बस मिट्टी से दोस्ती कीजिए और सालों लंबी जिंदगी पाइए, वैज्ञानिकों ने खोजा बागवानी का ये राज

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Scientist Invention: क्या आप जानते हैं कि बागवानी सिर्फ एक शौक नहीं बल्कि लंबी और बेहतर ज़िंदगी का राज़ भी हो सकती है? हालिया शोध बताते हैं कि बागवानी से न केवल मानसिक क्षमताएं बरकरार रहती हैं बल्कि यह बुज़ुर्गों के लिए डिमेंशिया जैसी बीमारियों से लड़ने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है. नॉर्वे की एक रिटायर्ड दादी, मरियान रोगस्टाड, जो स्विट्ज़रलैंड में होटल रिसेप्शनिस्ट रहीं, अपने जीवन के अंतिम वर्षों में डिमेंशिया से जूझ रही थीं. लेकिन जब उन्होंने ओस्लो के पास एक ‘केयर फार्म’ से जुड़ाव बनाया तो उनकी ज़िंदगी दोबारा रंगों से भर उठी. यह ‘इम्पुल्ससेंटर’ नाम का फार्म, ऐसे लोगों के लिए एक ठिकाना है जो सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ चुके हैं. यहां मिट्टी से जुड़कर लोग न सिर्फ काम करते हैं बल्कि एक-दूसरे से संवाद भी करते हैं जिससे उनकी मानसिक स्थिति में चमत्कारी सुधार देखा गया है.

स्टडी में हुआ खुलासा

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वे ने 2015 में राष्ट्रीय स्तर पर डिमेंशिया के लिए एक देखभाल योजना शुरू की जिसमें ‘इन पि टुनेट’ यानी ‘आंगन में वापसी’ जैसी फार्म आधारित देखभाल सुविधाएं शामिल हैं. अब यूरोप और कई अन्य देशों में इन ‘ग्रीन प्रिस्क्रिप्शन’ का चलन बढ़ रहा है जहां रोगियों को प्रकृति में समय बिताने की सलाह दी जाती है.

कनाडा की चिकित्सक और शोधकर्ता मेलिसा लेम के अनुसार, बागवानी शारीरिक गतिविधि, तनाव में कमी और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देती है जिससे रक्तचाप, शुगर और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, ये सभी कारक डिमेंशिया जैसी बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं. स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा के शोध में यह साफ पाया गया कि जो लोग जीवन भर बागवानी करते रहे, उनकी बुद्धि और स्मृति शक्ति में बेहतर सुधार देखने को मिला. पौधों की देखरेख, माली कार्य और बागवानी से जुड़े काम मस्तिष्क के उस हिस्से को सक्रिय रखते हैं जो याददाश्त, योजना और समस्या-समाधान से जुड़ा होता है.

ऑस्ट्रेलिया में की गई एक स्टडी में यह सामने आया कि जो लोग नियमित रूप से बागवानी करते हैं, उनमें डिमेंशिया का खतरा 36% तक कम हो जाता है. साथ ही बागवानी से एकाग्रता बेहतर होती है, तनाव घटता है, दवाओं पर निर्भरता कम होती है और गिरने का खतरा भी घटता है.

प्रसिद्ध शोधकर्ता रॉजर उलरिच के मुताबिक, पेड़ों और पौधों को देखना भी हमारे दिमाग को शांत करता है और स्वास्थ्य लाभ देता है. यह प्रभाव हमारे पूर्वजों की प्रकृति पर निर्भरता से जुड़ा हुआ है और यही कारण है कि आज भी हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत पर प्रकृति का प्रभाव गहरा है. बागवानी में समय बिताने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं, मांसपेशियों की ताकत और लचीलापन बढ़ता है, साथ ही उम्रदराज़ लोगों की गति और संतुलन में भी सुधार होता है.

बीमारी से मिलेगा छुटकारा

यह सब केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जो पूरी तरह स्वस्थ हैं. डिमेंशिया से जूझ रहे लोगों के लिए भी बागवानी एक वरदान बनकर सामने आई है, यह उनकी याददाश्त, व्यवहार, संवाद और आत्मविश्वास को नए सिरे से जगाने में मदद करती है. आज यूरोप और ब्रिटेन में ऐसे कई देखभाल केंद्र विकसित हो रहे हैं जो बागवानी को थेरेपी के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे यह साफ है कि मिट्टी से जुड़ना सिर्फ पौधे नहीं, बल्कि ज़िंदगियाँ भी संवार सकता है.

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‘F’ Letter Name Personality: F नाम वालों को मिलती है शिव की रहस्यमयी शक्ति!

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‘F’ Letter Name Personality: क्या आपका नाम ‘F’ अक्षर से शुरू होता है? तो ये जानकारी आपके जीवन को बदल सकती है! शास्त्रों और अंक-ज्योतिष के रहस्यमय सूत्रों के अनुसार, हर नाम का पहला अक्षर एक ग्रह और ऊर्जा के साथ गहराई से जुड़ा होता है. अंग्रेजी वर्णमाला का छठवां अक्षर ‘F’ अंक 6 से जुड़ा है, जिसका स्वामी शुक्र ग्रह है, जो प्रेम, सौंदर्य, विलास और कला का अधिपति भी है.

F नाम वालों में एक स्वाभाविक करिश्मा, रचनात्मकता और लीडरशिप होती है, लेकिन अगर शुक्र कमजोर हो, तो करियर में असफलताएं, रिश्तों में भ्रम और आर्थिक संघर्ष झेलना पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है सही देवता की पूजा और शक्तिशाली उपाय.

F नाम वालों के लिए सबसे शुभ देवता कौन हैं?
भगवान शिव आपके मार्गदर्शक हैं. F नाम वालों के लिए भगवान शिव की पूजा सबसे प्रभावशाली और फलदायक मानी जाती है. शिव न केवल विनाश के देवता हैं, बल्कि वे परिवर्तन, संयम और पुनर्निर्माण के भी प्रतीक हैं.

इनकी कृपा से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में स्थिरता आती है. साथ ही, माता लक्ष्मी और शुक्र देव की आराधना से F नाम वालों को भौतिक सुख, सौंदर्य, धन और सफलता के मार्ग खुलते हैं.

करियर में जबरदस्त सफलता दिलाने वाले 5 चमत्कारी उपाय

  1. हर सोमवार शिव पूजा करें- व्रत रखें और शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें. कम से कम 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें. इससे मानसिक स्पष्टता और निर्णय क्षमता बढ़ती है.
  2. शुक्र ग्रह को मजबूत करें- शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनें. माता लक्ष्मी को खीर या बताशे का भोग लगाएं. ‘ॐ श्रीं श्रीये नमः” मंत्र का जाप करें. इससे सौंदर्य, सुख और वैभव प्राप्त होता है.
  3. शनिवार को काले तिल और जल से शिव अभिषेक करें- जीवन में चल रही नेगेटिव एनर्जी को दूर करने का अचूक उपाय है. यह उपाय करियर में अनदेखी बाधाओं को खत्म करता है.
  4. ऑफिस/स्टडी टेबल पर क्रिस्टल बॉल रखें- इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. निर्णय लेने की शक्ति और आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होती है.
  5. शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें- जैसे चावल, दूध, मिश्री आदि. इससे शुक्र ग्रह प्रसन्न होता है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है.

अगर आपका नाम ‘F’ से शुरू होता है, तो यह केवल एक अक्षर नहीं, बल्कि एक दिव्य संकेत है, एक ऐसे पथ का जो आपको आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़कर करियर और जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. जीवन में इन 5 चमत्कारी उपायों को अपना कर भगवान शिव की कृपा पा सकते हैं. 

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भारत में चीन समर्थित इंवेस्टमेंट डील की नए सिरे से रिव्यू, मंजूरी मिलने में हो सकती है देरी

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India China Investment Deal: तुर्की के बाद अब भारत पाकिस्तान के एक और दोस्त चीन को सबक सिखाने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत के साथ तनाव में पाकिस्तान ने अधिकतर तुर्की और चीन के हथियारों का इस्तेमाल किया था. अब सबक सिखाने की भारत की बारी है. 

चीन समर्थित इंवेस्टमेंट डील की होगी सख्त रिव्यू

भारत में चीन से चल रही इंवेस्टमेंट डील में देरी होने की खबर सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार कम से कम 6-7 चीन समर्थित इंवेस्टमेंट डील की नए सिरे से रिव्यू करने वाली है, जिससे इन्हें मंजूरी मिलने में देरी लग सकती है.

NDTV Profit की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने चीन की कंपनियों की तरफ से विदेशी निवेश प्रस्तावों और संयुक्त उद्यमों की जांच तेज कर सकती है. निवेश संबंधी जितने भी प्रस्तावों पर बात होनी थी उनकी अब दोबारा से रिव्यू किए जाने पर मंजूरी मिलने में देरी हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, मौजूदा और आने वाले समय में चीन समर्थित ज्वॉइंट वेंचर्स को स्ट्रिक्ट कम्प्लायेंस रिक्वायरमेंट के तहत गुजरना पड़ सकता है. 

2020 में लगा चीन से FDI पर प्रतिबंध

भारत ने पहले अप्रैल 2020 में चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि इस तरह के सभी प्रस्तावों की जांच की जानी चाहिए और इस फ्रेमवर्क के आधार पर सरकार को मंजूरी दी जानी चाहिए.

बता दें कि इस दौरान कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद घरेलू कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के लिए भारत ने अपने साथ भूमि साझा करने वाले देशों से विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी लेने को अनिवार्य कर दिया था. उस दौरान भारत के उठाए इस कदम से चीन बौखला गया था. 

चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ

अब सरकार ने यह नया कदम एक ऐसे वक्त पर उठाया है, जब चीन ने न केवल पाकिस्तान का सच्चा दोस्त बनकर उसके साथ खड़े रहने की बात कही, बल्कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने जिन मिसाइलों व एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया था उसकी भी सप्लाई चीन से होने की खबरें सामने आई थीं. 

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नीरज चोपड़ा से लेकर एमएस धोनी तक, सेना में अधिकारी की रैंक मिलने के बाद इन्हें कितनी मिलती है स

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Neeraj Chopra: देश के लिए खेल के मैदान में झंडा बुलंद करने वाले कई नामचीन खिलाड़ी जब सेना की वर्दी पहनते हैं, तो वो एक अलग ही प्रेरणा बन जाते हैं. चाहे वो गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा हों या फिर क्रिकेट के सुपरस्टार एमएस धोनी इन सभी को सेना में मानद अधिकारी (Honorary Officer) की रैंक दी गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें कितनी सैलरी मिलती है? आइए जानते हैं…

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना ने 2016 में सूबेदार (Subedar) के पद पर शामिल किया था. फिर प्रमोशन के बाद सूबेदार मेजर बने. लेकिन अब उन्हें एक और प्रमोशन मिला है. जिसके बाद चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) में लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार लेफ्टिनेंट कर्नल को 1 लाख 21 हजार रुपये से लेकर 2 लाख 10 हजार रुपये के बीच दिए जाते हैं.

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एमएस धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को 2011 में टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल (Honorary) की रैंक दी गई थी. धोनी पैराशूट रेजिमेंट से जुड़े हैं और उन्होंने पैराट्रूपर की ट्रेनिंग भी पूरी की है.

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अभिनव बिंद्रा और सचिन तेंदुलकर भी इस लिस्ट में

अभिनव बिंद्रा को सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल और सचिन तेंदुलकर को नौसेना में मानद कैप्टन का दर्जा मिला है. इन मानद पदों के साथ खिलाड़ियों को सेना के आयोजनों में शामिल किया जाता है और वे भारतीय युवाओं को प्रेरित करने का काम करते हैं.

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क्या जेलेंस्की से मिलने तुर्किए जाएंगे पुतिन? क्रेमलिन ने दिया ये जवाब

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Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन में सालों से चल रहे युद्ध को खत्म करने को लेकर व्लादिमीर पुतिन और वोलोडिमिर जेलेंस्की सहमत होते दिख रहे हैं. दोनों नेताओं के तुर्किए में मिलने की संभावना है. हालांकि, क्रेमलिन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. 

राष्ट्रपति पुतिन के तुर्किए में जाने को लेकर जब क्रेमलिन प्रवक्ता से पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई जानकारी देने से मना कर दिया. हालांकि मॉस्को पर यूक्रेन से सीधी बातचीत करने और तीन साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है.

रूसी डेलीगेशन 15 मई को जाएगा इस्तांबुल  

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार (14 मई, 2025) को संवाददाताओं से कहा कि पुतिन का आदेश मिलने के बाद ही मॉस्को तुर्किए में अपने प्रतिनिधिमंडल के स्वरूप का खुलासा करेगा. उन्होंने कहा कि रूसी प्रतिनिधिमंडल 15 मई को इस्तांबुल में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का इंतजार करेगा. 

पेसकोव ने कहा कि जब हमें राष्ट्रपति से संबंधित निर्देश मिलेंगे, तो वह अपडेट देंगे. अभी तक ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है. पहले से तय बातचीत जो गुरुवार को इस्तांबुल के वाणिज्यिक केंद्र में होने की उम्मीद है. 2022 के बाद से कीव और मॉस्को के बीच ये पहली सीधी वार्ता होगी, जो कि रूस के अपने पड़ोसी यूक्रेन पर आक्रमण के तुरंत बाद हुई थी.

एर्दोगन से मुलाकात कर सकते हैं जेलेंस्की 

तुर्किए में जेलेंस्की बुधवार या गुरुवार को एर्दोगन से मुलाकात कर सकते हैं. जेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन को मुलाकात के लिए चुनौती देते हुए कहा कि अगर वो मुलाकात नहीं करते हैं तो ये माना जाएगा कि मॉस्को दोनों देशों के बीच शांति बनाने का इच्छुक नहीं है. इसके अलावा जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप से भी तुर्किए आकर इस मुलाकात में शामिल होने की अपील की है. ट्रंप अभी मिडिल ईस्ट के दौरे पर हैं. ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ऐसी संभावना है कि अगर पुतिन भी यूक्रेन की यात्रा करते हैं तो वो भी बातचीत के लिए तुर्किए जाएंगे.
  
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PVR से केस हारी ‘भूल चूक माफ’, अब 23 मई को थिएटर्स में रिलीज होगी राजकुमार राव की फिल्म

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Bhool Chuk Maaf To Hit Theatres: राजकुमार राव और वामिका गब्बी की फिल्म ‘भूल चूक माफ’ अब ओटीटी पर ना आकर थिएटर्स में रिलीज होगी. पीवीआर ने फिल्म के मेकर्स पर जो मुकदमा किया था, इसपर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीवीआर के पक्ष में फैसला सुनाया है. ऐसे में अब फिल्म ‘भूल चूक माफ’ ओटीटी पर ना आकर बड़े पर्दे पर आएगी.

पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक- ‘अदालत ने मैडॉक फिल्म्स बनाम पीवीआर इनॉक्स सिनेमा मामले में अपना आदेश पारित कर दिया है. राजकुमार राव और वामिका गब्बी स्टारर ‘भूल चूक माफ’ अब 23 मई, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. मैडॉक फिल्म्स 15 मई से अपना मार्केटिंग अभियान फिर से शुरू करने की प्लान बना रही है.’

https://www.youtube.com/watch?v=nZEXRZMEd5Y

क्या है पूरा मामला?
राजकुमार राव और वामिका गब्बी स्टारर फिल्म ‘भूल चूक माफ’ पहले 9 मई को पर्दे पर आने वाली थी. हालांकि मेकर्स ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव की वजह से फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने का फैसला किया था. इसके मुताबिक फिल्म 16 मई, 2025 को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होने वाली थी. लेकिन पीवीआर ने ‘भूल चूक माफ’ के प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स के खिलाफ 60 करोड़ का मुकदमा दायर कर दिया था.

ओटीटी पर कब आएगी ‘भूल चूक माफ’?
पीवीआर ने अपनी याचिता में दावा किया था कि ‘भूल चूक माफ’ को अचानक थिएटर्स की जगह ओटीटी पर रिलीज करने के फैसले से पीवीआर को भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई की थी और फिल्म की ओटीटी रिलीज पर भी रोक लगा दी थी. कोर्ट का कहना था कि मेकर्स को फिल्म को थिएटर में रिलीज किए जाने के 6 या 8 हफ्ते बाद ही ओटीटी पर स्ट्रीम कर सकते हैं. हालांकि अब कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ‘भूल चूक माफ’ को 23 मई को बड़े पर्दे पर लाने के सिर्फ दो हफ्ते बाद 6 जून, 2025 को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम किया जा सकेगा.

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Aaj Ka Tula Rashifal 15 May 2025: आज मिल सकती हैं नई जिम्मेदारियां , पढ़ें आज का तुला राशिफल

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Libra Horoscope 15 May 2025: तुला राशिफल 15 मई 2025, गुरुवार के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं. ज्योतिष ग्रंथों में इसे कला, प्रेम, सौंदर्य, सौभाग्य आकर्षण और भौतिकता का कारक माना गया है. आइए जानते हैं कि आज के दिन आपकी तुला राशि क्या कहती है.

तुला राशि जॉब राशिफल (Libra Job Horoscope)-

तुला राशि वाले आज अपने कार्य को पूरा करने में लगे रहेंगे. ऑफिस में किसी काम को लेकर थोड़ा विचार-विमर्श करना पड़ सकता है. आपके पास कुछ नयी जिम्मेदारियां आ सकती है, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभाएंगे. तुला राशि वाले नौकरी को लेकर परेशान चल रहे लोग उसमें कोई बदलाव करने की योजना बनाएंगे. आपको कार्यक्षेत्र में टीमवर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा, जिससे आप किसी काम को आसानी से कर सकेंगे. 

तुला राशि फैमली राशिफल (Libra Family Horoscope)-

तुला राशि वालों का कोई बड़ा काम संतान की मदद से पूरा हो जायेगा. माता-पिता का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा. तुला राशि वालों का वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा. संतान की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. 

तुला राशि युवा राशिफल (Libra Youth Horoscope)-

तुला राशि वाले छात्रों का दोस्तों के साथ मेल-जोल बढ़ सकता है. युवाओं जिन कामों को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे हैं, उन्हें कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. 

तुला राशि व्यापार राशिफल (Libra Business Horoscope)-

तुला राशि वालो को आज कोई काम सोच विचार करके करना चाहिए. व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं. नई साझेदारियों से लाभ होगा. व्यापारियों को आज व्यापार में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, परंतु आप धैर्य से सभी चुनौतियों को पार कर सकते हैं. आप अपने कारोबार व्यापार के विस्तार के लिए भी कुछ प्लान कर सकते हैं. 

शुभ अंक: 6

शुभ रंग: गुलाबी

उपाय: शुक्र मंत्र का जाप करें और इत्र का दान करें. 

FAQs

Q1. क्या तुला राशि वाले आज अपने कार्य को पूरा करने में लगे रहेंगे?

A1. हां, तुला राशि वाले आज अपने कार्य को पूरा करने में लगे रहेंगे.

Q2. क्या तुला राशि वाले छात्रों का दोस्तों के साथ मेल-जोल बढ़ सकता है?

A2. हां, तुला राशि वाले छात्रों का दोस्तों के साथ मेल-जोल बढ़ सकता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कितने रन बनाए हैं? क्या हैं रिकॉर्ड्स

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Virat Kohli Retirement: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने सोमवार, 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. विराट ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी. इसके बाद से ही लोगों के रिएक्शन आने के शुरू हो गए, क्योंकि विराट का ये फैसला भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे से पहले आया है. विराट से पहले रोहित शर्मा ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करके सभी को चौंका दिया.

विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले कितने मुकाबले?

भारत और पाकिस्तान के बीच 18 सालों से टेस्ट मैचों की कोई सीरीज नहीं खेली गई है. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज 2007-2008 के बीच खेली थी. उस समय भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले थे. वहीं विराट कोहली ने भारत में टेस्ट टीम के लिए जून, 2011 में डेब्यू किया था. इन रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में पाकिस्तान के खिलाफ कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है. विराट ने अपने 14 साल के टेस्ट करियर में 9,230 रन बनाए हैं, जिनमें से एक भी रन पाकिस्तान के खिलाफ नहीं है.

विराट कोहली का टेस्ट करियर

विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट में डेब्यू करने वाले 269वें खिलाड़ी थे. विराट ने इसी बात को अपने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट वाली पोस्ट में भी शेयर किया है. विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 123 मैच खेले, जिनमें 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए हैं. विराट ने इन रनों को बनाने में 30 शतक और 31 अर्धशतक लगाए. अपने टेस्ट करियर के दौरान विराट ने 1,027 चौके और 30 छक्के मारे हैं. विराट ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने सभी फैंस को चौंका दिया. उनके सभी प्रशंसकों ने विराट के लिए पोस्ट शेयर करके अपने प्लेयर को टेस्ट क्रिकेट से विदाई दी है.

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अब आपका पासपोर्ट भी बनेगा हाईटेक, भारत में शुरू हुआ ई-पासपोर्ट, कैसे बनवाएं और क्या हैं फायदे

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<p style="text-align: justify;">अगर आप नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो अब आपको कागजी पासपोर्ट की बजाय एक एडवांस टेक्नोलॉजी वाला ई-पासपोर्ट मिल सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल भारत सरकार ने तकनीक के एक नए युग की शुरुआत करते हुए ई-पासपोर्ट सेवा की शुरुआत कर दी है, जिससे न सिर्फ यात्रियों की पहचान को और सुरक्षित बनाया जा सकेगा, बल्कि इंटरनेशनल ट्रैवल में भी काफी आसानी होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ई-पासपोर्ट क्या होता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ई-पासपोर्ट देखने में आम पासपोर्ट जैसा ही होता है, लेकिन इसमें एक खास माइक्रोचिप लगी होती है. इस चिप में आपकी पर्सनल जानकारी के साथ-साथ बायोमेट्रिक डिटेल्स भी सेव होती हैं, जैसे आपकी तस्वीर, फिंगरप्रिंट आदि. ये डाटा सुरक्षित तरीके से एन्क्रिप्टेड होता है, जिसे केवल अधिकृत स्कैनिंग सिस्टम ही पढ़ सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कहां-कहां शुरू हुई है ई-पासपोर्ट सेवा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">फिलहाल ई-पासपोर्ट की सुविधा भारत के कुछ चुनिंदा शहरों में शुरू हुई है जैसे नागपुर, चेन्नई, जयपुर, दिल्ली, हैदराबाद, रांची, शिमला, भुवनेश्वर, गोवा और जम्मू आदि. विदेश मंत्रालय की योजना है कि साल 2025 के मध्य तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाए ताकि हर नागरिक को इसका फायदा मिल सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ई-पासपोर्ट के क्या हैं फायदे?</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1. बेहतर सुरक्षा:</strong> इस पासपोर्ट में लगी चिप को नकली बनाना या उससे छेड़छाड़ करना लगभग नामुमकिन है. इससे पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2. फास्ट इमिग्रेशन:</strong> इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर जब आप इमिग्रेशन से गुजरते हैं, तो यह चिप अधिकारी को तुरंत आपकी जानकारी उपलब्ध करवा देती है. इससे वेरिफिकेशन का समय कम लगता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3. डेटा सुरक्षित:</strong> चिप में सेव जानकारी को पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) टेक्नोलॉजी से सुरक्षित रखा जाता है. यानी कोई भी अनजान व्यक्ति आपकी निजी जानकारी को एक्सेस या बदल नहीं सकता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या पुराने पासपोर्ट धारकों को कुछ करने की जरूरत है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नहीं, जिनके पास पहले से पारंपरिक पासपोर्ट हैं, उन्हें तुरंत नया ई-पासपोर्ट बनवाने की जरूरत नहीं है. मौजूदा पासपोर्ट जब तक वैध हैं, तब तक आप उनका उपयोग कर सकते हैं. हां, जब नवीनीकरण का समय आएगा, तब आपको ई-पासपोर्ट ही मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे करें ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन?</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया भी पहले जैसी ही है, बस आपको ऑनलाइन कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे:</li>
<li style="text-align: justify;">[passportindia.gov.in]( पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें.</li>
<li style="text-align: justify;">रजिस्टर्ड आईडी से लॉगिन करें और "Fresh" या "Reissue" पासपोर्ट के विकल्प को चुनें.</li>
<li style="text-align: justify;">जरूरी जानकारी भरें और फीस का भुगतान ऑनलाइन करें.</li>
<li style="text-align: justify;">नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में अपॉइंटमेंट बुक करें.</li>
<li style="text-align: justify;">दिए गए समय पर ओरिजिनल डॉक्युमेंट्स के साथ केंद्र पर जाएं.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>भविष्य की तैयारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ई-पासपोर्ट आने वाले समय में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के ट्रैवल डॉक्युमेंट की तरह काम करेगा. इससे भारत के नागरिकों को न सिर्फ तेज और सुरक्षित पासपोर्ट सुविधा मिलेगी, बल्कि देश की वैश्विक पहचान भी तकनीक के क्षेत्र में मजबूत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">ई-पासपोर्ट भारत की एक बड़ी डिजिटल छलांग है. इससे पासपोर्ट प्रक्रिया न केवल सुरक्षित होगी बल्कि इंटरनेशनल ट्रैवलर के लिए अधिक सुविधाजनक भी बन जाएगी. अगर आप भी नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, तो ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करना बेहतर विकल्प हो सकता है.</p>

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कतर के दोहा में डोनाल्ड ट्रंप के लिए रखे गए राजकीय रात्रिभोज में शामिल होंगे मुकेश अंबानी

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Mukesh Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ मुकेश अंबानी आज दोहा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर से मिलने वाले हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस दोनों राष्ट्र प्रमुखों के साथ अपने संबंधों को बढ़ावा देना चाहती है. कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआईए) ने रिलायंस के रिटेल वेंचर्स में बड़ा निवेश किया है. इसी तरह से गूगल और मेटा जैसी बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ भी रिलायंस के कई बिजनेस पार्टनरशिप हैं. 

ट्रंप के साथ डिनर में शामिल होंगे अंबानी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी दोहा के लुसैल पैलेस में ट्रंप के लिए रखी गई डिनर पार्टी में शामिल होने वाले हैं. हालांकि, इस दौरान उनका निवेश या कारोबार को लेकर कोई चर्चा करने की उम्मीद नहीं है. बता दें कि ट्रंप इन दिनों खाड़ी देशों की यात्रा पर हैं. इस दौरान मंगलवार, 13 मई को उनका पहला पड़ाव सऊदी अरब था. उन्होंने सऊदी के साथ 142 अरब डॉलर की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील की है. अब उनका अगला पड़ाव कतर और UAE है. 

एक दूसरे कारोबारी भी शामिल

बताया जा रहा है कि इस राजयकीय रात्रिभोज में लंदन में रहने वाले एक दूसरे भारतीय कारोबारी भी शामिल होंगे, जो ट्रंप और कतर प्रशासन दोनों के करीबी हैं. बता दें कि फरवरी में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने भारत का दौरा किया था. उस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न उद्योगों में 10 अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी. ट्रंप गुरुवार को कतर से संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा करेंगे. बता दें कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की पहली बड़ी विदेश यात्रा है. 

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