Sam Altman की बड़ी घोषणा! अब मुफ्त में बनेगी Studio Ghibli जैसी जादुई तस्वीरें! जानें स्टेप बाय

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Sam Altman on Ghibli: इस हफ्ते इंटरनेट पर Studio Ghibli की तस्वीरों खूब वायरल हो रही हैं. लोगों के बीच बढ़ते हुए क्रेज को देखते हुए OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने घोषणा की है कि अब यह फीचर फ्री यूजर्स के लिए भी उपलब्ध है. बता दें कि पहले यह सुविधा केवल प्रीमियम यूजर्स के लिए ही मौजूद था लेकिन सैम ऑल्टमैन ने इसे अब सभी यूजर्स के लिए लागू कर दिया है जिसका मतलब है कि अब फ्री में घिबली फोटोज को बनाया जा सकता है.

X पर पोस्ट कर दी जानकारी

सैम ऑल्टमैन ने X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “ChatGPT इमेज जेनरेशन अब सभी मुफ्त यूजर्स के लिए उपलब्ध है.” 26 मार्च को लॉन्च होने के बाद से यह फीचर तेजी से चर्चा में आया है. सेलिब्रिटी, राजनेता और राजनीतिक दल तक इस फीचर का उपयोग कर Studio Ghibli की अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं.

कैसे बनाएं Studio Ghibli फोटो

अगर आप भी Studio Ghibli की जादुई फोटो बनाना चाहते हैं तो ChatGPT आपकी मदद कर सकता है. आइए आपको बताते हैं स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस.

  • सबसे पहले यह तय करें कि आप क्या बनाना चाहते हैं. उदाहरण के लिए – एक लड़की जो जंगल में घूम रही हो, आकाश में उड़ता हुआ किला, या ट्रेन स्टेशन पर आ रही है.
  • इसके बाद अपने प्रॉम्प्ट में ऐसे शब्दों का प्रयोग करें जैसे “Studio Ghibli स्टाइल”, “हाथ से बनाई गई कला”, “सॉफ्ट लाइट”, और “काल्पनिक वातावरण”. इससे AI को फोटो बनाने में मदद मिलती है.
  • इसके बाद फोटो को और आकर्षक बनाने के लिए कुछ जरूरी चीजों को ऐड करें जैसे चमकते हुए आत्माएं या सुनहरी रोशनी.
  • अपना प्रॉम्प्ट टाइप करें और ChatGPT से Ghibli-स्टाइल में छवि बनाने के लिए कहें. उदाहरण के लिए “Studio Ghibli स्टाइल: लाल बैग के साथ एक लड़की जो धूप से भरे जंगल में चल रही है और उसके चारों ओर चमकती आत्माएं हैं. हल्के पेस्टल रंग, गर्म और जादुई वातावरण.”
  • यदि आपको मनचाही छवि नहीं मिली तो आप अपने प्रॉम्प्ट में बदलाव भी कर सकते हैं. जब छवि आपकी पसंद के अनुसार बन जाए तो उसे सेव करें. इसे वॉलपेपर के रूप में इस्तेमाल करें, दोस्तों के साथ साझा करें या अपनी खुद की Ghibli-बेस्ड कहानी को साझा करें.

क्या है Studio Ghibli?

Studio Ghibli को 1985 में हायाओ मियाज़ाकी, इसाओ ताकाहाता और तोशियो सुजुकी ने स्थापित किया था. यह जापान का एक प्रतिष्ठित एनीमेशन स्टूडियो है. यह अपनी हाथ से बनी एनीमेशन कला को दर्शाता है. “Ghibli” नाम एक लिबियाई अरबी शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है गर्म रेगिस्तानी हवा.

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पूर्वोत्तर पर अगर नजर डाली तो…, मोहम्मद यूनुस के बयान पर भारतीय एक्सपर्ट ने दी खुलेआम चेतावनी

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<p style="text-align: justify;"><strong>Bangladesh News:</strong> बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के भारत के बारे में खतरनाक इरादे उनके बीजिंग दौरे से साफ हो गए हैं. चीनी दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में यूनुस की नफरत भारत के प्रति खुलकर सामने आई.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने पूर्वोत्तर के सात भारतीय राज्यों को लैंड लॉक्ड (जमीन से घिरा हुआ) बताया और इस आधार पर बांग्लादेश को इस क्षेत्र का हिंदमहासागर का एकमात्र संरक्षक घोषित कर दिया. उनकी ये टिप्पणियां विशेषज्ञों के लिए चौंकाने वाली हैं और भारत के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मोहम्मद यूनुस के बयान पर विशेषज्ञों की राय</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वीना सीकरी जो भारत की पूर्व उच्चायुक्त रह चुकी हैं, ने मोहम्मद यूनुस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत भारत का अहम हिस्सा है और यूनुस को ऐसा बयान देने का कोई अधिकार नहीं है. एएनआई से बात करते हुए, सीकरी ने कहा कि यूनुस का बयान बहुत चौंकाने वाला है. उन्होंने कहा कि यूनुस जानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा है और भारत और बांग्लादेश के बीच पूर्वोत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक पहुंच को लेकर बहुत करीबी चर्चा हो चुकी है और इस पर औपचारिक समझौते भी हो चुके हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बांग्लादेश को दी खुली चेतावनी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व राजदूत ने बांग्लादेश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह पूर्वोत्तर भारत को कनेक्टिविटी अधिकार देने में रुचि नहीं रखता है तो वह बदले में नदी तट के अधिकार की उम्मीद नहीं कर सकता. बांग्लादेश को यह स्पष्ट पता होना चाहिए और उन्हें इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. उन्होंने भारत से इस बयान की निंदा करने की मांग की.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>’बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हैं साथ'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने यूनुस के बयान को चिंताजनक बताते हुए कहा कि बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान मिलकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिए भारत को दबाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को चाहिए कि वह बांग्लादेश के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है, जिससे बांग्लादेश की समुद्री पहुंच कट जाएगी. साथ ही, उन्होंने बांग्लादेश की आजादी के समय भारत की चूक की ओर भी ध्यान दिलाया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">प्रफुल बख्शी ने एएनआई से कहा, "हमने बांग्लादेश बनाया, लेकिन जब हमने बांग्लादेश बनाया, तो नक्शे से संबंधित कोई लाभ नहीं लिया. " उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हाल ही में चिकन नेक (जो कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर है) और भारत को दबाने और फायदा उठाने के बारे में बात कर रहे हैं. बांग्लादेश यह कह रहा है कि चीन को मदद करनी चाहिए और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर सात लैंड लॉक्ड भारतीय राज्यों में प्रवेश करना चाहिए.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत दे सकता है जवाब</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रफुल बख्शी ने कहा, "यूनुस पूर्वोत्तर के सात राज्यों में समस्या पैदा करने के लिए चीन को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें यह नहीं पता कि हम बांग्लादेश के विपरीत दिशा में भी ऐसा ही कर सकते हैं. हम समुद्र को काटकर उनका गला घोंट सकते हैं. "</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार इस स्थिति से अवगत है और पहले से ही कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा, "भारत सरकार मीडिया में शोर मचाकर इस बारे में चर्चा नहीं करेगी, सरकार पहले ही कार्रवाई कर रही है. यूनुस को भी पता है कि भारत क्या करने जा रहा है," हालांकि, उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ नहीं बताया.&nbsp;</p>

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क्लास 12वीं स्क्रूटनी और कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड ने शुरू किए आवेदन, ये है आखिर

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Bihar Board 12th Scrutiny and Compartment Exam: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 12वीं क्लास के नतीजों से असंतुष्ट छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कम्पार्टमेंटल परीक्षा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है. जिन छात्रों को अपने अंकों में कोई गलती या कमी महसूस हो वे 8 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

इसके अलावा छात्र इंटरमीडिएट विशेष परीक्षा और कम्पार्टमेंटल परीक्षा के लिए भी इस दौरान आवेदन कर सकते हैं. सभी इच्छुक छात्र BSEB की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. उम्मीदवार यहां दिए गए स्टेप्स को देख सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार बोर्ड का लक्ष्य 31 मई 2025 तक इन परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने का है, ताकि छात्रों को समय पर उच्च शिक्षा में प्रवेश मिल सके.

स्क्रूटनी और कम्पार्टमेंटल परीक्षा क्या है?

स्क्रूटनी एक प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिका को फिर से जांचा जाता है. अगर छात्र को लगता है कि उसके अंकों में कोई गलती हो सकती है, तो वह स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकता है. इसमें किसी प्रश्न का गलत मूल्यांकन होने पर सुधार किया जाता है. वहीं, कम्पार्टमेंटल परीक्षा उन छात्रों के लिए है जो एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाए हैं. ऐसे छात्रों को इन विषयों में फिर परीक्षा देनी होती है.

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इतना देना होगा आवेदन शुल्क

यदि छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं या किसी विषय में असफल हैं तो वे 120 रुपये प्रति विषय के शुल्क के साथ स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह आवेदन शुल्क उसी प्रकार कम्पार्टमेंटल परीक्षा के लिए भी लागू होता है.

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कैसे करें आवेदन

  1. सबसे पहले छात्र BSEB की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं.
  2. फिर होमपेज पर ‘BSEB 12th Scrutiny Form 2025’ लिंक पर क्लिक करें.
  3. इसके बाद नए पंजीकरण पैनल में परीक्षा का प्रकार और जिला चुनें.
  4. अब रोल कोड और रोल नंबर सबमिट करें और कैप्चा भरें.
  5. फिर ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करें.
  6. अब आवेदन फॉर्म भरकर सबमिट करें, फिर शुल्क का भुगतान करें.
  7. अंत में भुगतान के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर रख लें.

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वर्ल्डवाइड दूसरे दिन ‘सिकंदर’ हुई 100 करोड़ के पार, ‘छावा ‘का तोड़ दिया गुरूर

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 Sikandar Worldwide Box Office Collection Day 2: सलमान खान की ‘सिकंदर’ 30 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. भाईजान की इस ईद रिलीज फिल्म का फैंस को बेसब्री से इंतजार था. हालांकि फिल्म की शुरुआत तो उम्मीद के मुताबिक नहीं रही लेकिन दूसरे दिन मंडे को ईद के मौके पर इस फिल्म ने देश और दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया और शानदार कलेक्शन कर लिया. वर्ल्डवाइड तो इस फिल्म ने दूसरे दिन शतक ही जड़ दिया. चलिए यहां फिल्म की दूसरे दिन की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट जान लेते हैं.

‘सिकंदर’ ने वर्ल्डवाइड दूसरे दिन कितना किया कलेक्शन
‘सिकंदर’ को ग्लोबल मार्केट में दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और ये वर्ल्डवाइड धूम मचा रही है. वहीं मेकर्स ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की दो दिन में हुई कमाई के ऑफिशियल आंकडे भी शेयर कर दिए हैं. मेकर्स द्वारा शेयर किए गए बॉक्स ऑफिस नंबर्स के मुताबिक

  • ‘सिकंदर’ ने पहले दिन भारत में ग्रॉस 35.47 करोड़ और ओवरसीज में 19.25 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था.
  • दूसेर दिन ईद के मौके पर फिल्म ने भारत में ग्रॉस 39.37 करोड़ और ओवरसीज में 11.80 करोड़ का ग्रस कलेक्शन किया.
  • इसी के साथ ‘सिकंदर’ की वर्ल्डवाइड कुल कमाई अब 105.89 करोड़ रुपये हो गई है.

 

‘सिकंदर’ ने छावा का तोड़ा रिकॉर्ड
‘सिकंदर’ ने दूसरे दिन वर्ल्डवाइड आखिरकार कमाल कर दिखाया और इसने ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म ‘छावा’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया. बता दें कि सिकंदर की दो दिन की कुल कमाई 105.89 करोड़ है. जबकि छावा ने वर्ल्वाइड दो दिनों में 100 करोड़ की कमाई की थी.

‘सिकंदर’ स्टार कास्ट
‘सिकंदर’ के स्टार कास्ट की बात करें तो फिल्म में सलमान खान, रश्मिका मंदाना, प्रतीक बब्बर, सुनील शेट्टी, काजल अग्रवाल, सत्यराज और शरमन जोशी ने अहम रोल प्ले किया है. इस मूवी को गजनी फेम डायरेक्टर ए आर मुरगादॉस ने निर्देशित किया है और साजिद नाडियाडवाला ने इसे प्रोड्यूस किया है. 

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रतन टाटा की प्रॉपर्टी में से किसे क्या मिला? परिवार के साथ इन लोगों का भी रखा ख्याल

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Ratan Tata Will: देश के जाने-माने दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा की वसीयत का खुलासा हो गया है. इसके मुताबिक, उन्होंने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान में दे दिया है. लगभग 3,800 करोड़ रुपये की उनकी जायदाद में टाटा संस के शेयर व अन्य कई संपत्तियां भी शामिल हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपनी 3800 करोड़ रुपये की संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ को दे दिया, जो समाज सेवा से जुड़े कार्यों में लगी हुई हैं. बता दें कि टाटा संस में रतन टाटा की 70 परसेंट हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) और बाकी की 30 परसेंट हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (RTET) को दी गई है.

परिवार और दोस्तों का भी रखा ख्याल

हालांकि, वसीयत बनाते वक्त उन्होंने परिवार, करीबी दोस्तों और पालतू जानवरों का भी ख्याल रखा. उनकी कुछ अन्य संपत्तियों में बैंक एफडी, घड़ियां, पेंटिंग्स जैसी चीजें शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये है. इसका एक तिहाई हिस्सा उन्होंने अपनी दो सौतेली बहनों- शिरीन जेजेभोय और डीना जेजेभोय को दिया है.

बाकी का एक तिहाई हिस्सा मोहिनी एम दत्ता को मिला है, जो टाटा ग्रुप की पूर्व कर्मचारी रह चुकी है. वह रतन टाटा की करीबी भी मानी जाती थीं. उनकी वसीयत में नो-कॉन्टेस्ट क्लॉज भी शामिल है, जिसके तहत वसीयत को चुनौती देने वाला व्यक्ति वसीयत में उसे दी गई सभी संपत्ति और अधिकार को खो देगा.

रतन टाटा के भाई 82 साल के जिमी नवल को जुहू वाले बंगले का एक हिस्सा मिलेगा. उन्होंने अपने करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को अलीबाग के बंगले के साथ-साथ तीन बंदूकें भी दी हैं. इसमें से एक .25 बोर की पिस्तौल भी है, जो उन्हें बहुत पसंद थी. 

पालतू जानवरों का भी रखा ख्याल

रतन टाटा ने पालतू जानवरों के लिए भी 12 लाख रुपये का फंड रखा है, जिसके तहत हर एक जानवर को हर तीन महीने में 30,000 रुपये मिलेंगे, जिससे उनके रख-रखाव का खर्च उठाया जाएगा. इसी के साथ रतन टाटा के मैनेजर और पर्सनल असिस्टेंट रहे शांतनु नायकुडू और पड़ोसी जेक मालाइट के एजुकेशन लोन को भी माफ कर दिया गया है. 

कब होगा संपत्ति का बंटवारा?

वसीयत को लागू करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दी गई है. इस पर कोर्ट की मुहर लगने के बाद संपत्ति का बंटवारा कर दिया जाएगा. इसमें करीब-करीब 6 महीने तक का समय लग सकता है. 23 फरवरी, 2022 में बनाई गई वसीयत में चार कोडिसिल (codicils) हैं, जिसका मतलब है कि वसीयत बन जाने के बाद उसमें छोटे-मोटे बदलाव करना. आखिरी बार किए गए बदलाव में कुछ कंपनियों में रतन टाटा के खरीदे गए शेयरों का जिक्र है. इसके अलावा, कुछ ऐसी भी संपत्ति है, जिसके बारे में वसीयत में कोई जिक्र नहीं किया गया है. ये सब रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को बराबर में बांट दिया जाएगा. 

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डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाते ही चीन की उड़ जाएगी नींद पर भारत को इस मामले में होगा ‘बंपर फायदा’

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Donald Trump Tariff Impact: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहे हैं. इस बात से एक तरफ जहां सभी देशों की टेंशन बढ़ गई. वहीं भारत की मोबाइल इंडस्ट्री को इससे काफी फायदा हो सकता है. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्मार्टफोन इंडस्ट्री अमेरिका के इस रेसिप्रोकल टैरिफ के बुरे प्रभाव से बच सकती है, क्योंकि अमेरिका मोबाइल फोन के मामले में कई सालों से भारत पर ही निर्भर रहा है.

भारत को कैसे होगा फायदा?

मार्च 2025 की शुरुआत में यूनाइटेड स्टेटस ने चीन से आने वाले सामान पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया. इससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि इसका बुरा असर स्मार्टफोन शिपमेंट्स पर भी पड़ा होगा. बता दें कि चीन, यूएस का सबसे बड़ा स्मार्टफोन एक्सपोर्टर है, जो कि करीब 80 फीसदी मार्केट शेयर रखता है.

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत भी यूएस को स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करने में तेजी से आगे बढ़ा रहा है. साल 2024 में भारत ने यूएस में मोबाइल एक्सपोर्ट को 50 फीसदी बढ़ाया है, जिसमें करीब 7.1 बिलियन डॉलर का बिजनेस हुआ है. वहीं भारत केवल यूएस में ही स्मार्टफोन एक्सपोर्ट नहीं करता, बल्कि जापान और यूरोप में भी भारत से मोबाइल फोन एक्सपोर्ट किए जाते हैं.

इन देशों में मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करता है भारत

जापान में स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करके भारत ने साल 2024 में 291 मिलियन डॉलर का बिजनेस किया है, जो कि साल 2023 में केवल 90 मिलियन डॉलर था. जापान के अलावा नीदरलैंड भी भारत से मोबाइल फोन इंपोर्ट करता है.

भारत की मोबाइल फोन इंडस्ट्री के लिए एक और बड़ा मार्केट रूस है. रूस ने साल 2022 में भारत से 6 मिलियन डॉलर के स्मार्टफोन इंपोर्ट किए. वहीं 2023 में इंपोर्ट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 97 मिलियन डॉलर के फोन भारत से रूस भेजे गए. 2024 में ये आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा पर पहुंच गया. पिछले साल 2024 में रूस ने भारत से 225 मिलियन डॉलर के स्मार्टफोन खरीदे.

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