डोगेश का इंसाफ! ना तारीख और ना ही सुनवाई, कुत्ते ने किया तुरंत फैसला- वीडियो वायरल

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कभी-कभी इंसाफ वर्दी नहीं, दांतों से भी मिल जाता है. और जब डोगेश नाम का कोई आवारा कुत्ता खुद को ‘संविधान की आत्मा’ मान ले तो फिर गुनहगार की खैर नहीं. सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मजेदार और चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे स्टेशन पर पुलिस एक बदमाश को पकड़कर ले जा रही होती है, लेकिन उससे पहले कि अदालत कोई फैसला सुनाए, वहां खड़ा डोगेश फैसला सुना देता है. वो भी सीधा कूल्हों पर दांतों के जरिए! अब इस वीडियो पर लोग ठहाके लगा रहे हैं, मीम बना रहे हैं और कुछ तो कह रहे हैं ‘अब इंसाफ का ठेका डोगेश ने ले लिया है’. वीडियो देखने के बाद आपकी भी हंसी नहीं रुकेगी.

पुलिस से पहले कुत्ते ने कर दिया इंसाफ

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिस जवान रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक संदिग्ध या बदमाश शख्स को पकड़ता है और उसे अपने साथ ले जाने लगता है. इसी दौरान अचानक पास में घूम रहा एक कुत्ता, जिसे इंटरनेट वाले प्यार से ‘डोगेश’ बुला रहे हैं, उस शख्स के पास आता है और बिना किसी चेतावनी के उसके कूल्हों पर जोरदार तरीके से काट लेता है. काटते ही वो डोगेश वहीं खड़ा हो जाता है और उसकी चाल, उसकी निगाह और उसका स्टाइल देखकर ऐसा लगता है मानो वो कह रहा हो ‘ये मेरा फर्ज था, अब तू जा जेल.’ पुलिसवाले भी पहले कुछ समझ नहीं पाते, लेकिन फिर हंसी रोक नहीं पाते. आसपास मौजूद लोग इस नजारे को देखकर चौंकते भी हैं और हंसते भी हैं.

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यूजर्स लेने लगे मजे

यह पूरा घटनाक्रम किसी मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. लोग कह रहे हैं कि ये था ‘डायरेक्ट एक्शन’, जहां केस फाइल करने से पहले ही डोगेश ने ‘बाइट’ कर दिया. कुछ यूजर्स ने लिखा ‘इतनी फुर्ती तो पुलिस में भी नहीं होती.’ तो कुछ बोले ‘इस डोगो को पुलिस ट्रेनिंग में शामिल कर लो.’ मीमर्स के लिए ये वीडियो अब खजाना बन गया है और डोगेश इंटरनेट का नया हीरो. वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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Hariyali Teej 2025 Upay: मेष हो या तुला हरियाली तीज पर राशि अनुसार करें ये काम, पूरी होगी कामना

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तीज हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है जोकि सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. यह त्योहार सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. सावन के पवित्र महीने में पड़ने के कारण हरियाली तीज का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. बता दें कि इस साल 27 जुलाई 2025 को हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा.

हरियाली तीज पर झूला झूलने, 16 श्रृंगार करने, हरी चूड़ियां पहनने और पांरपरिक गीत गाने की भी परंपरा है. इस दिन विवाहित महिलाएं व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और अंखड़ सौभाग्य की कामना करती हैं. इसके साथ ही इस दिन अगर आप अपनी राशि अनुसार कुछ विशेष उपाय करेंगी तो इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली का आगमन होगा. क्योंकि हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति अलग-अलग होती है. इसलिए राशि अनुसार उपाय करना अधिक लाभकारी माना जाता है. जानें किस राशि वालों को इस दिन क्या करना चाहिए.

हरियाली तीज राशि अनुसार उपाय (Hariyali Teej 2025 Upay in Hindi)

  • मेष राशि (Aries): मेष राशि वाली स्त्रियां हरियाली तीज की पूजा में शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करें. इससे कुंडली में शनि और राहू की स्थिति अच्छी होती है.
  • वृषभ राशि (Taurus): शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं, इससे कुंडली में गुरु और मंगल अनुकुल स्थिती में रहेंगे.
  • मिथुन राशि (Gemini): अगर आपकी कुंडली में राहु-केतू अनुकुल स्थिती में नही हैं तो शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं.
  • कर्क राशि (Cancer):  कुंडली में शनि को मजबूत करने और शनि से शुभ फल पाने के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और चंद्रमा को अर्घ्य दें.
  • सिंह राशि (Leo):  हरियाली तीज पर शिवलिंग पर गेहूं चढ़ाना आपके लिए लाभकारी रहेगा.
  • कन्या राशि (Virgo): हरियाली तीज की पूजा करते समय आप शिवलिंग पर पर दूर्वा चढ़ा सकते हैं.
  • तुला राशि (Libra): हरियाली तीज के लिए शिवलिंग पर गुलाब का फूल चढ़ाना शुभ रहेगा.
  • वृश्चिक राशि (Scorpio):  यदि आपकी कुंडली में शनि अनुकुल स्थिति में नहीं है तो शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और शनि देव की पूजा करें.
  • धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि वाले हरियाली तीज के दिन रविवार को शिवलिंग पर अक्षत चढ़ाएं.
  • मकर राशि (Capricorn): हरियाली तीज पर शिवलिग पर तिल चढ़ा सकते हैं.
  • कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि वाले हरियाली तीज पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें.
  • मीन राशि (Pisces): हरियाली तीज के दिन शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें.

FAQ

Q: हरियाली तीज क्यों मनाया जाता है?
A:  सावन की हरियाली तीज शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाई जाती है.

Q: क्या शिवलिंग पर कमल का फूल चढ़ा सकते हैं?
A: नहीं, शिवलिंग पर कमल का फूल चढ़ाना उचित नहीं माना जाता है.

Q: क्या पुरुष भी हरियाली तीज की पूजा कर सकते हैं?
A: हां, हरियाली तीज के दिन पुरुष भी शिव की पूजा कर सकते हैं. लेकिन व्रत रखने की परंपरा मुख्य रूर से स्त्रियों की है.

Q: हरियाली तीज पर कौन से भोग बनाए जाते हैं?
A: हरियाली तीज के दिन मालपूआ, पूड़ी, हलवा और खीर जैसे भोग बनाए जाते हैं.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए EU का बड़ा कदम! अब ऐप से होगी उम्र की पक्की जांच, जानें नया प्ल

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EU: यूरोपीय आयोग ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई दिशानिर्देश जारी किए हैं और एक नए उम्र वेरिफाई ऐप का प्रोटोटाइप भी पेश किया है. इन गाइडलाइंस में बताया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स बच्चों को ऑनलाइन खतरों जैसे कि लत लगाने वाले फीचर्स, साइबर बुलिंग, हानिकारक कंटेंट और अनचाहे संपर्क से कैसे बेहतर तरीके से बचा सकते हैं. इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि किन परिस्थितियों में और कैसे उम्र सत्यापन किया जाना चाहिए, खासकर वयस्क कंटेंट वाले हाई-रिस्क प्लेटफॉर्म्स पर.

कैसे काम करेगा ऐप

आयोग ने अपने बयान में बताया कि इस पहल का एक अहम हिस्सा एक ऐसा प्रोटोटाइप ऐप है जो यूज़र की गोपनीयता को सुरक्षित रखते हुए उम्र का प्रमाण देने की सुविधा देता है. इस ऐप के ज़रिए यूजर्स यह साबित कर सकेंगे कि वे 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं बिना अपनी जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा किए.

शुरुआती चरण में इस ऐप को डेनमार्क, फ्रांस, ग्रीस, इटली और स्पेन में परखा जाएगा. इन परीक्षणों में वयस्क कंटेंट प्रोवाइडर समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की भागीदारी होगी. परीक्षण के नतीजों के आधार पर इसे अन्य क्षेत्रों जैसे शराब बिक्री में भी लागू किया जा सकता है.

प्राइवेसी को मिलेगा बढ़ावा

यह साझेदारी आधारित पहल DSA के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है जो पूरे EU में उम्र सत्यापन की एक गोपनीयता-सम्मत और एकरूप नीति को बढ़ावा देगी.

यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेन्ना विर्ककुनेन के अनुसार, “हमारे बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन सुरक्षित रखना हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. अब प्लेटफॉर्म्स के पास बहाना नहीं बचा है कि वे बच्चों को खतरे में डालने वाली अपनी पुरानी नीतियों को जारी रखें.”

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जानिए- रूसी हथियार BM-21 के बारे में, जिससे कंबोडिया ने थाईलैंड में मचाई तबाही

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दक्षिण-पूर्व एशिया के दो पड़ोसी देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद अब खुली जंग में बदलता दिख रहा है. 24 जुलाई से जारी खूनी संघर्ष के दौरान कंबोडियाई सेना ने कथित तौर पर रूसी मूल के BM-21 ग्रैड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया है, जिसके बाद हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं. थाई सेना ने इसका जवाब संतुलित लेकिन सख्त गोलाबारी से दिया है.

अब तक इस संघर्ष में कम से कम 15 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है. दोनों देशों के बीच ये तनाव वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन इस बार जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ है, वह संकेत देता है कि झड़प अब परंपरागत दायरे से बाहर निकल चुकी है.

कहां से शुरू हुआ विवाद?

इस संघर्ष की जड़ 7वीं शताब्दी के एक हिंदू मंदिर से जुड़ी है, जिस पर दोनों देश अपनी-अपनी संप्रभुता का दावा करते हैं. यह मंदिर कंबोडिया की सीमा में स्थित है, लेकिन थाईलैंड का दावा है कि मंदिर के आसपास का क्षेत्र उसका है. हालांकि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने मंदिर पर कंबोडिया के अधिकार को मान्यता दी थी, लेकिन थाई सेना की इलाके में बढ़ती गतिविधियों ने तनाव को फिर से भड़का दिया है.

 क्या है BM-21 ग्रैड रॉकेट सिस्टम?

BM-21 ग्रैड एक सोवियत कालीन मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (MRLS) है, जिसे 1960 के दशक में विकसित किया गया था. इसे लड़ाकू वाहन या बोयेवाया मशीन कहा जाता है. यह ट्रक-आधारित हथियार 6 सेकंड में 40 रॉकेट फायर कर सकता है और 122 मिमी कैलिबर के रॉकेट्स दुश्मन के टैंकों, तोपों और सैनिक अड्डों को एक साथ निशाना बना सकते हैं.

एक बार फायरिंग के बाद इसे दोबारा लोड करने में 10 मिनट लगते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हथियार आमतौर पर सीमाई झड़पों में प्रयोग नहीं किए जाते, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंबोडिया इस बार आक्रामक रुख अपना चुका है.

क्या बढ़ेगा क्षेत्रीय खतरा?

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि BM-21 जैसे हथियारों का इस्तेमाल केवल गंभीर युद्ध स्थितियों में ही होता है. इनका प्रयोग एक चेतावनी की तरह भी देखा जा सकता है कि अब संघर्ष केवल सीमित टकराव तक सीमित नहीं रहेगा. इससे ना केवल थाई-कंबोडिया संघर्ष और उग्र हो सकता है, बल्कि यह पूरे दक्षिण-पूर्वी एशिया की स्थिरता को भी प्रभावित कर सकता है.

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बैग छीनकर भाग रहा था लुटेरा, कार सवार ने टक्कर मार-मारकर बना दिया भूत- वीडियो वायरल

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सोचिए, दिनदहाड़े एक महिला के साथ लूट की कोशिश हो रही हो और तभी कोई ऐसा हीरो सामने आ जाए जो लुटेरे को भागने न दे. वो भी न डंडे से, न गोली से, बल्कि अपनी कार से. सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक लुटेरा बाइक पर आता है, महिला का बैग छीनने की कोशिश करता है, लेकिन फिर उसे सबक सिखाने के लिए एक कार वाले ने जो किया, वो अब इंटरनेट पर हर कोई सलाम कर रहा है. वीडियो में एक्शन, थ्रिल और चौंकाने वाला रियलिटी ड्रामा है. और आखिर में जीत होती है हिम्मत की. वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे.

महिला से लूट कर रहे शख्स को कार सवार ने सिखाया सबक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक सीसीटीवी वीडियो में दिखता है कि एक लुटेरा बाइक पर सवार होकर सड़क किनारे चल रही महिला के पास आता है और अचानक झपट्टा मारकर उसका बैग छीनने की कोशिश करता है. बैग छीनने के बाद वो तेजी से बाइक घुमाकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन तभी सामने से आ रही एक कार उसे जोरदार टक्कर मार देती है, जिससे वह बाइक समेत नीचे गिर पड़ता है. इसके बाद वो घबराकर उठने की कोशिश करता है और फिर से बाइक उठाकर भागना चाहता है, लेकिन कार सवार भी पीछे हटने की बजाय रिवर्स लेकर दोबारा उसे टक्कर मारता है. यह टक्कर इतनी जबरदस्त होती है कि लुटेरा फिर से गिर जाता है. हैरानी की बात ये है कि ये सिलसिला एक बार नहीं बल्कि तीन से चार बार होता है. जैसे ही वो उठता है, कार उसे फिर से मार देती है.


दुम दबाकर भाग निकला लुटेरा

आखिर में जब लुटेरे को समझ आ जाता है कि यहां से निकल पाना मुश्किल है, तो वो महिला का बैग वहीं छोड़ देता है और अपनी जान बचाकर भाग जाता है. वीडियो देखकर लोग कार सवार की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं, कुछ लोग इसे ‘फिल्मी स्टाइल की असली बहादुरी’ बता रहे हैं. वहीं, कुछ यूजर्स ने ये भी कहा कि अगर हर कोई ऐसे तुरंत एक्शन ले तो शायद लुटेरों की हिम्मत ही न हो किसी के साथ लूटपाट करने की.

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यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को pilipinas.daily नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…क्या अच्छा सबक सिखाया है, मजा आ गया. एक और यूजर ने लिखा…पहली बार अटैक था, दूसरी बार चेतावनी थी और तीसरी बार हमला था. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अब बेचारा कभी लूट नहीं करेगा.

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‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत दोसांझ के काम को लेकर वरुण धवन ने दिया बड़ा अपडेट

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बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने अपनी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के सेट से एक नया अपडेट साझा किया और बताया कि ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ ने फिल्म की अपनी शूटिंग खत्म कर ली है. उन्होंने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक बीटीएस (बिहाइंड द सीन्स) वीडियो शेयर किया.

वीडियो में वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ एक-दूसरे को गले लगाते हुए और लड्डू बांटते नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिलजीत फॉर्मल कपड़ों में दिख रहे हैं, जबकि वरुण कैजुअल आउटफिट में नजर आ रहे हैं.

वरुण ने सेट से शेयर किया बीटीएस वीडियो शेयर
वरुण ने वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ”दिलजीत भाई की शूटिंग खत्म हो गई है, लड्डू भी बंट चुके हैं. दोस्ती का स्वाद ही कुछ और होता है! शुक्रिया भाई, हम आपको और आपकी टीम को मिस करेंगे.” इससे पहले दिलजीत दोसांझ ने भी अपने पोस्ट में फिल्म की शूटिंग खत्म होने की जानकारी दी थी. बता दें कि फिल्म में सनी और दिलजीत की शूटिंग पूरी हुई है; बाकी कलाकारों की शूटिंग अभी बाकी है.


हाल ही में वरुण धवन ने पुणे का शूटिंग शेड्यूल पूरा किया था. इसकी जानकारी उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए दी थी, जिसमें वह अपने को-एक्टर अहान शेट्टी के साथ चाय और बिस्किट का लुत्फ उठाते हुए नजर आए.

वरुण का जश्न – चाय और बिस्कुट के साथ

वरुण धवन ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ”बॉर्डर 2- चाय और बिस्कुट, मेरा एनजीए वाला शूट खत्म हुआ और हमने बिस्कुट के साथ इसका जश्न मनाया. ये फिल्म भारतीय सेना के गुमनाम हीरो की कहानियों को दिखाने की कोशिश कर रही है. इसमें भावनाएं और सच्चाई को खास ध्यान में रखा गया है. फिल्म का मकसद भारतीय सैनिकों की बहादुरी को सलाम करना है. शूटिंग अभी कई खास जगहों पर चल रही है और पूरी टीम एक ऐसी फिल्म बनाने में लगी है जो पुरानी ‘बॉर्डर’ फिल्म की यादें ताजा करे, लेकिन आज की नई पीढ़ी के लिए एक दमदार और नई कहानी भी पेश करे.”

‘बॉर्डर 2’ जेपी दत्ता की 1997 की ब्लॉकबस्टर ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित फिल्म थी. उसमें सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर, कुलभूषण खरबंदा, तब्बू, राखी गुलजार, पूजा भट्ट और शरबानी मुखर्जी लीड रोल में थे.

बॉर्डर 2 रिलीज डेट

‘बॉर्डर 2’ फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया. यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है.



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कहीं आपकी उंगलियां तो नहीं दे रहीं लिवर डैमेज का संकेत? जानिए लक्षण

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नाखूनों का पीला या सफेद पड़ जाना: अगर आपके नाखून पीले या सफेद पड़ते जा रहे हैं, तो यह लिवर की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है. लिवर डैमेज के कारण शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ता है, जिससे नाखूनों का रंग बदल सकता है.

नाखूनों का पीला या सफेद पड़ जाना: अगर आपके नाखून पीले या सफेद पड़ते जा रहे हैं, तो यह लिवर की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है. लिवर डैमेज के कारण शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ता है, जिससे नाखूनों का रंग बदल सकता है.

उंगलियों का सूजन या मोटा होना: लिवर फेलियर या सिरोसिस जैसी स्थितियों में शरीर में फ्लूइड रिटेंशन होने लगती है, जिससे हाथ और खासतौर पर उंगलियों में सूजन आ सकती है. अगर उंगलियां भारी या फूली हुई महसूस हो रही हैं, तो सतर्क हो जाएं.

उंगलियों का सूजन या मोटा होना: लिवर फेलियर या सिरोसिस जैसी स्थितियों में शरीर में फ्लूइड रिटेंशन होने लगती है, जिससे हाथ और खासतौर पर उंगलियों में सूजन आ सकती है. अगर उंगलियां भारी या फूली हुई महसूस हो रही हैं, तो सतर्क हो जाएं.

हथेलियों में लालिमा: जिसे

हथेलियों में लालिमा: जिसे “पामर एरिथेमा” कहा जाता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हथेलियों और उंगलियों की जड़ें लाल दिखाई देने लगती हैं. यह लिवर सिरोसिस या हार्मोनल असंतुलन की वजह से हो सकता है.

नाखूनों में सफेद लकीरें या धब्बे: लिवर की खराबी से प्रोटीन लेवल गिर सकता है, जिससे नाखूनों पर सफेद लकीरें या स्पॉट्स बनने लगते हैं. यह एक गंभीर संकेत हो सकता है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

नाखूनों में सफेद लकीरें या धब्बे: लिवर की खराबी से प्रोटीन लेवल गिर सकता है, जिससे नाखूनों पर सफेद लकीरें या स्पॉट्स बनने लगते हैं. यह एक गंभीर संकेत हो सकता है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

उंगलियों के नाखूनों का टेढ़ा-मेढ़ा: लिवर की बीमारियों का असर नाखूनों की बनावट पर भी पड़ता है. अगर नाखून असामान्य रूप से टेढ़े या धुंधले हो रहे हैं, तो यह लिवर सिरोसिस या हेपेटाइटिस का लक्षण हो सकता है.

उंगलियों के नाखूनों का टेढ़ा-मेढ़ा: लिवर की बीमारियों का असर नाखूनों की बनावट पर भी पड़ता है. अगर नाखून असामान्य रूप से टेढ़े या धुंधले हो रहे हैं, तो यह लिवर सिरोसिस या हेपेटाइटिस का लक्षण हो सकता है.

नाखूनों का नीला या बैंगनी रंग लेना: यह ऑक्सीजन की कमी और लिवर सिरोसिस का संकेत हो सकता है. यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत मेडिकल अटेंशन की जरूरत होती है.

नाखूनों का नीला या बैंगनी रंग लेना: यह ऑक्सीजन की कमी और लिवर सिरोसिस का संकेत हो सकता है. यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत मेडिकल अटेंशन की जरूरत होती है.

Published at : 26 Jul 2025 04:52 PM (IST)

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Shree Refrigerations IPO ₹117.33 करोड़ | GMP ₹80 | Price Band, लॉट साइज, लिस्टिंग डेट | Paisa Live

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Shree Refrigerations Ltd का IPO 25 जुलाई से 29 जुलाई 2025 तक खुला है, जिसमें प्राइस बैंड ₹119-₹125 प्रति शेयर है। कंपनी HVAC सिस्टम्स बनाती है और इसका ₹80 का GMP चल रहा है, जो ज़बरदस्त लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। कंपनी का FY25 में ₹99.10 करोड़ का रेवेन्यू और ₹13.55 करोड़ का मुनाफा रहा है। क्या इस IPO में निवेश करना सही रहेगा? पूरी जानकारी इस वीडियो में देखें।                                                                                                                                                                                                                                               

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इस दिन जारी होगा 2025 एशिया कप का शेड्यूल, क्या पाकिस्तान से खेलेगा भारत? वेन्यू पहले ही कंफर्म

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एशिया कप 2025 के शेड्यूल (Asia Cup 2025 Schedule) की घोषणा बहुत जल्द की जा सकती है. एशिया कप को लेकर कई महीनों से वाद-विवाद जारी था, इसी वजह से भारत के खेलने पर भी कुछ साफ नहीं हो पा रहा था. क्रिकबज में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो एशिया कप का आयोजन 10 सितंबर से शुरू होगा. जहां तक शेड्यूल की बात है, वह अगले 24-48 घंटों के बीच जारी किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) की बैठक में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने अपने मसलों को दरकिनार करते हुए एशिया कप में खेलने का निर्णय लिया है.

क्रिकबज के मुताबिक 26-28 जुलाई के बीच कभी भी शेड्यूल का एलान किया जा सकता है. अगर पूरा शेड्यूल एकसाथ जारी नहीं किया गया, तो आधा शनिवार और आधा रविवार को जारी किया जा सकता है. इसी रिपोर्ट अनुसार एशिया कप 10 सितंबर-28 सितंबर तक खेला जाना है. हालांकि तारीखों में अब भी बदलाव संभव है. वहीं टूर्नामेंट के मैच यूएई के दुबई और आबू धाबी में करवाए जा सकते हैं.

एशिया कप की मेजबानी पहले भारत करने वाला था, लेकिन उसने टूर्नामेंट का आयोजन न्यूट्रल वेन्यू पर करवाए जाने को लेकर हामी भर दी थी. BCCI फिलहाल फाइनल शेड्यूल को अंतिम रूप देने के प्रयास में जुटा है. शेड्यूल में कुछ छोटे बदलाव संभव हैं. 24 जुलाई को ACC की बैठक के बाद बीसीसीआई ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल के सदस्यों को सूचित कर दिया था कि उसे शेड्यूल को लेकर कमर्शियल पार्टनर्स के साथ कुछ एक चीजें तय करनी हैं.

भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर भी संशय बना हुआ था. रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई न्यूट्रल वेन्यू पर एशिया कप के आयोजन के लिए मान गया है, इसलिए भारत-पाकिस्तान मैच खेला जा सकता है.

एशिया कप में पहली बार खेलेंगी 8 टीम

एशिया कप का आयोजन पहली बार 1984 में हुआ था और अब तक कुल 16 बार एशिया कप खेला जा चुका है. मगर 2025 में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब एशिया कप में कुल 8 टीम हिस्सा ले रही होंगी. इन 8 टीमों के नाम भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका, हॉन्ग-कॉन्ग, यूएई और ओमान है.

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गूगल में काम करने वाला ये कपल बच्चे की स्कूल फीस पर खर्च कर रहा था 11 लाख, पोस्ट पढ़कर चक्कर खा

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जरा सोचिए, किसी बच्चे की स्कूल फीस सालाना 11.2 लाख रुपये हो सकती है? और वो भी सिर्फ एक बच्चे की? भारत जैसे देश में जहां करोड़ों लोग 20-30 हजार की नौकरी में अपने पूरे परिवार को पालने की कोशिश करते हैं, वहां इतना खर्च सिर्फ स्कूल के नाम पर सुनकर हैरानी होना लाजमी है. इस मुद्दे पर अब सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है. गरीब और अमीर के बीच की खाई कितनी चौड़ी हो गई है, इसका ताजा उदाहरण एक वायरल पोस्ट से सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि गूगल में काम करने वाला एक दंपति अपने इकलौते बच्चे की स्कूल फीस पर हर साल 11.2 लाख रुपये खर्च करता है. इस खुलासे ने न सिर्फ आम लोगों को हैरान कर दिया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या आज के भारत में शिक्षा अब एक ‘प्रिविलेज’ यानी खास लोगों की चीज बन गई है?

गूगल में काम कर रहा कपल, बच्चे की स्कूल फीस 11 लाख सालाना

रेडिट पर एक वायरल पोस्ट के जरिए यह जानकारी सामने आई है कि गूगल में काम करने वाला एक युवा दंपति अपने बच्चे की स्कूल फीस पर हर साल 11.2 लाख रुपये खर्च करता है. यह पोस्ट एक ऐसे शख्स ने डाली है जो खुद एक छोटी सी प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनी में जूनियर पद पर काम करता है. उसने बताया कि जब वह एक ग्राहक की फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ी फाइल की समीक्षा कर रहा था, तभी उसकी नजर एक दस्तावेज पर पड़ी जिसमें उस दंपति की पूरी सालाना आमदनी और खर्चों की जानकारी थी. दोनों पति-पत्नी गूगल में काम करते हैं और सालाना मिलाकर करीब 60 लाख रुपये की कमाई करते हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके सालाना खर्चों में सिर्फ स्कूल फीस के तौर पर 11.2 लाख रुपये दर्ज थे. इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं.

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यूजर्स रह गए हैरान

कई यूजर्स ने कहा कि यह आज की आर्थिक असमानता को दिखाता है, जहां एक ओर करोड़ों लोग बच्चों की सरकारी स्कूल में फीस भरने के लिए जूझते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग एक प्राइवेट स्कूल की फीस पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं. कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर अच्छी शिक्षा पाने के लिए इतनी भारी रकम चुकानी पड़े तो यह शिक्षा नहीं, एक लग्जरी बन जाती है. सोशल मीडिया पर यह बहस अब इस ओर मुड़ गई है कि क्या भारत में अब स्कूल भी सिर्फ अमीरों की दुनिया बन गए हैं और क्या आम आदमी के बच्चे इस रेस में कभी शामिल हो पाएंगे.

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