अमेरिका से 225 मिलियन डॉलर के AMRAAM मिसाइल खरीदे का पाकिस्तान का ये दोस्त! जानें क्या है तकनीक

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AMRAAM Missile: तुर्किए और अमेरिका के बीच एक बड़ी सैन्य डील की पुष्टि हुई है. अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी को ऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने 14 मई को ऐलान किया कि वह तुर्किए को AIM-120C-8 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) बेचने को तैयार है. इस डील की अनुमानित कीमत 225 मिलियन डॉलर है. प्रस्तावित पैकेज में 53 मिसाइलों के साथ 6 गाइडेंस सिस्टम, कंटेनर, रीप्रोग्रामिंग गियर, स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी दस्तावेज और लॉजिस्टिक सहायता शामिल हैं.

DSCA का कहना है कि यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती देगा क्योंकि इससे नाटो सदस्य तुर्किए की हवाई सुरक्षा बेहतर होगी. इस डील के लिए अमेरिका की रक्षा कंपनी RTX कॉरपोरेशन को ठेकेदार नियुक्त किया गया है.

तुर्किए के लिए हवाई सुरक्षा को मजबूत करने का मौका

यह मिसाइल डील ऐसे समय में आई है जब तुर्किए अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली को अपडेट करने में जुटा हुआ है. AMRAAM मिसाइलें लंबी दूरी और बेहद सटीक निशाने के लिए जानी जाती हैं जो तुर्किए को अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के साथ-साथ अमेरिकी सैनिकों की रक्षा में भी सहायता देंगी. DSCA ने साफ किया कि यह सौदा क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगा.

रूसी S-400 डील की परछाई में नई शुरुआत

गौरतलब है कि 2019 में तुर्किए ने रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदा था जिससे अमेरिका नाखुश हुआ और उसने CAATSA कानून के तहत तुर्किए पर प्रतिबंध लगा दिए थे. इसके साथ ही तुर्किए को F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम से बाहर कर दिया गया था. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग पूरी तरह टूटा नहीं.

अमेरिकी हथियारों पर तुर्किए की निर्भरता बरकरार

बीते दशकों में तुर्किए ने अमेरिकी रक्षा उपकरणों पर काफी भरोसा किया है. उसके पास बड़ी संख्या में F-16 और F-4 फाइटर जेट्स, ब्लैक हॉक और चिनूक हेलिकॉप्टर, M60 टैंक और अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिका ने तुर्किए को C-130 हरक्यूलिस और KC-135 टैंकर विमान भी दिए हैं. हालांकि हाल के वर्षों में तुर्किए ने अपने ड्रोन निर्माण में प्रगति की है लेकिन पहले वह अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन पर निर्भर रहा.

क्या है AMRAAM मिसाइल?

AMRAAM एक एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है जिसे अमेरिका ने विकसित किया है. यह मिसाइल दुश्मन के विमानों, ड्रोन और अन्य हवाई लक्ष्यों को बीच आसमान में ही सटीकता से निशाना बनाकर गिराने की क्षमता रखती है. यह तकनीक खास तौर पर लॉन्ग-रेंज डॉगफाइट्स और मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग के लिए जानी जाती है.

ताजा डील में तुर्किए को AIM-120C-8 वर्जन की 53 मिसाइलें मिलने वाली हैं. यह वर्जन AMRAAM की लेटेस्ट और सबसे एडवांस किस्म मानी जाती है, जो पहले से अधिक रेंज, बेहतर गाइडेंस और हाई स्पीड अटैक क्षमता से लैस है.

क्या है तकनीक

AIM-120C-8 मिसाइलें एक्टिव रडार होमिंग तकनीक का इस्तेमाल करती हैं जिससे इन्हें लॉन्च करने के बाद भी ये अपने लक्ष्य को खुद ट्रैक कर सकती हैं. इसकी रेंज लगभग 100 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है और यह ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भरती है.

मिसाइल में मल्टी-शूटिंग और मल्टी-टारगेट एंगेजमेंट क्षमता होती है यानी एक बार में कई लक्ष्यों को ट्रैक कर हमला किया जा सकता है. इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह हर मौसम में, दिन या रात कभी भी और किसी भी परिस्थिति में काम करने में सक्षम है.

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सिर्फ एक गलती और हाथ से फिसल गया लॉर्ड्स टेस्ट, टीम इंडिया को भारी पड़ा ऋषभ पंत का ये ब्लंडर

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लॉर्ड्स का मैदान कई ऐतिहासिक टेस्ट मैचों का गवाह बना है. इस फेहरिस्त में 2025 का भारत बनाम इंग्लैंड मैच भी जुड़ गया है. किसने सोचा होगा कि पांचवें दिन भारतीय टीम जैसे पानी की एक-एक बूंद इकट्ठा करती रहेगी, लेकिन जब जीत करीब आई तो पानी का घड़ा ही टूट गया. यहां ‘घड़ा टूटने’ से अर्थ मोहम्मद सिराज का वह विकेट है, जिसे देख सभी भारतवासियों का दिल टूट गया था. दरअसल इस मैच में टीम इंडिया से एक गलती ना होती तो शायद उसे आसान जीत मिल गई होती.

सिर्फ एक गलती और…

इंग्लैंड टीम टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने आई थी, जिसने जो रूट की 104 रनों की शतकीय पारी की बदौलत 387 रन बनाए थे. जब भारतीय टीम बैटिंग करने आई तो उसने 107 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे. पांचवें क्रम पर ऋषभ पंत बैटिंग करने आए, तो उनकी और केएल राहुल की जोड़ी ने अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए थे.

केएल राहुल और ऋषभ पंत के बीएच 141 रनों की पार्टनरशिप हो चुकी थी. जब भारत की पहली पारी का 66वां ओवर आया तो राहुल के साथ तालमेल की कमी के कारण पंत रन आउट हो गए. पंत काफी तेजी से स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ा रहे थे, लेकिन 74 के स्कोर पर रन आउट हो गए. बस फिर क्या था, एक-एक कर भारत के अन्य बल्लेबाज भी नियमित अंतराल पर अपना विकेट गंवाते रहे. हालांकि रवींद्र जडेजा की 72 रनों की पारी ने इंग्लैंड को बढ़त हासिल करने से रोक लिया था.

भारत की पहली पारी भी 387 के स्कोर पर समाप्त हुई, जिससे दोनों टीमों की पहली पारी के बाद किसी के पास बढ़त नहीं थी. अगर उस मौके पर पंत रन आउट ना हुए होते तो शायद भारतीय टीम पहली पारी में 40-50 रनों की बढ़त हासिल कर सकती थी. लॉर्ड्स मैदान का इतिहास गवाह रहा है कि यहां चेज कर पाना बहुत मुश्किल कार्य है. ऐसे में अगर टीम इंडिया को बढ़त मिली होती तो शायद उसे ज्यादा से ज्यादा 150 रनों का लक्ष्य मिला होता.

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ना गाड़ी का कांच टूटा, ना गोली का निशान… राहुल फाजिलपुरिया की थार पर फायरिंग की खबर झूठी?

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हरियाणवी सिंगर और रैपर राहुल फाजिलपुरिया पर गुरुग्राम की साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर फायरिंग का मामला सामने आया है, लेकिन इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. दावा किया गया कि अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं, हालांकि फाजिलपुरिया इस हमले में सुरक्षित बच गए. बताया जा रहा है कि घटना के समय वो अपनी सफेद रंग की थार कार में सवार थे और अपने फजलपुर स्थित कार्यालय से अपने घर जा रहे थे.

हालांकि, गुरुग्राम पुलिस ने अब तक इस फायरिंग की पुष्टि नहीं की है. पुलिस के मुताबिक, कथित घटनास्थल पर गोली चलने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं और इस मामले में जांच चल रही है. फाजिलपुरिया की गाड़ी पर ना तो कोई खरोंच है, ना कांच टूटा है और ना ही गोली लगने का कोई निशान मिला है. ये घटना शाम करीब 7 बजे की बताई गई है.

सड़क किनारे लगी ग्रिल पर मिला गोली जैसा निशान

  • मामले में जांच करते हुए गुरुग्राम पुलिस को सड़क किनारे लगी ग्रिल पर गोली जैसा एक निशान मिला है. पुलिस इसे जांच के लिए जब्त कर ले गई है. 
  • पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है.
  • पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि वाकई गोली चली थी या नहीं, और अगर चली थी तो उसका मकसद क्या था.
  • इस मामले में जब सिंगर राहुल फाजिलपुरिया को फोन किया गया तो उनका फोन बंद मिला. ऐसे में उनका पक्ष नहीं मिल पाया है.

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पुलिस सिक्योरिटी हटने के कुछ दिन बाद ही फायरिंग की खबर
राहुल फाजिलपुरिया के पास कुछ दिन पहले तक हरियाणा पुलिस की सिक्योरिटी थी. सिंगर की सिक्योरिटी में दो हरियाणा पुलिस के जवान तैनात थे. धमकी मिलने के बाद राहुल ने पुलिस से सिक्योरिटी मांगी थी. कुछ दिन पहले ही हरियाणा पुलिस ने सिक्योरिटी वापस ली थी और अब उन पर फायरिंग हो गई. 

कौन हैं राहुल फाजिलपुरिया?
राहुल फाजिलपुरिया का असली नाम राहुल यादव है. वो हरियाणवी और पंजाबी संगीत में एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें ‘लड़की ब्यूटीफुल कर गई चुल’ जैसे सुपरहिट गाने से नेशनल लेवल पर पहचान मिली. वो अपने देसी स्वैग, स्टाइलिश अंदाज और लग्जरी गाड़ियों के लिए भी जाने जाते हैं.

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कनाडा में रथ यात्रा जुलूस पर फेंके गए अंडे, भारत ने जताई नाराजगी, MEA बोला- ‘ऐसे नफरती काम…’

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ISKCON Rath Yatra Toronto:  कनाडा के टोरंटो में निकाली गई रथ यात्रा के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा अंडे फेंकने की घटना पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि यह त्योहार की भावना, जो एकता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देती है, के पूरी तरह खिलाफ है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने टोरंटो में रथ यात्रा के दौरान शरारती तत्वों द्वारा की गई गड़बड़ी की रिपोर्ट देखी है. इस प्रकार की निंदनीय हरकतें न केवल खेदजनक हैं बल्कि त्योहार की समावेशी भावना के भी विपरीत हैं.” उन्होंने बताया कि भारत ने इस मामले को कनाडाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि कनाडा सरकार भारतीय समुदाय के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी.

सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो

यह मामला उस समय सामने आया जब इंस्टाग्राम यूजर संगना बजाज ने रविवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह ISKCON की रथ यात्रा में भाग लेती नजर आ रही हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही यात्रा कम भीड़ वाले क्षेत्र में पहुंचती है, वहां सड़क पर टूटे हुए अंडे पड़े होते हैं. बजाज ने दावा किया कि यह अंडे पास की एक इमारत से फेंके गए.

 

विदेश मंत्रालय ने जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमने टोरंटो में रथ यात्रा के दौरान शरारती तत्वों द्वारा की गई गड़बड़ी की रिपोर्ट देखी है. इस प्रकार की निंदनीय हरकतें न केवल खेदजनक हैं बल्कि त्योहार की समावेशी भावना के भी विपरीत हैं.” उन्होंने बताया कि भारत ने इस मामले को कनाडाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि कनाडा सरकार भारतीय समुदाय के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी.

सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
यह मामला उस समय सामने आया जब इंस्टाग्राम यूजर संगना बजाज ने रविवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह ISKCON की रथ यात्रा में भाग लेती नजर आ रही हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही यात्रा कम भीड़ वाले क्षेत्र में पहुंचती है, वहां सड़क पर टूटे हुए अंडे पड़े होते हैं. बजाज ने दावा किया कि यह अंडे पास की एक इमारत से फेंके गए.



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जून में चीन ने दूसरे देशों को भर-भरकर भेजा सामान, रेयर अर्थ की शिपमेंट ने भी पकड़ी रफ्तार

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China Export Surge: अमेरिकी टैरिफ से अस्थायी छूट और गैर अमेरिकी बाजारों में मजबूत शिपमेंट के चलते जून में चीन का एक्सपोर्ट अनुमान से कहीं बेहतर रहा. सीमा शुल्क के आंकड़ों के मुताबिक, जून में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से चीन का निर्यात पिछले एक साल के मुकाबले 5.8 परसेंट तक बढ़ा. जबकि रॉयटर्स ने 5 परसेंट तक एक्सपोर्ट बढ़ने का अनुमान लगाया था. सिर्फ एक्सपोर्ट ही नहीं इम्पोर्ट भी पिछले एक साल के मुकाबले 1.1 परसेंट बढ़ा है. 

अमेरिका के लिए एक्सपोर्ट हुआ कम

हालांकि, यह लगातार तीसरा महीना है जब अमेरिका के लिए चीन के एक्सपोर्ट में कमी आई है. जून में अमेरिका के लिए चीन का एक्सपोर्ट 16.1 परसेंट तक कम हुआ. हालांकि, टैरिफ पर रोक लगने के बाद यह गिरावट पिछले महीने के मुकाबले कम रहा. मई में निर्यात में 34 परसेंट और आयात में 18 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई थी. जबकि जून में आयात में 15.5 परसेंट की गिरावट आई है.  

इन देशों के लिए एक्सपोर्ट में आई तेजी

अमेरिका के लिए चीन का एक्सपोर्ट भले ही कम हुआ है, लेकिन CNBC के मुताबिक, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए चीन के निर्यात में पिछले साल की तुलना में 16.8 परसेंट और यूरोपीय यूनियन के देशों के लिए निर्यात में 7.6 परसेंट तक का इजाफा हुआ है. हालांकि, इन जगहों से आयात में क्रमशः 0.08 परसेंट  और 0.41 परसेंट की मामूली वृद्धि हुई है. स्टील के एक्सपोर्ट में भी इस दौरान चीन काफी आगे रहा. जून में चीन का स्टील एक्सपोर्ट 10 परसेंट से अधिक बढ़कर 97 लाख टन हो गया. विंड इन्फॉर्मेशन के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कुल इस्पात निर्यात बढ़कर 307 लाख टन हो गया, जो एक रिकॉर्ड हाई लेवल है. 

रेयर अर्थ की शिपमेंट में भी आई तेजी

जून में चीन से रेयर अर्थ का एक्सपोर्ट भी पिछले महीने के मुकाबले 32 परसेंट बढ़ा है. अप्रैल में अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ लगाने के बाद जब चीन ने भी रेयर अर्थ मैग्नेट्स की शिपमेंट पर रोक लगा दी, तो अमेरिका में कई कारखाने बंद होने तक की नौबत आ गई. फिर जून में दोनों देशों के बीच इनकी सप्लाई के लिए कई समझौते हुए. जून में चीन ने मई के 5,864.6 मीट्रिक टन के मुकाबले 7,742.2 मीट्रिक टन रेयर अर्थ का एक्सपोर्ट किया. साल 2025 की पहली छमाही में चीन ने 32,569.2 टन रेयर अर्थ का निर्यात किया, जबकि पिछले साल इसी दौरान 29,095.2 टन का निर्यात हुआ था. 

 

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सेहत के लिए कितना खतरनाक है डिब्बा बंद खाना, क्यों है खतरे की घंटी?

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आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में डिब्बा बंद खाना हमारे लिए एक आसान और तेज ऑप्शन बन गया है. ये चीजें बेशक हमारा टाइम बचाती हैं, लेकिन हेल्थ के लिए एक बड़ी खतरे की घंटी साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि डिब्बा बंद खाना हमारी सेहत के लिए कितना खतरनाक है और क्यों.

डिब्बा बंद खाना क्यों है खतरे की घंटी?

  • हाई सोडियम और शुगर: डिब्बा बंद खाने में टेस्ट और प्रिजर्वेशन) के लिए सोडियम और शुगर की क्वांटिटी बहुत ज्यादा होती है. ज्यादा सॉल्ट हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ाता है. वहीं, ज्यादा शुगर से ओबेसिटी , टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन रेसिस्टेंस जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं.
  • अनहेल्दी फैट्स: इन प्रोडक्ट्स में अक्सर ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट का यूज होता है, जो हेल्थ के लिए बेहद हार्मफुल हैं. ये बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं, जिससे हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
  • प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल एडिटिव्स: डिब्बा बंद खाने को लॉन्ग टाइम तक फ्रेश रखने और कलर व टेस्ट बेहतर करने के लिए केमिकल प्रिजर्वेटिव्स, आर्टिफिशियल कलर्स और फ्लेवर मिलाए जाते हैं. ये केमिकल्स बॉडी में इनर इम्बैलेंस क्रिएट कर सकते हैं और एलर्जी , डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स और कुछ केसेज मामलों में कैंसर जैसी सीरियस डिजीज से भी जुड़े हो सकते हैं.
  • न्यूट्रिएंट्स की कमी: प्रोसेसिंग के दौरान डिब्बा बंद खाने में मौजूद कई जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर कम हो जाते हैं या फिनिश हो जाते हैं. न्यूट्रिएंट्स की कमी से बॉडी में वीकनेस आती है, इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और लॉन्ग टाइम में मालन्यूट्रिशन का खतरा बढ़ता है. वहीं, फाइबर की कमी से डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स जैसे कॉन्स्टिपेशन और ब्लोटिंग हो सकती हैं.
  • बिस्फेनॉल ए का रिस्क: कई डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट्स के कंटेनर की इनर लेयर पर बीपीण् नामक केमिकल का यूज होता है. स्टडीज से पता चला है कि बीपीए बॉडी में हार्मोनल इम्बैलेंस क्रिएट कर सकता है और कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स जैसे ओबेसिटी, डायबिटीज और रिप्रोडक्टिव प्रॉब्लम्स से जुड़ा हो सकता है.
  • अस्थमा और एलर्जी का रिस्क: कुछ रिसर्च बताती हैं कि डिब्बाबंद प्रोसेस्ड मीट में नाइट्राइट की क्वांटिटी ज्यादा होती है, जिससे ब्रीदिंग पाइप में स्वेलिंग हो सकती है और अस्थमा की प्रॉब्लम बढ़ सकती है.
  • डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स: डिब्बा बंद खाना हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर ज्यादा प्रेशर डालता है, जिससे यह नॉर्मली वर्क करने में  असमर्थ हो सकता है. इससे पेट से रिलेटेड प्रॉब्लम्स जैसे इनडाइजेशन, गैस, और इर्रेगुलर बाउल मूवमेंट की प्रॉब्लम हो सकती है.
  • अर्ली एजिंग: कुछ रिसर्च बताती हैं कि अत्यधिक प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद फूड का कंजम्पशन सेल्स और टिश्यूज को तेजी से बूढ़ा कर सकता है, जिससे बायोलॉजिकल एज या जैविक उम्र बढ़ जाती है.

ऐसे में क्या करें आप?

  • जितना हो सके फ्रेश और होममेड (घर का बना) खाना खाएं.
  • पैकेज्ड फूड के लेबल को केयरफुली पढ़ें और कम सोडियम, शुगर और अनहेल्दी फैट वाले प्रोडक्ट्स चूज करें.
  • फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, पल्सेस और होल ग्रेन को अपनी डाइट का मेन पार्ट बनाएं.
  • अगर डिब्बा बंद खाना खाना ही पड़े, तो उसे मॉडरेशन या कम मात्रा में खाएं.
  • कुल मिलाकर, डिब्बा बंद खाना हमारी सुविधा के लिए तो अच्छा है, लेकिन हमारी हेल्थ के लिए यह साइलेंट किलर साबित हो सकता है. इसलिए, हमें अपनी डाइट के प्रति सचेत रहना चाहिए और नेचुरल व होल फूड्स  को प्रेफरेंस देनी चाहिए.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Numerology Prediction: 15 जुलाई 2025, जानें मूलांक के अनुसार कैसा रहेगा आपका मंगलवार का दिन? पढ

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Daily Numerology Prediction: ज्योतिष शास्त्र में अंक ज्योतिष का विशेष महत्व होता है. जिस तरह ज्योतिष विद्या की मदद से हम व्यक्ति के भविष्य की जानकारी देते हैं, ठीक उसी तरह हम अंकशास्त्र की मदद से भविष्य में होने वाली घटनाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं. अंक शास्त्र को अंग्रेजी में न्यूरोलॉजी कहते हैं. अंक ज्योतिष में नव ग्रहों के आधार पर गणना की जाती है. आज हम जानेंगे, मंगलवार, 15 जुलाई 2025 का दैनिक अंक राशिफल.

मूलांक 1
मूलांक 1 वालों के लिए सोमवार का दिन अच्छा रहने वाला है. आपके दिन की शुरुआत अच्छी खबर से होगी. आज के दिन किसी यात्रा पर जाने की योजना बना सकते हैं. निवेश के मामले में दिन शुभ रहेगा. आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें.

मूलांक 2
मूलांक 2 वालों के लिए सोमवार का दिन काम के लिहाज से व्यस्त रहने वाला है. जो लोग व्यापार से जुड़े हुए हैं उनके लिए आज का दिन मुनाफे से भरा रहने वाला है. करियर को लेकर किसी खास मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं. 

मूलांक 3
मूलांक 3 वालों के लिए सोमवार का दिन सेहत के लिहाज से खास होने वाला है. व्यापार में नुकसान के चलते तनाव ले सकते हैं. जिन लोगों को शारीरिक समस्या है, उन्हें व्यायाम करने की सलाह दी जाती है.

मूलांक 4
मूलांक 4 वालों के लिए सोमवार का दिन सेहत के लिहाज से अच्छा जाने वाला है. निवेश के मामले में सावधानी बरतें. किसी खास दोस्त की वजह से मन और मस्तिष्क दोनों तनाव की स्थिति से गुजर सकता है.

मूलांक 5 
मूलांक 5 वालों के लिए सोमवार का दिन थोड़ा तनाव में गुजर सकता है. पारिवारिक कलह-क्लेश को लेकर मन में किसी भी काम में नहीं लगेगा. इस दौरान बुरे ख्याल को खुद पर हावी नहीं होने दें. ये समय आपके प्यार के लिए बेहद खास होने वाला है.

मूलांक 6
मूलांक 6 वालों के लिए सोमवार का दिन आत्मविश्वास से भरा रहने वाला है. कार्यक्षेत्र पर काम का दबाव बढ़ेगा. किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है. ये समय आपके प्यार के लिए खास होने वाला है. 

मूलांक 7
मूलांक 7 वालों के लिए सोमवार का दिन अच्छा जाने वाला है. पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें. किसी दोस्त के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं. ये समय आपकी जिंदगी में संवेदनशील समय है, ऐसे मौके पर परिस्थितियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश करें.

मूलांक 8 
मूलांक 8 वालों के लिए सोमवार का दिन थोड़ा कष्टकारी होने वाला है. ये समय आपके प्यार के लिहाज से अच्छा जाने वाला है. किसी खास दोस्तों की पैसों से मदद कर सकते हैं. शादीशुदा लोगों के जीवन में आज का दिन तनाव भरा हो सकता है. 

मूलांक 9 
मूलांक 9 वालों के लिए सोमवार का दिन अवसर से भरा रहने वाला है. नई नौकरी के लिए कई जगह से मेल आ सकता है. इस दौरान इंटरव्यू की तैयारी पूरी रखें. जिन लोगों के जीवन में पारिवारिक क्लेश है, ऐसे लोगों को संयम से काम लेना चाहिए. ये समय आपके प्यार के लिए खास रहने वाला है. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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Elon Musk या Mark Zuckerberg! कौन कमाता है ज्यादा पैसे, जानें तकनीकी दुनिया में किसका है दबदबा

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Elon Musk vs Mark Zuckerberg: आज की दुनिया में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जिन दो नामों की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, वो हैं एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग. एक ओर एलन मस्क हैं, जो स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ दुनिया को भविष्य की ओर ले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मार्क जुकरबर्ग हैं जिन्होंने सोशल मीडिया की परिभाषा ही बदल दी है. दोनों ही दिग्गज अपने-अपने क्षेत्र के बादशाह माने जाते हैं लेकिन जब बात आती है कमाई की और प्रभाव की तो मुकाबला और दिलचस्प हो जाता है.

Elon Musk

एलन मस्क की पहचान एक इनोवेटर और रिस्क लेने वाले उद्योगपति के रूप में होती है. उनकी कंपनियों में टेस्ला, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक, और हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित xAI शामिल हैं. टेस्ला के शेयरों में तेजी और स्पेसएक्स के बढ़ते मिशनों ने उनकी संपत्ति को जबरदस्त रफ्तार दी है. मस्क की कुल संपत्ति इस समय करीब 230 अरब डॉलर के पार मानी जा रही है जिससे वे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार हो चुके हैं. उनका विजन सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने तक के सपने देख रहे हैं.

Mark Zuckerberg 

दूसरी ओर, मार्क जुकरबर्ग ने एक कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरुआत कर Facebook जैसा ग्लोबल सोशल नेटवर्क तैयार किया जिसने पूरी दुनिया के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ दिया. समय के साथ Instagram और WhatsApp को भी उन्होंने अपने साम्राज्य में शामिल किया और Meta नाम से कंपनी का नया रूप दिया. जुकरबर्ग की संपत्ति भी 150 अरब डॉलर से ज्यादा बताई जाती है लेकिन मेटावर्स में उनके बड़े निवेशों और तकनीकी प्रयोगों ने कभी-कभी उनकी कमाई में उतार-चढ़ाव भी लाया है.

कमाई के मामले में कौन आगे

कमाई के मामले में एलन मस्क साफ तौर पर आगे हैं लेकिन तकनीकी प्रभाव की बात की जाए तो दोनों के अपने-अपने क्षेत्र में बेहद गहरा असर हैं. मस्क जहां भविष्य की तकनीक को गढ़ रहे हैं वहीं जुकरबर्ग लोगों की डिजिटल दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं. मस्क की तकनीकें जैसे कि सेल्फ-ड्राइविंग कार, रॉकेट लॉन्च और ब्रेन-चिप इम्प्लांट जैसे प्रोजेक्ट उन्हें एक विजनरी के रूप में स्थापित करती हैं जबकि जुकरबर्ग का फोकस डिजिटल कम्युनिकेशन और वर्चुअल रियलिटी पर है.

दोनों की लोकप्रियता भी कमाल की है. एलन मस्क अपने ट्वीट्स और निर्णयों से सुर्खियों में रहते हैं तो जुकरबर्ग अपनी नई टेक्नोलॉजी और ऐप्स के जरिए यूजर्स के बीच बने रहते हैं.

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यूपी में टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर- TGT एडमिट कार्ड को लेकर आया अपडेट

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उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है. यूपी में टीजीटी यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (Trained Graduate Teacher) की भर्ती परीक्षा होने वाली है. यह परीक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) कराता है. इस बार UP TGT परीक्षा 21 और 22 जुलाई 2025 को पूरे राज्य में आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा के जरिए हजारों पदों पर टीचर भर्ती की जाएगी. अगर आपने इस भर्ती के लिए फॉर्म भरा था, तो अब आपको परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड यानी हॉल टिकट की जरूरत होगी, जो जल्द ही बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा.

ऐसे डाउनलोड कर पाएंगे अपना एडमिट कार्ड

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) बहुत जल्द UP TGT परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी करेगा. बोर्ड इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट upsessb.pariksha.nic.in पर उपलब्ध कराएगा. एक बार एडमिट कार्ड लिंक सक्रिय हो जाने के बाद, उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड की मदद से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे.

UP TGT परीक्षा 21 और 22 जुलाई को आयोजित होनी है, ऐसे में एडमिट कार्ड परीक्षा से लगभग एक हफ्ते पहले यानी दूसरे सप्ताह के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है. परीक्षा राज्य के अलग-अलग शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर होगी. जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, वे परीक्षा से पहले अपना हॉल टिकट जरूर डाउनलोड कर लें, क्योंकि बिना एडमिट कार्ड के एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं मिलेगी.

इन बातों का रखें खास ख्याल

एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, परीक्षा का स्थान, तारीख और समय जैसी जरूरी जानकारी होती है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उस पर लिखी सभी जानकारियों को ध्यान से पढ़ लें और परीक्षा से पहले उसकी एक प्रिंट कॉपी निकाल लें. बोर्ड की वेबसाइट के अलावा, जब एडमिट कार्ड जारी हो जाएगा, तो उसकी डायरेक्ट लिंक भी दी जाएगी जिससे आप सीधे हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे. साथ ही किसी भी तरह की गलती या परेशानी होने पर उम्मीदवार बोर्ड की हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं.

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यूक्रेन को हथियार देने के अमेरिकी ऐलान पर NATO में पड़ी फूट! ये सदस्य देश बोला- ‘एक रुपया भी नह

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नाटो (NATO) के सदस्य देश हंगरी ने झटका दिया है. अमेरिका नाटो के जरिए यूक्रेन को सप्लाई करना चाहता है, जिसका समर्थन करने से हंगरी ने इनकार कर दिया है. हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो ने कहा कि यदि यूरोपीय यूनियन के सामने इस तरह की कोई आधिकारिक प्रस्ताव आता है तो हंगरी इसमें भाग नहीं लेगा.

यूक्रेन नहीं भेजे जाएंगे एक भी हथियार- हंगरी

पीटर सिज्जार्टो ने कहा ने कहा कि किसी भी हालत में हगंरी का एक भी पैसा, हथियार या सैनिक यूक्रेन नहीं भेजे जाएंगे. इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (14 जुलाई 2025) को नाटो सहयोगियों के साथ यूक्रेन को और हथियार भेजने के समझौते की घोषणा की है. उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ ओवल ऑफिस में एक बैठक के दौरान ये बातें कहा है.

नाटो के जरिए यूक्रेन को हथियार देगा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (10 जुलाई 2024) को कहा कि अमेरिका नाटो के माध्यम से यूक्रेन को हथियार भेजेगा और नाटो इन हथियारों का पूरा खर्च देगा. बताया जा रहा है कि अमेरिका 300 मिलियन डॉलर (2.5 हजार करोड़ रुपये) का हथियार यूक्रेन को भेजने की तैयारी कर रहा है, जिसमें पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और मीडियम रेंज के रॉकेट शामिल हैं.

नाटो महासचिव मार्क रूट के मुताबिक यह यूक्रेन को हथियारों की सिर्फ पहली खेप होगी और आगे भी उसे हथियार भेजे जाएंगे. रूसी हवाई हमलों के खिलाफ यूक्रेन की सुरक्षा के लिए पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें काफी अहम हैं. अमेरिका में बना यह घातक हथियार ही रूसी  बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है.

ट्रंप ने जंग खत्म करने को लेकर पुतिन को दी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को धमकी देते हुए कहा कि अगर 50 दिनों के भीतर यूक्रेन में जंग खत्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो रूस पर 100 फीसदी सेकेंडरी टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने कहा, “मैं व्यापार का उपयोग कई चीजों के लिए करता हूं, लेकिन यह जंग को खत्म करने में अच्छा साबित होगा.”

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