मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने आणंद जिले के नावली में पांच करोड़ रुपए के खर्च से निर्मित एनसीसी लीडरशिप एकेडमी भवन का लोकार्पण किया

एनसीसी कैडेट्स में नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक के गुण विकसित करने का केंद्र बनेगी नावली स्थित एनसीसी लीडरशिप
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5 करोड़ रुपए की लागत से पहले चरण का निर्माण, 200 कैडेट्स के लिए आवास और प्रशिक्षण की व्यवस्था : दूसरे चरण के निर्माण के बाद क्षमता बढ़कर 600 कैडेट्स की हो जाएगी
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28 जुलाई से युवा आपदा प्रशिक्षण और एनसीसी कैंप का आयोजन
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गांधीनगर, 25 जुलाई : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आणंद जिले के नावली दहेमी रोड पर 5 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) लीडरशिप एकेडमी के आधुनिक भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से निर्मित इस आधुनिक भवन का निरीक्षण कर यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जाना। उन्होंने एनसीसी लीडरशिप एकेडमी भवन के प्रांगण में पौधरोपण किया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

गुजरात सरकार के दूरदर्शी मार्गदर्शन और सहयोग से निर्मित यह एकेडमी राज्य के युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा का भाव जागृत करने का केंद्र बनेगी, जो युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

यह एकेडमी राज्य में एनसीसी प्रशिक्षण को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी और युवाओं में नेतृत्व, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को प्रबल बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि कि अभी गुजरात में अहमदाबाद और राजपीपला में एक-एक एकेडमी संचालित हैं। अब, तीसरी एनसीसी लीडरशिप एकेडमी का निर्माण किया गया है, जिसका संचालन वल्लभ विद्यानगर ग्रुप हेडक्वार्टर द्वारा किया जाएगा। इस एकेडमी में 28 जुलाई से ‘युवा आपदा प्रशिक्षण कैंप’ और ‘कम्बाइंड एन्युअल ट्रेनिंग कैंप’ (सीएटीसी) शुरू होगा। इसके बाद एकेडमी में समय-समय पर एनसीसी कैंप्स का आयोजन किया जाएगा।

इस एकेडमी के पहले चरण में 200 कैडेट्स के लिए आधुनिक आवास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक बुनियादी ढांचा के साथ ही एकेडमी परिसर में ऑब्सटेकल कोर्स यानी बाधा मार्ग, फायरिंग रेंज, ड्रिल ग्राउंड, डिजिटल क्लासरूम और पूर्ण रूप से सुसज्जित आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूरा होने के बाद नावली मध्य गुजरात में 600 कैडेट्स की क्षमता वाला एक अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र बन जाएगा।

एकेडमी के लोकार्पण अवसर पर विधानसभा में उप मुख्य सचेतक श्री रमणभाई सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हसमुखभाई पटेल, विधायक सर्वश्री योगेशभाई पटेल, कमलेशभाई पटेल और विपुलभाई पटेल, जिला अग्रणी श्री संजयभाई पटेल, जिला कलेक्टर श्री प्रवीण चौधरी, मनपा आयुक्त श्री मिलिंद बापना, जिला विकास अधिकारी सुश्री देवाहुति, जिला पुलिस अधीक्षक श्री गौरव जसाणी, गुजरात एनसीसी के एडीजी आर.एस. गोडारा, वल्लभ विद्यानगर ग्रुप कमांडर परमिंदर अरोरा, 4-बटालियन एनसीसी के सीईओ कर्नल मनीष भोला सहित एनसीसी के अधिकारी और कैडेट्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

योग से 40 पर्सेंट तक कम होता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा, नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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भारत में डायबिटीज बेहद कॉमन बीमारी बन चुकी है, जिससे लाखों लोग जूझ रहे हैं. समय-समय पर इस बीमारी को लेकर कई स्टडी सामने आती रहती हैं, लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार को सौंपी गई एक नई रिपोर्ट ने सबका ध्यान खींचा है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नियमित योग अभ्यास से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 40% तक कम हो सकता है. खास बात यह है कि यह उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जिनमें इस बीमारी का जोखिम ज्यादा होता है, जैसे कि जिनके परिवार में पहले से कोई डायबिटिक हो. यह रिपोर्ट योग और टाइप-2 डायबिटीज की रोकथाम पर आधारित है और इसे वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया है.

रिपोर्ट में क्या है खास?

इस रिपोर्ट को रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI) ने तैयार किया है, जिसकी अगुवाई मशहूर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. एस. वी. मधु ने की है. यह पहली बार है कि किसी वैज्ञानिक अध्ययन में योग को टाइप-2 डायबिटीज की रोकथाम से जोड़ा गया है. अब तक ज्यादातर शोध उन लोगों पर केंद्रित थे, जो पहले से डायबिटीज से पीड़ित हैं. लेकिन यह नई रिपोर्ट उन लोगों पर फोकस करती है, जिनमें डायबिटीज होने की संभावना ज्यादा है. 

रिपोर्ट में कुछ खास योग आसनों का जिक्र किया गया है, जो इस बीमारी को रोकने में मददगार साबित हुए हैं. ये आसन न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं, बल्कि तनाव को कम करने और शरीर में इंसुलिन के उपयोग को बेहतर करने में भी मदद करते हैं. हालांकि, यह रिपोर्ट अभी गैर-चिकित्सीय (नॉन-क्लिनिकल) अवलोकनों पर आधारित है और इसे और परीक्षणों के लिए भेजा गया है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में इस पर और गहन शोध होगा, ताकि योग के फायदों को और स्पष्ट रूप से समझा जा सके.

योग और आधुनिक विज्ञान का संगम

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जो खुद एक वरिष्ठ डायबिटोलॉजिस्ट हैं, ने इस रिपोर्ट को भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली की वैज्ञानिक पुष्टि बताया है. उन्होंने कहा कि यह अध्ययन दिखाता है कि योग जैसी प्राचीन विधाएं आधुनिक विज्ञान के साथ मिलकर स्वास्थ्य समस्याओं का कारगर समाधान दे सकती हैं. डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग इस दिशा में और शोध कर रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि योग और अन्य पारंपरिक उपाय डायबिटीज की रोकथाम और उपचार में कितने प्रभावी हो सकते हैं.

डायबिटीज का बढ़ता खतरा

भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है. खराब लाइफस्टाइल, तनाव, गलत खानपान और कम फिजिकल एक्टिविटी इसके मुख्य कारण हैं. टाइप-2 डायबिटीज तब होती है, जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता. यह बीमारी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि हृदय रोग, किडनी की समस्याएं और आंखों की बीमारियों जैसी गंभीर जटिलताओं को भी जन्म दे सकती है. ऐसे में योग जैसे प्राकृतिक और सस्ते उपाय इस बीमारी से बचाव में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.

योग क्यों है फायदेमंद?

योग न केवल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है. यह तनाव को कम करता है, जो डायबिटीज का एक बड़ा कारण है. योग के कुछ आसन, जैसे सूर्य नमस्कार, धनुरासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तानासन, शरीर में रक्त संचार को बेहतर करते हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं. इसके अलावा, प्राणायाम और ध्यान जैसे अभ्यास तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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अगर आपके नाम और फोटो से बना है फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट? तो तुरंत करें ये काम

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Fake Instagram Account: आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाना आम होता जा रहा है. अगर कोई आपके नाम, तस्वीरों या निजी जानकारी का इस्तेमाल करके इंस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बना रहा है तो यह आपकी पहचान की चोरी है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे कि लोगों को गुमराह करना, पैसे ऐंठना या आपकी छवि खराब करना. ऐसे में तुरंत कदम उठाना बेहद ज़रूरी है.

पहले यह पुष्टि करें कि अकाउंट वाकई आपकी नकल कर रहा है

कुछ इंस्टाग्राम पेज केवल फैन पेज या पैरोडी होते हैं जो नियमों के दायरे में आते हैं, बशर्ते वे साफ बताएं कि यह वास्तविक प्रोफ़ाइल नहीं है. लेकिन अगर कोई अकाउंट आपके नाम, तस्वीरों, बायो या किसी निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहा है और ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह आप ही हैं तो यह “इम्पर्सोनेशन” माना जाएगा.

ध्यान दें कि क्या ये संकेत मिल रहे हैं

  • आपके नाम से लोगों को मैसेज भेजकर धोखाधड़ी की कोशिश
  • किसी से OTP, पैसे या व्यक्तिगत जानकारी मांगना
  • ऐसी पोस्ट या बातें जो आपकी इज्ज़त को नुकसान पहुंचा सकती हैं

क्या करें

  • उस प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट लें
  • उसका यूज़रनेम, पोस्ट, मैसेज और प्रोफाइल लिंक सेव करें
  • यह सब जानकारी रिपोर्ट या कानूनी कार्रवाई में काम आ सकती है

इंस्टाग्राम को रिपोर्ट करें

इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल की शिकायत दो तरीके से की जा सकती है – ऐप से और वेबसाइट से.

ऐप के ज़रिए:

  • उस फर्जी प्रोफाइल पर जाएं
  • तीन डॉट (⋯) पर टैप करें
  • “Report” चुनें → “Report Account” → “It’s pretending to be someone else”
  • फिर “Me” या “Someone I know” सेलेक्ट करें
  • आगे दिए निर्देशों को फॉलो करें और रिपोर्ट सबमिट करें

वेब ब्राउज़र के ज़रिए (यदि आपके पास इंस्टाग्राम अकाउंट नहीं है या मामला गंभीर है):

  • Instagram Impersonation Report Form खोलें
  • एक वैध फोटो आईडी अपलोड करें
  • आमतौर पर इंस्टाग्राम कुछ दिनों में जांच कर जवाब देता है

अपने जान-पहचान वालों को सतर्क करें

फेक प्रोफाइल के बारे में अपने दोस्तों, परिवार और फॉलोअर्स को जानकारी दें ताकि वे किसी भी धोखाधड़ी का शिकार न बनें. एक स्टोरी या पोस्ट डालें जैसे: “कोई मेरे नाम से फेक इंस्टाग्राम प्रोफाइल चला रहा है. कृपया उससे कोई संपर्क न करें और उसे रिपोर्ट करें.” जितने ज़्यादा लोग उस अकाउंट को रिपोर्ट करेंगे, उतनी जल्दी इंस्टाग्राम उसे हटाएगा.

अगर इंस्टाग्राम कार्रवाई नहीं करता तो ये करें

अगर रिपोर्ट करने के बाद भी कोई जवाब नहीं आता तो आप दोबारा रिपोर्ट करें ऐप और वेब दोनों से, Instagram Help Center पर जाएं, ट्विटर या थ्रेड्स पर @Instagram या @Creators को टैग करके जानकारी दें, अगर आपके पास बिज़नेस या वेरिफ़ाइड अकाउंट है, तो Meta Business Support से संपर्क करें, लगातार प्रयास करने पर केस पर ध्यान दिया जाता है.

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विनोद मेहरा की बेटी है बेहद खूबसूरत, रेखा से है कनेक्शन!

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विनोद मेहरा की बेटी का नाम सोनिया मेहरा है. ये एक्टर की तीसरी पत्नी की बेटी हैं. बता दें विनोद मेहरा ने चार शादी की थी.

विनोद मेहरा की बेटी का नाम सोनिया मेहरा है. ये एक्टर की तीसरी पत्नी की बेटी हैं. बता दें विनोद मेहरा ने चार शादी की थी.

रेखा को लेकर सोनिया ने कहा था कि उनकी उनसे तीन-चार बार मुलाकात हुई थी. कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा चुका है कि रेखा ने विनोद मेहरा से शादी की थी. हालांकि, एक्ट्रेस ने इस खबरों को नकार दिया था.

रेखा को लेकर सोनिया ने कहा था कि उनकी उनसे तीन-चार बार मुलाकात हुई थी. कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा चुका है कि रेखा ने विनोद मेहरा से शादी की थी. हालांकि, एक्ट्रेस ने इस खबरों को नकार दिया था.

सोनिया से जब विनोद मेहरा और रेखा की शादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वो इस बारे में बिल्कुल नहीं जानतीं और न कुछ कहना चाहती हैं.

सोनिया से जब विनोद मेहरा और रेखा की शादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वो इस बारे में बिल्कुल नहीं जानतीं और न कुछ कहना चाहती हैं.

विनोद मेहरा की लाडली ने कुणाल मेहरा संग सगाई की है. लंबे समय से वो एक दूसरे को डेट कर रहे हैं.

विनोद मेहरा की लाडली ने कुणाल मेहरा संग सगाई की है. लंबे समय से वो एक दूसरे को डेट कर रहे हैं.

मालूम हो सोनिया मेहरा जब महज डेढ़ साल की थीं, तब ही उनके पिता का निधन हो गया था.  सोनिया ने कहा कि उन्होंने अपनी मां किरण से इस बारे में कभी नहीं पूछा कि क्या उनके पिता से रेखा की शादी हुई थी या नहीं हुई थी.

मालूम हो सोनिया मेहरा जब महज डेढ़ साल की थीं, तब ही उनके पिता का निधन हो गया था. सोनिया ने कहा कि उन्होंने अपनी मां किरण से इस बारे में कभी नहीं पूछा कि क्या उनके पिता से रेखा की शादी हुई थी या नहीं हुई थी.

बता दें सोनिया और उनके भाई रोहन मेहरा की परवरिश केन्या में हुई है. उनके नाना-नानी ने उनकी परवरिश की है.

बता दें सोनिया और उनके भाई रोहन मेहरा की परवरिश केन्या में हुई है. उनके नाना-नानी ने उनकी परवरिश की है.

बॉलीवुड में सोनिया ने 2007 में विक्टोरिया नंबर 203 से कदम था. एक्ट्रेस को 'एक मैं और एक तू', 'रागिनी MMS2' में भी देखा जा चुका है. सोनिया योगा इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं.

बॉलीवुड में सोनिया ने 2007 में विक्टोरिया नंबर 203 से कदम था. एक्ट्रेस को ‘एक मैं और एक तू’, ‘रागिनी MMS2’ में भी देखा जा चुका है. सोनिया योगा इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं.

Published at : 26 Jul 2025 11:00 AM (IST)

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लगातार तीसरे दिन सस्ता हुआ सोना, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, जानें 26 जुलाई 2025 का ताजा भाव

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Gold Price Today: अमेरिका के हाल में जापान और फिलिपींस के साथ ट्रेड डील के बीच सोने की कीमतों में पिछले तीन दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिली है. चांदी भी एक दिन स्थिर रहने के बाद आज इसकी चमक फीकी पड़ी है. सोना और चांदी की कीमत में शनिवार यानी 26 जुलाई 2025 को कमी हुई है. आज 24 कैरेट सोना 1,00,470 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से मिल रहा है, जो एक दिन पहले 1,00,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा था. शुक्रवार को सोने की कीमत में 1380 रुपये की कमी आई थी, वहीं चांदी भी 1200 रुपये सस्ती हो गई थी. आज 22 कैरेट सोना 92,090 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि 18 कैरेट सोना 75,350 रुपये की दर से बिक रहा है. 

आपके शहरों का ताजा भाव

आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,00,620 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 92,240 रुपये और 18 कैरेट सोना 75,470 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है. जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और आईटी सिटी बेंगलुरू में 24 कैरेट सोना 1,00,470 रुपये तो वहीं 22 कैरेट सोना इन शहरों में 92,090 रुपये की दर से बिक रहा है. 18 कैरेट सोना मुंबई में 75,350 रुपये, चेन्नई में 75,890 रुपये और कोलकाता-बेंगलुरू में 75,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है.

कैसे तय होता है रेट?

सोना और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है. रोजाना आधार पर इसके दाम तय किए जाते हैं. इसके लिए कई फैक्टर जिम्मेदार है, जिनमें विनिमय मुद्रा दर, डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सीमा शुल्क शामिल है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल का भी असर सोने की कीमतों पर पड़ता है. अगर वैश्विक बाजार में अनिश्चितता की स्थिति बनती है तो निवेशक बाजार से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश में अपना पैसा लगाना बेहतर समझते है. 

भारत में सोने का सामाजिक-आर्थिक महत्व भी है. यहां पर किसी भी शादी से लेकर पर्व त्योहार में सोने का होना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसके अलावा, किसी परिवार के पास सोने का होना उस परिवार की संपन्नता का भी प्रतीक माना जाता है. सोने ने हर दौर में महंगाई की तुलना में बेहतर रिटर्न देने वाला संपत्ति वर्ग होने को सिद्ध किया है. यही वजह है कि हमेशा इसकी मांग बनी रही है.

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‘पाकिस्तान को कोई आपत्ति नहीं’, अमेरिका ने TRF को घोषित किया आतंकी संगठन तो सफाई में बोले डार

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिका द्वारा ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित करने पर पाकिस्तान ने अब खुलकर सफाई दी है. विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद कहा कि अगर TRF को लेकर अमेरिका के पास कोई सबूत है तो पाकिस्तान उसका स्वागत करेगा.

TRF को लेकर भारत और अमेरिका दोनों का मानना है कि यह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की नई शक्ल है. यह वही संगठन है, जिसने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए घातक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कई नागरिकों की मौत हुई थी, लेकिन पाकिस्तान अब भी TRF से दूरी बना रहा है. इशाक डार ने कहा, “लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान ने वर्षों पहले खत्म कर दिया था. उसके खिलाफ कार्रवाई हुई, लोग गिरफ्तार हुए, संगठन को नष्ट कर दिया गया. TRF से उसका कोई वास्ता नहीं है.”

पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने क्या कहा?

डार ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस बयान में TRF का नाम शामिल किए जाने का कड़ा विरोध किया था, जिसमें पहलगाम हमले की निंदा की गई थी. उन्होंने संसद में बताया था, “हमें कई देशों से कॉल्स आईं, लेकिन पाकिस्तान ने TRF के जिक्र का विरोध किया और आखिरकार उस नाम को हटवाया गया.” हालांकि, अमेरिका ने TRF को आधिकारिक रूप से विदेशी आतंकी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी (SDGT) करार दिया है. पाकिस्तान ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि अगर कोई प्रमाण है तो उसे साझा किया जाए, लेकिन संगठन को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ना गलत है.

भारत ने पहले ही TRF को घोषित किया था आतंकवादी संगठन

भारत ने पहले ही TRF को जनवरी 2023 में UAPA कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था. दक्षिण एशिया आतंकवाद पोर्टल के अनुसार TRF की शुरुआत 2019 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी. इसके बाद इस संगठन ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है – जिनमें श्रीनगर में ग्रेनेड हमला, लक्षित हत्याएं और जवानों पर हमले शामिल हैं.

भारत पिछले दो सालों से TRF को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए 2023, मई 2024 और नवंबर 2024 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के समक्ष सबूत भी पेश किए.

TRF को लेकर भारत ने क्या कहा?

भारत का कहना है कि पाकिस्तान की सेना और सरकार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देती है और TRF जैसे संगठनों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए किया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालिया संबोधन में कहा था, “भारत पर्यटन में विश्वास करता है, लेकिन पाकिस्तान आतंकवाद को पर्यटन मानता है, जो कि दुनिया के लिए खतरनाक है.”

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सूतक काल: क्या होता है और क्यों माना जाता है?

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हिंदू धर्म में सूतक काल की अवधि का विशेष महत्व होता है और पुराने समय से लेकर आजतक सूतक काल के नियमों का पालन भी किया जा रहा है. ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से सूतक की अवधि को अशुभ और अशुद्ध भी माना जाता है. सामान्य अर्थ में कहें तो सूतक काल ऐसी अवधि होती है जोकि सूर्य या चंद्र ग्रहण के पहले और ग्रहण के दौरान मानी जाती है.

धार्मिक दृष्टिकोण से यह ऐसा समय होता है जब भोजन करने, पूजा पाठ करने, शुभ कार्य करने आदि जैसे कई कार्य वर्जित माने जाते हैं. वहीं ज्योतिष की दृष्टि से सूतक काल का प्रतकूल प्रभाव ग्रहों स्थिति और राशियों पर भी पड़ता है. इसलिए ज्योतिष में भी इस दौरान सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है.

ग्रहण में सूतक की गणना कैसे होती है? (How is Sutak calculated during eclipse?)

सूतक काल कब लगेगा इसकी गणना ग्रहण की तिथि और ग्रहण के समय के आधार पर की जाती है. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, सूतक काल की गणना के लिए सबसे पहले सूर्य और चंद्र ग्रहण की तिथि और समय का पता लगाया जाता है. सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है और ग्रहण की समाप्ति तक मान्य रहता है. इसी तरह चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है और ग्रहण की समाप्ति तक रहता है. बता दें कि जैसे ग्रहण समाप्त होता है सूतक की अवधि भी स्वत: ही समाप्त हो जाती है.

सूतक मानना जरूरी क्यों? (Why necessary to observe Sutak?)

धर्म शास्त्रों में ग्रहण के समय को बहुत अशुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय देवता भी कष्ट में रहते हैं. यही कारण है कि ग्रहण की अवधि से पहले ही यानी सूतक लगते ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा पाठ निषेध हो जाते हैं. लेकिन सवाल यह है कि सूतक के नियमों का मानना जरूरी क्यों होता है और न मानने पर इसके क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं. आइए जानते है-

  • सूतक काल का पालन करना व्यक्ति की धार्मिक पवित्रता को बनाए रखना है. सूतक काल का समय ध्यान, मौन, आत्म चिंतन के लिए उपयुक्त माना गया है. सूतक के नियमों को मानना धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक की दृष्टि से भी जरूरी माना जाता है.
  • सूतक के नियमों का पालन करने से नकारात्मक ऊर्जा और संक्रमण से भी बचाव होता है. वैज्ञानिक दृष्टि से ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा की किरणों में परिवर्तन आता है, जिससे कि पृथ्वी पर बैक्टीरिया में वृद्धि होती है. यही कारण है कि, ग्रहण में पुराने समय से ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालने की परंपरा है. साथ ही इस अवधि में भोजन पकाने और खाने की भी मनीही होती है.
  • गर्भवती महिलाओं को भी ग्रहण के दौरान कई नियमों का पालन करना पड़ता है, जिससे कि गर्भ में पल रहे शिशु को किसी तरह की हानि ना हो. सूतक काल के नियम का पालन करना अशुद्धियों से दूर रखता है. इन नियमों का पालन करना हमें प्रकृति, समय और ऊर्जा के साथ तालमेल बिठाना सिखाता है और समस्याओं से दूर रखता है.

FAQs

Q:  सूतक में भोजन करने पर क्या होता है?

A:  ग्रहण के दौरान सूर्य या चंद्रमा की किरणों में बदलाव होने से भोजन दूषित हो जाता है. इसलिए इस समय भोजन करने की मनाही होती है.

Q:  क्या ग्रहण मे पूजा-पाठ कर सकते हैं?

A:  नहीं, ग्रहण का सूतक लगते ही पूजा-पाठ पर प्रतिबंध रहता है.

Q: क्या बच्चे, बीमार और बुजुर्गों को भी सूतक मानना जरूरी होता है?

A: नहीं, बहुत छोटे बच्चे, बीमार और वृद्ध लोगों पर सूतक के कठोर नियमों लागू नहीं होते.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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ODI में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले टॉप 5 विकेटकीपर कौन हैं? जानिए

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ODI Records: क्रिकेट के मैदान पर अगर कोई खिलाड़ी हर गेंद पर एक्टिव रहता है, तो वो है विकेटकीपर. किसी भी मैच में विकेटकीपर का एक कैच या स्टंपिंग मैच का पूरा नतीजा बदल सकता है. ODI क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई महान विकेटकीपर आए, लेकिन कुछ ही ऐसे रहे जिन्होंने अपने शानदार कैचिंग स्किल्स से रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. यहां जानते हैं ODI क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लपकने वाले टॉप-5 विकेटकीपरों के बारे में.

एडम गिलक्रिस्ट- ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने 1996 से 2008 तक खेले गए 287 मैचों में 417 कैच और कुल 472 डिसमिसल किए थे. उनका प्रति पारी औसत 1.679 डिसमिसल का रहा है. उन्होंने एक पारी में सबसे ज्यादा 6 कैच भी पकड़े, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

मार्क बाउचर- दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद विकेटकीपर मार्क बाउचर इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. उन्होंने 295 वनडे में 402 कैच पकड़े और कुल 424 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा. 1.462 डिसमिसल प्रति पारी के औसत से बाउचर ने गिलक्रिस्ट को कड़ी टक्कर दी है.

कुमार संगकारा- श्रीलंका

श्रीलंका के महान विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार संगकारा ने 404 मैचों में 353 पारियों में विकेटकीपिंग की और कुल 383 कैच पकड़कर बल्लेबाजों को वापस भेजा. उन्होंने स्टंपिंग में कुल 482 डिसमिसल किए हैं. उनका औसत 1.365 प्रति पारी का रहा है.

एमएस धोनी- भारत

भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक एमएस धोनी ने न सिर्फ अपनी कप्तानी से बल्कि विकेट के पीछे भी कमाल किया है. 350 वनडे में उन्होंने 321 कैच और कुल 444 डिसमिसल किए हैं. स्टंपिंग में तो वो सबसे आगे हैं. उन्होंने कुल 123 स्टंपिंग की हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड है. उनका डिसमिसल औसत 1.286 प्रति पारी रहा.

मुशफिकुर रहीम- बांग्लादेश

बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम ने 274 मैचों की 258 पारियों में 241 कैच पकड़े और कुल 297 डिसमिसल किए हैं. उनका प्रति पारी औसत 1.151 रहा और एक पारी में सबसे ज्यादा 5 कैच लपकने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है जो उन्हें इस लिस्ट में नंबर 5 पर बनाए रखे है.

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रोलआउट हो गया Apple का iOS 26 पब्लिक बीटा अपडेट! जानें क्या है नया और कैसे करें इंस्टॉल

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Apple iOS 26 Beta Update: Apple ने आखिरकार iOS 26 का पहला पब्लिक बीटा वर्जन रिलीज़ कर दिया है. अब iPhone यूज़र्स उन सभी नए फीचर्स को पहले से आज़मा सकते हैं जिन्हें कंपनी ने इस साल के WWDC इवेंट में पेश किया था. यह अपडेट कई डेवेलपर बीटा वर्जनों के बाद जारी किया गया है जिसमें हाल ही में आया बीटा 4 भी शामिल है. iOS 26 का यह नया बीटा वर्जन काफी हद तक स्थिर माना जा रहा है और यूज़र्स को Apple के अगले बड़े सॉफ़्टवेयर अपडेट की एक झलक देता है.

iOS 26 में क्या नया है?

Liquid Glass डिज़ाइन: iOS 26 में एक नया विजुअल इंटरफेस दिया गया है जिसमें ऐप्स पर ट्रांसपेरेंट और लेयर्ड इफेक्ट दिखता है. Photos, Weather और Apple Music जैसे ऐप्स में यह नया डिजाइन देखा जा सकता है.

Camera और Safari में बदलाव: कैमरा ऐप को नया और साफ-सुथरा इंटरफेस मिला है जबकि Safari अब वेबसाइट्स को फुल-स्क्रीन में दिखा सकता है.

News ऐप में AI फीचर्स: News ऐप में फिर से AI आधारित न्यूज समरी जोड़ी गई है जिसे पहले हटाया गया था. अब यह पहले से बेहतर और सटीक रूप में वापस आई है.

Apple Intelligence: यह नया फीचर डिवाइस पर ही एआई-संबंधित कई सुविधाएं उपलब्ध कराता है. उदाहरण के लिए मैसेज, फेसटाइम और कॉल में लाइव ट्रांसलेशन, स्क्रीन पर दिख रहे टेक्स्ट से इंटरेक्शन जैसे प्रोडक्ट पहचानना, चैटबॉट से सवाल पूछना या सीधे कैलेंडर इवेंट बनाना.

Photos ऐप में नया टैब लेआउट: अब आपकी पूरी फोटो लाइब्रेरी और कलेक्शन्स को अलग-अलग टैब में देखा जा सकता है.

फ्लोटिंग टैब बार: News और Music जैसे ऐप्स में अब स्क्रॉल के हिसाब से मूव करने वाली फ्लोटिंग टैब्स दी गई हैं.

Notification Centre में बदलाव: नोटिफिकेशन पैनल को भी अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाया गया है.

कैसे करें iOS 26 पब्लिक बीटा इंस्टॉल?

यदि आप iOS 26 बीटा वर्जन का अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बहुत सरल है:

  • अपने ब्राउज़र से Apple Beta Software Program की वेबसाइट पर जाएं.
  • Apple ID से लॉगिन करें और बीटा प्रोग्राम के लिए रजिस्टर करें.
  • फिर iPhone की Settings में जाएं → General → Software Update पर टैप करें.
  • यहां आपको iOS 26 Public Beta दिखाई देगा, जिसे आप डाउनलोड करके इंस्टॉल कर सकते हैं.

किन iPhone मॉडल्स को मिलेगा iOS 26 पब्लिक बीटा?

iOS 26 का पब्लिक बीटा iPhone 11 और उसके बाद वाले सभी मॉडल्स पर उपलब्ध है. साथ ही, iPhone SE (2nd और 3rd Gen) यूज़र्स भी इस अपडेट का लाभ ले सकते हैं.

कब आएगा फाइनल अपडेट?

Apple iOS 26 का स्टेबल और फाइनल वर्जन सितंबर 2025 में iPhone 17 सीरीज़ की लॉन्चिंग के दौरान जारी कर सकता है. फिलहाल जो यूज़र्स नए फ़ीचर्स को पहले आज़माना चाहते हैं उनके लिए पब्लिक बीटा सबसे बेहतर तरीका है लेकिन इंस्टॉल करने से पहले अपने डिवाइस का बैकअप ज़रूर ले लें.

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यूपी में इंजीनियरों के लिए सुनहरा मौका! असिस्टेंट इंजीनियर के पदों पर निकली भर्ती, 7 अगस्त तक क

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उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPBC) ने इंजीनियर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर पेश किया है. यूपीबीसी ने असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल और मैकेनिकल) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. जो भी उम्मीदवार इस पद के लिए योग्य हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 7 अगस्त 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री होनी चाहिए. वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के उम्मीदवारों के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे, जिन्हें आवेदन के दौरान पोर्टल पर अपलोड करना होगा.

आयु सीमा और छूट

इस पद पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 वर्ष से कम और 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. हालांकि यूपी सरकार के नियमों के अनुसार कुछ वर्गों को उम्र में छूट दी जाएगी.

SC/ST/OBC वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम 5 साल की छूट मिलेगी.

दिव्यांग (PWD) उम्मीदवारों को 15 साल की छूट दी जाएगी.

कैसे होगा चयन?

चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी. सबसे पहले GATE स्कोर कार्ड के आधार पर उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी. इसके बाद मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. अंत में दस्तावेजों की जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाएगी.

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आवेदन कैसे करें?

  • स्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bridgecorporationltd.com पर जाएं.
  • स्टेप 2: होम पेज पर “Apply Application” लिंक पर क्लिक करें.
  • स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें और जरूरी जानकारी दर्ज करें.
  • स्टेप 4: मांगे गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें.
  • स्टेप 5: सबमिट बटन पर क्लिक करके आवेदन पूरा करें.
  • स्टेप 6: आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालना न भूलें.

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