सोमवार को फोकस में रहेगा ये धाकड़ शेयर, अडानी पावर से मिला 6500 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर

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BHEL Shares: महारत्न पीएसयू भारत हेवी इलेक्ट्रिक्ल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयर सोमवार को फोकस में रहेंगे क्योंकि कंपनी को शुक्रवार, 27 जून को अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पावर से 6,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है.

कंपनी को क्या करना होगा काम? 

BHEL ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसे अडानी पावर से 800 मेगावाट की छह थर्मल यूनिट्स के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला है. इसके तहत कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए इक्विपमेंट्स की सप्लाई करनी है जैसे कि स्टीम टर्बाइन जनरेटर व कुछ सहायक उपकरण. इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन और कमीशनिंग के सुपरविजन का भी काम शामिल है. हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि ऑर्डर को कितने समय में पूरा करना है. 

फोकस में रहेंगे BHEL के शेयर्स 

हाल ही में मिले इस नए ऑर्डर के साथ BHEL के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में एक और चीज जुड़ गई है. इसी के साथ FY25 में कंपनी ने अब तक के सबसे अधिक ऑर्डर हासिल किए, जिसकी वैल्यू 92,534 करोड़ रुपये है.

इसका सोमवार को कारोबारी सेशन के दौरान BHEL के शेयर पर असर दिख सकता है, जबकि हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 27 जून को 0.21 परसेंट की गिरावट के साथ यह 264.05 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ और इसी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 91,943.88 करोड़ रुपये रहा.

BHEL को पावर सेक्टर में सबसे अधिक 81,349 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला. इंडस्ट्रियल सेगमेंट में 11,185 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले. इससे पता चलता है कि कंपनी डिफेंस से लेकर ट्रांसपोर्टेशन, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट्स और प्रॉसेस इंडस्ट्रीज जैसे कई सारे सेक्टर में मौजूद है. 

BHEL के शेयरों की परफॉर्मेंस

पिछले एक साल में BHEL के शेयरों में 11 परसेंट तक की गिरावट आई है, लेकिन साल-दर-साल के आधार पर इसमें 13 परसेंट की तेजी भी दर्ज की गई है. पिछले तीन महीनों में BHEL के शेयर ने 23 परसेंट  की बढ़त हासिल की, जबकि पिछले एक महीने में शेयर में 1.4 परसेंट की तेजी आई है.

लॉन्ग टर्म में BHEL मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में उभरा है, जो दो साल में 213 परसेंट, तीन साल में 475 परसेंट और पांच साल में 616 परसेंट की बढ़त हासिल की है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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डीयू में छात्रों की मदद के लिए मैदान में उतरा एसैप, एडमिशन हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन नंबर किए जा

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इस समय देश भर की तमाम विश्वविद्यालय में दाखिले चल रहे हैं. साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है. विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए हजारों छात्र देशभर से यहां पढ़ने का सपना लेकर पहुंच रहे हैं. लेकिन इस प्रक्रिया में कई बार छात्रों को जरूरी जानकारी की कमी और सिस्टम की पेचीदगियों से परेशानी झेलनी पड़ती है. इन्हीं समस्याओं को आसान करने के लिए आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन एसैप (AISAAP) ने एक नई पहल शुरू की है.

एसैप ने डीयू की आर्ट्स फैकल्टी के बाहर एडमिशन हेल्प डेस्क लगाया है, जहां यूजी और पीजी में दाखिला लेने वाले छात्र किसी भी सवाल का जवाब पा सकते हैं. संगठन ने जोन वार हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि दूरदराज से आए छात्र भी मदद ले सकें. एसैप की सदस्य ईशना गुप्ता ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क सुबह से शाम तक सक्रिय रहेगा और सोशल मीडिया के जरिए भी हर छात्र तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

हर छात्र को मिलेगा सपोर्ट

ईशना गुप्ता ने बताया कि एसैप का मकसद केवल राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों का सपोर्ट सिस्टम बनना है. उन्होंने कहा कि कई छात्र आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और सही मार्गदर्शन के अभाव में पिछड़ जाते हैं. ऐसे में एसैप का प्रयास है कि उन्हें हर जरूरी जानकारी समय पर मिले, ताकि उनका दाखिला बिना किसी रुकावट के हो सके.

उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी हरियाणा की घटना में भी एसैप ने मौके पर जाकर छात्रों की मदद की थी और भोजन व आर्थिक सहायता भी दी थी. एसैप अब डीयू में भी इसी सेवा भावना से काम कर रहा है.

‘‘रील राजनीति’’ पर साधा निशाना

एसैप सदस्य दीपक बंसल ने डीयू में छात्र राजनीति को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये दोनों संगठन अब रील बनाकर राजनीति कर रहे हैं और छात्रों की असली समस्याओं से दूर हो चुके हैं. उन्होंने एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि डूसू ऑफिस में एबीवीपी द्वारा ताला लगाने और फिर एनएसयूआई द्वारा हथौड़ा लेकर तोड़ने की स्क्रिप्टेड घटना ने यह साबित कर दिया है कि इनका मकसद सिर्फ दिखावा है.

बुनियादी सुविधाओं की मांग

दीपक बंसल ने डीयू प्रशासन से मांग की कि सभी कॉलेजों में ठंडे पानी के कूलर, साफ-सुथरे हॉस्टल मेस, फायर सेफ्टी सिस्टम, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किए जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि हॉस्टल और यूनिवर्सिटी फीस में जो अनावश्यक बढ़ोतरी की जा रही है, उसे रोका जाए.

शिक्षा मुफ्त हो, सिस्टम पारदर्शी

एसैप का कहना है कि जैसे दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारा, वैसे ही डीयू जैसे सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षा को मुफ्त और सुविधाजनक बनाना चाहिए. अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो एसैप जल्द ही कुलपति को ज्ञापन देगा और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शन भी करेगा.

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शतक लगाने वाले खिलाड़ी को किया रिटायर आउट, फिर जो हुआ; बन गया टीम का मजाक!

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MLC 2025: इस साल आईपीएल में कई बार ऐसा हुआ, जब टीम ने बल्लेबाज को रिटायर्ड आउट कर दिया और उसकी जगह दूसरे बल्लेबाज को क्रीज पर भेज दिया. टीम ऐसा कदम तब उठाती है जब, क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज रन बनाने से जूझ रहा हो. टीम की यही सोच होती है कि उस बल्लेबाज की जगह दूसरे बैट्समैन को भेजे, जो तेजी से रन बनाए. एक ऐसा ही वाकया अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट में देखने को मिला, लेकिन यहां पर उस बल्लेबाज को हटाया गया, जिसने शतक जड़ा था. टीम ने शतक लगाने वाले खिलाड़ी की जगह दूसरे बल्लेबाज को भेजा. इसके बाद जो हुआ, उससे टीम का सिर्फ मजाक ही बन गया.

शतकवीर आंद्रे फ्लेचर को टीम ने बुलाया वापस

लॉस एंजेलिस नाइट राइडर्स का मुकाबला शुक्रवार को वॉशिंगटन फ्रीडम से हो रहा था. इस मुकाबले में नाइट राइडर्स के सलामी बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर ने शानदार शतक लगाया. फ्लेचर 18वां ओवर खत्म होने तक, 60 गेंदों में 104 रन बनाकर खेल रहे थे. इसके बाद टीम ने उन्हें वापस रिटायर्ड आउट करने का फैसला लिया. उनकी जगह टीम ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल को क्रीज पर भेजा.

नाइट राइडर्स का प्लान नहीं आया काम

फ्लेचर को रिटायर्ड आउट करने के बाद टीम ने रोवमैन पॉवेल को क्रीज पर भेजा. लेकिन उनका यह फैसला पूरी तरह गलत साबित हुआ. पॉवेल 19वें ओवर की पहली ही गेंद पर आउट हो गए. पॉवेल गोल्डन डक बनाकर पवेलियन लौटे. नाइट राइडर्स का ये प्लान उनके बिल्कुल भी काम नहीं आया.

टीम को जीत नहीं दिला सका फ्लेचर का शतक

फ्लेचर की शानदार शतकीय पारी भी नाइट राइडर्स टीम को जीत नहीं दिला सकी. फ्लेचर की पारी की बदौलत नाइट राइडर्स ने वॉशिंगटन फ्रीडम के सामने 214 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा. वॉशिंगटन ने इस लक्ष्य को रोमांचक मुकाबले में आखिरी गेंद पर हासिल कर लिया. वॉशिंगटन टीम के लिए मिचेल ओवन ने 43, ग्लेन मैक्सवेल ने 42 और ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 33 रनों की पारी खेली.

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