National Family Benefit Scheme से मिलेगी गरीब परिवार को ₹30,000 तक की सहायता | Paisa Live

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क्या आप जानते हैं कि दुखद स्थिति में सरकार परिवार को आर्थिक सहायता देती है? इस वीडियो में हम बात करेंगे राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS) के बारे में। इस योजना के तहत 18-60 साल के मुख्य कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु पर परिवार को ₹30,000 की एकमुश्त मदद दी जाती है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए बनाई गई है, खासतौर से ग्रामीण इलाकों में। जानें पात्रता, आवश्यक दस्तावेज जैसे मृत्यु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और आवेदन प्रक्रिया जो ग्राम पंचायत या ऑनलाइन माध्यम से की जा सकती है। ध्यान रखें कि आवेदन मृत्यु के 1 महीने के भीतर करना जरूरी है। इस योजना के जरिए सरकार का उद्देश्य आर्थिक संकट के समय परिवारों को सहारा देना है। NFBS के बारे में पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें और दूसरों को जागरूक करें।                   

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आखिर 7 दिनों से भारत में क्यों खड़ा है ब्रिटिश फाइटर जेट F-35, अब उड़ान भर पाएगा या नहीं?

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British Royal Navy F-35B: ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एक अत्याधुनिक F-35B स्टेल्थ फाइटर जेट केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पिछले 7 दिनों से खड़ा है. यह जेट 14 जून की रात करीब 9:30 बजे इमरजेंसी लैंडिंग करते हुए उतरा था. शुरुआत में इसकी लैंडिंग का कारण ईंधन की कमी बताया गया था.

यह लड़ाकू विमान HMS Prince of Wales नामक ब्रिटिश विमानवाहक पोत से उड़ान भर रहा था और भारत के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) से बाहर नियमित प्रशिक्षण उड़ान में शामिल था. इसी दौरान जेट को तिरुवनंतपुरम की ओर मोड़ दिया गया, जिसे पहले से आपातकालीन रिकवरी एयरफील्ड के रूप में चिन्हित किया गया था.

भारतीय वायुसेना ने दी तत्काल सहायता
भारतीय वायुसेना (IAF) के अधिकारियों ने बताया कि विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और उसे ईंधन भरने सहित सभी जरूरी सहयोग तुरंत उपलब्ध कराया गया. लेकिन उड़ान से पहले जेट में हाइड्रोलिक प्रणाली में खराबी आ गई, जिससे वह फिर उड़ान नहीं भर सका.

भेजी गई तकनीकी टीम
ब्रिटिश विमानवाहक पोत से एक तकनीकी टीम को जेट की मरम्मत के लिए तैनात किया गया, लेकिन वे तकनीकी खराबी ठीक करने में सफल नहीं हो सके. अब ब्रिटेन से एक बड़ी तकनीकी टीम को केरल भेजने की तैयारी है, जो विमान में आवश्यक तकनीकी मरम्मत का कार्य करेगी.

सैन्य कार्गो विमान से लौटाया जा सकता है फाइटर जेट
अगर मरम्मत स्थल पर ही समस्या का समाधान संभव नहीं हुआ तो अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस उच्च तकनीकी फाइटर जेट को सैन्य कार्गो विमान के जरिए वापस ले जाया जा सकता है. यह प्रक्रिया विमान की स्थिति और तकनीकी मूल्यांकन पर निर्भर करेगी.

तकनीकी मंजूरी और सहयोग की प्रक्रिया जारी
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट अधिकारियों ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि विमान में लैंडिंग के बाद से तकनीकी खामी बनी हुई है. फिलहाल भारतीय अधिकारी अतिरिक्त ईंधन भरने की औपचारिक मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि मरम्मत कार्य पूरा होने पर विमान को उड़ान के लिए तैयार किया जा सके.

सामरिक और तकनीकी तालमेल पर उठे सवाल
इस उन्नत जेट के भारतीय धरती पर आपात स्थिति में उतरने और फिर तकनीकी वजहों से लंबे समय तक फंसे रहने की घटना ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, आपात प्रबंधन और सैन्य तालमेल से जुड़े कई अहम सवालों को जन्म दिया है. हालांकि, भारत और ब्रिटेन के रक्षा अधिकारी मिलकर इस संवेदनशील स्थिति को संभालने में सक्रिय हैं.

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बेवड़ा बनाम बैल- सांड को हल्के में ले रहा था शख्स; उठाकर हवा में ऐसा पटका कि दुनिया हिल गई

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Trending Video: सोशल मीडिया की दुनिया में न जाने क्या-क्या देखने को मिल जाता है. कोई ट्रैफिक में नाचता है, कोई शादी में बारात छोड़ भाग जाता है, तो कोई सीधे सांड से दो-दो हाथ करने निकल पड़ता है. वो भी शराब पीकर! जी हां, इंटरनेट पर एक वीडियो इन दिनों जबरदस्त वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स अपने नशे में इस कदर चूर है कि उसे सामने खड़ा सांड भी किसी मोर जैसा नजर आता है. दिलचस्प ये है कि ये भिड़ंत सिर्फ इंसान बनाम जानवर की नहीं, बल्कि अकड़ बनाम धैर्य की भी हो जाती है. लेकिन इस ‘फाइट’ का जो क्लाइमैक्स होता है, वो ऐसा है जिसे देख आपकी हंसी भी छूट जाएगी और सांड के धैर्य की तारीफ भी निकल जाएगी.

सांड ने बेवड़े को दिखाया दम

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शराबी आदमी लड़खड़ाते कदमों से बीच सड़क पर टहलता हुआ आता है. अचानक उसकी नजर एक तगड़े, ताकतवर सांड पर पड़ती है. अब नशे में जोश तो होता ही है, होश की कीमत पर. बस फिर क्या था, वह शख्स ऐसे उस सांड के सामने खड़ा हो जाता है जैसे उससे कह रहा हो “आज तुझे दिखाता हूं मैं कौन हूं.” शुरुआत में सांड भी बड़े सब्र और तहजीब से काम लेता है. जैसे किसी सयाने बुजुर्ग की तरह सोचता हो. “छोड़ो, बच्चा है, गलती कर रहा है.” लेकिन इंसान अगर बेवकूफी पर उतर आए तो फिर सांड भी कब तक गांधीवादी बना रहेगा? आखिरकार जब शराबी की हरकतें हद पार करने लगती हैं, तो सांड अपने अंदाज में जवाब देता है. एक झटके में उसे उठाकर ऐसा पटकता है कि उसकी आत्मा भी दो सेकंड के लिए नेटवर्क ढूंढने लगती है.

तमाशा देखती रही पब्लिक, सांड ने हवा में उछाला

रास्ते से गुजर रही पब्लिक भी हैरान होकर ठिठक जाती है. कुछ लोग वीडियो बनाने लगते हैं, तो कुछ बस आंखें फाड़कर तमाशा देखते हैं. लेकिन इस सबके बीच सबसे हैरानी की बात ये होती है कि पटखनी खाने के बाद भी वो शराबी ऐसे उठता है जैसे WWE का चैंपियन हो और कहता हो. “मुझे तो कुछ हुआ ही नहीं!” चेहरे पर वही अकड़, वही स्टाइल, मानो कह रहा हो “सांड गया, मैं रह गया.” मगर सच्चाई ये थी कि सांड ने बस अपना काम निपटाया और शांति से वहां से निकल गया, जैसे कह रहा हो “मकसद पूरा हुआ, अब तू जैसा भी है, खुद भुगत.”

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यूजर्स ले रहे मजे

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…देसी का दम देख रहे हो. एक और यूजर ने लिखा…मुझे सांड से नाराजगी है, बस इतना ही क्यों उछाला. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…सांड ने अपना दम ठीक से दिखाया नहीं.

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कुछ लोगों को क्यों लगता है इलेक्ट्रिक शॉक, क्या विटामिन बी12 की कमी है इसकी वजह?

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किसी से हाथ मिलाते वक्त तो कभी कोई सामान छूते ही क्या आपको भी बिजली का झटका महसूस होता है? कई बार यह झटका इतना तगड़ा होता है कि लोग इसे किसी बीमारी का लक्षण समझ लेते हैं. हालांकि, कई रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि इस तरह के इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशन की वजह विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है. आइए जानते हैं कि इसमें क्या हकीकत है?

क्या है इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशन?

इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशन को मेडिकल टर्म में लर्मिट साइन कहते हैं. इसमें किसी भी शख्स को अपने शरीर में बिजली के झटके जैसा अहसास होता है. यह आमतौर पर रीढ़ की हड्डी से शुरू होकर नीचे की ओर पैरों या बांहों तक फैलता है. यह अहसास तब होता है, जब व्यक्ति अपनी गर्दन आगे की ओर झुकाता है. इसे ‘बार्बर चेयर फिनोमेनन’ भी कहा जाता है. यह अहसास कुछ सेकंड तक रह सकता है और दिन में कई बार महसूस हो सकती है. कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि यह अहसास नर्वस सिस्टम में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. इसके पीछे नर्व डैमेज, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, रीढ़ की हड्डी की चोट या विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है.

विटामिन बी12 बॉडी के लिए क्यों जरूरी?

विटामिन बी12 को कोबालमिन भी कहते हैं. यह पानी में घुलनशील विटामिन है, जो ह्यूमन बॉडी के लिए बेहद जरूरी होता है. रेड ब्लड सेल्स बनने और हेल्दी नर्वस सिस्टम के लिए विटामिन बी12 बेहद कारगर है. यह तंत्रिकाओं को ढंकने वाली मायलिन शीथ बनाने में मदद करता है. अहम बात यह है कि हमारे शरीर में विटामिन बी12 का प्रॉडक्शन नहीं होता है. यह खाने से सप्लीमेंट्स से मिलता है. वेजिटेरियन और वीगन डाइट वाले लोगों में इसकी कमी का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि पौधों में यह विटामिन स्वाभाविक रूप से नहीं मिलता है. एक अडल्ट को रोजाना औसतन 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की जरूरत होती है. 

विटामिन बी12 की कमी के कारण

कई रिसर्च में सामने आया है कि भारत में 15 पर्सेंट से ज्यादा लोग विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित हैं. इनमें ज्यादातर लोग वेजिटेरियन हैं. दरअसल, वेज या वीगन डाइट लेने वाले लोगों में विटामिन बी12 अक्सर कम पाया जाता है. अगर किसी को पर्निशियस एनीमिया, क्रोहन डिजीज, सीलियक डिजीज या गैस्ट्राइटिस है तो उनका शरीर सही तरीके से विटामिन बी12 को एब्जॉर्ब नहीं कर पाता है. इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का प्रॉडक्शन कम हो सकता है, जो विटामिन बी12 के अवशोषण के लिए बेहद जरूरी है. 

इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशन से विटामिन बी12 का कनेक्शन

एक्सपर्ट्स की मानें तो विटामिन बी12 की कमी से नर्वस सिस्टम पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि यह मायलिन शीथ को बनाने और उसकी देखभाल करने के लिए जरूरी होता है. ऐसे में विटामिन बी12 की कमी के कारण मायलिन शीथ डैमेज हो सकती है. मेडिकल टर्म में इसे डिमाइलिनेशन (demyelination) कहते हैं. यह कंडीशन नर्वस सिग्नल्स में गड़बड़ी पैदा करती है, जिसकी वजह से इलेक्ट्रिक शॉक जैसा अहसास हो सकता है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Budh Gochar 2025: 22 जून को कर्क राशि में बुध का गोचर, इन राशियों का खुल जाएगा भाग्य!

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Budh Gochar 2025: बुद्धि, वाणी, व्यापार और संवाद के कारक ग्रहों में युवराज माने जाने वाले बुध 22 जून, रविवार को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 30 अगस्त को बुध सिंह राशि में जाएंगे. 22 जून से 30 अगस्त तक बुध कर्क राशि में रहते हुए मिथुन सहित कई राशियों का लाभ प्रदान करेंगे. इन राशियों के व्यापार और धन में वृद्धि होगी और बंद किस्मत भी खुल सकती है. आइए जानते है बुध की चाल से कौन-कौन सी राशियों पर क्या प्रभाव रह सकता है.

मेष राशि-
बुध तीसरे व छठे हाउस के देव होकर चौथे भाव में विराजित है. आपके हार्ड वर्क और डेडिकेशन की वजह से आपका बिजनेस आपको उम्मीद से अधिक लाभ देगा और आपके द्वारा किया गया निवेश आपको अच्छा रिटर्न देगा. नौकरी में आपकी लीडरशिप क्वालिटी में निखार आएगा, जिससे आप अपने बॉस की नज़रों में ऑलराउडर के तौर पर आगे आएंगे.

आप अपने फैमली मेमर्ब के साथ क्वालिटी के साथ समय बिता पाएंगे. यह समय आपके लिए यादगार रहेगा. स्टूडेंट और लर्नर अपने फील्ड में उम्मीद से बेहतर परफॉर्म करेंगे. हेल्थ की प्रॉपर देखभाल के लिए आप डेली वर्कआउट और पौष्टिक डाइट का ध्यान रखें. बिजनेस डील के लिए किसी प्रकार की यात्रा संभव है.

वृषभ राशि-
बुध दूसरे और पांचवे भाव के देव होकर तीसरे भाव में विराजित है. बिजनेस में फाइनेंस मैनेटमेंट सही नही होने के कारण आपकों परेशानियों का सामना करना पड सकता है. इसलिए आप बिजनस के फाइनेंस मैनेजमेंट पर ध्यान दें. आपके जॉब प्रोफाइल में ग्रोथ के लिए आप अपने वर्कप्लेस पर ट्रेनिंग सेमिनार पर जा सकते हैं.

लव लाइफ में हो सकता है कि आप समस्याओं से घिरे रहें लेकिन आपकी बॉन्डिंग इन समस्याओं से पार पाकर रिश्ते में नई दौर की स्टटिंग करेगी. स्टूडेंट अपने स्मार्ट अप्रोच को लेकर अपने मेंटर के साथ किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर पाएंगे. स्वस्थ तरीके जैसे मेडिटेशन आपकी मानसिक सेहत को बनाए रखने में आपकी सहायता करेगा. ट्रेवलिंग के दौरान कुछ समस्या आ सकती है.

मिथुन राशि-
बुध आपकी राशि व चौथे भाव के देव होकर दूसरे भाव में विराजित है. एक्सप्रेस बढ़ने की वजह से आपको धन खर्च करने पर काम करना पड़ सकता हैं, लेकिन इसका प्रोपर मैनेटमेंट करना बहुत जरूरी है. वर्कस्पेस पर यह समय आपके लिए जीवन बदलने वाला हो सकता है. बस जरूरत हैं, तो सही समय और सही स्टेप की.

तनावमुक्त रहने के लिए अपनी समस्या अपनी फैमली या पार्टनर से जरूर शेयर करें. स्मार्ट स्टडी के साथ प्रतियोगी परीक्षा में परीक्षार्थी परफॉर्म दे पाएंगें. आपको अर्जेंट काम से दूसरे शहर में यात्रा करना पड़ सकता है. आपको हेल्थ से जुड़ी समस्या ना हो उसके लिए अपनी लाइफस्टाइल में योगा और मेडिटेशन शामिल करें.

कर्क राशि-
बुध तीसरे व बारहवें भाव के देव होकर आपकी राशि में विराजित है. बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए यह समय अच्छा रहेगा. वर्कप्लेस पर आपका एकाग्रता बढ़ेगा जिससे आपको उम्मीद से बेहतर लाभ भी मिलेगा. आप अपनी फैमिली के साथ अच्छा समय बिताएं, जिससे पारिवार में हो रही अनबन दूर होगी.

स्टूडेंट आप अपने ड्रिम को हार्ड वर्क से आसानी से अचीव कर पाएंगे. आप फिजिकली और मेंटली फीट रहेंगे. ट्रेवलिंग के दौरान किसी से भी सोच समझकर बात करें, वरना कुछ नुकसान हो सकता है.

सिंह राशि-
बुध दूसरे व ग्यारहवें भाव के देव होकर 12वें भाव में विराजित है. जॉब और प्रोफेशनल लाइफ में आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे. प्रमोशन के साथ-साथ आपकी सैलरी में भी अच्छा इंक्रीमेंट होगा. पर्सनल रिलेशनशिप में आप बाधा उत्पन्न कर सकते हैं.

स्टूडेट्स, आर्टिस्ट और प्लेयर अपनी पर्सनैलिटी डेवलेप पर ध्यान दें भविष्य में इसकी जरूरत पड़ सकती है. आप अच्छी सेहत के लिए आपकी बॉडी और माइंड को और पॉजिटिव बनाएगा. अगर आपको कोई बीमारी है तो इस समय यात्रा को नजरअंदाज जरूर करें.

कन्या राशि-
बुध आपकी राशि व दसवें भाव के देव होकर ग्यारहवें भाव में विराजित है. आपके स्टार्टअप आइडिया या बिजनेस, चाहे वो किसी भी फील्ड का हो उसे नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिलेगी. जॉब में आपकी परफॉर्मेंस रिव्यू के समय आपके बॉस आपके कार्य की सराहना करेंगे. लव लाइफ और मैरिड लाइफ में पार्टनर को प्रॉफेशनली ग्रोथ मिलेगी.

स्टूडेंट्स मोटिवेशनल बुक्स और कम्यूनिकेशन स्किल पर ध्यान दें, जिससे आपकी ग्रोथ अच्छी होगी. हेल्थ को लेकर मेडिटेशन और योगा से आप अपने जीवन को और अच्छे से जी पाएंगे और मेंटली मजबूत फील करेंगे.  आपका एक्सप्लोरिंग नेचर आपको नए-नए ट्रावेल प्लानिंग को पूरा करने का प्लान बना सकते हैं.

तुला राशि-
बुध नौवें और 12वें भाव के देव होकर दसवें में विराजित है. बिजनेस पर्सन्स के लिए यह समय ऑस्पीशीयस रहेगा. आप काफी प्रगति करेंगे. वर्कप्लेस पर अचानक कुछ नए चेंजेज हो सकते हैं, जो कि आपके पक्ष में होंगे. अपने पार्टनर के साथ अच्छा संचार रखें जिससे रिलेशन और बेहतर होगा. अगर आप आर्टिस्ट है तो ये आपका गोल्डेन समय है. अगर आप अपने शो को ऑनलाइन करते आपको लाइफ बदलने का मौका मिलना तय है.

ट्रेवलिंग के लिए यह समय उपयुक्त नहीं है. फिर भी अगर आवश्यक हो तो सावधानी के साथ यात्रा करें. आपको अपनी सेहत पर फोकस करने की जरूरत है, क्योंकि स्वास्थ्य संबंधी समस्यां होने के डबल आसार है.

वृश्चिक राशि-
बुध आठवें व 11वें भाव के देव होकर नौवें भाव में विराजित है. बिजनेस पर्सन के लिए समय अनुकूल है, आप अपने बिजनेस को दूसरी फील्ड में बढ़ा सकेंगे. हाइ लेवल ऑफिशियल आपके कार्य की सराहना करेगे जिससे आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ेगा. फैमली में एकता का नया संचार होगा और सभी मिलजुल के हर काम को करेंगे.

स्टूडेंट रेगुलर स्टडी के साथ अपने, अपनी पर्सनैलिटी पर ध्यान दे सफलता जरूर मिलेगी. आप अपने परिवार के साथ शॉर्ट टर्म ट्रिप प्लान कर सकते हैं. आप स्वास्थ्य का ध्यान रखें, लापरवाही समस्या को बढ़ा सकती है.

धनु राशि– 
बुध सातवें व दसवें भाव के देव होकर आठवें भाव में विराजित है. आपके नए बिजनेस में कुछ प्रॉफिट शेयर में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वर्कस्पेस पर आपकी छोटी सी गलती आपके लिए समस्या खड़ी कर सकती है. सिंगल को नया पार्टनर मिलेगा, ओर ये मिलान सोशल मीडिया के माध्यम से होगा.

आपके बच्चों को प्रतियोगिता स्तर पर अच्छी रैंक प्राप्त होगी. अर्जेंट वर्क के हिसाब से यात्रा सम्भव व इससे आपके कॉन्ट्रैक्ट में इजाफा होगा. आपको कुछ हेल्थ इश्यू हो सकते है, लेकिन धीरे धीरे सही हो जाएंगे.

मकर राशि-
बुध छठे व नौवे भाव के देव होकर सातवें भाव में विराजित है. आपके नए बिजनेस में रिटर्न के लिए आपकी मार्केटिंग टीम को मजबूत करने की जरूरत है. वर्कलोड में इजाफा हो सकता है, लेकिन समय का प्रबंधन करके समय पर काम किया जा सकता है. पार्टनर के साथ पॉजिटिव वाइव्स से बात करें, जिससे आपका रिश्ता ओर मजबूत होगा.

स्कूल एजुकेशन वाले स्टूडेंट पढ़ाई पर कम, ऑनलाइन गेम्स में शामिल रहेंगे. आप अपने घर के बड़ो के स्वास्थ्य का ध्यान रखे उनको कोई स्वास्थ्य संबंधी शिकायत हो सकती है. आप बहुत जल्द फैमली ट्रिप पर भी जा सकते है.

कुंभ राशि-
बुध पांचवे व आठवें भाव के देव होकर छठे भाव में विराजित है. आपके बिजनेस पूंजी में इजाफा होगा, जो आपके ग्रोथ में सहायक होगा. बेरोजगारों के लिए नई जगह नई जॉब लेकर आएगी और आपका सपना जल्द पूरा होगा. आपके परिवार की बॉन्डिंग एक नई सौगात लेकर आएगी. स्टूडेंट एक्ट्रा एक्टिविटी पर ध्यान देकर अपनी प्रतिभा को निखार पाएंगे. ऑफिस वर्फ के लिए आपके दूसरे शहर की यात्रा की संभावना प्रबल है.

मीन राशि-
बुध चौथे व सातवें भाव के देव होकर पांचवे भाव में विराजित है. आपके बिजनेस में रिवेन्यू में कमी आएगी व खर्च बढ़ेगा.जॉब में संतुष्टि ना मिलने पर आप जॉब बदलने पर विचार कर सकते हैं. जीवनसाथी के साथ आप यादगार पल बिताएंगे. जो स्टूटेंड विदेश में पढ़ना चाहते है तो आब आपका इंतजार खत्म होगा. मेंटल स्ट्रेस को कम करने के लिए आप मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं. सरकारी काम के लिए आपको दसरे शहर यात्रा करने होगी.

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ईरान की मिस्ट्री मिसाइल ने इज़राइल में मचा दी तबाही! जानें किस तकनीक पर करता है काम

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Iran Mystery Missile: ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष अब और ज़्यादा भयावह होता जा रहा है. 19 जून की सुबह ईरान द्वारा किए गए ताज़ा मिसाइल हमले में इज़राइल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल को निशाना बनाया गया जिससे अस्पताल में 70 से अधिक लोग घायल हो गए. कुल मिलाकर इस हमले में पूरे इज़राइल में लगभग 240 लोग घायल बताए जा रहे हैं. हमले के दौरान अस्पताल परिसर में धुएं के गुबार देखे गए और इमरजेंसी सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं. अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि जैसे ही एयर रेड सायरन बजा, कुछ ही सेकंडों में जोरदार धमाका हुआ और मिसाइल सीधे अस्पताल से टकरा गई. धमाका इतना तेज था कि पास के सुरक्षित कमरे तक इसकी आवाज़ पहुंची.

इजरायल कर चुका है हमला

इससे ठीक पहले 19 जून को ही इज़राइल ने ईरान के अराक हेवी वॉटर रिएक्टर और नटांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला किया था. इज़राइली वायुसेना ने इन दोनों परमाणु स्थलों के साथ-साथ कई अन्य सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले से पहले इन केंद्रों को खाली करा लिया गया था और रेडिएशन का कोई खतरा सामने नहीं आया. इज़राइली सेना ने दावा किया कि अराक रिएक्टर पर हमला इसलिए किया गया ताकि वहां से प्लूटोनियम उत्पादन न हो सके और ईरान की परमाणु हथियार तैयार करने की योजनाओं पर रोक लगाई जा सके.

ईरान के बदले हमले में केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि तेल अवीव के पास रमात गन इलाके में जबोटिंस्की स्ट्रीट पर एक गगनचुंबी इमारत की नींव भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई. यह जगह शहर के डायमंड एक्सचेंज से महज़ 200 मीटर की दूरी पर है. वहीं पास ही मौजूद एक पिज़्ज़ा शॉप पूरी तरह तबाह हो गई और कुछ पुराने अपार्टमेंट्स को भी नुकसान पहुंचा.

एक स्थानीय निवासी, 69 वर्षीय अशर अदीव ने बताया, “यह ऐसा था जैसे कोई परमाणु बम फटा हो या भूकंप आया हो.” अशर की मां ईरानी यहूदी थीं और वह खुद फारसी बोलते हुए बड़े हुए हैं. उन्होंने भविष्य को लेकर काफी कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान की कई सिरों वाली मिसाइल

खबरों के मुताबिक, ईरान ने इस हमले में संभवतः मल्टीपल वॉरहेड्स (कई सिरों वाली मिसाइल) का इस्तेमाल किया, जिससे इज़राइल की वायु सुरक्षा प्रणाली, विशेषकर आयरन डोम के लिए उसे ट्रैक करना बेहद कठिन हो गया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है. लेकिन ईरान पहले भी इस तरह की मिसाइल तकनीक को विकसित करने के संकेत दे चुका है.

हमले के बाद इज़राइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाने पर लिया और कहा कि “अगर हमें अपने सभी लक्ष्य पूरे करने हैं, तो यह व्यक्ति अब और जीवित नहीं रहना चाहिए.”

इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि ईरान और इज़राइल के बीच का तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों की कार्रवाइयां केवल जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है.

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BDS के लिए कितना मिल सकता है एजुकेशन लोन? जानिए स्टूडेंट्स के लिए जरूरी बातें

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अगर आप BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) की पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, लेकिन पैसों की वजह से रुकावट महसूस हो रही है, तो एजुकेशन लोन आपके लिए एक बड़ा सहारा बन सकता है. आज के समय में सरकारी और निजी दोनों ही बैंक मेडिकल, डेंटल और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए एजुकेशन लोन की सुविधा दे रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि BDS कोर्स के लिए कितना एजुकेशन लोन मिल सकता है और इसकी प्रक्रिया क्या है.

कितना मिलता है एजुकेशन लोन?

बैंक आमतौर पर भारत में पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये तक और विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये तक एजुकेशन लोन देते हैं. हालांकि कुछ बैंक इससे ज्यादा रकम भी उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके लिए गारंटी या कोलैटरल (जमीन, मकान आदि) की जरूरत पड़ सकती है.

BDS जैसे डेंटल कोर्स की फीस आमतौर पर सालाना 1.5 से 6 लाख रुपये तक होती है. ऐसे में चार से पांच साल के कोर्स के लिए कुल खर्च 6 से 25 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. बैंक इस पूरे खर्च को कवर कर सकते हैं, जिसमें ट्यूशन फीस, हॉस्टल खर्च, किताबें, लैब फीस, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी खर्च शामिल होते हैं.

कौन-कौन से बैंक देते हैं लोन?

SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक जैसे सरकारी बैंक के अलावा ICICI, Axis, HDFC जैसे निजी बैंक और कई नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) भी एजुकेशन लोन देती हैं.

जरूरी दस्तावेज क्या होते हैं?

  • कॉलेज से मिला एडमिशन लेटर
  • पिछले परीक्षा की मार्कशीट
  • आधार कार्ड, पैन कार्ड
  • फीस स्ट्रक्चर
  • इनकम प्रूफ (गारंटर का)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक अकाउंट स्टेटमेंट

लोन कब और कैसे चुकाना होगा?

एजुकेशन लोन लेने के बाद बैंक आपको कोर्स खत्म होने के बाद 6 महीने से 1 साल का समय देता है जिसे मॉरेटोरियम पीरियड कहते हैं. इस दौरान आपको किस्त नहीं चुकानी होती. इसके बाद EMI के रूप में लोन चुकाना शुरू करना होता है, जिसकी अवधि 5 से 15 साल तक हो सकती है.

क्या होता है ब्याज दर?

ब्याज दर बैंक और आपकी प्रोफाइल पर निर्भर करती है. सरकारी बैंकों में ब्याज दर 8% से 10% के बीच हो सकती है, जबकि निजी बैंकों और NBFC में यह दर थोड़ी ज्यादा हो सकती है.

सरकार की स्कीम का भी ले सकते हैं फायदा

सरकार ने विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिए छात्रों को विभिन्न बैंकों की लोन योजनाओं की जानकारी देने और अप्लाई करने की सुविधा दी है. इसके अलावा कुछ राज्यों में छात्राओं या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ब्याज में छूट की सुविधा भी होती है.

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नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर विदेशी जमीन पर लहरा दिया तिरंगा, इस टूर्नामेंट को जीतकर रच दिया इतिहा

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Paris Diamond League 2025: भारतीय एथलेटिक्स का चमकता सितारा नीरज चोपड़ा शुक्रवार (20 जून 2025) को पेरिस में एक बार फिर चमका. नीरज चोपड़ा ने पेरिस डायमंड लीग में 88.16 मीटर का थ्रो कर न केवल सीजन की पहली जीत हासिल की, बल्कि यह उनकी कुल मिलाकर पांचवीं डायमंड लीग जीत भी बन गई. नीरज ने यह जीत पहले ही प्रयास में हासिल की और इसके बाद के थ्रो में संघर्ष के बावजूद वे अपना लीड बरकरार रखने में सफल रहे.

प्रतियोगिता से पहले जर्मनी के जूलियन वेबर को नीरज के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा था. वेबर ने दोहा 2023 में नीरज को हराया था, लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई. पहले प्रयास में नीरज ने 88.16 मीटर का थ्रो फेंका, जबिक जूलियन वेबर ने 86.20 मीटर का. हालांकि, इसके बाद अगले 5 थ्रो में नीरज ने बढ़त बनाते हुए जूलियन वेबर को पछाड़ते हुए जीत हासिल कर ली. वेबर पूरी प्रतियोगिता में नीरज से आगे नहीं निकल पाए, जबकि नीरज ने स्थिरता दिखाई और अंतिम परिणाम में वेबर से आगे रहे.

दा सिल्वा ने महाद्वीपीय रिकॉर्ड तोड़ा 

जब दर्शकों को लग रहा था कि वाल्कोट तीसरे स्थान पर रहेंगे, तभी ब्राज़ील के मौरिसियो लुईज दा सिल्वा ने 86.20 मीटर का थ्रो कर महाद्वीपीय रिकॉर्ड बनाते हुए पोडियम में तीसरा स्थान हासिल कर लिया. यह क्षण दर्शकों के लिए अप्रत्याशित लेकिन रोमांचक रहा. नीरज की यह डायमंड लीग करियर की 5वीं जीत रही. अब तक उनके नाम लॉज़ेन 2022,डायमंड लीग फ़ाइनल 2022 (ज्यूरिख),दोहा 2023, लॉज़ेन 2023 और पेरिस 2025 की जीत शामिल रही है. यह दिखाता है कि नीरज केवल एक “वन-टाइम ओलंपिक चैंपियन” नहीं, बल्कि लगातार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले एथलीट हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े? 

नीरज ने आठ साल बाद पेरिस डायमंड लीग में वापसी की थी. पिछली बार जब वे यहां जूनियर विश्व चैंपियन के रूप में आए थे, तब पांचवें स्थान पर रहे थे. अब वह शीर्ष पर हैं. यह सिर्फ आंकड़ों का फर्क नहीं है, यह एक दशक की मेहनत और मानसिक मजबूती का प्रमाण है. नीरज अब 24 जून 2025 को चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में ‘गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट’ में हिस्सा लेंगे. इसके बाद वह 4 जुलाई को ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक’ में नजर आएंगे — यह उनके नाम पर पहली बार आयोजित प्रतियोगिता होगी और भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय जोड़ेगी.

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‘वो केवल लिबरल्स को ही पुरस्कार देते हैं’, नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर क्यों भड़क गए ट्रंप?

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Donald Trump on Nobel Peace Prize: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की है. न्यू जर्सी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करवाने में अहम भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था. 

उन्होंने कहा, “मुझे शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, खासकर भारत और पाकिस्तान के मामले में. यह बहुत बड़ा और कठिन काम था.” ट्रंप ने नोबेल कमेटी पर भी निशाना साधा और कहा कि यह पुरस्कार अक्सर उन्हीं लोगों को मिलता है जो लिबरल यानी उदारवादी विचारधारा से जुड़े होते हैं.

भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच जब तनाव चरम पर था, तब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर सीजफायर करवाने में मदद की. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से संपर्क किया और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार किया. 

भारत ने किया ट्रंप के दावों को खारिज

हालांकि, भारत सरकार ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया. भारत का कहना है कि यह सीजफायर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के सीधे संवाद का नतीजा था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी.

पाकिस्तान ने की ट्रंप को नोबेल प्राइज देने की मांग

पाकिस्तान ने भी ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया है. पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के समय ट्रंप ने महत्वपूर्ण कूटनीतिक हस्तक्षेप और मजबूत नेतृत्व दिखाया, जिसके चलते उन्हें यह नामांकन दिया गया है. हालांकि, खुद ट्रंप का मानना है कि भले ही उन्होंने कितने ही बड़े काम क्यों न किए हों, उन्हें यह पुरस्कार कभी नहीं मिलेगा.

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