साल की 3 बड़ी फिल्मों की टोटल कमाई जोड़ दें, उससे भी ज्यादा अकेले कमा चुकी है ‘रेड 2’!

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Raid 2 Box Office Collection Day 29: अजय देवगन की फिल्म रेड 2 को रिलीज हुए एक महीना पूरा होने वाला है. 1 मई को रिलीज हुई फिल्म की अब हर दिन कमाई घटती जा रही है. इसके बावजूद फिल्म ने सम्मानजनक प्रदर्शन जारी रखा है.

अजय देवगन के अमय पटनायक वाले किरदार को लोग इतना पसंद कर रहे हैं कि टॉम क्रूज की मिशन इंपॉसिबल द फाइनल रेकनिंग और राजकुमार राव की भूल चूक माफ जैसी फिल्में होने के बावजूद ये आराम से 50 लाख रुपये के ऊपर का बिजनेस कर रही है.

फिल्म को रिलीज हुए 29 दिन हो चुके हैं तो चलिए जानते हैं कि फिल्म ने आज कितनी कमाई कर ली है और टोटल कितना कलेक्शन कर चुकी है.

रेड 2 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने 22 दिन में 161.79 करोड़ रुपये कमाए थे. 23वें और 24वें दिन ये कमाई 1 करोड़ और 1.85 करोड़ रही. 25वें, 26वें और 27वें दिन कमाई का आंकड़ा 2.4 करोड़, 0.75 करोड़ और फिर 0.85 करोड़ रहा.

कल यानी 28वें दिन फिल्म ने 0.62 करोड़ कमाए तो वहीं आज 10:25 बजे तक ये कमाई 65 लाख रुपये हो गई है. इसके साथ ही फिल्म ने अभी तक टोटल 169.91 करोड़ रुपये का टोटल कलेक्शन कर लिया है.

जाट, द डिप्लोमैट और देवा की कुल कमाई से ज्यादा कमा चुकी है रेड 2

अजय देवगन की फिल्म ने इस साल रिलीज हुई 3 बड़ी फिल्मों की टोटल कमाई से ज्यादा कमाई कर ली है. बता दें कि जाट ने 88.26 करोड़, द डिप्लोमैट ने 38.97 करोड़ और देवा ने 33.9 करोड़ रुपये कमाए थे. इन तीनों की कमाई जोड़ दें तो ये टोटल 161.13 करोड़ होता है. जबकि रेड 2 इससे मीलों आगे निकल चुकी है.


रेड 2 का बजट और वर्ल्डवाइड कमाई

रेड 2 को 48 करोड़ में बनाया गया है और फिल्म ने 27 दिनो में सैक्निल्क के मुताबिक दुनियाभर में 225 करोड़ रुपये के ऊपर कमाई कर ली है. फिल्म में वाणी कपूर, सौरभ शुक्ला और अमित स्याल ने भी रितेश देशमुख और अजय देवगन का साथ दिया है. राजकुमार गुप्ता ने ही इस फिल्म को पहले पार्ट की तरह डायरेक्ट किया है.



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‘ना दिल्ली ना पिंडी, बांग्लादेश फर्स्ट’, बांग्लादेश के इस नेता के नारे ने बढ़ा दी यूनुस सरकार क

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<p style="text-align: justify;">बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की सरकार बनने के बाद से देश में अराजकता का माहौल है. विपक्षी पार्टियां अंतरिम सरकार का विरोध कर रही हैं. ऐसे में यूनुस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मोहम्मद यूनुस की विदेश नीति की पार्टी जमकर आलोचना कर रही है. बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने एक रैली में मोहम्मद यूनुस पर जमकर निशाना साधा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>’दिल्ली नहीं, पिंडी नहीं, बांग्लादेश सबसे पहले'</strong><br />ढाका के नयापल्टन क्षेत्र में आयोजित एक विशाल रैली में तारिक रहमान ने कहा कि दिल्ली नहीं, पिंडी नहीं, बांग्लादेश हर चीज से पहले हैं. उन्होंने समर्थकों से भी यही नारे दोहराने को कहा. तारिक रहमान का रुख मोहम्मद यूनुस के दृष्टिकोण से काफी अलग है. &nbsp;&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>’बांग्लादेश के भविष्य के लिए यूनुस को सत्ता छोड़नी चाहिए'</strong><br />बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी जब सत्ता में थी, उस दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे. वहीं, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अतंरिम सरकार जबसे सत्ता में आई है, उनका विदेश नीति को लेकर अलग रुख है. यूनुस रोहिंग्या कॉरिडोर की अनुमति देना चाहते हैं और चटगांव बंदरगाह को भी विदेशी फर्मों को सौंपने जैसे फैसले लेना चाहते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">तारिक रहमान ने यूनुस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वो बांग्लादेश के भविष्य की दीर्घकालिक नीति पर फैसला करना चाहते हैं तो उन्हें सत्ता छोड़नी चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं तारिक रहमान?</strong><br />तारिक रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं. ढाका यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल अफेयर्स की पढ़ाई करने वाले रहमान तीन दशकों से ज्यादा समय से राजनीति में हैं. 2009 में वो बीएनपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और 2018 में खालिदा जिया के जेल जाने के बाद पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए गए थे, तभी से वो बीएनपी में कार्यवाहक अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ें:</p>
<p style="text-align: justify;"><a href=" सीजफायर पर ट्रंप सरकार के दावे को विदेश मंत्रालय ने किया खारिज, कहा- ‘चर्चा में नहीं उठा टैरिफ का मुद्दा'</a></p>

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क्या वाकई कोरोना से ही बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

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Covid-19 and Heart Attack: आप एक बार सोच कर देखिए कि, ऑफिस में सभी लोग काम कर रहे हैं. इसी बीच किसी व्यक्ति को सीने में दर्द होता और पता चलता है कि, उसे हार्ट अटैक हुआ है. साथ ही जांच में ये भी निकलता है कि, पिछले साल उसे कोरोना हुआ था. इसलिए हार्ट अटैक की दिक्कत हुई है. दरअसल, कोरोना महामारी के बाद से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां युवा और हेल्दी लोग भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. सवाल यह उठता है कि, क्या वाकई कोरोना वायरस हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर रहा है?

क्या कहते हैं डॉक्टर

मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर कार्डियक साइंसेज डॉ. वैभव मिश्रा का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वास्तव में कोरोना इसके लिए जिम्मेदार है. विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 संक्रमण दिल और रक्त नलिकाओं पर असर डाल सकता है. वायरस के कारण शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जिससे रक्त का थक्का बनने का खतरा भी बढ़ता है. यह स्थिति हार्ट अटैक या स्ट्रोक की आशंका को जन्म दे सकती है.

डॉक्टरों का यह भी कहना है कि कोविड के बाद कुछ मरीजों में लंबे समय तक थकान, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द जैसे लक्षण बने रहते हैं, जिन्हें ‘लॉन्ग कोविड’ कहा जाता है. यह दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. इसके अलावा, महामारी के दौरान लोग नियमित स्वास्थ्य जांच से दूर हो गए, जिससे पहले से मौजूद दिल की बीमारियों का समय पर इलाज नहीं हो सका.

हालांकि, यह भी जरूरी है कि हर हार्ट अटैक के मामले को सीधे कोरोना से न जोड़ा जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली, तनाव, खानपान और व्यायाम की कमी भी अहम कारण हैं. कोरोना एक कारक हो सकता है, लेकिन अकेला कारण नहीं.

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किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

जो लोग पहले से हाइपरटेंशन, डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे हैं. 

जिनकी उम्र 40 से ऊपर है. 

जिनका कोरोना संक्रमण गंभीर रहा था या जिन्हें ICU में भर्ती होना पड़ा था. 

जो फिजिकल एक्टिविटी में कम हैं और स्मोकिंग करते हैं. 

कोरोना संक्रमण को हल्के में लेना अब एक बड़ी गलती साबित हो सकती है, खासकर जब उसका असर दिल पर पड़ रहा हो. डॉक्टर्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि कोरोना से रिकवर होने के बाद भी हार्ट हेल्थ को नजरअंदाज न करें. एक हेल्दी लाइफस्टाइल और समय पर जांच ही भविष्य की मुश्किलों से बचा सकती है. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया RCB से हार का कारण, बोले- हम लड़ाई हारे हैं, युद्ध नहीं..

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Shreyas Iyer Statement After Lost Against RCB in Qualifier 1: आईपीएल 2025 के पहले क्वालीफायर में पंजाब किंग्स को हार का सामना करना पड़ा. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने क्वालीफायर में पंजाब किंग्स को 8 विकेट से हराया. इसके साथ ही आरसीबी 9 साल के बाद आईपीएल के फाइनल में पहुंची. हार के बाद पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने दिलचस्प बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमने लड़ाई हारी है, युद्ध नहीं. 

बेंगलुरु के खिलाफ हार के बाद पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, यह दिन भूलने लायक नहीं है, लेकिन हमें फिर से अपनी रणनीति पर काम करना होगा. हमने (पहली पारी में) बहुत सारे विकेट खो दिए. अब बहुत कुछ है जिस पर वापस जाकर अध्ययन किया जा सकता है. ईमानदारी से कहूं तो मुझे अपने फ़ैसलों पर संदेह नहीं है. हमने जो भी योजना बनाई, मैदान के बाहर जो भी (योजना) बनाई, मुझे लगता है कि वह सही थी. बस हम मैदान पर उसे लागू नहीं कर पाए.”

अय्यर ने आगे कहा, “इस हार का गेंदबाजों को दोष नहीं दिया जा सकता, क्योंकि यह बचाव के लिए कम स्कोर था. हमें अपनी बल्लेबाजी पर काम करना होगा, खास तौर पर इस विकेट पर. हमने यहां जितने भी मैच खेले हैं, उनमें कुछ उतार-चढ़ाव वाला उछाल रहा है.”

पंजाब के कप्तान ने आगे कहा, “हम ऐसे कारण नहीं दे सकते, क्योंकि हम आखिरकार पेशेवर हैं और हमें स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है और हमें इसके अनुरूप प्रदर्शन करना होता है. हम लड़ाई हार गए हैं, लेकिन युद्ध नहीं.

अभी पंजाब नहीं हुई बाहर

पंजाब किंग्स को चाहे पहले क्वालीफायर मैच में 8 विकेट से हार मिली हो, लेकिन वह आईपीएल 2025 से बाहर नहीं हुई है. पंजाब को पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में फिनिश करने का फायदा मिलेगा. अब पंजाब किंग्स का सामना दूसरे क्वालीफायर मैच में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाले एलिमिनेटर मैच के विजेता से होगा. 

अगर पंजाब की टीम दूसरा क्वालीफायर मुकाबला जीत लेगी तो फाइनल में प्रवेश कर जाएगी. फिर फाइनल में पंजाब किंग्स का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा. हालांकि, फाइनल में पहुंचने के लिए पंजाब को अब हर हाल में क्वालीफायर-2 जीतना होगा. 

9 साल बाद फाइनल में RCB

आरसीबी ने 9 साल बाद आईपीएल फाइनल में जगह बनाई है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आखिरी बार IPL फाइनल साल 2016 में खेला था. उसके बाद बेंगलुरु कई बार प्लेऑफ में पहुंची, लेकिन फाइनल तक का सफर तय नहीं कर सकी थी. बेंगलुरु की जीत की नींव सुयश शर्मा और जोश हेजलवुड ने रखी, जिन्होंने 3-3 विकेट चटकाए. वहीं बाकी कसर फिल साल्ट ने पूरी कर दी, जिन्होंने 27 गेंद में नाबाद 56 रन बनाए.

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30 मई को इन राशियो को मिलेगा लक्ष्मी जी का साथ, बन रहा है अति शुभ योग

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शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है. लेकिन जब यह दिन उच्च के शुक्र, पुनर्वसु नक्षत्र, और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ आता है, तो यह केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला योग बन जाता है. कैसे आइए जानते हैं.

नारद संहिता में लिखा है कि ‘पुनर्वसु समे शुक्रे लक्ष्मी स्थायिनी भवति’ यानि पुनर्वसु नक्षत्र में सोमवार और शुक्र ग्रह के शुभ प्रभाव से लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं. 30 मई (30 May 2025) को इस दिन चार राशियां विशेष कृपा प्राप्त कर सकती हैं, जबकि कुछ राशि वालों को सावधान रहने की आवश्यकता है.

पंचांग 30 मई 2025 के अनुसार इस दिन शुक्रवार को चतुर्थी तिथि रहेगी. पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग बना है. चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेगा. वहीं शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में गोचर कर रहा है. ये सभी अत्यंत शुभ संयोग का निर्माण कर रहे हैं. जिस कारण इस दिन का महत्व बढ़ जाता है.

इस दिन बनने वाले शुभ योगों का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है. बृहत्तंत्र के अनुसार ‘शुक्रो मीनगतः शुभः, पुनर्वसौ स्थायिनी लक्ष्मी’ और स्कंद पुराण के श्लोक चतुर्थ्यां श्रीपूजा शुभा, धनदा सौख्यवर्धिनी के अनुसार शुक्र का उच्च होकर गोचर करना और पुनर्वसु नक्षत्र, जब चतुर्थी तिथि पर हो, तो यह नवीन आर्थिक अवसर और वैभव का कारण बनता है.

इन 4 राशियों को मिलेगा लक्ष्मी जी का विशेष आशीर्वाद

  1. मीन राशि: स्वराशि में उच्च का शुक्र आपकी आय में जबरदस्त उछाल ला सकता है. प्रेम-संबंधों, सौंदर्य और कला में सफलता मिल सकती है. आर्थिक स्थिरता और नई शुरुआत के संकेत मिल सकते हैं.
  2. वृषभ राशि: शुक्र ग्रह आपकी राशि का स्वामी है उच्च का होकर गोचर करने के कारण शानदार फल दे सकता है. आपका रुका हुआ पैसा मिल सकता है. वहीं फूड, फैशन, डिज़ाइन से जुड़े लोगों को बड़ी डील का लाभ मिलता दिख रहा है. घर-परिवार में सुखद समाचार आएगा.
  3. कर्क राशि: भाग्य में वृद्धि हो सकती है. विदेश से लाभ के योग बने हैं. बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों को अच्छी ग्रोथ मिल सकती है. इंटरव्यू, कॉन्ट्रैक्ट, वीजा मामलों में सफलता मिलती दिख रही है. शिक्षक, माता या बड़े बुज़ुर्गों से सहयोग मिलेगा.
  4. वृश्चिक राशि: शिक्षा, निवेश और रचनात्मक क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है. संतान पक्ष से सुख मिलेगा. प्रेम-संबंधों में स्थायित्व आने से मन प्रसन्न रहेगा.

इन राशियों को बनाना होगा संतुलन
मिथुन राशि वाले जातकों को चंद्रमा के गोचर के कारण मानसिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है. बोलचाल में कटुता से बचें, निवेश में धैर्य रखें नहीं तो नुकसान हो सकता है.

सिंह और मकर राशि वालों का खर्च बढ़ेगा, मानसिक थकावट महसूस करेंगे. आने वाले दो दिनों तक किसी से वाद-विवाद न करें. धनु राशि वालों को संतान संबंधी चिंता सताएगी. यात्रा में रुकावट या अनावश्यक खर्च का योग बन रहा है.

लक्ष्मी कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

  • सुबक 7 से 9 बजे के मध्य पुनर्वसु नक्षत्र में श्री सूक्त का पाठ करें
  • कमल गट्टे की माला से ‘श्रीं’ मंत्र का 108 बार जाप करें
  • किसी कन्या को मिठाई, वस्त्र या सुहाग सामग्री दान करें
  • तुलसी को जल अर्पण करें जिसमें केसर और चावल हो
  • लक्ष्मी जी को सफेद मिठाई और गुलाब अर्पित करें

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ITR फाइल करने की बढ़ी डेडलाइन, क्या रिफंड पर मिलेगा ज्यादा इंटरेस्ट?

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<p style="text-align: justify;"><strong>Income Tax Return:</strong> इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी है. इससे आम लोगों को तो राहत मिलेगी, लेकिन सरकार को नुकसान उठाना पड़ सकता है. दरअसल, डेडलाइन बढ़ाने के चलते रिफंड क्लेम करने वालों को अधिक ब्याज भुगतान करना पड़ सकता है, जिसमें भारतीय और एनआरआई दोनों टैक्सपेयर्स शामिल हैं.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">टैक्सपेयर्स की बढ़ेगी इनकम&nbsp;</h3>
<p style="text-align: justify;">इनकम टैक्स एक्ट की धारा 244A के तहत, आयकर विभाग को 0.5 परसेंट का ब्याज देना पड़ता है. यानी कि रिफंड जितनी देरी से किया जाएगा, ब्याज उतना ज्यादा चुकाना होगा. हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि टैक्स रिफंड पर मिला यह इंटरेस्ट संबंधित वर्ष में अन्य स्रोतों से आय के रूप में टैक्स के दायरे में आएगा. वैसे कई टैक्सपेयर्स को इस बढ़ी हुई आय से कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि यह इनकम उनके लिए अभी भी टैक्स फ्री इसलिए है क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2026-27) में, गैर-वेतनभोगी और वेतनभोगी व्यक्ति धारा 87ए के तहत कर छूट में वृद्धि के कारण क्रमशः 12 लाख रुपये और 12.75 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह से टैक्स फ्री होने का लाभ उठा सकते हैं.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">इतने ब्याज का करना होगा भुगतान</h3>
<p style="text-align: justify;">मान लीजिए कि पिछली डेडलाइन 31 जुलाई, 2025 से पहले कोई टैक्सपेयर 15 जुलाई तक आईटीआर दाखिल करता है और उसे 25000 रुपये रिफंड मिलने हैं. रिफंड 31 जुलाई तक प्रॉसेस हो जाने पर उसे इंटरेस्ट के रूप में 500 रुपये मिलेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, डेडलाइन बढ़ने पर अब अगर वह 15 सितंबर, 2025 तक आईटीआर फाइल करता है और 31 सितंबर को रिफंड प्रॉसेस होता है, तो उसे 25,000 रुपये के रिफंड अमाउंट पर 750 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे, जो कि 500 रुपये से 33 परसेंट ज्यादा है. हालांकि, रिफंड पर मिल रहे इंटरेस्ट को भी आपका इनकम माना जाएगा और इनकम फ्रॉर्म अदर सोर्स के तहत आपको इस पर टैक्स का भुगतान भी करना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">कुल मिलाकर रिफंड मिलने वाले अमाउंट पर धारा 244ए के तहत ब्याज 1 अप्रैल, 2025 से चुकाना होगा. भले ही आईटीआर 31 जुलाई, 2025 के बाद, लेकिन 15 सितंबर, 2025 के भीतर दाखिल किया गया हो.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class="abp-article-title"><strong><a href=" नहीं थम रहा डार्क पैटर्न का खेल, झांसे में लिए जा रहे यूजर्स; सोशल मीडिया चलाते वक्त रहें सावधान!</a></strong></p>

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UPSC ESE प्रीलिम्स का एडमिट कार्ड जारी, 8 जून को होगी परीक्षा

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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE) 2025 के प्रीलिम्स के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. जिन उम्मीदवारों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, वे अब अपना एडमिट कार्ड आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. यह परीक्षा 8 जून 2025 को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी.

उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपनी पंजीकरण आईडी, जन्म तिथि और कैप्चा कोड की जरूरत होगी. लॉगिन करने के बाद वे अपना एडमिट कार्ड देख सकते हैं और प्रिंटआउट निकाल सकते हैं. यह एडमिट कार्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए जरूरी दस्तावेज है, जिसे बिना भूले परीक्षा केंद्र पर लेकर जाना होगा.

गलती मिले तो तुरंत करें संपर्क

यदि किसी उम्मीदवार को अपने एडमिट कार्ड में नाम, जन्म तिथि, रोल नंबर या अन्य किसी जानकारी में कोई गलती नजर आती है, तो वह तुरंत आयोग से संपर्क कर सकता है. इसके लिए आयोग ने ईमेल आईडी usengg-upsc@nic.in उपलब्ध कराई है, जिस पर अपनी समस्या लिखकर भेजनी होगी.

परीक्षा केंद्र पर क्या ले जाना जरूरी है?

उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध सरकारी पहचान पत्र (ID Proof) भी ले जाना होगा, जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड. बिना एडमिट कार्ड और पहचान पत्र के परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

तीन चरणों में होती है UPSC ESE परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
मुख्य परीक्षा (Mains)
व्यक्तित्व परीक्षण (Interview)

ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड

  1. सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं.
  2. होमपेज पर ‘Active Examinations’ सेक्शन में ‘Engineering Services Examination 2025’ लिंक पर क्लिक करें.
  3. ‘ESE Admit Card 2025’ लिंक पर क्लिक करें.
  4. निर्देशों को पढ़कर ‘Yes’ पर क्लिक करें.
  5. लॉगिन जानकारी भरें (पंजीकरण आईडी और जन्म तिथि).
  6. सबमिट करें और अपना एडमिट कार्ड स्क्रीन पर देखें.
  7. इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकालकर सेव रखें.

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Education Loan Information:
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‘चाहते हैं बांग्लादेश से अच्छे रिश्ते’, मोहम्मद यूनुस से भारत सरकार ने कर दी ये बड़ी मांग

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India-Bangladesh Relations: भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (29 मई, 2025) को बांग्लादेश के साथ एक अच्छा संबंध बनाने को लेकर बयान दिया है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ एक सकारात्मक और रचनात्मक संबंध स्थापित करना चाहता है. इसके अलावा उन्होंने ढाका से देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने का भी अनुरोध किया है.

विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम बांग्लादेश के साथ एक अच्छा संबंध चाहते हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों की इच्छाओं और हितों को पूरा किया जा सके.” उन्होंने कहा, “बांग्लादेश को जल्द से जल्द देश में समावेशी, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के माध्यम से जनता की इच्छा और जनादेश को भी सुनिश्चित करना चाहिए.”

बांग्लादेश में चुनाव कराने के लिए हो रहे प्रदर्शन

बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों को लेकर नई दिल्ली की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब बांग्लादेश में सरकारी कर्मचारियों ने नए स्तर पर विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत कर दी है और कई राजनीतिक दल इस साल के अंत तक देश में चुनाव संपन्न कराने की मांग कर रहे हैं.

शेख हसीना के खिलाफ विरोध के बाद सत्ता पर बैठी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार

बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई और अगस्त महीने में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. इस दौरान पिछले करीब नौ महीनों से बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार सत्ता संभाल रही है.

ऐसे में जब अंतरिम सरकार पर देश में चुनाव कराने को लेकर दवाब बढ़ रहा है तो सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने जापान दौरे के दौरान यह घोषणा कर दी कि देश में अगला आम चुनाव इस साल के दिसंबर महीने से अगले साल जून 2026 के बीच कराए जाएंगे.

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की ताजा स्थिति के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

बांग्लादेश में बनी ताजा स्थितियों को लेकर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया, जिस पर अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपने देश में बनी स्थितियों और चुनौतियों के कारण हो रही आलोचना से ध्यान भटकाने की कोशिश में लगी हुई है.

उन्होंने कहा, “जब भी इस तरह के बयान सामने आते हैं, तो ऐसा लगता है कि आप अपनी सत्ता से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाकर किसी और दिशा में मोड़ना चाहते हैं, लेकिन जब आप दूसरों पर यह कहकर इल्जाम डालते हैं कि ये बाहरी समस्याएं दूसरों के कारण बने हैं, तो इससे उस समस्या का कोई समाधान नहीं होता है.”

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ये रहे पंजाब की हार के 3 सबसे बड़े कारण, श्रेयस अय्यर की पंजाब को झेलनी पड़ी किस्मत की मार

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Reasons Punjab Kings Lost Qualifier 1: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 9 साल बाद IPL के फाइनल में जगह बनाई है. बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को 8 विकेट से रौंदकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस पहले क्वालीफायर मैच में अपने घरेलू मैदान पर खेलने के बावजूद पंजाब किंग्स को बहुत बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. पंजाब की ना बैटिंग अच्छी रही और ना ही गेंदबाजी. यहां आप 3 बिंदुओं में जान सकते हैं कि आखिर क्वालीफायर-1 में पंजाब को हार क्यों मिली?

1. तेज खेलना पंजाब को भारी पड़ा

पहला क्वालीफायर मैच मुल्लानपुर के स्टेडियम में खेला गया, जहां IPL में पहले बैटिंग करने वाली टीम का औसत स्कोर 170 रन है. यहां की पिच को बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों के लिए समान रूप से मददगार बताया जाता है. आमतौर पर यहां बहुत बड़े-बड़े स्कोर नहीं बनते हैं, फिर भी पंजाब के बल्लेबाजों ने ऐसा रुख दिखाया जैसे वो 200+ रन बनाने उतरे थे. पंजाब किंग्स के विकेटों का आंकलन किया जाए तो अधिकांश बल्लेबाज या तो तेज खेलने के चक्कर में या फिर गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलते हुए आउट हुए.

2. कप्तान श्रेयस अय्यर का टॉस हारना

टॉस के समय खुद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना था कि वो भी पहले बॉलिंग ही करना चाहते थे. एक तरफ पिच पर काफी घास थे, वहीं शाम के समय मुल्लानपुर स्टेडियम में ड्यू बहुत बड़ा फैक्टर साबित हुई. पंजाब ने यहां 170-180 रन का भी स्कोर खड़ा किया होता तो भी ‘ड्यू फैक्टर’ के कारण उसे डिफेंड कर पाना आसान नहीं होता.

3. पंजाब ने गुच्छों में विकेट गंवाए

टी20 मैच में कोई टीम बड़े स्कोर की नींव तभी रख पाती है जब बल्लेबाजों में छोटी-छोटी पार्टनरशिप होती रहें, लेकिन पंजाब का बैटिंग लाइन-अप बुरी तरह फ्लॉप हो गया था. पंजाब ने एक विकेट के नुकसान पर 27 रन बना लिए थे, लेकिन अगले 11 रनों के भीतर 3 और विकेट गिर चुके थे. वहीं शशांक सिंह का विकेट गिरने से पहले पंजाब का स्कोर 60/5 था, लेकिन यहां भी टीम 18 रनों के अंतराल में 3 विकेट गंवा बैठी.

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