौड़ा यह ऑब्जेक्ट इतना बड़ा है कि न्यूयॉर्क के मैनहटन से भी बड़ा माना गया है.

शुरुआत में इसे एक धूमकेतु समझा गया, लेकिन इसका Hyperbolic रूट बताता है कि यह Object सौर मंडल के बाहर से आया है. इसने वैज्ञानिकों को चौंका दिया. यह केवल तीसरा ऐसा पिंड है, जिसे पहली बार अब तक देखा है, इससे पहले ओउमुआमुआ (2017) और 2I/बोरिसोव (2019) इस सूची में थे.

हार्वर्ड वैज्ञानिक एवी लोएब की चेतावनी

प्रोफेसर एवी लोएब, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित खगोलशास्त्री का मानना है कि 3I/ATLAS कोई सामान्य नेचुरल Object नहीं है. उनका तर्क है इसका रूट जानबूझकर तय किया गया दिखाई पड़ता है. यह Jupitar, mars और venus के पास से गुज़रेगा, जो एक आइडल पॉइंट है. यह नवंबर 2025 में सूर्य के पास पेरिहेलियन पर होगा, जब यह पृथ्वी से छिप सकता है. लोएब का मानना है कि यह एलियन उपकरणों की तैनाती का संभावित समय हो सकता है, जब यह वस्तु मानव निगरानी से बचने की कोशिश कर सकती है. यदि यह सही है तो यह एक टोही या निगरानी मिशन हो सकता है, जो एक Peaceful मैसेज नहीं है.

बाबा वेंगा की भविष्यवाणी 2025 में एलियन संपर्क?

बाबा वेंगा बल्गेरियाई रहस्यवादी और भविष्यवक्ता, जिन्होंने 9/11, ब्रेक्सिट और 2004 की सुनामी जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने भी कहा था कि 2025 में मानवता का एलियंस से पहला संपर्क होगा.अब जब 3I/ATLAS जैसे रहस्यमय ऑब्जेक्ट की खोज हुई है और वैज्ञानिक भी एलियन संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं तो यह भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में है.

डार्क फ़ॉरेस्ट थ्योरी और संभावित खतरा

डार्क फ़ॉरेस्ट हाइपोथिसिस के अनुसार, उन्नत सभ्यताए खुद को छिपा कर रखती हैं ताकि दुश्मन प्रजातियों का ध्यान न आकर्षित करें. अगर 3I/ATLAS वास्तव में एक एलियन मिशन है तो यह संभव है कि यह एक्टिव सर्विलांस मिशन हो. एलियन गुप्त रूप से पृथ्वी की जांच कर रहे हों. इसका उद्देश्य संपर्क नहीं बल्कि रणनीतिक निरीक्षण या संभावित आक्रमण हो सकता है. लोएब का मानना है कि अगर यह सच है तो हमें एलियन के खतरों को ध्यान में रखते हुए अपने प्लैनेटरी डिफेंस सिस्टम को फिर से डिजाइन करना चाहिए.

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वो 5 टेस्ट मैच जब टीम इंडिया के गेंदबाजों ने खर्च किए 500 से ज्यादा रन, जानिए

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Test Record: टेस्ट क्रिकेट में भारत की गेंदबाजी इकाई ने बीते वर्षों में कई यादगार प्रदर्शन किए हैं, लेकिन कुछ मुकाबले ऐसे भी रहे हैं, जहां विपक्षी बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए हैं. हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में भी ऐसा ही हुआ, जब भारतीय गेंदबाजों ने एक पारी में 669 रन लुटा दिए. यह कोई पहला मौका नहीं है, इतिहास में कई ऐसे टेस्ट दर्ज हैं जब भारतीय बॉलिंग अटैक ने एक पारी में 500 से अधिक रन खर्च किए हैं.

यहां जानिए उन 5 टेस्ट मैचों के बारे में, जहां भारतीय गेंदबाजों को एक पारी में सबसे ज्यादा मार झेलनी पड़ी.

भारत बनाम इंग्लैंड – बर्मिंघम टेस्ट, 2011

इंग्लैंड का स्कोर- 710/7 (घोषित)

बर्मिंघम की सपाट पिच पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारत की बॉलिंग लाइन-अप को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था. सलामी बल्लेबाज एलेस्टेयर कुक ने 294 रनों की मैराथन पारी खेली थी,जिसके चलते भारत के खिलाफ टेस्ट में इंग्लैंड का यह सबसे बड़ा स्कोर बना था. भारत की गेंदबाजी में कोई धार नहीं दिखी और इंग्लैंड ने पारी से मुकाबला अपने नाम कर लिया था.

भारत बनाम इंग्लैंड – मैनचेस्टर टेस्ट, 2025

इंग्लैंड का स्कोर- 669

शुभमन गिल की कप्तानी में उतरी युवा भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर टेस्ट में बुरी तरह संघर्ष करती दिखी है. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने अपनी पहली पारी में 669 रन बना दिए. भारत के गेंदबाजों को इस मैच में विकेट के लिए तरसना पड़ा. हालांकि बल्लेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भारत मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रहा.

भारत बनाम इंग्लैंड – चेन्नई टेस्ट, 2021

इंग्लैंड का स्कोर- 578

चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने अपने 100वें टेस्ट को यादगार बनाते हुए दोहरा शतक लगाया था. इस पिच पर भारतीय स्पिनरों को मदद मिलनी चाहिए थी लेकिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने उन्हें पूरी तरह बेअसर कर दिया था. 

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया – सिडनी टेस्ट, 2015

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर- 572/7 (घोषित)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा हुई थी. इस मुकाबलें में डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ ने शतक जमाए और ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आराम से 572 रन बना दिए. 

भारत बनाम इंग्लैंड – राजकोट टेस्ट, 2016

इंग्लैंड का स्कोर- 537

यह मैच भारत की अपनी घरेलू पिच पर खेला गया था, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने यहाँ भी भारतीय गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी थी. जो रूट, मोइन अली और बेन स्टोक्स ने अर्द्धशतक और शतक जमाकर इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. 

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8वें वेतन आयोग के बाद रेलवे में न्यू जॉइनी को कितनी मिलेगी सैलरी? जानें डिटेल

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अगर आप रेलवे में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि आखिर जॉइन करने के बाद कितनी सैलरी मिलेगी, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इसके लागू होने के बाद नए कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.

फिलहाल रेलवे समेत केंद्र सरकार की अन्य नौकरियों में नए जॉइन करने वाले कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जा रहा है. वर्तमान में सबसे निचले स्तर (लेवल-1) पर न्यू जॉइनी को 18,000 रुपये बेसिक सैलरी मिलती है. इसमें डीए (महंगाई भत्ता), एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) और अन्य भत्ते जोड़कर कुल इन-हैंड सैलरी करीब 30,000 से 32,000 रुपये तक बनती है.

7वें वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन की गणना के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया गया था, जिसके आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये रखी गई थी. अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि 8वें वेतन आयोग में यदि यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 से ज्यादा किया जाता है, तो बेसिक सैलरी में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

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8वें वेतन आयोग से क्या होगा बदलाव?

रिपोर्ट्स के मुताबिक 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद बेसिक सैलरी 18,000 से सीधे 26,000 रुपये तक पहुंच सकती है. अन्य भत्तों में भी इजाफा होगा, जिससे कुल इन-हैंड सैलरी लगभग 45,000 से 50,000 रुपये तक जा सकती है.

रेलवे में सैलरी के साथ अन्य फायदे 

सिर्फ सैलरी ही नहीं, रेलवे कर्मचारियों को कई और सुविधाएं भी मिलती हैं. जैसे कि मुफ्त रेल यात्रा पास, सरकारी आवास, चिकित्सा सुविधा, पेंशन (NPS), और बच्चों की शिक्षा में सहायता आदि. ऐसे में रेलवे की नौकरी को एक स्थिर और सुरक्षित करियर के रूप में देखा जाता है.

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थार का आतंक, पहले स्कूटी सवार को मारी टक्कर, फिर बुरी तरह से कुचला- वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर किसी का भी खून खौल जाए. वीडियो में साफ दिखता है कि कैसे एक तेज रफ्तार थार गाड़ी पहले एक अधेड़ स्कूटी सवार को टक्कर मारती है, फिर रुकने के बजाय गाड़ी को रिवर्स में दौड़ाकर उसे दोबारा कुचल देती है. इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ये मंजर देख हर कोई सन्न रह गया है. इस घटना ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रोड पर किसी की जान लेना इतना आसान कैसे हो गया? वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे.

अधेड़ उम्र के शख्स को थार सवार ने मारी टक्कर, फिर कुचल दिया

वीडियो की शुरुआत में एक स्कूटी सवार अधेड़ उम्र का व्यक्ति सड़क पर चल रहा होता है. तभी सामने से आ रही थार गाड़ी तेज रफ्तार में आती है और उसे सीधा टक्कर मार देती है. अधेड़ व्यक्ति धड़ाम से सड़क पर गिरता है. आमतौर पर ऐसी स्थिति में लोग गाड़ी रोककर मदद करते हैं लेकिन यहां जो हुआ वो दिल दहला देने वाला था. टक्कर के बाद जैसे ही अधेड़ थोड़ा संभलता है और खड़ा होने की कोशिश करता है, तभी थार वाला अपनी गाड़ी को रिवर्स में लाता है और दोबारा उसी व्यक्ति पर चढ़ा देता है. ये सब कुछ इतना अचानक होता है कि देखने वालों के रौंगटे खड़े हो जाते हैं. स्कूटी सवार एक बार फिर जमीन पर गिरता है और इस बार उसकी हालत पहले से ज्यादा गंभीर हो जाती है.

आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की उठ रही मांग!

वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई लोगों ने कहा कि यह कोई आम सड़क हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हत्या जैसा दिखता है. जिस बेरहमी से थार चालक ने दोबारा गाड़ी चढ़ाई, वो कहीं से भी दुर्घटना नहीं लगती. लोगों ने मांग की है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर उस पर सख्त कार्रवाई हो. वीडियो इंटरनेट पर वायरल है जिसे देखने के बाद लोग तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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भड़क गए यूजर्स

वीडियो को @Khurpench_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पैसों के नशे में चूर है, ठीक इलाज होना चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…इस तरह के लोगों को बीच चौराहे गधे पर बैठाना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इसकी थार को जब्त कर लेना चाहिए और हमेशा के लिए लाइसेंस सस्पेंड कर देना चाहिए.

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Share Market में गिरावट के बीच क्या वापस लौटेगी तेज़ी ? | Paisa Live

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<p>Share Market में लगातार चौथे Week भी गिरावट रही Sensex पिछले 1 हफ्ते में 600 Points और Nifty 225 Points नीचे गिरा हैं। इस गिरावट के पीछे तिमाही नतीजे और FII की Selling सबसे बड़ी वजह है ऐसे में 28 July से शुरू हो रहे हफ्ते में ऐसे कौनसे Factors है जो Market को दिशा देंगे। सबसे पहले है 1 August की Tariff Date अभी भी US और India के बीच Trade Talk जारी है जिसको August के पहले हफ्ते में पूरा होने की उम्मीद है ऐसे में यह खबर Market के लिए Positive खबर हो सकती है&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;</p>

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ISRO-NASA की बड़ी प्लानिंग, 30 जुलाई को NISAR होगा लॉन्च, अंतरिक्ष में जाकर क्या-क्या करेगा काम

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार (27 जुलाई, 2025) को बताया कि भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों, ISRO और NASA द्वारा मिलकर बनाया गया पहला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (NISAR) अब 30 जुलाई को लॉन्च किया जाएगा. यह उपग्रह धरती की सतह, समुद्र, बर्फ और जंगलों पर होने वाले बदलावों पर नजर रखेगा.

NISAR मिशन लॉन्च की तारीख और जगह

NISAR को 30 जुलाई शाम 5:40 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F16 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा.

क्या है NISAR मिशन?

NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक उन्नत उपग्रह मिशन है जिसे ISRO और NASA ने मिलकर विकसित किया है. यह उपग्रह धरती की सतह, बर्फ, जंगल और महासागरों में होने वाले बदलावों को सटीक रूप से मापने में मदद करेगा. यह उपग्रह हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की तस्वीर ले सकेगा, जिससे वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन, भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन और ग्लेशियर के पिघलने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन कर सकेंगे. इसका डाटा खेती, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में भी उपयोग होगा. लॉन्च के बाद 90 दिन सेटअप में लगेंगे, फिर यह काम शुरू करेगा.

क्या है NISAR मिशन का उद्देश्य?

1. जमीन और बर्फ की हलचल को मापना.

2. फसलों और जंगलों में हो रहे बदलावों को समझना.

3. हिमालय, ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फ का अध्ययन करना.

4. भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन और भूजल स्तर में बदलावों का विश्लेषण करना

दोनों देशों की बढ़ी जिम्मेदारी

1. ISRO ने S-band रडार, उपग्रह ढांचा, डाटा सिस्टम और लॉन्च तैयार किया है.

2. NASA ने L-band रडार, जीपीएस रिसीवर, सॉलिड-स्टेट रिकॉर्डर और 12 मीटर चौड़े रिफ्लेक्टर के लिए 9 मीटर का बूम बनाया है.

3. लॉन्च के बाद पहले 90 दिन ‘कमिशनिंग फेज़’ कहलाएंगे, जिसमें सभी उपकरणों की जांच और सेटिंग की जाएगी.

क्या है NISAR मिशन का महत्व

ISRO के अनुसार, यह मिशन पृथ्वी की निगरानी तकनीक में एक मील का पत्थर साबित होगा. वैज्ञानिकों को एक ही मंच से दो अलग-अलग रडार तकनीकों का डाटा मिलेगा, जिससे पर्यावरण और जलवायु से जुड़े बदलावों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा.

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जब पापा सुनील दत्त से जिद करके बांग्लादेश गए थे संजय दत्त, होना पड़ा था शर्मिंदा

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Sanjay Dutt Birthday Special: बॉलीवुड के ‘बाबा’ संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वह आज बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार्स में से एक हैं. उनकी दमदार एक्टिंग और बेहतरीन अंदाज ने लाखों लोगों का दिल जीता है. हर चमकते सितारे के जीवन में कई दिलचस्प कहानियां होती हैं. ऐसे ही संजय के बचपन की एक घटना है, जब उन्हें एक छोटी सी गलती के कारण स्वर कोकिला लता मंगेशकर के सामने शर्मिंदा होना पड़ा था.

संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था. उनके पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दोनों ही मशहूर कलाकार थे. बचपन में संजय को म्यूजिक का बड़ा ही शौक था. वह स्कूल की बैंड में सबसे पीछे ड्रम बजाते हुए चलते थे. उनकी बहन प्रिया दत्त ने एक टीवी शो में बताया था कि संजय को सिर्फ़ एक ही तरह का स्कूल ड्रम बजाना आता था.

जब संजय दत्त ने की थी बांग्लादेश जाने की जिद

1971 में भारत और पाकिस्तान के युद्ध के बाद कलाकारों का एक समूह बांग्लादेश जाकर वहां के सैनिकों और आम जनता के लिए शो करने वाला था. सुनील दत्त भी उस ग्रुप में थे. उस वक्त संजय दत्त की उम्र महज 12-13 साल की थी, जब इस बात का पता उन्हें चला तो उन्होंने भी पिता से बांग्लादेश जाने की जिद की.

इस पर सुनील दत्त ने पहले संजय को मना किया और कहा कि वहां वही कलाकार जा रहे हैं, जो गा सकते है, बजा सकते है या कोई कला दिखा सकते हैं. इस पर संजय ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, ‘मैं बोंगो बजाऊंगा!’

संजय की जिद के आगे आखिरकार पिता को झुकना पड़ा और वह उन्हें अपने साथ ले गए. जब शो का दिन आया तो मंच पर लता मंगेशकर अपनी जादुई आवाज में गा रही थीं. पूरा माहौल शांत और भावुक था. इस दौरान संजय दत्त ने बोंगो बजाना शुरू कर दिया.

बोंगो की गड़बड़ाती लय ने लता जी का ध्यान भटकाया और उन्होंने अचानक पीछे मुड़कर देखा कि ये कौन बोंगो बजा रहा है? तब मासूमियत भरे अंदाज में संजय पीछे खड़े थे. लता जी को देख संजय शर्म से पानी-पानी हो गए. ये पल उनके लिए ऐसा था जिसे वह कभी नहीं भूल सके.

इस किस्से को खुद सुनील दत्त ने फारुक शेख को दिए एक टीवी इंटरव्यू में सुनाया था.


संजय दत्त की फिल्मी करियर

संजय दत्त का फिल्मी करियर बहुत ही दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. उन्होंने 1981 में फिल्म ‘रॉकी’ से अपने अभिनय की शुरुआत की, जिसे उनके पिता सुनील दत्त ने निर्देशित किया था.

इसके बाद उन्होंने ‘साजन’, ‘खलनायक’, ‘वास्तव’ और “कांटे’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई. लेकिन लोकप्रियता उन्हें फिल्म ‘वास्तव’ से मिली. इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.

उन्होंने फिल्मों में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. वह कभी प्रेमी बने, तो कभी खतरनाक गैंगस्टर की भूमिका में दिखे. उनके स्टाइल की वजह से उन्हें ‘संजू बाबा’ के नाम से बुलाया जाने लगा. लेकिन उनका जीवन फिल्मों जितना आसान नहीं था.

संजय दत्त पर लगे आरोप

1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के मामले में संजय दत्त का नाम आया. उस वक्त उन पर आरोप लगे कि उन्होंने अपने घर पर हथियार रखे थे, जो उन धमाकों में इस्तेमाल हो सकते थे. संजय ने हमेशा कहा कि वह ऐसा नहीं करना चाहते थे और केवल अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखे थे. इस मामले की वजह से उन्हें कई साल जेल में बिताने पड़े और 2016 में जेल से रिहा हुए.

नशे ने घेरा था संजू बाबा को

इसके अलावा, संजय दत्त की जिंदगी में नशे की आदत भी एक बड़ा संघर्ष रही. कई इंटरव्यूज में उन्होंने खुद कबूल किया कि वह ड्रग्स के आदी हो गए थे. लेकिन इलाज के बाद उन्होंने नशे से छुटकारा पाया. उनकी इस लड़ाई को देखकर कई लोग प्रेरित हुए.

फैंस की पसंदीदा फिल्मों में ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ शामिल हैं. 2022 में रिलीज हुई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में उनका ‘अधीरा’ किरदार काफी चर्चा में रहा; इस किरदार ने उन्हें साउथ इंडस्ट्री में पहचान दिलाने में मदद की.

उन्होंने ‘शमशेरा’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’, और ‘लियो’ जैसी फिल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं. इसके अलावा, उन्होंने प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया और ‘प्रस्थानम’ जैसी फिल्म को प्रोड्यूस किया. संजय दत्त का करियर कभी एक सीध में नहीं चला, लेकिन हर गिरावट के बाद उन्होंने और मजबूत होकर वापसी की. वह आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं और उनकी झोली में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं.



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