डॉली चायवाला ने अब फ्रेंचाइजी बेचने का किया ऐलान, यूजर्स बोले- डिग्री एक स्कैम है भाई

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कभी नागपुर की सड़कों पर लोगों को अपनी अनोखी अदाओं और लाजवाब चाय से लुभाने वाले डॉली चायवाला ने अब एक ऐसा कदम उठाया है जो उनके चाहने वालों को एक्साइटेड कर रहा है. सोशल मीडिया पर डॉली चायवाला ने एक पोस्ट शेयर की है जिसने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है. पोस्ट में बताया गया है कि अब डॉली चायवाला के टी स्टॉल की फ्रेंचाइजी के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं. यानी अगर आप भी इस मशहूर चाय ब्रांड का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए है.

डॉली चायवाला ने फ्रेंचाइजी के लिए मांगे आवेदन

पोस्ट में साफ बताया गया है कि यह भारत का पहला ऐसा स्ट्रीट ब्रांड है जो सोशल मीडिया पर वायरल पहचान से निकलकर अब एक सशक्त बिजनेस मॉडल बन चुका है. डॉली चायवाला की खासियत रही है उसका स्टाइल, उसका अंदाज और सबसे बढ़कर उसकी ब्रांडिंग, जिसने एक साधारण चाय के ठेले को देशभर में चर्चित नाम बना दिया. अब ये ब्रांड लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लेकर आया है. इसका मतलब है कि अब आप अपने शहर में डॉली चायवाला का टी स्टॉल खोल सकते हैं. वो भी उसी यूनिक अंदाज और पहचान के साथ. स्टाइल, ब्रांडिंग और स्वाद तीनों ही चीजें मिलकर इसे एक मजबूत बिजनेस ऑप्शन बना रही हैं.


कभी नागपुर में थी छोटी सी टपरी

एक समय था जब डॉली चायवाला नागपुर की गलियों में सिर्फ एक चाय की टपरी चलाते थे. लेकिन उनका अंदाज, उनका हेयरस्टाइल, कपड़े पहनने का तरीका और सबसे खास, उनकी ब्रांडिंग ने उन्हें वायरल बना दिया. अब यही चायवाला पूरे देश में पहला वायरल स्ट्रीट ब्रांड बन गया है, जो लोगों को अपने बिजनेस से जोड़ रहा है. अगर कोई व्यक्ति डॉली चायवाला की फ्रेंचाइजी लेना चाहता है, तो उसे ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. इसके बाद कुछ जरूरी प्रोसेस और फीस का भुगतान करना होगा. फिर वो अपने शहर में इस नाम से चाय स्टॉल खोल सकेगा. वही स्टाइल, वही फील और वही फेम.

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यूजर्स ले रहे मजे

पोस्ट को डॉली चाय वाला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया है, जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने पोस्ट को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स पोस्ट को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई डिग्री तो अब केवल स्कैम बनकर रह गई है. एक और यूजर ने लिखा…डॉली की चाय अब ब्रांड बन गई है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….भाई तरक्की कर रहा है.

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भूकंप के झटकों से सुबह-सुबह कांप उठी धरती, दहशत में लोग, जानें क्या है ताजा अपडेट

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फिलीपींस में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि लूजोन में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया. इसकी वजह से लोग काफी दहशत में आ गए. भूकंप के झटके तेज होने की वजह से इमारतों पर भी असर पड़ा. हालांकि किसी भी तरह के नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. फिलीपींस से पहले हाल ही में स्पेन में भी भूकंप आया.

न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप की वजह से कागायन, इलोकोस सुर, इसाबेला और अबरा का इलाका भी प्रभावित हुआ है. हालांकि भूकंप का मुख्य केंद्र उत्तरी फिलीपींस का इलोकोस नॉर्टे रहा. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई. फिलीपींस भूकंप को लेकर काफी संवेदनशील देश है. यहां 14 जुलाई को भी भूकंप आया था. इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 1.9 मापी गई थी. काफी हल्के झटकों की वजह से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था.

फिलीपींस में बीते कुछ दिनों में कई बार आ चुका है भूकंप

फिलीपींस के दावाओ ओरिएंटल में 14 जुलाई को भूकंप आया. इससे पहले 9 जुलाई को जनरल सैंटोस से करीब 225 किलोमीटर दूर फिलीपींस सागर में भूकंप आया था. इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई थी. वहीं 28 जून को आया भूकंप काफी खतरनाक था. इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई थी. यह काबुरान के इलाके में आया था.

कहां-कहां आता है सबसे ज्यादा भूकंप

जापान, इंडोनेशिया और चिली सबसे ज्यादा भूकंप आने वाले देशों की लिस्ट में टॉप पर हैं. जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों प्रशांत, फिलीपींस, यूरेशियन और उत्तरी अमेरिका के जंक्शन पर स्थित है. इसी वजह से यहां भूकंप ज्यादा आता है. जापान में हर साल हजारों भूकंप आते हैं, जिनमें से कई मैग्निट्यूड 5 या अधिक के होते हैं. चिली और इंडोनेशिया भी भूकंप की वजह से काफी प्रभावित रहे हैं. चिली में हर साल एक हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं. पेरू और मैक्सिको भी भूकंप की वजह से प्रभावित रहते हैं.

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‘संजय दत्त ने बता दिया होता तो मुंबई में नहीं होते बम धमाके’, सालों बाद उज्जवल निकम का दावा

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स्पेशल प्रोसिक्यूटर और राज्यसभा के लिए मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान 1993 में मुंबई में हुए बम विस्फोटों और बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा कि अगर संजय दत्त अपना मुंह खोल देते तो मुंबई शहर बम विस्फोटों से नहीं दहलता और 267 लोग नहीं मारे जाते.

संजय दत्त की एक गलती की वजह से मुंबई में हुए बम धमाके
1993 के बम धमाकों समेत कई हाई-प्रोफाइल आतंकी मामलों में विशेष सरकारी वकील रहे उज्जवल निकम ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “अबू सलेम बम ब्लास्ट से एक दिन पहले संजय दत्त के घर पर हथियारों से लदी हुई वैन लाया था. एक्टर ने उसमें कुछ हैंड ग्रेनेड और बंदूकें उठा ली थीं हालांकि उन्होंने सिर्फ एके-47 बंदूक अपने पास रखी थी और बाकी सब लौटा दिया था. अगर संजय दत्त ने पुलिस को उस हथियार से लदी वैन के बारे में सूचना दे दी होती तो पुलिस जांच करती और मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए बम ब्लास्ट को रोका जा सकता था.”

टाडा के तहत हुई थी संजय दत्त की गिरफ्तारी
 उन्होंने आगे कहा, “पुलिस को इंफॉर्म न करना ही इतने बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने का कारण बना. एक्टर की खामोशी की वजह से कई जानें चली गईं थीं.” बता दें कि संजय दत्त को टाडा के तहत अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, बाद में उन्हें केवल शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया और पांच साल की जेल की सज़ा हुई. एक्टर ने यह सजा पुणे की यरवदा जेल में पूरी की थी. उन्हें 2016 में रिहा कर दिया गया था.

दोषी ठहराए जाने पर संजय दत्त को निकम ने क्या कहा था?
निकम ने इंटरव्यू के दौरान ये भी बताया कि जब संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था, तब उन्होंने उनसे क्या कहा था. निकम ने बताया, “मैंने उनके हाव-भाव बदलते देखे. मुझे लगा कि वह सदमे में हैं. वह फैसला बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे और उनका चेहरा हिल गया था. मैंने विटनेस बॉक्स में खड़े संजय दत्त से कहा था, ‘संजय ऐसा मत करो. मीडिया तुम्हें देख रहा है. तुम एक अभिनेता हो. अगर तुम सजा से डरे हुए लगोगे, तो लोग तुम्हें दोषी मान लेंगे. तुम्हारे पास अपील करने का मौका है.” जवाब में दत्त ने “जी सर, जी सर” कहा था और इसके बाद वे चुप हो गए थे और चले गए थे.

निकम ने संजय दत्त को बताया निर्दोष
निकम ने ये भी दावा किया कि संजय दत्त निर्दोष हैं. उन्होंने बंदूक सिर्फ़ इसलिए रखी क्योंकि उन्हें हथियारों का शौक था. हालाँकि कानून की नज़र में उन्होंने अपराध किया, लेकिन असल में वे एक सीधे-सादे इंसान हैंय संजय के पास एके-47 थी, लेकिन उन्होंने कभी उसका इस्तेमाल नहीं किया.

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“हर रास्ता सुगम बने: राज्य भर में चल रही सड़क और पुल मरम्मत की मुहिम” || “मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई: क्षतिग्रस्त सड़कों की त्वरित मरम्मत शुरू”

*सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार का सक्रिय दृष्टिकोण*
*राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे मरम्मत कार्यों के लिए जिला प्रशासन प्रमुख द्वारा महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा*
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राज्य सरकार ने राज्य में चल रहे मानसून के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को यातायात योग्य बनाने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल ने सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को इन सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष निर्देश देते हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। तदनुसार, ये कार्य वर्तमान में पूरे राज्य में युद्धस्तर पर चल रहे हैं। आज, राज्य भर के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इन स्थलों का दौरा कर निरीक्षण किया और संबंधितों को कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

*सौराष्ट्र – मध्य गुजरात – दक्षिण गुजरात – उत्तर गुजरात के जिलों में सड़क मरम्मत अभियान का कलेक्टरों द्वारा निरीक्षण*

मध्य गुजरात के विभिन्न जिलों में चल रहे सड़क मरम्मत अभियान का संबंधित जिलों के कलेक्टरों द्वारा निरीक्षण किया गया और गड्ढों की मरम्मत के कार्य को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए।

वडोदरा कलेक्टर डॉ. अनिल धमेलिया और डीडीओ श्रीमती ममता हिरपारा ने दभोई तालुका में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया और पुल की सुरक्षा की जाँच की।

छोटाउदपुर जिले में भारी बारिश के कारण ओरसंग, मेरिया, भारज नदियों पर बने पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला कलेक्टर गार्गी जैन ने भारज नदी पर बने सुखी बांध पुल, मेरिया नदी पर बने जाबुगाम-चाचक पुल और ओरसंग नदी पर बने बोडेली-मोदासर पुल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

जिला कलेक्टर श्री अजय दहिया ने जीएसआरडीसी के संबंधित अधिकारियों के साथ हालोल, गोधरा, शामलाजी राजमार्ग पर गोधरा बाईपास गडुकपुर चौकड़ी के पास क्षतिग्रस्त सड़क का दौरा किया और मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया।

मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आणंद जिला कलेक्टर श्री और आणंद नगर निगम प्रशासक श्री प्रवीण चौधरी और आणंद नगर निगम आयुक्त श्री मिलिंद बापना ने आज आणंद भलेज रोड इस्माइलनगर स्थित ओवरब्रिज और गणेश चौकड़ी राजोदपुरा स्थित ओवरब्रिज का दौरा किया और विस्तृत निरीक्षण किया। नाडियाड में, नगर आयुक्त श्री ने शहर में चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया।

जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी ने कामरेज तालुका में खोलवाड़ और अंबोली को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर तापी नदी पर बने पुल का दौरा किया और पुल के विस्तार जोड़ के मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। पुल की मरम्मत के कारण पुल को बंद कर दिया गया है, जबकि इस मार्ग पर यातायात को वडोदरा-मुंबई राजमार्ग के किम चार रास्ता से ऐना की ओर मोड़ दिया गया है। इस संबंध में, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ चर्चा कर यातायात को सुचारू बनाने और वाहन चालकों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने सूरत के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के पिपलोद स्थित चांदनी चौक में सड़क मरम्मत कार्य का स्थलीय दौरा किया और निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता, समय पर पूरा करने और जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्य पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने उन क्षेत्रों में कार्य को तुरंत पूरा करने का आग्रह किया जहाँ विशेष रूप से बारिश के कारण जलभराव की समस्या है।

भरूच जिला कलेक्टर श्री गौरांग मकवाना ने आमोद-जंबूसर मार्ग पर ढाढर नदी पर बने पुल का दौरा किया। कलेक्टर ने पुल की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

नवसारी नगर आयुक्त श्री देव चौधरी ने आज नवसारी नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क का दौरा किया और कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। नवसारी नगर निगम द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क की जानकारी 87992 23046 पर प्राप्त की जा रही है। नगर निगम सड़क विभाग द्वारा तत्काल मरम्मत कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शहर के रुस्तम वाड़ी, रिंग रोड और लुंसीकुई क्षेत्र, गणदेवी इटालवा रोड पर क्षतिग्रस्त सड़क के पैचवर्क और मरम्मत कार्य का आयुक्त श्री देव चौधरी ने स्थल का दौरा किया और कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए उपस्थित इंजीनियरों और कर्मचारियों को आवश्यक सुझाव दिए।

जिला कलेक्टर श्री एस.के. सड़क एवं भवन विभाग के अधिशासी अभियंता श्री मोदी ने राजपीपला-मोवी रोड पर करजण नदी पुल के निर्माण स्थल का दौरा किया और करजण पुल के नीचे, पुल पर और किनारे पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए और अधिशासी अभियंता को आवश्यक निर्देश देकर उचित कार्रवाई करने को कहा।

राजकोट जिला कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश के मार्गदर्शन में, सतर्कता के तहत राजकोट जिले के सभी पुलों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग पर धोराजी-जामकंडोराना रोड पर भादर ब्रिज, मार्ग और माकन स्वामित्व के तहत जामकंडोरना-खारचिया रोड पर माइनर ब्रिज, उपलेटा-कोलकी-पनेली रोड पर मेजर ब्रिज और सुपेड़ी-जामटिंबडी ब्रिज को भारी और ओवरलोड वाहनों के लिए प्रतिबंधित घोषित किया गया है।

राजकोट नगर आयुक्त तुषार सुमेरा विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहे और कार्यों का निरीक्षण किया। राजकोट के वार्ड क्रमांक 11 के मोटा मावा क्षेत्र में अमरनाथ पार्क, ओमनगर, सत्यम पार्क, तुलसी हाइट्स, सरिता विहार सोसाइटी में सड़कों से मिट्टी और बजरी हटाकर मेटलिंग कार्य का स्थल निरीक्षण किया गया। वहीं दूसरी रिंग रोडवीर वीरू झील के पास और वर्धमान नगर से जुड़े इलाकों में सड़क समतलीकरण का काम चल रहा है। वहीं, परसाना चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज होते हुए कानकोट की ओर जाने वाली 24 मीटर सड़क को वाहन चालकों के लिए सुगम बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

जामनगर नगर निगम आयुक्त श्री डी. एन. मोदी ने टीम के साथ शहर के सभी पुलों का सर्वेक्षण कार्य अपने हाथ में ले लिया है। आयुक्त श्री मोदी ने परियोजना एवं योजना, सिविल शाखा, भूमिगत सीवर शाखा, जलकार्य शाखा को निर्देश दिए थे। आयुक्त ने जामनगर शहर को जोड़ने वाले हर प्रवेश द्वार के पुलों का सर्वेक्षण करवाया था। जिसमें गुलाबनगर, सुभाष ब्रिज, नवनाला ब्रिज, रेलवे ओवर ब्रिज और धुनवाव से खिजड़िया बाईपास मार्ग पर स्थित नदी पुल का निरीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार छोटी-मोटी मरम्मत के निर्देश दिए गए। उन्होंने शहर की मुख्य और आंतरिक सड़कों का स्वयं निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को अभियान के रूप में मरम्मत, पैचवर्क, वेट मिक्स, हॉट मिक्स प्लांट और कोल्ड मिक्स से डामर पैचवर्क, जेट पैचिंग और इम्पैक्शन विधियों से काम करने के निर्देश दिए।

आज गांधीधाम नगर निगम के प्रभारी आयुक्त मेहुल देसाई ने गांधीधाम क्षेत्र में चल रहे विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का दौरा कर निरीक्षण किया। आयुक्त ने सड़कों और पेवर ब्लॉक आदि की मरम्मत की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। नगर आयुक्त ने गांधीधाम नगर निगम के पूर्वी क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सुरेन्द्रनगर जिला कलेक्टर ने जिले के प्रमुख पुलों का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी दुर्घटना या दुर्घटना से बचने के लिए, गांधीनगर सड़क एवं भवन विभाग की डिज़ाइन टीम ने एक सघन अभियान चलाया और विभिन्न पुलों और संरचनाओं के प्रदर्शन की गहन समीक्षा की। टीम ने सुरेन्द्रनगर-दुधरेज-वाना-मालवण-पाटडी-दसदा-बेचाराजी मार्ग (एसएच 19) पर बजाना मेजर ब्रिज, पाटडी ब्रिज, वाना मेजर ब्रिज, फुलखी-पाटडी-खराघोडा-ओडू रोड, लखतर-शियानी-लिंबड़ी रोड पर तलवाणी ब्रिज का दौरा किया और पुल की मजबूती, संरचनात्मक मजबूती और पुल की स्थिरता, सहायक संरचना, खंभों, दरारों की जाँच, मृदा अपरदन और जल निकासी स्थान (निकासी) के आधार पर सुरक्षा मानकों का भौतिक निरीक्षण किया।

मोरबी कलेक्टर श्री किरण जावेरी ने विधायक श्री कांति अमृतिया और उप नगर आयुक्त श्री सोनी के साथ 9 जुलाई 2025 को मोरबी के नटराज फाटक, विशपारा, रोहिदासपारा, अंबेडकर नगर, पंचासर रोड, नानी कैनाल रोड, अलाप पार्क आदि स्थानों का दौरा किया और सड़क और पानी की समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनके तत्काल समाधान के लिए सुझाव दिए। मोरबी नगर आयुक्त श्री स्वप्निल खरे ने 7 तारीख को मोरबी के ज़ोन चार का दौरा किया और सड़क मरम्मत, सीवर सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण आदि कार्यों का निरीक्षण किया। ज़ोन चार में विद्युत नगर, रचना सोसाइटी, गोपाल सोसाइटी, अरुणोदय नगर, नित्यानंद रोड, शिवम पार्क आदि शामिल हैं और आवश्यक सुझाव दिए।

देवभूमि द्वारका के जिला कलेक्टर श्री राजेश तन्ना ने आज जिले के विभिन्न पुलों का दौरा किया, जिनमें (1) जामनगर-लालपुर-पोरबंदर रोड पर छोटा पुल (2) कल्याणपुर-चुर-भदथर रोड पर छोटा पुल (3) बेह-वडत्रा रोड पर छोटा पुल शामिल हैं।

जूनागढ़ जिले के ग्रामीण और नगरपालिका क्षेत्रों में भारी बारिश से प्रभावित सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। जूनागढ़ जिले के माणावदर तालुका में सड़क निर्माण विभाग द्वारा सड़क मरम्मत का काम किया गया। साथ ही, जूनागढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री तेजस परमार और तकनीकी कर्मचारी आज रात से वार्ड क्रमांक 7 और 10 में जर्जर मकानों और भवनाथ क्षेत्र की प्रभावित सड़कों का निरीक्षण शुरू करेंगे।

आज आयुक्त श्री एच.जे. प्रजापति ने तकनीकी कर्मचारियों और संसाधनों के साथ राजीवनगर में पोरबंदर महानगर क्षेत्र के सड़क और सीवरेज कार्यों का निरीक्षण किया। पंचायत सड़क निर्माण विभाग द्वारा प्रभावित सोलह सड़कों में से 10 सड़कों का काम पूरा हो चुका है। आज राणावाव क्षेत्र में काम जोरों पर रहा।

वर्तमान मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशानुसार, भावनगर नगर आयुक्त श्री डॉ. एन.के. मीणा ने आज भावनगर नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में कुंभारवाड़ा अंडर ब्रिज, घोघा सर्कल और रुवा रावेच धाम-मंत्रेश सर्कल का दौरा किया और पुलों और सड़कों की मरम्मत का निरीक्षण किया।

आज बोटाद जिला कलेक्टर श्री डॉ. जिंसी रॉय ने संबंधित विभाग की तकनीकी टीम के साथ बोटाद तालुका के पुलों का दौरा किया और आवश्यकता पड़ने पर पुलों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण हेतु कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पलियाड में गोमा नदी पर बने पुल, रानपुर सुभादर नदी पर बने पुल और केरिया ढाल के निकट बने पुल का दौरा किया।

अमरेली केरियाचाड मार्ग पर विट्ठलपुर खंभालिया गाँव के पास शत्रुंजी नदी पर बने 140 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े केरियाचाड प्रमुख पुल का अमरेली जिला सड़क एवं भवन निर्माण पंचायत के अधिशासी अभियंता श्री स्मित चौधरी ने निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री विकल भारद्वाज के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा जिले में प्रभावित सड़कों एवं पुलों की मरम्मत का कार्य जोरों पर किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर श्री एन.वी. उपाध्याय ने हाल ही में गिर सोमनाथ जिले के विभिन्न पुलों का दौरा कर पुलों का निरीक्षण किया।सड़कों की संरचनात्मक स्थिरता की जाँच हेतु सड़क एवं भवन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए गए। जिसके अंतर्गत आज डिज़ाइन सर्कल के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क एवं भवन विभाग (पंचायत) के अंतर्गत कोडिनार तालुका के 11 पुलों का निरीक्षण किया गया। साथ ही, सड़क एवं भवन विभाग (पंचायत) द्वारा क्षतिग्रस्त सावनी पहुँच मार्ग पर पैचवर्क एवं वन कटाई का कार्य किया गया।

उत्तर गुजरात के विभिन्न जिलों में, बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के स्थानीय कलेक्टरों एवं नगर आयुक्तों ने अपने क्षेत्रों का दौरा किया, सड़क एवं पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।

जिसके अंतर्गत अहमदाबाद जिला कलेक्टर श्री सुजीत कुमार ने दस्करोई तालुका के कुहा-कठलाल बाईपास रोड पर खारी नदी पर बने 65 वर्ष पुराने पुल का स्वयं निरीक्षण किया। अहमदाबाद नगर आयुक्त श्री बंछानिधि पाणि ने भी अपने दैनिक वार्ड दौरे के तहत सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा की।

गांधीनगर कलेक्टर श्री ने देहगाम-नरोदा राजमार्ग पुल के निर्माण स्थल का दौरा किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ कीं। इसके अलावा, जिले के सभी पुलों के निरीक्षण के लिए पाँच टीमों का गठन किया गया है और तुरंत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, नगर निगम के उपायुक्त श्री ने आज गांधीनगर शहरी क्षेत्र में चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और विवरण प्राप्त किया तथा आवश्यक निर्देश दिए।

इसी प्रकार, बनासकांठा जिला कलेक्टर श्री मिहिर पटेल ने सड़क एवं भवन विभाग की तकनीकी टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 रतनपुर-मेरवाड़ा पर स्थित पुल का स्थल निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। बनासकांठा में, सड़क एवं भवन विभाग ने कुल 149 पुलों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जिनमें राज्य के लगभग 47, पंचायत विभाग के 28 और रेलवे के 24 पुल शामिल हैं।

पाटन जिला कलेक्टर तुषार भट्ट ने जिले में अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया है। इसके तहत, जिला कलेक्टर ने तकनीकी टीम के साथ संतालपुर तालुका में अबियाना-पेदाशपुरा पुल, राधनपुर तालुका में खारी नदी पर बने शब्दलपुरा पुल और राधनपुर-सामी तालुका को जोड़ने वाले बनास नदी पर बने पुल का निरीक्षण किया।

दूसरी ओर, मेहसाणा नगर निगम क्षेत्र में, नगर आयुक्त रवींद्र खटाले ने तलेटी में चल रहे सड़क मरम्मत कार्य स्थल का दौरा किया, कार्य का निरीक्षण किया और सड़क को यातायात योग्य बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके अनुसार, नगर निगम की टीम ने तलेटी गाँव में विटमेक्स बिछाकर सड़क को यातायात योग्य बना दिया है।

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इस साल शेयर बाजार में ये पांच स्टॉक्स मचा सकते हैं जबरदस्त धमाल, मिलेगा उम्मीद से भी बढ़कर रिटर

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Stock Market News: शेयर बाजार में कौन से शेयर शानदार रिटर्न देंगे इस पर लगातार निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है. उसी हिसाब से वे स्टॉक मार्केट में अपना दांव लगाते हैं. लेकिन, ये जरूर है कि जब भी आप पैसे लगाएं तो जरूर एक बार बाजार विशेषज्ञों की सलाह पर भी गौर करें. आइये आज हम आपको उन पांच स्टॉक्स के बारे में बता जा रहे जिसके बारे में बाजार के जानकार ये मानते हैं कि इस साल यानी 2025 में ये आपको 26 प्रतिशत तक जबरदस्त रिटर्न दे सकते हैं. इसके लिए ईटी नाऊ समेत अन्य ब्रोकरेज फर्म्स की सलाह के हिसाब से यहां पर बताया जा रहा है कि आखिर उनका क्या कुछ मानना है.

1-हुंडई मोटर्स इंडिया

हुंडई मोटर्स का मौजूदा शेयर वैल्यू 2103 रुपये के आसपास है और इसे हाल में ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने बाय रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस 2600 रुपये तक बताया है. इस साल इसके शेयर करीब 23 प्रतिशत तक ऊपर चढ़ने की उम्मीद की जा रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रिक व्हिकल सेगमेंट को लेकर कंपनी की रणनीति, इंडियन मार्केट में इसकी तेजी से मांग और नई लॉन्चिंग की वजह से इसके स्टॉक आपको बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.

2-सुप्रजीत इंजीनियरिंग

सुप्रजीत इंजीनियरिंग को लेकर के अनुमान लगाया गया है कि इसके शेयर इस साल करीब 22 प्रतिशत तक ऊपर चढ़ सकते हैं. ब्रोकरेज फर्म एमके ने निवेशकों को इसमें पैसा लगाने की सलाह देते हुए कहा कि भले ही इस शेयर का भाव अभी 448 रुपये के करीब है लेकिन इस साल ये 550 रुपये तक छलांग लगा सकता है.

3-लक्ष्मी डेंटल

लक्ष्मी डेंटल के स्टॉक का वर्तमान में भाव 427 रुपये का चल रहा है और इसका इस साल का टारगेट प्राइस 26 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 540 रुपये का रखा गया है. उपकरण निर्माण और डेंटल हेल्थ में तेजी के साथ आगे बढ़ रही लक्ष्मी डेंटल में जबरदस्त ग्रोथ की संभावना बाजार के जानकार बता रहे हैं. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इसके शेयर पर बाय की रेटिंग देते हुए कहा कि इसमें लंबे समय में निवेशकों के लिए जबरदस्त संभावना हो सकती है.

4-टीसीएस

टीसीएस यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के स्टॉक भाव वर्तमान में 3265 रुपये का चल रहा है. लेकिन ब्रोकरेज फर्म चॉइस ने 3950 रुपये का टारगेट प्राइस रखते हुए इसके बाय की सलाह दी है. फर्म का कहना है कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी सेक्टर में स्टैबिलिटी और क्लाइंट रिटेंशन के दम पर ये स्टॉक तेजी के साथ इस सार उछल कर निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकते हैं.

5-हिन्दुस्तान यूनिलीवर

एफएमसीजी सेक्टर की जानी मानी की कंपनी हिन्दुस्तान यूनिलीवर की गांव से लेकर शहर तक के बाजार में खास पकड़ है और ये इसी वजह से इन्वेस्टर्स की पसंद बनी हुई है. इसके शेयर का मौजूदा रेट 2520 रुपये चल रहा है. लेकिन ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इसकी बाय रेटिंग देते हुए इन्वेस्टर्स से इस पर रिटर्न की उम्मीद जताई है. इसका टारगेट प्राइस 3000 रुपये तक किया है, जो करीब 19 प्रतिशत तक की उछाल को दर्शाता है.

इन पांचों स्टॉक्स में 2025 के दौरान अच्छे रिटर्न की संभावना है. फिर भी, निवेश से पहले आपकी जोखिम लेने की क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और बाजार की परिस्थितियां जरूर ध्यान में रखें.

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अब सफर के साथ झरने का भी आनंद! मानसून आते ही ट्रेन में बरसने लगा पानी- वीडियो देख भड़के यूजर्स

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इरतिजा निशात का एक शेर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब पढ़ा जा रहा है. “कुर्सी है तुम्हारा ये जनाजा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते.” इसे पढ़े जाने की वजह भी जान ही लीजिए. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भारतीय रेलवे की दुर्गति दिखाई गई है. जहां बारिश का मौसम आते ट्रेनों में फव्वारें फूटना शुरु हो चुके हैं. कभी वंदे भारत तो कभी एक्सप्रेस ट्रेन, कोई भी रेलवे की नाकामियों से अछूती नहीं है. जी हां, इस वीडियो में एक ट्रेन में पानी का झरना बह रहा है. यह झरना बारिश की वजह से शुरु हुआ जो ट्रेन की सीटों तक आ पहुंचा.

ट्रेन में अचानक होने लगी बारिश

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो भारतीय रेल की खस्ता हाली चीख चीख कर ऐसे बयां कर रहा है जैसे कोई मजबूर शख्स अपने साथ हुए अत्याचारों को अदालत में चीख चीखकर सुना रहा हो. वीडियो में ट्रेन के एसी कोच में इस कदर पानी छत से बह रहा है मानों इंद्र देव ने पूरी कसर मानसून की इसी पर निकाल दी हो. हालांकि ट्रेन खाली है लेकिन अगर इसमें यात्री होते तो वो कंफ्यूज हो जाते कि उन्हें मजे लेने हैं या परेशान होना है. रेलवे आए दिन अपने कथित कार्यों का बखान करती है, खुद रेल मंत्री सोशल मीडिया पर रील बनाकर रेलवे के कामों की समीक्षा करते दिखते हैं, लेकिन पता नहीं क्यों उनका कैमरा इन जैसी ट्रेनों तक नहीं जा पाता.

इससे पहले वंदे भारत का वीडियो हो चुका है वायरल

इससे पहले भी भारत की सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत का एक वीडियो वायरल हुआ था, उसमें भी छत किसी झरने की तरह बहती हुई दिखाई दे रही थी. तब यात्रियों ने जैसे तैसे खुद को उस पानी से बचाया था और ऐसे कोनों में घुस गए थे जैसे कोई परिंदा भीगने के बाद आशियाने में छिपता है. बहरहाल वीडियो इंटरनेट पर वायरल है और लोग इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ले रहे मजे, तो कुछ ने जताई निराशा

वीडियो को @KHURAPATT नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा….यही बात तो भारतीय रेल को खास बनाती है. एक और यूजर ने लिखा…कभी खाना बेचने वालों की गुंडागर्दी तो कभी ट्रेन में बारिश, हो क्या रहा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…यही तो है विकसित भारत, जो कोई ना कर सका वो हमने कर दिखाया.

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TS POLYCET 2025: पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी, जानिए फीस, और जरूरी डॉक्यूमेंट्स

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तेलंगाना राज्य में टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने TS POLYCET 2025 काउंसलिंग के पहले चरण की सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी कर दी है. अब जिन बच्चों ने इस साल पॉलिटेक्निक का एग्जाम दिया था और पहले राउंड की काउंसलिंग में हिस्सा लिया था, वे देख सकते हैं कि उन्हें कौन-सी कॉलेज में सीट मिली है. यह जानकारी tgpolycet.nic.in वेबसाइट पर उपलब्ध है. पहले यह रिजल्ट 4 जुलाई को आना था, लेकिन अब इसे 15 जुलाई को जारी किया गया है. अगर किसी को सीट मिल गई है, तो उसे 15 से 18 जुलाई के बीच दो काम करने होंगे. ऑनलाइन फीस भरनी होगी और ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी यानि ये बताना होगा कि वो सीट को स्वीकार कर रहा है.

इस तरह चेक करें अपना अलॉटमेंट

सबसे पहले आपको विभाग की वेबसाइट tgpolycet.nic.in पर जाना होगा. इसके बाद उम्मीदवार लॉगइन पर क्लिक करना होगा. जैसे ही आप क्लिक करेंगे वैसे ही आपसे आपकी जानकारी मांगी जाएगी. वहां आपको TS Polycet 2025 हॉल टिकट नंबर, ROC फॉर्म नंबर, पासवर्ड और डेट ऑफ बर्थ डालने के लिए कहा जाएगा. इसके बाद आपको अपने अलॉटमेंट की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी.

इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत

1- टीएस पॉलीसेट 2025 हॉल टिकट

2- रैंक कार्ड

3- अनंतिम आवंटन पत्र

4- ट्यूशन फीस की रसीद

5- एसएससी या फिर अंकों का ज्ञापन

6- कैटेगरी सर्टिफिकेट

7- आधार कार्ड

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अब आगे क्या करें?

अगर आपने ऑनलाइन फीस भर दी है और रिपोर्टिंग कर दी है, तो अब तय तारीख पर अपने अलॉटेड कॉलेज में जाकर खुद उपस्थित होना होगा. इसे “फिजिकल रिपोर्टिंग” कहा जाता है. इस दौरान आपको अपने सारे जरूरी डॉक्यूमेंट साथ लेकर जाना होगा, जैसे मार्कशीट, एडमिट कार्ड, आईडी प्रूफ आदि. कॉलेज में रिपोर्ट करने के बाद, आपको वहां से क्लास शेड्यूल, ओरिएंटेशन डेट और पढ़ाई से जुड़ी बाकी जानकारी मिल जाएगी. यानी अब आपकी असली कॉलेज लाइफ शुरू होने वाली है. इसके अलावा जिन छात्रों को पहले राउंड में कोई सीट नहीं मिली है या जिन्होंने दूसरे राउंड में हिस्सा लेने का ऑप्शन चुना है, उन्हें अभी कोई एक्शन नहीं लेना है. उन्हें बस अगले राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट आने का इंतजार करना है.

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एस जयशंकर ने दिया पीएम मोदी का मैसेज, पढ़कर पाक को लगेगी मिर्ची

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार सुबह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं और अभिवादन पहुंचाया.

विदेश मंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, “आज सुबह बीजिंग में अपने साथी SCO विदेश मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन उन्हें पहुंचाया. राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमारे द्विपक्षीय संबंधों के हालिया विकास से अवगत कराया. इस संबंध में हमारे नेताओं के मार्गदर्शन को महत्व देते हैं.”

SCO बैठक में भारत-चीन संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, जयशंकर और शी जिनपिंग के बीच भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हालिया प्रगति, आपसी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत नेतृत्व स्तर पर संवाद को बेहद अहम मानता है और उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.

क्यों अहम है यह मुलाकात?

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ सालों में सीमा विवाद और व्यापारिक तनाव के बावजूद बातचीत जारी रखने की कोशिश की जा रही है. बीजिंग में यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों के नेताओं के बीच संवाद को एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

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