सुबह-सुबह दही के साथ खा लेंगे ये बीच तो तेजी से घटेगा वजन, नहीं जानते होंगे फायदे
[ad_1]
सुबह-सुबह दही के साथ खा लेंगे ये बीच तो तेजी से घटेगा वजन, नहीं जानते होंगे फायदे
[ad_2]
[ad_1]
सुबह-सुबह दही के साथ खा लेंगे ये बीच तो तेजी से घटेगा वजन, नहीं जानते होंगे फायदे
[ad_2]
[ad_1]
Pew Researh Report On Islam: प्यू रिसर्च सेंटर की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि आने वाले 35 वर्षों में इस्लाम धर्म दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म बन जाएगा. प्यू रिपोर्ट के अनुसार 2060 तक मुस्लिम जनसंख्या का अनुमानित आंकड़ा 3 अरब से अधिक होगा. फिलहाल मौजूदा समय में दुनिया में कुल मुस्लिम आबादी लगभग 2 अरब है. आने वाले समय में मुसलमानों की संख्या में होने वाले इजाफे को लेकर जनसंख्या दर, धर्मांतरण दर और युवा मुस्लिम आबादी को जिम्मेदार माना जा रहा है. इस्लाम ना केवल जन्म दर के आधार पर बढ़ रहा है, बल्कि इसकी पहचान बनाए रखने की दर भी बहुत अधिक है.
प्यू सर्वेक्षण (13 देशों में) से सामने आया है कि मुस्लिम परिवारों में पले-बढ़े 90% से अधिक लोग आज भी खुद को मुसलमान मानते हैं. केवल अमेरिका में, यह संख्या घटकर लगभग 74% हो जाती है, जो बाकी देशों की तुलना में कम है. ईसाई धर्म, यहूदी धर्म और हिंदू धर्म की तुलना में इस्लाम छोड़ने वालों की संख्या सबसे कम है. इस्लाम छोड़ने वाले अधिकांश लोग अब कोई धर्म नहीं मानते या खुद को ईसाई के रूप में पहचानते हैं. अमेरिका, केन्या, घाना जैसे देशों में ईसाई से इस्लाम में धर्मांतरण सबसे अधिक देखा गया
धर्मांतरण की हकीकत: मीडिया की तुलना में आंकड़े क्या कहते हैं?
धार्मिक ध्रुवीकरण के दौर में धर्मांतरण एक विवादास्पद मुद्दा है, लेकिन प्यू रिपोर्ट स्पष्ट करती है दुनिया के 13 देशों में धर्मांतरण से इस्लाम में वृद्धि 3% से भी कम है.इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में, इस्लाम में धर्म परिवर्तन या छोड़ने की दर 1% से भी कम है. इस्लाम की जनसंख्या वृद्धि में धर्मांतरण का योगदान काफी है. ये इसका प्रमुख कारण है कि इसकी जनसंख्या में कमी देखने को नहीं मिल रही है और ये लगातार बढ़ते ही जा रहा है.
हिंदू धर्म की स्थिति
प्यू रिपोर्ट में हिंदू धर्म को लेकर जानकारी केवल चार देशों से मिली है. ये है भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और अमेरिका है. भारत और बांग्लादेश में हिंदू के रूप में पले-बढ़े लगभग सभी लोग आज भी हिंदू हैं. श्रीलंका में 10 में से 9 हिंदू अपनी पहचान बनाए रखे हैं. अमेरिका में केवल 82% हिंदू धर्म में पले-बढ़े लोग वयस्क होने पर खुद को हिंदू मानते हैं. अमेरिका में 11% हिंदू अब नास्तिक, अज्ञेयवादी या धर्म से असंबद्ध. श्रीलंका में कई पूर्व हिंदू अब ईसाई धर्म में परिवर्तित. भारत और बांग्लादेश में हुए सर्वे के अनुसार यहां धार्मिक स्थिरता सबसे अधिक है. यहां 99% हिंदू और मुसलमान अपने जन्मजात धर्म पर बने हुए हैं. यह धार्मिक संस्कृति की मजबूती, पारिवारिक मूल्यों और धार्मिक समाजिक ढांचे का प्रतीक है.
[ad_2]
[ad_1]
China New Weapon: चीन ने हथियार तकनीक के क्षेत्र में एक ऐसा कदम उठाया है जिसने दुनिया को चौंका दिया है. चीन की स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन (CSSC) ने एक बिल्कुल नई हाइड्रोजन आधारित विस्फोटक तकनीक का सफल परीक्षण किया है. खास बात ये है कि यह पारंपरिक हाइड्रोजन बम की तरह परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूज़न) पर नहीं बल्कि एक खास रासायनिक प्रक्रिया पर आधारित है जिसमें मैग्नीशियम हाइड्राइड (Magnesium Hydride) का इस्तेमाल होता है.
यह नया डिवाइस सिर्फ 2 किलोग्राम वजनी है लेकिन इसकी क्षमताएं चौंकाने वाली हैं. जब इसे सामान्य विस्फोटक से ट्रिगर किया जाता है तो मैग्नीशियम हाइड्राइड तेजी से गर्म होकर हाइड्रोजन गैस छोड़ता है. यह गैस हवा के संपर्क में आते ही भड़क उठती है और 1000°C से अधिक तापमान वाली आग की दीवार खड़ी कर देती है जो कि TNT से कई गुना ज़्यादा गर्म है.
CSSC के वैज्ञानिक वांग शुएफेंग के मुताबिक, “हाइड्रोजन गैस बेहद कम ऊर्जा में जलती है, इसका विस्फोट क्षेत्र बड़ा होता है और इसकी लपटें बड़ी तेजी से फैलती हैं.” इसका मतलब है कि यह डिवाइस ऐसे मटेरियल को भी चीर सकता है जैसे एल्यूमीनियम अलॉय. सैन्य अभियानों में यह दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से नष्ट करने में बेहद कारगर हो सकता है.
मौके पर किए गए परीक्षण में यह डिवाइस 2 मीटर की दूरी पर 428.43 किलोपास्कल तक का ओवरप्रेशर पैदा करने में सक्षम रहा जो कि TNT विस्फोटक की तुलना में करीब 40% प्रभाव रखता है. लेकिन इसकी असली ताकत इसकी लगातार जलने वाली गर्मी में है जो सामान्य बम की एक झटके वाली लहर से बिल्कुल अलग है.
यह डिवाइस दो सेकंड तक अत्यधिक तापमान पर जलता है, जिससे बड़े क्षेत्र में अधिक नुकसान किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल दुश्मन की पावर ग्रिड, संचार केंद्र और सड़क नेटवर्क को सटीकता से तबाह करने में किया जा सकता है, जिससे दुश्मन की रणनीति कमजोर हो जाए.
पहले तक यह पदार्थ बेहद सीमित मात्रा में बनता था क्योंकि यह काफी प्रतिक्रियाशील (reactive) होता है. लेकिन अब चीन ने शांक्सी प्रांत में एक नया प्लांट शुरू किया है जो हर साल 150 टन मैग्नीशियम हाइड्राइड तैयार कर सकता है. यह मुमकिन हुआ है डालियान इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल फिजिक्स की नई “वन-पॉट सिंथेसिस” तकनीक से जो इसे सस्ता और सुरक्षित बनाती है. यही सामग्री अब सिर्फ विस्फोटकों तक सीमित नहीं है, इसका इस्तेमाल सबमरीन के फ्यूल सेल्स और लंबे समय तक उड़ान भरने वाले ड्रोन्स में भी किया जा रहा है.
यह परीक्षण ऐसे समय पर हुआ है जब चीन और ताइवान के बीच तनाव चरम पर है. अमेरिका द्वारा ताइवान को समर्थन और सैन्य सहयोग दिए जाने के बाद, यह तकनीक चीन के लिए रणनीतिक जवाब साबित हो सकती है. चीन अब अपनी सेना को पारंपरिक हथियारों से हटाकर क्लीन एनर्जी आधारित आधुनिक हथियारों की ओर ले जा रहा है. हाल ही में उसके युद्धपोतों में इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम शामिल किए गए हैं और 2023 में उसने दुनिया का पहला मीथेन-ईंधन रॉकेट भी लॉन्च किया.
यह भी पढ़ें:
आपके फोन में इंसान से बात जैसा अनुभव! Google Gemini का ये नया फीचर कर देगा हैरान
[ad_2]
[ad_1]
Raid 2 Box Office Collection Day 33: अजय देवगन की ‘रेड 2’ को दर्शकों ने खूब प्यार दिया है. ये क्राइम थ्रिलर विक्की कौशल की छावा के बाद साल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. वहीं इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाते हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है तब भी ये टिकट खिड़की पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है. पांचवें वीकेंड पर भी ‘रेड 2’ ने शानदार कमाई की हालांकि पांचवें मंडे इसके कलेक्शन में भारी गिरावट भी दर्ज की गई. चलिए जानते हैं अजय देवगन की इस फिल्म ने रिलीज के 33वें दिन यानी दूसरे मंडे को कितना कलेक्शन किया है?
‘रेड 2’ ने 33वें दिन कितनी की कमाई?
साल 2018 में आई ‘रेड’ में अजय देवगन ने अमन पटनायक के किरदार में दर्शकों का दिल जीत लिया था. इसके सीक्वल के लिए भी फैंस काफी एक्साइटेड थे. वहीं जब ‘रेड 2’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी तो इसे देखने के लिए ऑडियंस सिनेमाघरों में उमड़ पड़ी. एक बार फिर अजय देवगन को अमन पटनायक के किरदार में देखकर फैंस खुशी से झूम उठे. वहीं इस बार फिल्म में रितेश देशमुख भी दादाभाई के रोल में दिखे.
इन दोनों हीरो की जोड़ी ने बॉकस ऑफिस पर बवाल मचा दिया. इसी के साथ ‘रेड 2’ ने सिनेमाघरों में खूब कमाई की. हालांकि चौथे हफ्ते में ये बॉक्स ऑफिस पर लड़खड़ा भी गई थी लेकिन पांचवें वीकेंड पर फिर इसने तेजी दिखाई. लेकिन पांचवे मंडे एक बार फिर ये लाखों में सिमटती दिख रही है. इसी के साथ फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो
‘रेड 2’ का पैकअप कराएगी हाउसफुल 5
‘रेड 2’ की कमाई में एक बार फिर पांचवें मंडे गिरावट आई है और ये लाखों में सिमट गई. फिल्म के लिए अब मोटी कमाई करना मुश्किल है. क्योंकि एक तो पहले ही इसे राजकुमार राव की भूल चूक माफ से मुकाबला करना पड़ रहा है. वहीं दूसरी और 6 जून को सिनेमाघरों में हाउसफुल 5 दस्तक दे रही है. अक्षय कुमार सहित कई सितारों से सजी इस फिल्म का काफी हाईप है. ऐसे में ‘रेड 2’ का तो हाउसफुल 5 के आगे पैकअप होता नजर आ रहा है. ऐसे में फिल्म का 200 करोड़ी बनना भी नामुमकिन लग रहा है. क्योंकि ‘रेड 2’ को ये आंकड़ा पार करने के लिए 31 करोड़ और कमाने की जरूरत है.
हालांकि देखने वाली बात होगी कि क्या ‘रेड 2’ अक्षय की हाउसफुल 5 के आगे टिक पाती है या नहीं.
ये भी पढ़ें:-Bhool Chuk Maaf Box Office Collection Day 11: ‘भूल चूक माफ’ की 11वें दिन घटी कमाई, क्या 100 करोड़ी बन पाएगी फिल्म? जानें- 11 दिनों का टोटल कलेक्शन
[ad_2]
[ad_1]
RCB vs PBKS Final: आईपीएल में आज ट्रॉफी के लिए आरसीबी और पंजाब के बीच सीधी टक्कर से पहले सभी लोग सोच रहे हैं कि आखिर आईपीएल जीतने वाली टीम को कितने पैसे मिलेंगे. साथ ही सवाल यह भी है कि जो टीम फाइनल मुकाबले में हार जाती है उसे कितने पैसे मिलते हैं. आइए हम आपको बताते हैं और साथ ही बताते है यह भी कि आखिर पर्पल कैप और ऑरेंज कैप विजेता को कितने लाख मिलते हैं.
आईपीएल जीतने वाली टीम को कितने करोड़ रुपयों की राशि मिलती है?
आईपीएल 2025 का खिताब जीतने वाली टीम को एक दो या पांच नहीं बल्कि पूरे 20 करोड़ रुपये मिलेंगे. वहीं जो टीम आईपीएल के फाइनल मुकाबले में हार जाएगी यानी उपविजेता रहेगी उसको 13 करोड़ रुपये मिलेंगे.
पर्पल कैप और ऑरेंज कैप विनर्स को कितने रुपये मिलेंगे?
सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी को ऑरेंज कैप मिलता है. इसके अलावा 10 लाख रुपये भी दिए जाते हैं. सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर को पर्पल कैप से सम्मानित मिलता है. उस गेंदबाज को भी 10 लाख रुपये भी मिलते हैं.
किस खिलाड़ी को कितने पैसे यहां जानिए
IPL 2025: व्यक्तिगत अवॉर्ड और राशि
ऑरेंज कैप- 10 लाख रुपये
पर्पल कैप- 10 लाख रुपये
इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन- 20 लाख रुपये
मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर ऑफ द सीजन- 10 लाख रुपये
सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन- 10 लाख रुपये
पावर प्लेयर ऑफ द सीजन- 10 लाख रुपये
सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स- 10 लाख रुपये
गेम चेंजर ऑफ द सीजन- 10 लाख रुपये
(एजेंसी इनपुट के साथ)
[ad_2]
[ad_1]
अगर आप सोचते हैं कि स्टंट सिर्फ फिल्मों तक सीमित होते हैं, तो जरा इस वीडियो को देख लीजिए. यहां ना कोई कैमरा सेटअप था, ना कोई रिहर्सल. लेकिन जो हुआ वो किसी हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर से कम नहीं था. वियतनाम की एक सड़क पर जिंदगी और मौत के बीच का फासला महज कुछ सेंकेंड का था. बाइक पर तीन लोग सवार, सामने से आती वैन, और चंद पल में सब कुछ उलट-पलट. लेकिन तभी जैसे ही बाइक पुल की रेलिंग से टकराने को हुई पीछे बैठा तीसरा शख्स ऐसी छलांग लगाता है कि सोशल मीडिया पर तूफान आ गया. हवा में उड़ते हुए वो लोहे की रेलिंग को पकड़ लेता है और खुद को बचा लेता है. ये नजारा देखकर लोग दंग हैं, हैरान हैं, और कह रहे हैं “टॉम क्रूज़ को अब आराम दे दो, वियतनाम से नया हीरो निकल आया है”
सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़के ने जिंदगी और मौत के बीच खड़ी बाइक से ऐसी छलांग मारी कि लोग दंग रह गए. ये नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. वीडियो में दिखता है कि तीन लोग एक बाइक पर सवार हैं और तेज रफ्तार में पुल की तरफ जा रहे हैं. तभी सामने से एक वैन आ जाती है और बाइक सवार उसका कंट्रोल खो देता है. अब बचने का कोई रास्ता नहीं था, लेकिन जैसे ही बाइक पुल की रेलिंग से टकराने ही वाली थी, तीसरे शख्स ने पलक झपकते ही छलांग लगा दी. वो हवा में लहराता हुआ सीधे लोहे की रेलिंग को पकड़ लेता है. बिल्कुल किसी फिल्म के स्टंट की तरह.
He’s definitely Tom Cruise’s stunt double! pic.twitter.com/PV6Ldeo6VH
— The Figen (@TheFigen_) May 31, 2025
बाइक और बाकी दोनों सवार नीचे पानी में जा गिरते हैं, लेकिन ये लड़का लटकता रहता है और खुद को संभाल लेता है. लोग कह रहे हैं, “ऐसा तो हमने सिर्फ मिशन इम्पॉसिबल में देखा था.” किसी ने लिखा, “ये तो वियतनाम का टॉम क्रूज़ निकला.” ये घटना बताती है कि मुसीबत के वक्त अगर होश ठिकाने हों और हाथ-पैर सही समय पर चलें, तो चमत्कार भी हो सकते हैं. फिलहाल, ये वीडियो इंटरनेट पर हर जगह छाया हुआ है और लोग इसे बार-बार देख रहे हैं, क्योंकि ऐसा स्टंट रियल लाइफ में बहुत कम देखने को मिलता है.
यह भी पढ़ें: हमने ही तो बंद कर रखा है… पाकिस्तानी एक्ट्रेस को कराची एयरपोर्ट पर नहीं मिला पानी, लोगों ने ले ली मौज
वीडियो को @TheFigen_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोग तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई तो छोटा टॉम क्रूज निकला. एक और यूजर ने लिखा…अरे अरे भाई, बाल बाल बच गया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…छोटा डॉन, पगला गया है.
यह भी पढ़ें: दुल्हन ने हाथ पकड़ने से किया इनकार तो दूल्हे ने गोद में उठा लिया, शर्म से पानी पानी हुआ पूरा परिवार
[ad_1]
China Crackdown Rare Earth Magnet: पड़ोसी चीन दक्षिण एशिया में भारत को अपना सबसे बड़ा कंपीटिटर के तौर पर मानता है. 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद से जब एपल समेत कई बड़ी कंपनियों ने चीन से भारत में अपना कारोबार शिफ्ट करने की घोषणा की है, तो इस बात को बीजिंग नहीं पचा पाया है. अब एक और ऐसी खबर आयी है जो भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों के लिए निराशा पैदा कर देने वाली है.
जिस तरह से भारत इलेक्ट्रिकल व्हीकल सेक्टर में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है, ये चीन को नागवार गुजर रहा है. पूरी दुनिया का करीब 90 फीसदी रेयर अर्थ मैग्नेट्स अपने पास रखने वाले चीन अप्रैल के महीने से इसके निर्यात पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं. इसका नतीजा अब ये है कि कोई भी चीन की कंपनी बिना वहां की सरकार से लाइसेंस और उसका एंड यूज सार्टिफिकेट लिए बिना आगे नहीं बेच सकती है.
टीवीएस-बजाज मोटर्स की चेतावनी
ऐसे में भारतीय इलैक्ट्रिक व्हिकल कंपनियों के लिए अब इसलिए मुसीबत पैदा हो गई है क्योंकि कई ऐसे रेयर अर्थ के कंटेनर जो चीन से नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे, वो अब तक वहीं अटके पड़े हैं, उन्हें मंजूरी नहीं दी जा रही है.
इस रेयर अर्थ मैग्नेट्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक और पारंपरिक दोनों ही गाड़ियों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर इसी तरह से चीन की तरफ से कंटेनर पर रोक जारी रही तो भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा संकट पैदा हो सकता है. ये भी कहा जा रहा है कि भारतीय ऑटो मोबाइल कंपनियों के पास रेयर अर्थ का स्टॉक सिर्फ जून तक ही है. भारत ने फाइनेंशियल ईयर 2024 में 460 टन से ज्यादा रेयर अर्थ का चीन से आयात किया था.
भारतीय कंपनियों की बढ़ी मुसीबत
ऐसे में सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि इसका कोई और विकल्प इस वक्त नहीं दिख रहा है. भारत सरकार की तरफ से अपनी निर्भरता चीन के ऊपर से कम करने के लिए घरेलू मैग्नेट प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है. लेकिन उसमें अभी काफी वक्त लगेगा. ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा है कि भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से इस बारे में 3 जून यानी आज एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें रेयर अर्थ मैग्नेट के प्रोडक्शन को लेकर कोई अहम फैसला लिया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: इन 8 शेयरों में ऐसा क्या है कि मोतीलाल ओसवाल ने कह दिया जल्दी से खरीद लो, 32 फीसदी तक मिल सकता है मुनाफा
[ad_2]
[ad_1]
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी जंग के बीच सोमवार (2 जून 2025) को तुर्किए के सिरागन पैलेस में शांति वार्ता को लेकर बातचीत हुई. दोनों देशों के बीच यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए उसके 40 बॉम्बर्स प्लेन को तबाह कर दिया. दोनों देशों के बीच शांति को लेकर एक घंटे से ज्यादा देर तक बातचीत हुई.
एक-दूसरे के कैदियों को रिहा करने पर बनी सहमति
यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के कैदियों को रिहा करने पर सहमत हुए हैं. युद्ध रोकने की प्रमुख शर्तों के मामले में दोनों देशों के बीच अभी भी काफी मतभेद हैं. तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने इस शांति वार्ता की अध्यक्षता की. इस बैठक में तुर्की की खुफिया एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे.
यूक्रेन ने किन-किन जगहों को निशाना बनाया?
रूस मे इस बात की पुष्टि की है कि यूक्रेन ने उसके एयरबेस को निशाना बनाया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “कीव शासन ने मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजान और अमूर में स्थित हवाई क्षेत्रों पर एफपीवी ड्रोन का उपयोग करके एक आतंकी हमला किया. इवानोवो, रियाजान और अमूर में सैन्य हवाई क्षेत्रों पर हुए सभी हमलों के विफल कर दिया गया.”
तत्काल सीजफायर की उम्मीद कम
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, “मरमंस्क और इरकुत्स्क क्षेत्रों में सैन्य हवाई अड्डों के नजदीकी इलाकों से एफपीवी ड्रोन छोड़े जाने के परिणामस्वरूप कई विमानों में आग लग गई.” यूक्रेन के इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तत्काल सीजफायर की उम्मीद कम ही है. यूक्रेन के वायु सेना ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने रूस की ओर से छोड़े गए 80 ड्रोनों में से 52 को तबाह कर दिया.
उत्तरपूर्वी यूक्रेनी शहर खारकीव के मेयर ने कहा कि सोमवार की सुबह दो बैलिस्टिक मिसाइल ने शहर के एक आवासीय इलाके पर हमला किया. उन्होंने कहा कि इसमें से एक मिसाइल स्कूल के पास तो दूसरा एक इमारत के पास गिरी.
ये भी पढ़ें : पुतिन के धोखे से आगबबूला जेलेंस्की ने उनकी ही स्टाइल में मचा दी रूस में तबाही! बोले- अब वो मजबूरी में…
[ad_2]
[ad_1]
AI on Humanity: आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती ताकत ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है. जहां एक ओर ChatGPT, Google Veo और Grok जैसे AI टूल्स हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञ भविष्य को लेकर डराने वाली भविष्यवाणियां कर रहे हैं.
भारतीय मूल के कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर सुभाष काक, जो अमेरिका की ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं, ने ब्रिटेन की मीडिया संस्था The Sun से बात करते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले समय में AI इंसानों का लगभग हर काम संभाल लेगा. उनके अनुसार, “भले ही रोबोट्स कभी पूरी तरह सचेत न हों, लेकिन वो हमारी लगभग सभी भूमिकाएं निभा लेंगे, ऑफिस के फैसले से लेकर रोज़मर्रा के छोटे काम तक.”
प्रोफेसर काक का दावा है कि AI की वजह से बेरोज़गारी इतनी बढ़ेगी कि लोग बच्चे पैदा करने से कतराएंगे. इस कारण से 2300 या 2380 तक धरती की जनसंख्या घटकर महज़ 100 मिलियन (10 करोड़) रह सकती है जो कि आज के ब्रिटेन की आबादी के बराबर है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क और लंदन जैसे बड़े शहर वीरान हो जाएंगे और “घोस्ट टाउन” बन जाएंगे.
प्रोफेसर काक के मुताबिक, यूरोप, चीन, जापान और खासकर दक्षिण कोरिया में जन्म दर लगातार गिर रही है. लोग भविष्य की अनिश्चितता और नौकरियों की कमी की वजह से बच्चे पैदा करने में हिचकिचा रहे हैं. यह चेतावनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की बातों से मेल खाती है जिन्होंने पहले भी AI और घटती बर्थ रेट को मानव जाति के लिए खतरा बताया है. मस्क का मानना है कि हमें अंतरिक्ष में कॉलोनियां बसानी चाहिए ताकि अगर पृथ्वी पर कोई संकट आए तो मानव जीवन को फिर से शुरू किया जा सके.
प्रोफेसर काक ने अपनी किताब The Age of Artificial Intelligence में भी इन खतरों का ज़िक्र किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह AI का इस्तेमाल अब सिर्फ बिज़नेस तक सीमित नहीं रहा बल्कि आम लोग भी इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं जिससे भविष्य में रोजगार के अवसरों पर असर पड़ सकता है. हालांकि, हाल ही में पेरिस में हुए AI Action Summit में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डर को कम करते हुए कहा कि तकनीक नौकरियों को खत्म नहीं करती बल्कि उनके स्वरूप को बदल देती है. इतिहास गवाह है कि हर तकनीकी क्रांति के साथ नए प्रकार के रोजगार पैदा हुए हैं.
यह भी पढ़ें:
कई साल पहले खो गया था फोन, अब चिंता न करें ऐसे मिलेगा, इस तकनीक ने किया कमाल
[ad_2]
[ad_1]
किस देश में होती है सबसे सस्ती LLB, वहां खाने-रहने के लिए कितनी मिलती है सहूलियत?
[ad_2]