बाजार में उतरते ही शेयर ने लगाई लंबी छलांग, मिनटों में 47 रुपये से 60 रुपये तक जा पहुंचा भाव

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Mayasheel Ventures IPO: मायाशील वेंचर्स लिमिटेड ने शेयर बाजार में कदम रखने के साथ ही धमाल मचा दिया है. 27 जून, 2025 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर कंपनी की लिस्टिंग हुई. मायाशील वेंचर्स लिमिटेड का आईपीओ 20 जून को लॉन्च हुआ और 24 जून को इश्यू क्लोज हुआ. 25 जून को शेयर अलॉट किए गए और 27 जून को लिस्टिंग हुई.

लिस्टिंग के बाद ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. मायाशील वेंचर्स के शेयर की लिस्टिंग आईपीओ प्राइस से 23 परसेंट से अधिक 58 रुपये के प्रीमियम पर हुई. रिटेल निवेशक इस शेयर पर जमकर पैसा लगा रहे हैं. उन्होंने अपने शेयरों की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से 9 परसेंट अधिक पर करके एक दमदार शुरुआत की. 

इतने रुपये पर हुई शेयर की लिस्टिंग 

आज मायाशील वेंचर्स के शेयर NSE पर 58 रुपये प्रति शेयर पर खुले, जो आईपीओ प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर से 23.4 परसेंट ज्यादा है. कुछ देर कारोबार के बाद और अधिक बढ़त के साथ शेयर 60 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. बाजार में कदम रखने के महज पांच मिनट के भीतर मायाशील वेंचर्स के 21.33 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ. कुल 12.44 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ कंपनी का मार्केट कैप 130.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. 

मायाशील वेंचर्स लिमिटेड का सब्सक्रिप्शन स्टेटस

मायाशील वेंचर्स लिमिटेड के आईपीओ को टोटल 232 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. इस इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 102 गुना से अधिक, एनआईआई कैटेगरी में 715 गुना से अधिक और क्यूआईबी कैटेगरी में 98 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला. इस आईपीओ का टोटल साइज 27.28 करोड़ रुपये का था. इस आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कंस्ट्रक्शन कामों में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को खरीदने के साथ-साथ कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने और पूंजीगत व्यय के लिए करेगी. बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.  

क्या करती है कंपनी? 

मायाशील वेंचर्स एक कंस्ट्रक्शन कंपनी है, जो खासतौर पर NHIDCL और अन्य सरकारी विभागों के लिए रोड और हाइवे का निर्माण करती है. 2008 में बनी यह कंपनी एक्सप्रेस वे, फ्लाईओवर, पुल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम से भी जुड़ी है. कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन और BOQ बेसिस पर प्रोजेक्ट्स लेती है.

मायाशील वेंचर्स लिमिटेड पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े काम भी करती है जैसे कि स्ट्रीट लाइट लगाना, पावर हाउस का निर्माण, ट्रांसमिशन लाइन को बनाना वगैरह. कंपनी को अपने ज्यादातर प्रोजेक्ट्स सरकारी विभागों से मिलते हें इसलिए इनकी कमाई का मुख्य जरिया भी सरकारी टेंडर है.   

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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ईरान के विदेश मंत्री ने दी चेतावनी, कहा- ‘हमले की कोई मंशा नहीं लेकिन इजरायल नहीं रुका तो…’

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Iran on Trump: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान ने इजरायल के साथ युद्धविराम को अब तक स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि युद्धविराम के लिए दोनों पक्षों का बातचीत कर सहमत होना जरूरी है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर इजरायल (जिसे उन्होंने ‘जायनिस्ट शासन’ कहा) हमले बंद कर देता है, तो ईरान की भी लड़ाई जारी रखने की कोई मंशा नहीं है.

परमाणु ठिकानों को हुआ गंभीर नुकसान
ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमले को लेकर विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि नुकसान “गंभीर और बड़ा” है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान की ओर से अब तक IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के निरीक्षकों को जांच की अनुमति देने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी न्यूक्लियर प्रोग्राम की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. इसके बाद ही ईरान के भविष्य के कूटनीतिक दृष्टिकोण तय किए जाएंगे.

ईरान बोला– कोई बातचीत तय नहीं, ट्रंप का दावा झूठा
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान अमेरिका से समझौते के लिए तैयार हो गया है और अगले सप्ताह दोनों देशों के बीच बातचीत होने वाली है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि ऐसी कोई बातचीत तय नहीं है.

वाइट हाउस ने भी ट्रंप के बयान से बनाई दूरी
ट्रंप ने 25 जून को नीदरलैंड के हेग में नाटो समिट के दौरान बैठक की बात कही थी. लेकिन अगले ही दिन, 26 जून को वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बयान दिया कि अभी अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी बैठक का कार्यक्रम तय नहीं है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी दूत मिडिल ईस्ट में कतर जैसे देशों से संपर्क में हैं, लेकिन किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की जा सकती.

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भाभी ने डीजे पर लगाई ऐसी आग, यूजर्स बोले- ‘भाई जल्दी घर आ जा’; देखें वीडियो

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Bhabhi Dance Viral Video: शादी-ब्याह या कोई भी खुशी का मौका हो जब तक डीजे न बजे और लोग ठुमके न लगाए जाएं. तब तक हर महफिल का माहौल अधूरा ही लगता है. खासकर तौर पर शादियों में तो डीजे पर बिना डांस किए कोई शादी पूरी ही नहीं होती है. ऐसे मौकों पर कभी-कभार कोई शख्स ऐसा डांस कर जाता है. जो सबका ध्यान अपनी ओर खींच लेता है.

सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसे देखकर सभी लोग हैरान रह गए. डांस फ्लोर पर सबकी नज़रें शानदार डांस कर रही भाभी पर जाकर टिक जाती हैं. कमेंट सेक्शन में लोग लगातार मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं और भाई साहब को टैग करते हुए कुछ यूं कह रहे हैं कि आप भी मुस्कुराए बिना नहीं रहेंगे.

भाभी ने डीजे पर किया धमाकेदार डांस

वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शादी का फंक्शन नजर आ रहा है. जहां डीजे लगा हुआ है और कई महिलाएं डांस करती दिख रही हैं. इसी दौरान एक महिला अपने जबरदस्त डांस स्टेप्स से सबका ध्यान खींच लेती है. डीजे पर भोजपुरी गाना ‘रुपया कमाए पिया गईला तू शहर’ बज रहा है. और इस गाने पर भाभी के शानदार डांस मूव्स देखने को मिल रहे हैं.

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जिस अंदाज़ में भाभी डांस करती नजर आ रही हैं. वह किसी प्रोफेशनल डांसर से कम नहीं लगतीं. सोशल मीडिया पर भाभी के इस खतरनाक डांस का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं.

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लोग ने किए मजेदार कमेंट

वायरल हो रहे इस वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर @RaviYadav233221 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है ‘तू जल्दी घर जा भाई नही तो भाभी जी तेरे हाथ से गई.’ इस वीडियो को अब तक 13000 से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इस पर बहुत से लोगों की तरह-तरह के मजेदार कमेंट भी आ रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है ‘मैं हूं इनकी रखवाली के लिए छोटका लहुरा देवर.’ तो वहीं एक और यूजर ने लिखा है ‘मैं आ रहा हूं.’ 

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गोरखपुर विश्वविद्यालय में 4 जुलाई से शुरू होंगी प्रवेश परीक्षाएं, 34 हजार से अधिक छात्रों ने कि

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<p style="text-align: justify;">दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रवेश परीक्षाएं 4 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 26 जून को विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है. कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि छात्र विश्वविद्यालय में दाखिले को लेकर बेहद उत्साहित हैं. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतिस्पर्धा से विश्वविद्यालय को बेहतरीन प्रतिभाएं मिलेंगी.</p>
<p><strong>34 हजार से ज्यादा आवेदन, 10 हजार सीटें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस वर्ष स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की लगभग 10,000 सीटों के लिए 34,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. स्नातक स्तर पर सबसे ज्यादा आवेदन बीए ऑनर्स के लिए आए हैं, जिनकी संख्या 4521 है. वहीं परास्नातक कोर्सेस में सबसे अधिक 2982 आवेदन एलएलबी के लिए हुए हैं.</p>
<p><strong>विज्ञान और कला विषयों में भी जबरदस्त रुचि</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीजी स्तर पर विज्ञान संकाय के अंतर्गत सबसे ज्यादा 850 आवेदन जूलॉजी में आए हैं. कला संकाय में सबसे अधिक 461 छात्रों ने राजनीति विज्ञान के लिए आवेदन किया है. इसके अलावा अन्य प्रमुख कोर्सेस में भी भारी रुचि देखने को मिली है.</p>
<ul>
<li>एमकॉम: 756 आवेदन</li>
<li>एमबीए: 694 आवेदन</li>
<li>एमएससी कृषि: 503 आवेदन</li>
<li>एमएड: 421 आवेदन<br /><br /><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;&nbsp;<a href=" में फिर उठी अपनी एंट्रेंस परीक्षा की मांग, छात्रसंघ का आंदोलन तेज; जानें छात्रों की मांग और कुलपति का रुख</a></strong></li>
</ul>
<p><strong>कहां है सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीएससी बायोलॉजी में एक सीट के लिए 23 छात्र आवेदन कर चुके हैं, जो सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा वाला कोर्स बन गया है. इसके बाद एलएलएम की 36 सीटों के लिए 778 आवेदन आए हैं, यानी हर सीट पर 22 छात्र प्रतियोगिता में हैं.</p>
<ul>
<li><strong>एमएससी जूलॉजी:</strong> हर सीट पर 14 आवेदन</li>
<li><strong>बीएससी एमएलटी:</strong> हर सीट पर 10 आवेदन</li>
<li><strong>बीफार्म:</strong> हर सीट पर 9 आवेदन</li>
<li><strong>एलएलबी, बीबीए और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी:</strong> हर सीट पर 8 आवेदन<br /><br /><strong>स्नातक स्तर पर प्रमुख कोर्सेस के आवेदन विवरण</strong></li>
<li>बीए &ndash; 4521</li>
<li>बीएससी बायोलॉजी &ndash; 3386</li>
<li>बीए एलएलबी &ndash; 2373</li>
<li>बीकॉम &ndash; 2271</li>
<li>बीएससी गणित &ndash; 1904</li>
<li>बीसीए &ndash; 1488</li>
<li>बीएससी कृषि &ndash; 1465</li>
<li>बीटेक &ndash; 1294</li>
<li>बीबीए &ndash; 1195</li>
<li>बीफार्म &ndash; 939</li>
</ul>
<p><strong>परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं. परीक्षाएं तय समय पर संपन्न होंगी और समय पर परिणाम भी घोषित किए जाएंगे.<br /><br /><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;<a href=" में निकली बंपर भर्ती, इंजीनियर और फ्रेशर्स के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया</a></strong></p>
<p>&nbsp;</p>

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Maa Review: Kajol ने मां बनकर लगाई ‘Shaitaan’ की वाट, Mythological Horror आपको खुश कर देगी

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<p>हाल ही के एक exclusive interview में हमारी बात हुई &lsquo;Maa&rsquo; फिल्म की lead star Kajol से. कई सारी बातें हुई जिसमें हमें पता चला की Kajol को reading बहुत पसंद है और वह chill या relax करते हुए books पढ़ती हैं, दिन में कम से कम आधी या 1 book पढ़ती हैं. Kajol ने अपनी acting journey को address करते हुए reveal किया की उनको फिल्मों में आना भी नही था क्योंकि उन्होंने अपनी मां को इतना काम करते हुए देखा था और मेहनत के हिसाब से कम पैसे मिलते थे तो उन्होंने सोचा था की वह एक simple 9-5 job करना चाहेंगी जहां एक पूरा routine होता है और हर महीने Paycheck आता है पर जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म की उनको इतने मज्जे आए और इतना अच्छा लगा की acting में completely घुस गई. Kajol ने Social media पर भी चर्चा की और बताया कि हां शायद एक star का magic थोड़ा खतम हो गया है पर longetivity बढ़ गई है क्योंकि अब और भी चीजें हैं करने को social media पर trolling के ऊपर भी kajol ने बोला की हजारों में से 3 लोग कुछ बुरा बोल रहे हैं पर बाकी के अगर आपकी तारिफ कर रहे हैं तो statistics के हिसाब से भी आप जीत चुके हैं और आपको अपना सच पता है अपनी identity पता है तो आपको कोई problem नही होगी trolling से ऐसी कई सारी बातें हुई Legendary and iconic actress Kajol के साथ पूरी बात जानने के लिए वीडियो देखें</p>

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जहरीली फंगस से बनी कैंसर को हराने वाली दवा, पीड़ितों को मिली नई उम्मीद

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Poisonous Fungus Cancer Treatment: कभी खेतों की फसल को बर्बाद करने वाली एक जहरीली फंगस अब इंसानी जिंदगियों को नया जीवन देने की उम्मीद बन गई है. विज्ञान की दुनिया में यह एक चमत्कार से कम नहीं कि वही एस्परगिलस फ्लेवस (Aspergillus Flavus) फंगस, जो जहर के समान मानी जाती थी, अब कैंसर के इलाज में कारगर साबित होगी. अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस फंगस से एक खास तत्व निकालकर ऐसा इलाज तैयार किया है, जो कैंसर के खिलाफ युद्ध में बड़ी सफलता साबित हो सकता है.

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एस्परगिलस फ्लेवस क्या है 

एस्परगिलस फ्लेवस एक ऐसा फंगस है जो फसलों में पाया जाता है और ‘अफ्लाटॉक्सिन’ नाम का जहर बनाता है. यह जहर मनुष्यों के लीवर और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसी फंगस से एक ऐसा रासायनिक तत्व खोजा है जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने की क्षमता रखता है, वो भी बिना स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए.

कैसे काम करती है ये दवा?

वैज्ञानिकों ने इस फंगस से एक प्राकृतिक यौगिक को अलग किया है, जो ट्यूमर सेल्स के DNA में बदलाव कर उन्हें नष्ट कर देता है. खास बात यह है कि ये प्रक्रिया शरीर की सामान्य कोशिकाओं को प्रभावित नहीं करती, जिससे साइड इफेक्ट्स की संभावना भी कम हो जाती है. ये दवा फिलहाल प्री-क्लिनिकल ट्रायल के चरण में है, लेकिन शुरुआती नतीजे बेहद आशाजनक हैं.

विज्ञान की एक बड़ी छलांग

कैंसर के इलाज में अभी तक कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी जैसे उपाय प्रमुख रहे हैं. लेकिन इन सभी का शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है. अगर यह नई दवा सफल होती है, तो यह कैंसर के इलाज को कम दर्दनाक और अधिक प्रभावी बना सकती है.

भविष्य की उम्मीदें

वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो से तीन सालों में इस दवा के क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो सकते हैं. अगर यह दवा मानव शरीर पर भी उतनी ही असरदार साबित होती है, जितनी लैब में हुई रिसर्च में दिखी है, तो कैंसर पीड़ितों के लिए यह एक क्रांतिकारी बदलाव होगा.

कभी जो फंगस जानलेवा मानी जाती थी, वही अब जीवनदायिनी बनकर उभरी है. यह शोध न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रकृति के हर तत्व में दो चेहरे होते हैं. एक विनाश का और दूसरा जीवन का. जरूरत है तो उसे समझने, सुधारने और सही दिशा में इस्तेमाल करने की. कैंसर से जूझते लाखों मरीजों के लिए यह एक नई रौशनी की किरण है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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चार्जिंग पूरी होने के बाद भी अगर प्लग ऑन छोड़ देते हैं, तो क्या चलता रहता है बिजली का मीटर?

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<p style="text-align: justify;">अक्सर ऐसा होता है कि हम मोबाइल चार्ज करने के बाद उसे तो हटा लेते हैं, लेकिन चार्जर सॉकेट में ही लगा रह जाता है और स्विच भी ऑन रहता है. सवाल ये उठता है कि जब फोन चार्ज नहीं हो रहा, तब भी क्या बिजली खर्च होती है? इसका जवाब है हां, थोड़ी-बहुत बिजली जरूर लगती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> कैसे होती है बिजली की खपत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जब चार्जर स्विच में लगा होता है और बटन ऑन रहता है, तो उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक पार्ट जैसे ट्रांसफार्मर और छोटे-छोटे सर्किट चालू स्थिति में बने रहते हैं. भले ही कोई मोबाइल उससे जुड़ा न हो, लेकिन ये सिस्टम स्टैंडबाय मोड में थोड़ी ऊर्जा लेते रहते हैं ताकि जब भी फोन जोड़ा जाए, तुरंत चार्जिंग शुरू हो सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> एक-दो नहीं, कई डिवाइस मिलकर कर देते हैं असर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मान लीजिए एक चार्जर दिनभर ऐसे ही प्लग में लगा है तो अकेले उसका असर भले ही बहुत बड़ा न हो, लेकिन अगर घर में कई ऐसे डिवाइस हैं जो बंद न होकर लगातार पावर से जुड़े रहते हैं (जैसे टीवी, कंप्यूटर, माइक्रोवेव, आदि), तो कुल मिलाकर बिजली की बर्बादी काफी बढ़ जाती है. इस तरह की बर्बादी को "वैंपायर पावर" भी कहा जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> बिजली बिल और चार्जर की सेहत, दोनों पर असर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चार्जर को हर वक्त प्लग में लगाए रखने से न केवल बिजली का नुकसान होता है, बल्कि यह चार्जर की उम्र पर भी असर डालता है. लगातार एक्टिव रहने से उसके अंदर के पुर्जे धीमे-धीमे घिसने लगते हैं और चार्जर जल्दी खराब हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> क्या करें?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप सच में बिजली की बचत करना चाहते हैं और चाहें कि आपका चार्जर भी लंबे समय तक सही काम करे, तो बेहतर होगा कि चार्जिंग पूरी होते ही:</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> फोन को चार्जर से हटाएं,<br /><strong>2.</strong> चार्जर को सॉकेट से निकालें या कम से कम स्विच ऑफ कर दें.</p>
<p style="text-align: justify;">छोटा सा ये कदम आपके महीने के बिजली बिल में थोड़ा फर्क ला सकता है और पर्यावरण की भी थोड़ी मदद कर सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">चार्जिंग के बाद फोन हटाना ही काफी नहीं है, अगर चार्जर सॉकेट में ही लगा रह गया और बटन ऑन रहा, तो बिजली की खपत चलती रहेगी भले ही बहुत कम मात्रा में हो. लेकिन अगर ये आदत हर दिन की बन जाए, तो धीरे-धीरे इसका असर साफ दिखने लगेगा.</p>

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जगन्नाथ रथ यात्रा आज, जानें किस लकड़ी से बनता है भगवान का रथ और बाद में इसका क्या होता है?

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Gujarati Muslim Zohran Mamdani: जोहरान ममदानी की जीत पर अमेरिकी भयंकर नाराज, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को पहना दिया बुर्का, जानें क्यों मचा बवाल

जोहरान ममदानी की जीत पर अमेरिकी भयंकर नाराज, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को पहना दिया बुर्का, जानें क्यों मचा बवाल

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जंग खत्म होने के बाद ईरान को इजरायल का अल्टीमेटम- ‘यूरेनियम लौटाओ, वरना..’

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Iran-Israel Conflict: इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि ईरान को खतरनाक स्तर तक संवर्धित (एनरिच) किए गए यूरेनियम को वापस करना होगा. ये वही यूरेनियम है जिससे परमाणु बम बनाया जाता है. काट्ज ने साफ कहा कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान को संयुक्त रूप से यह संदेश दिया गया है कि उसे अपना एनरिच यूरेनियम सौंपना होगा.

ईरान के पास परमाणु बम नहीं
काट्ज ने एक इंटरव्यू में कहा कि इजरायल ने हाल ही में ईरान पर जो हमले किए हैं, उनका मकसद उसकी परमाणु क्षमता को कमजोर करना था. उन्होंने दावा किया कि अब ईरान के पास ऐसा कोई तरीका नहीं बचा है जिससे वह यूरेनियम को परमाणु बम के लिए ठोस रूप में बदल सके, क्योंकि उस ट्रांसफर फैसिलिटी को भी नष्ट कर दिया गया है.

इजरायल को नहीं पता ईरान का पूरा यूरेनियम भंडार कहां है?
रक्षा मंत्री काट्ज ने यह भी माना कि इजरायल को इस बात की जानकारी नहीं है कि ईरान ने अपना पूरा एनरिच यूरेनियम कहां छिपा रखा है. इससे यह चिंता और बढ़ गई है कि ईरान कहीं गुप्त रूप से अपनी परमाणु तैयारी तो नहीं कर रहा. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप के खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के मुख्य परमाणु केंद्रों पर हुए अमेरिकी हमलों के बावजूद उसका संवर्धित यूरेनियम भंडार अब भी काफी हद तक सुरक्षित है.

रिपोर्ट में बताया गया कि फोर्डो के पास अमेरिकी हमले से पहले ट्रकों की हलचल देखी गई थी, जिससे शक है कि ईरान ने यूरेनियम पहले ही वहां से हटा लिया था. यूरोपीय देशों का यह भी मानना है कि ईरान के पास करीब 408 किलोग्राम हाई-ग्रेड यूरेनियम मौजूद है, जो हथियार बनाने के लिए काफी है और हाल ही में फोर्डो केंद्र में मौजूद नहीं था.

खामेनेई को मारना चाहता था इजरायल
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि ईरान से हालिया संघर्ष के दौरान इजरायली सेना की योजना ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मारने की थी. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि युद्ध के दौरान ऐसा कोई अवसर नहीं मिला जिससे इस योजना को अंजाम दिया जा सके.

क्या अमेरिका से ली थी अनुमति?
जब काट्ज से पूछा गया कि क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए इजरायल ने अमेरिका से अनुमति ली थी, तो उन्होंने साफ कहा कि ऐसे मामलों में इजरायल को किसी की इजाजत की जरूरत नहीं होती. उन्होंने बताया कि खामेनेई को निशाना बनाने का फैसला पहले ही कर लिया गया था, लेकिन जैसे ही वे एक सुरक्षित बंकर में छिप गए, उन्हें ढूंढ पाना मुश्किल हो गया और कार्रवाई नहीं हो सकी.

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