2 महीने में बेरहमी से की 9 की हत्या, शव काटकर अपार्टमेंट में छुपाए, ‘ट्विटर किलर’ को मिली फांसी

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Japan’s Serial Killer Executed: जपान में शुक्रवार (27 जून) को एक व्यक्ति को फांसी दी गई, जिस पर 2017 में कनागावा प्रान्त में 9 लोगों की हत्या का आरोप था. 34 साल के आरोपी शिराशी ताकाहिरो, जिसे ‘ट्विटर किलर’ कहा जाता था. सिलसिलेवार हत्या के दोषी ताकाहिरो को टोक्यो डिटेंशन हाउस में फांसी दी गई.

जुलाई 2022 के बाद से जापान में यह पहली फांसी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई 2022 के बाद से जापान में यह पहली फांसी थी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के प्रशासन के तहत यह पहली फांसी थी. शुक्रवार की सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, जापान के न्याय मंत्री केसुके सुजुकी ने कहा कि उन्होंने इस फैसले पर काफी सोच-विचार कर फांसी के आदेश पर हस्ताक्षर किए.

उन्होंने कहा ,“यह मामला बहुत ही स्वार्थी मकसद जैसे यौन और पैसों की लालच के चलते हुआ, जिसमें दो महीनों में 9 लोगों की जान गई. इससे पूरे समाज में डर और चिंता का माहौल बन गया. मैं समझता हूं कि यह पीड़ितों और उनके परिवारों दोनों के लिए विशेष रूप से दिल दहला देने वाला मामला है.”

शिराशी को 2017 में गिरफ्तार किया

सुजुकी ने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया और विचार-विमर्श के बाद ही फांसी का आदेश दिया गया. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शिराशी को 2017 में गिरफ्तार किया गया था, जब उसके अपार्टमेंट से 1 पुरुष और 8 महिलाओं के शव बरामद हुए थे. यह अपार्टमेंट कनागावा प्रान्त के जामा शहर में था, जो टोक्यो के दक्षिण में है.

2020 में टोक्यो जिला अदालत ने शिराशी को मौत की सजा सुनाई थी. अदालत ने कहा कि यह अपराध बहुत ही घिनौना था, क्योंकि उसने 9 लोगों की हत्या की, उनके शव काटकर अपार्टमेंट में छुपाकर रखे. बाद में 2021 में फैसले को अंतिम रूप दिया गया.

कैसे बनाता था निशाना?

अदालत के फैसले के मुताबिक, शिराशी ने 15 से 26 साल की उम्र के 1 पुरुष और 8 महिलाओं को निशाना बनाया, जो सोशल मीडिया पर आत्महत्या की बातें कर रहे थे. अदालत ने यह भी साफ किया कि इन 9 लोगों ने अपनी हत्या के लिए कोई सहमति नहीं दी थी और आरोपी का मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा भी गलत माना गया.

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Weight Loss Tips: चर्बी घटाने में कारगर, एब्स बनाने में मदद करता है चतुरंग दंडासन

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Chaturanga Dandasana: चतुरंग दंडासन एक ऐसा योगासन है, जो पूरे शरीर को संतुलन देने के साथ-साथ मन को भी स्थिर करने का काम करता है. अगर इसे सरल भाषा में कहें तो यह देसी पुशअप जैसा है. इस आसन में शरीर एक सीधी रेखा में होता है. हाथ, कंधे और पेट के आसपास की मांसपेशियों पर इसका जबरदस्त असर पड़ता है. रोजाना इस आसन का अभ्यास करने से पेट की चर्बी भी धीरे-धीरे कम होने लगती है.

शरीर के लिए चतुरंग दंडासन बेहद लाभदायक

ये आधुनिक योग में शामिल आसन है. बीकेएस अयंगर की ‘लाइट ऑन योगा’ किताब में इसका जिक्र है. इसके मुताबिक जिन लोगों को पीठ दर्द, कंधे में अकड़न या पोश्चर से जुड़ी दिक्कतें होती हैं, उनके लिए चतुरंग दंडासन बेहद लाभदायक है. इससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है.

चतुरंग दंडासन को करते वक्त जब आप इस आसन में सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो तनाव और बेचैनी धीरे-धीरे कम होने लगती है. इससे मानसिक स्पष्टता बढ़ती है. साथ ही चिंता और अवसाद दूर होने लगते हैं. यही वजह है कि इसे सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग की कसरत भी कहा जा सकता है.

पेट से जुड़ी समस्याओं में भी कारगर

पेट से जुड़ी समस्याओं में भी यह आसन कारगर है. जिन लोगों को कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, उन्हें इसका नियमित अभ्यास आराम दे सकता है. युवाओं के लिए यह आसन काफी फायदेमंद है, यह आसन पेट की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है, जिससे एब्स भी बेहतर दिखने लगते हैं.

चतुरंग दंडासन मोटापा घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी काफी मददगार है. यह शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है. ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में भी चतुरंग दंडासन एक बेहतरीन विकल्प है. खासकर पैरों और शरीर के निचले हिस्से में खून का बहाव बेहतर होता है, जिससे सुस्ती और थकावट कम होती है.

कैसे करते है चतुरंग दंडासन?

चतुरंग दंडासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं या फिर अधोमुख श्वानासन से इसकी शुरुआत करें. अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर कंधों से थोड़ा आगे रखें और उंगलियां सामने की तरफ फैला लें, ताकि पकड़ मजबूत रहे. दोनों पैरों की उंगलियों को जमीन पर टिकाएं और धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर उठाएं.

अब सांस अंदर लेते हुए शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और दोनों हाथों पर वजन डालें. इस वक्त ध्यान रखें कि आपकी कोहनियों पर 90 डिग्री का कोण बने और आपका पूरा शरीर एक सीधी रेखा में आ जाए. शरीर का पूरा भार अब सिर्फ हाथों और पैरों की उंगलियों पर रहेगा. शुरुआत में आप इस पोज में 10 से 20 सेकंड तक रहें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाने से इसे ज्यादा देर तक भी किया जा सकता है.

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कॉमिक्स के शौकीन से ‘स्क्विड गेम’ के निर्देशक बनने तक, जानें कितने पढ़े-लिखे हैं Hwang Dong-hyu

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OTT पर धमाल मचाने वाली सीरीज Squid Game को जिसने भी देखा उसके मन में एक सवाल जरूर आया होगा आखिर इसे बनाने वाला शख्स कौन है और उसकी पढ़ाई-लिखाई कैसी रही है? तो चलिए आज जानते हैं स्क्विड गेम के निर्देशक Hwang Dong-hyuk की पढ़ाई और संघर्ष से जुड़ी दिलचस्प कहानी.आज इस सीरीज का 3 सीजन भी अब आ गया है.

Hwang Dong-hyuk का जन्म दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के स्सांगमुन-डोंग इलाके में हुआ था. उनका बचपन बेहद साधारण था, लेकिन एक चीज जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी, वो था कॉमिक्स और मंगा (जापानी कॉमिक्स) के प्रति उनका प्यार. वो घंटों तक कॉमिक बुक कैफे में बैठकर अलग-अलग कहानियां पढ़ते रहते थे. शायद यहीं से उनके अंदर एक रचनात्मक सोच और कल्पना शक्ति ने आकार लेना शुरू किया.

कहां से की पढ़ाई?

Hwang Dong-hyuk ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी से कम्युनिकेशन में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री हासिल की. इसी दौरान उन्होंने कई शॉर्ट फिल्में भी बनाईं, जिनमें Our Sad Life और A Puff of Smoke जैसी फिल्में शामिल हैं. ये फिल्में उनके फिल्म निर्माण के शुरुआती कदम मानी जाती हैं.

इस यूनिवर्सिटी से किया MFA

लेकिन उनकी कहानी यहीं नहीं रुकी. उन्होंने अपने सपनों को और ऊंची उड़ान देने के लिए अमेरिका का रुख किया और University of Southern California से फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) की डिग्री हासिल की. अमेरिका में रहकर उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखी और इंटरनेशनल फिल्म मेकिंग का अनुभव भी लिया.

खास बात

किसी भी बड़ी सफलता के पीछे मेहनत, पढ़ाई और जुनून की लंबी कहानी होती है. उन्होंने अपनी कल्पना शक्ति को शिक्षा के साथ जोड़कर एक ऐसी कहानी रची, जिसने दुनियाभर के दर्शकों को हिला कर रख दिया.

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ट्रंप के टैरिफ से चीन को हुआ नुकसान, मई में इंडस्ट्रियल सेक्टर के मुनाफे में आई बड़ी गिरावट

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China Economy: चीन के इंडस्ट्रियल सेक्टर को मई 2025 में बड़ा झटका लगा क्योंकि पिछले एक साल के मुकाबले मुनाफे में 9.1 परसेंट तक की गिरावट आई. जबकि इससे महीने पहले अप्रैल में मुनाफे में 3 परसेंट की गिरावट आई थी. शुक्रवार को नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (NBS) की डेटा में इस बात का खुलासा हुआ कि कमजोर घरेलू मांग और अमेरिकी टैरिफ के चलते मैन्युफैक्चररर्स पर दबाव बढ़ा है. मई में मुनाफा कम होने के चलते साल के पहले पांच महीनों का क्यूमूलेटिव परफॉर्मेंस भी कमजोर हो गया. बताया जा रहा है कि चीन के औद्योगिक लाभ में आई यह गिरावट 2018 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 

आखिर क्यों चीन की हालत हुई पस्त?  

जनवरी से मई तक औद्योगिक लाभ में 1.1 परसेंट की गिरावट आई है. जबकि जनवरी से अप्रैल के दौरान इसमें 4 परसेंट तक की तेजी आई थी. यानी कि सारा खेल एक ही महीने में खराब हुआ है. NBS में सीनियर स्टैटिसटीशियन यू वीनिंग ने कहा, मई में यह गिरावट घरेलू मांग में कमी, औद्योगिक वस्तुओं की गिरती कीमतें और सेक्टर में आए उतार-चढ़ाव के वजह से आई है. अप्रैल में अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने के बाद कई कारखानों को मजबूरन अस्थायी रूप से काम बंद करना पड़ा. इससे प्रॉफिट मार्जिन में और गिरावट आई.

मई में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता 

भले ही मई के आखिर तक चीन और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर टैरिफ भी कम कर दिए. अमेरिका ने चीन पर 30 परसेंट और चीन ने अमेरिकी सामान के आयात पर 10 परसेंट का टैरिफ लगाया. 90 दिनों के लिए हुए इस समझौते का मकसद टैरिफ वॉर के असर को कम करना था. हालांकि, कई एक्सपोटर्स को हफ्तों तक प्रोडक्शन बंद रहने का खामियाजा भुगतना पड़ा. 

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मार्क रुबियो से शहबाज शरीफ की मुलाकात, ट्रंप को कहा थैंक्यू, क्या भारत के लिए कोई टेंशन की बात?

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US-Pakistan Relations: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई. रुबियो ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी शरीफ से बात की. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, “दोनों नेताओं ने इजराइल और ईरान के बीच स्थायी शांति को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को स्वीकार किया.

पाकिस्तान सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने “पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने, विशेष रूप से व्यापार बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमति व्यक्त की.” बयान के अनुसार, पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए शरीफ ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा.

शहबाज शरीफ ने ट्रंप की कि तारीफ
बयान में कहा गया है कि शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “साहसी और निर्णायक नेतृत्व की भी प्रशंसा की, जिसके कारण ईरान और इजरायल के बीच युद्ध विराम हुआ.” बयान के अनुसार, उन्होंने भारत-पाक संघर्ष विराम में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए रुबियो को धन्यवाद भी दिया. हाल ही में पाकिस्तान फिल्ड मार्शल आसिम मुनीर की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई थी. इसको लेकर काफी चर्चा हुई थी. मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वह आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि दोनों ने अपसी साझेदारी से सीजफायर पर हामी भरी थी. हालांकि, भारत इस पक्ष में कभी नहीं था. सीजफायर की सबसे पहले पहल पाकिस्तान ने ही की थी, जब वह भारतीय सेना की तरफ से होने वाले ताबड़तोड़ हमले के बुरी तरह से सहम गए थे. तब उन्होंने इसके लिए अमेरिका से बात की और अनुरोध किया कि वह भारत से बात करें. इस बात की पुष्टि खुद विदेश मंत्री इशाक डार ने भी किया है.



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50 साल बाद ‘ठाकुर’ के हाथों मारा जाएगा ‘गब्बर’, नए वर्जन में दिखाई जाएगी ‘शोले’

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Sholay:  ‘शोले’ हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्म है. रमेश सिप्पी की इस फिल्म के गानों से लेकर डायलॉग्स तक आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं. वहीं इस शानदार फिल्म का नया वर्जन इटली के फिल्म फेस्टिवल में रिलीज किया गया है.. जिसका क्लाइमेक्स दर्शकों को हैरान कर देगा. निर्देशक रमेश सिप्पी के भतीजे शहजाद सिप्पी ने कहा कि उन्होंने फिल्म के नए वर्जन में छह मिनट के सीन और जोड़े हैं जिसमें फिल्म का रियल एंड भी शामिल है जब गब्बर सिंह की मौत हो जाती है.

वहीं साल  1975 में आयी इस फिल्म के ओरिजनल वर्जन में एंड में संजीव कुमार द्वारा निभाया गया ठाकुर का किरदार गब्बर की हत्या करके अपना बदला ले लेता है, लेकिन आपातकाल के दौरान सेंसर बोर्ड ने इस सीन में बदलाव कर दिए थे. तब रिलीज हुई फिल्म में ठाकुर घायल गब्बर को छोड़ देता है और पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है.

इमरजेंसी के दौरान क्यों बदला गया था शोले का क्लाइमेक्स
वहीं शहजाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था. उस समय सेंसर बोर्ड ने तीन-चार सीन्स को मंजूरी नहीं दी थी जिसमें गब्बर सिंह की मौत वाला एंड भी शामिल है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिल्म में ठाकुर तब एक आम नागरिक था और पुलिस अधिकारी के तौर पर सेवानिवृत्त हो चुका था तो उस वक्त सरकार नहीं चाहती थी कि कोई आम नागरिक कानून अपने हाथ में ले.’’

शोले का नया वर्जन ओरिजनल से 6 मिनट ज्यादा है लंबा
अब 50 साल बाद ओरिजनल सीन और फिल्म से हटाए गए अन्य अनदेखे सीन नए वर्जन में शामिल किए गए हैं, जिसे इटली के बोलोग्ना में सिनेमा रिट्रोवेटो फेस्टीवल में दिखाया जाएगा. फिल्म के नए वर्जन पर काम करने वाले शहजाद ने कहा कि नया वर्जन 15 अगस्त 1975 में सिनेमाघरों में रिलीज फिल्म से छह मिनट ज्यादा लंबा है.

अनकट वर्जन में रिलीज होगी शोले
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार कुछ एडीशनल सीन्स होंगे. हम इसे सीक्रेट रखना चाहते हैं… हमने ओरिजनल सीन्स के साथ जहां तक पॉसिबल हो  काम करने की कोशिश की है और कुछ भी नहीं काटा है.’ ‘शोले’’ के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इसकी स्क्रीनिंग 27 जून को खुले आसमान के नीचे पियाजा मैगीगोर में होगी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और जया बच्चन ने अभिनय किया था. जय, वीरू, बसंती और ठाकुर जैसे फेमस किरदारों के साथ-साथ हिंदी सिनेमा के आइकॉनिक खलनायकों में से एक गब्बर सिंह और भरपूर संवादों और एक्शन सीन के कारण यह फिल्म भारतीय फिल्म संस्कृति का अभिन्न अंग मानी जाती है.

क्या सिनेमाघरों में रिलीज होगा शोले का नया वर्जन? 
फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन और सिप्पी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने तीन साल तक इसके नए वर्जन पर काम किया है.शहजाद सिप्पी ने कहा कि इस नए वर्जन को सिनेमाघरों में रिलीज करने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

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सावन के पहले दिन इन 5 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक, महादेव होंगे प्रसन्न

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'फोर्डो हो या नतांज और इस्फहान, हमने...', 12 दिन में ईरान के परमाणु ठिकानों का कैसा हो गया हश्र, इजरायली सेना ने बताया

‘फोर्डो हो या नतांज और इस्फहान, हमने…’, 12 दिन में ईरान के परमाणु ठिकानों का कैसा हो गया हश्र, इजरायली सेना ने बताया

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वेस्टइंडीज के स्टार क्रिकेटर पर लगा 11 महिलाओं से रेप का आरोप, बोर्ड की प्रतिक्रिया आई सामने

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WI Cricketer Accused of Sexual Assault: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट (AUS vs WI Test) मैच खेल रही है. इस बीच आई एक खबर ने हड़कंप मचा दिया है. वेस्टइंडीज एक क्रिकेटर पर 11 महिलाओं से रेप के आरोप लगे हैं. इस पर वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड की प्रतिक्रिया भी आई है. हालांकि अभी उस क्रिकेटर का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह वर्तमान टीम का हिस्सा है, यानी उसने अभी रिटायरमेंट नहीं ली है.

अपडेट जारी है.

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WhatsApp ने पेश किया नया AI फीचर, मैसेज पढ़ना हुआ और आसान

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अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो कई बार जरूरी मैसेज पढ़ना भूल जाते हैं या ढेर सारे मैसेज देखकर उलझन में पड़ जाते हैं, तो अब आपके लिए खुशखबरी है. WhatsApp ने एक नया AI फीचर लॉन्च किया है जो खास आपके लिए ही है. इस फीचर का नाम है AI Summarize, और इसका काम है आपके सारे अनपढ़े (अनरीड) मैसेज का छोटा और आसान सारांश बनाना.

अब हर जरूरी मैसेज मिलेगा एक नजर में

WhatsApp का यह नया AI फीचर ग्रुप चैट्स और पर्सनल दोनों तरह के मैसेज के लिए काम करेगा. इसका मतलब ये कि चाहे दोस्तों की ग्रुप चैट हो या ऑफिस के जरूरी मैसेज अब आप बिना हर एक मैसेज को खोले भी जान सकेंगे कि बात क्या चल रही है.

AI Summarize फीचर आपको उन सभी मैसेज की झलक देगा जो आपने अब तक नहीं पढ़े. इससे आपको कोई भी जरूरी जानकारी मिस नहीं करनी पड़ेगी और आप हर समय अपडेट रहेंगे.

प्राइवेसी पर पूरा भरोसा

WhatsApp हमेशा से अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर गंभीर रहा है, और इस बार भी कंपनी ने साफ कर दिया है कि यूजर्स की पर्सनल जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी. यह नया AI फीचर Private Processing नाम की तकनीक पर काम करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आपकी बातचीत केवल आपके लिए ही रहे.

WhatsApp का कहना है कि यह प्रोसेसिंग Trusted Execution Environment (TEE) नाम के सिक्योर इंफ्रास्ट्रक्चर पर होती है, जो डाटा को पूरी तरह से प्राइवेट और सुरक्षित बनाता है.

AI देगा मैसेज का सार और सुझाव

इस नए फीचर की एक और खास बात ये है कि ये न सिर्फ मैसेज का सारांश देगा, बल्कि आपको यह भी सुझाव देगा कि कौन से मैसेज जरूरी हैं और किसे पढ़ने की तुरंत जरूरत नहीं. यानी आपका समय भी बचेगा और जरूरी बात भी आप तक पहुंच जाएगी.

कहां और कैसे मिलेगा ये फीचर?

फिलहाल यह फीचर अमेरिका में कुछ यूजर्स के लिए उपलब्ध है और अभी सिर्फ अंग्रेजी भाषा को सपोर्ट करता है. लेकिन कंपनी की योजना है कि आने वाले समय में इसे दूसरी भाषाओं में भी लाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें.

जब यह फीचर आपके WhatsApp में आएगा, तो आपको अपने चैट सेक्शन में ही सभी अनरीड मैसेज का सारांश लिस्ट या बुलेट फॉर्म में दिखाई देगा. इससे हर जरूरी बात पर नजर रखना और भी आसान हो जाएगा.

WhatsApp का यह नया AI Summarize फीचर खास उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो रोजाना सैकड़ों मैसेज से परेशान रहते हैं या समय की कमी के चलते सब कुछ पढ़ नहीं पाते. अब जरूरी बातों से जुड़ना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा वो भी बिना आपकी प्राइवेसी से कोई समझौता किए.

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सुरीली आवाज में गाना गाकर ट्रैफिक कंट्रोल करती दिखी लेडी कॉन्स्टेबल, वायरल हो गया वीडियो

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Traffic Police Officer Singing Video: ट्रैफिक सिग्नल पर आमतौर पर सख्त अंदाज़ में ड्यूटी करती पुलिसकर्मी नजर आती हैं. लेकिन जब कोई अपनी यूनिफॉर्म में रहकर भी कुछ अलग कर जाए. तो नज़ारा देखने लायक बन जाता है. ऐसा ही कुछ एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. जिसे देख लोग हैरान भी हैं और तारीफ करते नहीं थक रहे.

हर दिन ट्रैफिक की गहमागहमी के बीच जहां लोग अक्सर चिड़चिड़े हो जाते हैं. वहीं यह महिला कॉन्स्टेबल कुछ ऐसा कर रही है जिससे माहौल ही बदल जाता है. न सख्त लहजा, न सीटी की तेज़ आवाज़ बल्कि महिला कॉन्स्टेबल ऐसा गाना गा रही है. जिसे सुनकर आपके भी चेहरे पर मुस्कान आ जाए. वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस पर बहुत से लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं.

 

महिला ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ने गाना गाकर बताए ट्रैफिक रूल

इंदौर की सड़कों पर इन दिनों ट्रैफिक से ज़्यादा एक ट्रैफिक पुलिसवाली की सुरीली आवाज़ सुर्खियों में है. यूनिफॉर्म में ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल सोनाली सोनी ने जब माइक उठाकर गाना गाया. तो लोगों ने रुककर न सिर्फ सुना बल्कि मुस्कुराते हुए वीडियो भी बना लिया. ट्रैफिक रूल्स को लेकर जागरूक करने का उनका यह तरीका इतना दिलचस्प था. जो कि लोगों को काफी पसंद आया. लोग सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे.

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वीडियो में वह गाती हुई दिख रही हैं,’किसी राह पे किसी मोड़ पे कहीं चल ने देना सिग्नल तोड़ के मेरे भाइयों मेरी बहनों.’ ट्रैफिक नियमों को समझाने के लिए ट्रैफिक कॉन्स्टेबल सोनाली का म्यूजिकल अंदाज सोशल मीडिया पर छा गया है. उन्हें इस तरह ट्रैफिक संभालते देख लोग काफी हैरान भी हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो. 

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लोग कर रहे हैं तारीफ

वायरल हो रहे इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर @ibmindia20 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इस वीडियो को अबतक 1.80 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इस पर लोगों के भी काफी कमेंट आ रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है,’गाना गाकर ट्रैफिक को बेहतर बनाने का आया नया अंदाज गाना गाकर कोई ट्रैफिक नियम को नहीं तोड़ रहा है इसी तरह का पूरे भारत में लागू होना चाहिए मैडम जो गाना गाकर सुना रही है सलूट करता हूं बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं.’ एक और यूजर ने लिखा है ‘प्रशासन को जागृत करने के लिए सरकार को न जाने कौन कौन सी तकनीके अपनानी पड़ रही है पर ये लोग समझ ही नही रहे.’ 

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