मरीजों के लिए बुरी खबर लेकर आ रहा है अप्रैल, 1 तारीख से महंगी हो जाएंगी 900 दवाइयां

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अगर आप ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, इंफेक्शन जैसी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाइयां लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. 31 मार्च तक आप जिन दवाइयों के लिए कम पैसा खर्च कर रहे थे, उनके लिए आज रात के 12 बजे के बाद से ही यानी 1 अप्रैल 2025 से ही ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. सबसे बड़ी बात की इस फैसले से 900 से ज्यादा जरूरी दवाइयों की कीमतों में 1.74 फीसदी की बढ़ोतरी होने जा रही है.

क्यों महंगी हो रही हैं दवाइयां

सरकार की राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) हर साल जरूरी दवाओं के दाम Wholesale Pricing Index (WPI) के आधार पर तय करता है. 2024 के लिए WPI में 1.74 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कंपनियों को बिना सरकारी मंजूरी के दाम बढ़ाने की अनुमति मिल गई है. NPPA के अनुसार, “कैलेंडर वर्ष 2024 में WPI 1.74 फीसदी बढ़ा है, इसलिए कंपनियां दवाओं की खुदरा कीमतें इसी दर से बढ़ा सकती हैं.”

किन दवाइयों के बढ़ेंगे दाम?

एंटीबायोटिक्स

Azithromycin (250 mg) – 11.87 रुपये प्रति टैबलेट

Azithromycin (500 mg) – 23.98 रुपये प्रति टैबलेट

Amoxicillin + Clavulanic Acid Dry Syrup – 2.09 रुपये प्रति ml

एंटीवायरल दवाइयां

Acyclovir (200 mg) – 7.74 रुपये प्रति टैबलेट

Acyclovir (400 mg) – 13.90 रुपये प्रति टैबलेट

मलेरिया की दवा

Hydroxychloroquine (200 mg) – 6.47 रुपये प्रति टैबलेट

Hydroxychloroquine (400 mg) – 14.04 रुपे प्रति टैबलेट

पेनकिलर दवाइयां

Diclofenac – 2.09 रुपये प्रति टैबलेट

Ibuprofen (200 mg) – 0.72 रुपये प्रति टैबलेट

Ibuprofen (400 mg) – 1.22 रुपये प्रति टैबलेट

डायबिटीज की दवा

Dapagliflozin + Metformin Hydrochloride + Glimepiride – 12.74 रुपये प्रति टैबलेट

स्टेंट की कीमतें भी बढ़ेंगी

1 अप्रैल से कोरोनरी स्टेंट की कीमतें भी WPI के आधार पर बढ़ाई जाएंगी.

Bare-metal stent – 10,692.69 रुपये

Drug-eluting stent – 38,933.14 रुपये

आम आदमी की जेब पर होगा असर

जरूरी दवाइयों की कीमत बढ़ने से आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा. खासकर उन लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो पहले से ही महंगाई और स्वास्थ्य खर्चों का सामना कर रहे हैं. हालांकि, सरकार का कहना है कि यह मूल्य वृद्धि आवश्यक थी, ताकि दवा कंपनियां लागत बढ़ने के कारण उत्पादन जारी रख सकें. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में आम लोगों को इस बढ़ोतरी का कितना असर झेलना पड़ेगा.

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सीजफायर टूटने के बाद से गाजा पर कहर बरपा रहा इजरायल! हमलों में मारे गए 1 हजार से ज्यादा लोग

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Israel Hamas Conflict: हमास के शासन वाले गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार (31 मार्च, 2025) को कहा कि 18 मार्च को इजरायल की ओर से बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने के बाद से फिलिस्तीनी इलाके में 1,001 लोग मारे गए हैं, इस आंकड़े में पिछले 48 घंटों में मारे गए 80 लोग भी शामिल हैं.

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इसके बाद 7 अक्टूबर 2023 को युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा में मरने वालों की कुल संख्या 50,357 हो जाएगी. इज़रायली सेना ने दक्षिणी गाजा के राफा के सभी निवासियों को खान यूनिस के पास अल-मवासी क्षेत्र को खाली करने का आदेश दिया है. पूरे युद्ध के दौरान इस क्षेत्र पर बमबारी की गई थी.

इजरायल ने रखा युद्धविराम का प्रस्ताव

इजरायली अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इजरायल ने बाकी बचे बंधकों में से लगभग आधे की वापसी के बदले में गाजा में विस्तारित युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है. वहीं, सेना ने नए निकासी आदेश जारी किए हैं और कहा है कि एन्क्लेव के दक्षिणी भाग में गहन अभियान की योजना बनाई गई है.

ताजा प्रस्ताव से इजरायल-हमास युद्ध को खत्म करने पर अंतिम समझौते की संभावना खुल जाएगी, जिसने अक्टूबर 2023 में शुरू होने के बाद से गाजा के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है, हजारों लोगों की जान ले ली है और लगभग पूरी आबादी को विस्थापित कर दिया है.

हमास से बातचीत जारी रहेगी- इजरायली पीएम

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि इजरायल हमास पर दबाव बढ़ाएगा, लेकिन आक्रमण के बावजूद बातचीत जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि बंधकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सैन्य दबाव सबसे अच्छा तरीका है. नेतन्याहू ने हमास से निरस्त्रीकरण की इजरायली मांग को भी दोहराया, हालांकि फिलिस्तीनी उग्रवादी आंदोलन ने इस तरह की मांग को रेड लाइन बताकर खारिज कर दिया है, जिसे वह पार नहीं करेगा.

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