पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से भारत को हर महीने 307 करोड़ रुपये का झटका

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Pakistan Airspace: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं, तो पाकिस्तान ने भी इस पर जवाबी कार्रवाई की है. इनमें से एक है पाकिस्तान का भारतीय विमान कंपनियों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करना. यानी कि भारतीय विमान पाकिस्तान के ऊपर से उड़कर दूसरे देश नहीं जा पाएंगे. 

विमानों को वैकल्पिक रूट का लेना पड़ रहा सहारा

हालांकि, पाकिस्तान के इस फैसले के चलते भारतीय एयरलाइनों को अपनी उड़ानों के संचालन के लिए हफ्ते में लगभग 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. पाकिस्तान का एयर स्पेस बंद होने के कारण कई देशों के सफर के लिए विमानों को वैकल्पिक रूट का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे ईंधन पर अधिक खर्च बैठ रहा है और वक्त भी ज्यादा लग रहा है. उत्तर भारत से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या और बढ़ी हुई समय सीमा के आधार पर न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि ऑपरेश्नल कॉस्ट महीने का 307 करोड़ रुपये से अधिक बैठ सकता है. 

सफर में इतने घंटे लग रहे हैं एक्स्ट्रा

एक सीनियर एयरलाइन एक्जीक्यूटिव के हवाले से पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा, नॉर्थ अमेरिका जाने के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट्स को अब 1.5 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है. ऐसे में अनशिड्यूल्ड टेक्नीकल हॉल्ट के चलते हर फ्लाइट 29 लाख रुपये तक का कॉस्ट बढ़ सकता है. इसमें ईंधन, लैंडिंग और पार्किंग शुल्क शामिल हैं.

यूरोपीय रूट्स के लिए भी 1.5 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे प्रति उड़ान लगभग 22.5 लाख रुपये तक का कॉस्ट बढ़ सकता है. जबकि मिडिल ईस्ट जाने वाली फ्लाइट्स में 45 मिनट तक की देरी हो रही है, जिससे प्रति उड़ान लगभग 5 लाख रुपये का एक्स्ट्रा ऑपरेश्नल खर्च बैठ रहा है. 

6000 से ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स

एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम की डेटा से पता चलता है कि भारतीय विमानन कंपनियां मंथली बेसिस पर 6,000 से अधिक इंटरनेशनल फ्लाइट्स ऑपरेट करती हैं. इनमें से लगभग 800 वीकली फ्लाइट्स दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय शहरों से शुरू होकर उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और मिडिल ईस्ट को जाती हैं.

इनमें से मिडिल ईस्ट के लिए नैरो बॉडी एयरक्राफ्ट (A320s, A321s, B737s) का इस्तेमाल कर महीने के लगभग 1900 फ्लाइट्स ऑपरेट की जाती हैं. पीटीआई के अनुमानों के अनुसार, अकेले इसी पर हर महीने 90 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा कॉस्ट बैठ रहा है. यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के लिए वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट से लंबी दूरी के सफर पर बाकी के 217 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं. 

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क्या आने वाले समय में तकनीक की वजह से खत्म हो जाएंगे इंसान? AI ने दिया जवाब

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<p style="text-align: justify;">दुनियाभर में तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच एक सवाल बार-बार उठता है, क्या आने वाले समय में टेक्नोलॉजी इंसान के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसे हाईटेक तकनीकी विकास के बीच यह चिंता जताई जा रही है कि कहीं इंसान इन बदलावों के साथ तालमेल न बैठा सके और अपनी जगह खो बैठे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">तो क्या सच में तकनीक इंसान को खत्म कर सकती है? इस सवाल का जवाब खुद AI ने दिया है और वह इतना डरावना नहीं जितना हम सोचते हैं. आइए जानते हैं AI के नजरिए से इस सवाल का हल क्या है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>AI ने क्या कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तकनीक की वजह से इंसान पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, ऐसा संभव तो है, लेकिन बहुत ही दूर की और अत्यधिक नकारात्मक संभावना है. हालांकि, तकनीक के बढ़ते प्रभाव के चलते मानव जीवन के तरीके, रोजगार, और समाजिक ढांचे में बहुत बड़े बदलाव जरूर आ सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">AI ने इस सवाल के जवाब में कहा कि सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि तकनीक खुद में न तो अच्छी होती है और न ही बुरी. इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इंसान इसका कैसे और कितना इस्तेमाल करते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उदाहरण के लिए, अगर सुपर-इंटेलिजेंट AI सिस्टम्स का विकास हुआ जो खुद से फैसले ले सकें और खुद को लगातार सुधार सकें, तो हो सकता है कि वे इंसानों की प्राथमिकताओं को न समझें या उन्हें महत्व न दें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल ला सकता है बेरोजगारी&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा, तकनीक के ज्यादा उपयोग से समाज में बेरोजगारी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. अगर इंसान सिर्फ तकनीक पर निर्भर हो जाए, तो मानवीय संवेदनाएं, आपसी रिश्ते और मूल्यों में गिरावट आ सकती है, जो मानवता के पतन का संकेत हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, यह कहना कि तकनीक की वजह से इंसान पूरी तरह खत्म हो जाएगा, अतिशयोक्ति होगी. इंसान की सबसे बड़ी ताकत है उसका विवेक और अनुकूलन क्षमता. अगर हम समय रहते तकनीक के विकास को नैतिकता, कानून और मानव मूल्यों के दायरे में रख सकें, तो यह मानवता के लिए वरदान बन सकती है, न कि अभिशाप.</p>
<p style="text-align: justify;">तकनीक का भविष्य इंसान के हाथ में है, हम चाहें तो इसे अपनी प्रगति का साधन बना सकते हैं, और अगर लापरवाही बरती, तो यही तकनीक हमारी विनाशक भी बन सकती है.</p>

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‘हम जंग की पहल नहीं करेंगे, लेकिन…’, भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान ने फिर दी गीदड़भभकी

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Pakistan On War With India: 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत एक्शन मोड में है. उधर पाकिस्तान घबराया-घबराया घूम रहा है. उसके रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री पद पर बैठे बड़े नेता बचकानी बयानबाजी कर रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा है कि पाकिस्तान युद्ध की पहल नहीं करेगा लेकिन अगर हमला हुआ तो वो दोगुनी ताकत से जवाब देगा.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि वो पहलगाम हमले की निंदा करते हैं और पाकिस्तान युद्ध की पहल नहीं करेगा. हालांकि वो अपनी फितरत नहीं भूले और गीदड़भभकी देते हुए कहा कि अगर भारत ने हमला किया तो उसका डटकर मुकाबला किया जाएगा और दोगुनी ताकत के साथ जवाब देंगे.

‘विश्व के नेता संयम बरतने के लिए कह रहे’

उन्होंने कहा, “घटना के बाद पिछले कुछ दिनों में विश्व के नेता बोलते रहे हैं, जो संयम बरतने का अनुरोध कर रहे हैं. हम किसी भी आक्रामक कदम का सहारा लेने वाले पहले व्यक्ति नहीं होंगे, हालांकि भारत की ओर से किसी भी आक्रामक कदम का हम बहुत मजबूती से जवाब देंगे.” उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान की सेना अलर्ट है और वो किसी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है.

‘भारत इस्लामोफोबिया से ग्रस्त’

इशाक डार ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत इस्लामोफोबिया से ग्रस्त है. इस दौरान उन्होंने भारत की ओर से लिए एक्शन पर अपनी बौखलाहट भी जाहिर की और कहा कि सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को तीन नदियों का पानी दिया गया. वो लाइफलाइन हैं. ऐसे में अगर पानी रोका गया तो उसे पाकिस्तान पर युद्ध समझा जाएगा. इसके अलावा उन्होंने पहलगाम हमले पर घड़ियालू आंसू बहाते हुए कहा कि बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाया जाना निंदनीय है, वो चाहे जहां भी हो. पाकिस्तान के मंत्री ने कहा कि उनका देश भी आतंकवाद से ग्रस्त है और वो लोगों का दर्द बेहतर समझ सकता है.

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Nothing CMF Phone 2 Pro: सिर्फ कीमत नहीं, फीचर्स से भी करेगा सबको हैरान

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Nothing ने अपने नए स्मार्टफोन CMF Phone 2 Pro को 28 अप्रैल को लॉन्च कर दिया है. यह स्मार्टफोन कंपनी के बजट स्मार्टफोन CMF Phone (1) का अपग्रेडेड वर्जन है और इसमें कई बेहतरीन फीचर्स दिए गए हैं. अगर आप भी नया स्मार्टफोन लेने का सोच रहे हैं, तो यह फोन आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है.

खास बात ये है कि CMF Phone 2 Pro की शुरुआती कीमत 18,999 रुपये है, जो 8GB RAM+128GB स्टोरेज मॉडल के लिए है और काफी बजट फ्रेंडली भी है. जबकि 8GB + 256GB मॉडल आपको 20,999 रुपये में मिल जाएगा. 

शानदार डिजाइन और रंग

यह फोन आपको नया और आकर्षक ऑरेंज कलर का मिलेगा, जो कि काफी अट्रैक्टिव है. इसके अलावा, फोन में डुअल-टोन फिनिश है, जिससे इसका लुक और भी स्टाइलिश हो जाता है. जैसे पिछले फोन में ‘मॉड्यूलर डिजाइन’ था, वैसे ही इस फोन में भी आपको वो फीचर मिलेगा, जिसमें स्क्रूज और एक्सेसरी अटैच करने की सुविधा दी गई है.

शानदार डिस्प्ले और यूनीक बटन

फोन में 6.7 इंच की FHD+ डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. इसका मतलब है कि आपको स्क्रीन पर हर काम बहुत स्मूद और फ्लूइड मिलेगा. इसके अलावा, इस फोन में एक अतिरिक्त फिजिकल बटन दिया गया है, जिसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं. इस बटन से आप फोटो खींच सकते हैं, स्क्रीन रिकॉर्डिंग के साथ साथ और भी कई काम कर सकते हैं.

फोन के कैमरे के बारे में जान लीजिए

CMF Phone 2 Pro में ‘ट्रिपल कैमरा सेटअप’ है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा,  50MP का टेलीफोटो लेंस (2X ऑप्टिकल ज़ूम के साथ) और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है. 

यह कैमरा सिस्टम आपको 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी देता है, जिससे आप अपनी वीडियो को एक नए लेवल पर कैप्चर कर सकते हैं. इसके साथ ही, फोन में एक बेहतरीन सेल्फी कैमरा भी मिलेगा, जिससे आपके सेल्फी भी बेहतरीन आएंगे.

पावरफुल प्रोसेसर और परफॉर्मेंस
CMF Phone 2 Pro में MediaTek Dimensity 7300 Pro चिपसेट दिया गया है, जो इस फोन को बहुत पावरफुल बनाता है. इसके साथ आप आसानी से BGMI जैसे पॉपुलर गेम्स को 120fps पर खेल सकते हैं. इसके अलावा, फोन में 1000Hz टच सैंपलिंग रेट भी होगा, जिससे गेमिंग का एक्सपीरियंस और भी स्मूद हो जाएगा. फोन में 8GB RAM और 128GB स्टोरेज की सुविधा दी जाएगी, जो कि काफी स्पेस और दमदार परफॉर्मेंस देता है.

सॉफ्टवेयर और AI फीचर्स

फोन में Android 15 बेस्ड Nothing OS 3 मिलेगा, जो एक बहुत ही क्लीन और बग-फ्री ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसमें आपको AI फीचर्स भी मिलेंगे, जैसे Nothing का एक्सक्लूसिव ‘Space’ फीचर. यह फोन बिना किसी थर्ड-पार्टी ऐप्स या ब्लोटवेयर के आएगा, जिससे आपको एक बेहतरीन और स्मूद एक्सपीरियंस मिलेगा.

बैटरी और चार्जिंग
CMF Phone 2 Pro में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी, जो आपको पूरे दिन का बैकअप देने में सक्षम होगी. इसके अलावा, 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे फोन को बहुत जल्दी चार्ज किया जा सकेगा.

बॉक्स में मिलेगा चार्जर और केस
Nothing ने इस बार बॉक्स में चार्जर और केस देने का फैसला किया है, जो कि अब तक उनके स्मार्टफोन्स में नहीं दिया गया था. इसके साथ ही, बॉक्स में USB-C केबल और SIM इजेक्टर पिन भी मिलेगा.

इसी तरह के फीचर वाले इन फोन्स के बारे में जान लीजिए 

  • iQOO Z9 5G- 50MP कैमरा, Dimensity 7200 प्रोसेसर और 120Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ दमदार परफॉर्मेंस देता है.
  • Realme Narzo 70 Pro 5G- 50MP Sony IMX890 कैमरा, 120Hz AMOLED स्क्रीन और 5000mAh बैटरी के साथ आता है.
  • Redmi Note 13 Pro 5G- 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 7s Gen 2 प्रोसेसर और 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है.

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भारत-पाकिस्तान के बीच डिफेंस सेक्टर के स्टॉक्स में लगातार उतार-चढ़ाव

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Defence Stocks: भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले को लेकर तनाव बढ़ने के साथ ही अब निवेशकों की नजर डिफेंस सेक्टर के स्टॉक्स पर टिकी हुई हैं. मंगलवार को पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, डेटा पैटर्न्स (इंडिया) लिमिटेड, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) सहित अन्य कंपनियों के शेयरों में इस उम्मीद के साथ उछाल देखने को मिला सरकार का आगे आने वाले समय में डिफेंस सेक्टर पर खर्च बढ़ सकता है. 

डिफेंस सेक्टर के स्टॉक्स में दिखी तेजी

30 अप्रैल को स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड को लेकर कंपनी के बोर्ड की बैठक से पहले ही पारस डिफेंस के शेयर की कीमत 7.46 परसेंट की उछाल के साथ 1,227.65 रुपये पर पहुंच गया. डेटा पैटर्न्स (इंडिया) लिमिटेड 5.55 परसेंट बढ़कर 2,358.05 रुपये पर पहुंच गया. बीईएल 3.95 परसेंट की तेजी के साथ 317.25 रुपये पर पहुंच गया. बीडीएल 2.63 परसेंट बढ़कर 1,527 रुपये पर पहुंच गया. एचएएल के शेयर 2 की तेजी के साथ 4,517 रुपये पर पहुंच गए. 

शिपिंग शेयरों में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) के शेयर 4.63 परसेंट की उछाल के साथ 2,358.05 रुपये पर पहुंच गए. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स 3.69 परसेंट बढ़कर 2890 रुपये पर पहुंच गया. कोचीन शिपयार्ड 2.07 परसेंट बढ़कर 1,533.45 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, बुधवार, 30 अप्रैल को डिफेंस सेक्टर की इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. 

उछाल के बाद आज धड़ाम से गिरे शेयर

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), डेटा पैटर्न, कोचीन शिपयार्ड और दूसरे के शेयरों में कारोबारी सेशन के दौरान 5.2 परसेंट तक की गिरावट आई. जीआरएसई के शेयरों में सबसे अधिक 5.2 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई, उसके बाद डेटा पैटर्न (-4.5 परसेंट) और एचएएल (-3.1 परसेंट) का नंबर रहा.

कोचीन शिपयार्ड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 1 परसेंट से 3 परसेंट तक की गिरावट आई. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल लेवल पर जियोपॉलिटिकल हालात जिस तरह से बदल रहे हैं और डिफेंस पर सरकार के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत का डिफेंस सेक्टर तेजी से उड़ान भर सकता है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Shani ki Sade Sati: शनि की साढ़ साती का पहला चरण कैसा होता है, क्या ये सबसे ज्यादा कष्टकारी होत

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Shani ki Sade Sati: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती साढ़े सात साल तक चलती है. यह एक प्रकार की ग्रह दिशा है. जिसको तीन चरणों में बांटा गया है. शनि की साढ़ेसाती का हर चरण लगभग ढाई साल का होता है. शनि की साढ़ेसाती तब शुरू होती है जब शनि आपकी जन्म राशि से बारहवें, पहले और फिर दूसरे भाव में गोचर करता है.शनि की साढेसाती के दौरान व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव आते हैं, जिस वजह से लोगों को कष्टों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण कैसा होता है क्या यह बहुत कष्टकारी होता है?

क्या होता है शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण?

कुंडली में शनि की स्थिति के अनुसार शनि की साढ़ेसाती का अच्छा या बुरा फल प्राप्त होता है. शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण ढ़ाई साल का होता है. जो जातक को मानसिक और आर्थिक स्तर पर प्रभावित कर सकता है.

शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण का प्रभाव शादीशुदा जीवन पर भी देखने को मिलता है. रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव आते हैं. साथ ही इस दौरान व्यक्ति आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान रहता है.

मानसिक तनाव और चिंता

  • शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में लोगों को अनजानी चिंता, डर या असुरक्षा हो सकती है,जिस कारण से मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
  • अकेलापन या लोगों से दूरी का अनुभव हो सकता है.

आर्थिक स्थिति पर असर

  • शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में आपके खर्चों में अचानक वृद्धि देखने को मिल सकती है.
  • धन हानि, निवेश से नुकसान या खर्चों का बढ़ना भी हो सकता है.

स्वास्थ्य पर असर

  • शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में नींद ना आने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिस कारण थकावट या मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है. शारीरिक परेशानियां भी हो सकती हैं.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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भारतीयों को पैसा नहीं, चाहिए हेल्थ और वेलनेस, रिपोर्ट में जॉब स्विच करने पर बड़ा खुलासा

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Health & Wellness Priority in Job: भारत में नौकरी बदलने में ज्यादातर कर्मचारी हेल्थ और वेलनेस को प्रायोरिटी दे रहे हैं. यह जानकारी बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई. वैश्विक व्यावसायिक सेवा फर्म एऑन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 82 फीसदी कर्मचारी अगले 12 महीनों में नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं.

भारतीय कर्मचारियों को क्या फायदे मिलते हैं?

रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय कर्मचारियों को मुख्य रूप से कंपनियों में पांच प्रकार के फायदे मिलते हैं, जिसमें वर्क-लाइफ बैलेंस, मेडिकल कवरेज, कैरियर विकास, वेतन अवकाश और सेवानिवृत्ति बचत शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लोगों में सभी पीढ़ियों के बीच मेडिकल कवरेज नौकरी में मिलने वाले सबसे ज्यादा मूल्यवान लाभों में से एक था, इसे जेन एक्स और जेन वाई ने जेन जेड की तुलना में ज्यादा रेटिंग दी थी. जेन जेड ने वर्क-लाइफ बैलेंस को नौकरी में प्रायोरिटी दी है.

76 फीसदी लोग मौजूदा लाभों को छोड़ने के लिए तैयार

इसके अलावा, सर्वेक्षण में शामिल 76 फीसदी लोगों ने कहा कि वे फायदों के बेहतर विकल्प के लिए मौजूदा लाभों को छोड़ने के लिए तैयार हैं. यह भारत में व्यवसायों के लिए अपनी रणनीतियों को अपने कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं के मुताबिक करने की आवश्यकता को उजागर करता है.

एऑन में भारत के लिए टैलेंट सॉल्यूशंस के प्रमुख नितिन सेठी ने कहा, “बहुत कम कंपनियों ने इस बात पर विचार किया है कि वेलनेस और हेल्थ प्रोग्राम उनके नियोक्ता ब्रांड को कैसे आकार दे सकता है. कोविड के बाद इसमें हम बड़ा बदलाव देख रहे हैं क्योंकि कर्मचारी इन कार्यक्रमों को ज्यादा महत्व देते हैं और कंपनियां ज्यादा सक्रिय रूप से ब्रांडिंग कर रही हैं.”

9000 से ज्यादा कर्मचारियों के वैश्विक रिसर्च पर आधारित

यह रिपोर्ट अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित 23 भौगोलिक क्षेत्रों में 9,000 से ज्यादा कर्मचारियों के वैश्विक रिसर्च पर आधारित है. एऑन में हेल्थ और वेल्थ सॉल्यूशंस की प्रमुख और भारत के लिए निदेशक और प्रमुख अधिकारी एशले डिसिल्वा ने कहा, “कर्मचारी मेडिकल और जीवन लाभ के लाभों के बारे में तेजी से जागरूक हो रहे हैं.” डिसिल्वा ने कहा, “युवा कर्मचारियों के बीच सेवानिवृत्ति और वित्तीय नियोजन का महत्व आश्चर्यजनक है.”

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Labor Day 2025: मेहनत के मामले में इन लोगों का कोई नहीं कर सकता है मुकाबला!

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Labor Day 2025: मजदूर दिवस (1 मई) उन सभी मेहनतकश लोगों को समर्पित है जो अपने परिश्रम से समाज और देश की प्रगति में योगदान देते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ राशियां जन्मजात परिश्रमी, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित होती हैं. ये भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं, आइए जानते हैं-

मेष राशि: मेष राशि वाले अत्यंत ऊर्जावान, साहसी और महत्वाकांक्षी होते हैं. ये चुनौतियों का सामना करने से नहीं डरते और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा रखते हैं. इनके भीतर असाधारण ऊर्जा होती है और ये कोई भी कार्य पूरी रफ्तार से शुरू करते हैं. ये जोखिम लेने से नहीं डरते और कठिन रास्तों को भी चुनने में पीछे नहीं हटते. नेतृत्व की भावना और जमीनी मेहनत का संगम इनमें देखने को मिलता है. 

वृषभ राशि: वृषभ राशि के लोग धैर्यवान,स्थिर और मेहनती होते हैं. ये अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं और कठिनाइयों से घबराते नहीं हैं. मेहनत का तरीका शांत लेकिन मजबूत होता है. ये शोर नहीं करते, लेकिन इनकी मेहनत की गूंज दूर तक जाती है. इनका धीरज और संयम असाधारण होता है. खेतों में काम करने वाला किसान हो या ऑफिस की कुर्सी पर बैठा कोई कर्मठ कर्मचारी ये अपने काम को पूरे समर्पण के साथ करते हैं.

सिंह राशि: सिंह राशि के जातक स्वाभाविक नेता होते हैं. इनमें आत्मविश्वास, साहस और प्रेरणा की भावना होती है. ये अपने कार्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं. सिंह राशि के लोग मेहनत को अपनी गरिमा से जोड़ते हैं. इनकी मेहनत में आत्मगौरव छुपा होता है. ये कार्यस्थल पर नेतृत्व करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं. ये अपने आस-पास सकारात्मक ऊर्जा

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के लोग दृढ़ निश्चयी,समर्पित और गहराई से सोचने वाले होते हैं.ये अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं और कभी हार नहीं मानते. इनकी आत्म-प्रेरणा और प्रतिबद्धता इन्हें विशिष्ट बनाती है. अगर ये किसी लक्ष्य को ठान लें, तो फिर चाहे कितना भी समय क्यों न लगे, ये उसे पा कर ही दम लेते हैं. ये लोग आत्मा से जुड़कर काम करते हैं. इनका परिश्रम गहराई से आता है और इनमें अद्भुत मानसिक शक्ति होती है.

मकर राशि: मकर राशि के जातक अत्यंत अनुशासित, संगठित और महत्वाकांक्षी होते हैं. ये अपने कार्य में पूर्णता और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं. ये लोग बचपन से ही गंभीर और लक्ष्य केंद्रित होते हैं. जिम्मेदारियों को उठाना इनके स्वभाव में होता है. इन्हें अगर कोई कार्य सौंपा जाए, तो ये उसे तब तक नहीं छोड़ते जब तक उसे पूरी निष्ठा से पूरा न कर लें.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष, वृषभ, सिंह, वृश्चिक और मकर राशियां अपने परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प के लिए जानी जाती हैं. मजदूर दिवस के अवसर पर, इन राशि वालों के परिश्रम और योगदान को सम्मानित करते हैं. इनकी प्रेरणा से हम सभी को अपने कार्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है.

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