2025 में अमीर बना सकते हैं आपके पुराने iPhones! जानें किस मॉडल की भारत में कितनी मिल रही कीमत

[ad_1]

Old iPhones: अगर आपके पास पुराने iPhone मॉडल्स अब भी सुरक्षित रखे हुए हैं, तो यह वक्त है उन्हें संभाल कर रखने का क्योंकि वो आपकी किस्मत बदल सकते हैं. जैसे-जैसे Apple की नई iPhone 16 सीरीज़ लोकप्रिय हो रही है, कई लोग पुराने मॉडल्स को अपग्रेड कर रहे हैं. ऐसे में कुछ पुराने iPhones अब “विंटेज” या “कलेक्टर्स आइटम” की कैटेगरी में आ चुके हैं जिनकी कीमत लाखों में पहुंच रही है. दुनिया भर में ऐसे कलेक्टर्स हैं जो इन खास iPhone यूनिट्स के लिए बड़ी रकम चुकाने को तैयार हैं.

पहला iPhone (2007 – iPhone 2G)

2007 में लॉन्च हुआ पहला iPhone यानी iPhone 2G अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है. हाल ही में इसकी सील्ड 8GB यूनिट की नीलामी करीब ₹1.5 करोड़ में हुई. अगर आपके पास यह मॉडल ओपन स्थिति में भी अच्छी कंडीशन में है तो उसकी कीमत भारत में 50,000 से 2 लाख रुपये तक हो सकती है.

iPhone 3G (2008)

हालांकि यह पहले iPhone जितना रेयर नहीं है, लेकिन इसका कर्वड बैक और पहली बार ऐप स्टोर की शुरुआत इसे एक खास पहचान देता है. अच्छी हालत में यह मॉडल कलेक्टर्स के लिए काफी आकर्षक है. इस फोन को 50 हजार रुपये तक बेचा जा सकता है.

iPhone 4 (2010 – स्टीव जॉब्स युग की पहचान)

ग्लास बॉडी और Retina डिस्प्ले के साथ आया iPhone 4 Apple के डिज़ाइन में बड़ा बदलाव लाया था. यह मॉडल आज भी स्टाइल और क्लास का प्रतीक माना जाता है. लिमिटेड एडिशन या मिंट कंडीशन में इसकी कीमत अच्छी खासी हो सकती है. इस फोन की अनुमानित कीमत 15 हजार से 75 हजार रुपये तक हो सकती है.

iPhone 5 (2012 – स्टीव जॉब्स का आखिरी ड्रीम)

यह आखिरी iPhone था जिसे स्टीव जॉब्स ने डिज़ाइन में मार्गदर्शन दिया था. यह मॉडल इतिहास से जुड़ा है और इस वजह से कई कलेक्टर्स इसे इमोशनल वैल्यू के रूप में खरीदना चाहते हैं. इस फोन की अनुमानित कीमत 15 से 35 हजार रुपये तक हो सकती है.

iPhone SE (पहली पीढ़ी, 2016)

iPhone 5s जैसा लुक, लेकिन अंदर से पावरफुल – पहली जेनरेशन का SE अब एक कल्ट फैनबेस बना रहा है. अगर यह यूनिट सील्ड या बेहतरीन हालत में है, तो आने वाले वर्षों में इसकी कीमत और बढ़ सकती है. अगर आपके पास इन iPhones में से कोई भी यूनिट सील्ड पैक में है तो उसे कभी न खोलें. ऐसी यूनिट्स की नीलामी में कीमतें आसमान छूती हैं. कलेक्टर्स और ऑक्शन हाउस सील्ड प्रोडक्ट्स के लिए भारी प्रीमियम देते हैं.

यह भी पढ़ें:

हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल! भारतीय वायुसेना का अगला ‘ब्रह्मास्त्र’ जो दुश्मन को 5500 किमी दूर से हिला देगा

[ad_2]

पुरुष या महिला, किसे पहले होता है लंग कैंसर?

[ad_1]

Lung Cancer in Women or Men: अक्सर हम सोचते हैं कि लंग कैंसर सिर्फ पुरुषों को ही होता है, वो भी उन लोगों को जो धूम्रपान करते हैं. लेकिन क्या यह पूरी सच्चाई है? क्या महिलाओं को इससे खतरा नहीं है? या फिर विज्ञान कुछ और कहता है? आइए जानते हैं कि पुरुष और महिला, इन दोनों में लंग कैंसर का खतरा किसे ज्यादा होता है और क्यों।

क्या पुरुषों को ज्यादा खतरा है?

आंकड़ों की बात करें तो दुनिया भर में पुरुषों में लंग कैंसर के मामले महिलाओं की तुलना में अधिक सामने आते हैं। खासकर विकासशील देशों में जहां पुरुषों में तंबाकू सेवन का प्रतिशत अधिक है. धूम्रपान, बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, ये सभी लंग कैंसर के प्रमुख कारण माने जाते हैं.

ये भी पढ़े- रात में नींद से उठकर बार-बार पानी पीते हैं आप, जानिए ये किस बीमारी की शुरुआत?

महिलाओं को भी कम खतरा नहीं

महिलाएं अक्सर धूम्रपान नहीं करतीं, फिर भी उन्हें लंग कैंसर हो सकता है.  पैसिव स्मोकिंग यानी दूसरों के धुएं के संपर्क में आना, इनडोर एयर पॉल्यूशन, किचन में लकड़ी या कोयले से जलने वाला धुआं और जेनेटिक कारण भी हो सकता है. कई शोध बताते हैं कि कुछ महिलाओं में ऐसे जीन होते हैं, जो उन्हें लंग कैंसर के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं, भले ही उन्होंने कभी धूम्रपान न किया हो.

पुरुष बनाम महिला-  कौन ज्यादा रिस्क में है

धूम्रपान करने वाले पुरुषों में लंग कैंसर का रिस्क अधिक होता है

धूम्रपान न करने वाली महिलाओं में भी रिस्क मौजूद है, लेकिन यह धीरे-धीरे बढ़ रहा है, क्योंकि शहरी जीवनशैली और प्रदूषण ने महिलाओं को प्रभावित किया है

कुछ अध्ययनों के अनुसार, महिलाएं लंग कैंसर के कुछ खास प्रकारों के लिए अधिक संवेदनशील होती हैं

बचाव के लिए क्या करना चाहिए 

धूम्रपान बंद करें – सबसे पहला और जरूरी कदम

पैसिव स्मोकिंग से बचें– बच्चों और महिलाओं को इसका सबसे ज्यादा खतरा होता है

रसोई में वेंटिलेशन रखें– खाना बनाते समय धुएं से बचें

प्रदूषण से बचाव करें– मास्क पहनें, एयर प्यूरिफायर का प्रयोग करें

लंग कैंसर किसी एक लिंग का रोग नहीं है. यह किसी को भी हो सकता है, पुरुष या महिला.फर्क सिर्फ इतना है कि खतरे के कारण और शरीर की प्रतिक्रिया दोनों में अंतर होता है. जरूरी है कि हम जागरूक हों, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच कराएं. क्योंकि जिंदगी की कीमत सबसे ऊपर है. 

ये भी पढ़ें: किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]

विदेशों में रह रहे भारतीयों का कमाल, पहली बार रिकॉर्ड इतने पैसे भेजे अपने घर

[ad_1]

Diaspora Remittances Hit New Record: भारत की अर्थव्यवस्था में प्रवासी भारतीयों का कितना योगदान है, ये बात आप इस खबर से समझ सकते हैं, जहां पिछले वित्त वर्ष के दौरान उन्होंने एफडीआई से भी ज्यादा पैसे अपने घर भेजे हैं. प्रवासी भारतीयों ने अपने परिवारों को पैसा भेजने में रिकॉर्ड कायम किया है. फाइनेंशियल ईयर 2024-45 के दौरान विदेशों में रह रहे भारतीय लोगों ने 135.46 अरब डॉलर यानी करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये अपने परिवारों को भेजे हैं. अब तक किसी भी साल में प्रवासी भारतीयों की तरफ से भेजी गई सबसे बड़ी राशि है.

पैसे भेजने में प्रवासी भारतीयों की रिकॉर्ड

आठ साल पहले प्रवासी भारतीय की तरफ से 61 अरब डॉलर की राशि भेजी गई थी, लेकिन आज ये रकम दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. यानी, सालाना आधार पर अगर नजर डालें तो इसमें करीब 16 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. ये आंकड़ा विदेश में रहने वाले भारतीय की आर्थिक समृद्धि को जाहिर करता है.

पिछले करीब 10 वर्षों के आंकड़े को देखें तो भारत सबसे ज्यादा रेमिटेंस हासिल करने वाला देश है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट इस बात की तस्दीक करती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्सिको साल 2024 में 5.8 लाख करोड़ रेमिटेंस के साथ दूसरे और उसके बाद 4.1 लाख करोड़ रुपये के साथ चीन तीसरे नंबर पर रहा है.

रेमिटेंस से व्यापार घाटे की भरपाई

आठ सारल में रेमिटेंस की रकम करीब दोगुनी हो चुकी है. फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के दौरान रेमिटेंस 6 लाख करोड़, 2015-16 के दौरान 5.62 लाख करोड़, 2016-17 के दौरान 5.26 लाख करोड़, 2017-18 के दौरान 5.93 लाख करोड़, 2018-19 के दौरान 6.55 लाख करोड़, 2019-2020 के दौरान 7.13 लाख करोड़, 2020-21 के दौरान 6.87 लाख करोड़ आए.

वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 7.64 लाख करोड़, 2022-23 के दौरान 9.64 लाख करोड़, 2023-24 के दौरान 10.18 लाख करोड़ और 2025-25 के दौरान 11.63 लाख करोड़ रुपये भारत को हासिल हुआ. आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि विदेशों से जो पैसे आए हैं, उनमें कुल रेमिटेंस में से ब्रिटेन, अमेरिका और सिंगापुर की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत है. यानी रेमिटेंस से हमारे व्यापार घाटे से करीब 47 प्रतिशत तक की भरपाई हो जाती है.

ये भी पढ़ें: Gold Rate Today: जुलाई महीने के पहले ही दिन सस्ता हो गया गोल्ड, जानें आज अपने शहर का ताजा भाव

[ad_2]

नदी में अचानक आया सैलाब, बहने लगीं लड़कियां; ये वीडियो देखकर सिहर उठेंगे आप

[ad_1]

बारिश और सावन का मौसम हर किसी को सुहाना लगता है. लेकिन कई बार ये जानलेवा भी हो सकता है. जी हां, इस बार भी बारिश का मौसम है, हरियाली है, लेकिन खौफ भी है. इस बार डर की ये तस्वीर आई है बिहार के गया से, जहां एक खूबसूरत झरना पिकनिक स्पॉट नहीं, पल भर में मौत का दरवाजा बन गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. वीडियो में तेज बहाव वाले झरने में मस्ती करते लोग एक झटके में तबाही के मुहाने पर पहुंच जाते हैं. चीख-पुकार, बहता पानी और बहती जिंदगी, ये सब कुछ चंद सेकंड्स में घटा और जिसने भी देखा, उसकी सांसें थम गईं.

गया जी में झरने के तेज बहाव में बह गई लड़कियां

बिहार के गया जिले से एक बेहद खौफनाक वीडियो सामने आया है, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि कुछ लोग बारिश के मौसम में घूमने के लिए इलाके के एक झरने पर पहुंचे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. लोग झरने के पानी में मस्ती कर रहे थे, सेल्फी ले रहे थे और बरसात के मजे ले रहे थे. लेकिन तभी हालात बदल गए. वीडियो में देखा जा सकता है कि झरने का बहाव अचानक बहुत तेज हो जाता है.

बड़ी मशक्कत के बाद बचाई जा सकी जान!

तेज धार इतनी ताकतवर होती है कि वहां मौजूद 3 से 4 लड़कियां उसमें फिसल जाती हैं और पानी के साथ बहने लगती हैं. वहां मौजूद लोग तुरंत हरकत में आते हैं और लड़कियों को बचाने की कोशिश शुरू कर देते हैं. कुछ लोग जान की परवाह किए बिना पानी में कूदते हैं और फिर बताया जाता है कि काफी मशक्कत के बाद लड़कियों को बाहर निकालने में सफलता मिल जाती है.

इस पूरे हादसे के दौरान वहां अफरा-तफरी मच जाती है. किसी की चीख निकलती है, कोई मदद के लिए चिल्लाता है. राहत की बात यह रही कि समय रहते सबको बचा लिया गया, वरना यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था. वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स भी खौफ में हैं, जिसके बाद वो अपना प्रतिक्रियाएं भी कमेंट बॉक्स में शेयर कर रहे हैं.

खौफ खा गए यूजर्स

वीडियो को @thebiharoffice नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भले ही किसी की जान पर बन आए, लेकिन वीडियो बनाना जरूरी है. एक और यूजर ने लिखा…और जाओ पानी के नजदीक. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अभी तो बैंड बज जाता, अच्छा हुआ बचा लिया गया.

ये भी पढ़ें – अब बना है ये विषकुट! शख्स ने बना डाला पारले-जी वाला ऑमलेट, वीडियो देख भड़के यूजर्स


नब्ज चल रही थी आंखे बंद थी… शेफाली जरीवाला के आखिरी पल थे बेहद दर्दनाक

[ad_1]

Shefali Jariwala Death: 27 जून को 42 साल की उम्र में अभिनेत्री-मॉडल शेफाली जरीवाला की अचानक मौत ने उनके चाहने वालों और टेलीविजन इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया था. फैंस अब भी एक्ट्रेस की मौत पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं. वहीं शेफाली की करीबी दोस्त और एक्ट्रेस पूजा घई ने पत्रकार विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में शेफाली की मौत की रात क्या हुआ था इस बारे में खुलकर बात की है.

शेफाली की मौत वाले दिन घर पर हुई थी सत्यनारायण की पूजा
उस रात को याद करते हुए पूजा ने कहा, “लेकिन मैंने परिवार और पराग से जो समझा है, वह यह है कि उस दिन एक सुंदर सत्यनारायण की पूजा हुई थी. रियली, अगले दिन जब हम शेफाली को अंतिम संस्कार के लिए घर पर लाए तो मैंने देखा कि पूरा घर पूजा के लिए सजाया गया था. इसलिए घर पर सत्यनारायण की पूजा थी और उन्होंने घर पर एक ब्यूटीफुल पूजा सेटअप तैयार किया था.”

पूजा ने बताया कि शेफाली ने हमेशा की तरह खाना खाया और पराग से डॉग को घुमाने के लिए कहा था. पूजा ने बताया, “और जैसे ही वह नीचे गया, जाहिर तौर पर उसे बुलाया गया. घर की हाउस हेल्प ने पराग को कॉल किया और कहा, ‘दीदी की तबियत ठीक नहीं है. क्या आप ऊपर आ सकते हैं और उनका ख्याल रख सकते हैं?’ इस पर पराग ने कहा,” डॉग बहुत ओल्ड है, और उसने हेल्पर से कहा मैं अभी टहलने के लिए नीचे आया हूं तो क्यों न तुम नीचे आओ, उसे टहलाओ और मैं ऊपर आ जाऊंगा.’

 


आंखें बंद थी लेकिन नब्ज चल रही थी
उन्होंने बताया कि इसके बाद जो हुआ, उससे सभी लोग हिल गए. पूजा ने बताया, “वह लिफ्ट के नीचे इंतजार कर रहा था, हेल्पर नीचे आया, उसने डॉग को सौंप दिया और जब वह ऊपर गया, तो पराग ने कहा कि उसकी नब्ज अभी भी चल रही थीं लेकिन उसकी आँखें नहीं खुल रही थीं इसलिए उसे तुरंत एहसास हो गया होगा कि कुछ गड़बड़ ज़रूर है, और वह उसे अस्पताल ले गया… बेलव्यू में लाए जाने से पहले ही वह मर चुकी थीं.”

अस्पताल पहुचने से पहले ही हो गई थी शेफाली की मौत
चार्टबस्टर म्यूज़िक वीडियो कांटा लगा में अभिनय करने के बाद घर-घर में मशहूर हुईं शेफाली बिग बॉस 13 में भी नज़र आईं थीं. बेलव्यू मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के अनुसार, 27 जून को रात 11.15 बजे के आसपास एक्ट्रेस को “मृत लाया गया” घोषित किया गया था.

ये भी पढ़ें:-16 साल की उम्र में हुई शादी, 17 में बनी मां और 18 में हुआ तलाक, फिर बनीं टीवी की सबसे ग्लैमरस विलेन



[ad_2]

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने कश्मीर पर उगला जहर, भारत को दी फिर धमकी- ‘हमला किया तो…’

[ad_1]

Asim Munir Jammu Kashmir: पाकिस्तान अक्सर भारत के खिलाफ आतंकी साजिश की कोशिश में लगा रहता है. पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. भारत ने इसका बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया था. पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर इससे पहले और इसके बाद भी भारत के खिलाफ जहर उगल चुके हैं. अब उन्होंने जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को सही ठहराया है. मुनीर ने एक बार फिर भड़काऊ भाषण दिया है.

दरअसल आसिम मुनीर कराची में पाकिस्तानी नौसेना अकादमी में आयोजित एक पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेने पहुंचे थे. उन्होंने यहां भाषण के दौरान कहा कि पाकिस्तान हमेशा कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा. मुनीर ने कहा कि अगर भारत अटैक करेगा तो पाकिस्तान भी जवाब देगा. मुनीर ने इस दौरान भारत और कश्मीर को लेकर कई भड़काऊ बातें भी कहीं.

कश्मीर और आतंकवाद को लेकर क्या बोले मुनीर

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक आसिम मुनीर ने कहा, ”भारत जिसे आतंकवाद कहता है, वह वैध संघर्ष है. पाकिस्तान हमेशा कश्मीर की मदद करता रहेगा.” मुनीर यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा, ”अगर भारत भविष्य में हमला करेगा तो पाकिस्तान भी जवाब देगा. ऐसा दो बार करके दिखा चुके हैं. पहले 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक को विफल किया और अब ऑपरेशन सिंदूर को.”

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दिया था. उसने सौ से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था. पाकिस्तानी सेना ने इस दौरान कई भारतीय शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. सेना ने पाक को इसके बाद भारी नुकसान पहुंचाया. पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी. हालांकि इसके बाद दोनों ही देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई थी. भारत की नौसेना भी पाकिस्तान को गहरा नुकसान पहुंचाने वाली थी, एक रिपोर्ट के मुताबिक नौसेना टारगेट सेट करके बैठी थी, लेकिन उसे आदेश नहीं दिया गया था.

[ad_2]

भारत की इस नई मिसाइल को देख उड़ जाएंगे चीन और पाकिस्तान के होश! जानें किस एडवांस तकनीक पर काम क

[ad_1]

Astra MKII: भारत में विकसित की गई आधुनिक अस्त्र MkII एयर-टू-एयर मिसाइल अब अपने आखिरी परीक्षण चरण में पहुंच चुकी है. इसके बाद इसे भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपा जाएगा ताकि उपयोगकर्ता स्तर पर इसका मूल्यांकन शुरू हो सके. यह एक बड़ा मील का पत्थर है जो भारतीय वायुशक्ति को नई मजबूती देगा और देश की वायु रक्षा प्रणाली को और उन्नत बनाएगा.

सख्त परीक्षणों के बाद अब बड़े स्तर पर ट्रायल की तैयारी

अस्त्र MkII को अब तक कई कठोर परीक्षणों से गुजरना पड़ा है जिनमें कैप्टिव फ्लाइट, सेपरेशन ट्रायल, बिना गाइडेंस के डुअल-पल्स मोटर टेस्ट और गाइडेंस सिस्टम की जांच शामिल है. इन परीक्षणों के सफल परिणामों के बाद अब इसे ड्रोन लक्ष्यों के खिलाफ बड़े पैमाने पर लाइव फायरिंग ट्रायल के लिए तैयार किया जा रहा है. अगर ये भी सफल रहते हैं तो यह मिसाइल भारतीय वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों जैसे तेजस MkIA और MkII, Su-30MKI, राफेल, और भविष्य के AMCA में शामिल की जाएगी.

तेजस

तेजस MkIA और MkII भारत के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) प्रोग्राम का हिस्सा हैं जो पुराने मिग विमानों को हटाने के लिए तैयार किया गया है. MkIA वर्जन में बेहतर एवियोनिक्स, अपग्रेडेड रडार और हथियार ले जाने की अधिक क्षमता दी गई है. लगभग 40 तेजस MkIA विमान वर्तमान में सेवा में हैं. MkII, जो अभी विकास के चरण में है, और भी शक्तिशाली इंजन और नई तकनीकों से लैस होगा. दोनों वर्जन हवाई और जमीनी हमलों के लिए पूरी तरह सक्षम हैं.

Su-30MKI है भारतीय वायुसेना की रीढ़

Su-30MKI एक बहुउद्देशीय फाइटर है जिसे रूस की सुखोई कंपनी ने भारत के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया है. इसमें भारतीय, फ्रेंच और इजरायली तकनीक का समावेश है. वर्ष 2002 से यह विमान भारतीय वायुसेना में शामिल है और अब तक इसके 260 से अधिक यूनिट सक्रिय सेवा में हैं. यह विमान BVR लड़ाई, ग्राउंड अटैक और समुद्री हमलों के लिए पूरी तरह सक्षम है, साथ ही इसमें शक्तिशाली रडार और थ्रस्ट वेक्टरिंग इंजन लगे हैं.

राफेल

राफेल, फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक फाइटर है. भारत ने 2016 में इसके 36 यूनिट का ऑर्डर दिया था, जिनकी डिलीवरी 2020 से शुरू हुई. यह विमान कई भूमिकाओं में दक्ष है—चाहे वह हवाई लड़ाई हो, परमाणु हमले हों या रीकॉन मिशन. इसकी विशेषता इसकी स्टील्थ तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स, और मेटिओर एवं SCALP जैसे घातक हथियारों को ले जाने की क्षमता है.

AMCA

AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर प्रोजेक्ट है, जो आने वाले दशकों में भारतीय वायुसेना की ताकत बनेगा. इसमें सुपरक्रूज़ क्षमता, स्टील्थ डिजाइन और इंटरनल वेपन बे जैसे फीचर्स होंगे. इसका निर्माण 2020 के उत्तरार्ध में शुरू होने की उम्मीद है और सेवा में आने की संभावना 2030 के आसपास मानी जा रही है.

Astra MkII

अस्त्र MkII को अमेरिका की AIM-120D AMRAAM जैसी आधुनिक मिसाइलों की श्रेणी में रखा जा रहा है. यह मिसाइल 160 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक दुश्मन के विमान को लक्ष्य बना सकती है, खासकर जब इसे ऊंचाई से लॉन्च किया जाए. इसकी यह क्षमता इसे दुनिया की सबसे घातक एयर-टू-एयर मिसाइलों में शामिल करती है.

भारत को मिलेगी रणनीतिक बढ़त और आत्मनिर्भरता

अस्त्र MkII का भारतीय वायुसेना में समावेश, न केवल देश की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि विदेशी हथियारों पर निर्भरता को भी कम करेगा. इसकी बहु-विमान संगतता इसे एक बेहद लचीला और रणनीतिक हथियार बनाती है. यह भारत की मेक इन इंडिया नीति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को मजबूती से दर्शाता है.

इन एडवांस तकनीक पर करेगा काम

ड्यूल-पल्स रॉकेट मोटर तकनीक

Astra MkII की सबसे खास बात इसका Dual-Pulse Solid Rocket Motor है. इस तकनीक में दो अलग-अलग स्टेज की प्रोपल्शन यूनिट होती हैं पहला चरण मिसाइल को तेज़ी से लॉन्च करता है और दूसरा चरण उसे अंतिम टारगेट तक अधिक वेग और सटीकता के साथ पहुंचाता है. यह दोहरी ऊर्जा प्रणाली मिसाइल को 160 किलोमीटर या उससे अधिक की दूरी तक मार करने में सक्षम बनाती है.

Active Radar Homing Seeker

मिसाइल में लगाया गया एक्टिव रडार होमिंग सीकर इसे दुश्मन के फाइटर जेट्स या टारगेट को सटीकता से पहचानने और फॉलो करने की क्षमता देता है. यह तकनीक मिसाइल को अंतिम समय तक लक्ष्य से जुड़े रहने और इलेक्ट्रॉनिक जामिंग (जैसे दुश्मन द्वारा भेजा गया फेक सिग्नल) को भी मात देने में मदद करती है.

इन्फ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर रेसिस्टेंस

Astra MkII को आधुनिक ECCM (Electronic Counter-Countermeasures) तकनीक से भी लैस किया गया है, जिससे यह दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम का प्रभावी तरीके से मुकाबला कर सकती है. इसके अलावा यह इन्फ्रारेड इंटरफेरेंस से भी प्रभावित नहीं होती, जिससे इसकी टारगेट लॉकिंग क्षमता और बढ़ जाती है.

डिजिटल फायर कंट्रोल और फ्लाइट मैनेजमेंट

इस मिसाइल में एक इंटीग्रेटेड डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम होता है, जो फ्लाइट पथ, टारगेट की गति, ऊंचाई और दिशा के आधार पर खुद-ब-खुद सबसे प्रभावी मार्ग चुनता है. इसमें लगा स्मार्ट फ्लाइट कंप्यूटर रीयल टाइम डेटा प्रोसेस करता है और तेजी से निर्णय लेता है.

यह भी पढ़ें:

भारतीय वायुसेना को मिलेगी नई शक्ति! DRDO बना रहा कम लागत वाली एडवांस्ड एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल, जानें किस तकनीक पर करेगा काम

[ad_2]

कुलदीप यादव और इस गेंदबाज को प्लेइंग 11 में देखना चाहते हैं ग्रेग चैपल, जानिए क्या कहा

[ad_1]

IND vs ENG 2nd Test: कुलदीप यादव की कमी पहले टेस्ट में खली, अब अधिकतर क्रिकेट जानकार यही चाहते हैं कि एजबेस्टन में होने वाले भारत बनाम इंग्लैंड दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव को प्लेइंग 11 में शामिल किया जाए. इसको लेकर भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने बड़ी बात कही. उन्होंने कुलदीप को शेन वार्न के बाद बेस्ट लेग स्पिनर बताया.

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा टेस्ट बर्मिंघम के एजबेस्टन में 2 जुलाई से खेला जाएगा. इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग 11 का एलान कर दिया है, उन्होंने उसी टीम के साथ खेलने का फैसला किया जिसके साथ पहला टेस्ट जीता. भारत की प्लेइंग 11 में बदलाव संभव है, असिस्टेंट कोच ने कहा कि भारत 2 स्पिनर्स के साथ उतर सकता है और जसप्रीत बुमराह के खेलने पर टॉस से पहले ही अंतिम फैसला होगा.

शेन वार्न के बाद बेस्ट लेग स्पिनर हैं कुलदीप यादव

चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो में लिखे अपने कॉलम में लिखा कि कुलदीप यादव शेन वार्न के बाद दुनिया के बेस्ट लेग स्पिनर हैं. उन्होंने कहा कि अगर जसप्रीत बुमराह दूसरा टेस्ट नहीं खेलते हैं तो उनकी जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को खिलाना चाहिए. उन्होंने इसका कारण भी बताया. 

चैपल के अनुसार अभी शुभमन गिल के पास गेंदबाजी में विविधता नहीं है, अर्शदीप सिंह के होने से विविधता आएगी. उन्होंने कहा कि विकेट गिरने का एक कारण गेंदबाजी में बदलाव भी होता है, इससे बल्लेबाज को फिर से खुद को संतुलित करना पड़ता है लेकिन अभी इंडिया के पास गेंदबाजी में विविधता नहीं है.

चैपल ने कहा कि मैं दूसरे टेस्ट में अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव को प्लेइंग 11 में देखना चाहता हूं. रवींद्र जडेजा को लेकर उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की कंडीशन में वह मुख्य स्पिनर नहीं हैं. अगर उन्हें बतौर बल्लेबाज खिलाया जाए तो वह सहायक स्पिनर की भूमिका निभा सकते हैं. 

चैपल ने कहा कि अगर टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करनी है तो बेहद संतुलित टीम के साथ उतरना होगा.

[ad_2]

असिस्टेंट इंजीनियर बनने का शानदार मौका, ऐसे कर सकते हैं फटाफट अप्लाई

[ad_1]

गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) ने रोड एंड बिल्डिंग डिपार्टमेंट में क्लास-2 के असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 100 रिक्तियों को भरा जाएगा.

गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) ने रोड एंड बिल्डिंग डिपार्टमेंट में क्लास-2 के असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 100 रिक्तियों को भरा जाएगा.

इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 9 जुलाई 2025 तक GPSC की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 9 जुलाई 2025 तक GPSC की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 20 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु में छूट दी जाएगी, जैसा कि सरकारी नियमों में प्रावधान है.

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 20 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु में छूट दी जाएगी, जैसा कि सरकारी नियमों में प्रावधान है.

​चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होगी, जो ऑब्जेक्टिव टाइप की होगी. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. GPSC ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा.

​चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होगी, जो ऑब्जेक्टिव टाइप की होगी. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. GPSC ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा.

​इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये का आवेदन शुल्क जमा करना होगा. शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकता है. अन्य वर्गों के लिए शुल्क में छूट की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है.

​इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये का आवेदन शुल्क जमा करना होगा. शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकता है. अन्य वर्गों के लिए शुल्क में छूट की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है.

आवेदन करने की प्रक्रिया बिल्कुल आसान है. सबसे पहले उम्मीदवारों को GPSC की वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा. इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म को भरना होगा, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा. आवेदन पूरी तरह भरने के बाद उसे सबमिट करें और एक प्रिंट कॉपी अपने पास सेव रख लें.

आवेदन करने की प्रक्रिया बिल्कुल आसान है. सबसे पहले उम्मीदवारों को GPSC की वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा. इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म को भरना होगा, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा. आवेदन पूरी तरह भरने के बाद उसे सबमिट करें और एक प्रिंट कॉपी अपने पास सेव रख लें.

Published at : 01 Jul 2025 08:29 AM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी

शिक्षा वेब स्टोरीज

[ad_2]