25 पर्सेंट मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य के स्कूलों में चेंज हुआ सिटिंग मॉडल, नहीं होंगे बैकबेंचर

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केरल के कोल्लम जिले के एक स्कूल ने पढ़ाई का तरीका ही बदल डाला है. ऐसा तरीका जिससे अब कोई भी बच्चा खुद को पीछे नहीं समझेगा. यहां अब कोई “बैकबेंचर” नहीं है, क्योंकि सब बच्चे अब आगे की लाइन में ही बैठते हैं. यह बदलाव किसी सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि एक फिल्म के सीन से प्रेरित होकर आया है. मलयालम फिल्म “स्थानार्थी श्रीकुट्टन” के एक छोटे से दृश्य ने स्कूलों में बड़ा असर डाला है. फिल्म में एक छात्र को पीछे बैठकर उपेक्षित महसूस करते हुए दिखाया गया था और उसने एक नया आइडिया सुझाया. ऐसा आइडिया जिसने असल जिंदगी में भी कई स्कूलों को सोचने पर मजबूर कर दिया.

अब हर बच्चा फर्स्ट बेंचर, फिल्म देख आया आइडिया

कोल्लम जिले के वालकोम इलाके में स्थित रामविलासोम वोकेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल (RVHSS) ने अपनी कक्षाओं में बैठने की नई व्यवस्था लागू की है. अब वहां छात्र पारंपरिक पंक्तियों में एक के पीछे एक नहीं बैठते. बल्कि कक्षा की चारों दीवारों पर डेस्क इस तरह रखे गए हैं कि हर बच्चा सामने दिखे और सबको टीचर का बराबर ध्यान मिले. इससे कोई बच्चा खुद को पीछे नहीं मानता और सबको सीखने का समान मौका मिलता है.

इस बदलाव की शुरुआत स्कूल की निम्न प्राथमिक कक्षाओं से की गई थी, लेकिन यह इतना पसंद किया गया कि अब यह मॉडल केरल के आठ और स्कूलों और पंजाब के एक स्कूल तक पहुंच गया है. खास बात ये है कि पंजाब के उस स्कूल के प्रिंसिपल ने फिल्म को ओटीटी पर देखा, स्कूल में बच्चों को भी दिखाई और फिर वही लेआउट अपनाया.

फिल्म ने डाला लोगों पर असर

फिल्म के निर्देशक विनेश विश्वनाथन का कहना है कि यह विचार पूरी तरह काल्पनिक नहीं था. यह कई साल पहले के जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम (DPEP) के दौरान देखी गई असल शिक्षण विधियों से प्रेरित था. उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटे से दृश्य जिसमें एक बच्चा कहता है कि पीछे बैठना उसे अच्छा नहीं लगता ने इतना गहरा असर डाला कि असली स्कूलों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया. यह मॉडल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, उन्हें बराबरी का अहसास कराता है और कक्षा को सहयोगी माहौल में बदल देता है. अब सभी बच्चे एक-दूसरे को देख सकते हैं, टीचर भी सब पर नजर रख सकते हैं और क्लास में बातचीत व भागीदारी भी ज्यादा होती है.

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Abdu Rozik Was ‘Detained, Not Arrested’ At Dubai International Airport, Says Team

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<p>Dubai International Airport पर Abdu Rozik को लेकर एक confusion create हो गया जब reports ने उनके arrest की बात की। लेकिन उनकी team ने clarify किया है कि Abdu को arrest नहीं बल्कि सिर्फ detain किया गया था for some verification। कुछ वक्त के लिए उन्हें रोका गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। Team ने clear किया कि कोई theft allegation या major issue नहीं था, बस एक misunderstanding थी जो media में ज्यादा highlight हो गई। Abdu Rozik अब safe हैं और अपने work commitments के लिए Dubai में ही मौजूद हैं। Fans को ज्यादा tension लेने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ एक छोटी सी airport-related technical check थी।</p>

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लॉर्ड्स में ऋषभ पंत चौथे दिन बैटिंग करने क्यों नहीं आए? भारत ने खेला कौन सा पैंतरा? यहां जानें

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भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ पूरे सीरीज में नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने आए. लेकिन रविवार को लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन, जब भारत ने तीन विकेट गंवा दिए, तब पंत बल्लेबाजी नहीं करने आए. क्योंकि चौथे दिन सिर्फ तीन ओवर बचे थे.  भारतीय टीम नहीं चाहती थी कि वो एक और मुख्य बल्लेबाज का विकेट गंवाए. इसलिए उसने पंत की जगह नाइटवॉचमैन के रूप में तेज गेंदबाज आकाश दीप को भेज दिया.

एक और मुख्य बल्लेबाज न हो जाए आउट, इसलिए लिया गया फैसला

भारतीय टीम के तीन मुख्य बल्लेबाज, यशस्वी जायसवाल, करुण नायर और कप्तान शुभमन गिल का बहुत जल्दी विकेट गंवा दिया. इसके बाद भारतीय टीम पर काफी दबाव आ गया. चौथे दिन जब सिर्फ तीन ओवर बचे थे, तब भारतीय टीम ने आकाश को भेजने का फैसला लिया. भारतीय बल्लेबाजों पर इंग्लैंड के फील्डर्स और गेंदबाज काफी दबाव बना रहे थे. तीन बल्लेबाजों के आउट होने के बाद सिर्फ तीन ओवर के लिए भारतीय टीम पंत को भेजकर रिस्क नहीं लेना चाहती थी. 

आकाश के आने से केएल राहुल पर भी काफी दबाव कम हो गया. वो भी आकाश को स्ट्राइक देकर अपना विकेट बचाने की कोशिश कर रहे थे. वो अपने इस प्रयास में सफल हुए. लेकिन दिन के आखिरी ओवर में आकाश अपना विकेट नहीं संभाल पाए. बेन स्टोक्स ने उन्हें बोल्ड कर दिया. 

भारत को जीतने के लिए अभी भी चाहिए 135 रन

चौथे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने सिर्फ 58 रन पर चार विकेट गंवा दिए. राहुल 33 रन बनाकर नाबाद लौटे. भारत को अभी भी मैच जीतने के लिए 135 रनों जरुरत है. भारतीय टीम के पास अभी भी बल्लेबाजी में गहराई है. उनके पास पंत, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर बचे हुए हैं, जो मैच को भारत की तरफ मोड़ सकते हैं. फैंस को भी उम्मीद होगी कि भारतीय बल्लेबाज इस लक्ष्य को आसानी से चेज कर लें.

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इस मशहूर यूट्यूबर ने जमकर खाए गुलाब जामुन, फिर भी घटा लिया 40 किलो वजन!

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कॉमेडी वीडियो से घर-घर में पहचान बनाने वाले मशहूर यूट्यूबर आशीष चंचलानी ने हाल ही में अपने जबरदस्त वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन से सबको चौंका दिया है. उन्होंने केवल 6 महीने में 40 किलो वजन कम किया है और सबसे खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने अपनी पसंदीदा मिठाई गुलाब जामुन को भी नहीं छोड़ा! तो आखिर क्या है आशीष चंचलानी के इस अनोखे वेट लॉस का राज? आइए जानते हैं.

आशीष चंचलानी का वजन पहले 130 किलो था और वह अपनी खराब सेहत को लेकर चिंतित थे. उन्होंने 30 साल की उम्र से पहले खुद को फिट करने का लक्ष्य रखा था. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वे अपने मोटापे से निराश थे और खुद को हारा हुआ महसूस कर रहे थे. इसी के बाद उन्होंने अपनी फिटनेस जर्नी शुरू करने का फैसला किया.

पसंद की चीजें नहीं छोड़ीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से खाईं

आमतौर पर लोग वजन घटाने के लिए अपनी पसंदीदा चीजों को पूरी तरह से छोड़ देते हैं, खासकर मिठाइयों को. लेकिन आशीष चंचलानी ने इस मिथक को तोड़ दिया. उन्होंने खुलासा किया कि वह हर हफ्ते गुलाब जामुन और रस मलाई जैसी अपनी पसंदीदा मिठाइयां खाते थे, और अभी भी खाते हैं. उनका कहना है कि वजन घटाने के लिए किसी भी चीज को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती, बल्कि पोर्शन कंट्रोल और कैलोरी मैनेजमेंट महत्वपूर्ण है.

कैलोरी डेफिसिट और संतुलित डाइट का कमाल

आशीष चंचलानी ने बताया कि उनके वजन घटाने का मुख्य कारण खाना नहीं, बल्कि ओवरईटिंग था. उन्होंने कैलोरी डेफिसिट (जितनी कैलोरी आप बर्न करते हैं, उससे कम कैलोरी खाना) के सिद्धांत पर काम किया. उनकी डाइट प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित मिश्रण थी.

  • नाश्ता: छह उबले अंडे या एक ऑमलेट के साथ अंकुरित दालें (स्प्राउट्स).
  • दोपहर का भोजन (लंच): 1 रोटी के साथ 200 ग्राम चिकन, और साथ में खीरे व अजवाइन का जूस.
  • शाम (लगभग 6 बजे): व्हे प्रोटीन शेक.
  • रात का खाना (लगभग 8 बजे): केवल प्रोटीन रिच चिकन (बिना किसी कार्ब्स के).

डाइट में किया यह बदलाव

आशीष ने अपनी डाइट से तले हुए और हाई-कार्ब फूड्स को हटा दिया. उन्होंने बताया कि वे हर चीज को तौलकर खाते थे, ताकि कैलोरी का सही हिसाब रख सकें. अगर वे गुलाब जामुन खाते थे, तो वे अपनी दैनिक कैलोरी मेंटेनेंस से कम खाते थे, ताकि कुल कैलोरी डेफिसिट में रहें. उदाहरण के लिए, दो गुलाब जामुन में लगभग 350 कैलोरी होती हैं और अगर उनकी दैनिक खपत 1800 कैलोरी थी (जो उनके शरीर की ज़रूरत से 1000 कैलोरी कम थी), तो भी वे कैलोरी डेफिसिट में रहते थे.

वर्कआउट रूटीन

डाइट के साथ-साथ आशीष ने अपने वर्कआउट रूटीन पर भी पूरा ध्यान दिया. वह हर दिन करीब 4 घंटे जिम करते थे, जिसमें कार्डियो से लेकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग तक सब कुछ शामिल था. बॉक्सिंग, बैटलिंग रोप्स, साइकलिंग और रनिंग भी उनके वर्कआउट का हिस्सा थे.

आशीष चंचलानी का मानना है कि वजन घटाना सिर्फ एक फिजिकल प्रोसेस नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक और भावनात्मक यात्रा भी है. उन्होंने अपने फैंस को यह संदेश दिया कि वजन कम करने का मकसद सिर्फ पतला होना नहीं होना चाहिए, बल्कि स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी जीना होना चाहिए. उनका कहना है कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आप वजन कम क्यों करना चाहते हैं, और यह फैसला अपने लिए होना चाहिए, न कि दूसरों के कहने पर.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर ये एयरलाइन हुई अलर्ट, कर्मचारियों को जारी किए सख्त निर्देश

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अबू धाबी की प्रमुख एयरलाइन एतिहाद एयरवेज ने अपने पायलटों को बोइंग 787 विमानों में उड़ान के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच को बेहद सावधानी से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही, एयरलाइन ने इन स्विचों की लॉकिंग सिस्टम की जांच करने का आदेश भी जारी किया है.

यह कदम भारत की एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है जिसमें आशंका जताई गई है कि AI 171 का उड़ान के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच का लॉक अपने आप खुल गया हो सकता है, जिससे इंजन बंद हुआ. हालांकि तकनीकी खामी की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.

FAA का 2018 का अलर्ट फिर चर्चा में
AI 171 की घटना के बाद अमेरिका की एविएशन एजेंसी FAA ने दुनिया भर की एयरलाइनों को 2018 में जारी किए गए एक पुराने सेफ्टी अलर्ट की फिर से याद दिलाई है. यह अलर्ट इसी संभावित खामी से जुड़ा था, जिसमें बोइंग 787 विमान के फ्यूल स्विच का लॉक अनजाने में खुल सकता है.

पायलटों को दिए गए विशेष निर्देश
मिली जानकारी के मुताबिक एतिहाद ने 12 जुलाई को जारी किए गए एक नोटिस में पायलटों से कहा है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच या उसके आसपास के किसी भी स्विच को बेहद ध्यान से संचालित करें. स्विचों के पास कोई वस्तु जैसे बैग, पानी की बोतल आदि न रखें, जिससे गलती से बटन दबने का खतरा हो. यदि कोई गड़बड़ी नज़र आती है तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें.

इंजीनियरों को भी जांच के आदेश
एयरलाइन के इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी बोइंग 787 विमानों में फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म की पूरी तरह से जांच करें. ज़रूरत पड़ने पर थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल (इंजन से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा) को भी बदला जाए.

सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम
एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया एहतियातन अपनाई जा रही है. AI 171 की जांच अभी जारी है, लेकिन संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए एतिहाद ने सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है. एयरलाइन का साफ संदेश है कि पायलट सावधानी से स्विच चलाएं, असामान्य स्थिति तुरंत बताएं और इंजीनियर सुनिश्चित करें कि हर प्रणाली सही ढंग से काम कर रही हो.

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Jio ने बढ़ाई Airtel टेंशन! इस 84 दिनों वाले प्लान में मिल रहे इतने सारे फ्री बेनिफिट्स और ओटी

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Reliance Jio: भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Jio एक बार फिर से चर्चा में है. देशभर में 46 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स के साथ जियो अपने किफायती रिचार्ज प्लान्स के लिए मशहूर है. इन प्लान्स में अनलिमिटेड कॉलिंग, हाई-स्पीड डेटा और ओटीटी जैसे कई फायदे शामिल होते हैं. खास बात ये है कि कंपनी 84 दिनों की वैलिडिटी वाले कई शानदार प्रीपेड प्लान्स दे रही है जो यूजर्स को फ्री 5G डेटा और अन्य बेनिफिट्स के साथ मिल रहे हैं.

जियो का 1029 रूपए वाला धमाकेदार प्लान

इस प्लान की कीमत 1029 रुपये है और इसमें 84 दिनों की वैधता मिलती है. इसमें यूजर्स को रोज़ाना 2GB हाई-स्पीड डेटा (कुल 168GB), अनलिमिटेड कॉलिंग और पूरे देश में फ्री रोमिंग की सुविधा मिलती है. इसके साथ ही रोज 100 SMS भी फ्री दिए जा रहे हैं.

इस प्लान की सबसे खास बात यह है कि इसमें अमेज़न प्राइम वीडियो, JioTV, और JioCloud का मुफ्त सब्सक्रिप्शन भी शामिल है. इसके अलावा, जिन यूजर्स के पास 5G स्मार्टफोन है और जो जियो के 5G नेटवर्क से जुड़े हैं, उन्हें अनलिमिटेड 5G डेटा भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मिलता है.

1028 रूपये वाला दूसरा विकल्प

इसके अलावा, जियो एक और 84-दिन वाला प्लान ₹1028 में भी दे रहा है. इसमें भी वही डेली 2GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री रोमिंग और रोजाना 100 SMS जैसे सभी फायदे मिलते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इस प्लान में Amazon Prime की जगह यूजर्स को Swiggy का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन दिया जा रहा है.

Airtel का 84 दिनों वाला प्लान

एयरटेल की बात करें तो कंपनी 84 दिनों की वैलिडिटी के साथ यूजर्स को 979 रुपये वाला प्लान ऑफर करती है. इसमें 168GB कुल डेटा (रोजाना 2GB), फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन 100 SMS मिलते हैं. साथ ही, इस प्लान में एयरटेल एक्स्ट्रीम प्ले ऐप के ज़रिए 22 से ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस भी मुफ्त मिलता है.

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बसंती कुत्तों के आगे मत नाचना वीरू भाई सही थे….वायरल वीडियो देख ऐसा क्यों कहने लगे यूजर्स

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की दुनिया में रोज कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है. कभी किसी का टैलेंट हैरान कर देता है, तो कभी किसी की बेवकूफी हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देती है. लेकिन इस बार का वीडियो अलग ही लेवल का है. इसमें ना सिर्फ स्टंट है, ना सिर्फ तालाब है, बल्कि दो आवारा कुत्तों की ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ भी है, जो किसी भी ट्रेंडिंग मीम को पीछे छोड़ सकती है. एक लड़का तालाब किनारे बने फ्रंट पर जबरदस्त स्टंट करने की कोशिश करता है, लेकिन उसका ‘हवाई रोल’ कुछ इस तरह जमीन पर टकराता है कि वहां बैठे दो कुत्तों की दुनिया ही हिल जाती है. फिर जो होता है, वो देखकर आप कहेंगे कि “भाई, स्टंट करने से पहले जानवरों की भावनाएं चेक कर लेता.”

तालाब किनारे स्टंट कर रहा था शख्स

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़का तालाब किनारे मौजूद फ्रंट पर खड़ा होता है. उसके चेहरे पर कॉन्फिडेंस झलक रहा है, जैसे अगले ही पल वो बॉलीवुड की किसी एक्शन फिल्म का सीन शूट करने जा रहा हो. फिर वो तेजी से दौड़ता है और हवा में उछलकर रोल करने की कोशिश करता है. शुरुआत में सब कुछ ठीक चलता है, लेकिन जैसे ही वो जमीन पर लैंड करता है, वहां पहले से मौजूद दो आवारा कुत्ते उसकी ‘एंट्री’ से नाराज हो जाते हैं.

पीछे पड़ गए कुत्ते

कुत्ते उस समय शांति से तालाब की ओर देख रहे थे, शायद किसी आध्यात्मिक मोड में थे या फिर बस अपना कुत्ता-सा सुकून जी रहे थे. लेकिन जैसे ही ये ‘फ्लाइंग ह्यूमन’ उनके बीच लैंड करता है, दोनों कुत्ते अचानक एक्टिव हो जाते हैं. पहले तो वो हैरानी से उसे देखते हैं, फिर अगले ही पल गुस्से में भौंकते हुए उस पर दौड़ पड़ते हैं. लड़का ये देख कर घबरा जाता है और भागने लगता है और वहीं वीडियो कट हो जाता है. लेकिन सोशल मीडिया पर देखने वाले हंसते-हंसते वहीं नहीं रुकते. वो प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं जो वीडियो के साथ साथ वायरल हो रही हैं.

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यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को @BhanuNand नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…शायद बसंती ने सही कहा था, कुत्तों के सामने मत नाचना. एक और यूजर ने लिखा…भाई अब कभी कुत्तों के सामने नहीं नाचेगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…काटा नहीं गनीमत है, वरना पता लगता आज.

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India के Banking System में बड़ी क्रांति !| नए Bank Licenses और Corporates का Entry| Paisa Live

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भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है! लगभग एक दशक बाद, सरकार और RBI मिलकर नए बैंक लाइसेंस जारी करने की तैयारी में हैं। इस बार सिर्फ छोटे प्लेयर्स ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े कॉरपोरेट हाउस भी बैंकिंग सेक्टर में एंट्री कर सकते हैं! हाल ही में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि RBI और वित्त मंत्रालय मिलकर एक ऐसे विज़न पर काम कर रहे हैं जहाँ NBFCs को भी फुल-फ्लेज्ड बैंक बनने की अनुमति मिल सकती है और विदेशी निवेशकों की एंट्री भी आसान की जा सकती है। सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि इस बार इंडस्ट्रियल ग्रुप्स को भी – कुछ शर्तों के साथ – बैंक लाइसेंस मिल सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के फाइनेंशियल सिस्टम के लिए एक game changer साबित हो सकता है। लेकिन साथ ही, यह एक संवेदनशील फैसला भी होगा जिसमें पारदर्शिता और नियंत्रण बेहद जरूरी होंगे। इस वीडियो में जानिए पूरी डिटेल, क्या होगा असर और मार्केट ने कैसे रिएक्ट किया

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गणित से क्यों डर रहे बच्चे? तीसरी कक्षा के बच्चों का हाल बेहाल, NCRT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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Math Fear in Children’s: एक समय था जब बच्चों से पूछा जाता था बड़े होकर क्या बनना है? और जवाब मिलता था, इंजीनियर, वैज्ञानिक या डॉक्टर. लेकिन आज जब बच्चों से यही सवाल किया जाता है तो जवाब से पहले आता है एक डर, मैथ्स तो बहुत मुश्किल है. गणित को लेकर यह डर धीरे-धीरे बच्चों की सोच में बैठता जा रहा है.

हाल ही में NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की एक रिपोर्ट ने इस डर को सामने रखा है. रिपोर्ट में यह सामने आया है कि तीसरी कक्षा के अधिकांश छात्र बेसिक गणित, जैसे जोड़, घटाव, गुणा या भाग जैसे कौशल भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं. यह न सिर्फ बच्चों की शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि पैरेंट्स और शिक्षकों के लिए भी एक चेतावनी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, बहुत से छात्र दो अंकों की संख्या में भी गलती कर रहे हैं. कुछ बच्चों को सवाल समझने में ही समस्या है, यानी गणितीय भाषा की पकड़ कमजोर है. शब्द समस्याओं को समझना और हल करना बच्चों के लिए चुनौती बन चुका है.

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गणित में गिरता आत्मविश्वास?

रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली

बच्चों को कॉन्सेप्ट समझाने के बजाय सिर्फ जवाब याद करवा दिए जाते हैं. इससे वे असली गणना से कनेक्ट नहीं कर पाते.

गणित को डरावना विषय बना देना

पैरेंट्स या शिक्षक अक्सर कह देते हैं, मैथ्स आसान नहीं है” इससे बच्चे पहले से ही इसे कठिन मान लेते हैं.

प्रैक्टिस की कमी

गणित एक ऐसा विषय है जिसमें निरंतर अभ्यास ज़रूरी होता है. यदि रोज़ाना अभ्यास नहीं किया जाए, तो बच्चा जल्दी पिछड़ जाता है.

टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता

कैलकुलेटर, मोबाइल ऐप्स, और गेम्स ने बच्चों को मानसिक गणना से दूर कर दिया है.

क्या किया जा सकता है?

  • कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई शुरू करनी चाहिए, जिसमें बच्चा केवल उत्तर याद न करे, बल्कि समझे कि वह कर क्या रहा है.
  • गणित को खेल और कहानियों के जरिए सिखाया जाए ताकि बच्चों में रुचि बनी रहे.
  • पैरेंट्स को भी घर पर गणितीय गतिविधियों में बच्चों को शामिल करना चाहिए, जैसे सब्ज़ी खरीदते समय जोड़-घटाव करवाना.
  • शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाए कि वे बच्चों की कठिनाई को समझें और उनकी गति के अनुसार पढ़ाएं.

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