Numerology: कौन-से रंग लाते हैं सुख-शांति, अंक ज्योतिष के अनुसार रंगों का रहस्य

[ad_1]

Numerology: अंक ज्योतिष और रंगों का गहरा संबंध है.प्रत्येक अंक एक विशिष्ट ग्रह से जुड़ा होता है,और प्रत्येक ग्रह का एक विशेष रंग होता है जो हमारे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होता है. इस लेख में,हम अंक ज्योतिष के अनुसार उन रंगों के बारे में जानेंगे जो हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन लाने में मदद करते हैं. 

अंक ज्योतिष और रंगों का रहस्य

अंक 1 (Mulank 1)- सूर्य और सुनहरा पीला रंग: सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और ऊर्जा का प्रतीक है.सुनहरा पीला रंग सूर्य से संबंधित है,जो मानसिक स्पष्टता और आत्मिक विकास को बढ़ावा देता है. इस रंग का उपयोग करने से पराक्रम, प्रतिष्ठा और आत्म-सम्मान में वृद्धि होती है. ​

अंक 2 (Mulank 2)- चंद्रमा और सफेद रंग: चंद्रमा मन, भावनाओं और सौम्यता का प्रतीक है. सफेद रंग चंद्रमा से संबंधित है, जो मानसिक शांति, सौम्यता और संतुलन प्रदान करता है. इस रंग का उपयोग करने से तनाव कम होता है और भावनात्मक स्थिरता मिलती है. ​

अंक 3 (Mulank 3)- बृहस्पति और पीला रंग: बृहस्पति ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिकता का प्रतीक है. पीला रंग बृहस्पति से संबंधित है, जो अध्ययन, विद्वता और मानसिक उन्नति को प्रोत्साहित करता है. इस रंग का उपयोग करने से एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता मिलती है. ​

अंक 4 (Mulank 4)- राहु और नीला रंग: राहु छाया ग्रह है, जो मानसिक भ्रम और अस्थिरता का कारण बन सकता है. नीला रंग राहु से संबंधित है, जो मानसिक शांति, स्पष्टता और स्थिरता प्रदान करता है. इस रंग का उपयोग करने से चिंता और भ्रम कम होता है. ​

अंक 5 (Mulank 5)- बुध और हरा रंग: बुध बुद्धि, संचार और व्यापार का प्रतीक है. हरा रंग बुध से संबंधित है, जो मानसिक स्पष्टता, संचार कौशल और व्यापारिक सफलता को बढ़ावा देता है. इस रंग का उपयोग करने से विचारों में स्पष्टता और संबंधों में सुधार होता है. ​

अंक 6 (Mulank 6)- शुक्र और गुलाबी रंग: शुक्र प्रेम, सौंदर्य और कला का प्रतीक है. गुलाबी रंग शुक्र से संबंधित है, जो प्रेम, सौंदर्य और सौहार्द को बढ़ावा देता है. इस रंग का उपयोग करने से संबंधों में मधुरता और जीवन में सौंदर्य की अनुभूति होती है. ​

अंक 7 (Mulank 7)- केतु और धूसर रंग: केतु आध्यात्मिकता और रहस्य का प्रतीक है. धूसर रंग केतु से संबंधित है, जो आत्मनिरीक्षण, ध्यान और आध्यात्मिक विकास को प्रोत्साहित करता है. इस रंग का उपयोग करने से आंतरिक शांति और आत्मिक उन्नति मिलती है. ​

अंक 8 (Mulank 8)- शनि और काला रंग: शनि कर्म, अनुशासन और न्याय का प्रतीक है. काला रंग शनि से संबंधित है, जो गंभीरता, अनुशासन और स्थिरता प्रदान करता है. इस रंग का उपयोग करने से आत्म-नियंत्रण और जीवन में संतुलन आता है. ​

अंक 9 (Mulank 9)- मंगल और लाल रंग: मंगल ऊर्जा, साहस और उत्साह का प्रतीक है. लाल रंग मंगल से संबंधित है, जो जोश, आत्मविश्वास और साहस को बढ़ावा देता है. इस रंग का उपयोग करने से जीवन में ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है. ​

रंगों का दैनिक जीवन में उपयोग

  • कपड़ों चयन: अपने अंक और ग्रह के अनुसार रंगों का चयन करें.
  • घर की सजावट: घर की दीवारों,पर्दों और सजावटी वस्तुओं में उपयुक्त रंगों का उपयोग करें. 
  • ध्यान और साधना: ध्यान करते समय संबंधित रंगों का ध्यान करें या उस रंग की वस्तुओं का उपयोग करें. 

अंक ज्योतिष के अनुसार,रंगों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है.उचित रंगों का चयन करके हम अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकते हैं.यह आवश्यक है कि हम अपने अंक और ग्रहों के अनुसार रंगों का उपयोग करें ताकि जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.

यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न करना ये काम, रुठ कर चलीं जाएंगी धन की देवी लक्ष्मी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

Google का अपने रिमोट कर्मचारियों को दो टूक अल्टीमेटम, ‘ऑफिस आओ या नौकरी छोड़ो!’

[ad_1]

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google ने अपने कई रिमोट (घर से काम करने वाले) कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है. या तो ऑफिस आओ, या नौकरी छोड़ दो.

कोरोना महामारी के दौरान ज्यादातर टेक कंपनियों ने घर से काम करने की सुविधा दी थी. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और Google जैसी कंपनियां फिर से ऑफिस कल्चर को बढ़ावा देने में जुट गई हैं.

Google की कुछ टीमों, जैसे कि Technical Services और HR (People Operations) ने अपने रिमोट कर्मचारियों से साफ कह दिया है कि अब उन्हें हफ्ते में कम से कम तीन दिन ऑफिस आना होगा. अगर कोई कर्मचारी Google ऑफिस से 50 मील (लगभग 80 किलोमीटर) के दायरे में रहता है, तो उसके लिए ऑफिस आना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा नहीं करने वालों की नौकरी जा सकती है.

कंपनी ने कुछ कर्मचारियों को एक और विकल्प भी दिया है वे चाहें तो एक बार का रिलोकेशन पैकेज लेकर ऑफिस के पास शिफ्ट हो सकते हैं. वहीं जो लोग यह भी नहीं करना चाहते, उनके पास ‘स्वैच्छिक विदाई’ का ऑफर है यानी वे खुद नौकरी छोड़ सकते हैं.

हर टीम से लिया जा रहा है हिसाब

Google की प्रवक्ता Courtenay Mencini का कहना है कि यह फैसला हर टीम के हिसाब से लिया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘हम पहले भी कह चुके हैं कि आमने-सामने बैठकर काम करना हमारे लिए जरूरी है. इससे इनोवेशन और जटिल समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है.’

इस फैसले के पीछे एक और बड़ी वजह है AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. Google पिछले कुछ समय से AI पर भारी निवेश कर रहा है और इसके लिए कंपनी ने कई टीमों में छंटनी और पुनर्गठन भी किया है. Android, Chrome, Nest और Fitbit जैसी टीमों में काम करने वालों को पहले ही स्वैच्छिक विदाई का विकल्प दिया जा चुका है.

Google के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन भी ऑफिस में काम करने के पक्ष में हैं. उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपनी AI टीमों को कहा था कि वे ज्यादा से ज्यादा समय ऑफिस में बिताएं. उन्होंने 60 घंटे का वीक को ‘सही बैलेंस’ बताया था ताकि AI की दौड़ में कंपनी पीछे न रह जाए.

2022 की तुलना में 2024 में कम कर्मचारी 

2024 के आखिर तक Google के पास दुनियाभर में करीब 1.83 लाख कर्मचारी थे, जो कि 2022 के मुकाबले थोड़े कम हैं. अब जब कंपनी अपना ध्यान AI पर केंद्रित कर रही है, तो वह चाहती है कि टीम के लोग मिलकर, साथ बैठकर तेजी से काम करें. साफ है कि Google अब फुल रिमोट वर्क से हट रहा है और जो कर्मचारी ऑफिस नहीं लौटेंगे, उन्हें अपनी नौकरी गंवाने के लिए तैयार रहना होगा.

[ad_2]

वियतनाम से भारत करने की तैयारी में सैमसंग, कतार में और भी कई कंपनियां

[ad_1]

<p style="text-align: justify;"><strong>Trump Tariff:</strong> वियतनाम पर लगाए गए भारी-भरकम अमेरिकी टैरिफ के बीच दक्षिण कोरियाई दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग अपने स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का कुछ हिस्सा भारत में शिफ्ट करने पर सोच-विचार कर रही है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, हां भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चररर्स के साथ बातचीत चल रही है. इनमें से कई कंपनी के पुराने पार्टनर्स भी हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">कतार में और भी कई कंपनियां</h3>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, सिर्फ सैमसंग ही नहीं, कई और कंपनियां भी अपना प्रोडक्शन भारत में शिफ्ट करने की संभावनाएं तलाश रही हैं. इससे एक दिन पहले गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक भारत में अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैचरिंग पार्टनर्स- डिक्सन टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन – के साथ पिक्सेल स्मार्टफोन के प्रोडक्शन का एक हिस्सा वियतनाम से भारत शिफ्ट करने के लिए चर्चा शुरू किए जाने की खबर सामने आई.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">सैमसंग का मैन्युफैक्चरिंग हब रहा है वियतनाम</h3>
<p style="text-align: justify;">वियतनाम सैमसंग का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब रहा है. वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी ने यहां से 52 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन और स्पेयर पार्ट्स एक्सपोर्ट किए, जो वियतनाम के कुल व्यापार का 9 प्रतिशत है.</p>
<p style="text-align: justify;">पिछले साल वियतनाम का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 142 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024 में भारत के निर्यात किए गए 29.2 बिलियन डॉलर से पांच गुना अधिक है. सैमसंग और अल्फाबेट से पहले ऐप्पल के प्रोडक्ट्स भारत में पहले से ही असेंबल किए जाते रह हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले समय में भारत दुनिया में एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन बनकर उभरे.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">वियतनाम पर लगाया इतना टैरिफ</h3>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने वियतनामी आयात पर 46 परसेंट टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जबकि भारत पर 26 परसेंट टैरिफ लगाया है. अमेरिका ने इस बीच चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों पर लगाए गए टैरिफ पर 90 दिनों के लिए रोक लगाया है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class="abp-article-title"><a href=" Energy Solutions: चौथी तिमाही में 79 परसेंट बढ़ा मुनाफा, कंपनी के शेयर पर टूट पड़े निवेशक</strong></a></p>

[ad_2]

आतंकियों के मुंह पर ‘तमाचा’ हैं कश्मीरियत की ये तस्वीरें, नहीं टूटने दिया भरोसा; देखें वीडियो

[ad_1]

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में आतंकी हमले के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में सबसे भयावह उस मंजर की तस्वीरें हैं, जब खून से लथपथ लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के शव के पास उनकी पत्नी हिमांशी बैठी हुई थीं. इस तस्वीर को देख लोगों का कलेजा कांप उठा. वहीं कुछ वीडियो में आतंकियों द्वारा की जा रही गोलीबारी की तड़तड़ाहट साफ सुनी जा सकती है. इन सबके बीच कश्मीर से कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें देखकर आतंकियों को अपने मुंह पर तमाचा सा महसूस हुआ होगा. 

दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरी कश्मीर घाटी में दहशत का माहौल है. कश्मीर घूमने गए कई लोग आतंकी हमले के बाद अपनी छुट्टियां कैंसिल कर अपने-अपने घरों को वापस लौट रहे हैं. ऐसे में उनकी मदद के लिए कश्मीर की जनता सामने आई है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कश्मीरी लोग पर्यटकों को मुफ्त में खाना, पानी यहां तक की रहने की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं. वहीं कई टैक्सी ड्राइवर पर्यटकों को रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए मुफ्त में टैक्सी सेवाएं दे रहे हैं. 

मुफ्त में खाना, रहने को घर दे रहे कश्मीरी

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो ऐसे वायरल हुए हैं, जिसमें कश्मीर घाटी घूमने गए पर्यटक कश्मीरी आवाम की दरियादिली की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वीडियो में पर्यटक कह रहे हैं कि आतंकी हमले के बाद कई लोगों ने खाना नहीं खाया था. ऐसे में कश्मीरी लोगों ने हमें अपने घर बुलाया, खाना खिलाया. यहां तक कि उन्हें अपने घर तक पहुंचाने की मुफ्त में व्यवस्था भी की. गुजरात से आए पर्यटकों का कहना है कि कश्मीरी लोग बहुत अच्छे हैं, उन लोगों ने कहा कि आप लोग चिंता न करो, हम आपको मुफ्त में गुजरात पहुंचाएंगे. 

टूरिस्टों को पानी को खाना देते दिखी कश्मीरी आवाम

सोशल मीडिया पर एक वीडियो और वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ कश्मीरी लोग टूरिस्टों को पानी की देते हुए दिख रहे हैं. इस वीडियो में टूरिस्टों के चेहरे पर डर का भाव साफ देखा जा सकता है. ऐसे में कश्मीरियों की तरफ से मिल रहा भरोसा उन्हें सुकून दे रहा है. वीडियो में एक कश्मीरी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि हम लोग आपके लिए बैठे हैं, अगर खाना खाना हो तो आ जाइए. हम लोग आपके लिए ही हैं. 

घायल को अपनी पीठ पर ले जाता दिखा कश्मीरी युवक

सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पहलगाम में आतंकी हमले के बाद का है. इस वीडियो में एक कश्मीरी युवक घायल टूरिस्ट को अपनी पीठ पर लादकर सुरक्षित स्थान पर ले जाता हुआ दिख रहा है. इस वीडियो में घायल टूरिस्ट के शरीर पर खून साफ देखा जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: पहलगाम हमले में मारे गए नेवी अफसर का रोमांटिक वीडियो हो रहा था वायरल, अब कपल ने बताई सच्चाई


चोरी-चोरी इश्क लड़ाते पकड़े गए जब ये फिल्म स्टार्स, तो बीवियों ने कर दिया बड़ा बवाल

[ad_1]

<p style="text-align: justify;"><strong>Bollywood Stars</strong> अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. उनके अफेयर्स की चर्चाएं हर किसी की जुबां पर रहती हैं. आज हम कुछ ऐसे ही स्टार्स के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने चोरी-चोरी इश्क फरमाया, लेकिन जब पकड़े गए तो बड़ा बवाल हो गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा :</strong> जब भी बात चोरी-छिपे इश्क की होती है, तो बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है. अक्षय का नाम प्रियंका चोपड़ा के साथ जुड़ा था. उन्होंने ‘अंदाज’ और ‘ऐतराज’ फिल्म में प्रियंका के साथ काम किया. इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. जब इस बात की खबर उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना को लगी, तो वह काफी नाराज हुईं. दोनों के बीच रिश्ता इतना बिगड़ चुका था कि एक्टर को प्रियंका से दूरी बनानी पड़ी.</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src=" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>श्रीदेवी और बोनी कपूर :</strong> फिल्म निर्माता बोनी कपूर की जिंदगी में जब श्रीदेवी आईं थीं, तब वह शादीशुदा थे. उन्होंने चोरी-चोरी श्रीदेवी से इश्क लड़ाया, लेकिन अपने इश्क को ज्यादा दिनों तक छिपा न सके. जल्द ही उस वक्त उनकी पत्नी मोना कपूर को उनके अफेयर के बारे में पता चल गया, जिसके बाद उन्होंने बोनी से तलाक ले लिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सैफ अली खान और रोजा :</strong> सैफ अली खान ने 21 साल की उम्र में अमृता सिंह से साल 1991 में शादी की थी. शादीशुदा होने के बाद भी उन्होंने इटालियन मॉडल रोजा कैटलानो को डेट करना शुरू कर दिया. अमृता को जब इस बात का पता चला, तो उनके रिश्ते में लड़ाइयां बढ़ने लगीं, जो तलाक की वजह बनीं. साल 2004 में सैफ और अमृता दोनों अलग हो गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऋतिक रोशन और कंगना रनौत :</strong> ऋतिक रोशन ने साल 2000 में सुजैन खान के साथ शादी की, लेकिन 2014 में दोनों का रिश्ता टूट गया और तलाक हो गया. बताया जाता है कि उनके तलाक की वजह कंगना रनौत थीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src=" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमिताभ बच्चन और रेखा :</strong> अमिताभ बच्चन की कहानी भी कुछ इसी तरह की है. शादीशुदा होने के बाद भी उनकी नजदीकियां रेखा के साथ बढ़ने लगीं. जया बच्चन के कानों में जब दोनों के रिश्ते में होने की खबर पहुंची, तो वह काफी परेशान हो गईं. बताया जाता है कि उन्होंने रेखा को ‘बिग बी’ से दूर रहने तक की हिदायत भी दी थी, जिसके बाद रेखा और अमिताभ ने एक-दूसरे से दूरियां बना लीं.</p>
<p><iframe title="Watch The Full Episode Of Saas Bahu Aur Saazish | SBS (24.04.2025)" src=" width="640" height="360" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

[ad_2]

यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं के रिजल्ट से जुड़ी बड़ी खबर, इस दिन जारी होंगे दोनों परीक्षाओं के नतीजे

[ad_1]

UP Board Result 2025: यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं के नतीजों का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है. यूपी बोर्ड शुक्रवार 25 अप्रैल को 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित करेगा. सुबह 12:30 बजे यूपी बोर्ड के मुख्यालय प्रयागराज में रिजल्ट घोषित किया जाएगा.

2024 में कब आए थे नतीजे?

गौरतलब है कि पिछली बार 20 अप्रैल को यूपी बोर्ड में रिजल्ट घोषित किया था. स्टूडेंट्स यूपी बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर रिजल्ट देख सकते हैं. बता दें कि यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने पहली बार बोर्ड परीक्षा आयोजित कराई है. 

कब से कब तक हुए थे एग्जाम?

यूपी बोर्ड की परीक्षा 24 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित हुई थी. वहीं, 19 मार्च से 2 अप्रैल तक 261 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था. बता दें कि साल 2025 में यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाएं महज 12 कार्य दिवसों में आयोजित की गई थीं. 

कैसे चेक कर सकते हैं नतीजे?

यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट चेक करने के लिए आपको सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upresults.nic.in पर जाना होगा. इसके बाद आपको UP Board 10th/12th Result 2025 लिंक पर क्लिक करना होगा. अब आप अपना रोल नंबर और स्कूल कोड/अन्य विवरण दर्ज करके जब सबमिट करेंगे तो आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. आप इसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं. इसके अलावा आप एबीपी लाइव पर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.

2024 में बेटियों ने मारी थी बाजी

पिछले साल यानी 2024 में यूपी बोर्ड 10वीं का कुल पास प्रतिशत 89.55% रहा था. इस साल भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया. सीतापुर की प्राची निगम ने 98.50% अंकों के साथ टॉप किया था. लड़कियों का पास प्रतिशत 93.40% और लड़कों का 86.05% रहा. टॉप 3 में शुभम वर्मा और इशु चौधरी भी शामिल रहे थे. (प्रयागराज से सौरभ मिश्रा की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें: पिछले 5 साल में कैसा यह यूपी बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट? इस बार इस दिन हो सकता है जारी!

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

अमेरिका के गिरते बर्थ रेट से घबरा गए प्रेसिडेंट ट्रंप! कर दिया ये बड़ा ऐलान

[ad_1]

US Trump administration Focus On Birth Rate: अमेरिका इस समय एक गंभीर जनसंख्या संकट की ओर बढ़ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह है गिरता प्रजनन दर. हाल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की फर्टिलिटी रेट 1.62 है, जो कि 2.1 के स्तर से काफी नीचे है. यह गिरावट केवल जनसंख्या में नहीं बल्कि, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना में भी असंतुलन पैदा कर सकती है. इसी संकट को दूर करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन ने एक नई नीति दिशा तैयार की है, जिसका मकसद है “फैमिली फर्स्ट अमेरिका”.

इस अभियान के तहत प्रशासन जनता को शादी करके बच्चा पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करेगी. इसकी मदद से देश में नया बेबी बूम शुरू करने की कोशिश है. राष्ट्रपति ट्रंप इसे खुलकर “फर्टिलाइजेशन प्रेसिडेंसी” कह रहे हैं और ‘बेबी बोनस’ का नारा दे रहे हैं. उनका कहना है कि हमें अमेरिका में फिर से बच्चों की किलकारियां सुनाई देनी चाहिए.

अमेरिकी सरकार की प्रस्तावित नीतियां
प्रशासन के प्रस्तावों में कई प्रोत्साहन योजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य परिवार शुरू करने के लिए आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रेरणा देना है. प्रमुख योजनाओं के मुताबिक हर नई मां को $5,000 का एकमुश्त बेबी बोनस, जिससे नवजात की शुरुआती जरूरतें पूरी हो सके और परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके.फुलब्राइट जैसी प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियों में विवाहित और माता-पिता उम्मीदवारों के लिए 30% आरक्षण शामिल है. इस प्रस्ताव से विवाह को शैक्षणिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है.जिन महिलाओं के छह या उससे अधिक बच्चे हैं, उन्हें एक प्रतीकात्मक “नेशनल मेडल ऑफ मदरहुड” से सम्मानित करने की सिफारिश की गई है.

IVF पर सरकारी सब्सिडी की घोषणा
इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसी बांझपन इलाज के लिए सरकारी सब्सिडी की घोषणा की गई है,  जिससे अधिक महिलाएं मां बनने में सफलता हासिल कर सकें. पीरियड को लेकर भी महिलाओं के बीच जानकारी साझा की जा रही है, जिसकी मदद से महिलाएं अपने शरीर और प्रजनन क्षमता को बेहतर समझ सकें. यह प्रस्ताव सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक जरूरी कदम माना जा रहा है.

वैचारिक समर्थन और आलोचना
नई नीतिओं को लेकर अमेरिका में नई वैचारिक बहस शुरू हो गई है. रूढ़िवादी सोच रखने वाले इन प्रस्तावों को परंपरागत पारिवारिक मूल्यों की वापसी मानते हैं, जबकि आलोचक इसे परिवार की संकीर्ण परिभाषा कहकर विरोध कर रहे हैं. एलन मस्क, जो खुद 12 बच्चों के पिता हैं. उनका कहना है कि अगर लोग अब भी बच्चा पैदा करने को प्राथमिकता नहीं देंगे तो सभ्यता का पतन निश्चित है. जेडी वेंस इस आंदोलन को जनसंख्या पुनरुत्थान का राष्ट्रीय मिशन मानते हैं.दूसरी ओर, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की प्रजनन विशेषज्ञ ईव फीनबर्ग इस पूरी नीति को वैज्ञानिक से अधिक वैचारिक मानती हैं. उनका कहना है कि जब तक आर्थिक असुरक्षा बनी रहेगी, तब तक केवल बेबी बोनस से समस्या नहीं सुलझेगी.

आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण
प्रजनन दर में गिरावट केवल सांस्कृतिक मुद्दा नहीं है, यह आर्थिक स्थिरता और सामाजिक संरचना से भी जुड़ा हुआ है. विशेषज्ञ मानते हैं कि जब परिवार खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करते हैं, तब वे बच्चा पैदा करने के बारे में सोचते हैं. बेबी बोनस जैसी योजनाएं तभी प्रभावी होंगी जब साथ में हेल्थकेयर एक्सेस, सस्ती चाइल्ड केयर, पेरेंटल लीव और रोजगार सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए.

[ad_2]

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: 20 हजार की रेंज में किसने मारी बाजी, जानें किसमें ह

[ad_1]

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: भारत में 20,000 से कम कीमत वाले 5G स्मार्टफोनों की दौड़ अब पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ हो चुकी है. इस सेगमेंट में लगातार नए विकल्प सामने आ रहे हैं. हाल ही में Realme ने P3 लॉन्च किया जिसने कम समय में खुद को एक मजबूत दावेदार साबित किया. इसके बाद Infinix ने Note 50s और iQOO ने Z10x भी हाल ही में लॉन्च हुए हैं जो इस सेगमेंट में काफी कड़ी टक्कर दे रहे हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि 15,000 से 20,000 की रेंज में कौन-सा स्मार्टफोन वाकई में आपकी उम्मीदों पर खरा उतरता है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: डिस्प्ले

डिस्प्ले की बात करें तो Infinix Note 50s और Realme P3 दोनों में AMOLED पैनल दिए गए हैं जो अपनी ब्राइटनेस, कलर एक्युरेसी और डीप ब्लैक्स के लिए जाने जाते हैं. वहीं iQOO Z10x अब भी IPS LCD डिस्प्ले के साथ आता है जो कि इस मामले में थोड़ा पीछे रह जाता है. AMOLED स्क्रीन का एक और फायदा है—इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, जो Realme और Infinix दोनों में दिया गया है जबकि iQOO Z10x में साइड-माउंटेड सेंसर मिलता है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: सॉफ्टवेयर

सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस के लिहाज़ से देखें तो Infinix का XOS इंटरफेस साफ और ऐड फ्री अनुभव देता है. वहीं Realme UI 6 में फीचर तो बहुत हैं लेकिन यह बोटवेयर और ऐड्स से भरा हुआ है जो अनुभव को थोड़ा कमज़ोर कर देता है. यही बात iQOO के Funtouch OS पर भी लागू होती है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: बैटरी

बैटरी कैपेसिटी की अगर बात की जाए तो iQOO Z10x सबसे आगे है जिसमें 6,500mAh की बड़ी बैटरी मिलती है. Realme P3 इसमें थोड़ा पीछे है लेकिन इसकी 6,000mAh बैटरी भी दमदार है. Infinix Note 50s की बैटरी 5,500mAh की है जो छोटी लग सकती है लेकिन असल परफॉर्मेंस तो सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन पर निर्भर करती है. फिर भी ये काबिल-ए-तारीफ है कि बजट फोनों में अब 6,000mAh से भी ज्यादा बड़ी बैटरी दी जा रही है जब‍कि प्रीमियम फोनों में अभी भी 5,000mAh का स्टैंडर्ड ही चला आ रहा है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: कैमरा सेटअप

कैमरे के मामले में सिर्फ मेगापिक्सल की संख्या को देखना काफी नहीं होता. असली फर्क आता है सेंसर की क्वालिटी, इमेज प्रोसेसिंग और सॉफ़्टवेयर ट्यूनिंग से. Infinix Note 50s में Sony का IMX682 सेंसर दिया गया है जो इसे दूसरे दो फोन से थोड़ी बढ़त देता है. सेल्फी कैमरा की बात करें तो Realme का फ्रंट कैमरा थोड़ा बेहतर है और उसके बाद Infinix का नंबर आता है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: प्रोसेसर

प्रोसेसर की अगर बात करें तो Infinix और iQOO दोनों ही एक जैसे MediaTek चिपसेट पर चलते हैं. हालांकि ‘Ultimate’ नाम दिया गया है लेकिन यह प्रदर्शन में कोई बड़ा अंतर नहीं लाता. RAM और स्टोरेज में Infinix ने अपनी जगह मजबूत बनाई है क्योंकि इसके बेस वेरिएंट में ही 8GB RAM दी गई है, साथ ही LPDDR5x RAM और UFS 2.2 स्टोरेज मिलती है. वहीं Realme और iQOO में UFS 3.1 स्टोरेज तो है, लेकिन RAM LPDDR4x ही है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: IP रेटिंग

फोन की मजबूती और वॉटर-रेज़िस्टेंस की बात करें तो Infinix और iQOO में IP64 रेटिंग के साथ MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन भी दिया गया है. जबकि Realme P3 को IP68 और IP69 की हाई-ग्रेड रेटिंग मिली है जो इसे पानी के अंदर भी कुछ देर टिके रहने लायक बनाती है. इसके अलावा, Infinix का डिज़ाइन हल्का और पतला है जो लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए फायदेमंद हो सकता है.

Infinix Note 50s vs Realme P3 vs iQOO Z10x: कीमत

अब अगर कीमतों की बात की जाए तो iQOO Z10x सबसे सस्ता विकल्प है जिसकी कीमत 13,499 रुपये से शुरू होती है. वहीं, इसके 8GB RAM वाले वैरिएंट की कीमत 16,499 रुपये तक जाती है. Infinix Note 50s 15,999 से शुरू होता है और इसका टॉप मॉडल 17,999 रुपये का है. Realme P3 की कीमत सबसे ज़्यादा है, 16,999 रुपये से लेकर 19,999 रुपये तक, जो इसे बाकी दोनों विकल्पों से थोड़ा महंगा बना देता है.

अब अगर आपका बजट 15,000 से कम है तो iQOO Z10x आपके लिए एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है, इसकी बड़ी बैटरी और तेज़ स्टोरेज इसे आकर्षक बनाते हैं. लेकिन अगर आप थोड़ा और खर्च कर सकते हैं तो 16,000 में Infinix Note 50s एक संतुलित और फीचर-पैक फोन साबित हो सकता है जिसमें क्लीन सॉफ्टवेयर, AMOLED डिस्प्ले, अच्छी RAM और परफॉर्मेंस सबकुछ मौजूद है. वहीं Realme P3 उन लोगों के लिए बेहतर रहेगा जिन्हें IP68/IP69 जैसी हाई-एंड वॉटर रेसिस्टेंस चाहिए या अगर उन्हें यह फोन किसी डिस्काउंट में 15,000 के आसपास मिल जाए.

यह भी पढ़ें:

पहलगाम आतंकी हमले में Digital Footprint ने खोला पाकिस्तान कनेक्शन का राज, जानें क्या होता है ये

[ad_2]

LIVE: आज बेंगलुरु और राजस्थान में जंग, कौन मारेगा बाजी? इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

[ad_1]

Royal Challengers Bengaluru vs Rajasthan Royals: आईपीएल 2025 में आज एक रोमांचक मैच होने की उम्मीद है. बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रजत पाटीदार की आरसीबी और रियान पराग की राजस्थान रॉयल्स भिड़ेंगी. दोनों टीमों के बीच इस सीजन यह दूसरा मुकाबला है. इससे पहले जब दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं तो आरसीबी ने बाजी मारी थी. अब राजस्थान पलटवार करना चाहेगी. 

आईपीएल 2025 में अब तक आरसीबी ने 8 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान टीम को पांच मैचों में जीत मिली है. वहीं तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. टीम का नेट रन रेट +0.472 का है. अंक तालिका में आरसीबी चौथे स्थान पर है. राजस्थान रॉयल्स की बात करें तो वो आठ मैचों में सिर्फ दो मैच ही जीती है. 6 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. टीम प्वाइंट्स टेबल में आठवें नंबर पर है. 

हेड टू हेड

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच हेड टू हेड में कांटे की टक्कर देखने को मिलती है. आईपीएल में आरसीबी ने राजस्थान को 16 बार शिकस्त दी है. वहीं राजस्थान ने बेंगलुरु को 14 बार पटखनी दी है. इस सीजन दोनों टीमों के बीच यह दूसरा मुकाबला है. लगभग एक हफ्ते पहले आरसीबी ने राजस्थान को जयपुर में मात दी थी. 

पिच रिपोर्ट 

बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम गेंदबाजों का कब्रिस्तान माना जाता है. यहां बल्लेबाजों की मौज रहती है. हालांकि, आरसीबी लगातार इस मैदान पर हार रही है. ओस का इतना प्रभाव नहीं रहने वाला है. फिर भी टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला ले सकती है, क्योंकि यहां कोई भी टोटल डिफेंड करना आसान नहीं होता है. 

मैच प्रिडिक्शन 

इस मुकाबले में आरसीबी का पलड़ा भारी है, लेकिन हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर कह रहा है कि मुकाबला बराबरी पर है. लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीत की ज्यादा दावेदार है. राजस्थान इस मैच में सबके होश उड़ा सकती है. 

आरसीबी की संभावित प्लेइंग इलेवन- फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल और जोश हेजलवुड

इन्पैक्ट प्लेयर- सुयश शर्मा

राजस्थान की संभावित प्लेइंग इलेवन- यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (कप्तान), नितीश राणा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरन हेटमायर, वानिंदु हसरंगा, जोफ्रा आर्चर, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा और तुषार देशपांडे

इम्पैक्ट प्लेयर- शुभम दुबे/कुमार कार्तिकेय

[ad_2]

Adani Energy Solutions: चौथी तिमाही में मुनाफे में 79 परसेंट की बढ़त, शेयर पर टूटे निवेशक

[ad_1]

Adani Energy Solutions: अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने चौथी तिमाही के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं. इस दौरान अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के नेट प्रॉफिट में 79 परसेंट तक की बढ़त दर्ज की गई. जो पिछले साल की समान तिमाही में 361 करोड़ रुपये के मुकाबले 647 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का ऑपरेश्नल रेवेन्यू सालाना आधार पर 35 परसेंट बढ़कर 6,375 करोड़ रुपये हो गया है. 

EBITDA मार्जिन में आया सुधार

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने वित्तीय वर्ष 2024 की जनवरी-मार्च की तिमाही में 2250 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष यह 1566 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान EBITDA मार्जिन सुधकर 35.31 परसेंट हो गया है.

अगर सेगमेंट के हिसाब से देखे तो, मार्च तिमाही में ट्रांसमिशन कारोबार से कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 2247 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 1647 था. चौथी तिमाही में अपने डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से कंपनी ने 2,907 करोड़ रुपये कमाए, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 2,395 करोड़ रुपये थी. ट्रेडिंग सेगमेंट से रेवेन्यू पिछले वर्ष की तिमाही के 114 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 378 करोड़ रुपये हो गया है. 

कंपनी को इतनी हुई आमदनी

चौथी तिमाही में कंपनी का खर्च 5,411.60 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 4,358.83 करोड़ रुपये थी. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 921 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 1,195.61 करोड़ रुपये से कम है. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की आमदनी बढ़कर 24,446.55 करोड़ रुपये हो गई, जबकि 2023-24 में यह 17,21,8.31 करोड़ रुपये थी. गुरुवार को एनएसई पर अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 2.6 परसेंट बढ़कर 963 रुपये पर पहुंच गए.   

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट ट्रांसमिशन कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्टमीटरिंग और कूलिंग सॉल्यूशंस का काम करती है. 

ये भी पढ़ें:

पाकिस्तान की करेंसी का बुरा हाल! जून के आखिर तक 1 डॉलर के मुकाबले 285 हो जाएगा रुपया, फिच ने लगाया अनुमान

[ad_2]