iPhone यूजर्स के लिए खुशखबरी, 2026 में आ रहा है Siri का नया अवतार, मिलेंगे नए फीचर्स

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अगर आप भी iPhone यूजर हैं और हर छोटी-बड़ी बात पर Siri का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. दरअसल टेक दिग्गज Apple साल 2026 में Siri का नया और ज्यादा स्मार्ट वर्जन लाने वाला है. यह अपडेट iOS 19.4 के साथ आएगा, जिसकी लॉन्चिंग की उम्मीद है साल 2026 के मार्च-अप्रैल तक.

Apple इस नए अपडेट के साथ कोशिश है कि Siri को और ज्यादा समझदार, पर्सनल और यूजर फ्रेंडली बनाना है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर् की मानें तो नई या अपडेटेड Siri अब सिर्फ कॉल करने या टाइमर लगाने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्क्रीन पर दिख रही चीजों को समझेगी, एक ऐप से दूसरी ऐप में काम करेगी और आपकी जरूरतों के मुताबिक जवाब देगी.

Apple Intelligence का कमाल

इस नए Siri को स्मार्ट बनाने में ‘Apple Intelligence’ टेक्नोलॉजी का बड़ा रोल होगा. कंपनी ने Siri के अंदर एकदम नया सिस्टम तैयार किया है, जिसे ‘नई Siri आर्किटेक्चर’ कहा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी झलक सबसे पहले जून 2025 में होने वाले Apple के बड़े इवेंट WWDC में देखने को मिल सकती है.

Siri के दमदार नए फीचर्स के बारे में भी जान लीजिये 

1. ऑन-स्क्रीन अवेयरनेस: अब Siri आपकी स्क्रीन पर जो चल रहा है उसे समझेगी. जैसे किसी दोस्त ने मैसेज में नया पता भेजा हो, तो Siri से कहिए- ‘इस पते को उनके कॉन्टैक्ट में जोड़ दो’, और काम हो जाएगा.

2. इन-ऐप एक्शन: Siri अब आपके लिए अलग-अलग ऐप्स में कई स्टेप्स वाला काम कर सकेगी. जैसे बोलिए- ‘एक फोटो ढूंढो, उसे एडिट करो और फाइल्स ऐप के इस फोल्डर में सेव कर दो’, Siri ये सब बिना ऐप खोले ही कर देगी.

3. पर्सनलाइजेशन: Siri अब आपको बेहतर तरीके से समझेगी। यह आपके मैसेज, ईमेल, कैलेंडर, फोटोज़ और फाइल्स से जानकारी लेकर आपकी ज़रूरत के मुताबिक जवाब दे सकेगी. मान लीजिए आपको किसी फॉर्म में ड्राइविंग लाइसेंस नंबर चाहिए – Siri खुद से वह जानकारी निकालकर भर देगी।

पहले क्यों नहीं आया ये अपडेट?

बता दें कि यही अपडेट Apple पहले iOS 18.4 में लाना चाहता था, लेकिन सिस्टम में कुछ बड़ी गड़बड़ियां (बग्स) आ गईं. वर्तमान में Siri के अंदर दो सिस्टम हैं, एक पुराने कमांड्स के लिए और एक नए. दोनों को एकसाथ जोड़ना Apple के लिए मुश्किल साबित हुआ. इसलिए अब कंपनी ने Siri को पूरी तरह से फिर से डिजाइन करने का फैसला लिया है.

नए लीडर के साथ तेजी से हो रहा काम
Siri का काम अब Apple के Vision Pro डिवाइस के हेड Mike Rockwell को सौंपा गया है. वह अब Siri की पूरी टीम को रीऑर्गनाइज़ कर रहे हैं, ताकि सब कुछ जल्दी और बेहतर तरीके से तैयार हो सके. जाने-माने टेक जर्नलिस्ट मार्क गुरमन की मानें तो , Apple का नया Siri सिस्टम अब अच्छी तरह से टेस्ट हो रहा है और 2026 की शुरुआत में इसे लॉन्च किया जाएगा.

यानी 2026 में Siri पूरी तरह से बदल जाएगी. यह न सिर्फ तेज़ और स्मार्ट होगी, बल्कि आपको ऐसा लगेगा कि Siri अब वाकई में आपको ‘जानती’ है. अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो ये अपडेट आपके डिजिटल लाइफ को और आसान बना सकता है.

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‘ईंट का जवाब पत्थर से देंगे’, सिंधु का पानी रोके जाने से बौखलाया पाकिस्तान! विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद से दी गीदड़भभकी

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Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े फैसले से पाकिस्तान बौखलाया है. पड़ोसी मुल्क की घबराहट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां के नेता एक ओर परमाणु हमले की बात करते हैं और दूसरी तरफ यूएन से बीच बचाव की अपील करते हैं. भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान की संसद ने जंग की धमकी देते हुए कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से देंगे.

पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने देश की संसद में कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के पानी के साथ कोई छेड़छाड़ की तो यह युद्ध के समान होगा. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता से स्पष्ट इनकार किया और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से स्वतंत्र जांच की पेशकश की. उन्होंने संसद में बताया कि सऊदी अरब, यूएई, चीन, तुर्की समेत कई देशों के विदेश मंत्रियों से बात कर पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा है.

इशाक डार ने कहा कि जब हम कहते हैं कि पाकिस्तान का इसमें कोई हाथ नहीं है तो हम पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहते हैं.

(ये स्टोरी अपडेट की जा रही है…)

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शादियों के सीजन में सोने की बढ़ती कीमत से गड़बड़ाया पूरा बजट

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Gold Prices: देश में सोने की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. बीते 22 अप्रैल को सोने की कीमत ने पहली बार 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर लिया. इसके बाद भले ही सोने की कीमतों में कुछ कमी आई हो, लेकिन सोमवार 28 अप्रैल के मुकाबले मंगलवार 29 अप्रैल को सोने के दाम में करीब 400 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. ऊपर से 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया भी है. ऐसे में मई के महीने में शादियों के सीजन में लोगों को चिंताएं सताने लगी है कि अगर शादी के लिए बजट का अधिकतर हिस्सा गहने खरीदने में खर्च हो जाएंगे, तो बाकी का खर्चा कैसे मैनेज होगा. 

शादियों के बजट पर असर

बता दें कि मई के महीने में शादी के लिए 15 दिन शुभ हैं. अमूमन एक सामान्य भारतीय शादी में औसतन 5 लाख से 20 लाख रुपये तक का खर्च आता है. इसमें कार्ड से लेकर वेन्यू और उसकी सजावट, कपड़े, केटरिंग के भी खर्चें शामिल हैं. ऐसे में सोने की कीमतें बढ़ने से शादी के बजट पर असर पड़ रहा है. ऐसे में कई लोग गहनों पर अपने खर्च में कटौती कर रहे हैं या पुराने गहनों को बदलकर नए गहने खरीद रहे हैं. ऐसे में पुराने सोने की खरीद को भले ही बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन नए सोने की मांग में कमी आ रही है. 

पुराने गहनों की रिसाइक्लिंग 

बॉम्बे बुलियन एसोसिएशन के सदस्य और ज्वेलर संजय कोठारी ने बताया कि शादी-ब्याह के इस सीजन में 80 परसेंट ग्राहक पुराने गहनों को नया करवा रहे हैं, जिसमें उन्हें सिर्फ मेकिंग चार्ज देना पड़ रहा है. लोग सोने के सिक्कों या बार को भी पिघलाकर गहने बना रहे हैं. इस महंगाई में सिर्फ उच्च आय वर्ग के लोग ही खरीदारी करते नजर आ रहे हैं.  

ग्राहकों के साथ दुकानदार भी परेशान

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा से बात करते हुए नोएडा की रुपा ने बताया, ”नवंबर में बेटी की शादी है और अचानक से सोने के दाम इतने बढ़ गए हैं कि अब कुछ समझ ही नहीं आ रहा है कि सोने की खरीदारी कैसे होगी?” चूंकि भारतीय शादियों में सोने एक परंपरा का हिस्सा है इसलिए कुछ महिलाएं मानती हैं कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कुछ खरीद जरूरी है. भले ही 10 ग्राम की जगह 5 ग्राम सोना खरीदे. 

सोने के रिकॉर्ड हाई कीमत को लेकर दुकानदारों के भी माथे पर शिकन हैं. उनका कहना है कि ग्राहक आ तो रहे हैं, लेकिन बस दाम पूछकर लौट जा रहे हैं. ऐसे में खरीदारी में भारी गिरावट आई है. इंडियन बुलियन एसोसिएशन के मुताबिक, भारत में आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 96,320 रुपये है. 

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रनआउट का जश्न मनाते हुए भांगड़ा करने लगी पूरी टीम! क्रिकेट ग्राउंड बना शादी का डांस फ्लोर..

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Trending Video: क्रिकेट को ‘जेंटलमेन का खेल’ कहा जाता है, लेकिन जब इस खेल में मस्ती, मजाक और भांगड़ा की जबरदस्त तड़का लग जाए, तो समझ लीजिए कि मामला सिर्फ चौकों-छक्कों तक नहीं रुकने वाला. ऐसा ही एक गुदगुदा देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने खेल प्रेमियों के साथ-साथ आम दर्शकों को भी पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर दिया है. यह वीडियो एक लोकल क्रिकेट मैच का बताया जा रहा है, लेकिन जो कुछ कैमरे में कैद हुआ, उसने इसे हर क्रिकेट मैच से अलग बना दिया.

जब क्रिकेट मैदान पर भांगड़ा करने लगी पूरी टीम

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक क्रिकेट मैच का वीडियो आग की तरह फैल रहा है. लेकिन जनाब इसमें ना कोई छक्का है, ना चौका. यहां तो भांगड़ा है. जी हां, एक ऐसा नजारा जो आपने शायद ही कभी देखा हो और देखा भी हो तो यकीन नहीं हुआ होगा. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लोकल टूर्नामेंट चल रहा है. बॉलिंग टीम का स्पिनर बड़े प्यार से, ऐसे जैसे गेंद को नींद आ रही हो, बल्लेबाज की तरफ गेंद डालता है. बल्लेबाज भी मौके का फायदा उठाते हुए झट से एक रन लेकर दूसरा रन चुराने की कोशिश करता है.

असली ट्विस्ट आगे है

लेकिन तभी नॉन-स्ट्राइकर वाला दोस्त चिल्ला देता है, “भाई बस कर, एक ही काफी है.” मगर तब तक देर हो चुकी होती है बंदा दूसरे छोर पर पहुंच भी जाता है लेकिन नॉनस्ट्राइकर अपनी क्रीज छोड़ने को तैयार नहीं होता. नतीजा रनआउट. गेंद उड़ती हुई सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में समा जाती है, अब आप सोच रहे होंगे कि अगला सीन होगा स्टंप उड़ते हुए, खिलाड़ी जश्न मनाते हुए, लेकिन जनाब! यहां ट्विस्ट है.

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यूजर्स ले रहे मजे

विकेटकीपर भाई साहब ने गेंद हाथ में ली और स्टंप उड़ाने के बजाय पिच को ही डांस फ्लोर बना डाला. जी हां, पहले तो खुद ने जोरदार भांगड़ा शुरू किया, फिर देखते ही देखते पूरी टीम ऐसे नाची जैसे भारत ने वर्ल्ड कप जीत लिया हो. बल्लेबाज बेचारा कन्फ्यूज कि रन आउट होकर वापस जाना है या इन लोगों के साथ डांस करना है. इस गदर मचाते वीडियो ने इंटरनेट की जनता को हंसी से लोटपोट कर दिया है. कोई कह रहा है “ऐसा विकेटकीपर चाहिए जिंदगी में, जो आउट करने से पहले डांस करे.” तो कोई बोला..“यह मैच नहीं, पंजाबी म्यूजिक वीडियो था.”

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क्या क्या करेगा चीन? अब बना डाली नकली मछलियां, रेस्टोरेंट में धड़ल्ले से खा रहे लोग, देखें…

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Trending Video: दुनिया जहां टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के सपने देख रही है, वहीं चीन ने अपनी पारंपरिक ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है. जहां बाकी देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष की होड़ में लगे हैं, चीन ने सीधा जनता के थालियों में छलांग लगा दी है. वो भी नकली मछलियों के साथ. सोचिए, न समुद्र, न जाल, न मछुआरे.  बस थोड़ा कॉर्नफ्लोर, थोड़ा गरम पानी और थोड़ा चाइनीज कमाल और तैयार है एकदम असली जैसी नकली मछली, जिसे देख पाना तो मुश्किल है पर निगल जाना बेहद आसान.

चीन बना रहा मक्का के आटे की मछलियां

ये कारनामा सिर्फ खाना नहीं, चीन की उस क्षमता का नमूना है जो किसी भी चीज को बना देने में यकीन रखता है, चाहे वो मोबाइल हो या मछली. सोचिए, आप होटल में बैठे हैं, प्लेट में बासमती चावल और उस पर सजी चमचमाती ग्रेवी वाली मछली लेकिन जैसे ही कांटा डुबोते हैं, मछली के अंदर से आता है कॉर्नफ्लोर का सच्चा स्वाद. जी हां, चीन में एक अजीबो-गरीब कांड ने इंटरनेट पर भूचाल ला दिया है. एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे सिर्फ कॉर्नफ्लोर और एक खास लिक्विड मिक्सचर को गर्म-ठंडा करके हूबहू असली जैसी मछलियां बनाई जा रही हैं. हालांकि कुछ लोग इसे मछली के शेप वाले नूडल करार दे रहे हैं. 

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

चीन की नकली मछली कहकर पुकार रहे लोग

इस फर्जी फिश फैक्ट्री में सबसे पहले एक सफेद झागदार घोल तैयार किया जाता है, जिसमें कॉर्न फ्लोर को गर्म किया जाता है. इसके बाद इसे ठंडा करके गाढ़ा जैली जैसा बना दिया जाता है. अगला स्टेप है शेपिंग, यानी इस मिश्रण को मछली के आकार वाले सांचे में डालकर ठंडे पानी से जमाना. कुछ ही मिनटों में नकली मछली तैयार है. बाहर से देखने पर इतनी असली कि शक हो ही न पाए. इसे रेस्टोरेंट में खूब जमकर परोसा जा रहा है जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.

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यूजर्स ने लिए चीन के मजे

वीडियो को bihari_laykaa नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ये तो कॉर्न फ्लोर के आटे से बनाया गया है. एक और यूजर ने लिखा…कहां से आते हैं ये लोग. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ये मछली की शेप वाले नूडल्स हैं.

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सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले और जंग की कहानी दिखाएगी ‘केसरी वीर’, देखें ट्रेलर

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Kesari Veer Trailer: सूरज पंचोली की अपकमिंग फिल्म ‘केसरी वीर: लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज नजर आ रहा है. फिल्म की रिलीज में अब कुछ दिन ही बचे हैं और मेकर्स ने इसका ट्रेलर रिलीज कर दिया है. ‘केसरी वीर: लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ का ट्रेलर देखकर फैंस में फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है. कुछ ही घंटों में यूट्यूबर पर ट्रेलर ने एक मिलियन का आंकड़ा भी पार कर लिया है.

‘केसरी वीर: लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ का ट्रेलर एक्शन, लड़ाई, खून-खराबे और भगवान शिव की भक्ति से भरपूर है. फिल्म में सूरज पंचोली फुल एक्शन मोड में धर्म की लड़ाई लड़ते नजर आने वाले हैं. ट्रेलर में उनके एक से बढ़कर एक डायलॉग हैं जो अपने धर्म को लेकर उनकी पक्की आस्था को जाहिर करते हैं. वहीं ट्रेलर में सुनील शेट्टी और विवेक ओबेरॉय का भी बेबाक अंदाज देखने को मिला है.

सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले की कहानी दिखाएगी फिल्म
‘केसरी वीर’ की कहानी गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले की कहानी दिखाएगी. इस पीरियड-ड्रामा में सोमनाथ मंदिर को बचाने वाले गुमनाम योद्धाओं के बलिदान और बहादुरी को दिखाया जाएगा. केसरी वीर में सूरज पंचोली राजपूत योद्धा हमीरजी गोहिल का किरदार निभा रहे हैं. ये वहीं बहादुर हैं जिन्होंने सोमनाथ मंदिर को बचाने के लिए तुगलक साम्राज्य के खिलाफ जंग लड़ी थी. वहीं सुनील शेट्टी भी शिव भक्त वेगड़ा जी के किरदार में दिखेंगे.

विवेक ओबेरॉय ‘केसरी वीर’ में विलेन अवतार (जफर खान) में नजर आएंगे. फिल्म में आकांक्षा शर्मा बतौर लीड एक्ट्रेस दिखाई देंगी. वे इस फिल्म से अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रही हैं.

कब रिलीज होगी ‘केसरी वीर: लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ’?
प्रिंस धीमान के डायरेक्शन वाली ‘केसरी वीर: लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ को चौहान स्टूडियोज के बैनर तले बनाया गया है. इतिहास के दर्दनाक हादसे की अनसुनी दास्तान सुनाती ये फिल्म 16 मई, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

 

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बजट भी सेफ, गेमिंग से लेकर स्टडी तक परफॉर्मेंस भी टॉप, जाने 50 हजार में बेस्ट Laptops की लिस्ट

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<p style="text-align: justify;">अगर आप लैपटॉप लेना चाहते है और आपका बजट 50,000 रुपये के ज्यादा नहीं है तो घबराने की बात नहीं है. हम आपके लिए ऐसे 5 टॉप लैपटॉप की लिस्ट लेकर आई हैं जिसकी कीमत 50,000 रुपये से कम है. बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी काफी दमदार हैं. इन लैपटॉप्स की खास बात ये है कि आप इनका इस्तेमाल पढ़ाई, ऑफिस और गेमिंग के लिए भी कर सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1. ASUS Vivobook 15- पतला दिखने वाला मगर दमदार परफॉर्मर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस लैपटॉप को देखकर शायद आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि ये गेमिंग में भी हाथ आजमा सकता है. इसका लुक बहुत सिंपल है लेकिन इसके अंदर H Series का Intel Core i3-1215U प्रोसेसर है, जो मल्टीटास्किंग के साथ हल्की-फुल्की गेमिंग भी आराम से करवा देता है. &nbsp;</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>डिस्प्ले:</strong> 15.6 इंच FHD &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>RAM/Storage:</strong> 8GB RAM, 512GB SSD &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कीमत:</strong> 46,990 रुपये&nbsp;&nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>2. HP Victus- गेमिंग के शौकीनों के लिए परफेक्ट चॉइस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप एक सच्चे गेमर हैं लेकिन बजट कम है तो HP Victus एक शानदार ऑप्शन है. इसमें Intel i7 या Ryzen 7 जैसे हाई-एंड प्रोसेसर और NVIDIA ग्राफिक्स मिलते हैं, जो हाई-परफॉर्मेंस की गारंटी देते हैं.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>डिस्प्ले:</strong> 144Hz रिफ्रेश रेट &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>RAM/Storage:</strong> 16GB RAM, 512GB SSD &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कीमत:</strong> 55,890 रुपये (लेकिन ऑफर्स में 50,000 से कम में मिल सकता है)&nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कूलिंग सिस्टम:</strong> लंबी गेमिंग के दौरान भी लैग नहीं करेगा &nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;3. Acer Aspire 7- एंट्री लेवल गेमिंग लैपटॉप, लेकिन जबरदस्त</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ये ACER का एक भरोसेमंद मॉडल है, जो 13th Gen Intel Core i5 प्रोसेसर और 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है. 888 गेम्स भी इसमें बिना किसी दिक्कत के चलाए जा सकते हैं.&nbsp;</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>डिस्प्ले:</strong> 15.6 इंच Full HD IPS &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>प्रोसेसर:</strong> Intel Core i5-13420H &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कीमत:</strong> 54,990 रुपये (ऑफर्स में ₹50,000 के आसपास) &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>परफॉर्मेंस:</strong> स्टेबल और स्मूद गेमिंग &nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;4. ASUS Vivobook OLED- शानदार डिस्प्ले के साथ स्टाइलिश लैपटॉप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप चाहते हैं कि आपका लैपटॉप देखने में भी क्लासी लगे और काम में भी बेहतरीन हो, तो ASUS Vivobook OLED आपके लिए है. इसमें 3.2K OLED डिस्प्ले और इंटेल एआरसी ग्राफिक्स दिए गए हैं. &nbsp;</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>डिस्प्ले:</strong> 16 इंच 3.2K OLED, 120Hz &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>प्रोसेसर:</strong> Intel i5 के वैरिएंट्स &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कीमत:</strong> 48,990 रुपये&nbsp;&nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>खासियत:</strong> थंडरबोल्ट 4, Wi-Fi 6E, ब्लूटूथ 5.3 &nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>5. ASUS TUF A15 &ndash; प्रोफेशनल गेमर्स का भरोसेमंद साथी</strong><br />अगर आप हेवी गेमिंग और मल्टीमीडिया एडिटिंग में भी हाथ आजमाते हैं, तो ASUS TUF A15 आपको परफॉर्मेंस के मामले में निराश नहीं करेगा। &nbsp;</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>RAM:</strong> 32GB तक सपोर्ट &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>कीमत:</strong> ₹52,900 (कई बार ऑफर में 50K में मिल जाता है) &nbsp;</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>यूसेज:</strong> गेमिंग, स्ट्रीमिंग, एडिटिंग- सबकुछ आसान &nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">अगर आपका बजट 50,000 रुपये है और आप एक ऐसा लैपटॉप ढूंढ रहे हैं जो न सिर्फ पढ़ाई और ऑफिस के काम में काम आए बल्कि गेमिंग और मल्टीमीडिया में भी परफॉर्म करे, तो Acer Aspire 7 और ASUS Vivobook OLED सबसे बैलेंस्ड ऑप्शन हैं. वहीं, अगर थोड़ा ऑफर का फायदा उठाया जाए तो HP Victus और ASUS TUF A15 भी इस बजट में आपकी झोली में आ सकते हैं.</p>

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अब मनमर्जी से नहीं बढ़ा सकेंगे फीस! जानिए कब और कैसे बढ़ेगी स्कूल फीस, किसकी लेनी होगी मंजूरी

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अब निजी स्कूलों में मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी. दिल्ली सरकार एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसके तहत तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी. फीस बढ़ाने से पहले स्कूलों को कई स्तरों पर स्वीकृति लेनी होगी और इसमें अभिभावकों की राय को भी अहमियत दी जाएगी.

इस व्यवस्था के तहत सबसे पहले स्कूल स्तर पर एक 10 सदस्यीय फीस रेगुलेशन कमेटी बनाई जाएगी. यह समिति स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ 5 अभिभावकों को भी शामिल करेगी. समिति में अनुसूचित जाति और महिला प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी होगी. यह कमेटी स्कूल की इमारत, संसाधन, स्टाफ और कुल 18 बिंदुओं पर विचार कर तय करेगी कि फीस बढ़ाना जरूरी है या नहीं. यह कमेटी हर वर्ष 21 जुलाई तक गठित की जाएगी और इसके पास अपनी रिपोर्ट देने के लिए 21 दिन का समय होगा. समिति का निर्णय तीन वर्षों तक मान्य होगा. यानी बार-बार फीस बढ़ाने की कोशिश नहीं की जा सकेगी.

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कैसे होगा फैसला 

अगर स्कूल स्तर की समिति समय पर निर्णय नहीं दे पाती या उसमें विवाद होता है, तो मामला जिला स्तरीय समिति के पास जाएगा. जिसकी अध्यक्षता डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन करेंगे. यहां पर फिर से सुनवाई होगी और यदि 45 दिन के भीतर भी फैसला नहीं होता तो मामला राज्य स्तरीय समिति को सौंप दिया जाएगा. राज्य स्तरीय समिति में 7 सदस्य होंगे, जो आखिरी फैसला देंगे. इतना ही नहीं यदि स्कूल स्तर की समिति के फैसले से 15 फीसदी या उससे अधिक अभिभावक असहमत होते हैं तो वे सीधे जिला समिति में अपील कर सकते हैं.

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क्या बोलीं सीएम?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल फीस को लेकर कोई भी प्रावधान नहीं था. मगर अब दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. आज कैबिनेट में ड्राफ्ट बिल पास किया गया है, जिसमें सभी प्राइवेट स्कूलों में फीस को लेकर गाइडलाइन तय की जाएगी.

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क्या वाकई में विशेष होते हैं जिनके हाथ में होती हैं 6 अंगुलिया?

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<p style="text-align: justify;"><strong>Samudrik Shastra:</strong> बर्थ मार्क, होठों पर तिल आदि शरीर में ऐसे कई निशान होते हैं जिन्हें लोग बहुत सौभाग्यशाली मानते हैं. ऐसे ही जिन लोगों के हाथ या पैर में 6 उंगलियां होती है उन्हें बेहद लकी माना जाता है. कुछ हाथों में छोटी उंगली के पास छठी उंगली होती है और वहीं कुछ हाथों में अंगूठे के पास में होती है. हाथों के अलावा कुछ लोगों के पैरों में भी 6 उंगलियां होती है. जानें 6 उंगलियों वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व कैसा होता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6 उंगली वाले लोग कैसे होते हैं ?</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>जिन लोगों के हाथ या पैर में छोटी उंगली से जुड़ी एक अतिरिक्त उंगली होती है, उस पर बुध पर्वत का प्रभाव होता है और अंगूठे से जुड़ी उंगली पर शुक्र पर्वत का प्रभाव होता है. बुध के शुभ प्रभाव के कारण ये लोग बहुत बुद्धिमान होते हैं. तीव्र बुद्धि के कारण इन्हें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है.</li>
<li>शुक्र के प्रभाव के कारण ये लोग बहुत रचनात्मक होते हैं. ये बहुत शौकीन भी होते है. घूमने का इन्हें बहुत शौक होता है. हर काम में बेहतर संतुलन बनाए रखता है.</li>
<li>हस्तरेखा और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के हाथ में 6 गुलियां होती हैं, वो भाग्यशाली होते हैं. जिस व्यक्ति के हाथ में 10 से अधिक उंगलियां हैं, वह अधिक फायदा कमाने वाला और हर काम में छानबीन करने वाला होता है.</li>
<li>ये लोग अपने काम को बेहतर तरीके से मेहनत कर करते हैं और उसे पूरा करने में ईमानदारी रखते हैं.</li>
<li>ऐसे लोग अच्छे आलोचक भी होते हैं, हालांकि इस कारण कई बार इनके दूसरे लोगों से संबंध खराब हो जाते हैं.</li>
<li>प्राचीन काल में ऋषि-मुनि केवल एकाग्रता बढ़ाने के लिए उंगलियों और अंगूठे को जोड़कर ध्यान करते थे, जबकि छठी उंगली से यह स्वतः ही हो जाता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><a title="राहु-शनि की चाल से कौन से 5 लोग बनेंगे भाग्यपति ?" href=" target="_self">राहु-शनि की चाल से कौन से 5 लोग बनेंगे भाग्यपति ?6&nbsp;</a></p>
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VIDEO: कनाडा में इस बार नहीं चला खालिस्तानी एजेंडा! जगमीत सिंह को मिली करारी हार

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Canada Election: कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और कनाडाई राजनीति में खालिस्तान समर्थक के रूप में जाने जाने वाले जगमीत सिंह ने बर्नबाई सेंट्रल में अपनी सीट की हार स्वीकार कर ली है. उन्होंने घोषणा की है कि जैसे ही अंतरिम नेता की नियुक्ति हो जाएगी, वह अपने पार्टी पद से इस्तीफा दे देंगे.

गुरमीत बर्नबी में अपने कैंपेन हेडक्वार्टर में मंच पर आए और एनडीपी चुनाव पार्टी में अपने समर्थकों और अपने परिवार को धन्यवाद दिया. उन्होंने लिबरल नेता मार्क कार्नी को उनकी जीत पर बधाई भी दी. अपने भाषण के दौरान, गुरमीत सिंह ने एनडीपी के प्रति अपने प्यार और भविष्य के बारे में बात की और फूट-फूटकर रोने लगे. गुरमीत ने कहा, “आप सभी का और इस कमरे में मौजूद सभी लोगों का धन्यवाद, आप लोगों ने इसमें अपना दिल लगा दिया. आपने जो कुछ भी किया है, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. आप अद्भुत हैं.”

‘मुझे इस बात का खेद है…’

एनडीपी नेता ने कहा, “मुझे पता है कि आज की रात न्यू डेमोक्रेट्स के लिए निराशाजनक है. हमारे पास बहुत अच्छे उम्मीदवार थे, जो आज रात हार गए. मुझे पता है कि आपने कितनी मेहनत की है. मैंने आपके साथ समय बिताया. आप अद्भुत हैं. मुझे बहुत खेद है कि आप अपने समुदायों का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएंगे. मुझे पता है कि आप उनके लिए लड़ना जारी रखेंगे.”

‘राजनीति के लिए बहुत त्याग किया’

गुरमीत ने हाउस ऑफ कॉमन्स में अपनी सीट- बर्नबी सेंट्रल छोड़ दी है, जिस पर वे 2019 से काबिज रहे और तीसरे नंबर पर आ गए हैं. इस सीट को पहले बर्नबी साउथ कहा जाता था. एनडीपी नेता ने कहा कि राजनीति के लिए अपना जीवन समर्पित करने का निर्णय कुछ त्याग के साथ आता है, “लेकिन हम यह जीवन इसलिए चुनते हैं क्योंकि इससे उस देश को बेहतर बनाने का मौका मिलता है जिसे आप प्यार करते हैं.” उन्होंने आंसू रोकने के लिए कुछ देर रुकते हुए कहा, “हम कभी-कभी हार जाते हैं और यह हार दुख पहुंचाती है.”

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