8 दिन में 5 देशों का दौरा, 11 साल में पीएम मोदी की सबसे लंबी राजनयिक यात्रा, BRICS में लेंगे हि

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PM Modi Foreign Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई, 2025 से 5 देशों की यात्रा के लिए रवाना होने वाले हैं. 2 जुलाई से शुरू होने वाली पीएम की ये यात्रा 9 जुलाई को पूरी होगी. पीएम के इस दौरे में दो महाद्वीप भी शामिल हैं. इस दौरे में प्रधानमंत्री घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा करने वाले हैं. इस यात्रा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री 4 दिनों तक ब्राजील में रहेंगे.

11 सालों के अपने कार्यकाल में पीएम मोदी दूसरी बार 5 देशों के दौरे पर जा रहे हैं. इससे पहले साल 2016 में उन्होंने 5 देशों को दौरा किया था, जिसमें अमेरिका, स्विट्जरलैंड, अफगानिस्तान, मैक्सिको और कतर देश शामिल था. 2 जुलाई से पीएम की ये यात्रा घाना से शुरू होगी. भारत के प्रधानमंत्री 30 साल बाद घाना का दौरा करने वाले हैं. 2 से 3 जुलाई तक पीएम मोदी यहां घाना के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक सम्बन्धों पर चर्चा करेंगे.  

घाना के साथ भारत के अच्छे सम्बन्ध

घाना पश्चिम एशिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है. साथ ही घाना के साथ भारत के व्यापारिक सम्बन्ध काफी अच्छे हैं. भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3,137.29 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें भारत से सोने का आयात काफी ज्यादा होता है. इसके अलावा भारत की कई कंपनियों ने घाना में कृषि, विनिर्माण, निर्माण, शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, आईसीटी और ऑटोमोटिव जैसी कंपनियों में भी काफी पैसे निवेश किए हैं.

घाना के बाद पीएम इस देश की करेंगे यात्रा

घाना के बाद पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे. त्रिनिदाद और टोबैगो में लगभग 40 से 45 प्रतिशत भारतीय प्रवासी निवास करते हैं. त्रिनिदाद और टोबैगो कैरिबियन क्षेत्र का पहला देश बन गया है, जिसने भारत के यूपीआई प्लेटफॉर्म प्रोजेक्ट को अपने देश में मंजूरी दी है.

4 जुलाई को पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो से अर्जेंटिना जाएंगे. भारत का अर्जेंटिना में कुल निवेश 1.2 बिलियन अमरीकी डॉलर है. पीएम मोदी अर्जेंटिना में वहां के प्रमुख क्षेत्रों, जैसे आर्थिक, रक्षा, खनिज, तेल और गैस, परमाणु ऊर्जा, विज्ञान पर चर्चा कर सकते हैं.

4 दिनों तक ब्राजील में रहेंगे पीएम मोदी

उसके बाद 5 से 8 जुलाई तक प्रधानमंत्री ब्राजील की यात्रा पर रहेंगे और वहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. पीएम मोदी अपने कार्यकाल में चौथी बार ब्राजील की यात्रा करने वाले हैं. पीएम यहां राष्ट्रपति लूला से वैश्विक स्तर में सुधार, शांति और सुरक्षा, एआई, जलवायु परिवर्तन और हेल्थ सहित कई मुद्दों पर बात करेंगे.

नामीबिया की यात्रा करेंगे पीएम मोदी

अपनी यात्रा के आखिरी दौरे में पीएम मोदी नामीबिया पहुचेंगे. नामीबिया में पीएम मोदी की पहली यात्रा होगी. साथ ही मार्च में पदभार संभालने के बाद नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी की भारत देश से पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी. हालांकि भारत और नामीबिया के बीच व्यापार में तेजी आई है. भारत और नामीबिया के बीच व्यापार बढ़कर 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है, जो दोनों देशों के सम्बन्धों को मजबूत करने का काम करता है.

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मीन राशिफल 1 जुलाई 2025: निवेश के लिए शुभ समय, आत्मविश्वास से भरा दिन, पढ़े राशिफल

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Pisces Horoscope 1 july 2025: मीन राशिफल 1 जुलाई 2025, मंगलवार के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. मीन राशि के स्वामी गुरु देव बृहस्पति हैं. ज्योतिष ग्रंथों में गुरु ग्रह बृहस्पति को ज्ञान का कारक माना जाता है. आइए जानते हैं कि आपकी मीन राशि क्या कहती है.

मीन राशि बिजनेस राशिफल: मीन राशि वाले अपने भाइयों के साथ मिलकर नया बिज़नेस शुरू करने की योजना बना सकते हैं. जीवनसाथी से लाभदायक सलाह मिल सकती है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से फायदेमंद हो सकती है. रुके कार्यों में गति आएगी. निवेश शुभ रहेगा. यदि आपने किसी लोन आदि के लिए अप्लाई किया था, तो वह भी आपको आसानी से मिल सकता है.

मीन राशि जॉब राशिफल: मीन राशि वालों को काम के सिलसिले में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है, जो नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रासंगिक है. आपके कुछ शत्रु आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे. नई परियोजनाओं में भागीदारी का अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में आज जोश के साथ कोई फैसला ना लें, अन्यथा भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है.

मीन राशि फैमली राशिफल: मीन राशि वालों का पारिवारिक वातावरण तनावपूर्ण रह सकता है. भाइयों के साथ सहयोग का संकेत. दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा.

शुभ अंक: 3

शुभ रंग: पीला

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फल का भोग लगाएं.

FAQs 

Q1. क्या मीन राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए?

A1. हां, मीन राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए.

Q2. क्या मीन राशि वालों का दिन बैंकिंग क्षेत्रों में अच्छा रहने वाला है?

A2. हां, मीन राशि वालों का दिन बैंकिंग क्षेत्रों में अच्छा रहने वाला है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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चोरी-चोरी चुपके चुपके, किससे इश्क लड़ा रहे हैं पृथ्वी शॉ? कह दी दिल की बात

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Prithvi Shaw Akriti Agarwal Relationship: भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ समय-समय पर चर्चा में बने रहते हैं. पिछले साल दिसंबर में उन्हें मुंबई की टीम से ड्रॉप कर दिया गया था. वो अब अपनी रिलेशनशिप लाइफ के कारण एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दरअसल पृथ्वी शॉ इस समय इंडोनेशिया में वैकेशन मना रहे हैं, हाल ही में उन्होंने पेनिडा द्वीप पर खिंचवाई तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उनके पोस्ट पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकृति अगरवाल का कमेन्ट आया है, जिससे पृथ्वी शॉ और आकृति अगरवाल के रिलेशनशिप की खबरों को तूल मिला है.

पृथ्वी शॉ ने तीन तस्वीर शेयर कीं, जिनके साथ उन्होंने रहस्यमयी कैप्शन देकर लिखा, “तुम्हारे लिए एकदम परफेक्ट दृश्य.” जब तक यह सिर्फ पृथ्वी शॉ का पोस्ट था, तब तक यह सिर्फ वैकेशन पोस्ट लग रहा था, लेकिन जैसे ही आकृति अगरवाल का कमेन्ट आया तो सोशल मीडिया पर जैसे कमेंट्स की बाढ़ आ गई. एक तरफ पृथ्वी ने लिखा कि यह तुम्हारे लिए परफेक्ट दृश्य है, वहीं आकृति अगरवाल ने लिखा, “यह मेरा परफेक्ट दृश्य है.” बस फिर क्या था, पृथ्वी-आकृति के रिलेशनशिप का टॉपिक सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा.


बताते चलें कि आकृति अगरवाल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. उन्हें इंस्टाग्राम पर 33 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं. वहीं यूट्यूब पर उनके करीब 90  हजार सबस्क्राइबर्स हैं. उनकी और पृथ्वी की जुगलबंदी यहीं नहीं रुकी. आकृति के कमेन्ट का जवाब देकर भारतीय क्रिकेटर ने लिखा, “अरे तुम.” पृथ्वी शॉ ने इस कमेन्ट में हार्ट इमोजी भी जोड़ा.

पृथ्वी शॉ को आखिरी बार साल 2021 में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करते देखा गया था. उन्होंने भारत के लिए 5 टेस्ट मैचों में 339 रन बनाए. उन्होंने सिर्फ पांच टेस्ट मैचों में एक शतक और 2 अर्धशतकीय पारी खेली थीं. इसके अलावा उन्होंने 6 वनडे मैचों में 189 रन और अपने करियर में सिर्फ एक टी20 मैच खेला है.

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भारत ने शुरू किया ऐसा कौन सा मिशन, जिसने बढ़ा दी चीन की टेंशन? ‘ड्रैगन’ पर लगेगी लगाम

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QUAD at Sea Mission: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार साझा ‘क्वाड समुद्री निगरानी मिशन’ शुरू किया है, जिसमें चारों देशों के अधिकारी अमेरिकी युद्धपोत से गुआम रवाना हुए हैं. इस मिशन का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, समन्वय और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करना है. चीन इस पहल से असहज है.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए क्वाड देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार एक साझा समुद्री निगरानी मिशन की शुरुआत की है. इसे “क्वाड एट सी शिप ऑब्जर्वर मिशन” नाम दिया गया है. इस मिशन के तहत चारों देशों के दो-दो अधिकारी, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, अमेरिकी युद्धपोत USCGC स्ट्रैटन पर सवार होकर गुआम की ओर रवाना हो चुके हैं. रक्षा मंत्रालय ने इसे विलमिंगटन घोषणा के तहत एक ऐतिहासिक कदम बताया है.

विलमिंगटन घोषणापत्र के तहत बढ़ा क्वाड का मिशन
सितंबर 2024 में क्वाड नेताओं द्वारा अपनाए गए विलमिंगटन घोषणापत्र में इस मिशन का ज़िक्र किया गया था. यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री तंत्र को मजबूत करने की दिशा में क्वाड का सामूहिक प्रयास है. इस पहल का उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता, समुद्री डोमेन जागरूकता और परिचालन समन्वय को बढ़ावा देना है.

पहली बार चारों देशों की समुद्री एजेंसियों की साझेदारी
यह मिशन भारतीय तटरक्षक बल (ICG), जापान कोस्ट गार्ड (JCG), अमेरिकी कोस्ट गार्ड (USCG) और ऑस्ट्रेलियाई बॉर्डर फोर्स (ABF) के बीच अपनी तरह का पहला संयुक्त अभियान है. इसमें भारत की सक्रिय भागीदारी ‘सागर (SAGAR)’ यानी “क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास” के सिद्धांत और इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव (IPOI) को सशक्त करती है.

क्षेत्रीय भागीदारी और विश्वास निर्माण पर जोर
इस साझा मिशन के माध्यम से हिंद-प्रशांत में क्षमता निर्माण, मानवीय राहत, और एक नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देने में भारत की प्रतिबद्धता और स्पष्ट होती है. ‘क्वाड एट सी’ मिशन न सिर्फ तटरक्षक बलों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करता है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विश्वास और परिचालन तालमेल को भी गहरा करता है.

चीन में मचा हड़कंप, गुआम को लेकर फिर से बढ़ा तनाव
इस मिशन के तहत जो अमेरिकी युद्धपोत गुआम की ओर बढ़ रहा है, उसने चीन की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, गुआम पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिकी क्षेत्र है, जहां अमेरिका के प्रमुख सैन्य अड्डे हैं. चीन इसे संभावित सैन्य खतरे के रूप में देखता है क्योंकि गुआम की दूरी चीन से केवल 4750 किमी है और यह उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों की पहुंच में आता है.

हाल ही में गुआम के गवर्नर द्वारा ताइवान दौरे पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया था. अब जब क्वाड देशों के तटरक्षक बल संयुक्त निगरानी मिशन पर गुआम की ओर बढ़ रहे हैं, तो चीन को डर सता रहा है कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की तैयारी कर रहा है.

अमेरिका की सैन्य ताकत का केंद्र है गुआम
गौरतलब है कि गुआम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से एक महत्वपूर्ण सैन्य चौकी रहा है. यहां एंडरसन एयर फोर्स बेस और मजबूत नौसेना उपस्थिति मौजूद है. लगभग 30% क्षेत्र पर अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों का कब्जा है, जो अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति का अहम हिस्सा हैं.

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क्या सच में डूब रहा है भारत का फार्मा सेक्टर? निवेशकों की चिंता बढ़ी, शेयरों के दाम गिरे

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साल 2025 की पहली छमाही में भारत का फार्मा सेक्टर बुरी तरह फिसल गया है. जहां निफ्टी 50 इंडेक्स ने लगभग 8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, वहीं निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई. इसका मतलब है कि फार्मा सेक्टर बाजार में दूसरे सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में शामिल हो गया है. निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर से डगमगाता नजर आ रहा है, खासतौर पर घरेलू चुनौतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण.

बड़ी-बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर गिरे

इस गिरावट का असर लगभग पूरे सेक्टर पर देखने को मिला है. Natco Pharma का स्टॉक करीब 34 प्रतिशत टूट गया, जो सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. IPCA Labs में भी 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखी गई. Aurobindo Pharma, Lupin, Granules India, Mankind Pharma, Ajanta Pharma और Alkem Labs के शेयर भी 12 से 20 प्रतिशत के बीच गिरे हैं. यहां तक कि मजबूत मानी जाने वाली कंपनियां जैसे Biocon, Cipla, Dr. Reddy’s, JB Chemicals, और Sun Pharma भी नुकसान से नहीं बच पाईं.

कुछ कंपनियों ने दिखाई मजबूती

हालांकि इस मुश्किल दौर में भी कुछ फार्मा कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. Laurus Labs ने 19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जबकि Abbott India में 16 प्रतिशत की तेजी आई. Divi’s Labs और Glenmark Pharma ने भी 10 प्रतिशत और 8.6 प्रतिशत की बढ़त हासिल की. इसके अलावा, Torrent Pharma और Zydus Life जैसे नामों ने भी मामूली फायदा कमाया है.

गिरावट की वजहें क्या हैं?

फार्मा सेक्टर में इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें हैं. सबसे पहले, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बड़ी बिकवाली ने इस सेक्टर को चोट पहुंचाई है, खासकर एक्सपोर्ट-फोकस्ड कंपनियों को. दूसरी बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और ऊंची ब्याज दरें हैं.

सबसे ज्यादा डर अमेरिकी नीतियों को लेकर है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल और जून में संकेत दिए हैं कि वो फार्मास्युटिकल उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक का टैरिफ लगा सकते हैं. चूंकि भारत की कई कंपनियां अमेरिका को जेनेरिक और स्पेशलिटी दवाएं एक्सपोर्ट करती हैं, इसलिए यह नीति उनके लिए भारी पड़ सकती है.

Nuvama की रिपोर्ट से क्या समझा जाए?

ब्रोकरेज फर्म Nuvama Institutional Equities ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बड़ी फार्मा कंपनियों को अमेरिकी नीतियों और उनके प्रोडक्ट मिक्स को लेकर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि कुछ क्षेत्रों जैसे CDMO (Contract Development and Manufacturing Organizations) और GLP-1 दवाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं.

Cipla जैसी कंपनियों की मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन, जिसमें gAbraxane और gSymbicort जैसे उत्पाद हैं, निवेशकों की चिंता को कम कर सकती है. वहीं, CDMO सेक्टर में Aarti Pharmalabs, Divi’s, और Dr. Reddy’s जैसी कंपनियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.

हेल्थकेयर सेक्टर में बनी हुई है पॉजिटिविटी

Nuvama का मानना है कि हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं. Laxmi Dental, Jupiter Lifeline, Suraksha, Aster DM, और Jeena Sikho जैसी कंपनियां अस्पतालों की क्षमता बढ़ा रही हैं और डिजिटल टूल्स में निवेश कर रही हैं. इससे आने वाले समय में राजस्व और मुनाफे दोनों में सुधार की उम्मीद की जा रही है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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अमिताभ बच्चन की ‘सूर्यवंशम’ को मधू ने क्यों ठुकराया? सालों बाद बताई बॉलीवुड से दूर होने की वजह

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Madhoo On Leaving Bollywood: एक्ट्रेस मधु ने साल 1991 में अजय देवगन की फिल्म फूल और कांटे से बॉलीवुड डेब्यू किया था. लेकिन 20 साल के बॉलीवुड करियर के बाद एक्ट्रेस बॉलीवुड से गायब हो गईं और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हो गईं. मधु को अमिताभ बच्चन की एक फिल्म का ऑफर भी मिला लेकिन एक्ट्रेस ने रिजेक्ट कर दिया था. अब सालों बाद मधु ने बॉलीवुड से दूरी बनाने और बिग बी की फिल्म ठुकराने की वजह बताई है.

लेहरन रेट्रो को दिए एक इंटरव्यू में मधु ने कहा- ‘1997 तक, मैं असंतुष्ट महसूस करने लगी थी. मैं अब अपने काम को लेकर एक्साइटेड नहीं थी. साउथ में ऑथेंटिक, इमोशनल डायरेक्टर्स के साथ काम करने के बाद, उन प्रोजेक्ट्स में वापस लौटना अजीब लगा, जिनमें ईमानदारी की कमी थी. मैं सेट पर जाने से पहले उदास रहने लगी. जिस चीज की मुझे कभी सबसे ज्यादा चाहत थी, फिल्म सेट पर होना, उससे मुझे चिढ़ होने लगी थी.’

अमिताभ बच्चन की 'सूर्यवंशम' को मधू ने क्यों ठुकराया? सालों बाद बताई बॉलीवुड से दूर होने की वजह

मधु ने क्यों ठुकराई अमिताभ बच्चन की फिल्म?
मधु ने आगे बताया कि उन्हें अमिताभ बच्चन की एक फिल्म का ऑफर मिला था. तब एक्ट्रेस की शादी होने वाली थी और उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया था. मधु ने बताया- ‘ये मिस्टर बच्चन के साथ एक बड़ी फिल्म थी, जिसे बाद में सौंदर्या ने किया. मेरी शादी की तारीख तय हो गई थी और मैंने अपने सेकरेट्री से कहा कि मैं ये नहीं करना चाहती. उन्होंने मुझे दोबारा सोचने के लिए कहा, लेकिन मैं अड़ गई थी.’

अमिताभ बच्चन की 'सूर्यवंशम' को मधू ने क्यों ठुकराया? सालों बाद बताई बॉलीवुड से दूर होने की वजह

मधु को ऑफर हुई थी ‘सूर्यवंशम’ 
बता दें कि मधु को अमिताभ बच्चन की जिस फिल्म का ऑफर मिला था वो ‘सूर्यवंशम’ थी. 1999 में रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और सौंदर्या साथ नजर आए थे. इसी साल मधु ने आनंद शाह से शादी रचाई थी जिससे उनके दो बच्चे कीया शाह और अमेया शाह हुए.

मधु का फिल्मी करियर
मधु के करियर की बात करें को उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषा की फिल्मों में भी काम किया था. फूल और कांटे के अलावा वो रोजा, अल्लारी प्रियुडु, योद्धा और जेंटलमैन जैसी फिल्मों में नजर आईं.

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अब कॉलेज की फीस का बोझ होगा हल्का, CBSE की इस स्कॉलरशिप स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

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CBSE ने अकादमिक सेशन 2025-26 के लिए अपनी केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति योजना (CSSS) के लिए आवेदन प्रोसेस शुरू कर दी है. इस योजना के तहत उन छात्रों को मदद मिलती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उच्च शिक्षा में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं.

इस योजना के तहत नई छात्रवृत्ति और पुरानी छात्रवृत्ति के नवीनीकरण दोनों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है. इच्छुक छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल scholarships.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

कितनी मिलेगी राशि?

इस योजना के तहत विद्यार्थियों को पहले तीन वर्षों तक हर महीने 1,000 रुपये यानी सालाना 10,000 रुपये की मदद मिलेगी. वहीं चौथे और पांचवें वर्ष के लिए यह राशि बढ़कर 2,000 रुपये प्रति माह यानी सालाना 20,000 रुपये हो जाएगी.

कौन कर सकता है आवेदन?

कक्षा 12वीं में 80% से अधिक अंक होना चाहिए.
उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
पारिवारिक वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
किसी अन्य स्कॉलरशिप का लाभ न ले रहे हों.

छात्रवृत्ति नवीनीकरण के लिए जरूरी शर्तें

  • हर साल 60% से ज्यादा अंक लाना जरूरी है.
  • कम से कम 75% उपस्थिति होना चाहिए.
  • छात्र का व्यवहार अनुशासित होना चाहिए.

यूजी और पीजी दोनों के लिए लाभदायक

यह योजना न केवल स्नातक (UG) बल्कि स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के लिए भी मान्य है. छात्र इसे अधिकतम पांच साल तक प्राप्त कर सकते हैं. सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की जांच संस्थानों द्वारा अनिवार्य रूप से समयसीमा में की जानी चाहिए, अन्यथा आवेदन अमान्य माना जाएगा. छात्रवृत्तियों का 50% हिस्सा महिला छात्रों के लिए आरक्षित होगा. विषयवार आरक्षण के तहत विज्ञान:वाणिज्य:मानविकी के लिए छात्रवृत्तियां 3:2:1 के अनुपात में बांटी जाएंगी.

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आरक्षित वर्गों का ध्यान भी रखा गया

  • अनुसूचित जाति (SC) – 15%
  • अनुसूचित जनजाति (ST) – 7.5%
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 27%
  • दिव्यांगजन – 3%

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अब और खतरनाक बनेगा भारत का राफेल! पेरिस एयर शो में पेश हुआ इस नई तकनीक पर काम करने वाला AASM XLR 1000 हथियार

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AASM XLR 1000 एक लंबी दूरी से हमला करने वाला स्मार्ट बम है जिसे राफेल जैसे एडवांस फाइटर जेट से लॉन्च किया जा सकता है. इसमें GPS और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) की मदद से लक्ष्य को सटीकता से भेदा जा सकता है.

AASM XLR 1000 एक लंबी दूरी से हमला करने वाला स्मार्ट बम है जिसे राफेल जैसे एडवांस फाइटर जेट से लॉन्च किया जा सकता है. इसमें GPS और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) की मदद से लक्ष्य को सटीकता से भेदा जा सकता है.

इसके साथ ही इस हथियार में Mk84 बम, भारी वॉरहेड, टर्बोजेट इंजन और लेजर व इन्फ्रारेड तकनीक वाला ड्यूल-मोड सीकर भी लगाया गया है, जो इसे और घातक बनाता है.

इसके साथ ही इस हथियार में Mk84 बम, भारी वॉरहेड, टर्बोजेट इंजन और लेजर व इन्फ्रारेड तकनीक वाला ड्यूल-मोड सीकर भी लगाया गया है, जो इसे और घातक बनाता है.

Safran कंपनी पहले ही इस वेपन की रेंज को लेकर जानकारी दे चुकी है. AASM XLR 1000 की मारक दूरी 150 से 200 किलोमीटर तक हो सकती है, जो इसके पुराने वर्जन (70 किलोमीटर) से तीन गुना ज्यादा है. यानी दुश्मन के ठिकाने भले ही कितनी भी दूर हों, ये हथियार उन्हें निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम होगा.

Safran कंपनी पहले ही इस वेपन की रेंज को लेकर जानकारी दे चुकी है. AASM XLR 1000 की मारक दूरी 150 से 200 किलोमीटर तक हो सकती है, जो इसके पुराने वर्जन (70 किलोमीटर) से तीन गुना ज्यादा है. यानी दुश्मन के ठिकाने भले ही कितनी भी दूर हों, ये हथियार उन्हें निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम होगा.

यह वेपन इतनी ऊंचाई से लॉन्च किया जाएगा कि दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम की पकड़ में भी न आए. फिर भी यह मजबूत बंकर, इमारतें और एयर डिफेंस इकाइयों को सटीकता से तबाह कर सकेगा. इससे राफेल जेट को करीब जाकर हमला करने की जरूरत नहीं होगी और भारतीय पायलटों की सुरक्षा भी बढ़ेगी.

यह वेपन इतनी ऊंचाई से लॉन्च किया जाएगा कि दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम की पकड़ में भी न आए. फिर भी यह मजबूत बंकर, इमारतें और एयर डिफेंस इकाइयों को सटीकता से तबाह कर सकेगा. इससे राफेल जेट को करीब जाकर हमला करने की जरूरत नहीं होगी और भारतीय पायलटों की सुरक्षा भी बढ़ेगी.

AASM Hammer 250 का इस्तेमाल पहले से ही कई देशों में हो रहा है, जैसे कि फ्रांस, भारत, मोरक्को, मिस्र, कतर और क्रोएशिया. लेकिन AASM XLR 1000 यानी इसका सबसे एडवांस वर्जन फिलहाल सिर्फ फ्रांसीसी वायुसेना के लिए उपलब्ध रहेगा, जो इसे अपने राफेल F4.1 वर्जन में इस्तेमाल करेगी. UAE को भी जब 2027 में राफेल F4 वर्जन मिलेगा, तो संभव है कि उसे भी यह घातक हथियार मिल जाए.

AASM Hammer 250 का इस्तेमाल पहले से ही कई देशों में हो रहा है, जैसे कि फ्रांस, भारत, मोरक्को, मिस्र, कतर और क्रोएशिया. लेकिन AASM XLR 1000 यानी इसका सबसे एडवांस वर्जन फिलहाल सिर्फ फ्रांसीसी वायुसेना के लिए उपलब्ध रहेगा, जो इसे अपने राफेल F4.1 वर्जन में इस्तेमाल करेगी. UAE को भी जब 2027 में राफेल F4 वर्जन मिलेगा, तो संभव है कि उसे भी यह घातक हथियार मिल जाए.

भले ही AASM XLR 1000 फिलहाल केवल फ्रांस के पास रहेगा लेकिन भारत पहले ही Safran के कई हथियारों का उपयोग कर रहा है. ऐसे में आने वाले समय में यह नया सिस्टम भारतीय वायुसेना की राफेल यूनिट्स का हिस्सा बन सकता है. अगर ऐसा हुआ तो भारतीय राफेल पहले से कहीं ज्यादा दूर तक और सटीक वार करने में सक्षम हो जाएंगे.

भले ही AASM XLR 1000 फिलहाल केवल फ्रांस के पास रहेगा लेकिन भारत पहले ही Safran के कई हथियारों का उपयोग कर रहा है. ऐसे में आने वाले समय में यह नया सिस्टम भारतीय वायुसेना की राफेल यूनिट्स का हिस्सा बन सकता है. अगर ऐसा हुआ तो भारतीय राफेल पहले से कहीं ज्यादा दूर तक और सटीक वार करने में सक्षम हो जाएंगे.

Published at : 30 Jun 2025 08:55 AM (IST)

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Hindi Panchang 1 जुलाई 2025: हनुमान जी का दिन, आज शुभ मुहूर्त और राहूकाल का समय देखकर करें पूजा

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Hindi Panchang 1 July 2025: 1 जुलाई 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है. इस तिथि के स्वामी कार्तिकेय भगवान होते हैं. आइए जानते हैं ये दिन किन राशियों के लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय भी जानें.

1 जुलाई का पंचांग 2025 (Hindi Panchang 1 July 2025)

तिथि षष्ठी (30 जून 2025, सुबह 9.23 – 1 जुलाई 2025, सुबह 10.20)
वार सोमवार
नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी
योग व्यतीपात, त्रिपुष्कर योग
सूर्योदय सुबह 5.27
सूर्यास्त
शाम 7.23
चंद्रोदय
रात 11.34
चंद्रोस्त
सुबह 11.07
चंद्र राशि
सिंह

आज का शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त – सुबह 11.57 – दोपहर 12.53
  • गोधूलि मुहूर्त – रात 7.22 – रात 7.42

चौघड़िया मुहूर्त

सुबह का चौघड़िया
चर (सामान्य) सुबह 8.56 – सुबह 10.40
लाभ (उन्नति) सुबह 10.40 – दोपहर 12.25
अमतृ (सर्वोत्तम) दोपहर 12.25 – दोपहर 2.10
शाम का चौघड़िया
लाभ (उन्नति) रात 8.39 – रात 9.54
शुभ (उत्तम) रात 11.10 – प्रात: 12.25

राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)

राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) सुबह 8.56 – सुबह 10.40
यमगण्ड काल दोपहर 3.54 – शाम 5.39
गुलिक काल दोपहर 12.25 – दोपहर 2.10
आडल योग
सुबह 8.54 – सुबह 5.27, 2 जुलाई
विडाल योग
सुबह 5.27 – सुबह 8.54

ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 1 July 2025)

सूर्य मिथुन
चंद्रमा सिंह
मंगल सिंह
बुध कर्क
गुरु मिथुन
शुक्र मेष
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह

किन राशियों को लाभ

मेष राशि नया प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं या बिजनेस डील संभव है. वैवाहिक जीवन में खुशखबरी मिल सकती है. 
सिंह राशि नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी. लव पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेगी.

कौन सी राशियों संभलकर रहें

कुंभ राशि अनावश्यक खर्चों के कारण आपके बजट बिगड़ सकता है, मन मुताबिक काम नहीं होने पर ऑफिस में खरी-खोटी सुनने को मिल सकती है. 
कर्क राशि धन के खर्च की अधिकता के कारण मन परेशान रहेगा.

FAQs: 1 जुलाई 2025

  1. Q.कौन सा उपाय करें ?
    मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं साथ ही मसूर की दाल का दान करें.
  2. Q. कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?
    त्रिपुष्कर योग में किए गए शुभ कार्यों का फल तीन गुना मिलता है, जिससे धन, संपत्ति, और समृद्धि में वृद्धि होती है.

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