UP PCS मेन एग्जाम की तारीख घोषित, जानें कब होगी परीक्षा, जल्द आएंगे एडमिट कार्ड

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<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा यानी UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2025 की तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी है. जिन अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा पास की है, वे अब मुख्य परीक्षा की तैयारियों में जुट सकते हैं. यह परीक्षा 29 जून से 2 जुलाई 2025 तक प्रयागराज और लखनऊ में दो पालियों में आयोजित की जाएगी. इस बार PCS के तहत 947 पदों पर भर्ती होनी है.</p>
<p style="text-align: justify;">UPPSC की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक, इस बार 15,066 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षा का आयोजन दो सत्रों में होगा- पहला सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक.</p>
<p style="text-align: justify;">परीक्षा की शुरुआत 29 जून को होगी, जिसमें पहले सत्र में सामान्य हिंदी और दूसरे सत्र में निबंध लेखन की परीक्षा ली जाएगी. 30 जून को पहले सत्र में सामान्य अध्ययन – पेपर 1 और दूसरे सत्र में सामान्य अध्ययन – पेपर 2 होगा. 1 जुलाई को सामान्य अध्ययन के पेपर 3 और 4, जबकि 2 जुलाई को पेपर 5 और 6 की परीक्षा होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे रहेगा पैटर्न</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य परीक्षा का पैटर्न भी आयोग ने स्पष्ट किया है. यह परीक्षा कुल 1500 अंकों की होगी. इसमें सामान्य अध्ययन के 6 पेपर होंगे, हर पेपर 200 अंकों का होगा. इसके अलावा सामान्य हिंदी और निबंध लेखन की परीक्षा 150-150 अंकों की होगी. खास बात यह है कि सामान्य अध्ययन के पेपर 5 और 6 उत्तर प्रदेश राज्य पर आधारित होंगे, जिनमें राज्य से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जल्द आएगा एडमिट कार्ड</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अब बात करते हैं एडमिट कार्ड की तो आयोग जल्द ही इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा. अभ्यर्थी uppsc.up.nic.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र परीक्षा केंद्र पर ले जाना जरूरी होगा, वरना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी.</p>
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‘ऐश्वर्या राय की डुप्लिकेट बनने नहीं गई’, कांस लुक को लेकर हुई ट्रोल तो भड़कीं उर्वशी रौतेला

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Urvashi Rautela Reaction: एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने कांस फिल्म फेस्टिवल में अपना जलवा बिखेरा था. यहां उनके कई अलग-अलग लुक देखने को मिले थे. हालांकि, कुछ लुक की वजह से उर्वशी को ट्रोल भी होना पड़ा था. लोगों ने तो ये तक कहा कि वो ऐश्वर्या राय बच्चन की कॉपी करना चाहती थीं. 

अब उर्वशी ने इस पर रिएक्ट किया है. उर्वशी ने कहा कि वो किसी की कॉपी पेस्ट नहीं हैं.

उर्वशी ने किया लंबा चौड़ी-पोस्ट

उर्वशी ने लिखा, ‘तो मैं जीरो चार्म के साथ ऐश्वर्या राय बनने की कोशिश कर रही थी… डार्लिंग, ऐश्वर्या राय आइकॉनिक हैं, लेकिन मैं यहां किसी की डुप्लिकेट बनने नहीं आई हूं. मैं ब्लूप्रिंट हूं. कांस ने मुझे घुलने-मिलने के लिए इंवाइट नहीं किया था. मैं वहां अलग से दिखने के लिए गई थी. अगर मेरा लुक, मेरा स्टाइल और मेरा कॉन्फिडेंस आपको अफर्टेबल करता है तो गहरी सांस लीजिए.’

‘ये हर किसी के बस की बात नहीं है. और रही बात चार्म की तो स्वीटहार्ट, अगर आप इसे नापेंगे तो स्केल टूट जाएगा. सभी कीबोर्ड क्रीटिक- बोलते रहिए. सभी रानी अपना स्पेस बना लेती हैं. जलवा बिखेरती रहिए. मेरे लिए- शाइन करते रहिए क्योंकि कोई भी आपके जैसा नहीं है.’




ऐश्वर्या राय की डुप्लिकेट बनने नहीं गई', कांस लुक को लेकर हुई ट्रोल तो भड़कीं Urvashi Rautela

वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्वशी रौतेला को पिछली बार फिल्म जाट में आइटम नंबर करते हुए देखा गया था. इसमें वो टच किया गाने पर डांस करती दिखीं. इससे पहले वो डाकू महाराज में नजर आई थीं. डाकू महाराज में भी उन्हें बहुत पसंद किया गया. हालांकि, एक गाने में डांस स्टेप्स को लेकर ट्रोल भी हुईं.

इन फिल्मों में दिखेंगी उर्वशी रौतेला

अब उनके हाथ में कई सारी फिल्में हैं. वो ब्लैक रोज, वेलकम टू द जंगल और कसूर 2 में नजर आएंगी.

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इस पवित्र मुस्लिम देश में 73 साल बाद शराब से हटेगा बैन! जानें क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला

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Saudi Arabia Alcohol Ban: सऊदी अरब एक इस्लामिक देश है, जो शरिया कानूनों के सख्त पालन के लिए जाना जाता है. अब अपने इतिहास में पहली बार सार्वजनिक रूप से शराब बिक्री की अनुमति देने की ओर बढ़ रहा है. यह फैसला टूरिज्म को बढ़ावा देने और वर्ल्ड एक्सपो 2030 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए देश को तैयार करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है. 1932 में सऊदी अरब के गठन के साथ ही शराब पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन 1952 में इस पर और कठोर कानून बने. हालांकि अब 73 साल बाद, सऊदी अरब के इतिहास में यह एक बड़ा सामाजिक बदलाव माना जा रहा है.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने सत्ता में आने के बाद देश में कई ऐसे सुधार किए हैं जो कभी अकल्पनीय माने जाते थे. उनके शासन में महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति दी गई. सार्वजनिक मनोरंजन जैसे सिनेमा और संगीत कार्यक्रम को बढ़ावा मिला. विदेशी पर्यटकों के लिए वीजा मुहैया करवाने की प्रक्रिया आसान बनाई गई. इसके बाद  शराब पर आंशिक छूट देना बड़ा फैसला माना जा रहा है. शराब को लेकर MBS का दृष्टिकोण यह है कि संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए वैश्विक सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है.

कहां मिलेगी शराब? क्या होंगे नियम?
सऊदी सरकार के प्रस्ताव के अनुसार शराब सिर्फ 600 पर्यटक स्थलों पर मिलेगी. केवल लाइसेंस प्राप्त 5-स्टार होटल, रिसॉर्ट और विदेशी ज़ोन में ही बिक्री होगी. 20% से अधिक अल्कोहल वाली ड्रिंक्स पर अब भी प्रतिबंध रहेगा. स्थानीय नागरिकों के लिए अब भी बैन जारी रहेगा. सार्वजनिक स्थानों, दुकानों, या घरों में शराब रखना या पीना अभी भी अपराध होगा. यह नीति सिर्फ गैर-मुस्लिम विदेशी पर्यटकों के लिए है, जो दुबई, बहरीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तरह अनुभव पाना चाहते हैं.

वर्ल्ड एक्सपो 2030 और फुटबॉल वर्ल्ड कप 2034
सऊदी अरब 2030 में वर्ल्ड एक्सपो और 2034 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी करने जा रहा है. ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में विदेशी पर्यटकों और प्रतिनिधियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सऊदी सरकार ने सुधार की दिशा में कदम उठाया है. वर्ल्ड एक्सपो 2030, जो 1 अक्टूबर 2030 से 31 मार्च 2031 तक रियाद में होगा, एक ऐसा मंच है, जहां दुनिया भर के देश अपनी संस्कृति, तकनीक और विकास को प्रदर्शित करते हैं. शराब पर ढील, इसी वैश्विक मंच की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है.

2024 में खुली पहली शराब की दुकान
2024 में रियाद के डिप्लोमैटिक जोन में पहली शराब की दुकान खोली गई थी. ये केवल गैर-मुस्लिम विदेशी राजनयिकों के लिए खोली गई थी. इसके लिए ग्राहकों की पहचान और खरीद मोबाइल ऐप से नियंत्रित किए जाते थे. हालांकि, दुकान में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित था. यह सऊदी की नई नीति का एक नियंत्रित और सीमित प्रयोग था, जिससे पता लगाया गया कि सुधार कैसे लागू किए जा सकते हैं वह भी बिना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए.

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महिला ने बुक की उबर तो ड्राइवर निकला बॉस! फिर बताई ये काम करने की मजबूरी, वायरल हो रहा पोस्ट

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फर्ज कीजिए आप कहीं जाने के लिए कैब बुक करते हैं, कैब आती है और जैसे ही आप उसमें बैठते हैं तो ड्राइवर के रूप में  आपको अपने बॉस दिखते हैं. यकीनन आप भी चौंक जाएंगे. ऐसा ही कुछ हुआ बेंगलुरु की एक महिला के साथ, जब उसने अपने लिए उबर बुक की और ड्राइवर की जगह उसने एक वक्त पर ऑफिस में टीम के बॉस रहे शख्स को पाया. जिसके बाद वो हैरान रह गई और अब इसकी गाथा महिला ने सोशल मीडिया पर लिखी है जिसे लेकर अब लोग अपनी अपनी राय कायम कर रहे हैं.

महिला ने बताई पूरी कहानी

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के मुताबिक बेंगलुरु की एक महिला उस वक्त हैरान रह गई जब उसे पता चला कि उसका कैब ड्राइवर कोई और नहीं बल्कि उसके ऑफिस की टीम का एक्स बॉस है. एक वक्त पर ड्राइवर महिला की टीम को ऑफिस में लीड करता था. व्हॉट्सएप के वायरल हो रहे स्क्रीन शॉट में लिखा है….””अजीब बात हुई, तुम्हें पता है. मैंने उबर बुक किया और जिस व्यक्ति ने मुझे उठाया, वह मेरे कार्यालय में टीम लीडर था”

इसके बाद जब महिला ने अपने एक्स टीम लीडर से कैब चलाने की वजह पूछी तो उसने कहा कि वह यह काम बोरियत दूर करने और मजे के लिए करता है. इसके बाद कई लोगों ने हैरानी जताते हुए कहा कि कोई शख्स बेंगलुरु के ट्रैफिक में बोरियत कैसे दूर कर सकता है, ये थोड़ा अजीब सा लग रहा है.

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लोगों ने जमकर किए कमेंट

सोशल मीडिया पर जैसे ही पोस्ट वायरल हुई लोगों में कमेंट करने की होड़ सी मच गई. एक शख्स ने बताया कि अमेरिका में एक MNC के सीईओ ने हमें घर पर दावत दी, उन्होंने बताया कि वो एक होटल के सर्वर रूम में काम कर चुके हैं. ऐसा होना हमारे भारत में आम नहीं माना जाता, लेकिन विदेशों में लोग ऐसा करते हैं. एक और यूजर ने लिखा…कोई भी मजे के लिए नहीं करता, हो सकता है पैसों की कमी की वजह से कर रहा होगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…क्या बात है, इतने भारी ट्रैफिक में कोई मजे लेने तो नहीं जाएगा, सच बोल देना चाहिए था.

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Mantra Chikitsa: काशी में लगा 21 दिनों का चिकित्सा शिविर, मंत्रों से हो रहा रोगों का इलाज

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Mantra Chikitsa in Varanasi: धर्म नगरी काशी को योग और तंत्र-मंत्र का केंद्र भी माना जाता है. लेकिन वर्तमान में यह शहर आधुनिक चिकित्सा का भी महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है. इसके अलावा इस शहर के कोने-कोने में अनेक तप साधना का भी अनुभव किया जाता है, जिससे बड़ी से बड़ी समस्या और रोगों का भी समाधान संभव करने का दवा होता है. कुछ ऐसी ही बातें इन दिनों सुद्धिपुर में लगे एक शिविर से सामने निकल कर आ रही है.

असाध्य रोगो को ठीक करने के लिए लगा शिविर

वाराणसी के सुद्धिपुर क्षेत्र में एक शिविर लगा है जहां पर मंत्रों की सहायता से असाध्य रोग ठीक करने का दावा किया जा रहा है. इस शिविर में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग भी पहुंच रहे हैं. मंत्रों के जानकार अमृतेश कुमार नें बताया कि- वाराणसी में सुबह शाम यह शिविर लगाया जा रहा है जिसमें मंत्रों की मदद से मानसिक और शारीरिक संबंधित कई रोग ठीक किया जा रहा है.

यह शिविर 21 दिनों तक चलेगा जो 15 जून को समाप्त होगा. इस शिविर में 3000 मंत्रो की मदद से हार्ट, किडनी, हड्डी, त्वचा, न्यूरो और मानसिक संबंधित रोगों को ठीक किया जा रहा है. शिविर के डेढ़ घंटे की अवधि के दौरान मंत्र जाप के साथ-साथ तकरीबन 40 से 45 मिनट तक योग भी कराया जा रहा है जिसमें आने वाले लोग ध्यान-योग मुद्रा में बैठे होंगे.

शिविर में पहुंचे लोगों का सुनिए क्या है अनुभव

 वाराणसी में मंत्रों की मदद से लोगों को ठीक करने वाले इस शिविर में पहुंचे लोगों का भी मानना है कि शुरुआती अवधि के दौरान उन्हें एक नया आत्मविश्वास मिल रहा है. बलिया के रामकृपाल का कहना है कि- वह महीनों से इस मुहीम से जुड़े हुए हैं और उनके पूरे परिवार को काफी लाभ पहुंचा है. वहीं BHU की प्रोफेसर अपर्णा का भी कहना है कि- वह कई सालों से अपने बेटे को इस शिविर में ला रही हैं और आधे घंटे के इस सत्र के दौरान उनके शरीर को मंत्रों की मदद से ऊर्जा मिलती है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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फोन से डिलीट करने के बाद भी खतरनाक हैं कुछ ऐप्स, तुरंत ऐसे लगाएं डेटा चोरी पर ब्रेक

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हम में से ज्यादातर लोग स्मार्टफोन में नए-नए ऐप्स डाउनलोड करते रहते हैं. गेम्स, सोशल मीडिया, फोटो एडिटर्स और न जाने क्या-क्या. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप किसी ऐप को डिलीट कर देते हैं, तो वो ऐप वाकई आपके फोन से पूरी तरह हट जाता है?

हकीकत थोड़ी चौंकाने वाली है

कई बार ऐसा देखा गया है कि फोन से ऐप हटाने के बाद भी कुछ ऐप्स का ‘कनेक्शन’ आपकी जानकारी से जुड़ा रहता है. यानी आपने ऐप डिलीट कर दिया, लेकिन फिर भी वो आपके कुछ पर्सनल डेटा तक पहुंच बना सकता है, जैसे कि कॉन्टैक्ट्स, लोकेशन या यहां तक कि आपकी एक्टिविटी.

ऐसा कैसे मुमकिन है?

जब आप किसी ऐप को पहली बार इंस्टॉल करते हैं, तो वो कई परमिशन मांगता है, जैसे कि गैलरी, मैसेजेस, माइक्रोफोन, लोकेशन आदि की एक्सेस. हम अक्सर बिना ध्यान दिए “Allow” पर टैप कर देते हैं. अब भले ही आप ऐप को फोन से हटा दें, लेकिन अगर आपने उसे Google अकाउंट से लिंक किया था, तो ऐप का एक्सेस कुछ हद तक बना रह सकता है.

कैसे करें चेक कौन-कौन से ऐप्स अब भी जुड़े हैं?

1. सबसे पहले फोन की Setting खोलें
2. वहां से Google सेक्शन पर टैप करें
3. अब All Services पर जाएं और फिर Connected Apps पर क्लिक करें.
4. यहां आपको उन सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी जो आपके Google अकाउंट से किसी न किसी रूप में जुड़ चुके हैं
5. इस लिस्ट में ऐसे ऐप्स भी हो सकते हैं जिन्हें आप पहले ही फोन से डिलीट कर चुके हैं

ऐप का डाटा एक्सेस रोकने का तरीका

अगर आपको कोई ऐसा ऐप दिखता है जो अब आपके काम का नहीं है या जिसे आपने पहले ही हटा दिया है, तो:

  • उस ऐप के नाम पर टैप करें,
  • फिर वहां से “Disconnect” या “Remove Access” ऑप्शन को चुन लें

इससे आपका डेटा उस ऐप से पूरी तरह कट जाएगा और वो ऐप आपकी जानकारी तक दोबारा पहुंच नहीं बना पाएगा.

छोटी-सी सावधानी, बड़ी सुरक्षा

ऐप डाउनलोड करते समय सिर्फ रेटिंग और रिव्यू ही न देखें, बल्कि यह भी ध्यान रखें कि वो कौन-कौन सी परमिशन मांग रहा है और सबसे जरूरी बात, जब ऐप की जरूरत खत्म हो जाए, तो सिर्फ उसे अनइंस्टॉल करने से काम नहीं चलेगा, उसके डेटा एक्सेस को भी बंद करना जरूरी है.

अब आप जान गए होंगे कि सिर्फ ऐप को डिलीट करना काफी नहीं है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्राइवेसी सुरक्षित रहे, तो ऐप के साथ अपने डेटा कनेक्शन को भी खत्म करना जरूरी है. इस आसान से प्रोसेस को अपनाकर आप अपनी पर्सनल जानकारी को गलत हाथों में जाने से बचा सकते हैं.

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सेबी का अब चला MCX पर चाबुक, 45 दिन में भरना होगा लाखों का जुर्माना, जानें क्या है मामला

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SEBI Imposes Fine On MCX: बाजार विनियमक सेबी की तरफ से सोमवार को सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए भुगतान के संबंध में पर्याप्त खुलासे नहीं करने की वजह से मल्टी एक्सचेंज कॉमोडिटी एक्सचेंड ऑफ इंडिया यानी एमसीएक्स पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अपने आदेश में सेबी ने इस जुर्माने को 45 दिनों के अंदर भरने के लिए कहा है. एमसीएक्स को ये हर्जाना 63 मून टेक्नोलॉजिज की तरफ से लिए गए सॉफ्टवेयर सर्विसेज के बदले भुगतान के बारे में पर्याप्त ब्यौरा नहीं दिए जाने को लेकर लगाया गया है.

25 लाख का MCX पर जुर्माना

63 मून्स टेक्नोलॉजिज को पहले फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड के तौर पर जाना जाता था. यह मामला ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर अनुबंध के लिए 63 मून्स टेक्नोलॉजीज (पूर्व में  फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड) को किए गए भुगतान के संबंध में खुलासा चूक से संबंधित है.

एमसीएक्स ने 2003 में 63 मून्स टेक्नोलॉजीज के साथ एक ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर कॉन्ट्रैक्ट किया था. उस समय 63 मून्स के ही पास एमसीएक्स का पूर्ण स्वामित्व था. लेकिन साल 2020 में एमसीएक्स ने एक नए ट्रेडिंग मंच पर जाने का फैसला किया और इसका अनुबंध टीसीएस को दिया था.

पर्याप्त ब्यौरा नहीं देने पर SEBI सख्त

समय पर ये मंच नहीं शुरू हो पाने से एमसीएक्स ने 63 मून्स के साथ ही अधिक लागत पर सेवाओं का विस्तार करने का फैसला किया. हालांकि, उसने किए जा रहे उच्च भुगतानों का खुलासा नहीं किया. सेबी ने अपने आदेश में कहा कि तीन तिमाहियों (अक्टूबर 2022-जून 2023) में ये भुगतान कुल 222 करोड़ रुपये है. ये राशि वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी के लाभ से लगभग दोगुनी थी, फिर भी इसका खुलासा जनवरी, 2023 में ही किया गया.

गौरतलब है कि बाजार में सेबी की भूमिका निवेशकों और हितधारकों की रक्षा करना है. इसके साथ ही, भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता रखना भी शेयर बाजार का बड़ा मकसद है. सेबी का गठन 1988 में किया गया था जबकि इसे 1992 में पावर दिया गया था.

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सीमा हैदर जल्द देने वाली हैं बड़ी गुड न्यूज, कहा- जल्दबाजी का काम शैतान का…

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सीमा हैदर, वो नाम जो पाकिस्तान की सरहद लांघकर अपने प्यार के लिए मुल्क से बगावत कर बैठा. जी हां, अपने पहले पति को छोड़कर 4 बच्चों के साथ सचिन मीणा के पास आने वाली सीमा ने हाल ही में अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया. लेकिन अब सीमा हैदर फिर से गुड न्यूज देने जा रही है. हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में सीमा ने दावा किया कि वह वक्त आने पर गुड न्यूज देंगी, इसके अलावा उन्होंने कहा कि अभी इसलिए नहीं बता रहे हैं क्योंकि जल्दी का काम शैतान का होता है. अब यूजर्स में गुड न्यूज जानने की जिज्ञासा पैदा हो गई है जिसे वो कमेंट बॉक्स में व्यक्त कर रहे हैं.

सीमा हैदर सुनाने वाली है खुशखबरी!

दरअसल, सोशल मीडिया पर सीमा हैदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपनी जिंदगी में आने वाले अच्छे पलों के बारे में बात करती दिखाई दे रही हैं. सीमा ने कहा कि अभी तो आपको बहुत सारी गुड न्यूज देनी है, लेकिन उन्हें बताने का अभी ये सही समय नहीं है.


जल्दी का काम शैतान का है

वक्त आने पर आपको बताया जाएगा. सीमा ने ये भी कहा कि वक्त से पहले कुछ नहीं करना है क्योंकि जल्दी का काम शैतान का होता है. अब लोगों में ये जानने की होड़ लग गई है कि सीमा किस तरह की गुड न्यूज देंगी. बहुत से लोगों ने तो ये भी कहा है कि कहीं छठवें बच्चे की तैयारी तो नहीं हो रही है. वीडियो इंटरनेट पर वायरल है और लोग इस पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

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यूजर्स हो रहे बेताब

वीडियो को seema____sachin10 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा….क्या हुआ, एक और पैदा कर रही हैं क्या आप? एक और यूजर ने लिखा…हमें जानना है, आप अभी बता दीजिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…शायद कार ले सकती है.

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शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

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Shani Jayanti 2025 Wishes: आज न्यायकर्ता शनि देव का जन्मदिवस है. शनि नवग्रहों में शक्तिशाली ग्रह में से एक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को सूर्य और छाया के पुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था. कुंडली में शनि शुभ हो तो व्यक्ति फर्श से अर्श तक पहुंच जाता है लेकिन अगर अशुभ हो तो जीवन सारी कठिनाईयों से घिर जाता है.

सारे कामों में विघ्न आने लगते हैं. हिंदू धर्म में शनि जयंती को बड़ा त्योहार माना गया है. शनि की कृपा प्राप्ति के लिए इस दिन शाम को विधि विधान से पूजन किया जाता है, मान्यता है इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम होते हैं. इस साल शनि जयंती पर अपनों को ये शुभकामनाएं भेजकर बधाई दें.

ॐ भग-भवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्
शनि जयंती की शुभकामनाएं

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
शनि जयंती की शुभकामनाएं.
Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम।।
शनि जयंती की शुभकामनाएं

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

न्याय के देवता,
कर्म के फलदाता भगवान शनिदेव जी
की जयंती की आप सबको शुभकामनाएं.

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएंहे श्यामवर्ण वाले, हे नीलकंठ वाले, कालाग्नि रूप वाले, हल्के शरीर वाले, स्वीकारो नमन हमारे, शनिदेव हम हैं तुम्हारे, सच्चे सुकर्म वाले हैं, बसते हो मन में तुम ही हमारे
शनि जयंती की शुभकामनाएं

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

जोड़े हाथ हम खड़े हैं बनके भिखारी,
दया करो हे शनिदेव आए हम शरण तिहारी,
तुमको सब कहते हैं नौ ग्रहों में दंडनायक,
क्योंकि तुम हो कर्मों के फलदाता
शनि जयंती की बधाई.

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

ऊँ शं शनैश्चाराय नमः
शनि जयंती की शुभकामनाएं.

Shani Jayanti 2025 Wishes: शनि देव की महीमा है निराली, शनि जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं

ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम।।
शनि जयंती की शुभकामनाएं

Shani Jayanti 2025 Mahasanyog: शनि जयंती पर ‘महासंयोग’, इन 3 राशियों की पलटेगी किस्मत

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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‘विराट कोहली की कप्तानी में कई बदलाव हुए, मुझे भी…’, शिखर धवन ने अपने मुश्किल दौर को किया याद

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विराट कोहली की कप्तानी के दौरान टीम में कई बदलाव हुए, एक समय पर इसका खामियाजा शिखर धवन को भी भुगतना पड़ा. कई बार उन्हें खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर होना पड़ा. उन्होंने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के साथ हुए इंटरव्यू में बताया कई 2016 में उन्हें टीम से क्यों बाहर कर दिया गया था. उन्होंने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद किया. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि चोट लगने के बावजूद वह एक मैच में खेले थे.

शिखर ने महसूस किया कि वह टीम में वापसी को लेकर अपने ऊपर बहुत ज्यादा दबाव ले रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने अपनी सोच बदलने पर काम किया और खुश रहने पर ध्यान दिया. उन्होंने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में प्रदर्शन के दम पर टीम में वापसी की लेकिन 2018 में उन्हें फिर बाहर कर दिया गया.

रणवीर के साथ इंटरव्यू में धवन ने अपने क्रिकेट करियर के मुश्किल समय को याद किया. उन्होंने कहा कि विराट कोहली जब कप्तान थे तब टीम में लगातार बदलाव होते रहते थे. उन्हें भी टीम से बाहर होना पड़ा. उन्होंने 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता में खेले गए टेस्ट के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें चोट लग गई थी, बावजूद वह टीम के लिए खेले. बाद में उन्हें बाहर कर दिया गया.

मैं बहुत ज्यादा परेशान था- धवन

धवन ने बताया कि 2016 के समय वह काफी बढ़ाव में थे, उन्हें एहसास था कि रन नहीं बने तो टीम से बाहर होना पड़ेगा. उन्होंने उस दौर को अपने क्रिकेट करियर का सबसे मुश्किल समय बताया. उन्होंने कहा, “मैं बहुत ज्यादा परेशान था. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली पारी में मैं आउट हो गया, दूसरी पारी में ट्रेंट बोल्ट की गेंद लगने से मेरा हाथ टूट गया.” 

धवन को पता था कि अगर वह नहीं खेलते हैं तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने चोट के बावजूद खेलने का फैसला किया. उन्होंने कहा, “मैंने सोचा कि पहले ही मरा हुआ हूं, तो पूरा मरके जाऊं ना.”

शिखर धवन अब क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं. उन्होंने अपने 12 साल के अंतर्राष्ट्रीय करियर में 34 टेस्ट, 167 वनडे और 68 टी20 मैच खेले. इसमें उन्होंने क्रमश 2315, 6793 और 1759 रन बनाए.

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