PM मोदी को मिलती है माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले फ्रेशर से भी कम सैलरी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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भारत के प्रधानमंत्री का पद दुनिया के सबसे शक्तिशाली पदों में से एक है. लेकिन, अगर हम कहें कि इस पद पर बैठे व्यक्ति को जो सैलरी मिलती है, वह माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले फ्रेशर सॉफ्टवेयर डेवलपर की औसत सैलरी से भी कम होती है तो क्या आप भरोसा करेंगे. चलिए, आज आपको बताते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री को कितनी सैलरी मिलती है.

माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वालों को कितनी मिलती है सैलरी

एंबीशन बॉक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले फ्रेशर की सैलरी औसतन 12 लाख से 50 लाख के बीच हो सकती है. जबकि, फ्रेशर सॉफ्टवेयर डेवलपर की औसत सैलरी 12.4 लाख से 51 लाख सलाना के बीच हो सकती है. ये सैलरी भारत के पीएम को मिलने वाली सालाना सैलरी से भी ज्यादा है.

भारत के प्रधानमंत्री की सैलरी

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हर महीने सिर्फ 1.66 लाख का वेतन मिलता है. हालांकि, देश के पीएम को मिलने वाली सुविधाओं को अगर देखेंगे, तो आप इस कम सैलरी को भूल जाएंगे. दरअसल, किसी भी देश के पीएम का पद पूरी दुनिया के सामने उस देश का चेहरा होता है, इसलिए उस पद पर बैठे व्यक्ति को कई तरह की खास सुविधाएं दी जाती हैं.

प्रधानमंत्री को मिलने वाली सुविधाओं की बात करें तो उनके पास SPG सुरक्षा, सरकारी दौरे के लिए Air India One जैसी एक्सक्लूसिव फ्लाइट और दिल्ली के पॉश इलाके में 7, रेसकोर्स रोड पर उनका सरकारी आवास है. इसके अलावा, भी उन्हें कई और तरह की भी सुविधाएं मिलती हैं.

भारत के राष्ट्रपति की सैलरी

भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठने वाले राष्ट्रपति को हर महीने 5 लाख रुपये की सैलरी मिलती है. यह सैलरी 2018 में अरुण जेटली द्वारा घोषित बजट में बढ़ाई गई थी. लेकिन राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाएं उनकी सैलरी से कहीं ज़्यादा वैल्यू रखती हैं.

उन्हें देश में कहीं भी हवाई जहाज, रेल या स्टीमर से मुफ्त यात्रा करने का अधिकार है. साथ ही एक साथी को भी साथ ले जाने की अनुमति होती है, वो भी सरकार के खर्चे पर. राष्ट्रपति को एक फर्निश्ड सरकारी बंगला, दो लैंडलाइन (एक इंटरनेट के लिए), एक मोबाइल और 5 निजी कर्मचारी भी मिलते हैं. इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाएं और इलाज पूरी तरह मुफ्त हैं.

उपराष्ट्रपति की सैलरी

भारत के उपराष्ट्रपति को भी 2018 में वेतन में बढ़ोतरी मिली थी. अब उन्हें हर महीने 4 लाख रुपये सैलरी दी जाती है. भारत के उपराष्ट्रपति संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.

सांसदों की सैलरी कितनी होती है

अब बात करते हैं उन जनप्रतिनिधियों की जो आपके वोट से संसद में पहुंचते हैं, यानी सांसदों की सैलरी की. एक सांसद को हर महीने 1 लाख की बेसिक सैलरी मिलती है. इसके अलावा, उन्हें दैनिक भत्ता, रहने के लिए बंगला या फ्लैट, ट्रैवल भत्ता और स्टाफ व ऑफिस खर्च के लिए अलग बजट भी मिलता है.

हर 5 साल में सांसदों की सैलरी की समीक्षा की जाती है और आवश्यकतानुसार इसमें बढ़ोतरी होती है. हालांकि, सैलरी के अलावा उन्हें मिलने वाले अन्य भत्ते और सुविधाएं उनकी कुल कमाई को कई गुना बढ़ा देते हैं.

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AI और सोवियत काल का म्यूजियम… जानें यूक्रेन ने किसकी मदद से मचा दी रूस में भीषण तबाही

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Ukraine Drone Attack in Russsia: रूस के सामरिक बेस पर यूक्रेन के स्वार्म-ड्रोन अटैक से पूरी दुनिया हैरान है. हालांकि, यूक्रेन ने इस हमले को लेकर कहा है कि पिछले डेढ़ साल से प्लानिंग चल रही है. लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि यूक्रेन ने एआई और सोवियत-काल के म्यूजियम की मदद से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार इतने बड़े हमले को अंजाम दिया है.

दरअसल, यूक्रेन ने रूस के जिन पांच एयरबेस पर अटैक किया, उन सभी पर स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स तैनात रहते हैं यानी ऐसे मिलिट्री विमान, जो परमाणु बम ले जाने में सक्षम हैं. इन पांच एयरबेस में से एक इरकुत्स्क तो यूक्रेन बॉर्डर से करीब पांच हजार किलोमीटर दूर सुदूर-पूर्व के साइबेरिया में है. इसी तरह अमुर एयरबेस भी रूस के सुदूर-पूर्व में है.

बम और एक्सप्लोजिव से लैस ड्रोन्स ने बॉम्बर्स विमानों को बनाया निशाना

जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन की इंटेलिजेंस एजेंसी एसबीयू ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से सोवियत काल के टीयू-95 स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स पर हमले की तैयारी की. यूक्रेन ने अपने एफपीबी (फर्स्ट पर्सन व्यू) ड्रोन के एल्गोरिथ्म को इस तरह तय किया कि बम और एक्सप्लोजिव से लैस ड्रोन सीधे इन बॉम्बर्स पर ही जाकर गिरे. ये टीयू-95 बॉम्बर (विमान) यूक्रेन में सोवियत-काल के म्यूजियम में मौजूद थे. रूस ने कुछ साल पहले इन बॉम्बर्स को अपग्रेड कर फिर से अपने जंगी बेड़े का हिस्सा बनाया है. रूस के पास अभी भी 55 ऐसे टीयू-95 बॉम्बर हैं.

रूस के 600 किमी भीतर अंदर तक यूक्रेन के स्वार्म-ड्रोन ने किए हमले

यूक्रेन का दावा है कि रविवार (1 जून) के हमले में रूस के करीब 40 बॉम्बर तबाह हुए हैं. रूस ने भी माना है कि जिन पांच एयरबेस पर यूक्रेन ने अपने स्वार्म-ड्रोन से अटैक किया था, उनमें से तीन पर बड़ा नुकसान हुआ है. रविवार (1 जून) को यूक्रेन ने रूस के पांच अलग-अलग प्रांतों में बड़ी संख्या में एफपीवी-ड्रोन से अटैक किए थे. स्वार्म-ड्रोन यानी ड्रोन के झुंडों के जरिए रूस के चार बड़े और स्ट्रेटेजिक महत्व के एयरबेस को इन ड्रोन के जरिए बड़ा नुकसान पहुंचाए जाने की खबर है. रूस के भीतर 600 किलोमीटर दूर तक यूक्रेन के इन स्वार्म-ड्रोन ने हमले किए.

हवाई रास्ते के बजाए यूक्रेन ने सड़क के माध्यम से ट्रक से भेजे ड्रोन

ग्रीस की विश्व-प्रसिद्ध पौराणिक कथा, ट्रोजन-हॉर्स से प्रेरणा लेते हुए यूक्रेन ने इन ड्रोन को रूस के भीतर पहुंचा दिया. यूक्रेन को पता था कि सीमावर्ती एयरस्पेस में रूस का एयर-डिफेंस बेहद मजबूत है. ऐसे में बॉर्डर एरिया से बड़ी संख्या में ड्रोन को फ्लाई कर रूस के एयरबेस तक अटैक करने के लिए पहुंचाना टेढ़ी खीर हो सकती है. ऐसे में यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसी ने सड़क के रास्ते बड़ी संख्या में सिविलयन ट्रकों को रूस के पांच अलग-अलग प्रांतों में पहुंचा दिया.

यूक्रेन ने ड्रोन हमले को नाम दिया ऑपरेशन स्पाइडरवेब

यूक्रेन के इन ट्रकों में फाल्स-सीलिंग तैयार की गई. इन फाल्स सीलिंग में यूक्रेन ने स्वार्म ड्रोन छिपाकर रख दिए थे. ये ड्रोन, बम और दूसरे एक्सप्लोजिव मटेरियल से लैस थे. बॉर्डर पुलिस को गच्चा देकर यूक्रेन ने इन ट्रकों को रूस के चार स्ट्रेटेजिक एयरबेस के करीब ले जाकर खड़ा कर दिया. फिर रिमोट के जरिए दूर से ही ट्रकों की सीलिंग खोलकर स्वार्म ड्रोन से रूसी एयरबेस पर खड़े स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स पर हमला कर दिया. ड्रोन अटैक में रूस के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम विमान धू-धू कर जल उठे. रूस के पांच अलग-अलग एयरबेस पर एक ही मोडस-ऑपरेंडी के जरिए हमले किए गए. यूक्रेन ने इस ऑपरेशन को स्पाइडर-वेब नाम दिया है.

यूक्रेनी हमले की जापान के पर्ल हार्बर पर हमले से हो रही तुलना

अगर यूक्रेन का दावा सही है तो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ये किसी जंग में इतनी बड़ी संख्या में दुश्मन के मिलिट्री एयरक्राफ्ट तबाह करने माना जा सकता है. यही वजह है कि सामरिक एक्सपर्ट इसे रूस पर यूक्रेन का पर्ल-हार्बर जैसा हमला मान रहे हैं. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर (हवाई द्वीप) पर बड़ा हवाई हमला किया था. जापान के इस हमले के बाद ही अमेरिका ने नागासाकी और हिरोशिमा पर न्यूक्लियर अटैक किया था, जिसमें लाखों लोगों की जान चली गई थी. 

यूक्रेन के ड्रोन हमले को जवाब में रूस ने दागे ओरेसनिक मिसाइल

यूक्रेन ने रूस पर स्पाइडर-वेब हमला ऐसे समय में किया जब सोमवार (2 जून) को दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्तांबुल में शांति-वार्ता के लिए मिल रहे हैं. वहीं, पूरी दुनिया की निगाहें पुतिन पर टिकी हैं कि रूस का अलग पलटवार कैसा होगा. यूक्रेन के हमलों का जवाब देने के लिए रूस ने भी यूक्रेन के उन एयरबेस पर ‘ओरेसनिक’ मिसाइल से अटैक शुरू कर दिए हैं, जहां स्वार्म-ड्रोन तैनात रहते हैं यहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर हैं.

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RCB vs PBKS: 3 जून को फाइनल में किसके सिर सजेगा IPL 2025 का ताज? ज्योतिष की भविष्यवाणी से जानें

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न हि कर्मणामानारम्भान्नैष्कर्म्यं पुरुषोऽश्नुते. न च संन्यसनादेव सिद्धिं समधिगच्छति” गीता का यह श्लोक बताता है कि सफलता केवल कर्म से ही प्राप्त होती है, लेकिन जब ग्रह और नक्षत्र अनुकूल हों, तब यही सफलता चमत्कार बन जाती है.

3 जून 2025 को IPL 2025 का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच होना है. क्रिकेट प्रेमियों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन कौन जीतेगा खिताब? इसका उत्तर ढूंढने के लिए सितारों की चाल को देखते हैं, जो बड़े ही रोचक संकेत दे रहे हैं.

3 जून 2025 का पंचांग
धार्मिक दृष्टि से कल का दिन विशेष है. 3 जून को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रात 9:26 बजे तक रहेगी इसके बाद नवमी तिथि आरंभ होगी. विशेष बात ये है कि इस दिन मंगलवार है और चौथा बड़ा मंगल भी है. इस दिन नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी होगा और वज्र योग रहेगा. चंद्रमा को गोचर सिंह राशि में होगा.

मुकाबला: RCB बनाम PBKS, ज्योतिषीय विश्लेषण

  • मुकाबला: RCB बनाम PBKS
  • तारीख: 3 जून 2025
  • समय: शाम 7:30 से
  • स्थान: अहमदाबाद

ग्रहों की स्थिति से PBKS अधिक मजबूत नजर आ रही है, लेकिन अप्रत्याशित घटनाएं निर्णायक रहेंगी. कप्तानों की कुंडली के अनुसार RCB के कप्तान रजत पाटीदार की राशि तुला है. इस फाइनल में रजत का सितारा बुलंद है. राशि का स्वामी शुक्र ग्रह , मंगल की राशि मेष में गोचर कर रहा है, जिसका संबंध खेल से है. यहां पर यह संयोग नेम और फेम दोनों देते दिख रहे हैं.

वहीं PBKS के कप्तान श्रेयस अय्यर, जिनका जन्म 6 दिसंबर 1994, मुंबई में हुआ है उनकी राशि धनु है. गुरु और राहु के प्रभाव के कारण मानसिक दबाव लेकिन अप्रत्याशित फैसले लेने वाला बना रहा है. उलझाव और अस्थिरता से बचना होगा. लेकिन सामूहिक प्रयास और टीम भावना के चलते बाजी पलटने के भी योग बन रहे हैं. क्योंकि गुरु अच्छी लीडरशिप का भी कारक है.

टीमों की स्थापना और गोचर प्रभाव को देखें तो RCB जिसकी शुरुआत 20 मार्च 2008 हुआ. ये टीम गुरू के प्रभाव में है. वर्तमान में गुरु का गोचर मिथुन में हो रहा है. वहीं PBKS जिसकी डेट 25 फरवरी 2008 है और ये शनि के प्रभाव में है. लेकिन वर्तमान में शनि की ढैय्या के प्रभाव से मुक्त है.

ज्योतिष ग्रंथ फलदीपिका के अनुसार ‘गुरौ स्थिते कर्मसु सिद्धिरिष्टा, शनौ स्थिते दुःखमुपैति मानवः.’ अर्थात जब गुरु शुभ भाव में हो और शनि पीड़ा कारक भाव में हो, तो सफलता गुरु के ही पक्ष में जाती है. लेकिन यहां देखने वाली बात ये हैं कि वर्तमान में शनि गुरु की ही राशि मीन में गोचर कर रहे हैं.

ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार ‘शिष्यः शनैश्चरः प्रोक्तो गुरोः प्रियकरः सदा’ अर्थात शनि को गुरु का शिष्य कहा गया है और वे सदैव गुरु के प्रति विनीत रहते हैं. वहीं गुरु ज्ञान, धर्म, नीति और आस्था के कारक हैं और शनि तप, न्याय, संयम और करुणा के कारक माने जाते हैं.

बृहत पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार ‘गुरौ च शनिना युक्ते स्वगृहे वा सुवर्चसा, धनप्रदः सदा ज्ञेयः शुभदृश्यः सुखावहः’ यानि जब गुरु और शनि एक ही राशि में हों, विशेषकर गुरु की राशि में, तो यह योग धर्म, धन और शुभ फलों को जन्म देता है.

ऐसी ही कुछ स्थिति फाइनल मैच के दिन बनती दिख रही है. दोनों ही टीमें अपना बेस्ट करने के लिए मैदान में उतरेंगी. ग्रहों की चाल कैसी भी हो लेकिन अंततः मैदान पर प्रदर्शन ही निर्णायक रहेगा. कर्म की शक्ति, भाग्य से बड़ी मानी गई है. इसे भी ध्यान में रखना चाहिए.

Disclaimer: यह विश्लेषण मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है और जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत है. इसमें किए गए निष्कर्ष संभावित हैं, निश्चित नहीं.

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अब Gmail में लंबी ईमेल पढ़ने की झंझट खत्म, Google ने जोड़ा स्मार्ट AI फीचर

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अगर आप भी हर दिन ढेर सारे ईमेल्स पढ़कर परेशान हो जाते हैं, तो अब राहत की खबर है. Google ने अपने Gmail मोबाइल ऐप में एक नया AI फीचर जोड़ दिया है, जो लंबे ईमेल थ्रेड्स का सारांश खुद-ब-खुद बना देगा. इसका मतलब ये कि अब आपको पूरा ईमेल पढ़ने की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि ऊपर ही उसका संक्षेप मिल जाएगा.

क्या है ये नया फीचर?

यह नया टूल Google के Gemini AI पर आधारित है, जो खुद यह तय कर लेता है कि किस ईमेल थ्रेड का सारांश बनाना जरूरी है. इसके बाद वह खुद ही उस बातचीत का निचोड़ तैयार करता है और आपको ईमेल के सबसे ऊपर दिखा देता है. पहले यूजर्स को “Summarize this email” पर टैप करना पड़ता था, लेकिन अब यह सब अपने आप हो जाएगा. इतना ही नहीं, अगर ईमेल थ्रेड में नए जवाब आते हैं, तो समरी भी अपने आप अपडेट होती रहेगी.

किन यूजर्स को मिलेगा फायदा?

फिलहाल यह सुविधा सिर्फ अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है और Google Workspace के पेड (भुगतान करने वाले) यूजर्स के लिए ही शुरू की गई है. सामान्य Gmail यूजर्स को अभी इसके लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है.

अगर नहीं चाहिए AI समरी?

जिन्हें यह AI समरी सुविधा पसंद नहीं आ रही, वे Gmail की सेटिंग्स में जाकर “Smart Features” को बंद कर सकते हैं. हालांकि ध्यान दें कि इससे Gmail की दूसरी स्मार्ट सेवाएं जैसे स्मार्ट रिप्लाई और रिमाइंडर भी बंद हो सकते हैं.

समय की बचत और बेहतर अनुभव

Google का ये कदम उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित हो सकता है, जिन्हें रोज़ाना सैकड़ों मेल्स से जूझना पड़ता है. अब एक क्लिक में ईमेल का सार समझ में आ जाएगा, जिससे समय की बचत होगी और जरूरी जानकारी जल्दी मिल सकेगी.

आगे और भी AI टूल्स की उम्मीद

Google ने यह भी इशारा दिया है कि भविष्य में Gmail में और AI आधारित सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं. जैसे मेल के जवाब खुद टाइप करने की सुविधा, मेल की भाषा को और बेहतर बनाना, या ऑटो-ड्राफ्टिंग जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं.

आपकी प्राइवेसी है सुरक्षित

Google ने साफ किया है कि यह AI फीचर यूजर के डेटा को पूरी तरह लोकल और सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करता है. आपकी मेल किसी बाहरी सिस्टम में नहीं जाती और डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं होता.

अब Gmail का इस्तेमाल पहले से कहीं ज्यादा आसान और स्मार्ट होने जा रहा है. अगर आप बार-बार लंबी मेल पढ़कर थक चुके हैं, तो Google का यह AI फीचर आपकी बड़ी मदद कर सकता है.

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‘हाउसफुल 5’ करेगी बंपर ओपनिंग, ‘सितारे जमीन पर’ से ‘ठग लाइफ’ तक छापेगी करोड़ों नोट

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June Box Office Opening Day Prediction: जून का महीना सिने लवर्स के लिए बेहतरीन होने वाला है. इस महीने एक से बढ़कर एक फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही हैं. बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्में तक बड़े पर्दे पर रिलीज होंगी. इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कलेक्शन करेंगी. आइए जानते हैं ओपनिंग डे पर कौन सी फिल्म बंपर कमाई करने वाली है.

ठग लाइफ
कमल हासन की ‘ठग लाइफ’ इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है. ये गैंगस्टर एक्शन ड्रामा 5 जून को सिनेमाघरों में आ रही है. फिल्म को लेकर फैंस में काफी क्रेज है और ये साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है. कोइमोई की मानें तो ‘ठग लाइफ’ रिलीज के पहले दिन 35 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस कर सकती है.

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हाउसफुल 5
‘हाउसफुल 5’ जून में रिलीज हो रही बड़ी फिल्मों में से एक है. अक्षय कुमार की ये कॉमेडी एंटरटेनर 6 जून 2025 को थिएटर्स में रिलीज होगी. ‘हाउसफुल 5’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करेगी. पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म भारत में 27.50 करोड़ रुपए का तूफानी कलेक्शन करेगी. इसी के साथ ये साल 2025 की तीसरी हाइएस्ट ओपनर बनेगी.

Housefull 5 | Akshay Kumar starrer comedy thriller film to release in two  versions - Telegraph India

सितारे जमीन पर
आमिर खान फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं. उनकी फिल्म 20 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. ‘सितारे जमीन पर’ ‘तारे जमीन पर’ का सीक्वल है. आमिर खान के करियर की ये पहली सीक्वल फिल्म है और इससे फैंस को बहुत उम्मीदें हैं. पिंकविला के मुताबिक ‘सितारे जमीन पर’ बॉक्स ऑफिस पर 12 करोड़ रुपए की ओपनिंग ले सकती है.

Sitaare Zameen Par Movie: Review | Release Date (2025) | Songs | Music |  Images | Official Trailers | Videos | Photos | News - Bollywood Hungama

मां
काजोल लंबे समय से बड़े पर्दे से गायब हैं. अब वे हॉरर फिल्म ‘मां’ से सिनेमाघरों में लौट रही हैं. अजय देवगन के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म ‘मां’ 27 जून को रिलीज हो रही है. ‘मां’ 6 से 8 करोड़ रुपए तक का ओपनिंग कलेक्शन कर सकती है.

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15 जून को नहीं होगी NEET PG परीक्षा, जल्द जारी होगी नई डेट

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NEET PG Exam Postpone: 15 जून को होने वाली NEET PG परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. NBEMS की ओर से यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें अदालत ने एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया  था. जानकारी के मुताबिक, NBEMS की ओर से जल्द ही नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा की जाएगी. 

जानकारी के मुताबिक, पहले यह परीक्षा 15 जून को ही होनी थी और इसके लिए परीक्षा केंद्रों का चयन के अलावा अन्य तैयारियां भी कर ली गई थीं. यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होनी थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित कराने का आदेश दिया था, जिसके नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन के लिए बड़ा झटका माना गया है. 

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इसलिए स्थगित की गई परीक्षा

परीक्षा को स्थगित करने को लेकर NBEMS की ओर से बयान जारी किया गया है. जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का आदेश दिया है. ऐसे में बोर्ड को अधिक एग्जाम सेंटर्स की तलाश करनी होगी, साथ ही बुनियादी ढांचे की भी व्यवस्था करनी होगी. इसलिए परीक्षा को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है, बोर्ड द्वारा जल्द ही संशोधित तारीख की जानकारी दी जाएगी. 

जारी होनी थी एग्जाम सिटी स्लिप

बता दें तय कार्यक्रम के अनुसार, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनिशेन इन मेडिकल साइंस की ओर से नीट पीजी परीक्षा को लेकर 2 जून को एग्जाम सिटी स्लिप जारी की जानी थी. हालांकि, देश शाम बोर्ड की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर एग्जाम को स्थगित करने की जानकारी दी गई है. 

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फाइनल में ऐसी हो सकती है पंजाब और बेंगलुरु की प्लेइंग XI, जानें पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन

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RCB vs PBKS Final: आईपीएल 2025 के फाइनल की टीमें, तारीख और वेन्यू समेत सब सेट हो चुका है. 3 जून को अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच खिताबी भिड़ंत होने वाली है. ये दोनों ही टीम अब तक आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत पाई हैं, इसलिए 18 साल के इतिहास में लीग को कुल आठवी चैंपियन टीम मिलना तय हो गया है. यहां आइए जानते हैं कि फाइनल मैच के लिए प्लेइंग इलेवन से लेकर पिच का क्या हाल रहने वाला है.

पिच रिपोर्ट

नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार सिद्ध होती आई है. क्वालीफायर-2 मैच इसी मैदान पर खेला गया था, जिसमें कुल 410 रन बने थे. आईपीएल 2025 में इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीम फायदे में रही है, क्योंकि मौजूदा सीजन में यहां खेले गए 8 मैचों में से 6 बार पहले बैटिंग करने वाली टीम विजयी रही है. बता दें कि इस मैदान पर सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम पंजाब किंग्स ही है, उसने इसी साल गुजरात टाइटंस के खिलाफ 243 रन बना डाले थे.

हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अब तक IPL में 36 मैच खेले गए हैं, जिनमें दोनों टीम 18-18 जीत दर्ज कर चुकी हैं. आईपीएल 2025 में उनके बीच तीन मैच खेले गए हैं, जिनमें से 2 बार बेंगलुरु टीम ने जीत दर्ज की है. पिछले 6 मैचों की बात करें तो उनमें पंजाब केवल 1 जीत दर्ज कर पाई है. इन आंकड़ों पर नजर डालें तो RCB पहली बार चैंपियन बनती दिख रही है.

RCB की संभावित प्लेइंग XI: विराट कोहली, फिलिप साल्ट, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा

पंजाब किंग्स की संभावित प्लेइंग XI: प्रियांश आर्य, जोश इंगलिस, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, अजमतुल्लाह उमरजई, काइल जैमीसन, विजयकुमार विशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल

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भगवान श्रीराम की शरण में एलन मस्क के पिता एरोल मस्क, रविवार को ही पहुंचे हैं भारत

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<p style="text-align: justify;">टेस्ला के मालिक एलन मस्क के पिता एरोल मस्क रविवार को भारत पहुंचे. एरोल मस्क का यह दौरा 5 दिनों का है, जो 6 जून तक चलेगा. एरोल मस्क इस दौरान दिल्ली, हरियाणा और अयोध्या का दौरा करेंगे. यह दौरा केवल बिजनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव भी शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लेंगे रामलला का आशीर्वाद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दौरे के सबसे अहम पड़ाव के तौर पर एरोल मस्क अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे. वे रामलला के दर्शन करेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करेंगे. यह कदम भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी रुचि को दिखाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सोलर और EV टेक्नोलॉजी पर फोकस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत दौरे के दौरान एरोल मस्क हरियाणा के सफियाबाद स्थित सर्वोटेक पावर सिस्टम्स की सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर यूनिट का दौरा करेंगे. बता दें कि वे हाल ही में इस घरेलू कंपनी के ग्लोबल एडवाइजरी बोर्ड में शामिल हुए हैं. दौरे के दौरान वे एक पौधारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;<strong>निवेशकों से भी करेंगे मुलाकात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2 जून को एरोल मस्क की मुलाकात भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, निवेशकों और बिज़नेस लीडर्स से तय की गई है. यह मीटिंग भारत की ग्रीन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एलन मस्क से संबंधों को लेकर विवाद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में एक पॉडकास्ट में एरोल मस्क ने अपने बेटे एलन मस्क की आलोचना की थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या एलन एक अच्छे पिता हैं, तो उन्होंने ‘नहीं’ कहा और उन पर "बहुत सारी नैनी रखने" का आरोप लगाया. एलन ने भी अपने बचपन को ‘नाखुश’ बताया था, जबकि एरोल ने इन दावों को नकारते हुए कहा था कि एलन रॉल्स-रॉयस में स्कूल जाते थे और एक आरामदायक जीवन जीते थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6 जून को भारत छोड़ेंगे एरोल मस्क</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत में 5 दिनों की इस यात्रा के बाद एरोल मस्क 6 जून को साउथ अफ्रीका के लिए रवाना हो जाएंगे. इस दौरान उनकी व्यस्तताओं में धार्मिक यात्रा, टेक्नोलॉजी यूनिट का निरीक्षण और रणनीतिक बैठकें शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href=" शेयर ने तो कमाल कर दिया, 51 रुपये के इश्यू प्राइस वाले स्टॉक ने दिया 1100% का रिटर्न</a></strong></p>

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पुतिन के धोखे से आगबबूला जेलेंस्की ने उनकी ही स्टाइल में मचा दी रूस में तबाही! बोले- अब वो मजबू

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रूस-यूक्रेन के बीच में तीन साल से जारी जंग पर अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. तुर्किए में 15 मई 2025 को दोनों के देशों के बीच सीजफायर को लेकर हुई बैठके में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नहीं पहु्ंचे. रूस ने अपना प्रतिनिधिमंडल यहां भेजा था. इस बैठक में शामिल हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सीजफायर के लिए रूस की भागीदारी को दिखावटी बताया था. 

पहले ये माना जा रहा था कि पुतिन खुद इस बैठके में शामिल होंगे, लेकिन बाद में उन्होंने क्रेमलिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की को यहां भेजा. रूस के इस कदम से जेलेंस्की ने कहा कि जिस तरह से ये सब किया गया वह गंभीर प्रयास नहीं लग रहा है, बल्कि औपचारिकता जैसा लग रहा है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि वे वार्ता की मेज पर तभी बैठेंगे जब सामने खुद पुतिन मौजूद होंगे.

इसी को लेकर गुस्साए जेलेंस्की ने ऐसा कदम उठाया, जिससे रूस को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान हुआ है. यूक्रेन ने रविवार (01 जून 2025) को रूस के हवाई ठिकानों को निशाना बनाते हुए उसके जमीन पर मौजूद 40 बॉम्बर्स प्लेन को तबाह कर दिया. यूक्रेन ने ये हमला सीजफायर को लेकर होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले किया. 

यूरोप के लिथुआनिया में नाटो देशों की बैठक हुई. इसमें बैठक में जेलेंस्की ने नाटों के नेताओं से कहा कि यूक्रेन शांति बहाल करने के लिए कोई भी कदम उठाने को तैयार है. जेलेंस्की ने कहा कि रूस के कई विमानों को नष्ट किया गया है और उन्हें बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि शांति की शुरुआत सीजफायर, अगर किए गए बच्चों की वापसी, कैदियों की रिहाई समेत ऐसे कई मुद्दे हैं, जिससे होनी चाहिए.

रूस पर हमले के बाद जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “बेहद शानदार नतीजा. एक ऐसा नतीजा जिसे पूरी तरह यूक्रेन ने अपने दम पर हासिल किया है. ये हमारा सबसे लंबी दूरी का ऑपरेशन था, जिसमें ऑपरेशन की तैयारी में शामिल हमारे लोगों को समय रहते रूसी क्षेत्र से निकाल लिया गया.” यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के अनुसार इस ऑपरेशन के कारण रूस को 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और उसके एयर मिसाइल कैरियर के बेड़े का 34 फीसदी नष्ट हो गया.

 

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