Facebook यूज़र्स सावधान! आपके फोन में मौजूद फोटोज तक पहुंच गया Meta AI, जानें कैसे बचें

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Meta AI: आज के डिजिटल दौर में डेटा प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है, और Meta (Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी) एक बार फिर सुर्खियों में है. पहले भी Meta पर हमारे पब्लिक फोटो और डेटा का उपयोग अपने AI मॉडल (Meta AI) को ट्रेन करने के लिए करने का आरोप लगता रहा है. लेकिन अब जो नया खुलासा हुआ है वो कहीं ज़्यादा चिंताजनक है.

क्या हो रहा है?

हाल ही में कुछ Facebook यूज़र्स को एक नया पॉप-अप नोटिफिकेशन दिखा जिसमें “Cloud Processing” नामक फीचर को ऑन करने का सुझाव दिया गया. पहली नजर में यह फीचर काफी सामान्य और सुविधाजनक लगता है. इसमें कहा गया कि यह सेटिंग आपके फोन की कैमरा रोल से फोटो स्कैन करेगी और उन्हें Meta के क्लाउड पर “नियमित रूप से” अपलोड करेगी. इसके बदले कंपनी आपको AI के ज़रिए फोटो कोलाज, इवेंट रिकैप, कस्टम फिल्टर्स और थीम सजेशन जैसी क्रिएटिव चीज़ें ऑफर करेगी.

असल खतरा कहां है?

समस्या ये है कि अगर आपने इस फीचर को ऑन किया तो आप अनजाने में Meta को अपनी अनशेयर की गई निजी फोटो तक लगातार एक्सेस देने की अनुमति दे रहे हैं. ये फोटो आपने Facebook या Instagram पर शेयर नहीं की होंगी फिर भी Meta AI उन्हें स्कैन करेगा चेहरे, चीजें, तारीख और लोकेशन तक की जानकारी निकाली जाएगी.

Meta का कहना है कि यह एक “opt-in” सुविधा है, यानी यूज़र खुद तय कर सकते हैं कि इसका उपयोग करें या नहीं. लेकिन Facebook के अतीत को देखते हुए, कई प्राइवेसी एक्सपर्ट्स और यूज़र्स इस बात से चिंतित हैं कि इस फीचर का इस्तेमाल करके यूज़र्स की निजता को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है.

2007 से डेटा का इस्तेमाल

Meta पहले ही यह मान चुका है कि उसने 2007 से Facebook और Instagram पर पोस्ट किए गए सभी पब्लिक कंटेंट को अपनी AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया है. मगर कंपनी यह स्पष्ट नहीं करती कि “पब्लिक” की परिभाषा क्या है, या किस उम्र के लोगों के डेटा को “एडल्ट” मानकर उपयोग किया गया. इसके अलावा, Meta की नई AI शर्तें, जो 23 जून 2024 से लागू हुई हैं, यह नहीं बतातीं कि क्लाउड में प्रोसेस की गई अनशेयर तस्वीरों को AI ट्रेनिंग से बाहर रखा जाएगा या नहीं. इससे संदेह और बढ़ता है.

Meta की सफाई और यूज़र्स का विकल्प

Tech वेबसाइट The Verge ने जब Meta AI के अधिकारियों से इस विषय में बात की तो उन्होंने यह जरूर कहा कि “अभी” Meta उन फोटो का AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं कर रहा है. मगर यह भी नहीं बताया कि आगे ऐसा किया जाएगा या नहीं. अच्छी बात यह है कि यूज़र्स अपने Facebook सेटिंग में जाकर इस “Cloud Processing” फीचर को बंद कर सकते हैं. Meta का कहना है कि अगर कोई यूज़र यह सुविधा बंद कर देता है, तो 30 दिनों के भीतर उनकी अनशेयर की गई फोटो क्लाउड से हटा दी जाएगी.

कैसे बचें

AI अब हमारे डिजिटल जीवन का अहम हिस्सा बन गया है लेकिन इसके साथ-साथ हमारी निजता खतरे में भी है. Meta जैसे प्लेटफॉर्म लगातार इस सीमारेखा को खींच रहे हैं कि वे कितना डेटा इकट्ठा कर सकते हैं. इस नए फीचर से यूज़र्स को बिना पूरी जानकारी दिए उनके निजी फोटो तक पहुंच बनाई जा रही है. ऐसे में जरूरी है कि हम खुद सतर्क रहें और सेटिंग्स की जांच करते रहें क्योंकि अब फोटो सिर्फ शेयर करने का ज़रिया नहीं रह गई हैं अब वे AI के लिए कच्चा माल बन रही हैं.

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लगातार बनी रहती पेट में गैस और रहता है कब्ज, कहीं ये कैंसर के लक्षण तो नहीं?

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<p style="text-align: justify;">पेट में गैस और कब्ज बेहद कॉमन प्रॉब्लम बन चुकी है. दरअसल, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और टेंशन के कारण लाखों लोग इस दिक्कत से परेशान रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी जैसे कैंसर की ओर इशारा करते हैं? जानते हैं कि पेट में गैस और कब्ज होने की वजह क्या हो सकती है और इन लक्षणों को कब गंभीरता से लेने की जरूरत होती है?&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पेट में गैस बनने और कब्ज की वजह?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पेट में गैस बनना और कब्ज होना पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें हैं, जिनका कनेक्शन डाइट और लाइफस्टाइल से होता है. दरअसल, जब पाचन तंत्र में हवा फंस जाती है या बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट्स का विघटन करते हैं तो गैस बनती है. वहीं, कब्ज तब होता है, जब मल त्याग में दिक्कत होती है या मल सूखा और कठोर हो जाता है. मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के डॉ. विनय सैमुअल गायकवाड़ बताते हैं कि पेट में गैस, पेट फूलना और कब्ज जैसी दिक्कतें आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल, कम फाइबर वाला भोजन करने, कम पानी पीने और फिजिकल एक्टिविटीज कम होने के कारण होती हैं. ये लक्षण काफी वक्त तक बने रहे या वजन घटने, मल में खून या लगातार पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिंता का विषय हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन वजहों से होती है गैस-कब्ज की दिक्कत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पालक, पत्ता गोभी, बीन्स, राजमा, छोले, मैदा और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से गैस और कब्ज की दिक्कत हो सकती है. वहीं, पूरे दिन बैठे रहने, कम पानी पीने और एक्सरसाइज की कमी से भी परेशानी बढ़ती है. ज्यादा टेंशन लेने के कारण भी गैस और कब्ज की समस्या बढ़ती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कैंसर से हो सकता है गैस और कब्ज का कनेक्शन?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गैस और कब्ज के ज्यादातर मामलों को नॉर्मल माना जाता है, लेकिन कुछ केसेज में ये गंभीर बीमारियों जैसे पेट के कैंसर का सिग्नल हो सकते हैं. पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहते हैं. यह तब होता है, जब पेट की अंदरूनी परतों पर असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं. यह बीमारी शुरुआत में स्पष्ट तौर पर नजर नहीं आती है, जिसके चलते इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है#</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैंसर का पता बताते हैं ये लक्षण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. गायकवाड़ के मुताबिक, पेट में गैस, अपच और कब्ज जैसे लक्षण अगर लगातार बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. साथ ही, इन बातों पर भी गौर करना चाहिए.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>लगातार पेट दर्द:</strong> विशेष रूप से खाने के बाद या पेट के ऊपरी हिस्से में.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>अचानक वजन घटना:</strong> बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में कमी.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मल में खून:</strong> मल का रंग बदलना या मल के साथ खून आना.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मतली और उल्टी:</strong> विशेष रूप से अगर उल्टी में खून हो.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>भूख में कमी:</strong> खाने की इच्छा कम होना या खाने के बाद भारीपन महसूस होना.</li>
</ul>
<p>एनेल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जेन-एक्स और मिलेनियल्स में पेट और अपेंडिक्स कैंसर के मामले पहले की तुलना में तीन और चार गुना तेजी से बढ़े हैं. इसकी वजह मॉडर्न लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन और मोटापा बताई जाती है. कई रिसर्च में पेट में गैस और कब्ज का कनेक्शन कुछ गंभीर बीमारियों जैसे कोलोरेक्टल कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर से मिला है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, लंबे समय तक कब्ज और गैस की समस्या पाचन तंत्र में असामान्य कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकती है, जो कैंसर का कारण बन सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href=" विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>

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पानी को लेकर आपस में भिड़ पड़ीं महिलाएं! टैंकर में बाल्टी लगाने की होड़ में जमकर चले लात घूंसे

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पानी को लेकर मचा घमासान कोई नई बात नहीं, लेकिन गाजियाबाद से सामने आया यह वीडियो हर किसी को चौंका रहा है. जहां पानी की कुछ बाल्टियों की वजह से मोहल्ले की महिलाओं के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बात हाथापाई तक पहुंच गई. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी के टैंकर के पास महिलाएं आपस में लड़ रही हैं और इस लड़ाई में एक तौलिया लपेटे युवक और उसके साथ खड़ा एक छोटा बच्चा भी कूद पड़ता है. हैरानी की बात यह है कि वो मासूम सा दिखने वाला बच्चा भी गुस्से में एक महिला को लात मारता दिख रहा है. ये दृश्य अब सोशल मीडिया पर बुरी तरह वायरल हो रहा है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं.

पानी को लेकर मचा बवाल

गाजियाबाद से सामने आया ये वीडियो इस समय इंटरनेट पर छाया हुआ है. बताया जा रहा है कि मोहल्ले में पानी का टैंकर पहुंचा था और रोज की तरह महिलाएं अपनी-अपनी बाल्टियों के साथ लाइन में खड़ी थीं. इसी दौरान किसी ने पहले बाल्टी लगाने की कोशिश की, जिससे बहस शुरू हो गई. कुछ ही मिनटों में यह बहस गर्मागर्म झगड़े में बदल गई. गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और फिर हाथापाई. सबकुछ कैमरे में कैद हो गया.

छोटे बच्चे ने जमकर चलाई लातें

वीडियो में एक खास चीज जो लोगों का ध्यान खींच रही है, वो है वहां मौजूद एक लड़का जो तौलिया लपेटे हुए लड़ाई देख रहा है, और फिर खुद भी उसमें शामिल हो जाता है. इतना ही नहीं, उसके साथ खड़ा एक नन्हा बच्चा, जिसकी उम्र मुश्किल से 6-7 साल होगी, वह भी महिलाओं के साथ धक्का मुक्की करने लगता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह बच्चा एक महिला को गुस्से में लात मार देता है. यह दृश्य देखकर लोग हैरान हैं कि इतनी कम उम्र में भी हिंसा की आदत कैसे पनप रही है.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को Ghar ke kalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…गाजियाबाद और दिल्ली में जहां जहां पानी की सही व्यवस्था नहीं है, वहां का ये रोज का मामला है ऐसी घटनाएं वहां रोज होती हैं. एक और यूजर ने लिखा….शर्म की बात है कि ये इलाका राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है और यहां पानी को लेकर ये हालात हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…राजधानी को तो कम से कम प्यासा मत रखिए सर.

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बीबी को जाने दो! नेतन्याहू के खिलाफ करप्शन के मुकदमे पर फिर भड़के ट्रंप, इजरायल से कर डाली बड़ी

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Donald Trump on Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की आलोचना की है. उन्होंने दावा किया है कि इससे गाजा और ईरान के साथ डील करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा.

अभियोजन पक्ष को सीधे तौर पर न धमकाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता के बारे में बताया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ’ पर लिखा, ‘इजरायल में बीबी नेतन्याहू के साथ जो हो रहा है वो भयावह है. वह एक युद्ध नायक हैं. एक प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने ईरान में न्यूक्लियर खतरे से छुटकारा दिलाने में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर शानदार काम किया है.’

ट्रंप ने आगे लिखा, ‘महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अभी हमास के साथ एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें बंधकों को वापस लाना शामिल होगा.’

बिना सिगार के पूरे दिन कोर्टरूम में बैठाया: डोनाल्ड ट्रंप

उन्होंने लिखा, ‘यह कैसे संभव है कि इजरायल के प्रधानमंत्री को बिना किसी बात (सिगार, बग्स बनी डॉल आदि) के लिए पूरे दिन कोर्टरूम में बैठने के लिए मजबूर किया जा सकता है. यह एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जो कि बिना ठोस सबूत के किसी के खिलाफ जानबूझकर की गई छानबीन या प्रताड़ना है. ‘न्याय’ का यह मजाक ईरान और हमास दोनों की वार्ता में बाधा डालेगा.’

बीबी को जाने दो, उन्हें बहुत काम करना है: ट्रंप

ट्रंप ने लिखा, ‘दूसरे शब्दों में, यह मूर्खता है. संयुक्त राज्य अमेरिका इजरायल की रक्षा और समर्थन के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है, जो किसी भी अन्य राष्ट्र की तुलना में कहीं अधिक है. हम इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं. हमने अभी-अभी प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के नेतृत्व में एक बड़ी जीत हासिल की है और यह हमारी जीत को धूमिल करता है. बीबी को जाने दो, उन्हें एक बहुत बड़ा काम करना है!’

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कब आएगा CUET UG का रिजल्ट? कैसे कर पाएंगे सबसे पहले चेक, यहां जानें

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CUET UG 2025 की परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों का इंतजार अब अंतिम मोड़ पर है. देशभर में छात्र बेसब्री से अपना रिजल्ट जानने को तैयार बैठे हैं, और अब सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग सेंटर तक बस एक ही चर्चा है – CUET का रिजल्ट कब आएगा? राहत की खबर यह है कि NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने फाइनल आंसर की जारी कर दी है और अब रिजल्ट कभी भी घोषित किया जा सकता है. यानी जून के आखिरी सप्ताह में ही छात्रों की मेहनत का नतीजा सामने होगा.

जल्द आएगा CUET UG का रिजल्ट

CUET UG 2025 के नतीजों को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है. NTA ने पहले 17 जून को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी और छात्रों को 20 जून तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया था. इसके बाद NTA ने फाइनल आंसर की (Final Answer Key) भी जारी कर दी है, जिससे साफ है कि अब रिजल्ट को लेकर कोई तकनीकी प्रक्रिया बाकी नहीं बची है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CUET UG 2025 का रिजल्ट जून के अंतिम सप्ताह में कभी भी जारी किया जा सकता है, यानी 27 से 30 जून के बीच रिजल्ट आने की पूरी संभावना है. एक बार रिजल्ट जारी हो गया तो छात्र cuet.nta.nic.in या cuet.samarth.ac.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकेंगे. इसके लिए छात्रों को अपने अप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होगी.

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इन विषयों में मिलेगा दाखिला

CUET यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अब देश के प्रमुख केंद्रीय और कई राज्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन की मुख्य कुंजी बन चुका है. लाखों छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था और अब सबकी नजर अपने स्कोर पर है, ताकि अगला कदम तय हो सके. वो चाहे बीए, बीकॉम, बीएससी हो या किसी टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रिजल्ट जल्दी आने की वजह यह भी है कि विश्वविद्यालयों को समय रहते एडमिशन प्रक्रिया शुरू करनी है. इसलिए छात्र जल्द से जल्द रिजल्ट आने की उम्मीद रखें और संबंधित वेबसाइट्स पर लगातार नजर बनाए रखें.

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पारस छाबड़ा ने पहले ही कर दी थी शेफाली की मौत की भविष्यवाणी! वायरल वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

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एक झटका, जो हर किसी को सन्न कर गया. ‘कांटा लगा’ फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के निधन की खबर ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से लेकर उनके फैंस तक को गहरे सदमे में डाल दिया है. सिर्फ 42 साल की उम्र में अचानक उनकी मौत से हर कोई स्तब्ध है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेफाली को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस दुखद घटना के बीच अब एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर छाया हुआ है, जो और भी ज्यादा हैरान कर रहा है.

कांटा लगा गाने के लिए मशहूर थीं शेफाली

शेफाली जरीवाला, जिन्हें आज भी उनके सुपरहिट गाने ‘कांटा लगा’ के लिए याद किया जाता है, अब हमारे बीच नहीं रहीं. सूत्रों की मानें तो मुंबई स्थित उनके घर में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया. उनके पति और अभिनेता पराग त्यागी उन्हें फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना से न सिर्फ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, बल्कि उनके चाहने वाले भी गहरे सदमे में हैं.


वायरल हो रहा पुराना पॉडकास्ट

अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया को और भी भावुक और बेचैन कर दिया है. दरअसल, यह वीडियो शेफाली और टीवी पर्सनालिटी पारस छाबड़ा के एक पुराने पॉडकास्ट का है. इस बातचीत के दौरान पारस, शेफाली की कुंडली देखकर कुछ भविष्यवाणी करते नजर आते हैं. वीडियो में वो उन्हें यह कहते सुने जा सकते हैं कि उनकी कुंडली में एक “अचानक मोड़” या “अप्रत्याशित घटना” दर्ज है, जो आगे चलकर उनकी अचानक मृत्यु का कारण बन सकती है. अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद हर कोई हैरान है कि पारस छाबड़ा ने शेफाली की मौत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी.

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यूजर्स हो रहे हैरान

वीडियो को original.things7 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई ये केवल इत्तेफाक है और कुछ नहीं. एक और यूजर ने लिखा…पारस छाबड़ा भविष्यवक्ता भी है, हमें नहीं पता था. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अचानक मृत्यु तो किसी की भी हो सकती है, इसे हव्वा ना बनाया जाए.

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कन्नप्पा ने तोड़े 9 रिकॉर्ड, अक्षय कुमार की हुई चांदी, दो दिन में ही फिल्म ने कमा डाले इतने

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Kannappa Box Office Collection Day 2: मुकेश कुमार सिंह की विष्णु मांचू स्टारर कन्नप्पा रिलीज हो गई है. फिल्म 27 जून को रिलीज हुई. फिल्म में अक्षय कुमार, प्रभास, मोहनलाल, सरतकुमार जैसे कई स्टार्स ने कैमियो रोल प्ले किया है. 

कन्नप्पा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, कन्नप्पा ने 9.35 करोड़ से ओपनिंग की थी. फिल्म ने तमिल में 0.15 करोड़, तेलुगु में 8.25 करोड़, हिंदी में 0.65 करोड़, कन्नड़ में 0.1 करोड़ और मलयालम में 0.2 करोड़ का कलेक्शन किया था.

वहीं दूसरे दिन खबरें हैं कि फिल्म ने 7 करोड़ का कलेक्शन किया है. फिल्म के दूसरे दिन के कलेक्शन के आंकड़े अभी ऑफिशियली सामने नहीं आए हैं. पर अगर फिल्म ने दूसरे दिन 7 करोड़ का कलेक्शन किया है तो फिल्म का अभी तक का टोटल कलेक्शन 16.35 करोड़ हो गया है.

इसी के साथ फिल्म ने इसी साल आई 5 फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. फिल्म ने दो दिन की कमाई के मामले में इमरजेंसी 6.1 करोड़, आजाद 2.8 करोड़, सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव 1.1 करोड़, फतेह 4.5 करोड़ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. वहीं सनी देओल की जाट ने दो दिन में 16.5 करोड़ कमाए.

विष्णु मांचू के करियर की बेस्ट फिल्म

बता दें कि कन्नप्पा को सभी साउथ इंडियन भाषाओं में रिलीज किया गया. हिंदी में भी फिल्म रिलीज हुई है. हालांकि, सबसे अच्छा फिल्म तेलुगू में परफॉर्म कर रही है. वहीं ये विष्णु के करियर की बेस्ट फिल्म बन गई है. इससे पहले उनकी Ginna और Mosagallu जैसी फिल्मों ने 1 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था. इससे पहले 2014 में विष्णु को करियर की बेस्ट ओपनिंग मिली थी. फिल्म राउडी ने 3 करोड़ से ओपनिंग की थी और पहले हफ्ते में 11 करोड़ कमाए थे.

कन्नप्पा के दो दिन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ने फिल्म Arjun S/o Vyjayanthi को भी पीछे छोड़ दिया. इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 10 करोड़ का कलेक्शन किया था.

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ये है दुनिया का सबसे ताकतवर हथियार! जानें किस तकनीक पर करता है काम?

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Tsar Bomba: दुनिया का सबसे शक्तिशाली और भयावह परमाणु हथियार—Tsar Bomba मानव इतिहास में तबाही का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. इसे सोवियत संघ (अब रूस) ने 1961 में विकसित किया था. इसका विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इसके आगे नागासाकी और हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम भी बौने लगते हैं.

Tsar Bomba क्या है?

Tsar Bomba (जिसे आधिकारिक रूप से RDS-220 कहा जाता है) एक हाइड्रोजन बम है, जिसे सोवियत संघ ने शीत युद्ध के दौरान विकसित किया था. इसे 30 अक्टूबर 1961 को आर्कटिक महासागर के नोवाया ज़ेमल्या द्वीप समूह पर परीक्षण के रूप में गिराया गया था. इसका वजन लगभग 27 टन था और लंबाई करीब 26 फीट थी. यह बम इतना विशाल था कि इसे TU-95 बॉम्बर विमान से गिराने के लिए विशेष रूप से संशोधित करना पड़ा.

कितनी ताकतवर थी Tsar Bomba?

Tsar Bomba की ताकत 50 मेगाटन TNT के बराबर थी जो कि हिरोशिमा पर गिराए गए बम से लगभग 3,300 गुना ज्यादा थी. शुरुआत में इसे 100 मेगाटन क्षमता के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन रेडिएशन प्रभाव को देखते हुए इसकी शक्ति को आधा कर दिया गया था. फिर भी, 50 मेगाटन का विस्फोट मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा परमाणु विस्फोट माना जाता है.

इसका विस्फोट इतना भयंकर था कि लगभग 1000 किलोमीटर दूर तक इसकी धमक महसूस की गई. खिड़कियां 900 किलोमीटर दूर तक टूट गईं. मशरूम जैसे बादल की ऊंचाई 60 किलोमीटर तक पहुंच गई. ज़मीन से 55 किलोमीटर ऊपर हवा में ही बम को विस्फोटित किया गया ताकि ज़मीन पर नुकसान सीमित रहे.

किस तकनीक पर आधारित है Tsar Bomba?

Tsar Bomba एक थर्मोन्यूक्लियर बम है जो फ्यूजन (संलयन) तकनीक पर आधारित है. यह तकनीक दो मुख्य चरणों में काम करती है

फर्स्ट स्टेज (फिशन): इसमें यूरेनियम या प्लूटोनियम का विखंडन किया जाता है, जिससे अत्यधिक गर्मी और दबाव उत्पन्न होता है.

सेकेंड स्टेज (फ्यूजन): फिशन से उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग हाइड्रोजन आइसोटोप (जैसे ड्युटीरियम और ट्रिटियम) को मिलाकर फ्यूजन रिएक्शन शुरू करने के लिए किया जाता है, जिससे अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है. Tsar Bomba के डिज़ाइन में तीन-चरणीय विस्फोट प्रणाली थी—फिशन, फ्यूजन और फिर फिशन लेकिन तीसरे चरण में यूरेनियम को हटाकर सीसा डाल दिया गया था ताकि रेडियोएक्टिव प्रदूषण कम हो.

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जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा में गौतम अडानी का ‘सेवा से साधना’ संकल्प

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ओडिशा के पुरी में आज जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा निकली, तो उसमें देश के मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी भी पूरे परिवार के साथ शामिल हुए. उनकी पत्नी प्रीति अडानी और बेटे करण अडानी भी इस भव्य धार्मिक आयोजन में भाग लेने पहुंचे. अडानी परिवार ने न केवल पूजा-पाठ में भाग लिया, बल्कि भगवान के लिए प्रसाद तैयार करने की सेवा में भी हिस्सा लिया.

‘यह रथयात्रा आस्था, सेवा और एकता का विराट स्वरूप है’

गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की दिव्य रथयात्रा के दर्शन का सौभाग्य पाकर धन्य हुआ. भक्तों के बीच साक्षात भगवान को देखना, विनम्रता, सरलता और करुणा की पराकाष्ठा का अनुभव है. यह रथ यात्रा आस्था, सेवा और एकता का विराट स्वरूप है, जो मन, बुद्धि और आत्मा, तीनों को आनंदित कर देती है.

पुरी की इस पवित्र भूमि पर, लाखों भक्तों के साथ इस अद्भुत अनुभव का साक्षी बनना, सदैव मेरे जीवन की अनमोल स्मृतियों में शामिल रहेगा. मैं प्रदेश सरकार, पुरी प्रशासन और उन हजारों सेवा-समर्पित कर्मियों को हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिनके समर्पण और अनुशासन से यह आयोजन इतनी श्रद्धा और भव्यता से संपन्न हो रहा है. महाप्रभु की कृपा पावन राज्य ओडिशा समेत, भारत और भारतवासियों पर सदा बनी रहे.

जय जगन्नाथ!’

अडानी ग्रुप बना श्रद्धालुओं की सेवा का सहारा

पुरी की यह रथयात्रा सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा धार्मिक आकर्षण है, जिसमें लाखों श्रद्धालु जुटते हैं. इस नौ दिवसीय उत्सव के दौरान अडानी ग्रुप श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रशासन की हर स्तर पर मदद कर रहा है. अडानी फाउंडेशन के माध्यम से यह सेवा अभियान बड़ी स्केल पर संचालित किया जा रहा है, जिसमें खाने-पीने से लेकर सुरक्षा तक का खास इंतज़ाम किया गया है.

सेवा का नया पैमाना

अडानी ग्रुप ने 26 जून से 8 जुलाई तक चलने वाली इस रथयात्रा के दौरान अनुमानित चार करोड़ भोजन और पेय पदार्थों के वितरण का संकल्प लिया है. पुरी में कई जगहों पर भोजन केंद्र बनाए गए हैं जहां श्रद्धालुओं, वॉलंटियर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को मुफ्त में खाना और ठंडा पानी दिया जा रहा है. गर्म मौसम को देखते हुए विशेष ठंडे पेय पदार्थों के स्टॉल भी जगह-जगह लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को लू और गर्मी से राहत मिल सके.

सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम

सेवा केवल भोजन तक सीमित नहीं है. अडानी ग्रुप ने सफाई कर्मचारियों को फ्लोरेसेंट जैकेट्स, वॉलंटियर्स को टी-शर्ट और सुरक्षा बलों व श्रद्धालुओं के लिए रेनकोट, कैप और छतरियां वितरित की हैं. इसके अलावा, पुरी बीच लाइफगार्ड महासंघ के साथ मिलकर लाइफगार्ड्स को भी लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जा रहा है, जिससे समुद्र किनारे आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

स्थानीय संस्थाओं और ISKCON के साथ मिलकर हो रही सेवा

यह पूरा सेवा अभियान पुरी जिला प्रशासन, ISKCON और स्थानीय सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है. गौतम अडानी ने इससे पहले प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भी इसी तरह का सेवा कार्य किया था, जहां उन्होंने धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर भोजन वितरण और सुविधाएं प्रदान की थीं.

‘सेवा से साधना’ की राह पर अडानी परिवार

गौतम अडानी ने इस मौके पर कहा भी कि, “हमने महाकुंभ में पहली बार ‘सेवा से साधना’ की कोशिश की थी. आज जगन्नाथ पुरी की इस भव्य यात्रा में हमने इसे और आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है.” पुरी की रथयात्रा में उनकी उपस्थिति और सेवा कार्यों के ज़रिए यह संदेश साफ है कि अब कॉर्पोरेट दुनिया भी आस्था और सेवा के संगम में सक्रिय रूप से भागीदार बन रही है.

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