माइक्रोसॉफ्ट 6000 स्टाफ को निकालने के बाद फिर से करने जा रहा बड़ी छंटनी, जानें कितने पर चलेगी

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Microsoft Layoffs: दुनिया की जानी-मानी टेक कंपनियों में एक है अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट. यहां पर काम करने का आईटी से जुड़े प्रोफेशनल्स का एक बड़ा सपना होता है. लेकिन अब माइक्रोसॉफ्ट ने एआई के इस बदलते युग में लोगों को नौकरी देने की बजाय अब उनसे उल्टा नौकरी छीनने में लगा हुआ है. कर्मचारियों को अब सड़कों पर ला रहा है. पिछले महीने 6000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद फिर से माइक्रोसॉफ्ट ने 300 से भी ज्यादा लोगों को नौकरी से बाहर करने के दूसरे राउंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

एक और बड़ी छंटनी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के काम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ये कदम उठाने जा रहा है. हालांकि, हाल में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी के बाद किस डिपार्टमेंट से स्टाफ को निकाला जाएगा, इस बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है और न ही ये स्पष्ट है कि कंपनी के इस कदम से कौन से डिपार्टमेंट पर असर होगा. माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने इस बारे में कहा कि बाजार के अनुरुप कंपनी अपने आपमें सुधार लाने के कंपनी लगातार संस्थागत आवश्यक बदलाव करती रहती है. 

एआई से ली जाएगी मदद

गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट ने एक तरफ जहां अपने वर्क फोर्स में कटौती का ऐलान किया है तो वहीं दूसरी तरफ तो एआई में निवेश कर उससे कोडिंग और अन्य टेक्निकल कामों में मदद ली जा रही है.

जून 2024 के डेटा के मुताबिक, इस अमेरिकी टेक कंपनी में 2,28,800 फुल टाइम कर्मचारी थे. इसमें से करीब आधे अमेरिका में काम कर रहे थे. ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से ये एक स्पष्ट संकेत है कि एआई के इस युग में कंपनी अपने पूरा फोकस कंपनी के ग्रोथ पर कर रही है. साथ ही, ट्रेडिशन रोल से उठकर तकनीक पर ज्यादा निर्भर होने जा रही है.  

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क्या है ग्रीन बकरीद और वर्चुअल बकरीद, जानें क्यों सोशल मीडिया हो रहे हैं ट्रेंड

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परंपरा और तकनीक की जंग में अब ईद-उल-अजहा भी दो राहों पर खड़ी है. एक तरफ हैं वो जो इस त्योहार को ‘हरियाली’ के साथ जोड़ना चाहते हैं. पेड़ लगाकर, मीट की बजाय मोहब्बत बांटकर…वहीं दूसरी ओर वो लोग हैं, जो मोबाइल स्क्रीन पर कुर्बानी देख रहे हैं, डिजिटल गेटवे से जानवर खरीद रहे हैं और वर्चुअल ईद की गले मिलती तकनीकी खुशबू में डूबे हैं. समय बदल रहा है और उसके साथ बकरीद भी…

सवाल ये नहीं कि क्या कुर्बानी हो रही है, सवाल ये है कि वो कैसे हो रही है. बकरीद पर आमतौर पर मुस्लिम समुदाय के लोग बकरे या दूसरे हलाल जानवरों की कुर्बानी देते हैं. लेकिन इस बार वर्चुअल और ग्रीन बकरीद सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. आइए आपको बताते हैं क्या है दोनों में अंतर.

क्या है ग्रीन बकरी?

“ग्रीन बकरीद” नाम सुनकर लग सकता है कि ये कोई पर्यावरण दिवस है, लेकिन असल में यह एक सोच है. एक ऐसा नजरिया जो बकरीद की कुर्बानी को प्रतीकात्मक बनाने की कोशिश कर रहा है. इस विचारधारा के समर्थक मानते हैं कि जानवरों की बलि की जगह अगर पेड़ लगाए जाएं, जरूरतमंदों को पैसा या भोजन दिया जाए या प्लास्टिक और प्रदूषण से बचा जाए तो ईद का पैगाम और ज्यादा पाक हो सकता है. हाल के वर्षों में पेटा जैसे संगठनों और कुछ शहरी मुस्लिम युवाओं ने इसे सोशल मीडिया पर हवा दी है. #GreenBakrid जैसे ट्रेंड्स चलते हैं, जिसमें लोग भैंस, बकरी की जगह पौधे लेकर ‘सेल्फी विद सैक्रिफाइस’ करते हैं.

क्यों है वर्चुअल बकरीद

कोविड-19 ने दुनिया को बदला और ईद भी उससे अछूती नहीं रही. जब लोग मस्जिद नहीं जा सके, कुर्बानी के लिए जानवर नहीं खरीद सके तब जन्म हुआ “वर्चुअल बकरीद” का. यह तरीका तकनीक और आस्था का मेल है. ऑनलाइन वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिए लोग कुर्बानी का जानवर बुक करते हैं, बलि किसी फार्म या संस्था दे देती है और मीट या तो उन्हें भेज दिया जाता है या दान कर दिया जाता है. कुछ प्लेटफॉर्म तो कुर्बानी की लाइव स्ट्रीमिंग भी कराते हैं जहां आप स्क्रीन पर बैठे-बैठे देख सकते हैं कि आपके नाम की कुर्बानी कब और कैसे हो रही है. इससे न सिर्फ भीड़-भाड़ से बचाव हुआ, बल्कि प्रवासी मुस्लिमों और व्यस्त लोगों के लिए यह एक सहज उपाय बन गया.

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क्या ग्रीन बकरीद से कम होगा रोजगार?

बकरीद यानी ईद-उल-अजहा जब करीब आती है, तो सिर्फ बकरों की कीमतें ही नहीं बढ़तीं, बढ़ता है हजारों लोगों का रोजगार, उम्मीद और बाजार में रौनक… ये त्योहार सिर्फ कुर्बानी का नहीं, किसानों, मजदूरों, पशुपालकों, ट्रांसपोर्टरों और कारीगरों के लिए भी कमाई का सबसे बड़ा मौका बनता है. खास बात ये कि इसका फायदा सिर्फ मुसलमानों को नहीं, सभी धर्मों और समुदायों के गरीब तबकों को होता है. बकरीद से पहले देशभर में बकरा मंडियां सज जाती हैं. इन मंडियों में जो जानवर बिकते हैं, उनमें से कई को पालने वाले हिंदू, दलित, आदिवासी या गरीब किसान होते हैं, जो बकरी, भेड़ या बैल पालकर सालभर इंतजार करते हैं बकरीद की बिक्री का.

यूजर्स दे रहे रिएक्शन

अब सोशल मीडिया पर ग्रीन और वर्चुअल बकरीद ट्रेंड करने के साथ ही यूजर्स के रिएक्शन भी आने शुरू हो गए हैं. ग्रीन बकरीद की शुरुआत हो गई है, किसी भी धर्म में जीव हत्या नहीं होनी चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…बकरीद आने पर ही सभी की जीव दया जाग जाती है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ग्रीन बकरीद ये सब केवल एक दिन चलने वाला है. बाकी खाते सब हैं.

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पाकिस्तान जमकर पिटा फिर भी नहीं आई अक्ल! अब लश्कर के आतंकियों संग दिखे विधानसभा स्पीकर

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Pakistan Terrorism: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में सरकार और आतंकियों के बीच का फर्क अब खत्म होता नजर आ रहा है. पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष मलिक अहमद खान एक रैली में लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी और आतंकी संगठन के नेता हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद के साथ मंच पर नजर आए.

पत्रकारों के सवाल पर बचाव में बोले स्पीकर
जब पत्रकारों ने उनसे इस विवाद पर सवाल किया, तो स्पीकर मलिक अहमद खान ने सैफुल्लाह कसूरी का बचाव किया. उन्होंने कहा कि कसूरी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि अभी तक जांच नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि कसूर शहर से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव है, इसलिए वो रैली में शामिल हुए.

रैली में आतंकी का भव्य स्वागत और भारत विरोधी भाषण
रैली का वीडियो सामने आया है, जिसमें सैफुल्लाह कसूरी अमेरिकी हथियारों से लैस गार्ड्स के साथ आता है. उसे ‘भारत का विजेता’ बताकर फूलों से स्वागत किया गया. रैली में लगातार भारत और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए गए. आतंकियों ने कहा कि उन्होंने 1971 की हार का बदला ले लिया है.

कसूरी और हाशमी ने 1971 का बदला लेने का दावा किया
अमेरिका द्वारा घोषित आतंकी सैफुल्लाह कसूरी और मज़म्मिल हाशमी ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश में भारत के खिलाफ ‘जीत’ पाई है. उन्होंने दावा किया कि उनके प्रदर्शन की वजह से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण लेनी पड़ी.

मोदी को दी खुली धमकी, मिसाइलों और गोलियों का मजाक
28 मई को गुजरांवाला में एक रैली में मज़म्मिल हाशमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे धमकी दी. उन्होंने कहा,”मोदी, तुम हमें गोली से डराते हो. हमारे बच्चे तेरी मिसाइलों से नहीं डरे, तो हम तेरी गोली से कैसे डरेंगे?”

“10 मई को लिया बदला”, कसूरी का दावा
राहिम यार खान की एक रैली में सैफुल्लाह कसूरी ने कहा, “जब मैं चार साल का था, तब 1971 में पाकिस्तान टूटा था. इंदिरा गांधी ने कहा था कि उन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत को डुबो दिया लेकिन हमने 10 मई को उसका बदला ले लिया.”

भारतीय एयर स्ट्राइक का जिक्र, ‘शहीद’ साथी की मौत पर भावुक हुआ आतंकी
कसूरी ने बताया कि मुरिदके में भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक में उसका साथी आतंकी मुदस्सिर मारा गया था. उसने कहा,”मैं उसके जनाजे में नहीं जा सका. उस दिन मैं बहुत रोया.”

भारत के लिए बढ़ता खतरा
इन घटनाओं से साफ है कि पाकिस्तान में अब सरकार और आतंकी संगठन एक ही मंच पर आ गए हैं. लश्कर जैसे संगठनों को खुलकर समर्थन मिल रहा है. यह भारत के लिए बड़ा खतरा है, क्योंकि अब आतंकवादी अपने इरादे खुलेआम जाहिर कर रहे हैं  और उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी मिल रहा है.

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पाकिस्तान की हसीनाएं और MMS कांड का सिलसिला…अब मथिरा का प्राइवेट वीडियो हुआ लीक

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Trending Video: पाकिस्तान में सोशल मीडिया सेंसेशन्स की इज्जत अब ऑनलाइन खतरे में है. एक के बाद एक वायरल होते MMS ने टिकटॉक स्टार्स और मॉडल्स की नींदें उड़ा दी हैं. पहले मिनाहिल मलिक और इम्शा रहमान के वीडियो सामने आए और अब वही तूफान कथित तौर पर मॉडल और डांसर माथिरा खान तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर खलबली मची हुई है. माथिरा खान का एक कथित MMS इंटरनेट पर लीक हो गया है, जिसे लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. इससे पहले पाकिस्तान की एक और मॉडल और इन्फ्लुएंसर कंवल आफताब का भी एक प्राइवेट वीडियो सामने आने की खबरें सामने आई थीं.

मथिरा खान का MMS हुआ लीक

पाकिस्तान की मशहूर मॉडल और सिंगर मथिरा खान इस वक्त इंटरनेट की आग में फंसी हुई हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मथिरा के कुछ आपत्तिजनक और प्राइवेट वीडियो ऑनलाइन लीक हो गए हैं. मथिरा कोई नया नाम नहीं है. वो पाकिस्तान की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-पहचानी शख्सियत हैं. कभी म्यूजिक वीडियोज में ग्लैमरस अंदाज में, तो कभी टॉक शोज में अपनी बेबाक बातों के लिए सुर्खियों में रही हैं. लेकिन इस बार चर्चा का कारण उनका काम नहीं, बल्कि वो कथित MMS हैं जो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं.


आम हो गया है प्राइवेट वीडियो का लीक होना

इस लीक के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की चिंता फिर से उभर आई है कि क्या किसी भी इंसान की प्राइवेसी अब बस मजाक बनकर रह गई है? कैसे एक क्लिक में किसी का पर्सनल डेटा सार्वजनिक हो जाता है और उसे रोकना नामुमकिन-सा हो गया है? रिपोर्ट्स की मानें तो ये वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेलीग्राम चैनलों पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं. कुछ लोग इन्हें फर्जी बता रहे हैं, तो कई यूजर्स इन्हें देखकर हैरान हैं. इस पूरी घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सेलिब्रिटीज की प्राइवेसी अब सिर्फ नाम की रह गई है? और क्या इस तरह की लीक को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठेंगे?

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यूजर्स लेने लगे मजे

सोशल मीडिया पर जैसे ही मथिरा खान के MMS की खबरें वायरल हुई वैसे ही इस पर इंटरनेट यूजर्स के रिएक्शन की लाइनें लग गई. एक यूजर ने लिखा…वाह पाकिस्तान वाह, कभी अपनी सुरक्षा जानकारियां भी लीक करो, जिससे तुम्हें फिर से मुंह की खानी पड़े. एक और यूजर ने लिखा…मॉडल की इज्जत संभाली नहीं जा रही और इन्हें कश्मीर चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…पाकिस्तान से और क्या ही उम्मीद की जा सकती है.

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Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: 10 हजार से भी कम कीमत में कौन सा फोन है बेहतर, कंपैरिजन से समझें

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Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: भारतीय बाजार में Lava ने अपना नया बजट स्मार्टफोन Lava Shark 5G लॉन्च किया है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह 5G कनेक्टिविटी के साथ आता है और इसकी कीमत 8,000 रुपये से कम है. इस कीमत पर 5G सुविधा मिलना काफी अनोखा है. हालांकि, हर यूज़र के लिए 5G ही सबकुछ नहीं होता. कुछ ग्राहक ऐसे भी होते हैं जो बेहतर बैटरी, डिस्प्ले या कैमरा जैसी चीजों को प्राथमिकता देते हैं. ऐसे यूज़र्स के लिए Vivo Y19e एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आता है. आइए जानते हैं इन दोनों फोन में क्या फर्क है.

Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: डिस्प्ले

Lava Shark 5G में 6.75 इंच की HD+ स्क्रीन दी गई है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है और इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 81% है. वहीं, Vivo Y19e में 6.74 इंच की HD+ डिस्प्ले मिलती है जो 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है लेकिन इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 85.1% है. यानी Vivo की स्क्रीन बॉडी के ज्यादा हिस्से को कवर करती है.

Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: प्रोसेसर और स्टोरेज

Lava Shark 5G को ताकत देता है Unisoc T765 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर, जिसे 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है. स्टोरेज को माइक्रोSD कार्ड से बढ़ाया भी जा सकता है. दूसरी ओर, Vivo Y19e में Unisoc T7225 चिपसेट मिलता है, जो 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है. इसमें भी माइक्रोSD कार्ड का सपोर्ट दिया गया है. Lava का फोन जहां 5G नेटवर्क को सपोर्ट करता है, वहीं Vivo Y19e में केवल 4G कनेक्टिविटी है.

Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: कैमरा फीचर्स

दोनों स्मार्टफोन में 13MP का रियर कैमरा दिया गया है, लेकिन Vivo Y19e में एक अतिरिक्त सेकेंडरी कैमरा भी मौजूद है. वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए दोनों फोन 1080p रिज़ॉल्यूशन तक सपोर्ट करते हैं. सेल्फी के लिए दोनों में 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इन डिवाइसेज़ में पोर्ट्रेट मोड, स्लो मोशन, HDR और लाइव फोटो जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं.

Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: बैटरी और चार्जिंग

Lava Shark 5G में 5000mAh की बैटरी मिलती है, जबकि Vivo Y19e में 5500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. खास बात यह है कि Vivo का फोन रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करता है, जिससे आप दूसरे गैजेट्स जैसे वायरलेस ईयरबड्स भी चार्ज कर सकते हैं.

Lava Shark 5G vs Vivo Y19e: कीमत

दोनों स्मार्टफोन की कीमत समान है 7,999 रुपये. ऐसे में चुनाव पूरी तरह आपके इस्तेमाल और ज़रूरतों पर निर्भर करता है. अगर आप 5G कनेक्टिविटी चाहते हैं और कम बजट में भविष्य के नेटवर्क के लिए तैयार रहना चाहते हैं तो Lava Shark 5G एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन अगर आपको बड़ी बैटरी, बेहतर स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो और एक अतिरिक्त कैमरा फीचर चाहिए, तो Vivo Y19e आपके लिए ज्यादा मुफ़ीद रहेगा.

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क नहीं दो-दो दिग्गजों ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी, कौन जीतने वाला है आईपीएल की ट्रॉफी, जानिए

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IPL 2025 Final RCB vs PBKS : आईपीएल 2025 अपने निर्णायक मोड़ पर है. आज रात अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच खिताबी टक्कर होगी. दोनों टीमें पहली बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी. दोनो टीमें अब तक एक बार भी ट्रॉफी नहीं जीत पाई है और ऐसे में यह मुकाबला और भी रोमांचक होने वाला है.

मैच से पहले ही क्रिकेट जगत के कुछ बड़े नामों ने जीतने वाली टीम की भविष्यवाणी कर दी है. श्रीलंका के पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ओपनर हर्शल गिब्स ने इस बार आरसीबी को खिताब का प्रबल दावेदार बताया है.

दिलशान बोले – “इस बार आरसीबी की बारी है”

श्रीलंका के पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान साल 2011 से साल 2013 तक आरसीबी के लिए खेल चुके हैं. उन्होंने आरसीबी को इस साल ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बताया है. एएनआई (ANI) से बात करते हुए उन्होंने कहा, “इस साल आरसीबी ने एक चैंपियन टीम की तरह खेला है. शुरू से लेकर अब तक टीम का प्रदर्शन बेहतर रहा है. पूरी टीम संतुलित नजर आ रही है और मुझे पूरी उम्मीद है कि आज RCB जीत हासिल करेगी.”

दिलशान ने विराट कोहली और पूरी आरसीबी टीम को फाइनल के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी. आरसीबी की जर्सी पहन चुके दिलशान ने कुल 52 मैचों में 1153 रन बनाए हैं. अपने पुराने कनेक्शन की वजह से भी उनका RCB से खास जुड़ाव रहा है.

गिब्स ने भी दी हरी झंडी

साउथ अफ्रीका के पूर्व ओपनर हर्शल गिब्स ने भी दिलशान की बात से सहमति जताई है. द लेजेंड-जेड टी10 लीग के दौरान उन्होंने एनआई (ANI) से बात करते हुए कहा, “मेरी फेवरेट टीम आरसीबी है और में उसे ही सपोर्ट कर रहा हूं, अगर पंजाब पहले बल्लेबाज़ी करती है, तो मुझे पूरा भरोसा है कि RCB लक्ष्य हासिल कर लेगी. मुझे लगता है कि हर क्रिकेट फैन RCB को ट्रॉफी जीतते देखना चाहता है और इस खिताब का इंतजार बहुत लंबा हो गया है.”

गिब्स ने आईपीएल में 2008 से 2012 के बीच कुल 36 मैच खेले और 886 रन बनाए.

कौन बनाएगा इतिहास?

आईपीएल 2025 का यह फाइनल मुकाबला ऐतिहासिक है. एक ओर पंजाब किंग्स की टीम है, जो 2014 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है तो वहीं दूसरी ओर RCB है, जो तीन बार फाइनल खेल चुकी है लेकिन अब तक ट्रॉफी नहीं जीत पाई है. यह आरसीबी के लिए चौथा फाइनल मुकाबला है.

दोनों टीमों का फॉर्म शानदार है, और अब सारा फोकस आज की रात पर है. क्या रजत पाटीदार की कप्तानी में RCB आखिरकार 18 साल का इंतजार खत्म कर पाएगी? या पंजाब पहली बार इतिहास रचेगी? इसका जवाब आज रात में मिलेगा, जब क्रिकेट को मिलेगा IPL 2025 का नया चैंपियन.

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‘उसने मुझे शरीर पर चूंटी काटी’, रेचल गुप्ता ने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल के ऑर्गेनाइजर्स पर लगाया आर

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Miss Grand International Rachel Gupta: 21 साल की रेचल गुप्ता मिस ग्रैंड इंटरनेशनल बनने वाली पहली इंडियन थीं. लेकिन उन्होंने अब मिस ग्रैंड इंटरनेशनल का क्राउन लौटा दिया है. उन्होंने पेजेंट में टॉक्सिक एंवायरमेंट को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें बॉडीशेम किया गया. उन्हें वजन कम करने के लिए कहा गया और उन्हें चूंटी भी काटी गई.

उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर किया. इसका टाइटल उन्होंने दिया ‘The Truth about Miss Grand International — My Story. वीडियो में वो फूट-फूटकर रोती नजर आईं. उन्होंने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल के ऑर्गेनाइजर्स के ऊपर आरोप लगाए. 

‘उनकी पैसे कमाने के लिए इस्तेमाल करने में दिलचस्पी’

उन्होंने कहा कि ऑर्गेनाइजर्स को केवल पैसे कमाने के लिए इस्तेमाल करने में दिलचस्पी थी. उन्होंने कहा, ‘सच कहूं तो, उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि मैं जिंदा रहूं या मर जाऊं. जब तक मैं उनके प्रोग्राम में मुस्कुरा रही थी, जब तक मैं अपने शरीर को उनके पसंद के अनुसार बहुत पतला रखती हूं. तब तक ठीक था. वे बस यही चाहते हैं कि मैं वहां रहूं. टिक टॉक लाइव पर जाऊ. उनके लिए पैसे कमाऊं और उनके प्रोग्राम में शामिल होऊं. वो यही मुझसे चाहते हैं. मुझे एहसास हुआ कि वो कभी भी मेरा सपोर्ट नहीं करेंगे. मैं पूरी तरह से अकेली थी.’

रेचल ने ऑर्गेनाइजर्स पर आरोप लगाया कि वो लोग उन्हें ऑनलाइन प्रोडेक्ट बेचने के लिए मजबूर कर रहे थे. रेचल ने कहा, ‘उन्होंने हमें सामान बेचने के लिए कहा. वो मुझे टिक टॉक पर चीप प्रोडेक्ट बेचने के लिए मजबूर कर रहे थे जैसे कि हम सेल्स गर्ल हों. आप क्वीन को क्राउन पहनाते हो, जिसका देश में करियर है. हम चीजें करते हैं, हम रिस्पेक्टेड हैं और वो हमने चीप प्रोडेक्ट सेल करवा रहे हैं सिर्फ पैसों के लिए और आप मना नहीं कर सकते.’


रेचल ने झेली बॉडी शेमिंग

इसके अलावा रेचल ने कहा कि उन्होंने बॉडी शेमिंग झेली और शारीरिक अपमान झेला. 

रेचल ने कहा, ‘मुझे एक बार याद है, उन्होंने अपना रिप्रेंटेटिव मेरे पास भेजा. वो मेरे पास आया और उसने मुझे अलग-अलग जगहों पर चूंटी काटना शुरू कर दिया. उसने मुझे कहा कि ‘ओह तुम्हें यहां से अपना वजन कम करने की जरूरत है. तुम्हें वजन कम करना चाहिए. मुझे इस पर क्या कहना चाहिए? ये बहुत शर्मनाक है. आपको बहुत छोटा और बहुत बुरा महसूस कराता है. 

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हिसार के सक्षम जिंदल ने JEE Advanced में देशभर में चमकाया नाम, AIR-2 हासिल कर किया कमाल

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हरियाणा के हिसार शहर से ताल्लुक रखने वाले सक्षम जिंदल ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा JEE Advanced में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल किया है. इससे पहले वह JEE Main के दोनों सेशंस में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, जनवरी सेशन में सक्षम को 100 परसेंटाइल और अप्रैल सेशन में ऑल इंडिया रैंक 10 मिली थी.

पढ़ाई में शानदार, खेल में भी आगे

सक्षम शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रहा है. 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत और हाल ही में 12वीं कक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल करके उसने अपनी काबिलियत साबित की है. खास बात यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ वह खेलों में भी सक्रिय रहा है और क्रिकेट में अंडर-14 डिस्टिक्ट लेवल पर खेल चुका है. हालांकि कोविड के दौरान क्रिकेट की प्रैक्टिस बंद होने से उसका फोकस पढ़ाई की ओर पूरी तरह शिफ्ट हो गया.

परिवार का सहयोग बना ताकत

सक्षम के पिता डॉ. उमेश जिंदल एक पैथोलॉजिस्ट हैं, जबकि मां डॉ. अनीता जिंदल फिजियोथेरेपिस्ट हैं. दोनों ने हमेशा उसे उसकी पसंद की राह चुनने की आजादी दी. सक्षम कहते हैं कि माता-पिता ने मुझ पर कभी कोई दबाव नहीं डाला. उन्होंने मुझे वो करने दिया जो मैं चाहता था. इसी कारण मैं बिना किसी तनाव के पढ़ाई कर सका और यह सफलता हासिल कर पाया.

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गणित से रहा खास लगाव

रिपोर्ट्स के अनुसार सक्षम को शुरू से ही गणित से खास लगाव रहा है. उसका सपना IIT मुंबई में पढ़ने का था और अब वह सपना सच होने जा रहा है. वह कहता है मैं हमेशा से मैथ्स इंजॉय करता था, इसलिए इंजीनियरिंग में करियर बनाना तय किया. अब मैं कंप्यूटर साइंस में आगे बढ़ना चाहता हूं.

कोटा के माहौल ने दी नई उड़ान

सक्षम ने बताया कि कोटा शहर का पढ़ाई का माहौल बहुत ही प्रेरणादायक होता है. यहां छात्र आपस में एक-दूसरे की मदद करते हैं, जिससे एक पॉजिटिव माहौल बनता है. हेल्दी कॉम्पिटीशन से आत्मविश्वास भी बढ़ता है. वह बताता है मैं हर टॉपिक को गहराई से समझने की कोशिश करता था. बार-बार सवाल हल करता था जिससे मेरी पकड़ मजबूत होती गई.

इनपुट: दिनेश कश्यप

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शेयर बाजार में गिरावट, 220 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 24700 के नीचे, 3% फिसला अडानी पोर्ट्स

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Stock Market Today 9 June 2025: हफ्ते के दूसरे कारोबार दिन यानी 3 जून को शेयर बाजार की ग्रीन शुरुआती हुई है. सेंसेक्स करीब सवा नौ बजे 307.38 अंक यानी 0.38 फीसदी ऊपर चढ़कर 81,681.13 के स्तर पर आ गया. लेकिन, ये बढ़त ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रह पाई. थोड़ी ही देर बाद एसएंडपी पर बीएसई सेंसेक्स करीब  226.44 अंक टूटकर 81,147.31 पर गया. शुरुआत में निफ्टी 107.30 प्वाइंट यानी 0.43 फीसदी उछाल के साथ 24,823.90 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. लेकिन उसके बाद निफ्टी 50 में 45.05 अंक की गिरावट आयी और ये सुबह साढ़े नौ बजे 24,671.55 पर आकर लुढ़क गया.

टाटा स्टील के चढ़े शेयर

आज जिन शेयरों में बढ़त देखने को मिली है, उनमें Eternal 0.89 प्रतिशत उछला है. इसके अलावा, महिन्द्रा एंड महिन्द्र में 9.06 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है. इंडसइंड बैंक के स्टॉक्स 0.37 प्रतिशत ऊपर चढ़े तो वहीं टाटा स्टील भी पॉजिटिव संकेत के साथ 0.47 प्रतिशत ऊपर गया है. इसके अलावा, टाटा मोटर्स के शेयर भी पांच प्रमुख गेनर्स में एक है, जिसके शेयर 0.26 प्रतिशत उछले है.

इसके साथ ही, अडानी पोर्ट्स के शेयर में 3 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. गिरावट वाले शेयर में आज लार्सन एंड टर्बो भी रहा, जिसके शेयर 1.35 प्रतिशत नीचे फिसल गए. बजाज फाइनेंस 1.31 प्रतिशत जबकि हिन्दुस्तान यूनिलिवर 1.01 प्रतिशत और भारती एयरटेल 0.99 प्रतिशत नीचे चला गया.

एशियाई बाजार में तेजी

एक दिन पहले यानी सोमवार को शेयर बाजार में गिरावट दिखी. सेंसेक्स 77.26 अंक यानी 0.09 प्रतिशत फिसलकर 81,373.75 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई का निफ्टी 50 भी 34.10 अंक यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर 24716 पर बंद हुआ.

अगर एशियाई बाजार की बात करें तो जापान का निक्केई 0.43 प्रतिशत उछला जबकि टॉपिक्स और कोस्पी में भी थोड़ी तेजी दिखी. एएसएक्स 200 मे 0.67 प्रतिशत की उछाल देखने को मिला. दक्षिण कोरियाई का स्टॉक मार्केट वोटर्स डे की वजह से बंद है. इससे पहले,  सोमवार को एसएंडपी 500 में 0.41 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट में 0.67%,  डॉउ जोन्स में 0.08% की इजाफा देखा गया.

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घर में गलती से भी न लगाएं ये 2 पेड़, नहीं तो उठाना पड़ सकता है नुकसान

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Vastu Tips For Banana Shami tree: हर किसी का सपना होता है कि उसके पास एक खुद का घर हो. ऐसे में जिसके पास खुद का घर होता है, वो उसे कई तरह की चीजों से सजाता है. कोई घर को पेड़ पौधों से सजाता है तो कोई आर्टिफिशियल वस्तुओं से. ऐसे में जिन लोगों को अपने घर में पेड़ पौधे लगाना का शौक होता है, ये खबर उनके लिए है. घर में पेड़ पौधे लगाना बेहद शुभ माना जाता है. लेकिन 2 ऐसे पौधे भी हैं, जिन्हें भूलकर भी अपने घर में नहीं लगाना चाहिए.

वास्तुशास्त्र भारतीय प्राचीन वास्तुकला का ऐसा विज्ञान जिसमें घर, भवन या मंदिर को लेकर कुछ नियम कायदे बनाए गए हैं. ऐसे में वास्तु शास्त्र के मुताबिक कभी भी अपने घर में केले और शमी का पेड़ नहीं लगाना चाहिए. काफी सारे लोग इन पेड़ों को इसलिए शुभ मानते हैं क्योंकि इनका इस्तेमाल पूजा-पाठ में होता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि केले और शमी के पेड़ को घर में लगाना अशुभ माना जाता है. घर में ये पेड़ लगाने से आर्थिक समस्या के साथ कलह-कलेश बढ़ सकता है. वास्तु शास्त्र में दोनों पेड़ों की पूजा करना तो सही बताया गया है, लेकिन इन्हें घर में लगाने की मनाही की जाती है. 

Vastu Tips For Tree: घर में गलती से भी न लगाएं ये 2 पेड़, नहीं तो उठाना पड़ सकता है नुकसान

घर में केले का पेड़ क्यों नहीं लगाना चाहिए?
वास्तुशास्त्र के मुताबिक घर में केले का पेड़ इसलिए नहीं लगाना चाहिए क्योंकि उसमें मां लक्ष्मी की बहन दरिद्रता का वास होता है. अगर आपको केले का पेड़ लगाना ही है तो, आप इसे खुली जगहों पर लगा सकते हैं. इसके पीछे की पौराणिक कथा बताती है कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के विवाह के समय वहां मौजूद देवी देवताओं ने मां लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी (दरिद्रता) का मजाक उड़ाया. 

इस बात से दुखी होकर अलक्ष्मी भगवान विष्णु के पास पहुंची, जिसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि आज से तुम्हारा वास केले के पेड़ में रहेगा. जो कोई भी केले के पेड़ की सच्चे मन से पूजा अर्चना करेगा, उस पर मेरा आशीर्वाद सदैव बना रहेगा. यही कारण है कि केले की पेड़ की पूजा करना तो शुभ माना जाता है, लेकिन उसके पेड़ को घर में लगाना सही नहीं माना जाता है. घर में केले के पेड़ को लगाने से आप खुद दरिद्रता को निमंत्रण दे रहे हैं.


Vastu Tips For Tree: घर में गलती से भी न लगाएं ये 2 पेड़, नहीं तो उठाना पड़ सकता है नुकसान

घर में शमी का पेड़ लगाने से क्या होता है?
घर के अंदर सुंदर-सुंदर पेड़ पौधे लगाने के चक्कर में हम कई बार ऐसे पेड़-पौधे भी लगा लेते हैं, जिन्हें वास्तु शास्त्र में सही नहीं बताया गया है. इन्हीं में से एक है शमी का पेड़. शमी का पेड़ एक कटीला पौधा होता है. जिस पर शनि देव की नजर रहती है. कहने का मतलब इस पेड़ से निकलने वाली ऊर्जा का शनि देव से सीधा टकराव होता है, जो आपके लिए हानिकारक हो सकता है.

वास्तु शास्त्र की मानें तो जिस भी घर में शनि देव का पौधा होता है, उस घर में हमेशा परिवार वालों के बीच तनाव और लड़ाई झगड़े का माहौल बना रहता है. इसके साथ ही शमी का पेड़ घर में लगाने से आर्थिक तरक्की भी रूक जाती है. अगर आपको शमी का पेड़ लगाना ही है तो आप उसे किसी मंदिर में लगा दें. शमी के पेड़ की नियमित रूप से पूजा अर्चना करना बेहद शुभ माना जाता है. लेकिन तभी तक जब तक ये आपके घर में नहीं है.

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