क्या सनस्क्रीन लगाने से शरीर में घट जाता है विटामिन D, क्या सच में होता है ऐसा?

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हम सभी जानते हैं कि सनस्क्रीन हमारी स्किन को सूरज की तेज और हानिकारक किरणों से बचाती है. लेकिन आपके मन में कभी ये सवाल आया है कि क्या रोजाना सनस्क्रीन लगाने से आपके शरीर में विटामिन डी कम हो सकता है? दरअसल, विटामिन डी को ‘धूप का विटामिन’ कहा जाता है, क्योंकि हमारे शरीर में यह तब बनता है जब सूरज की रोशनी हमारी स्किन पर पड़ती है. यह विटामिन हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है और हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है. तो क्या सनस्क्रीन लगाने से विटामिन डी की कमी हो सकती है? चलिए, जानते हैं सच क्या है और कैसे आप धूप में सुरक्षित रहकर भी विटामिन डी पा सकते हैं.

शरीर विटामिन डी कैसे बनाता है?

जब सूरज की रोशनी, खासकर यूवीबी किरणें (पैराबैंगनी बी किरणें), हमारी स्किन पर पड़ती हैं, तो हमारा शरीर खुद ही विटामिन डी बनाना शुरू कर देता है. यह एक बहुत ही नेचुरल तरीका है जिससे हमें विटामिन डी मिलता है. लेकिन कुछ लोग सोचते हैं कि अगर हम सनस्क्रीन लगाते हैं, जो सूरज की किरणों को हमारी स्किन तक पहुंचने से रोकता है, तो शायद हमारा शरीर विटामिन डी नहीं बना पाएगा. इससे विटामिन डी की कमी हो सकती है.

क्या सनस्क्रीन सच में विटामिन डी बनने से रोकता है?

कुछ रिसर्च के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा SPF वाला सनस्क्रीन सही तरीके से और हर बॉडी पार्ट पर अच्छी तरह लगाए, तो यह सूरज की UVB किरणों को रोक सकता है. ये UVB किरणें ही हमारी स्किन में विटामिन डी बनाने में मदद करती हैं. इसलिए, ऐसा करने से विटामिन डी बनना कम हो सकता है.

लेकिन असली जिंदगी में ज्यादातर लोग सनस्क्रीन इतनी अच्छी तरह से नहीं लगाते. लोग रोजाना कभी भी सनसक्रीन पूरे शरीर पर नहीं लगाते और चेहरे पर भी बहुत पतली लेयर लगाते हैं. इसी वजह से थोड़ी बहुत UVB किरणें सनस्क्रीन लगाने के बाद भी स्किन तक पहुंच जाती हैं और विटामिन डी बनता रहता है.

ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी में छपी एक स्टडी में भी यही पाया गया कि भले ही लोग हाई SPF सनस्क्रीन लगाते हैं, फिर भी उनके शरीर में जरूरी विटामिन डी बनता रहता है. मतलब ये कि सनस्क्रीन सूरज की किरणों को थोड़ा रोकते जरूर हैं, लेकिन विटामिन डी बनना पूरी तरह बंद नहीं करते हैं.

सनस्क्रीन के इस्तेमाल और विटामिन डी के बीच बैलेंस कैसे बनाएं?

दोनों चीजों के बीच बैलेंस बनाना बहुत आसान है. अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है, तो सनस्क्रीन लगाना बंद करने की जरूरत नहीं है. आप रोजाना थोड़ा समय (करीब 10 से 15 मिनट) सुबह की हल्की धूप में बिना सनस्क्रीन लगाए बिता सकते हैं. सुबह का समय इसलिए अच्छा है क्योंकि तब सूरज की किरणें बहुत तेज नहीं होतीं और आपकी स्किन सुरक्षित रहती है.

साथ ही अपने खाने में विटामिन डी से भरपूर फूड्स शामिल करें. अगर फिर भी आपको लगता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है, तो डॉक्टर से बात करके सप्लीमेंट ले सकते हैं.
 
शरीर में कैसे बढ़ाएं विटामिन डी?

सूरज की रोशनी के अलावा आप अपने खानपान में कुछ फूड्स जोड़कर भी विटामिन डी ले सकते हैं. अंडे, फैटी फिश (जैसे सैल्मन), दूध और अनाज जैसे कुछ फूड्स में विटामिन डी पाया जाता है. इसके अलावा, कई लोग विटामिन डी की गोलियां या सप्लीमेंट भी लेते हैं ताकि उनके शरीर को जरूरी मात्रा में विटामिन डी मिल सके.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

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ऑपरेशन सिंदूर पर PAK सेना के जनरल मिर्जा की गीदड़भभकी, बोले- ‘तबाही की वजह बन जाएंगे ये मुद्दे’

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India Pakistan Tension: ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद भी असीम मुनीर की सेना का बढ़बोलापन खत्म होता नहीं दिख रहा. पाकिस्तान ने जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि तनाव और भी बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट के बजाय संघर्ष समाधान की ओर बढ़ा जाना चाहिए नहीं तो इसका अभाव विनाशकारी हो सकता है.  

संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल मिर्जा ने शनिवार (31 मई, 2025) की शाम सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज की ओर से आयोजित सालाना शांगरी-ला डायलॉग 2025 में यह टिप्पणी की. क्षेत्रीय संकट-प्रबंधन तंत्र टाइटल वाले इस पैनल डिस्कशन के दौरान जनरल मिर्जा ने कहा, “संघर्ष प्रबंधन से आगे बढ़कर संघर्ष समाधान की ओर बढ़ना जरूरी हो गया है. इससे स्थायी शांति और क्राइसिस मैनेजमेंट सुनिश्चित होगा.”

कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तानी जनरल ने क्या कहा?

इसके बाद उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप कश्मीर [विवाद] का जल्द से जल्द समाधान जरूरी है. पाकिस्तानी जनरल ने कहा, भारतीय नीतियों और राजनीति की अतिवादी मानसिकता को देखते हुए, संकट प्रबंधन तंत्र की अनुपस्थिति वैश्विक शक्तियों को हस्तक्षेप करने और दुश्मनी को खत्म करने के लिए जरूरी समय नहीं दे सकती है. 

‘दबाए गए मुद्दे हमेशा के लिए मैनेज नहीं कर सकते’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई संकट नहीं होता है तो कश्मीर पर कभी चर्चा नहीं होती है और जैसा कि हम हमेशा कहते हैं कि कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप कश्मीर विवाद का समाधान ही कई मुद्दों का समाधान करेगा. पाकिस्तान और भारत के बीच का मुख्य मुद्दा कश्मीर है.” उन्होंने कहा कि जब तक देश संघर्ष समाधान में एंटर नहीं करते, मुद्दे हमेशा उभरेंगे. पाकिस्तानी जनरल ने कहा, “संकट से लड़ने की तुलना में संकट की रोकथाम बेहतर है. दबाए गए विवाद, चाहे वे क्षेत्रीय हों या वैचारिक, अनिश्चित काल तक मैनेज नहीं किए जा सकते.”

‘इस बार मामला इंटरनेशनल बॉर्डर तक पहुंच गया’

जनरल ने आगे कहा कि सैन्य संघर्ष के बाद युद्ध की सीमा खतरनाक रूप से कम हो गई है, जिसका मतलब है कि दोनों पक्षों के लिए अधिक जोखिम है, न केवल पीओके में बल्कि पूरे भारत और पूरे पाकिस्तान में. जनरल मिर्जा ने बताया कि भारत के साथ 1965 और 1971 के युद्ध हमेशा पीओके तक ही सीमित थे लेकिन इस बार, यह उससे आगे बढ़कर अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक आ गया है.

‘हस्तक्षेप से पहले ही विनाश हो चुका होगा’

पाकिस्तानी जनरल ने कहा, “इस सीमा को खतरनाक स्तर तक कम करने से, अगर अगली बार ऐसा संघर्ष होता है और शहरों को पहले निशाना बनाया जाता है तो एक मौका हो सकता है, एक संभावना हो सकती है कि प्रतिबंधित या संकुचित समय सीमा की वजह से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के हस्तक्षेप से पहले ही क्षति और विनाश हो चुका होगा.” उन्होंने कहा, “अगर कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं करता तो यह अगले स्तर तक चला गया होता.”

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ये AI भी कमाल है… प्रेमानंद बाबा का बना दिया क्यूट वर्जन, प्यारे विराट-अनुष्का को दिया ज्ञान

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Trending Video: इंटरनेट आजकल केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, ये अब एक ऐसी डिजिटल लीला बन चुका है जहां हर दिन कोई न कोई “अवतार” हो रहा है. और इसमें सबसे तगड़ी भूमिका निभा रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई. इस तकनीक ने इंसानी कल्पना की उड़ान को ऐसा पंख दे दिया है कि अब किसी भी चेहरे को बच्चा, बूढ़ा, या सुपरहीरो बनाना चुटकी का खेल हो गया है.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया ट्रेंड चल रहा है, जिसमें लोग अपने या सेलेब्रिटीज के चेहरे को बच्चे में बदल देते हैं और उसी मासूम शक्ल में मजेदार, क्यूट या कभी-कभी बिल्कुल आध्यात्मिक बातें भी जोड़ दी जाती हैं. अब प्रेमानंद महाराज भी इससे अछूते नहीं रहे. हाल ही में उनका भी एआई वीडियो इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

वायरल हुआ प्रेमानंद महाराज का क्यूट एआई अवतार

जी हां, अब इस एआई तूफान से प्रेमानंद महाराज भी अछूते नहीं रहे. हाल ही में एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें महाराज जी को एक नन्हे बालक के रूप में दिखाया गया है. गोरे-चिट्टे गाल, मासूम चेहरा और वही स्थिर स्वर जो भक्तों को भाव-विभोर कर देता है. मजेदार बात ये है कि इस वीडियो में वो विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के सामने बैठे हैं और उन्हें भगवान के नाम के जप की महिमा बड़े ठहराव और भावपूर्ण अंदाज में समझा रहे हैं. विराट और अनुष्का भी पूरी श्रद्धा से सुन रहे हैं, जैसे सामने कोई बच्चा नहीं, स्वयं ‘बाल ब्रह्मचारी अवतार’ बैठा हो.


यूजर्स भी हुए हैरान

इस वीडियो को देखकर लोग झूम रहे हैं, हंस भी रहे हैं और सोच भी रहे हैं. कोई लिख रहा है – “एआई का बच्चा अवतार भी ज्ञान बांट रहा है, यही तो असली डिजिटल भक्तियोग है.” एक यूजर ने मजाक में लिखा.. “अब तो कृपा इनफैंट मोड में आ गई है, महाराज जी का बाल स्वरूप देखो, ऐसी मासूमियत कि भक्तों की माया कट जाए.” कुछ लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे एआई अब हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक हस्तियों को भी इतने क्यूट अंदाज में लोगों तक पहुंचा रहा है और वो भी बिना किसी तकरार के.

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मई 2025 में GST कलेक्शन से हुई बंपर कमाई, सरकार की तिजोरी में आए 2.01 लाख करोड़

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GST Collection: केंद्र सरकार ने मई 2025 के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रहण के आंकड़े जारी कर दिए हैं. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने कुल GST कलेक्शन 2.01 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 16.4 फीसदी की सालाना वृद्धि को दिखाता है. हालांकि मासिक आधार पर इसमें कमी दर्ज की गई है, क्योंकि अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा 2.37 लाख करोड़ रुपये था, जो अब तक का ऑल टाइम हाई रहा है. यानी अप्रैल की तुलना में मई में GST कलेक्शन में करीब 36,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है.

राज्य सरकारों को कितना राजस्व मिला

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में केंद्र सरकार को 35,434 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकारों को 43,902 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. इसके अलावा 1.09 लाख करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड GST (IGST) और 12,879 करोड़ का उपकर (cess) संग्रहित हुआ है. कुल मिलाकर यह संग्रहण भारत के कर प्रणाली की मजबूती और आर्थिक गतिविधियों में निरंतर सुधार का संकेत देता है.

इस बार GST रेवेन्यू में घरेलू लेनदेन से प्राप्त राशि 13.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1.50 लाख करोड़ रुपये रही है, जबकि आयात से मिलने वाला राजस्व 25.2 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ 51,266 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि घरेलू खपत और आयात दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे कर संग्रह बढ़ा है.

हालांकि इस दौरान रिफंड की राशि में कमी देखी गई है. मई 2025 में कुल 27,210 करोड़ रुपये का GST रिफंड जारी किया गया, जो सालाना आधार पर 4 फीसदी कम है. रिफंड को घटाकर देखें तो नेट GST कलेक्शन 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 20.4 फीसदी अधिक है.

सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन किस राज्य में हुई

राज्यों के स्तर पर बात करें तो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में GST कलेक्शन में 17 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में यह वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही और करीब 6 फीसदी रही. मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में औसतन 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई है.

इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों में अंतर बना हुआ है. कुछ राज्य जहां तेजी से उबरते दिख रहे हैं, वहीं कुछ राज्यों की रिकवरी थोड़ी धीमी है. हालांकि, कुल मिलाकर देश के लिए यह संग्रहण एक सकारात्मक संकेत है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले महीनों में केंद्र और राज्य सरकारों के पास विकास योजनाओं और अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे. इसके साथ ही यह भी देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले बजट में केंद्र सरकार इस बढ़ते राजस्व का उपयोग कैसे करती है.

बढ़ रहा है टैक्स बेस 

GST संग्रह के ये आंकड़े न केवल आर्थिक रिकवरी को दिखाते हैं, बल्कि टैक्स बेस के बढ़ने और कर अनुपालन में सुधार की दिशा में भी संकेत करते हैं. वित्त मंत्रालय की ओर से इसे कर प्रशासन की दक्षता और तकनीकी सुधारों का परिणाम बताया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में और अधिक पारदर्शिता और कुशलता की उम्मीद की जा सकती है.

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अब नहीं करनी पड़ेगी मेहनत! Gmail में खुद-ब-खुद दिखेगा ईमेल का सारांश, Google Gemini करेगा काम आसान

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29 मई को हुई ताज़ा घोषणा के मुताबिक, अब Gemini यह खुद तय करेगा कि कब किसी मेल का सारांश दिखाना फायदेमंद होगा. जैसे ही कोई थ्रेड लंबा होगा या उसमें ढेर सारे जवाब होंगे, Gmail उस मेल के कंटेंट के ऊपर ही छोटा सा सारांश दिखा देगा.

29 मई को हुई ताज़ा घोषणा के मुताबिक, अब Gemini यह खुद तय करेगा कि कब किसी मेल का सारांश दिखाना फायदेमंद होगा. जैसे ही कोई थ्रेड लंबा होगा या उसमें ढेर सारे जवाब होंगे, Gmail उस मेल के कंटेंट के ऊपर ही छोटा सा सारांश दिखा देगा.

हालांकि, अगर किसी मेल में ऑटोमैटिक सारांश नहीं दिखता तो यूजर अब भी

हालांकि, अगर किसी मेल में ऑटोमैटिक सारांश नहीं दिखता तो यूजर अब भी “Summarize this email” बटन या Gemini साइडबार के ज़रिए मेल का सारांश देख सकते हैं.

फिलहाल यह सुविधा केवल Android और iOS पर मौजूद Gmail ऐप में दी जा रही है और अभी केवल English भाषा को सपोर्ट करती है. यह फीचर Google Workspace यूजर्स, Google One AI Premium सब्सक्राइबर्स, और Gemini Education व Education Premium प्लान लेने वालों को ही मिलेगा.

फिलहाल यह सुविधा केवल Android और iOS पर मौजूद Gmail ऐप में दी जा रही है और अभी केवल English भाषा को सपोर्ट करती है. यह फीचर Google Workspace यूजर्स, Google One AI Premium सब्सक्राइबर्स, और Gemini Education व Education Premium प्लान लेने वालों को ही मिलेगा.

इसका रोलआउट धीरे-धीरे किया जा रहा है, इसलिए सभी यूजर्स को यह बदलाव एक साथ नहीं दिखेगा.

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यह अपडेट उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगा जो मोबाइल पर ईमेल पढ़ते हैं और जल्दी-से-जल्दी जानकारी लेना चाहते हैं.

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Published at : 01 Jun 2025 03:28 PM (IST)

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‘सर आपको कैसे आउट करने का’, बच्चे ने पूछा सवाल, तो रोहित शर्मा ने दिया मजेदार जवाब

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Rohit Sharma Viral Video: मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी में 5 बार IPL चैंपियन बनाने वाले रोहित शर्मा का नया वीडियो वायरल हो रहा है. रोहित को अपने मस्तीखोर अंदाज और हाजिरजवाबी के लिए भी जाना जाता है. अब सामने आए नए वीडियो में कुछ बच्चों ने उनसे एक सवाल पूछा, जिसका ‘हिटमैन’ ने मजेदार जवाब दिया है. बता दें कि 1 जून को MI का सामना दूसरे क्वालीफायर मैच में पंजाब किंग्स से होने वाला है.

इस वीडियो में युवा फैंस सवाल पूछ रहे हैं कि, “सर आपको ऐसे आउट करने का?” रोहित ने मजेदार अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “नहीं, वो नहीं हो सकता.” रोहित का जवाब सुनने के बाद सभी बच्चे हंसने लगे थे.

MI ने की थी गजब वापसी

मुंबई इंडियंस का प्लेऑफ तक का सफर शानदार रहा है. आईपीएल 2025 में अपने पहले 5 मैचों में MI सिर्फ एक जीत दर्ज कर पाई थी और पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर मौजूद थी. उसके बाद मुंबई ने लगातार 6 मैच जीतते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई. मुंबई की टीम ने 14 मैचों में 8 जीत के बाद 16 अंक अर्जित किए और टेबल में चौथे स्थान पर फिनिश किया था. पांच बार की चैंपियन MI अब अपना सातवां फाइनल खेलने की दहलीज पर है, यह तभी संभव हो पाएगा जब दूसरे क्वालीफायर मैच में मुंबई को पंजाब पर जीत मिलती है.

मुंबई ने कब खेला था आखिरी फाइनल

मुंबई इंडियंस ने आखिरी बार साल 2020 में इंडियन प्रीमियर लीग का फाइनल खेला था. आईपीएल 2020 में मुंबई ने दिल्ली कैपिटल्स को 5 विकेट से हराकर कुल पांचवीं बार ट्रॉफी जीती थी. बता दें कि मुंबई ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में ट्रॉफी जीती है. पिछले 4 सीजन से MI खिताबी जीत का इंतजार कर रही है. मुंबई के लिए इस बार सूर्यकुमार यादव गजब की फॉर्म में हैं, जो अब तक 15 मैचों में 673 रन बना चुके हैं.

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कर्नल सोफिया कुरैशी को कितनी मिलती है सैलरी, 8वें वेतन आयोग से यह कितनी बढ़ेगी?

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<p style="text-align: justify;">भारतीय सेना में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ रैंक से नहीं, अपने काम और कदमों से पहचाने जाते हैं. कर्नल सोफिया कुरैशी ऐसा ही एक नाम हैं. वो न सिर्फ सेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन में एक टुकड़ी की कमान संभाली, बल्कि उन्होंने देश और दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय महिलाएं जंग के मैदान से लेकर नेतृत्व की हर ऊंचाई को छू सकती हैं. उनका आत्मविश्वास, लीडरशिप और सेवा भाव लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए मिसाल बन चुका है. लेकिन क्या आपके जहन में कभी आया कि कर्नल सोफिया कुरैशी की सैलरी कितनी है. भारतीय सेना में सेवा देने के लिए सरकार उन्हें कितना वेतन देती है? आइए आपको बताते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>कितना मिलता है कर्नल सोफिया कुरैशी को वेतन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस वक्त कर्नल रैंक पर जो सैलरी मिलती है, वो करीब 1,30,600 रुपये महीना होती है. इसके अलावा उन्हें हर महीने 15,500 रुपये का एक अलग भत्ता (जिसे मिलिट्री सर्विस पे कहते हैं) भी मिलता है. कुल मिलाकर उनका वेतन 1.45 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है. इसके अलावा खाने-रहने, आने-जाने और दूसरी सुविधाओं के लिए अलग से भत्ते भी मिलते हैं. कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी अधिकारी, जो भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका को पुनर्परिभाषित कर रही हैं, उनके लिए यह वेतन संरचना न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके योगदान की मान्यता भी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href=" में लेक्चरर बनने के लिए इतना लोन देता है बैंक, जानें कर्ज चुकाने के लिए मिलता है कितना वक्त?</a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>8वें वेतन आयोग के बाद इतनी होगी बढ़ोतरी!</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अब बात करते हैं 8वें वेतन आयोग की, जो आने वाले समय में लागू हो सकता है. माना जा रहा है कि इसके बाद सैलरी में 25% से 30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका मतलब है कि कर्नल सोफिया कुरैशी को जो सैलरी अभी 1.45 लाख मिल रही है, वह बढ़कर 1.80 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकती है. 8वां वेतन लागू होने की फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार इसे जल्द ही जनवरी 2026 से लागू कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href=" 71वीं परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी, 1250 पदों पर निकली भर्ती, 2 जून से आवेदन शुरू</a></strong></p>

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हिमेश रेशमिया ने परेश रावल को किया याद, दिग्गज एक्टर को डेडीकेट किया ‘हेरा फेरी’ का गाना

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Himesh Reshammiya Talks On Paresh Rawal: बॉलीवुड एक्टर परेश रावल फेमस फ्रेंचाइजी ‘हेरा फेरी’ के तीसरे पार्ट में काम करने को मना करने के बाद से चर्चा में हैं. एक्टर के इस फैसले के बाद सभी हैरान रह गए हैं. उनके चाहने वाले भी इस बात से बेहद दुखी हैं. हाल ही में फेमस सिंगर हिमेश रेशमिया ने भी एक्टर का अपने कॉन्सर्ट में इसका जिक्र किया है.

हिमेश रेशमिया ने अपने लाइव कॉन्सर्ट के दौरान परेश रावल की तारीफ की है और एक्टर के फैसले पर दुख जाहिर किया है. फिल्म में उनके किरदार को लेकर भी हिमेश ने बात की है.

हिमेश रेशमिया ने की परेश रावल की तारीफ
हिमेश रेशमिया ने मुंबई में अपने एक लाइव कॉन्सर्ट के बीच परेश रावल का जिक्र किया है. हिमेश ने कहा- ‘हेरा फेरी 1 और हेरा फेरी 2 में परेश रावल की परफॉर्मेंस कमाल की थी.’ सिंगर ने एक्टर की तारीफ में फिल्म ‘हेरा फेरी’ का पॉपुलर गाना ‘जुम्मे रात’ गाया. इसी कॉन्सर्ट में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं हैं. 



फिल्म से पीछे हटने को लेकर परेश रावल ने क्या कहा?
‘हेरा फेरी 3’ से खुद को अलग करने के बाद एक्टर परेश रावल ने बताया था कि ये उनका खुद का फैसला है फिल्म के डायरेक्टर से किसी भी तरह के क्रिएटिव डिफ्रेंस नहीं हैं.

क्या है मामला?
फिल्म ‘हेरा फेरी’ का नाम सुनते ही फिल्म के किरदार राजू, श्याम और बाबूराव गणपतराव आप्टे दिलों दिमाग में घूमने लगते हैं. परेश रावल के बाबूराव के रोल को दर्शकों ने जमकर प्यार दिया है. इस किरदार को फिल्म से कहीं ज्यादा पसंद किया जा चुका है. परेश रावल ने अपने इस किरदार से खूब पॉपुलैरिटी हासिल की है. अब एक्टर ने फिल्म के तीसेर पार्ट से खुद को अलग कर लिया है. बताया जाता है कि एक्टर ने फिल्म की शूटिंंग भी शुरू कर दी थी और फिल्म के लिए 11 लाख रुपये एडवांस फीस भी ले ली थी. जिसके बादअक्षय कुमार ने 25 करोड़ का मुकदमा कर दिया था.



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बांग्लादेश की करेंसी पर हिंदू और बौद्ध मंदिरों की तस्वीरें, शेख मुजीबुर रहमान हुए ‘गायब’

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Bangladesh New Currency Note: बांग्लादेश ने रविवार (1 जून, 2025) से नए बैंक नोट जारी करना शुरू कर दिया है. इन नए करेंसी नोटों पर अब पूर्व प्रधानमंत्री और संस्थापक पिता शेख मुजीबुर रहमान की फोटो नहीं होगी. इसकी जगह हिंदू और बौद्ध मंदिरों की तस्वीरों को तवज्जो दी गई. शेख मुजीबुर रहमान शेख हसीना के पिता भी हैं.

शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने और देश में राजनीतिक संकट के बाद, बांग्लादेश बैंक ने पिछले साल घोषणा की थी कि वे नए नोट जारी करने की दिशा में काम करेंगे. न्यूज एजेंसी एएफपी से बात करते हुए बांग्लादेश बैंक के प्रवक्ता आरिफ हुसैन खान ने कहा कि नई मुद्रा बांग्लादेश के प्राकृतिक परिदृश्य और ऐतिहासिक स्थलों को प्रदर्शित करने पर केंद्रित होगी.

अलग-अलग कीमत के नोट किए जाएंगे जारी

उन्होंने कहा, “नई सीरीज और डिजाइन के तहत, नोटों पर कोई ह्यूमन फोटो नहीं होगा, बल्कि नेचुरल लैंडस्केप और पारंपरिक स्थल प्रदर्शित होंगे.” एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक नोटों में हिंदू, बौद्ध मंदिरों, स्वर्गीय जैनुल आबेदीन की कलाकृति और राष्ट्रीय शहीद स्मारक की तस्वीरें शामिल होंगी, जो 1971 के मुक्ति युद्ध के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देती हैं. 

बांग्लादेश बैंक ने तीन अलग-अलग कीमत के नोट जारी किए हैं. खान ने कहा, “नए नोट केंद्रीय बैंक के मुख्यालय से जारी किए जाएंगे और बाद में देश भर में इसके अन्य कार्यालयों से जारी किए जाएंगे. नए डिजाइन वाले अलग-अलग कीमत के नोट चरणों में जारी किए जाएंगे.”

कब-कब बदली गई बांग्लादेश की करेंसी?

यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश ने अपनी मुद्रा बदली है. 1972 में पाकिस्तान से आज़ाद होने के बाद देश ने अपनी मुद्रा बदली थी. इन नोटों पर नए बने देश का नक्शा छपा था. इन नोटों के बाद, नए मूल्यवर्ग के नोटों पर अवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर रहमान का फोटो छापा गया था. 

ये भी पढ़ें: शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेशी ट्रिब्यूनल में चार्जशीट दायर, यूनुस सरकार ने क्या-क्या लगाए आरोप?

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