‘पागलपन से भरा हुआ विनाशकारी फैसला’, ट्रंप के बिग ब्यूटीफुल बिल को एलन मस्क ने बताया अमेरिका के

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Elon Musk Criticised Trump: एलन मस्क ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की खुलकर आलोचना की है. उन्होंने ट्रंप प्रशासन की ओर से प्रस्तावित नए टैक्स और खर्च बिल को पागलपन भरा और अमेरिका के लिए विनाशकारी बताया है. उन्होंने कहा कि यह ड्राफ्ट बिल अमेरिका को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा और लाखों नौकरियों को खत्म कर देगा. कभी ट्रंप के करीबियों में शामिल रहे मस्क अब खुलकर ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते नजर आ रहे हैं. 

दरअसल ट्रंप प्रशासन की ओर से लाए जा रहे इस बिल में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो अमेरिका की मौजूदा सामाजिक और आर्थिक संरचना पर गहरा असर डाल सकते हैं. मेडिकेड और फूड स्टैम्प्स जैसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में भारी खर्च कटौती. रक्षा और सुरक्षा बजट में बड़ा इजाफा जैसे, US-मेक्सिको सीमा दीवार को बढ़ाने के लिए 46 अरब डॉलर, 1 लाख प्रवासी डिटेंशन बेड्स के लिए 45 अरब डॉलर, 10,000 नए ICE अधिकारियों की भर्ती, जिनके लिए 10,000 डॉलर साइनिंग बोनस. 350 अरब डॉलर की सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा योजना का हिस्सा आदि शामिल हैं.

भविष्य के उद्योगों के लिए खतरा- मस्क की चेतावनी 

एलन मस्क का मानना है कि यह बिल अमेरिका की भविष्य की टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रीज के लिए घातक हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह बिल भविष्य के उद्योगों को नुकसान पहुंचाकर पुराने उद्योगों को रियायतें देता है. इस बयान के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तेजी से उभरती हुई इंडस्ट्रीज के विकास में यह बिल रुकावट बन सकता है.

4 जुलाई तक पास कराएं बिल, ट्रंप का अपने सांसदों को आदेश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों को आदेश दिया है कि वे 4 जुलाई की राष्ट्रीय अवकाश से पहले इस बिल को सीनेट और हाउस से पारित कराएं. चूंकि रिपब्लिकन के पास दोनों सदनों में बहुमत है, ट्रंप इसे अपना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने में लगे हैं. उन्होंने इस बिल को अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ रणनीति का हिस्सा बताया है, जिसमें देश की सीमाओं को मजबूत करना, गैरकानूनी प्रवासियों को निकालना और सुरक्षा पर खर्च बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य हैं.

हर साल 10 लाख प्रवासियों को डिपोर्ट करने की योजना 

इस बिल का सबसे विवादास्पद पहलू है ट्रंप का वादा हर साल 10 लाख लोगों को अमेरिका से निकालने का. यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन अभियान होगा. हालांकि, इस योजना की आलोचना भी बढ़ती जा रही है. मस्क की तरह कई उद्योगपति, मानवाधिकार कार्यकर्ता और कुछ रिपब्लिकन सांसद भी इस पर चिंता जता चुके हैं.

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8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स को बड़ी राहत! अब 12 साल में बहाल हो सकती है पूरी पेंशन

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8th Pay Commission: केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशनभोगियों को एक बड़ी राहत देने की तैयारी में है. अब कम्युटेड पेंशन (Commuted Pension) की बहाली की अवधि 15 साल से घटाकर 12 साल करने की मांग जोर पकड़ चुकी है. यह मांग कर्मचारियों की प्रतिनिधि संस्था नेशनल काउंसिल (JCM) की ओर से सरकार को दी गई चार्टर ऑफ डिमांड का हिस्सा है. अगर यह मांग मानी जाती है, तो लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को जल्दी पूरी पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी.

कम्युटेड पेंशन होता क्या है?

जब कोई सरकारी कर्मचारी रिटायर होता है, तो उसे अपनी पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त (लम्प सम) लेने का विकल्प मिलता है. इसे कम्युटेशन ऑफ पेंशन कहा जाता है. इसके बदले में हर महीने मिलने वाली पेंशन से एक तय राशि काट ली जाती है, ताकि सरकार उस लम्प सम रकम की भरपाई कर सके. फिलहाल ये कटौती 15 साल तक होती है, यानी 15 साल बाद ही कर्मचारी को उसकी पूरी पेंशन मिलती है.

क्यों चाहिए 12 साल में बहाली?

कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स का कहना है कि 15 साल की अवधि बहुत लंबी और आर्थिक रूप से नुकसानदेह है. आज के समय में ब्याज दरें काफी कम हो गई हैं, जबकि कटौती का फॉर्मूला पुराना है. इससे रिटायर्ड कर्मचारी अपनी ही पेंशन का बड़ा हिस्सा खो बैठते हैं.

अगर ये अवधि 12 साल की कर दी जाए, तो रिटायर्ड लोगों को जल्दी से पूरी पेंशन मिल सकेगी. इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, खासकर उस समय जब स्वास्थ्य, महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही हैं.

क्या कहता है चार्टर ऑफ डिमांड?

नेशनल काउंसिल (JCM) ने हाल ही में कैबिनेट सचिव को कर्मचारियों की प्रमुख मांगों की सूची सौंपी है. इसमें सबसे बड़ी मांग यही है, कम्युटेड पेंशन की बहाली अवधि 15 साल से घटाकर 12 साल की जाए. सरकार की तरफ से संकेत मिले हैं कि यह मुद्दा 8वें वेतन आयोग के ToR (Terms of Reference) में शामिल किया जा सकता है. इससे उम्मीद और मजबूत हो गई है कि यह बदलाव वाकई लागू हो सकता है.

SCOVA मीटिंग में भी उठा मुद्दा

11 मार्च 2025 को हुई SCOVA (Standing Committee on Voluntary Agencies) की 34वीं बैठक में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, पेंशन एवं जन शिकायत) ने की. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भी माना कि मौजूदा सिस्टम को ज्यादा न्यायसंगत और व्यावहारिक बनाने की जरूरत है. इसके बाद यह तय किया गया कि यह मांग वेतन आयोग के एजेंडे में शामिल होगी.

8वें वेतन आयोग की स्थिति क्या है?

फिलहाल 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है. परंपरा के अनुसार नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए. लेकिन आयोग के सदस्यों के नाम और ToR अभी तय नहीं हुए हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि इसमें कुछ देरी हो सकती है. लेकिन कम्युटेड पेंशन बहाली का मुद्दा अब प्राथमिकता में आ गया है.

अगर ये नियम लागू हुआ तो क्या होगा फायदा?

सरकार अगर कम्युटेड पेंशन की बहाली अवधि 12 साल कर देती है, तो यह लाखों पेंशनर्स के लिए राहत की सांस होगी. भले ही 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में समय लग रहा हो, लेकिन इस दिशा में उठाया गया हर कदम सरकारी सेवा दे चुके लोगों के सम्मान और हक का प्रतीक होगा. इसके अलावा, रिटायर हो रहे कर्मचारियों को पूरी पेंशन जल्द मिल जाएगी. उनको स्वतंत्र आर्थिक स्थिति में मदद मिलेगी. स्वास्थ्य, पारिवारिक खर्चों और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करना आसान होगा और पहले से रिटायर्ड पेंशनर्स को भी राहत मिल सकती है (अगर नियम को पीछे से लागू किया गया).

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अंपायर के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा महंगा, वेस्टइंडीज के कोच डैरेन सैमी को ICC ने सुनाई सजा

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WI vs AUS Test: बारबाडोस में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज को 159 रनों से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया 180 पर ढेर हो गई थी, वेस्टइंडीज भी 190 रन ही बना पाई थी. उन्होंने 10 रन की बढ़त हासिल की, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 310 रन बनाकर लक्ष्य 301 रनों का दिया. वेस्टइंडीज 141 रनों पर ऑल आउट हो गई. मैच में अंपायर के कई फैसले विवादित रहें, जो अधिकतर मेजबान के विरोध में गए. इससे नाराज कोच डैरेन सैमी ने अंपायर का नाम लेकर फैसलों पर सवाल उठाए थे.

वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट में थर्ड अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक थे, उनके 5 फैसले विवादित रहे और इनमें से 4 वेस्टइंडीज के खिलाफ गए. कोच डैरेन सैमी ने प्रेस कांफ्रेंस में नाम लेकर थर्ड अंपायर के फैसलों पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद आईसीसी ने उनको सजा सुनाई.

डैरेन सैमी ने क्या कहा

सैमी ने प्रेस कांफ्रेंस में अंपायर का नाम लेकर कहा था कि ऐसे गलत फैसलों की वजह से मैच हमारे खिलाफ गया. उन्होंने कहा कि क्या इस टीम के खिलाफ कुछ है? जब एक के बाद एक ऐसे गलत फैसले देखते हो तो सवाल तो उठेंगे ही. उनके आलावा कप्तान रॉस्टन चेज ने भी सवाल उठाए थे.

ICC ने लगाया जुर्माना

आईसीसी ने डैरेन सैमी पर डिमेरिट अंक जोड़ा और मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माने के रूप में काटा. वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडेन सील्स पर भी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगा. उन्होंने पैट कमिंस को आउट करने के बाद कुछ इशारे किए थे, इस कारण उन्हें सजा दी गई.

वेस्टइंडीज के कप्तान रॉस्टन चेज ने भी अंपायर के फैसलों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि खिलाड़ियों को गलत करने पर सजा मिलती है लेकिन अंपायर के साथ कुछ भी नहीं होता. दरअसल एक फैसला चेज के खिलाफ भी गया था. टेस्ट के दूसरे दिन पैट कमिंस ने उन्हें एलबीडबल्यू आउट किय, लेकिन उन्होंने इस पर DRS ले लिया. अल्ट्रा एज में दिखा कि जब गेंद बल्ले के पास थी तो कुछ स्पाइक है, लेकिन थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट ही दिया.

थर्ड अंपायर के कई फैसले रहें विवादित

इस टेस्ट में एक नहीं बल्कि थर्ड अंपायर के कई फैसले विवादित रहे. पहले दिन ही ट्रेविस हेड के बल्ले का किनारा लेकर गेंद विकेट कीपर शाई होप के पास गई, इस कैच की जांच हुई तो थर्ड अंपायर ने इसे नॉट आउट दिया. वेस्टइंडीज की पहली पारी में एलेक्स कैरी ने शाई होप का एक हाथ से कैच पकड़ा था. अंपायर ने थर्ड अंपायर से इस कैच की जांच करने को कहा, उन्होंने इसे आउट करार दिया जबकि रीप्ले ये नजर आया कि कैच लेते समय गेंद का एक हिस्सा ग्राउंड को छू गया था.

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सरकारी नौकरी की कर रहें है तैयारी! तो अपनाएं ये 5 वास्तु टिप्स मिलेगा फायदा!

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Vastu Tips for Government Job: आज के समय में सरकारी नौकरी हर युवा का सपना बन चुका है. लाखों लोग हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन कई बार मेहनत के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगती. ऐसे में मन में सवाल उठता है, क्या मेरी किस्मत साथ नहीं दे रही? 

असल में, वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर और पढ़ाई के वातावरण का असर हमारी ऊर्जा और मनःस्थिति पर पड़ता है. अगर वास्तु सही हो, तो मेहनत और लगन का फल भी जल्दी मिलता है. जानिए ऐसे 5 असरदार वास्तु उपाय, जो सरकारी नौकरी की राह को आसान बना सकते हैं.

पहला उपाय पढ़ाई का स्थान बदलें
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब भी आप पढ़ाई करें तो मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें. यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है, जिससे एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है.

  • वास्तु टिप्स- पढ़ाई की मेज के सामने दीवार पर प्रेरणादायक कोट्स या भगवान सरस्वती की तस्वीर लगाएं.

दूसरा उपाय स्टडी टेबल पर रखें विशेष तरह के फूल 
सरकारी नौकरी में सफलता के लिए पढ़ाई की टेबल पर पीले रंग के ताजे फूल या क्रिस्टल बॉल रखें. यह ब्रह्मा और सरस्वती ऊर्जा को सक्रिय करता है और पढ़ाई में रुचि बनी रहती है.

  • वास्तु टिप्स- फूल सूखने पर तुरंत बदलें, वरना नकारात्मक ऊर्जा फैलती है.

तीसरा उपाय 
घर का दक्षिण-पश्चिम कोना (South-West corner) वास्तु में ‘स्थिरता और करियर’ का कोना माना जाता है. यह जगह गंदी, फैली हुई या अव्यवस्थित न रखें. यहां सफाई और संतुलन बना कर रखें.

  • वास्तु टिप्स- इस कोने में लकड़ी का ग्लोब या मैप रखें, जो आपके लक्ष्य को दर्शाए.

उपाय नंबर चार
हर सुबह पढ़ाई या काम शुरू करने से पहले दीपक जलाकर ‘ऊँ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें. यह मंत्र बाधाएं दूर करने वाला माना जाता है और करियर में स्थिरता लाता है.

  • वास्तु टिप्स- अगर संभव हो तो एक तुलसी का पौधा घर के आंगन या बालकनी में जरूर रखें.

उपाय नंबर पांच शनिवार के दिन करें विशेष उपाय
अगर नौकरी में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, तो शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि मंत्र का जाप करें.

  • वास्तु टिप्स- इस दिन जरूरतमंद को काले चने, लोहे की चीज या काले कपड़े का दान करना भी शुभ होता है.

सरकारी नौकरी सिर्फ पढ़ाई और तैयारी से ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और ऊर्जा से भी मिलती है. अगर आप वास्तु के ये छोटे-छोटे उपाय नियमित रूप से अपनाएं, तो आपकी मेहनत और लगन जल्दी रंग ला सकती है. कहते हैं, जब मन, दिशा और ऊर्जा एक साथ हों, तो सफलता खुद रास्ता ढूंढ लेती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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Facebook यूज़र्स सावधान! आपके फोन में मौजूद फोटोज तक पहुंच गया Meta AI, जानें कैसे बचें

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Meta AI: आज के डिजिटल दौर में डेटा प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है, और Meta (Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी) एक बार फिर सुर्खियों में है. पहले भी Meta पर हमारे पब्लिक फोटो और डेटा का उपयोग अपने AI मॉडल (Meta AI) को ट्रेन करने के लिए करने का आरोप लगता रहा है. लेकिन अब जो नया खुलासा हुआ है वो कहीं ज़्यादा चिंताजनक है.

क्या हो रहा है?

हाल ही में कुछ Facebook यूज़र्स को एक नया पॉप-अप नोटिफिकेशन दिखा जिसमें “Cloud Processing” नामक फीचर को ऑन करने का सुझाव दिया गया. पहली नजर में यह फीचर काफी सामान्य और सुविधाजनक लगता है. इसमें कहा गया कि यह सेटिंग आपके फोन की कैमरा रोल से फोटो स्कैन करेगी और उन्हें Meta के क्लाउड पर “नियमित रूप से” अपलोड करेगी. इसके बदले कंपनी आपको AI के ज़रिए फोटो कोलाज, इवेंट रिकैप, कस्टम फिल्टर्स और थीम सजेशन जैसी क्रिएटिव चीज़ें ऑफर करेगी.

असल खतरा कहां है?

समस्या ये है कि अगर आपने इस फीचर को ऑन किया तो आप अनजाने में Meta को अपनी अनशेयर की गई निजी फोटो तक लगातार एक्सेस देने की अनुमति दे रहे हैं. ये फोटो आपने Facebook या Instagram पर शेयर नहीं की होंगी फिर भी Meta AI उन्हें स्कैन करेगा चेहरे, चीजें, तारीख और लोकेशन तक की जानकारी निकाली जाएगी.

Meta का कहना है कि यह एक “opt-in” सुविधा है, यानी यूज़र खुद तय कर सकते हैं कि इसका उपयोग करें या नहीं. लेकिन Facebook के अतीत को देखते हुए, कई प्राइवेसी एक्सपर्ट्स और यूज़र्स इस बात से चिंतित हैं कि इस फीचर का इस्तेमाल करके यूज़र्स की निजता को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है.

2007 से डेटा का इस्तेमाल

Meta पहले ही यह मान चुका है कि उसने 2007 से Facebook और Instagram पर पोस्ट किए गए सभी पब्लिक कंटेंट को अपनी AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया है. मगर कंपनी यह स्पष्ट नहीं करती कि “पब्लिक” की परिभाषा क्या है, या किस उम्र के लोगों के डेटा को “एडल्ट” मानकर उपयोग किया गया. इसके अलावा, Meta की नई AI शर्तें, जो 23 जून 2024 से लागू हुई हैं, यह नहीं बतातीं कि क्लाउड में प्रोसेस की गई अनशेयर तस्वीरों को AI ट्रेनिंग से बाहर रखा जाएगा या नहीं. इससे संदेह और बढ़ता है.

Meta की सफाई और यूज़र्स का विकल्प

Tech वेबसाइट The Verge ने जब Meta AI के अधिकारियों से इस विषय में बात की तो उन्होंने यह जरूर कहा कि “अभी” Meta उन फोटो का AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं कर रहा है. मगर यह भी नहीं बताया कि आगे ऐसा किया जाएगा या नहीं. अच्छी बात यह है कि यूज़र्स अपने Facebook सेटिंग में जाकर इस “Cloud Processing” फीचर को बंद कर सकते हैं. Meta का कहना है कि अगर कोई यूज़र यह सुविधा बंद कर देता है, तो 30 दिनों के भीतर उनकी अनशेयर की गई फोटो क्लाउड से हटा दी जाएगी.

कैसे बचें

AI अब हमारे डिजिटल जीवन का अहम हिस्सा बन गया है लेकिन इसके साथ-साथ हमारी निजता खतरे में भी है. Meta जैसे प्लेटफॉर्म लगातार इस सीमारेखा को खींच रहे हैं कि वे कितना डेटा इकट्ठा कर सकते हैं. इस नए फीचर से यूज़र्स को बिना पूरी जानकारी दिए उनके निजी फोटो तक पहुंच बनाई जा रही है. ऐसे में जरूरी है कि हम खुद सतर्क रहें और सेटिंग्स की जांच करते रहें क्योंकि अब फोटो सिर्फ शेयर करने का ज़रिया नहीं रह गई हैं अब वे AI के लिए कच्चा माल बन रही हैं.

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लगातार बनी रहती पेट में गैस और रहता है कब्ज, कहीं ये कैंसर के लक्षण तो नहीं?

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<p style="text-align: justify;">पेट में गैस और कब्ज बेहद कॉमन प्रॉब्लम बन चुकी है. दरअसल, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और टेंशन के कारण लाखों लोग इस दिक्कत से परेशान रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी जैसे कैंसर की ओर इशारा करते हैं? जानते हैं कि पेट में गैस और कब्ज होने की वजह क्या हो सकती है और इन लक्षणों को कब गंभीरता से लेने की जरूरत होती है?&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पेट में गैस बनने और कब्ज की वजह?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पेट में गैस बनना और कब्ज होना पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें हैं, जिनका कनेक्शन डाइट और लाइफस्टाइल से होता है. दरअसल, जब पाचन तंत्र में हवा फंस जाती है या बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट्स का विघटन करते हैं तो गैस बनती है. वहीं, कब्ज तब होता है, जब मल त्याग में दिक्कत होती है या मल सूखा और कठोर हो जाता है. मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के डॉ. विनय सैमुअल गायकवाड़ बताते हैं कि पेट में गैस, पेट फूलना और कब्ज जैसी दिक्कतें आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल, कम फाइबर वाला भोजन करने, कम पानी पीने और फिजिकल एक्टिविटीज कम होने के कारण होती हैं. ये लक्षण काफी वक्त तक बने रहे या वजन घटने, मल में खून या लगातार पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिंता का विषय हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन वजहों से होती है गैस-कब्ज की दिक्कत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पालक, पत्ता गोभी, बीन्स, राजमा, छोले, मैदा और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से गैस और कब्ज की दिक्कत हो सकती है. वहीं, पूरे दिन बैठे रहने, कम पानी पीने और एक्सरसाइज की कमी से भी परेशानी बढ़ती है. ज्यादा टेंशन लेने के कारण भी गैस और कब्ज की समस्या बढ़ती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कैंसर से हो सकता है गैस और कब्ज का कनेक्शन?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गैस और कब्ज के ज्यादातर मामलों को नॉर्मल माना जाता है, लेकिन कुछ केसेज में ये गंभीर बीमारियों जैसे पेट के कैंसर का सिग्नल हो सकते हैं. पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहते हैं. यह तब होता है, जब पेट की अंदरूनी परतों पर असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं. यह बीमारी शुरुआत में स्पष्ट तौर पर नजर नहीं आती है, जिसके चलते इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है#</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैंसर का पता बताते हैं ये लक्षण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. गायकवाड़ के मुताबिक, पेट में गैस, अपच और कब्ज जैसे लक्षण अगर लगातार बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. साथ ही, इन बातों पर भी गौर करना चाहिए.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>लगातार पेट दर्द:</strong> विशेष रूप से खाने के बाद या पेट के ऊपरी हिस्से में.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>अचानक वजन घटना:</strong> बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में कमी.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मल में खून:</strong> मल का रंग बदलना या मल के साथ खून आना.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मतली और उल्टी:</strong> विशेष रूप से अगर उल्टी में खून हो.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>भूख में कमी:</strong> खाने की इच्छा कम होना या खाने के बाद भारीपन महसूस होना.</li>
</ul>
<p>एनेल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जेन-एक्स और मिलेनियल्स में पेट और अपेंडिक्स कैंसर के मामले पहले की तुलना में तीन और चार गुना तेजी से बढ़े हैं. इसकी वजह मॉडर्न लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन और मोटापा बताई जाती है. कई रिसर्च में पेट में गैस और कब्ज का कनेक्शन कुछ गंभीर बीमारियों जैसे कोलोरेक्टल कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर से मिला है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, लंबे समय तक कब्ज और गैस की समस्या पाचन तंत्र में असामान्य कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकती है, जो कैंसर का कारण बन सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href=" विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>

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पानी को लेकर आपस में भिड़ पड़ीं महिलाएं! टैंकर में बाल्टी लगाने की होड़ में जमकर चले लात घूंसे

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पानी को लेकर मचा घमासान कोई नई बात नहीं, लेकिन गाजियाबाद से सामने आया यह वीडियो हर किसी को चौंका रहा है. जहां पानी की कुछ बाल्टियों की वजह से मोहल्ले की महिलाओं के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बात हाथापाई तक पहुंच गई. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी के टैंकर के पास महिलाएं आपस में लड़ रही हैं और इस लड़ाई में एक तौलिया लपेटे युवक और उसके साथ खड़ा एक छोटा बच्चा भी कूद पड़ता है. हैरानी की बात यह है कि वो मासूम सा दिखने वाला बच्चा भी गुस्से में एक महिला को लात मारता दिख रहा है. ये दृश्य अब सोशल मीडिया पर बुरी तरह वायरल हो रहा है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं.

पानी को लेकर मचा बवाल

गाजियाबाद से सामने आया ये वीडियो इस समय इंटरनेट पर छाया हुआ है. बताया जा रहा है कि मोहल्ले में पानी का टैंकर पहुंचा था और रोज की तरह महिलाएं अपनी-अपनी बाल्टियों के साथ लाइन में खड़ी थीं. इसी दौरान किसी ने पहले बाल्टी लगाने की कोशिश की, जिससे बहस शुरू हो गई. कुछ ही मिनटों में यह बहस गर्मागर्म झगड़े में बदल गई. गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और फिर हाथापाई. सबकुछ कैमरे में कैद हो गया.

छोटे बच्चे ने जमकर चलाई लातें

वीडियो में एक खास चीज जो लोगों का ध्यान खींच रही है, वो है वहां मौजूद एक लड़का जो तौलिया लपेटे हुए लड़ाई देख रहा है, और फिर खुद भी उसमें शामिल हो जाता है. इतना ही नहीं, उसके साथ खड़ा एक नन्हा बच्चा, जिसकी उम्र मुश्किल से 6-7 साल होगी, वह भी महिलाओं के साथ धक्का मुक्की करने लगता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह बच्चा एक महिला को गुस्से में लात मार देता है. यह दृश्य देखकर लोग हैरान हैं कि इतनी कम उम्र में भी हिंसा की आदत कैसे पनप रही है.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को Ghar ke kalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…गाजियाबाद और दिल्ली में जहां जहां पानी की सही व्यवस्था नहीं है, वहां का ये रोज का मामला है ऐसी घटनाएं वहां रोज होती हैं. एक और यूजर ने लिखा….शर्म की बात है कि ये इलाका राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है और यहां पानी को लेकर ये हालात हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…राजधानी को तो कम से कम प्यासा मत रखिए सर.

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बीबी को जाने दो! नेतन्याहू के खिलाफ करप्शन के मुकदमे पर फिर भड़के ट्रंप, इजरायल से कर डाली बड़ी

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Donald Trump on Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की आलोचना की है. उन्होंने दावा किया है कि इससे गाजा और ईरान के साथ डील करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा.

अभियोजन पक्ष को सीधे तौर पर न धमकाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता के बारे में बताया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ’ पर लिखा, ‘इजरायल में बीबी नेतन्याहू के साथ जो हो रहा है वो भयावह है. वह एक युद्ध नायक हैं. एक प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने ईरान में न्यूक्लियर खतरे से छुटकारा दिलाने में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर शानदार काम किया है.’

ट्रंप ने आगे लिखा, ‘महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अभी हमास के साथ एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें बंधकों को वापस लाना शामिल होगा.’

बिना सिगार के पूरे दिन कोर्टरूम में बैठाया: डोनाल्ड ट्रंप

उन्होंने लिखा, ‘यह कैसे संभव है कि इजरायल के प्रधानमंत्री को बिना किसी बात (सिगार, बग्स बनी डॉल आदि) के लिए पूरे दिन कोर्टरूम में बैठने के लिए मजबूर किया जा सकता है. यह एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जो कि बिना ठोस सबूत के किसी के खिलाफ जानबूझकर की गई छानबीन या प्रताड़ना है. ‘न्याय’ का यह मजाक ईरान और हमास दोनों की वार्ता में बाधा डालेगा.’

बीबी को जाने दो, उन्हें बहुत काम करना है: ट्रंप

ट्रंप ने लिखा, ‘दूसरे शब्दों में, यह मूर्खता है. संयुक्त राज्य अमेरिका इजरायल की रक्षा और समर्थन के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है, जो किसी भी अन्य राष्ट्र की तुलना में कहीं अधिक है. हम इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं. हमने अभी-अभी प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के नेतृत्व में एक बड़ी जीत हासिल की है और यह हमारी जीत को धूमिल करता है. बीबी को जाने दो, उन्हें एक बहुत बड़ा काम करना है!’

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कब आएगा CUET UG का रिजल्ट? कैसे कर पाएंगे सबसे पहले चेक, यहां जानें

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CUET UG 2025 की परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों का इंतजार अब अंतिम मोड़ पर है. देशभर में छात्र बेसब्री से अपना रिजल्ट जानने को तैयार बैठे हैं, और अब सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग सेंटर तक बस एक ही चर्चा है – CUET का रिजल्ट कब आएगा? राहत की खबर यह है कि NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने फाइनल आंसर की जारी कर दी है और अब रिजल्ट कभी भी घोषित किया जा सकता है. यानी जून के आखिरी सप्ताह में ही छात्रों की मेहनत का नतीजा सामने होगा.

जल्द आएगा CUET UG का रिजल्ट

CUET UG 2025 के नतीजों को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है. NTA ने पहले 17 जून को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी और छात्रों को 20 जून तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया था. इसके बाद NTA ने फाइनल आंसर की (Final Answer Key) भी जारी कर दी है, जिससे साफ है कि अब रिजल्ट को लेकर कोई तकनीकी प्रक्रिया बाकी नहीं बची है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CUET UG 2025 का रिजल्ट जून के अंतिम सप्ताह में कभी भी जारी किया जा सकता है, यानी 27 से 30 जून के बीच रिजल्ट आने की पूरी संभावना है. एक बार रिजल्ट जारी हो गया तो छात्र cuet.nta.nic.in या cuet.samarth.ac.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकेंगे. इसके लिए छात्रों को अपने अप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होगी.

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इन विषयों में मिलेगा दाखिला

CUET यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अब देश के प्रमुख केंद्रीय और कई राज्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन की मुख्य कुंजी बन चुका है. लाखों छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था और अब सबकी नजर अपने स्कोर पर है, ताकि अगला कदम तय हो सके. वो चाहे बीए, बीकॉम, बीएससी हो या किसी टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रिजल्ट जल्दी आने की वजह यह भी है कि विश्वविद्यालयों को समय रहते एडमिशन प्रक्रिया शुरू करनी है. इसलिए छात्र जल्द से जल्द रिजल्ट आने की उम्मीद रखें और संबंधित वेबसाइट्स पर लगातार नजर बनाए रखें.

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पारस छाबड़ा ने पहले ही कर दी थी शेफाली की मौत की भविष्यवाणी! वायरल वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

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एक झटका, जो हर किसी को सन्न कर गया. ‘कांटा लगा’ फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के निधन की खबर ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से लेकर उनके फैंस तक को गहरे सदमे में डाल दिया है. सिर्फ 42 साल की उम्र में अचानक उनकी मौत से हर कोई स्तब्ध है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेफाली को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस दुखद घटना के बीच अब एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर छाया हुआ है, जो और भी ज्यादा हैरान कर रहा है.

कांटा लगा गाने के लिए मशहूर थीं शेफाली

शेफाली जरीवाला, जिन्हें आज भी उनके सुपरहिट गाने ‘कांटा लगा’ के लिए याद किया जाता है, अब हमारे बीच नहीं रहीं. सूत्रों की मानें तो मुंबई स्थित उनके घर में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया. उनके पति और अभिनेता पराग त्यागी उन्हें फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना से न सिर्फ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, बल्कि उनके चाहने वाले भी गहरे सदमे में हैं.


वायरल हो रहा पुराना पॉडकास्ट

अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया को और भी भावुक और बेचैन कर दिया है. दरअसल, यह वीडियो शेफाली और टीवी पर्सनालिटी पारस छाबड़ा के एक पुराने पॉडकास्ट का है. इस बातचीत के दौरान पारस, शेफाली की कुंडली देखकर कुछ भविष्यवाणी करते नजर आते हैं. वीडियो में वो उन्हें यह कहते सुने जा सकते हैं कि उनकी कुंडली में एक “अचानक मोड़” या “अप्रत्याशित घटना” दर्ज है, जो आगे चलकर उनकी अचानक मृत्यु का कारण बन सकती है. अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद हर कोई हैरान है कि पारस छाबड़ा ने शेफाली की मौत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी.

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यूजर्स हो रहे हैरान

वीडियो को original.things7 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई ये केवल इत्तेफाक है और कुछ नहीं. एक और यूजर ने लिखा…पारस छाबड़ा भविष्यवक्ता भी है, हमें नहीं पता था. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अचानक मृत्यु तो किसी की भी हो सकती है, इसे हव्वा ना बनाया जाए.

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