सुपरइंटेलिजेंस की रेस में Meta की बड़ी चाल! 1600 करोड़ में एप्पल के पूर्व कर्मचारी को किया हायर

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब केवल टेक्नोलॉजी नहीं, टैलेंट की जंग छिड़ चुकी है. Meta (पहले Facebook) के CEO मार्क जुकरबर्ग इस दौड़ में सबसे आगे निकलने की तैयारी कर रहे हैं. खबर है कि Meta ने Apple के एक दिग्गज AI रिसर्चर Ruoming Pang को 200 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम पैकेज में हायर किया है.

ये फैसला तब आया है जब कुछ समय पहले ही OpenAI के Trapit Bansal को Meta ने करीब 800 करोड़ रुपये का ऑफर देकर अपनी टीम में शामिल किया था. अब Meta टैलेंट हंट के मिशन पर है, जहां Apple, OpenAI, Google DeepMind और Anthropic जैसी कंपनियों के टॉप AI एक्सपर्ट्स को 800 से 1600 करोड़ रुपये तक के पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं.

क्यों उड़ा रहा Meta इतना पैसा?

Meta का उद्देश्य है एक ऐसी Superintelligence Lab बनाना, जो केवल आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) तक सीमित न रह जाए, बल्कि उससे कहीं आगे निकल जाए. AGI का मतलब है ऐसा AI जो इंसानों की तरह सोच सके, लेकिन Meta इससे आगे जाकर Superintelligent AI बनाना चाहता है. ऐसा सिस्टम जो हर क्षेत्र में इंसानों से भी ज्यादा स्मार्ट हो.

इसलिए Meta अब दुनिया के सबसे काबिल AI दिमागों को एक छत के नीचे लाने में जुटा है. यह लैब सीधे तौर पर OpenAI और Google DeepMind जैसी कंपनियों को टक्कर देगी.

सैलरी से ज्यादा है यह निवेश

Meta द्वारा दिए जा रहे ये भारी-भरकम पैकेज केवल सैलरी नहीं हैं. इनमें शामिल हैं:

  • साइनिंग बोनस

  • कंपनी के शेयर (इक्विटी)

  • परफॉर्मेंस बोनस

इन पैकेजों की रकम टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के CEO स्तर की सैलरी को भी पीछे छोड़ रही है.

क्यों जरूरी है Superintelligence Lab?

मार्क जुकरबर्ग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब AI Meta की प्राथमिकता नंबर 1 है. Superintelligence Lab के ज़रिए Meta का लक्ष्य है:

  • इंसानों से अधिक तेज और समझदार AI बनाना

  • मेडिकल, विज्ञान, इकॉनॉमी और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में AI का उपयोग

  • दुनिया की सबसे मजबूत AI टीम बनाना

यह लैब Meta को AI की दुनिया में सबसे आगे ले जाने के लिए बनाई जा रही है. और यह दिखाता है कि अब AI की जंग टेक्नोलॉजी की नहीं, बल्कि टैलेंट की जंग बन चुकी है.

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हारने के बाद भी रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, 73 साल बाद ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बने

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रवींद्र जडेजा दूसरी पारी में 61 रनों पर नाबाद रहे, लेकिन मोहम्मद सिराज के रूप में 10वां विकेट गिरने के साथ टीम इंडिया इस मैच को 22 रनों से हार गई. इस मैच को जडेजा की पारी के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा कि कैसे उन्होंने अंत तक उम्मीदें बंधाए रखी. भारत इस मैच को हार गई लेकिन जडेजा ने टीम इंडिया के लिए इस पारी में इतिहास रचा.

भारत की पारी में 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए, टॉप आर्डर तो बिखरा लेकिन मिडिल आर्डर में जडेजा को छोड़कर कोई अच्छी पारी नहीं खेल सका. अंत में गेंदबाजों ने रवींद्र जडेजा का साथ निभाया, कुछ समय तक संघर्ष किया लेकिन शोएब बशीर की गेंद सिराज के बल्ले से लगकर स्टंप पर जा लगी और पारी का 10वां विकेट गिर गया.

रवींद्र जडेजा ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय

रवींद्र जडेजा लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. इससे पहले सिर्फ वीनू मांकड़ ही ऐसा करने वाले भारतीय थे, जिन्होंने 1952 में पहली पारी में 72 और दूसरी पारी में 184 रन बनाए थे.

रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 181 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए, इस पारी में उन्होंने 1 छक्का और 4 चौके लगाए. पहली पारी में भी उन्होंने अर्धशतक जड़ा था, उन्होंने 72 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी.

दूसरी पारी में फ्लॉप हुए भारतीय बल्लेबाज

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी. जो रुट के शतक की मदद से इंग्लैंड ने 387 रन बनाए थे, भारत का भी पहली पारी में स्कोर 387 ही रहा था. केएल राहुल ने शतक जड़ा. इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 रनों पर ढेर हो गई, तब लगा कि अब भारत इस मैच को जीत सकती है लेकिन दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों का भी प्रदर्शन खराब रहा.

यशस्वी जायसवाल खाता नहीं खोल सके, करुण नायर ने एक बार फिर निराश किया और जब उनसे अच्छी पारी की उम्मीद थी वो 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान शुभमन गिल भी सिर्फ 6 ही रन बना पाए. ऋषभ पंत (9) को आर्चर ने शानदार गेंद पर बोल्ड किया.

वाशिंगटन सुंदर (0) और नितीश कुमार रेड्डी (13) भी जडेजा का साथ नहीं दे सके, बुमराह और सिराज ने थोड़ा संघर्ष किया लेकिन उनसे पहले अन्य बल्लेबाज भी ऐसा करते तो नतीजा भारत के पक्ष में होता.

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कबीर बेदी ने क्यों नहीं की थी बेटी पूजा संग तीन साल तक बात? एक्टर ने अब बताई असल वजह

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 दिग्गज अभिनेता कबीर बेदी की बेटी पूजा बेदी ने भी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है. हालांकि उनका करियर ज्यादा नहीं चल पाया. वहीं कबीर बेदी ने एक बार तीन साल तक अपनी बेटी पूजा संग बात नहीं की थी.मीडिया रिपोर्ट्स में बाप-बेटी के बीच अनबन की वजह प्रॉपर्टी विवाद बताया जाता रहा है. हालांकि ना कभी कबीर और ना ही पूजा ने इस बारे में बात की थी. लेकिन अब एक लेटेस्ट इंटरव्यू में दिग्गज अभिनेता ने पहली बार अपनी बेटी पूजा संग तीन साल तक बात ना करने की वजह का खुलासा किया है साथ ही ये भी कहा है कि अब सब ठीक हो गया है और उनके बीद काफी गहरा बॉन्ड है.

क्यों कबीर बेदी ने बेटी पूजा बेटी संग तीन साल तक नहीं की थी बात?
दरअसल सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट पर कबीर बेदी से उनकी बेटी पूजा बेदी संग उनके मनमुटाव को लेकर सवाल पूछा गया था. इसके जवाब में दिग्गज अभिनेता ने कहा, “हर रिश्ते में कभी न कभी प्रॉब्लम्स आती हैं. मैं उन कारणों को दोबारा नहीं दोहराना चाहता. हालांकि, कुछ गलतफहमियां ज़रूर थीं. उसने कुछ ऐसे काम किए जिनसे मैं परेशान हो गया, और मैंने भी कुछ ऐसे काम किए होंगे जिनसे वह परेशान हो गई होगी. ज़रूरी बात ये है कि 2-3 साल तक हम मतभेदों के कारण अलग रहे. अब वो खत्म हो गए हैंय”

कबीर ने आगे कहा, “हमारा रिश्ता अब मज़बूत हो रहा है. यह पिता और बेटी के बीच एक अच्छा रिश्ता है, और मुझे उन सभी चीज़ों पर बहुत गर्व है जो वह कर रही हैं. हमारे बीच बहुत प्यार और सम्मान है.”

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कबीर बेदी की चौथी शादी की वजह से बेटी पूजा संग हुई थी अनबन? 
बता दें कि पूजा बेदी, कबीर बेदी और प्रोतिमा बेदी की बेटी हैं. कबीर बेदी ने बाद में परवीन दुसांझ से शादी की थी.वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी चौथी शादी बाप-बेटी के बीच मनमुटाव की वजह थी, तो उन्होंने कहा, “कारण जो भी हो, उस पर बात नहीं करते. परवीन अकेली वजह नहीं थीं. और भी कई वजहें थीं जिनकी वजह से हम अलग हुए, पिता और बेटी के बीच कुछ और मिस अंडरस्टैंडिंग्स थीं, जिनका परवीन से कोई लेना-देना नहीं था. खुशी की बात ये है कि ये सब सुलझ गया है, मुझे पूजा से प्यार है. मुझे परवीन से प्यार है. उन्हें एक ही शहर में रहना और कभी-कभार मिलना अच्छा लगता है. सब ठीक है.”

 


कैसा है कबीर बेदी की चौथी पत्नी संग रिश्ता
कबीर बेदी ने अपनी चौथी पत्नी परवीन दुसांज के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, “अच्छा रिश्ता है. हम एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते हैं. परवीन का अपना करियर है. वह एक निर्माता हैं जिन्होंने नेटफ्लिक्स के लिए ‘बैड बॉय बिलियनेयर’ बनाई थी. उनके पास और भी कई प्रोजेक्ट हैं, जिन पर वह काम कर रही हैं. उनका अपना करियर है, पूजा का अपना करियर है.” इस बीच, कबीर बेदी के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह जल्द ही इतालवी सीरीज़ ‘संदोकन’ के रीबूट में नज़र आएंगे.

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आज कैसा रहेगा शेयर मार्केट का मूड? Gift निफ्टी ने दे दिया इस बात का संकेत

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Stock Market Today: वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बाद भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 मंगलवार को सपाट शुरुआत कर सकते हैं. GIFT निफ्टी भी शेयर बाजार की आज धीमी शुरुआत होने के संकेत दे रहे हैं. गिफ्ट निफ्टी 25,173 के लेवल के आसपास कारोबार कर रहा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से 5.5 अंक अधिक है. 

सोमवार को लगातार चौथे सत्र बाजार में गिरावट

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार निचले स्तर पर बंद हुआ, बेंचमार्क सूचकांकों में लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 247.01 अंक या 0.30 परसेंट गिरकर 82,253.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 67.55 अंक या 0.27 परसेंट फिसलकर 25,082.30 पर बंद हुआ. निवेशक इस दौरान ट्रंप की टैरिफ की धमकियों, कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे, चीन की दूसरी तिमाही की जीडीपी, प्राइमरी मार्केट की गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं. 

 

 

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पूरा रेल समाज डरा हुआ है…ई-रिक्शा वालों का ये जुगाड़ देख घूम जाएगा आपका माथा, वायरल हो रहा..

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सोशल मीडिया की दुनिया में एक बार फिर ऐसा नजारा देखने को मिला है जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और हंसते-हंसते लोटपोट भी. रात के अंधेरे में जब आमतौर पर सड़कें खाली हो जाती हैं और ट्रैफिक कम हो जाता है, उसी वक्त एक ई-रिक्शा चालक ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. उसने अपने रिक्शा के पीछे एक-दो नहीं, बल्कि पूरे कई ठेले बांध दिए और उन्हें लेकर मैन रोड पर फर्राटा भरता चला गया. इस दृश्य को देखकर सड़क पर मौजूद लोग रुक-रुककर वीडियो बनाने लगे. किसी ने कहा “भाई ये आदमी तो सड़क का इंजन बन गया”, तो कोई बोला “अब तो रेलवे को भी टक्कर मिलने वाली है!” देखते ही देखते वीडियो इंटरनेट की गलियों में दौड़ पड़ा और वायरल हो गया.

ई-रिक्शा की बना दी रेल

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक छोटा सा ई-रिक्शा, जो आमतौर पर सिर्फ दो-चार सवारियों के लिए बना होता है, वह पीछे कई ठेले बांधकर एक लंबी लाइन की शक्ल में चल रहा है. अंधेरी सड़क पर ये पूरा काफिला किसी मालगाड़ी जैसी तस्वीर पेश करता है. खास बात ये रही कि ई-रिक्शा वाले ने न कोई स्पेशल रिफ्लेक्टर लगाया था और न ही कोई संकेत कि वो इतना बड़ा लोड लेकर चल रहा है. इसके बावजूद वो न केवल बैलेंस बनाए हुए था, बल्कि आराम से ट्रैफिक को चीरता हुआ आगे बढ़ रहा था.

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यूजर्स बोले, पूरा रेल समाज डरा हुआ है

इस वीडियो को देखने के बाद लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दी हैं. कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा…”लोको पायलट भाइयों, अब संभल जाओ पूरा रेल समाज डरा हुआ है… ट्रैक पर नहीं, सड़क पर भी कॉम्पिटिशन आ गया है!” वहीं कुछ लोगों ने चिंता जताई कि ऐसे स्टंट्स दुर्घटनाओं को न्योता दे सकते हैं और ई-रिक्शा चालकों को जिम्मेदारी के साथ सड़क पर उतरना चाहिए. वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है, तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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क्या Whatsapp को टक्कर देगा Jack Dorsey का Bitchat! जानें कैसे बिना इंटरनेट के करता है काम

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BitChat: ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने एक बिल्कुल नई मैसेजिंग ऐप ‘Bitchat’ लॉन्च की है जो खास तौर पर बिना इंटरनेट के काम करने के लिए डिज़ाइन की गई है. डोर्सी ने इसे अपने “वीकेंड प्रोजेक्ट” के तौर पर पेश किया है लेकिन इसकी तकनीक और आइडिया काफी अनोखा है.

Bitchat की सबसे खास बात यह है कि इसमें यूज़र को किसी भी व्यक्तिगत जानकारी की जरूरत नहीं होती न मोबाइल नंबर, न ईमेल आईडी यानी बातचीत पूरी तरह गुमनाम रहती है. यह ऐप खासकर उन जगहों के लिए बनाई गई है जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर या बिल्कुल नहीं होता. इस ऐप की मदद से यूज़र ऑफलाइन, केवल ब्लूटूथ के जरिए आसपास मौजूद लोगों से संदेश भेज और प्राप्त कर सकते हैं.

कैसे काम करती है Bitchat?

Bitchat, पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग तकनीक पर आधारित है. यूज़र को इंटरनेट, वाई-फाई या मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती. ऐप ब्लूटूथ के जरिए आसपास के डिवाइसेज़ से जुड़ती है और एक नेटवर्क बना लेती है.

अगर मैसेज भेजने वाला और प्राप्त करने वाला यूज़र एक-दूसरे से दूर हैं तो मैसेज आसपास मौजूद डिवाइसेज़ के जरिए एक से दूसरे तक “हॉप” करता हुआ अपने असली रिसीवर तक पहुंचता है. इसे mesh networking कहा जाता है. इस पूरे प्रोसेस में न तो कोई सेंट्रल सर्वर होता है और न ही किसी तरह की यूज़र आईडी.

क्या इससे प्राइवेसी पर असर पड़ता है?

नहीं, ऐप में end-to-end encryption का इस्तेमाल किया गया है जिससे मैसेज केवल भेजने और पाने वाला ही पढ़ सकता है. बीच में कोई तीसरा व्यक्ति even ऐप खुद भी इन मैसेजेस को एक्सेस नहीं कर सकता. इसके अलावा, मैसेज कुछ समय बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं जिससे प्राइवेसी और भी मजबूत हो जाती है.

Bitchat की खास खूबियां

इंटरनेट फ्री मैसेजिंग: न वाई-फाई, न मोबाइल डेटा सिर्फ ब्लूटूथ से काम करती है.

ब्लूटूथ मेश नेटवर्किंग: लगभग 30 मीटर की दूरी तक डिवाइसेज़ आपस में कनेक्ट हो सकते हैं.

बिना पहचान के चैटिंग: अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं, कोई फोन नंबर या ईमेल नहीं मांगा जाता.

एन्क्रिप्शन और डेटा डिलीशन: मैसेज पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और समय के साथ खुद मिट जाते हैं.

क्या Bitchat सभी के लिए उपलब्ध है?

फिलहाल यह ऐप बीटा टेस्टिंग स्टेज में है और सिर्फ कुछ iOS यूज़र्स के लिए Apple TestFlight के ज़रिए उपलब्ध है. लॉन्च के साथ ही 10,000 यूज़र्स की सीमा भी तुरंत भर गई.

जैक डोर्सी ने इस ऐप का व्हाइटपेपर और बीटा इनवाइट पब्लिक रूप से X (पहले ट्विटर) पर साझा किया है. हालांकि, इसके आधिकारिक लॉन्च की तारीख अभी सामने नहीं आई है. इसी दौरान इसका Android वर्ज़न भी तैयार किया जा रहा है. डोर्सी की यह पहल भविष्य की एक नई चैटिंग क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है जहां न इंटरनेट की ज़रूरत होगी और न ही पहचान की.

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क्या है डिकॉय सिस्टम? जो राफेल को बना देगा ‘महाबली’, पाक को रुलाने वाली इस देश से हो गई डील

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भारतीय वायुसेना अब दुश्मन की मिसाइलों से राफेल लड़ाकू विमानों को बचाने के लिए इजरायल के एडवांस्ड डिकॉय सिस्टम से अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इजरायली X-Guard Fiber-Optic Towed Decoy System की जल्द आपूर्ति के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं.

क्या है ये डिकॉय सिस्टम?

X-Guard Towed Decoy नाम का ये सिस्टम इजरायल की कंपनी ने बनाया है. जब कोई दुश्मन मिसाइल विमान पर हमला करती है, तो ये डिकॉय खुद को असली विमान की तरह दिखाता है, जिससे मिसाइल असली विमान की बजाय डिकॉय को निशाना बना लेती है.

ये सिस्टम एक केबल से विमान के पीछे जुड़ा होता है और उड़ान के दौरान एक्टिव किया जाता है. जब मिशन पूरा हो जाता है, तो इसे वापस विमान में खींच लिया जाता है.

दो बार हो चुका है टेस्ट

भारत ने इस सिस्टम को अपने राफेल जेट में 2019 और 2023 में टेस्ट भी कर लिया था. लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है. अब भारत चाहता है कि इसे जल्दी से जल्दी हासिल किया जाए.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. इसके बाद भारत अपनी वायुसेना को और मजबूत करने में जुट गया है. राफेल विमानों में अब कई और एडवांस फीचर जोड़े जा रहे हैं, जैसे- हेलमेट पर डिस्प्ले, दुश्मन के विमानों की पहचान करने वाला सेंसर और ऊंचे पहाड़ी इलाकों से उड़ान भरने की क्षमता. 

क्यों जरूरी है ये डिकॉय?

डिकॉय सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों से बचने का एक भरोसेमंद तरीका है. इससे राफेल विमान खतरनाक मिशनों पर भी सुरक्षित उड़ान भर सकते हैं. भारत अब ऐसे आधुनिक सिस्टम से अपनी वायुसेना को और मजबूत करना चाहता है.

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वॉटर बॉटल के सिपर में फंसी कक्षा 3 की छात्रा की जीभ, जानें बिना जीभ काटे कैसे निकाला ढक्कन?

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यूपी के गोरखपुर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक स्‍कूल में कक्षा 3 में पढ़ने वाली छात्रा की जीभ वॉटर बॉटल के ढक्‍कन के सिपर में एयर प्रेशर से फंस गई. ढाई घंटे तक छात्रा ढक्‍कन में फंसी जीभ को लेकर चिल्‍लाती रही. स्‍कूल मैनेजमेंट ने पहले जीभ निकालने का प्रयास किया. जब जीभ बाहर नहीं निकली तो उसे डॉक्‍टर के पास ले जाया गया. वहां डॉक्‍टर ने ढक्‍कन को कटर से काटकर निकाला. जरा भी देर होती तो जीभ का नीला पड़ रहा हिस्‍सा बेकार हो जाता और उसे काटना पड़ सकता था. आइए जानते हैं कि डॉक्टरों ने बिना जीभ काटे ढक्कन कैसे निकाला? 

यह है पूरा मामला

गोरखनाथ के सेंट जोसेफ स्कूल की कक्षा तीन की छात्रा अदित्री की जीभ वॉटर बॉटल से पानी पीते समय उसके ढक्‍कन के सिपर में फंस गई. अदित्री ने बताया कि वह दूसरे पीरियड में बॉटल से पानी पी रही थी. एयर प्रेशर की वजह से पहले उसका होंठ बॉटल के सिपर में फंस गया. उसने जीभ से दबाव बनाकर उसे निकाला. इस प्रक्रिया में उसकी जीभ का अगला हिस्‍सा बॉटल के सिपर में फंस गया. बॉटल में पानी होने और प्रेशर की वजह से आधी जीभ अंदर की ओर फंस गई. उसने जीभ निकालने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद वह चिल्‍लाने लगी तो टीचर्स उसे अस्‍पताल ले गए. दो अस्‍पताल ने तो ऑपरेट करने से इनकार कर दिया. तीसरे डॉक्‍टर ने ढक्‍कन को काटकर बाहर निकाला.  

जीभ में क्या हुई दिक्कत?

बीमा कंपनी में काम करने वाले विनीत सिंह ने बताया कि वह रामजानकीनगर के गंगा टोला में परिवार के साथ रहते हैं. उनकी आठ साल की बेटी अदित्री सिंह सेंट जोसेफ स्कूल गोरखनाथ में कक्षा तीन में पढ़ती है. अदित्री शनिवार को स्कूल गई थी. क्लास रूम में बोतल (सिपर) से पानी पी रही थी. वह ढक्कन में जीभ डालकर पानी पी रही थी, जिससे उसकी जीभ ढक्कन में फंस गई. एयर प्रेशर की वजह से बॉटल भी नहीं खुल रही थी. किसी तरह बॉटल को खोलकर निकाला गया. जीभ के आगे के हिस्से में स्‍वेलिंग आने लगी. वहीं, ब्लड फ्लो रुकने की वजह से जीभ काली पड़ने लगी थी. 

सिपर वाली बॉटल कितनी खतरनाक?

अदित्री के पिता विनीत सिंह ने बताया कि राजेंद्र नगर में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन जायसवाल बच्ची को ऑपरेशन थियेटर में ले गए और उन्होंने कटर से ढक्कन को काट दिया, जिससे उसकी जीभ बच गई. उन्‍होंने अन्य अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि सिपर वाली पानी की बॉटल बच्‍चों के लिए नहीं खरीदें. ऐसा हादसा किसी के साथ भी हो सकता है.

पहली बार देखा ऐसा केस

डॉ. जायसवाल ने बताया कि यह अपने आप में अलग तरह का केस था. वॉटर बॉटल के ढक्‍कन के सिपर में बच्‍ची की जीभ फंसी हुई थी. काफी सावधानी से ढक्कन को दो तरफ से काटकर निकाला गया. उन्‍होंने अपनी प्रैक्टिस में ऐसा केस कभी नहीं देखा था. बच्‍ची को बेहोशी का इंजेक्‍शन नहीं दे सकते थे. वह दर्द से कराहने के साथ डर भी रही थी. ढक्कन काटते वक्त ध्यान रखा गया कि जीभ को कोई नुकसान नहीं पहुंचे. अगर और देर होती तो ब्लड फ्लो रुकने से जीभ के अगला हिस्सा डेड हो सकता था.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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असली ऑपरेशन सिंदूर तो भाई ने किया है! दुल्हन की हरकत से नाराज दूल्हे ने किया कांड, वायरल हो रहा

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शादी का माहौल हो, कैमरा ऑन हो, दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर हों और बैकग्राउंड में “लाल इश्क…” जैसा कोई रोमांटिक गाना बज रहा हो. तब हर कोई सोचता है कि अब सिंदूर का सीन आते ही दिलों में घंटी बजेगी और रिश्ते में प्यार घुल जाएगा. लेकिन जनाब, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इस फिल्मी कल्पना की ऐसी-तैसी कर देता है. इस शादी में सिंदूर नहीं, सीधा सस्पेंस, थ्रिल और कॉमेडी का तड़का लगा है. और हां, दूल्हा तो आखिरी में दुल्हन को ऐसे सिंदूर से नहला देता है कि पानी भी शरमा जाए.

सिंदूर लगा रहे दूल्हे को दुल्हन ने किया परेशान

वीडियो में शादी का मंडप सजा है, दूल्हा सिर झुकाए अपने “लाइफटाइम मिशन” यानी सिंदूर भरने की कोशिश में लगा है. दुल्हन घूंघट औढ़े बैठी है. लहंगे में लहराती, शर्माती नहीं, बल्कि “घेर” ठीक करने में इतनी बिजी है कि दूल्हे की हर कोशिश हवा में उड़ जा रही है. पहली बार जैसे ही दूल्हा सिंदूर लेकर हाथ बढ़ाता है, दुल्हन अचानक साइड हो जाती है जैसे कोई कोरियोग्राफर उसे प्रैक्टिस करवा रहा हो. कैमरे वाले की सांस अटकती है, घरवाले सोचते हैं “कोई टेक्निकल दिक्कत है शायद.” दूसरी बार दूल्हा फिर हिम्मत करके हाथ बढ़ाता है, लेकिन दुल्हन फिर से अपने लहंगे की लचक को ठीक करने लगती है. अब दूल्हे के माथे पर पसीना और दिमाग में भूकंप दोनों आ चुके हैं.

https://www.youtube.com/watch?v=ZWSl-dMTUZs

फिर दूल्हे ने कर दिया कांड

तीसरी बार जब दूल्हा सिंदूर लेकर बढ़ता है, तो दुल्हन फिर वही घेर-संवार चालू करने लगती है, लेकिन इस बार दूल्हा RRR मोड में आ जाता है. वो दुल्हन को हल्के से पकड़ता है, झंझोड़ देता है और फिर ऐसा सिंदूर भरता है कि मांग छोड़, पूरा मुंह लाल हो जाता है. ऐसा लग रहा है जैसे सिंदूर नहीं, गुलाल से होली खेल ली हो. वीडियो देख आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे. यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स बोले, हो गया ब्याह

वीडियो को सोशल मीडिया पर कई सारे प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई सारे लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…लो हो गया ब्याह. एक और यूजर ने लिखा…अब कर ले लहंगा ठीक. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बैंड बज गया, मर्द के साथ खिलवाड़ नहीं.

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भारत की हार के 5 सबसे बड़े गुनहगार कौन? जिनकी वजह से लॉर्ड्स में टीम इंडिया को मिली शिकस्त

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शुभमन गिल एंड टीम के पास लॉर्ड्स में जीतने का अच्छा मौका था, इंग्लैंड टीम दूसरी पारी में 192 रनों पर सिमट गई थी. जीत के लिए 193 रन ही चाहिए थे, क्योंकि पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा था. रवींद्र जडेजा ने अंत तक लड़ाई लड़ी, वह नॉट आउट भी रहे लेकिन टीम इंडिया ये जंग हार गई. मोहम्मद सिराज के रूप में पारी का 10वां विकेट गिरा और भारत इस मैच को 22 रनों से हार गई.

यशस्वी जायसवाल का फ्लॉप शो

193 रनों का पीछा करते हुए भारत को एक अच्छी शुरुआत चाहिए थे, कम से कम पहले विकेट के लिए 50 प्लस की साझेदारी जरुरी थी लेकिन यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले ही आउट हो गए. उन्हें जोफ्रा आर्चर ने अपना शिकार बनाया.

शुभमन गिल भी सस्ते में आउट

चौथे दिन शुभमन गिल मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए थे, इसने भारतीय पारी पर अधिक दबाव बना दिया. पिछले 2 टेस्ट में उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन तीसरे टेस्ट में उनका बल्ला खामोश रहा. पहली पारी में भी उन्होंने सिर्फ 16 ही रन बनाए थे. दूसरी पारी में उन्होंने ब्रायडन कार्स ने आउट किया.

करुण नायर फ्लॉप

8 साल बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे करुण नायर ने अभी तक इस सीरीज में काफी निराश किया है. दूसरी पारी में वह 14 रन बनाकर आउट हो गए, पहली पारी में उन्होंने 40 रन बनाए थे. तीसरे नंबर पर आए करुण से उम्मीद थी कि वह संभलकर खेलेंगे और कम से कम चौथे दिन अपना विकेट बचाए रखेंगे, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. उनकी खूब आलोचना हो रही है और वह हार के कारणों में से एक रहे.

आकाशदीप ने किया निराश

आकाशदीप ने एजबेस्टन में 10 विकेट लिए थे, लेकिन लॉर्ड्स पर वह कोई कमाल नहीं कर सके. तीसरे टेस्ट में उन्हें सिर्फ 1 ही विकेट मिला. पहली पारी में उन्होंने 92 रन देकर 1 विकेट लिया जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 8 ओवर डाले लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके. हो सकता था कि अगर वह विकेट निकालते तो इंग्लैंड थोड़े और कम स्कोर पर सिमट जाती.

नितीश रेड्डी बल्लेबाजी में फ्लॉप

नितीश कुमार रेड्डी ऑलराउंडर प्लेयर हैं, उनसे अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद थी. वह दूसरी पारी में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, उन्हें सिर्फ क्रीज पर बने रहना था लेकिन दूसरे सेशन के खत्म होने से पहले वह अपना विकेट गंवा बैठे. हालांकि उन्होंने 53 गेंदों का सामना किया, लेकिन उनसे और अच्छे की उम्मीद थी. क्योंकि जसप्रीत बुमराह ने भी 54 गेंदें खेली थी.

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