‘पहलगाम हमले में हमारा कोई हाथ नहीं…’, UN महासचिव से फोन पर गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ, भारत को ले

[ad_1]

India Pakistan Tension: पहलगाम आतंकी हमले क बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है. इस बीच दोनो देशों की मौजूदी स्थिति पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बात की. शहबाज शरीफ ने बातचीत के दौरान भारत के आरोपों को नकारा और पहलगाम आतंकी हमले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की.

संयुक्त राष्ट्र के आगे गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर विवाद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप सुलझाने में अपनी भूमिका निभाए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यदि उसकी संप्रभुता को चुनौती दी गई तो वह पूरी ताकत से उसका जवाब देगा.

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया और पहलगाम आतंकी हमले दुख जताया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत इस बात के लिए संकल्पबद्ध है कि इस हमले के अपराधियों, प्लानिंग करने वालों और समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाए.

एंटोनियो गुटेरेस ने एस जयशंकर से भी बात की 

यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की.

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर UN ने चिंता जताई

महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसे टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपना सहयोग देने की पेशकश की.

पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले के संबंध में पाकिस्तान के खिलाफ अपने आरोपों के लिए एक भी सबूत नहीं दिया है. बौखलाए पाक आधिकारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने में भारत का हाथ है.

[ad_2]

‘मैं संत नहीं हूं..’, जब महिलाओं पर विनोद खन्ना ने कही थी ऐसी बात, खूब मचा था बवाल

[ad_1]

Vinod Khanna Viral Video: विनोद खन्ना का नाम हिंदी सिनेमा के उन स्टार्स की लिस्ट में शामिल है. जो अपनी एक्टिंग के साथ स्टाइल से भी लोगों का दिल जीत लेते थे. अपने दौर में एक्टर ने बॉलीवुड को कई हिट और ब्लॉबस्टर फिल्में दी थी. आज भले ही वो दुनिया में नहीं है, लेकिन उनके किस्से सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरते रहते हैं. वहीं एक्टर का जो वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो अपनी लव लाइफ और महिलाओं के बारे में बात करते दिखे. जानिए उन्होंने क्या कहा.

विनोद खन्ना का पुराना वीडियो हुआ वायरल

विनोद खन्ना का ये वीडियो रेडिट पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक्टर काफी डैशिंग लुक में नजर आ रहे हैं. उन्होंने ब्लू डेनिम के साथ येलो टीशर्ट पहनी है. आंखों पर चश्मा और हाथ में सिगरेट लिए विनोद खन्ना बहुत हैंडसम नजर आ रहे हैं. लेकिन ये वीडियो उनके लुक नहीं बल्कि उनकी बातों की वजह से चर्चा में बना हुआ है.

‘मैं कोई संत नहीं हूं..’, महिलाओं को लेकर सालों पहले विनोद खन्ना ने कही थी ऐसी बात, खूब मचा था बवाल

मैं कुंवारा था, कोई संत नहीं था

दरअसल इस वीडियो में विनोद खन्ना महिलाओं से अपने संबंध के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि ‘मैं बैचलर था और कोई संत भी नहीं था. मेरी बॉडी को भी कुछ चीजों की जरूरत होती है. बिना महिलाओं के तो हम भी यहां नहीं होते, तो फिर मेरे महिलाओं के साथ होने पर किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए’. एक्टर के इस बयान से काफी बवाल भी हुआ था. 


करियर के टॉप पर आध्यत्म से जुड़े थे विनोद खन्ना

बता दें कि विनोद खन्ना ने अपनी फिल्मों से खूब स्टारडम हासिल किया था. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि करियर के टॉप पर एक्टर इस फेम को छोड़कर आध्यात्म की राह पर भी चले गए थे. करीब पांच साल वो ओशो के आश्रम में रहे थे. वो अपनी लाइफ में सुकून की तलाश कर रहे हैं. इसके बाद वो वापिस एक्टिंग में भी लौट आए थे. एक्टर का निधन 27 अप्रैल 2017 को हुआ था.

ये भी पढ़ें –

जब मृणाल ठाकुर को छोड़ स्टारकिड की तरफ दौड़ी थी मीडिया, अब छलका एक्ट्रेस का दर्द, बोलीं – ‘उनकी नहीं, गलती हमारी है’

 



[ad_2]

इंसानी सर्जनों की छुट्टी तय! Elon Musk ने किया सनसनीखेज खुलासा

[ad_1]

Elon Musk: AI का युग अब केवल डेटा एनालिसिस और कोडिंग तक सीमित नहीं रहा है. अब यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे ज्यादा विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में भी दस्तक दे रही है. टेक्नोलॉजी के क्षेत्र के दिग्गज एलन मस्क का मानना है कि आने वाले समय में रोबोट्स न केवल सर्जनों की मदद करेंगे बल्कि उन्हें पछाड़ भी देंगे. मस्क के अनुसार, अगले पांच वर्षों के भीतर रोबोट्स दुनिया के सबसे बेहतरीन इंसानी सर्जनों से भी ज्यादा कुशल हो जाएंगे.

X पर किया खुलासा

एक्स (पहले ट्विटर) पर मारियो नाफल की एक पोस्ट का जवाब देते हुए मस्क ने लिखा, “कुछ वर्षों में रोबोट अच्छे सर्जनों को और पांच साल में सर्वश्रेष्ठ सर्जनों को पीछे छोड़ देंगे.” यह टिप्पणी Medtronic की Hugo रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी (RAS) सिस्टम पर बेस्ड एक रिपोर्ट के संदर्भ में आई है. Hugo ने हाल ही में प्रोस्टेट, किडनी और ब्लैडर जैसी जटिल यूरीनरी सर्जरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 137 सफल ऑपरेशन किए. इन ऑपरेशनों में जटिलता का स्तर नॉर्मल सर्जरी के मुकाबले कहीं कम रहा. रिपोर्ट के अनुसार, Hugo ने 98.5% सफलता दर हासिल की जबकि शुरुआती लक्ष्य केवल 85% था. केवल दो मामलों में पारंपरिक सर्जरी का सहारा लेना पड़ा, एक बार मशीन में खराबी के कारण और दूसरी बार एक जटिल मरीज के केस में.

हालांकि फिलहाल रोबोट्स पूरी तरह से सर्जनों की जगह नहीं ले रहे हैं लेकिन अब ऑपरेशन थियेटरों में इनकी मौजूदगी भरोसेमंद और आम होती जा रही है. मारियो नाफल ने अपने पोस्ट में कहा, “इसका मतलब यह नहीं कि कल से ही रोबोट सर्जन बन जाएंगे, लेकिन आपके अगले डॉक्टर के साथ रोबोट्स की मौजूदगी सहायक ज़रूर हो सकते हैं.”

एलन मस्क की कंपनी कर रही काम

एलन मस्क, इस बदलाव को और भी गहरे स्तर पर आते देख रहे हैं. अपनी कंपनी Neuralink के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस चिप को इंसानों में इम्प्लांट करने के लिए रोबोट्स का सहारा लिया. मस्क के मुताबिक, इतनी बारीक और तेज सर्जरी इंसानी हाथों से संभव नहीं थी. Neuralink फिलहाल लकवे से पीड़ित मरीजों पर R1 रोबोट के जरिए परीक्षण कर रही है.

यह रोबोट मस्तिष्क में बेहद पतले 64 इलेक्ट्रोड थ्रेड्स को केवल 15 मिनट में बहुत ही सटीकता से समझ लेता है. ये थ्रेड्स इंसानी बाल से भी पतले होते हैं और ब्रेन सिग्नल को वायरलेस तरीके से रिकॉर्ड और ट्रांसमिट करने में मदद करते हैं. मस्क का कहना है कि इस तरह की सटीकता और गति इंसानी हाथों से संभव ही नहीं है.

यह भी पढ़ें:

अब Emojis नहीं, Stickers की चलेगी! WhatsApp का धमाकेदार अपडेट बदल देगा चैटिंग का अंदाज, जानिए कैसे करें अपडेट

 

 



[ad_2]

इस खिलाड़ी को विराट से बड़ा बल्लेबाज कहा जाता था, लेकिन उम्र में धोखाधड़ी ने करियर किया बर्बाद

[ad_1]

इस खिलाड़ी को विराट कोहली से बड़ा बल्लेबाज कहा जाता था, लेकिन उम्र में धोखाधड़ी ने करियर किया बर्बाद

[ad_2]

Aaj Ka Meen Rashifal: मीन राशि वालों को व्यापार में मिलेगा अच्छा अवसर, पढ़ें राशिफल

[ad_1]

Pisces Horoscope 30 April 2025: मीन राशिफल 30 अप्रैल 2025, बुधवार के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. मीन राशि के स्वामी गुरु देव बृहस्पति हैं. ज्योतिष ग्रंथों में गुरु ग्रह बृहस्पति को ज्ञान का कारक माना जाता है. आइए जानते हैं कि आज के दिन आपकी मीन राशि क्या कहती है.

मीन राशि जॉब राशिफल (Pisces Job Horoscope)-
मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन थोड़ा सावधानी से रहने वाला रहेगा . नौकरी करने वाले जातको की बात करें तो आज आप कार्य क्षेत्र में बहुत अधिक सावधानी के साथ कार्य करेंगे तो अच्छा रहेगा , इसीलिए आपको आपके दफ्तर में जो भी कार्य मिले आप उसे पूरी जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करने का प्रयास करें .

मीन राशि हेल्थ राशिफल (Pisces Health Horoscope)-
आपकी सेहत की बात करें तो आप अपने स्वास्थ्य प्रति सावधान रहे,  किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही ना बरते ,  तो अच्छा रहेगा.

मीन राशि बिजनेस राशिफल (Pisces Business Horoscope)-
व्यापार करने वाले जातको की बात करें तो आज आप अपने व्यापार में अपने माल की क्वालिटी पर अधिक ध्यान देंगे तो अच्छा रहेगा अन्यथा,  आपके माल की बिक्री कम  हो सकती है और आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है . आज आपके पारिवारिक रिश्तों की बात करें तो उनके प्रति आप सावधान रहे,  अपने परिवार के सदस्यों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने का प्रयास करें,  किसी भी कार्य को लेकर उत्तेजित न हो शांतिपूर्वक सभी कार्यों के निर्णय लेंगे तो अच्छा रहेगा.

Pisces Monthly Horoscope March 2025: मीन राशि के लिए अच्छे-बुरे के साथ मिला हुआ रहेगा महीना, पढ़ें मार्च राशिफल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह ब

[ad_2]

भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान ने IMF से मांगी 1.3 अरब डॉलर की मदद

[ad_1]

<p style="text-align: justify;"><strong>International Monetary Fund:</strong> अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी बोर्ड की बैठक 9 मई को होने वाली है. इसमें पाकिस्तान के साथ हुए 1.3 अरब डॉलर के स्टाफ लेवल समझौते पर विचार किया जाएगा, जो पाकिस्तान के साथ चल रहे 37 महीने के बेलआउट कार्यक्रम का हिस्सा है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">37 महीने की इस डील के 9 मई को पहला रिव्यू</h3>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि जुलाई 2024 में पाकिस्तान ने IMF से 7 अरब डॉलर की डील की थी. 37 महीने की इस डील के छह रिव्यू होने हैं. 9 मई को इसका दूसरा रिव्यू होना है. अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर की किश्त दी जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">(पाकिस्तान के लिए यह डील काफी मायने रखती है क्योंकि देश में महंगाई चरम पर है, विदेशी मुद्रा भंडार कम हो गया है, शेयर बाजार में भी लगातार गिरावट जारी है. इससे पहले मार्च में IMF और पाकिस्तान के बीच मार्च में 28 महीने की स्टाफ-लेवल डील पर सहमति बनी थी, जिसका मकसद जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और उससे निपटने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करना था.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए मदद</h3>
<p style="text-align: justify;">37 महीने के बेलआउट कार्यक्रम के तहत मार्च में जब आईएमएफ की टीम ने पाकिस्तान का दौरा किया था, तब पाया था कि पाकिस्तान ने आर्थिक सुधार के लिए कई उपाय किए हैं जैसे कि महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों को ऊंची रखना, उर्जा क्षेत्र में सुधार होते पाया गया. बेलआउट दरअसल, आर्थिक रूप से खतरे का सामना कर रही किसी देश को वित्तीय मदद देने का एक तरीका है ताकि वहां की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;">अगर इस बार कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी मिल जाती है, तो पाकिस्तान को विस्तारित निधि सुविधा (EFF) के तहत 1 अरब डॉलर की राशि मिलेगी. इसी के साथ इस कार्यक्रम के तहत कुल बंटवारा 2 अरब डॉलर हो जाएगा. इससे पहले सितंबर 2024 में 1.03 बिलियन डॉलर की पहली किश्त दी गई थी. पाकिस्तान 1950 से आईएमएफ का सदस्य है, जो आयात पर निर्भरता कम करने और देश में आर्थिक अस्थिरता के कारण IMF के सामने 24 बार हाथ फैला चुका है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;</strong></p>
<p class="abp-article-title"><strong><a href=" हमले का असर- इस्लामाबाद से कराची तक सब परेशान, पाकिस्तान ने चंद दिनों में गंवाएं 70000 करोड़ रुपये</a></strong></p>

[ad_2]

​CISCE कल जारी करेगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, इस तरह कर सकेंगे चेक

[ad_1]

छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है. CISCE यानी काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने ICSE (10वीं) और ISC (12वीं) बोर्ड परीक्षा 2025 के नतीजों की तारीख का ऐलान कर दिया है. बोर्ड की ओर से कहा गया है कि दोनों कक्षाओं का रिजल्ट 30 अप्रैल 2025 को एक साथ घोषित किया जाएगा. इस बार रिजल्ट की घोषणा बोर्ड कार्यालय में संयुक्त रूप से सुबह 11 बजे की जाएगी. छात्र नतीजे चेक करने के लिए यहां दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं. 

 

CISCE ने स्पष्ट किया है कि ICSE और ISC दोनों के नतीजे एक ही दिन, एक ही समय पर जारी होंगे. इससे पहले छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच रिजल्ट को लेकर संशय बना हुआ था, लेकिन अब बोर्ड की ओर से स्थिति साफ कर दी गई है. रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र ऑफिशियल वेबसाइट cisce.org या results.cisce.org पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे.

 

कब हुई थी परीक्षा?

 

12वीं कक्षा की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू होकर 5 अप्रैल 2025 तक चलीं. वहीं ICSE यानी 10वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 27 मार्च 2025 तक आयोजित की गईं. दोनों ही परीक्षाएं पूरे देशभर में बनाए गए केंद्रों पर आयोजित हुई थीं. स्टूडेंट्स नतीजे आधिकारिक वेबसाइट के अलावा DigiLocker पर जाकर भी चेक कर पाएंगे. 

नतीजे इस तरह करें चेक 

  • स्टेप 1: नतीजे चेक करने के लिए छात्र सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cisce.org पर जाएं.
  • स्टेप 2: फिर छात्र होमपेज पर “रिजल्ट” टैब पर क्लिक करें.
  • स्टेप 3: इसके बाद छात्र ICSE या ISC रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.
  • स्टेप 4: अब छात्र अपना रोल नंबर व अन्य डिटेल्स दर्ज करें.
  • स्टेप 5: फिर छात्र सबमिट बटन पर क्लिक करें.
  • स्टेप 6: इसके बाद छात्र पेज को डाउनलोड करें.
  • स्टेप 7: अंत में स्टूडेंट्स रिजल्ट पेज का प्रिंट आउट निकाल लें.

यह भी पढे़ं: 

UPSC क्लियर करने के कितने दिन बाद कैंडिडेट्स को मिलती है सैलरी, कितनी होती है पहली तनख्वाह?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

क्या कैथोलिक चर्च को मिलेगा पहला अफ्रीकी पोप? जानें पीटर टर्कसन की क्यों हो रही चर्चा

[ad_1]

Catholic Church Pope: शनिवार (03 मई, 2025) को पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के लिए रोम में विश्व के नेता इकट्ठे हो रहे हैं, ऐसे में कई कैथोलिक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या चर्च जल्द ही अपना पहला अश्वेत पोप चुन सकता है? ईस्टर के दिन फ्रांसिस के निधन के बाद से, वेटिकन में एक नाम ध्यान खींच रहा है, वह है घाना के कार्डिनल पीटर टर्कसन.

2010 में तुर्कसन ने कहा था कि वह पोप बनने के लिए तैयार नहीं हैं और हो सकता है कि चर्च भी इसके लिए तैयार न हो. उन्होंने कहा था, “मैं पहला अश्वेत पोप नहीं बनना चाहता हूं. मुझे लगता है कि मुश्किल समय का सामना करना पड़ेगा.” लेकिन कैथोलिक आबादी में अफ्रीका का हिस्सा बढ़ रहा है. दुनिया के 1.4 बिलियन कैथोलिकों में से 20 प्रतिशत अब इस महाद्वीप पर रहते हैं, जबकि चर्च को तेजी से धर्मनिरपेक्ष होते यूरोप में अनुयायियों को बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. अब कुछ लोगों का मानना ​​है कि पहले अश्वेत पोप के लिए यह सही समय है.

कौन हैं पीटर टर्कसन?

76 साल के कार्डिनल पीटर टर्कसन ब्रिटिश शासन के तहत गोल्ड कोस्ट के एक छोटे से शहर में पले-बढ़े. उनके 10 भाई-बहन हैं और वो चौथे नंबर पर आते हैं. उनके पिता खदान में और बढ़ई के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां बाजार में सब्जियां बेचा करती थीं. तुर्कसन ने घाना और न्यूयॉर्क में सेमिनरी में अपनी पढ़ाई की. बाद में उन्होंने रोम में बाइबिल अध्ययन किया. पोप जॉन पॉल द्वितीय ने उन्हें 1992 में केप कोस्ट का आर्कबिशप बनाया और 2003 में वे घाना के इतिहास में पहले कार्डिनल बने.

जॉन पॉल के उत्तराधिकारी बेनेडिक्ट सोलहवें उन्हें 2009 में वेटिकन ले आए और उन्हें न्याय और शांति के लिए परमधर्मपीठीय परिषद का प्रमुख बना दिया. वहां वे पोप के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक बन गये और जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ आर्थिक न्याय जैसे मुद्दों पर काम करने लगे. तुर्कसन को घाना में स्थानीय मण्डलियों से मजबूत संबंध रखने और वेटिकन कार्यालयों का नेतृत्व करने का अनुभव है.

हालांकि चर्च की ओर से अपने अगले पोप को चुनने के लिए होने वाले सम्मेलन की तैयारी हो रही है लेकिन तुर्कसन एकमात्र अफ़्रीकी नाम नहीं है. साथ ही वो पहले अफ्रीकी नहीं होंगे जो पोप बनेंगे. इससे पहले 189 से 199 के दौरान उत्तरी अफ्रीका पोप विक्टर- फर्स्ट चर्च का नेतृत्व कर चुके हैं. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में कैथोलिक धर्म के इतिहासकार माइल्स पैटेंडेन ने कहा, “यह भावना विकसित हो चुकी है कि अगर पोप को वैश्विक अधिकारी बनना है तो उसे वैश्विक चर्च से आना होगा.”

‘भेदभाव के बारे में तो बात ही नहीं होती’

कुछ अफ़्रीकी कैथोलिक भी खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं. नाम न बताने की शर्त पर एक कांगोली पादरी ने फ़्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, “भले ही यह हमारे यूरोपीय भाइयों के बीच स्पष्ट न हो, भेदभाव अभी भी एक वास्तविकता है जिसके बारे में हम अक्सर बात नहीं करते हैं.” उन्होंने कहा कि चर्च ने प्रोग्रेस की है, लेकिन यही कारण है कि 1,500 सालों में कोई भी अफ्रीकी पोप नहीं बना.

ये भी पढ़ें: क्या पोप फ्रांसिस का भी निकाला जाएगा दिल? जानें कैसे होगा ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु का अंतिम संस्कार

[ad_2]

iPhone 5s, 6 और 6 Plus यूजर्स सावधान! 5 मई से नहीं चला पाएंगे अपने फोन में WhatsApp

[ad_1]

अगर आप अभी भी iPhone का पुराना मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए. दरअसल 5 मई 2025 से WhatsApp कुछ पुराने iPhone मॉडल्स पर काम करना बंद कर देगा. यानी 5 मई के बाद से आप आईफोन के कुछ पुराने मॉडल्स में व्हासएप नहीं चला पाएंगे. 

WhatsApp का कहना है कि अब वो सिर्फ उन्हीं iPhones को सपोर्ट करेगा, जिनमें iOS 15.1 या उससे नया वर्जन है. यानी जिन लोगों के पास iPhone 5s, iPhone 6 या iPhone 6 Plus है, उन्हें अब नया फोन लेने के बारे में सोच लेना चाहिए.

क्यों बंद हो रहा है WhatsApp?

WhatsApp हर साल पुराने डिवाइसेज की लिस्ट चेक करता है और ये देखता है कि कौन से फोन अब सुरक्षित नहीं हैं या जिनमें ऐप के नए फीचर सही से नहीं चलते. पुराने iPhones अब Apple से सिक्योरिटी अपडेट भी नहीं पा रहे, जिससे डेटा चोरी और वायरस का खतरा बढ़ जाता है.

इसलिए WhatsApp ने तय किया है कि वो इन पुराने फोन पर अपनी सर्विस देना बंद कर देगा. इसमें WhatsApp Business ऐप भी शामिल है.

कौन से iPhones में अभी भी चलेगा WhatsApp?

अभी के लिए iPhone 8 और iPhone X WhatsApp को सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन ध्यान रहे इन फोनों को भी अब Apple से बड़े अपडेट नहीं मिलते, तो हो सकता है कि आने वाले सालों में इन्हें भी WhatsApp सपोर्ट से बाहर कर दे.

क्या करें यूजर्स?

अगर आप WhatsApp रोजाना इस्तेमाल करते हैं चाहे दोस्तों से बात करने के लिए हो या काम के लिए तो बेहतर होगा कि आप ऐसा फोन चुनें जिसमें नया iOS वर्जन चलता हो. नया फोन लेने से आपको WhatsApp के लेटेस्ट फीचर, जैसे चैट लॉक, गायब होने वाले मैसेज, और बेहतर प्राइवेसी सेटिंग्स भी मिलेंगी.                                                                                                                    

[ad_2]