‘जाट’ बनी सनी देओल की दूसरी बड़ी फिल्म, वर्ल्डवाइड तोड़ा ‘गदर’ का रिकॉर्ड

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Jaat Worldwide Collection 19: सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ को पर्दे पर आए अब काफी समय हो गया है. 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है. हालांकि रिलीज के 20 दिन बाद भी ‘जाट’ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अपना बजट नहीं निकाल पाई है. लेकिन वर्ल्डवाइड अपनी लागत वसूलने के बाद फिल्म ने ‘गदर’ को मात दे दी है.

‘जाट’ के 19 दिनों का वर्ल्डवाइड कलेक्शन सामने आ गया है. सनी देओल की फिल्म रिलीज के पहले दिन से हर रोज करोड़ों कमा रही थी. वहीं कोइमोई की रिपोर्ट की मानें तो 19 दिनों में फिल्म ने दुनिया भर में कुल 116.84 करोड़ रुपए का बिजनेस करके रिकॉर्ड बना लिया है. इस कलेक्शन के साथ ‘जाट’ वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल के करियर की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है.

‘गदर’ को पछाड़ सनी देओल की दूसरी बड़ी फिल्म बनी ‘जाट’
‘जाट’ ने सनी देओल की फिल्म ‘गदर- एक प्रेम कथा’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन को पछाड़ दिया है. 2001 में पर्दे पर आई इस रोमांटिक फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर तब 111.73 करोड़ रुपए कमाए थे. ‘गदर’ अब तक सनी देओल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म थी, लेकिन अब ये खिताब ‘जाट’ ने अपने नाम कर लिया है. पहले नंबर पर अब भी ‘गदर 2’ का जलवा बरकरार है जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 691.08 करोड़ रुपए का कारोबार किया था.

साउथ फिल्म डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी के डायरेक्शन में बनी ‘जाट’ एक एक्शन-थ्रिलर है. फिल्म में सनी देओल के साथ रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार और रेजिना कैसेंड्रा जैसे कलाकार देखने को मिले हैं.

सनी देओल का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट पर सनी देओल के पास इस वक्त एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट हैं. वे नितेश तिवारी की ड्रीम फिल्म रामायण का हिस्सा हैं जिसमें वे भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे. इसके अलावा उनके पास वरुण धवन के साथ फिल्म बॉर्डर 2 और प्रीति जिंटा के साथ लाहौर 1947 भी पाइपलाइन में है. एक्टर ‘जाट’ के अगले सीक्वल में भी दिखाई देंगे.

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सुनील नरेन ने दिल्ली के जबड़े से छीन ली जीत, 14वें ओवर से पलटी बाजी; रोमांचक मैच में जीती KKR

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Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders: दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. इस रोमांचक मैच में केकेआर ने 14 रनों से जीत दर्ज की. कोलकाता नाइट राइडर्स की इस रोमांचक जीत के हीरो रहे सुनील नरेन. उन्होंने अपनी जादुई स्पिन से मैच पलटा. 

कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस मैच में पहले खेलने के बाद 204 रन बनाए थे. जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने एक समय 13 ओवर में 3 विकेट खोकर 130 रन बना लिए थे. ऐसा लग रहा था कि फाफ डु प्लेसिस (45 गेंद 62 रन) और अक्षर पटेल (23 गेंद 43 रन) आसानी से दिल्ली को जीत दिला देंगे, लेकिन फिर सुनील नरेन ने बाजी पलट दी. दिल्ली निर्धारित ओवरों में 190 रन ही बना सकी और केकेआर ने 14 रनों से मैच जीत लिया.

कोलकाता से मिले 205 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ही अभिषेक पोरेल चार रन बनाकर चलते बने. फिर करुण नायर

भी 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. सातवें ओवर में 60 के स्कोर पर केएल राहुल रन आउट हो गए. उन्होंने पांच गेंद में सात रन बनाए. भले ही एक छोर से विकेट गिर रहे थे, लेकिन फाफ डु प्लेसिस दूसरी तरफ से तेजी से रन बना रहे थे. 

60 रनों पर 3 विकेट गिरे तो लगा केकेआर आसानी से मैच जीत लेगी, लेकिन फाफ और अक्षर ने काउंटर अटैक कर दिया. दोनों तेजी से रन बनाने लगे. दोनों के बीच 76 रनों की साझेदारी हुई. 13.1 ओवर में दिल्ली का स्कोर 3 विकेट पर 136 रन बना लिए थे. फिर सुनील नरेन अक्षर पटेल को आउट कर दिया. वह 23 गेंद में 43 रन बनाकर पवेलियन लौटे. उनके बल्ले से 4 चौके और 3 छक्के निकले. 

फिर सुनील नरेन ने ट्रस्टन स्टब्स को बोल्ड कर दिया. स्टब्स सिर्फ एक रन ही बना सके. इसके बाद नरेन ने फाफ डु प्लेसिस को भी आउट कर दिया. उन्होंने 45 गेंद में 62 रन बनाए. उनके बल्ले से 7 चौके और दो छक्के निकले. अक्षर और फाफ के आउट होते ही केकेआर हावी हो गई. 

अंत में आशुतोष शर्मा और विपराज निगम से चमत्कार की उम्मीद थी, लेकिन आशुतोष एक छक्का लगाने के बाद आउट हो गए. उन्होंने सात रन बनाए. विपराज ने आक्रामक रुख दिखाया. उन्होंने 19 गेंद में 4 चौकों और 3 छक्कों की बदौलत 43 रनों की पारी खेली, लेकिन वह दिल्ली को जीत नहीं दिला सके. 

कोलकाता के लिए सुनील नरेन ने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके. वरुण चक्रवर्ती ने भी दो विकेट लिए. इसके अलावा अंकुल रॉय, वैभव अरोड़ा और आंद्रे रसेल को एक-एक सफलता मिली.

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स्वीडन में मास शूटिंग, सैलून में घुसकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, कम से कम 3 लोगों की मौत

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Mass Shooting in Sweden : स्वीडन के उप्साला शहर में मंगलवार (29 अप्रैल) को एक हेयर सैलून में मास शूटिंग की घटना हुई है. सैलून के अंदर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है. इस मास शूटिंग की घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा कई अन्य घायल भी हुए.

स्वीडन के स्थानीय अखबार UNT ने स्वीडन पुलिस के हवाले से कहा कि स्वीडन के उप्साला शहर में मास शूटिंग के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, यह घटना शहर के मध्य में स्थित वाक्साला स्क्वायर के पास घटी.

फायरिंग की आवाज सुनकर लोगों के बीच अफरातफरी

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना जिस समय हुई उस समय लोग वालपुर्गिस स्प्रींग फेस्टिवल की पूर्व संध्या मना रहे थे. इस फेस्टिवल के दौरान लोगों की भारी भीड़ सड़क पर मौजूद थी. सैलून में फायरिंग की आवाज सुनकर लोगों के बीच अफरातफरी मच गई.

स्वीडिश पुलिस ने कई लोगों के घायल होने की दी जानकारी

वहीं, पूर्वी स्वीडिश शहर की पुलिस के हवाले से न्यूजवीक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि फेस्टिवल में मौजूद लोगों ने जब फायरिंग की आवाजें सुनी तब उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. स्वीडिशॉ पुलिस ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बाद लोगों के कई कॉल रिसीव किए. पुलिस ने एक बयान में कहा कि कुछ लोगों को ऐसी चोटें आई हैं जो गोली लगने की ओर संकेत करती हैं.”

वहीं, यूरोन्यूज के मुताबिक, इस घटना के बाद अधिकारियों ने शहर के एक बड़े हिस्से को पूरे तरह से घेर लिया.

फरवरी महीने में स्वीडन के ओरेब्रू शहर में हुई थी फायरिंग

स्वीडन के उप्साला शहर में हुई इस गोलीबारी के अलावा इस साल फरवरी महीने में स्वीडन के ओरेब्रू शहर में एक 35 साल के बेरोजगार शख्स ने एक एडल्ट एजुकेशन सेंटर में मास शूटिंग कर दी थी. एजुकेशन सेंटर में हुई गोलीबारी में शिक्षकों और छात्रों को मिलाकर कुल 10 लोगों की मौत हुई थी. इस घटना को देश का सबसे घातक मास फायरिंग कहा गया.

ओरेब्रू शहर में मास फायरिंग की घटना के बाद देश की दक्षिणपंथी सरकार ने बंदूक नियंत्रण कानूनों को कड़ा करने की योजना की घोषणा की थी.

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अब आंखों और कानों से होगी शूटिंग! Apple के नए गैजेट्स में लगेगा कैमरा

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Apple Smart Glasses: Apple लंबे समय से अपने स्मार्ट ग्लासेस पर काम कर रहा है. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के CEO टिम कुक इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अपनी प्राथमिकता बना लिया है. खबरों की मानें तो Apple अपने स्मार्ट ग्लासेस में कैमरा और माइक्रोफोन जोड़ने की योजना बना रहा है. इसके साथ ही, कंपनी कैमरा लगे एडवांस AirPods पर भी काम कर रही है.

रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Bloomberg के मार्क गुरमैन ने अपनी हालिया “Power On” रिपोर्ट में खुलासा किया कि Apple का यह स्मार्ट ग्लास प्रोजेक्ट फिलहाल ‘N50’ कोडनेम से डेवलप हो रहा है. Apple का लक्ष्य है कि ये चश्मे “Apple Intelligence” का असली उदाहरण बनें. ये पारंपरिक ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) हेडसेट्स जैसे नहीं होंगे बल्कि इनमें लगे कैमरा और सेंसर यूज़र के आसपास के माहौल को स्कैन कर के रियल-टाइम में AI को डेटा देंगे. हालांकि, यह पूरी तरह से AR एक्सपीरियंस नहीं देगा.

स्मार्ट ग्लासेस में देरी

हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी तैयार होने से काफी दूर है और जल्द बाज़ार में आने की उम्मीद नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple को हल्के वजन, दमदार फीचर्स, बेहतर बैटरी लाइफ और स्टाइलिश डिज़ाइन के बीच सही संतुलन बनाने में काफी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. पहले भी रिपोर्ट आई थी कि पूरी तरह से फंक्शनल AR ग्लासेस को लॉन्च करने में Apple को कम से कम 3 से 5 साल का वक्त लग सकता है.

AirPods में भी मिलेगा कैमरा

स्मार्ट ग्लासेस के अलावा Apple अपने AirPods को भी और स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रहा है. बताया जा रहा है कि नए AirPods में बाहरी दिशा की तरफ देखने वाले इंफ्रारेड कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे पारंपरिक कैमरे नहीं होंगे बल्कि iPhone के Face ID सेंसर जैसे इंफ्रारेड तकनीक पर आधारित होंगे.

इन नए AirPods का मेन काम होगा आसपास के वातावरण का डेटा इकट्ठा कर AI सिस्टम को भेजना ताकि यूज़र को ज्यादा पर्सनल और इंटरैक्टिव अनुभव मिल सके जैसे कि बेहतर स्पैशियल ऑडियो. इसके अलावा, इन कैमरों की मदद से यूज़र हैंड जेस्चर से भी म्यूजिक कंट्रोल कर सकेंगे, कॉल उठा सकेंगे या फिर AR एक्सपीरियंस का मजा ले सकेंगे.

कब लॉन्च होंगे ये डिवाइस?

एनालिस्ट मिंग-ची कुओ के अनुसार, कैमरा लगे AirPods का मास प्रोडक्शन 2026 या 2027 तक शुरू हो सकता है. यानी अभी इन शानदार गैजेट्स के लिए कुछ साल और इंतज़ार करना पड़ेगा. जहां Apple धीरे-धीरे अपने इन प्रोडक्ट्स को डेवलप कर रहा है, वहीं Meta पहले ही बाज़ार में उतर चुका है. Meta ने 2023 में Ray-Ban के साथ मिलकर अपने स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च किए थे. अब कंपनी भारत में भी अपने Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है.

Android XR भी होने वाला है लॉन्च

गूगल ने वैंकूवर में आयोजित TED कॉन्फ्रेंस में अपने नए Android XR स्मार्ट ग्लासेस का प्रोटोटाइप पेश किया है. गूगल के AR और VR विभाग के प्रमुख, शहराम इज़ादी ने खुद इस चश्मे के फीचर्स के बारे में बताया है. इन ग्लासेस को गूगल के नए Gemini AI से ताकत मिलती है. इनका डिज़ाइन काफी हल्का और सिंपल रखा गया है जो स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर प्रोसेसिंग करता है. इसका फायदा यह है कि चश्मे का वजन कम रहता है और यूज़र को आरामदायक अनुभव मिलता है.

सबसे खास बात यह है कि ये ग्लास आम चश्मे या सनग्लास की तरह दिखते हैं जिससे इन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से पहना जा सकता है. इन छोटे लेकिन शक्तिशाली ग्लासेस में कैमरा, लेंस में डिस्प्ले, माइक्रोफोन और मिनी स्पीकर्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं.

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अक्षय तृतीया पर चढ़ाएं ये भोग, लक्ष्मी-नारायण होंगे प्रसन्न

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मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है. इनकी पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा पूरे श्रद्धाभाव और विधि-विधान से की जाती है.इस पूजा में भोग का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने में मदद करता है. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी नारायण की पूजा में कौन सा भोग चढ़ाएं.

मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है. इनकी पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा पूरे श्रद्धाभाव और विधि-विधान से की जाती है.इस पूजा में भोग का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने में मदद करता है. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी नारायण की पूजा में कौन सा भोग चढ़ाएं.

खीर और मिश्री : लक्ष्मी पूजा में खीर और मिश्री का विशेष महत्व है, क्योंकि यह भोग मां लक्ष्मी को अत्यधिक प्रिय है. मां लक्ष्मी का पसंदीदा रंग सफेद होने के कारण, खीर और मिश्री जैसे सफेद रंग के भोग उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करते हैं. सादी मिश्री भी मां लक्ष्मी को चढ़ाई जा सकती है, जिससे उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.

खीर और मिश्री : लक्ष्मी पूजा में खीर और मिश्री का विशेष महत्व है, क्योंकि यह भोग मां लक्ष्मी को अत्यधिक प्रिय है. मां लक्ष्मी का पसंदीदा रंग सफेद होने के कारण, खीर और मिश्री जैसे सफेद रंग के भोग उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करते हैं. सादी मिश्री भी मां लक्ष्मी को चढ़ाई जा सकती है, जिससे उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.

बताशे:  भोग में बताशे का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. चूंकि बताशे सफेद रंग के होते हैं, जो मां लक्ष्मी का प्रिय रंग है, इसलिए उन्हें विशेष रूप से शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है. इससे मां लक्ष्मी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.

बताशे: भोग में बताशे का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. चूंकि बताशे सफेद रंग के होते हैं, जो मां लक्ष्मी का प्रिय रंग है, इसलिए उन्हें विशेष रूप से शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है. इससे मां लक्ष्मी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.

मखाने की खीर: मां लक्ष्मी को मखाने का भोग भी अर्पित किया जा सकता है, जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि सफेद रंग के भी होते हैं. मखाने की खीर में सूखे मेवे डालकर भोग लगाने से मां लक्ष्मी अत्यधिक प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर आशीर्वाद बरसाती हैं.

मखाने की खीर: मां लक्ष्मी को मखाने का भोग भी अर्पित किया जा सकता है, जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि सफेद रंग के भी होते हैं. मखाने की खीर में सूखे मेवे डालकर भोग लगाने से मां लक्ष्मी अत्यधिक प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर आशीर्वाद बरसाती हैं.

पीली मिठाइयां : मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के भोग का महत्व है, क्योंकि भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है. इसलिए, मां लक्ष्मी को पीले लड्डू, पीली मिठाई या पीले चावल अर्पित करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिससे दोनों की कृपा प्राप्त हो सकती है.

पीली मिठाइयां : मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के भोग का महत्व है, क्योंकि भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है. इसलिए, मां लक्ष्मी को पीले लड्डू, पीली मिठाई या पीले चावल अर्पित करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिससे दोनों की कृपा प्राप्त हो सकती है.

देसी घी का हलवा : हलवा पूजा में एक लोकप्रिय भोग है, जो विभिन्न प्रकार से बनाया जा सकता है, जैसे कि सूजी, आटा, गाजर या मूंग दाल से. इसकी सादगी से बनने की वजह  से यह पूजा में अक्सर शामिल किया जाता है.

देसी घी का हलवा : हलवा पूजा में एक लोकप्रिय भोग है, जो विभिन्न प्रकार से बनाया जा सकता है, जैसे कि सूजी, आटा, गाजर या मूंग दाल से. इसकी सादगी से बनने की वजह से यह पूजा में अक्सर शामिल किया जाता है.

Published at : 29 Apr 2025 05:09 PM (IST)

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देश के अगले चीफ जस्टिस बीआर गवई ने किस कॉलेज से ली थी लॉ की डिग्री?

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जस्टिस बीआर गवई देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है. इससे पहले मौजूदा मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने उनके नाम की सिफारिश की थी. आइए जानते हैं वह कहां से डिग्री ले चुके हैं.

24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जस्टिस गवई ने नागपुर विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. एक साधारण परिवार से आने वाले गवई ने शिक्षा को अपनी सीढ़ी बनाकर कानूनी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.

मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया पोस्ट 

विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की नियुक्ति भारत के संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों के तहत की गई है. वर्तमान में वे सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं और 14 मई 2025 से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का कार्यभार संभालेंगे.

1985 में शुरू की थी वकालत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जस्टिस बीआर गवई ने 1985 में वकालत शुरू की थी और कुछ ही वर्षों में नागपुर बेंच और बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी काबिलियत से पहचान बनाई. वे अमरावती विश्वविद्यालय सहित कई नगर निगमों के लिए स्थायी वकील रहे और बाद में सरकारी वकील और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में भी सेवा दी.

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2019 में बनाया गया सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश

14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट में उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2005 में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए. इसके बाद उन्होंने मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और पणजी बेंचों में विभिन्न मामलों की अध्यक्षता की. 24 मई 2019 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया.

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पाकिस्तानी कलाकार कर सकते हैं भारत में काम? जावेद अख्तर बोले- ‘सवाल ही पैदा नहीं होता’

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Javed Akhtar On Pakistani Artists: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में रिलीज होने जा रही पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान की फिल्म ‘अबीर गुलाल’ पर रोक लगा दी गई. इस बीच गीतकार जावेद अख्तर से पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने की इजाजत होनी चाहिए? इसपर जवाब देते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि ऐसा फिलहाल मुमकिन ही नहीं हैं. 

जावेद अख्तर ने पीटीआई-भाषा से बातचीत के दौरान कहा- ‘इस बारे में बेहतर वक्त में सोचा जा सकता है और उम्मीद है कि कुछ सालों के बाद थोड़ी समझ पैदा होगी. अगर पाकिस्तान के प्रतिष्ठान का भारत के लिए बेहतर रवैया होगा, तब इस पर सोचा जा सकता है. लेकिन फिलहाल, ये सवाल ही पैदा नहीं होता, ये मुमकिन नहीं है.’

अबीर गुलाल की रिलीज रोके जाने पर बोले जावेद अख्तर
इस दौरान जावेद अख्तर ने पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान की फिल्म ‘अबीर गुलाल’ की भारत में रिलीज रोके जाने के सवाल का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा- ‘खास तौर पर हाल में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद यह इस वक्त चर्चा का विषय भी नहीं होना चाहिए, पहलगाम में जो कुछ हुआ है, उसके कारण शायद ही कोई दोस्ताना भावना या गर्मजोशी है. सवाल ये होना चाहिए कि क्या हमें पाकिस्तानी कलाकारों को यहां काम करने की इजाजत देनी चाहिए?’

पाकिस्तान ने बदले में नहीं किया भारत जैसा सुलूक
जावेद अख्तर ने आगे ये भी कबा कि नुसरत फतेह अली खान, मेहदी हसन, गुलाम अली और नूरजहां जैसे पाकिस्तानी कलाकारों का भारत में भारतीय अधिकारियों ने दिल खोलकर वेलकम किया था, लेकिन पाकिस्तान ने बदले में ऐसा सुलूक नहीं किया. उन्होंने फैज अहमद फैज को भारत में दी गई इज्जत की मिसाल देते हुए कहा- ‘मैं (उन्हें) पाकिस्तानी शायर नहीं कहूंगा, वो पाकिस्तान में रह रहे थे क्योंकि उनका जन्म वहीं हुआ था. लेकिन वो उपमहाद्वीप के शायर थे, शांति और प्रेम के शायर थे. वो श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत आए तो उनके साथ राष्ट्राध्यक्ष जैसा बर्ताव किया गया.’

‘मुझे पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है’
अख्तर ने आगे कहा- ‘सरकार ने उन्हें जिस तरह का सम्मान दिया और जिस तरह से उनकी देखभाल की, वो तारीफ के काबिल है. लेकिन मुझे अफसोस है कि इसका कभी भी बदला नहीं मिला. मुझे पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है. जावेद अख्तर ने आगे लता मंगेशकर को लेकर कहा कि वो 60 और 70 के दशक में पाकिस्तान में बहुत पॉपुलर थीं, लेकिन उन्होंने वहां एक बार भी परफॉर्मेंस नहीं दी.’

‘जब बर्ताव सिर्फ एकतरफा होता है…’
अख्तर ने कहा- ‘मैं पाकिस्तान के लोगों से शिकायत नहीं करूंगा, क्योंकि वे उनसे (मंगेशकर) प्यार करते थे. इसलिए वो इतनी लोकप्रिय थीं. वे उनकी तारीफ करते थे, लेकिन कुछ रुकावटें थीं और रुकावटें व्यवस्था में थीं. जब बर्ताव सिर्फ एकतरफा होता है, तो एक वक्त के बाद ऊब आ जाती है. ये बिल्कुल बराबरी का होना चाहिए. हमें आपसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता, लेकिन यह कब तक चलता रहेगा?’

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इस खिलाड़ी को IPL में 1000 रन बनाने में लगे 15 साल, विराट कोहली ने एक सीजन में बना डाले थे 973

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'तुम मेंटली सिक हो, माफी मांगो वरना...', पहलगाम हमले पर पाकिस्‍तान के पूर्व उच्‍चायुक्‍त ने दिया ऐसा बयान भड़क गए विवेक काटजू

‘तुम मेंटली सिक हो, माफी मांगो वरना…’, पहलगाम हमले पर पाकिस्‍तान के पूर्व उच्‍चायुक्‍त ने दिया ऐसा बयान भड़क गए विवेक काटजू

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