Trump का बड़ा फैसला! Steel और Aluminium पर 50% Import Duty लागू | Paisa Live

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने steel और aluminum पर आयात शुल्क को 25% से बढ़ाकर 50% करने की घोषणा की है, जो 4 जून 2025 से प्रभावी होगी। यह कदम उन्होंने domestic industry की रक्षा के नाम पर उठाया है। 2024 में अमेरिका ने लगभग 2.8 करोड़ टन स्टील और 54 लाख टन एल्युमिनियम का आयात किया था, जिनमें से अधिकांश कनाडा और ब्राज़ील से आया था। ट्रम्प ने यह घोषणा pennsylvania में एक US Steel Plant में भाषण के दौरान की, जो चुनावी साल में घरेलू समर्थन को ध्यान में रखते हुए एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है। बाकी जानकारी वीडियो में।

      

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बिहार पुलिस एनफोर्समेंट सब-इंस्पेक्टर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह कर सकते हैं आवेदन

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बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक खुशखबरी है. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने प्रवर्तन सब-इंस्पेक्टर (Enforcement Sub Inspector) के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह भर्ती 2025 में की जा रही है और इसके जरिए योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी का बेहतरीन मौका मिलने वाला है.

इस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अभ्यर्थी 30 जून 2025 तक आवेदन कर सकेंगे. इच्छुक उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. उम्र की बात करें तो न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है. पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 साल. महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 साल तय की गई है. आरक्षित वर्गों को आयु में नियमानुसार छूट दी जाएगी. उम्र की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी.

शारीरिक योग्यता क्या होनी चाहिए?

इस भर्ती में सफल होने के लिए शारीरिक मापदंड भी पूरे करने होंगे. पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 165 सेमी, छाती सामान्य स्थिति में 79 सेमी और फुलाकर 84 सेमी होनी चाहिए. महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 150 सेमी तय की गई है.

आवेदन शुल्क कितना है?

जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अन्य राज्य के उम्मीदवारों को 750 रुपये फीस देनी होगी. SC/ST और बिहार की महिला उम्मीदवारों को 400 रुपये शुल्क देना होगा.

कैसे होगा चयन?

इस भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों से गुजरना होगा-

प्रारंभिक/लिखित परीक्षा
शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
साक्षात्कार (इंटरव्यू)

आवेदन कैसे करें?

  1. उम्मीदवार सबसे पहले bpssc.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
  2. इसके बाद होम पेज पर संबंधित भर्ती लिंक पर क्लिक करें.
  3. अब उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करके फॉर्म भरें.
  4. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क जमा करके फॉर्म सबमिट करें.

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मीन राशिफल 1जून 2025: मीन राशि वालों के व्यवसाय में सफलता के योग, पढ़ें राशिफल

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Pisces Horoscope 1 june 2025: मीन राशिफल 1 जून 2025, रविवार के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. मीन राशि के स्वामी गुरु देव बृहस्पति हैं. ज्योतिष ग्रंथों में गुरु ग्रह बृहस्पति को ज्ञान का कारक माना जाता है. आइए जानते हैं कि आपकी मीन राशि क्या कहती है.

मीन राशि बिजनेस राशिफल – मीन राशि वाले अपने भाइयों के साथ मिलकर नया बिज़नेस शुरू करने की योजना बना सकते हैं. जीवनसाथी से लाभदायक सलाह मिल सकती है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से फायदेमंद हो सकती है. रुके कार्यों में गति आएगी. निवेश शुभ रहेगा. यदि आपने किसी लोन आदि के लिए अप्लाई किया था, तो वह भी आपको आसानी से मिल सकता है.

मीन राशि जॉब राशिफल – मीन राशि वालों को काम के सिलसिले में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है, जो नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रासंगिक है. आपके कुछ शत्रु आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे. नई परियोजनाओं में भागीदारी का अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में आज जोश के साथ कोई फैसला ना लें, अन्यथा भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है.

मीन राशि फैमली राशिफल – मीन राशि वालों का पारिवारिक वातावरण तनावपूर्ण रह सकता है. भाइयों के साथ सहयोग का संकेत. दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा.

मीन राशि हेल्थ राशिफल – मीन राशि वालों का सेहत में सुधार होगा. 

शुभ अंक: 3

शुभ रंग: पीला

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फल का भोग लगाएं.

FAQs 

Q1. क्या मीन राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए?

A1. हां, मीन राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए.

Q2. क्या मीन राशि वालों का दिन बैंकिंग क्षेत्रों में अच्छा रहने वाला है?

A2. हां, मीन राशि वालों का दिन बैंकिंग क्षेत्रों में अच्छा रहने वाला है.

ये भी पढ़ें: मेष राशि वालों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है, पढ़ें राशिफल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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बच्चों का तेजी से बढ़ रहा है वजन, कहीं हर रोज तो नहीं खा रहे ये चीजें

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पैकेज्ड जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स: बाजार में मिलने वाले फलों के जूस हेल्दी लगते हैं, लेकिन इनमें छिपी चीनी बच्चों के वजन को तेजी से बढ़ा सकती है. हर दिन पीना डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा सकता है.

पैकेज्ड जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स: बाजार में मिलने वाले फलों के जूस हेल्दी लगते हैं, लेकिन इनमें छिपी चीनी बच्चों के वजन को तेजी से बढ़ा सकती है. हर दिन पीना डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा सकता है.

चॉकलेट और मिठाइयां: अगर बच्चा रोजाना मीठा खा रहा है, तो यह उसकी शरीर में फैट को बढ़ाने वाला सीधा रास्ता है. इससे मेटाबॉलिज्म स्लो होता है और वजन तेजी से चढ़ता है.

चॉकलेट और मिठाइयां: अगर बच्चा रोजाना मीठा खा रहा है, तो यह उसकी शरीर में फैट को बढ़ाने वाला सीधा रास्ता है. इससे मेटाबॉलिज्म स्लो होता है और वजन तेजी से चढ़ता है.

ज्यादा प्रोसेस्ड फूड: फास्ट फूड में कैलोरी तो होती है, लेकिन पोषण नहीं होता है. बच्चों का पेट तो भरता है, लेकिन जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते, जिससे वजन असंतुलित हो जाता है.

ज्यादा प्रोसेस्ड फूड: फास्ट फूड में कैलोरी तो होती है, लेकिन पोषण नहीं होता है. बच्चों का पेट तो भरता है, लेकिन जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते, जिससे वजन असंतुलित हो जाता है.

फ्रायड स्नैक्स और नमकीन: हर दिन तली हुई चीजें जैसे समोसा, आलू चिप्स या नमकीन खाने से शरीर में अनहेल्दी फैट जमा होता है और मोटापा आने लगता है.

फ्रायड स्नैक्स और नमकीन: हर दिन तली हुई चीजें जैसे समोसा, आलू चिप्स या नमकीन खाने से शरीर में अनहेल्दी फैट जमा होता है और मोटापा आने लगता है.

ज्यादा बिस्किट और ब्रेड: बच्चों को हर वक्त बिस्किट या ब्रेड देना आसान लग सकता है, लेकिन इनमें हाई कार्ब्स और प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं, जो वजन बढ़ाने में बड़ा रोल निभाते हैं.

ज्यादा बिस्किट और ब्रेड: बच्चों को हर वक्त बिस्किट या ब्रेड देना आसान लग सकता है, लेकिन इनमें हाई कार्ब्स और प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं, जो वजन बढ़ाने में बड़ा रोल निभाते हैं.

फिजिकल एक्टिविटी की कमी: खानपान के साथ बच्चों का बैठा रहना, मोबाइल या टीवी देखना और बाहर न खेलना भी उनके तेजी से वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण है.

फिजिकल एक्टिविटी की कमी: खानपान के साथ बच्चों का बैठा रहना, मोबाइल या टीवी देखना और बाहर न खेलना भी उनके तेजी से वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण है.

Published at : 31 May 2025 04:10 PM (IST)

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PKL ऑक्शन में टीमों ने लुटाए करोड़ों, ये रहे 5 सबसे महंगे प्लेयर; रकम जान उड़ जाएंगे होश

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Most Expensive Players PKL 12 Auction: प्रो कबड्डी लीग का 12वां सीजन रोमांच से भरा रहने वाला है. हर बार करोड़ों रुपयों में बिकने वाले पवन सहरावत (Pawan Sehrawat PKL 12 Price) को इस बार सिर्फ लाखों की रकम से संतोष करना पड़ा है. इस बार पवन सहरावत के अलावा अर्जुन देशवाल, नवीन कुमार और परदीप नरवाल जैसे दिग्गज ऑक्शन के मैदान में उतरे थे. यहां जानिए कि प्रो कबड्डी लीग के 12वें सीजन के ऑक्शन (PKL Auction 2025) में पहले दिन पांच सबसे महंगे खिलाड़ी कौन से रहे.

ऑक्शन में बिके पांच सबसे महंगे खिलाड़ी

12वें सीजन के ऑक्शन में पहले दिन बिके सबसे महंगे प्लेयर मोहम्मदरेजा शादलू रहे. उन्हें गुजरात जायंट्स ने 2.23 करोड़ रुपये में खरीदा है. पिछले सीजन उन्होंने हरियाणा स्टीलर्स के लिए 139 पॉइंट्स बटोरते हुए हरियाणा को चैंपियन बनाने में बड़ा योगदान दिया था. दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी देवांक दलाल रहे, जो PKL 11 के टॉप रेडर रहे थे. देवांक ने पिछले सीजन 301 रेड पॉइंट्स अर्जित किए थे.

आशु मलिक पर दबंग दिल्ली ने FBM कार्ड खेला है, जिन्हें दिल्ली ने 1.90 करोड़ रुपये में रिटेन किया. आशु, 2021 से ही दबंग दिल्ली के लिए खेल रहे हैं. चौथे सबसे महंगे प्लेयर अंकित जागलान रहे, जिनकी वर्ल्ड-क्लास डिफेंसिव स्किल्स ने उन्हें PKL का टॉप प्लेयर बना दिया है. अंकित को पटना पाइरेट्स ने 1.573 करोड़ रुपये में खरीदा है. 2021 के बाद अर्जुन देशवाल पहली बार जयपुर पिंक पैंथर्स से दूरी टीम के लिए खेलेंगे. उन्हें तमिल थलाइवाज ने 1.405 करोड़ रुपये में खरीदा है.

  • मोहम्मदरेजा शादलू – 2.23 करोड़ (गुजरात जायंट्स)
  • देवांक दलाल – 2.205 करोड़ (बंगाल वॉरियर्स)
  • आशु मलिक – 1.90 करोड़ (दबंग दिल्ली)
  • अंकित जागलान – 1.573 करोड़ (पटना पाइरेट्स)
  • अर्जुन देशवाल – 1.405 करोड़ (तमिल थलाइवाज)

भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान पवन सहरावत पिछले कई सीजनों से करोड़ों में खेलते आ रहे हैं. मगर इस बार तमिल थलाइवाज ने उन्हें सिर्फ 59.5 लाख रुपये में खरीद लिया है. थलाइवाज की इस बार चांदी निकल पड़ी हैं, क्योंकि PKL इतिहास के 2 सबसे सफल रेडर, पवन सहरावत और अर्जुन देशवाल इस टीम के लिए खेल रहे होंगे.

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कंगना के बाद दिशा भी चलीं हॉलीवुड की राह, इस फेमस डायरेक्टर की फिल्म से करेंगी डेब्यू

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कंगना रनौत के बाद दिशा पटानी भी चलीं हॉलीवुड की राह, इस फेमस डायरेक्टर की फिल्म से करेंगी डेब्यू

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पाकिस्तान कर रहा चीन के सीक्रेट-हथियार का इस्तेमाल, भारत करने जा रहा डिजिटल स्ट्राइक

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India Digital Strike on Pakistan: 11 एयरबेस और नौ आतंकी ठिकानों के तबाह होने के बाद भी पाकिस्तान, भारत-विरोधी प्रोपेगेंडा से बाज नहीं आ रहा है. खबर है कि चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडनोट के जरिए पाकिस्तान, भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फेक-न्यूज का प्रचार कर रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता देखकर भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने रेडनोट ऐप को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है.

एबीपी न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, देश की खुफिया एजेंसियों ने सरकार को रेडनोट ऐप को बैन करने की सिफारिश की है. क्योंकि पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से जेनरेट होने वाली अवांछित जानकारियों को पोस्ट कर रही हैं. इन जानकारियों में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी फर्जी खबरों से लेकर उत्तर-पूर्व और भारत के दूसरे हिस्सों के बीच भेदभाव वाली सामग्री को अपलोड किया जा रहे हैं. इस तरह की जानकारियों के जरिए उनका उद्देश्य भारत की सामाजिक सामंजस्य को नुकसान पहुंचाना है.

भारत के उत्तर-पूर्वी इलाके में युवाओं के बीच पॉपुलर है रेडनोट ऐप

हालांकि, रेडनोट चीन का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जिस पर लाइल-स्टाइल से जुड़े सामान की खरीद-बिक्री के साथ ही इंस्टाग्राम और टिकटॉक की तरह सोशल मीडिया पोस्ट करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. भारत के उत्तर-पूर्व के राज्यों में युवाओं के बीच ये रेडनोट ऐप तेजी से पाप्लुर हुआ है.

सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग में बोले CDS जनरल अनिल चौहान

शुक्रवार (30 मई, 2025) को ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारतीय सेना का 15 प्रतिशत ऑपरेशनल समय फेक-न्यूज को काउंटर करने में लगा था.” जनरल चौहान ने कहा, “हमारी रणनीति में तथ्य-आधारित कम्युनिकेशन (संचार) पर जोर दिया गया, भले ही इसका मतलब धीमी प्रतिक्रियाएं देना हो.” सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2025 से इतर बोलते हुए CDS ने कहा कि भारत में इंफॉर्मेशन वॉरफेयर के लिए एक अलग यूनिट खड़ी करने की जरूरत है. 

ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सोशल मीडिया पर फैलाया प्रोपेगेंडा

पहलगाम हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई से घबराए पाकिस्तान की मीडिया और आईएसआई (ISI) ने सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया था. फर्जी अकाउंट्स के जरिए भारत के सैन्य अधिकारियों के बारे में अफवाहें फैलाई जानी शुरू कर दी थी. हाल ही में जितने भी सीनियर मिलिट्री कमांडर का तबादला हुआ या रिटायरमेंट हुआ, पाकिस्तान ने उन्हें पहलगाम हमले की नाकामी से जोड़कर फर्जी प्रचार-प्रसार करने की कोशिश की. 

DIA चीफ के ट्रांसफर को काला पानी बताने की चला प्रोपेगेंडा

डिफेंस इंटेलिजेंस चीफ (DIA) के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राणा के अंडमान-निकोबार कमान ट्रांसफर को कालापानी की सजा से जोड़कर दिखाना शुरू कर दिया है, जबकि हकीकत ये है कि लेफ्टिनेंट जनरल राणा, अंडमान-निकोबार में देश की प्रतिष्ठित ट्राई-सर्विस कमान की जिम्मेदारी संभालने के लिए गए थे.

पाकिस्तान के फेक प्रोपेगेंडा पर भारत ने किया डिजिटल स्ट्राइक

PIB-फैक्ट चेक सोशल मीडिया अकाउंट पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा की लगातार पोल खोल रहा है. फिर भी पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और बेबुनियाद बातें उड़ा रही है. यही वजह है कि भारत ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल और फर्जी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को लगातार बैन कर रहा है. भारत ने डिजिटल स्ट्राइक करते हुए कई बड़े पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

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सीधे 24 रुपये सस्ता हो गया LPG सिलेंडर, एविएशन फ्यूल की कीमत भी घटी

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LPG Cylinder Price: जून की पहली तारीख देश के छोटे-बड़े रेस्टोरेंट्स, ढाबों और होटलों के लिए राहत की खबर लेकर आई है. तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दाम 24 रुपये घटा दिए हैं. अब दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 1,723.50 रुपये में मिलेगा. ये नई कीमतें 1 जून से लागू हो जाएंगी.

लगातार दूसरे महीने सस्ता हुआ कमर्शियल सिलेंडर

ये लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती की गई है. मई की शुरुआत में भी कंपनियों ने 14.50 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की थी. इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री जैसी सेवाओं पर पड़ेगा, जहां इस गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.

एविएशन सेक्टर को भी राहत

सिर्फ कमर्शियल गैस ही नहीं, बल्कि हवाई उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) भी सस्ता हो गया है. इसकी कीमत में 4.4 फीसदी यानी 3,954.38 रुपये प्रति किलोलीटर की कमी की गई है. अब एटीएफ की नई कीमत 85,486.80 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है. एयरलाइनों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि उनके खर्चों में 30 फीसदी हिस्सा फ्यूल का होता है.

लगातार तीसरी बार ATF सस्ता

ATF की कीमतों में यह लगातार तीसरी कटौती है. इससे पहले 1 अप्रैल को 5,870 रुपये प्रति किलोलीटर की भारी गिरावट देखी गई थी. इससे पहले साल की शुरुआत में फ्यूल के दाम बढ़े थे, लेकिन अब ये लगातार कटौती उन्हें संतुलित कर रही है.

क्यों घट रहे हैं दाम?

इन सभी कटौतियों के पीछे सबसे बड़ी वजह है ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जो कि अप्रैल 2021 के बाद सबसे कम है.

IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने संकेत दिए हैं कि वो और कटौती नहीं करेगा और कम कीमतों के लंबे दौर के लिए तैयार है. इससे OPEC की पावर भी कमजोर पड़ सकती है.

भारत को होगा सीधा फायदा

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में जब ग्लोबल ऑयल की कीमतें गिरती हैं, तो भारत का इंपोर्ट बिल कम होता है. इससे करंट अकाउंट डेफिसिट घटता है और रुपया मज़बूत होता है. सिर्फ इतना ही नहीं, तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल, डीजल और ATF जैसी चीजों की घरेलू कीमतें भी कम होने लगती हैं, जिससे महंगाई पर भी कंट्रोल होता है.

सरकार ने बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी, लेकिन आम जनता पर असर नहीं

हाल ही में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी लगाई थी. लेकिन इससे आम आदमी को झटका नहीं लगा, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने इसे खुद झेलने का फैसला किया है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ग्लोबल क्रूड की गिरती कीमतों के चलते कंपनियां इस बोझ को उठा सकती हैं.

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अमेरिका ने कहा- ‘ताइवान पर मंडरा रहा हमले का खतरा’, चीन बोला- ‘आग से मत खेलो…’

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US China News: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जाहिर की. चीनी सेना के युद्धाभ्यासों को लेकर उन्होंने कहा कि ताइवान पर खतरा मंडरा रहा है. चीन ने हाल के दिनों में ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास किए हैं. इसे लेकर अमेरिका ने चीन के साथ भविष्य में सैन्य संघर्ष की भी चेतावनी दी है. पीट हेगसेथ के बायान पर अब चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

अमेरिका आग से न खेले- चीन

चीन ने कहा कि अमेरिका को ताइवान पर आग से नहीं खेलना चाहिए. सिंगापुर में आयोजित एशिया के सबसे बड़े डिफेंस मंच शांगरी-ला डायलॉग में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि चीन एक इमीडिएट थ्रेट है. उन्होंने कहा कि चीन एशिया में अपने प्रभुत्व को स्थापित करने के लिए एक बड़े सैन्य अभियान की योजना बना रहा है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य ताइवान हो सकता है. हेगसेथ के अनुसार चीन हर दिन युद्ध की तैयारी कर रहा है और उसका उद्देश्य केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्चिक स्तर पर प्रभुत्व हासिल करना है.

चीन ने अमेरिका के आरोपों को खारिज किया

न्यूज एजेंसी एसोसिएट प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने हेगसेथ के सभी आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी दावे मनगढ़ंत हैं और कुछ तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. वहीं हेगसेथ का कहना है कि चीन ताइवान पर आक्रमण करने की तैयारी कर रहा है.

2027 तक ताइवान पर कब्जा करना चाहता चीन

अमेरिका रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना को 2027 तक ताइवान पर आक्रमण करने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. ताइवान 23 मिलियन लोगों का लोकतांत्रिक द्वीप है, जिस पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपना संप्रभु क्षेत्र होने का दावा करती है, हालांकि उसने कभी उस पर शासन नहीं किया.

चीन को रोकने के लिए सबको आगे आना होगा

उन्होंने कहा कि इस खतरे को देखते हुए अमेरिका विदेशों में अपनी रक्षा स्थिति मजबूत करेगा ताकि चीन से तेजी से बढ़ते खतरों का मुकाबला किया जा सके. हेगसेथ ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों से अपना रक्षा खर्च बढ़ाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि चीन के प्रभुत्व को रोकने के लिए हमें मिलकर आगे आने होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में ताइवान को चीन के हाथों में नहीं जाने देने का वचन दिया है.

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सरकारी स्कूलों छोड़ रहे स्टूडेंट्स, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ रहा दाखिला, शिक्षा मंत्रालय ने जताई

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देश के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होती जा रही है, जबकि प्राइवेट स्कूलों में दाखिले लगातार बढ़ रहे हैं. यह चिंता का विषय बन गया है. केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने मार्च और अप्रैल में राज्यों के साथ हुई बैठकों में इस बात पर चर्चा की. खासकर समग्र शिक्षा योजना के तहत 2025-26 के प्रोजेक्ट्स पर बात करते हुए यह मुद्दा उठा.

मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया कि महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों में सरकारी स्कूलों से छात्रों का पलायन हो रहा है. महाराष्ट्र में 2018-19 की तुलना में 2023-24 में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकन कम हुआ है. केरल में भी 2022-23 की तुलना में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या घट रही है.

आंध्र प्रदेश के आंकड़े बताते हैं कि यहां कुल 61,373 स्कूलों में से करीब 73 फीसदी सरकारी हैं, लेकिन छात्र नामांकन का मात्र 46 फीसदी सरकारी स्कूलों में है, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 52 फीसदी से ज्यादा. तेलंगाना में 42,901 स्कूलों में से 70 फीसदी सरकारी स्कूल हैं, लेकिन नामांकन में उनकी हिस्सेदारी केवल 38 फीसदी के करीब है. वहीं प्राइवेट स्कूलों में 60 फीसदी से ज्यादा छात्र हैं. उत्तराखंड में भी स्थिति इसी तरह की है, जहां सरकारी स्कूलों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद नामांकन कम है.

शिक्षा मंत्रालय ने इन राज्यों से इस समस्या की जड़ तक जाने और सुधार के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है. मंत्रालय ने बताया कि कोविड के बाद प्राइवेट स्कूलों की मांग बढ़ी है, क्योंकि माता-पिता बेहतर सुविधाओं और पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों को प्राथमिकता देने लगे हैं.

तमिलनाडु में भी सरकारी स्कूल कुल स्कूलों का 64 फीसदी होते हुए भी नामांकन में सिर्फ 37 फीसदी हिस्सा लेते हैं, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 46 फीसदी छात्रों का दाखिला है. मंत्रालय ने इस स्थिति में सरकारी स्कूलों की ब्रांडिंग पर जोर दिया है ताकि वहां बच्चों की संख्या बढ़ सके.

छोटे बच्चों में प्राइवेट स्कूलों की बढ़ रही लोकप्रियता

केरल और महाराष्ट्र ने इस कमी को लेकर डेटा की सफाई (आधार सत्यापन के जरिए) करने की बात कही है, लेकिन मंत्रालय को अब भी इस गिरावट पर चिंता है. मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकन घटा है. दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लद्दाख, पुडुचेरी और दादरा नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्राइवेट स्कूलों में दाखिला सरकारी स्कूलों से ज्यादा है.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा छोटे बच्चों की कक्षाओं में प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ज्यादा होता है. हम राज्यों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे इस पलायन के कारणों का पता लगाएं और समाधान निकालें. माता-पिता की आकांक्षाएं बढ़ने के साथ प्राइवेट स्कूलों की मांग बढ़ी है.

यूडीआईएसई+ 2023-24 डेटा

यूडीआईएसई+ 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 24.80 करोड़ छात्रों में से लगभग 9 करोड़ (36 फीसदी) प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं. यह प्रतिशत 2022-23 और 2021-22 में 33 फीसदी था. कोविड से पहले 2019-20 में यह 37 फीसदी था.

शिक्षा मंत्रालय की यह चेतावनी बताती है कि सरकार को सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने, सुविधाएं बढ़ाने और भरोसा जीतने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो सरकारी शिक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है. देश के लिए यह चुनौती है कि वह सभी बच्चों को समान और अच्छी शिक्षा पहुंचा सके, खासकर उन परिवारों तक जो प्राइवेट स्कूलों की पहुंच से बाहर हैं.

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