शिक्षा व्यवस्था में अमेरिका से बेहतर है भारत का ये पड़ोसी मुल्क, नाम जानकर हैरान रह जाएंगे आप

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बच्चों की पढ़ाई के मामले में श्रीलंका ने अमेरिका से बेहतर प्रदर्शन किया है. यह सुनकर थोड़ा अजीब लगता है, क्योंकि अमेरिका तो बहुत बड़ा और अमीर देश है, लेकिन श्रीलंका ने दिखा दिया कि सही मेहनत और सही सोच हो, तो छोटा देश भी बड़े देशों से आगे निकल सकता है. यह खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है जिसमें बताया गया है कि श्रीलंका को 0.7 नंबर ज्यादा मिले हैं, जो दिखाता है कि पढ़ाई के मामले में श्रीलंका ने छोटा-सा अंतर होने के बावजूद अमेरिका को हरा दिया.

श्रीलंका में हैं करीब 31 हज़ार स्कूल

श्रीलंका की पढ़ाई की व्यवस्था को इतना अच्छा बनाने के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण यह है कि वहां की सरकार ने हर बच्चे को पढ़ाने को सबसे जरूरी काम माना है. गांवों में भी स्कूल बनाए गए हैं और वहां पढ़ाई की अच्छी सुविधाएं दी गई हैं. दूसरी तरफ, अमेरिका में शहर और गांव के स्कूलों में बहुत अंतर है. श्रीलंका में करीब 31 हज़ार स्कूल हैं, जो इतने छोटे देश के लिए बहुत बड़ी बात है.

श्रीलंका में फीस काफी कम, अमेरिका में ज्यादा

श्रीलंका में पढ़ाई तक पहुंच भी बहुत अच्छी है. वहां 98% बच्चे प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं, और 85% से ज्यादा बच्चे हाई स्कूल तक पढ़ाई करते हैं. इसका मतलब यह है कि वहां गरीब और अमीर सभी बच्चों को पढ़ने का मौका मिलता है. सरकार ने मुफ्त स्कूल और स्कॉलरशिप की सुविधा दी है, ताकि पैसों की कमी की वजह से कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे. लेकिन अमेरिका में स्कूल की फीस बहुत ज्यादा है और अच्छे स्कूलों में पढ़ाई के लिए पैसा चाहिए, जिसकी वजह से कई बच्चों को अच्छी पढ़ाई नहीं मिल पाती.

समय-समय पर अपडेट होता है सिलेबस  

श्रीलंका में पढ़ाई की क्वालिटी भी बहुत अच्छी है. वहां टीचरों को अच्छी ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे बच्चों को नए और आसान तरीकों से पढ़ा सकें. स्कूलों में बच्चों को किताबों के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है, जैसे कि टेक्नोलॉजी और स्किल्स सिखाना. अमेरिका में भी टेक्नोलॉजी पर ध्यान है, लेकिन वहां हर जगह एक जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं. श्रीलंका में स्कूलों का सिलेबस भी समय के साथ अपडेट किया जाता है, ताकि बच्चे आज के समय की जरूरतों के हिसाब से पढ़ सकें.

स्कूलों में खेल, कला और अच्छे संस्कार सिखाने पर भी ध्यान

श्रीलंका की पढ़ाई की एक खास बात यह है कि वहां बच्चों को सिर्फ किताबें रटने को नहीं कहा जाता. स्कूलों में खेल, कला और अच्छे संस्कार सिखाने पर भी ध्यान दिया जाता है. इससे बच्चे सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि अपनी पर्सनैलिटी में भी बेहतर बनते हैं. अमेरिका में ज्यादातर पढ़ाई पर ही जोर रहता है, लेकिन श्रीलंका में बच्चों को अच्छा इंसान बनाना भी जरूरी समझा जाता है.

श्रीलंका ने अपनी पढ़ाई में पर्यावरण और अपनी संस्कृति को भी शामिल किया है. बच्चों को अपने आसपास की प्रकृति और अपनी परंपराओं के बारे में सिखाया जाता है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें. अमेरिका में पढ़ाई ज्यादा ग्लोबल होती है, लेकिन लोकल चीजों पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता. श्रीलंका का यह तरीका बच्चों को जिम्मेदार और समझदार बनाता है.

गांवों में भी इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम

इसके अलावा, श्रीलंका ने डिजिटल पढ़ाई को भी बढ़ावा दिया है. गांवों में भी इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं. कोविड-19 के समय में जब स्कूल बंद थे, तब भी वहां ऑनलाइन पढ़ाई अच्छे से चली. अमेरिका में टेक्नोलॉजी तो बहुत है, लेकिन गरीब बच्चों को उसका फायदा नहीं मिल पाता.

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सूर्य ग्रहण कब लगेगा, कहां-कहां दिखेगा, सूतक काल समय सब जानें

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Surya Grahan 2025 Date: सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक, ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टिकोण से हमेशा ही चर्चा में रहा है. चंद्र ग्रहण के बाद अब सूर्य ग्रहण भी मार्च में ही लगने वाला है. सूर्य ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य पूजा पाठ आदि नहीं किया जाता है.

ग्रहण काल में आमजन के अलावा गर्भवतियों को भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज की किरणें दूषित हो जाती है और इसका प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण किस दिन लगेगा, सूतक काल कब शुरू होगा, भारत में ये ग्रहण दिखाई देगा या नहीं ये सभी सवालों के जवाब यहां देखें.

2025 में सूर्य ग्रहण कब लगेगा

पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन लगेगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण दोपहर 14:21 बजे से शाम 06:14 बजे तक रहेगा. इस दिन पांच ग्रहों गुरु, बुध, शुक्र, चंद्रमा और केतु का प्रभाव एक साथ होने के कारण इस ग्रहण का राशियों पर बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है.

सूतक काल लगेगा या नहीं ?

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले से सूतक काल की गणना की जाती है लेकिन 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.

सूतक काल और ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता. इस दौरान खाना बनाना और खाना भी अच्छा नहीं माना जाता. यहां तक कि सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं.

कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

बरमूडा, बारबाडोस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, उत्तरी ब्राज़ील, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, कनाडा का पूर्वी भाग, लिथुआनिया, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, सूरीनाम, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र, आदि में देखा जा सकेगा.

सूर्य ग्रहण क्यों लगता है ?

सूर्य के आसपास पृथ्वी घूमती रहती है और पृथ्वी के आसपास चंद्रमा. इसी वजह से तीनों कभी न कभी एक दूसरे के सीध में आ जाते हैं. इन्ही वजहों से सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है.

जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चांद आ जाता है तो इसे सूर्यग्रहण कहते हैं. इस दौरान सूर्य से आने वाली रोशनी चांद के बीच में आ जाने की वजह से धरती तक नहीं पहुंच पाती है और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है.

Bhutadi Amavasya 2025: भूतड़ी अमावस्या क्या है ? मार्च में कब है ये, इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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गुजरात के शख्स ने बेसहारा बुजुर्गों के लिए बेच दिया अपना बंगला, यूजर्स की आंखों में आ गए आंसू

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Viral News: लोग किसी जरूरतमंद को 10 रुपये का नोट देने से पहले हजार बार सोचते हैं. ऐसे में गुजरात का एक शख्स ऐसा भी है जो बुजुर्ग और असहाय लोगों की मदद के लिए अपना करोड़ों का बंगला भी बेच देता है. जी हां, जूनागढ़ के एक शख्स ने उन बुजुर्गों की सेवा के लिए, जिन्हें लोग घरों से बाहर निकाल देते हैं या लावारिस होते हैं अपना करोड़ों का बंगला बेच दिया. ये कहानी है जूनागढ़ के पीयूष मनसुखभाई आड़तिया की. जिन्होंने जूनागढ़ के झांझरड़ा रोड पर अपना एक करोड़ का बंगला बेच दिया. जिसे उन्होंने अपने आराम के लिए खरीदा था.

एक करोड़ का बंगला बेच पीयूष मनसुखभाई आड़तिया ने शुरू किया वृद्धाश्रम

सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार पीयूष मनसुखभाई आड़तिया का कहना है कि मैंने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर दर्द देखा है. क्योंकि उन्हें वो सुख वृद्धाश्रम में नहीं मिल पाता जिसके वो हकदार हैं. इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं एक ऐसा आश्रम बनाऊंगा जिसमें रहकर बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे. मैंने जूनागड़ के झांझरड़ा पर एक बंगला खरीदा था जिससे मुझे वर्क प्लेस पर आने जाने में परेशानी न हो. लेकिन मैंने सोचा कि आश्रम तो बनना ही चाहिए. इसलिए मैंने अपना बंगला बेचा और बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम शुरू कर दिया. पीयूष मनसुखभाई आड़तिया ने जूनागढ़ में मान ओल्ड एज होम की स्थापना की है जिसमें कई सारे बुजुर्ग एक दम खुश और बढ़िया जीवन जी रहे हैं.

प्रवेश से पहले बुजुर्गों के पैर धोकर करते हैं आरती

पीयूष मनसुखभाई आड़तिया जब भी आश्रम में जाते हैं तो पहले वो बुजुर्गों के पैर धोते हैं, उनका चरणामृत लेते हैं और उनकी आरती भी उतारते हैं, उसके बाद ही पीयूष मनसुखभाई आड़तिया आश्रम के अंदर प्रवेश लेते हैं.  36 साल के पीयूष मनसुखभाई आड़तिया शिक्षा के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और अब इसी आश्रम के ऊपर अनाथालय खोलने की योजना को अंजाम दे रहे हैं जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है.

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यूजर्स जमकर कर रहे तारीफ

जैसे ही सोशल मीडिया पर ये मामला वायरल हुआ वैसे ही सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. एक यूजर ने लिखा…आप जैसे आदमी को इंसान नहीं फरिश्ता कहते हैं. एक और यूजर ने लिखा…इस तरह की जिम्मेदारी संभालना कोई बच्चों का खेल नहीं है, आपका दिल वाकई बड़ा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…आप के साथ लाखों लोगों और बुजुर्गों की दुआएं हैं, और क्या चाहिए जिंदगी से.

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बस इस आसान तरीके से घर बैठे बदल जाएगा आधार कार्ड में एड्रेस! जानिए पूरा प्रोसेस

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UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने पता बदलने की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से दी है. बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना जरूरी होता है लेकिन एड्रेस चेंज घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है.

UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने पता बदलने की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से दी है. बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना जरूरी होता है लेकिन एड्रेस चेंज घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है.

बता दें कि आप आधार कार्ड पर अपना पता घर बैठे ही यानी ऑनलाइन आसानी से बदल सकते हैं. इसके लिए आपको myAadhaar पोर्टल पर जाना होगा. UIDAI के अनुसार, हर 10 साल में आधार डिटेल अपडेट करवाना जरूरी है.

बता दें कि आप आधार कार्ड पर अपना पता घर बैठे ही यानी ऑनलाइन आसानी से बदल सकते हैं. इसके लिए आपको myAadhaar पोर्टल पर जाना होगा. UIDAI के अनुसार, हर 10 साल में आधार डिटेल अपडेट करवाना जरूरी है.

myAadhaar पोर्टल पर जाएं और अपना आधार नंबर कैप्चा कोड और OTP दर्ज करके लॉगिन करें. लॉगिन करने के बाद

myAadhaar पोर्टल पर जाएं और अपना आधार नंबर कैप्चा कोड और OTP दर्ज करके लॉगिन करें. लॉगिन करने के बाद “Address Update” विकल्प पर क्लिक करें. फिर “Aadhaar Online Update” ऑप्शन चुनें. सभी गाइडलाइन्स पढ़ें और “Proceed” बटन पर क्लिक करें. अपने नए पते को सेलेक्ट करें और “Update Aadhaar” पर टैप करें.

ऑनलाइन फॉर्म में नया पता दर्ज करें. यदि आवश्यक हो, तो

ऑनलाइन फॉर्म में नया पता दर्ज करें. यदि आवश्यक हो, तो “Care Of” (C/O) में पिता या पति का नाम जोड़ें. अपने नजदीकी डाकघर का चयन करें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. सारी जानकारी सही से चेक करें और ₹50 का भुगतान करें. भुगतान सफल होने के बाद आपको एक SRN नंबर मिलेगा जिससे आप अपने अपडेट की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आधार कार्ड पर एड्रेस अपडेट करने के लिए आपको पास पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट/पासबुक, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, विकलांगता प्रमाण पत्र, मनरेगा या नरेगा जॉब कार्ड, बिजली, पानी, गैस, टेलीफोन या पोस्टपेड मोबाइल बिल, बीमा पॉलिसी या प्रॉपर्टी टैक्स रसीद आदि दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आधार कार्ड पर एड्रेस अपडेट करने के लिए आपको पास पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट/पासबुक, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, विकलांगता प्रमाण पत्र, मनरेगा या नरेगा जॉब कार्ड, बिजली, पानी, गैस, टेलीफोन या पोस्टपेड मोबाइल बिल, बीमा पॉलिसी या प्रॉपर्टी टैक्स रसीद आदि दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.

UIDAI के अनुसार, पता अपडेट की प्रक्रिया 30 दिनों तक का समय ले सकती है. एक बार आवेदन सबमिट करने के बाद आपको URN (Update Request Number) मिलेगा जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं.

UIDAI के अनुसार, पता अपडेट की प्रक्रिया 30 दिनों तक का समय ले सकती है. एक बार आवेदन सबमिट करने के बाद आपको URN (Update Request Number) मिलेगा जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं.

जब आधार अपडेट हो जाएगा, तो आप UIDAI की वेबसाइट से नया आधार डाउनलोड कर सकते हैं. ध्यान रखें कि आधार डाउनलोड करने के लिए आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए.

जब आधार अपडेट हो जाएगा, तो आप UIDAI की वेबसाइट से नया आधार डाउनलोड कर सकते हैं. ध्यान रखें कि आधार डाउनलोड करने के लिए आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए.

Published at : 18 Mar 2025 04:48 PM (IST)

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टेक्नोलॉजी वेब स्टोरीज

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वडोदरा में लोगों को कुचलने वाला सनकी क्यों चिल्ला रहा था Another Round? फिल्म से जुड़ा है…

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Vadodara Accused: हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो हुए वीडियो में वडोदरा के एक शख्स ने अपनी कार से तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया था. वीडियो देखकर हो सकता है आपका अब भी पारा चढ़ा हुआ हो. बात ही कुछ ऐसी है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने पहले तो स्कूटी सवार लोगों को टक्कर मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया जिसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. वीडियो में हादसे का आरोपी कार से निकलने के बाद बार बार Another round चिल्ला रहा था. लेकिन वो ऐसा क्यों कर रहा था अब इसकी गुत्थी सुलझती दिखाई दे रही है. जी हां आइए आपको बताते हैं क्या थी इस नारे के पीछे की वजह.

आखिर क्यों Another Round चीख रहा था रक्षित

आपको बता दें कि हादसे का आरोपी रक्षित चौरसिया फिलहाल पुलिस हिरासत में है, लेकिन अब उसके बारे में कई सारे राज खुलते दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, हादसे के वक्त रक्षित कार से उतर कर जोर जोर से Another Round चिल्ला रहा था इसके अलावा उसने धार्मिक नारे भी लगाए थे. लेकिन अब सच सामने आया है कि उसने Another Round क्यों चिल्लाया. दरअसल, Another Round चिल्लाने के पीछे एक फिल्म का कनेक्शन है.

जब पुलिस ने उसके किराए के मकान की तलाशी ली तो उसके कमरे से हॉलीवुड फिल्म Another Round का पोस्टर मिला. बताया जा रहा है कि आरोपी हॉलीवुड फिल्म Another Round से प्रभावित था. कहा जा रहा है कि रक्षित इस फिल्म की कहानी को अपने जीवन में उतारना चाहता था. हालांकि इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने अब तक आधिकारिक रूप से कुछ कहा नहीं है.

क्या है Another Round फिल्म की कहानी

आपको बता दें कि Another Round फिल्म चार दोस्तों की कहानी पर बनी है. इन दोस्तों की जिंदगी में कुछ खास नहीं होता है. लेकिन उन्हें अचानक एक थ्योरी के बारे में पता लगता है जिससे कि शरीर में हमेशा शराब का नशा बना रहे और जिंदगी में कुछ अलग हो सके. शुरू में तो सब कुछ सही चलता है लेकिन धीरे धीरे जैसे ही उनकी जिंदगी में शराब की मात्रा बढ़ने लगती है वो बर्बाद हो जाते हैं. आपको बता दें कि रक्षित बनारस का रहने वाला है और वडोदरा में रहकर कानून की पढ़ाई कर रहा है. हादसे के बाद यूनिवर्सिटी से भी रक्षित को निकाला जा सकता है.


Opinion: वेश्यावृत्ति, सत्ता और ब्लैकमेलिंग : एपस्टीन लिस्ट से लेकर आज तक का खेल

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<p>"सेक्स बिकता है!"&mdash;ये बात नई नहीं है. सदियों से सत्ता, धर्म, युद्ध और बिज़नेस में इसका इस्तेमाल होता आया है. कभी ब्लैकमेल के लिए, कभी सौदेबाज़ी के लिए, तो कभी इसे मोक्ष या आध्यात्मिकता का नाम देकर बेचा गया. राजा-महाराजाओं से लेकर आज के राष्ट्रपतियों, बिज़नेस टायकून्स और धर्मगुरुओं तक, हर कोई इस खेल में फंसा हुआ है. आज फिर यह गंदा खेल सुर्खियों में है: "एपस्टीन लिस्ट" के नए खुलासों की वजह से.</p>
<p><strong>एपस्टीन लिस्ट: क्या नया खुलासा हुआ?</strong></p>
<p>अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 200 पेज की रिपोर्ट जारी की, जिसमें जेफ्री एपस्टीन के कॉन्टैक्ट डिटेल्स, फ्लाइट लॉग्स और कई सीक्रेट डॉक्युमेंट्स शामिल हैं.</p>
<p><strong>रिपोर्ट में सामने आए कुछ बड़े नाम:</strong></p>
<p>माइकल जैक्सन (Pop Icon)<br />मिक जैगर (Rolling Stones के सिंगर)<br />एलेक बाल्डविन (Hollywood Actor)<br />एथेल कैनेडी (Robert F. Kennedy Jr. की मां)<br />एंड्रयू कुओमो (Former Governor of New York)<br />नाओमी कैंपबेल (Supermodel)<br />कोर्टनी लव (Rock Singer)<br />इवाना ट्रंप और इवांका ट्रंप (Trump Family)<br />जॉन हंट्समैन (Business Tycoon)<br />डस्टिन हॉफमैन (Hollywood Actor)<br />टेड कैनेडी (Former U.S. Senator)<br />राल्फ फिएन्स (Hollywood Actor)<br />एलन डर्शोविट्ज (Famous Lawyer)<br />जॉन कैरी (Former U.S. Secretary of State)<br />बॉब वीनस्टीन (Film Producer)<br />डेविड कोच (Billionaire)<br />लिज़ हर्ली (Model &amp; Actress)</p>
<p><strong>लेकिन क्या ये लोग दोषी हैं?</strong></p>
<p>डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने साफ किया है कि ये सिर्फ एक कॉन्टैक्ट लिस्ट है, "क्लाइंट लिस्ट" नहीं. यानी, जिनके नाम इसमें हैं, जरूरी नहीं कि वे एपस्टीन के सेक्स रैकेट में शामिल थे. लोगों को उम्मीद थी कि इससे कुछ बड़े राज़ खुलेंगे&mdash;जैसे: कौन-कौन एपस्टीन के &lsquo;पेडोफाइल आइलैंड&rsquo; पर गया था? क्या कोई बड़ी हस्ती ब्लैकमेल हो रही थी? लेकिन रिपोर्ट में ज़्यादातर वही नाम थे, जो पहले भी लीक हो चुके थे. जेफ्री एपस्टीन कौन था और उसकी लिस्ट क्यों अहम है?</p>
<p>जेफ्री एपस्टीन सिर्फ एक अरबपति बिज़नेसमैन नहीं था. वह दुनिया के सबसे बड़े सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क में शामिल था. उसके पास एक प्राइवेट आइलैंड था, जिसे "पेडोफाइल आइलैंड" कहा जाता था. मुक़ामी लोगों का भी कहना था कि वे नौजवान और कमसिन लड़कियों का इस आइलैंड पर आना और जाना देखते थे.</p>
<p>यहां दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर लोगों को नाबालिग लड़कियाँ सप्लाई की जाती थीं. गिस्लेन मैक्सवेल: एपस्टीन की सबसे करीबी साथी. गिस्लेन मैक्सवेल इस पूरे नेटवर्क को मैनेज करती थी. जब मामला खुला, तो उसे जेल में डाल दिया गया. लेकिन एपस्टीन खुद जेल में मरा पाया गया. आधिकारिक तौर पर इसे "आत्महत्या" बताया गया.</p>
<p>लेकिन क्या यह हत्या थी?&mdash;आज भी इस पर बहस जारी है. गिस्लेन मैक्सवेल अब भी जेल में है, लेकिन इस रैकेट में शामिल सबसे ताकतवर लोग अब भी खुले घूम रहे हैं.</p>
<p><strong>सेक्स: सत्ता और ब्लैकमेलिंग का सबसे पुराना खेल</strong></p>
<p>रोम के सीज़र से लेकर आज के नेताओं और बिज़नेस टायकून्स तक, सेक्स हमेशा से सत्ता का हथियार रहा है.</p>
<p><strong>ब्लैकमेलिंग और पावर गेम:</strong></p>
<p>बड़े लोगों की कमजोरियाँ ही उनके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनती हैं.</p>
<p>एपस्टीन के पास जो वीडियो फुटेज और सबूत थे, वे सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि ब्लैकमेल मटेरियल थे.</p>
<p>बिज़नेस और सेक्स</p>
<p>अरबों-खरबों डॉलर की डील्स अक्सर "हाई-एंड एस्कॉर्ट सर्विसेज़" के जरिए फाइनल होती हैं.</p>
<p>आध्यात्मिकता और सेक्स</p>
<p>ओशो जैसे दार्शनिकों ने इसे "आध्यात्मिक अनुभव" कहकर बेचा.</p>
<p>कई धर्मगुरुओं ने इसे "मोक्ष" का रास्ता बताया.</p>
<p>हाल ही में श्याम सिंह मीरा ने एक चर्चित भारतीय गुरु पर अपने एक यूट्यूब शो में कुछ प्राइम साबुत के साथ गंभीर आरोप लगाए.</p>
<p>युद्ध और रेप</p>
<p><strong>जब भी कोई क़ौम हारी है, सबसे ज्यादा जुल्म औरतों पर हुआ है:</strong></p>
<p>द्वितीय विश्व युद्ध</p>
<p>1947 का भारत-पाकिस्तान बंटवारा</p>
<p>इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष</p>
<p>सूडान का गृहयुद्ध, इस लिस्ट का घटना को कोई अंत नहीं.</p>
<p>ट्रंप, क्लिंटन और एपस्टीन लिस्ट</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन, दोनों का नाम एपस्टीन से जुड़ा है.</p>
<p><strong>सबूत:</strong></p>
<p>"लोलिता एक्सप्रेस"&mdash; एपस्टीन का प्राइवेट जेट</p>
<p>ट्रंप और क्लिंटन ने इस जेट से सफर किया था</p>
<p>क्लिंटन ने माना कि वह 26 बार एपस्टीन के आइलैंड पर गया</p>
<p>ट्रंप पर पहले भी कई यौन शोषण के आरोप लग चुके हैं.</p>
<p>क्या एपस्टीन लिस्ट से कुछ बदलेगा?</p>
<p>शायद नहीं.</p>
<p>ताकतवर लोग हमेशा अपने अपराध छिपाने में कामयाब रहते हैं.<br />इस रिपोर्ट में ऐसा कोई बड़ा नया खुलासा नहीं हुआ जिससे किसी को जेल हो सके.</p>
<p>निष्कर्ष: सत्ता, सेक्स और पैसा&mdash;ये खेल चलता रहेगा!</p>
<p>दुनिया ऐसे ही चलती आई है और शायद ऐसे ही चलती रहेगी.</p>
<p>सत्ता, सेक्स और पैसा&mdash; इनका गठजोड़ आज भी उतना ही मज़बूत है जितना सदियों पहले था.</p>
<p>लोग बदले, तरीके बदले, लेकिन सच्चाई नहीं बदली.</p>
<p>जब तक सत्ता रहेगी, ताकत रहेगी, तब तक सेक्स एक हथियार की तरह इस्तेमाल होता रहेगा- कभी ब्लैकमेलिंग के लिए, कभी बिज़नेस के लिए, तो कभी धर्म के नाम पर. जेफ्री एपस्टीन से जुड़े इन नए दस्तावेज़ों ने कुछ बड़े नाम तो सामने ला दिए, लेकिन अब भी पूरी सच्चाई का इंतजार जारी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]&nbsp;</strong></p>

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टीम नहीं तबाही है… SRH से खतरनाक कोई भी नहीं, जानें सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन

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SRH Playing 11 IPL 2025: आईपीएल 2025 की शुरुआत होने में अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं. टूर्नामेंट का पहला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की टीम अपना पहला मैच 23 मार्च को खेलेगी. SRH की भिड़ंत अपने होम ग्राउंड पर राजस्थान रॉयल्स से होगी. 

आईपीएल 2025 में भी सनराइजर्स की टीम काफी मजूबत दिख रही हैं. फैंस इस टीम को तबाही कह रहे हैं. पिछले सीजन यह टीम फाइनल में केकेआर से हार गई थी, लेकिन इस बार की टीम पिछले साल से भी खूंखार दिख रही है. हैदराबाद की टीम में कई मैच विनर और टी20 स्पेशलिस्ट खिलाड़ी हैं. 

प्लेइंग इलेवन की बात करें तो दो भाई और दोनों तहाबी, यानी अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ओपनिंग करेंगे. तीन नंबर पर ईशान किशन का खेलना तय है. इस तरह टॉप ऑर्डर में तीनों टी20 के माहिर खिलाड़ी हैं. इसके बाद चार नंबर पर युवा नितीश कुमार रेड्डी और पांच नंबर पर विकेटकीपर हेनरिक क्लासेन खेलेंगे. ये दोनों किसी भी बॉलिंग अटैक की धज्जियां उड़ा सकते हैं. 

इसके बाद छह नंबर पर अभिनव मनोहर खेल सकते हैं. अभिनव भारतीय घरेलू क्रिकेट के तूफानी बल्लेबाज हैं. सात नंबर पर वियाम मुल्डर को मौका मिल सकता है. मुल्डर गेंदबाजी और बल्लेबाजों दोनों से टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं. 

गेंदबाजी की बात करें तो पेस अटैक काफी घातक है. कप्तान पैट कमिंस के साथ मोहम्मद शमी और हर्षल पटेल हैं. तीनों किसी भी बैटिंग ऑर्डर की कमर तोड़ सकते हैं. स्पिनर में राहुल चाहर हैं. साथ में एडम जम्पा का विकल्प भी मौजूद है. 

सनराइजर्स हैदराबाद की संभावित प्लेइंग इलेवन- ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अभिनव मनोहर, वियान मुल्डर, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, मोहम्मद शमी और राहुल चाहर. 

इम्पैक्ट प्लेयर- जयदेव उनादकट 

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बैंकों में चार दिन नहीं होगा काम, 24-25 मार्च को बैंक हड़ताल का ऐलान

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Bank Strike: देशभर में बैंक कर्मचारी 24-25 मार्च को हड़ताल पर रहेंगे. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इससे बैंकों का कामकाज दो दिनों के लिए ठप्प रह सकता है. इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के साथ बातचीत में कोई समाधान नहीं निकलने पर बैंक यूनियन ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. अब सवाल यह आता है कि क्या इस हड़ताल से SBI, BOB, PNB के साथ-साथ ICICI और HDFC जैसे प्राइवेट बैंकों की सेवाएं भी प्रभावित होंगी?

चार दिन बैंकों का कामकाज ठप्प

बता दें कि इन बैंकों ने हड़ताल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन न्यूज एजेंसी ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हड़ताल का असर पब्लिक सेक्टर के बैंकों के साथ-साथ प्राइवेट और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर भी पड़ेगा. इससे बैंकों का कामकाज चार दिनों तक बाधिक होगी क्योंकि 22 और 23 मार्च को शनिवार और रविवार है. 

क्या है UFBU? 

UFBU एक सामूहिक संगठन है, जिसमें नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं जैसे कि ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफीडरेशन (AIBOC), नेशनल कंफीडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन  (AIBOA) वगैरह. ये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के आठ लाख से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करती हैं. 

यूनियन की मांग

  • सभी कैडर में पर्याप्त भर्ती सुनिश्चित करना क्योंकि बैंक कर्मचारियों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं. इससे काम का बोझ और अक्षमता बढ़ रही है. 
  • सभी अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण क्योंकि स्थायी रोजगार लाभ के बगैर कई अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स सालों से काम कर रहे हैं. 
  • बैंक यूनियनों की मांग है कि सरकारी ऑफिसों की तरह बैंकों के लिए भी वर्क शेड्यूल सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिनों के लिए हो ताकि वर्क-लाइफ बैलेंस रहे. 
  • परफॉर्मेंस-बेस्ड अप्रेजल और इंसेंटिव स्कीम को वापस लिया जाएं. ये नीतियां कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव पैदा करती है और इससे कर्मचारियों की नौकरी खतरे में आ सकती है. 
  • बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग. 
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिक्त कर्मचारी/अधिकारी निदेशक के पदों को भरने की मांग.
  • भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ लंबित मुद्दों का समाधान. 
  • ग्रैच्युटी अधिनियम में संशोधन कर अधिकतम सीमा को 25 लाख रुपये तक करने की मांग. 

 

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इब्राहिम और खुशी के सपोर्ट में उतरे करण जौहर, हंसल मेहता सहित बॉलीवुड के कई दिग्गज

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Bollywood Celebs Supports Ibrahim-Khushi: बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान ने हाल ही में डेब्यू किया है. उनकी खुशी कपूर के साथ फिल्म नादानियां रिलीज हुई थी. फिल्म को कुछ खास पसंद नहीं किया गया है. इब्राहिम अली खान और खुशी कपूर को नादानियां के बाद खूब ट्रोल किया जा रहा है. करण जौहर से लेकर कई सेलेब्स इनके सपोर्ट में उतरे हैं. इस लिस्ट में करण जौहर से लेकर हंसल मेहता तक कई सेलेब्स शामिल हैं.

हंसल मेहता

हंसल मेहता ने सपोर्ट करते हुए कहा- ‘मुझे लगता है कि लोग बहुत कठोर और गलत हैं. दुख की बात ये है कि क्या हमने इन्हें मौका मिलने से पहले. इन बच्चों की तैयारी देखी है? लोग जिस तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं, वो बहुत ही खराब है. मुझे यकीन है कि ये टिप्पणियां इन नए बच्चों के लिए काफी दर्दनाक होंगी लेकिन हम भूल जाते हैं कि एक समय में उनके माता-पिता ने भी बहुत ही अजीब शुरुआत की थी. बात बस इतनी है कि वो उस समय लोगों की नजरों में उतने नहीं थे, जितने अब सोशल मीडिया के कारण हैं.’ 

हंसल मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्मों को बनाने, निर्माण करने और निर्देशन के लिए जिम्मेदार लोगों को पहले ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि कलाकार और उनकी टीम उन्हें लॉन्च करने से पहले पूरी तरह से तैयार हो. निर्देशक ने कहा कि ये मान लेना गलत है कि कोई व्यक्ति सिर्फ अपने वंश के कारण या परिवार के कारण अच्छा एक्टर होगा.

करण जौहर

करण जौहर ने नादानियां की ट्रोलिंग पर रिएक्ट किया. करण ने कहा, ‘मैं सिर्फ ये कहूंगा कि कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना छोड़ो बेकार की बातें, बीत न जाए रैना.’ 

गिप्पी ग्रेवाल

गिप्पी ग्रेवाल ने ट्रोलिंग पर कहा- ये बहुत जरुरी है. जब मैंने अपनी शुरुआत की थी तो आसपास के लोग बोलते थे यार अब ये भी गाएगा, ये ऐसे करेंगे. हम कैरी ऑन जट्टा लेकर आए तो हमने बहुत से लोगों से सुना कि ये तो ऐसे लगे हुए हैं जैसे 100 करोड़ कर देंगे, कर ही दिया. तो मुझे लगता है कि ये चीजें आपको बूस्ट करती हैं. इनके भी दो पहलू होते हैं. एक या तो आप अपसेट हो जाते हैं या फिर आपके अंदर होता है कि मैं ये करके दिखाऊंगा.

विक्रम भट्ट

विक्रम भट्ट ने कहा- जो हो रहा है उससे मुझे बहुत दुख है. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सोशल मीडिया पर फिल्म को किस तरह की ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि मुझे दोनों बहुत पसंद हैं. इब्राहिम आया, ये अलग बात है कि फिल्म अच्छी है या नहीं मगर इन दिनों नेपोटिज्म को लेकर बहस चल रही है. उन्होंने आगे कहा- इब्राहिम सैफ की तरह दिखते हैं तो आप उन्हें कैसे कंपेयर कर सकते हैं. मगर वो इस तुलना से भी खुद को साबित करते हैं. मुझे लगता है वो सैफ के बराबर हैं. ये सैफ की अपनी पहली फिल्मों की परफॉर्मेंस से बेहतर है. मैं लिखकर दे सकता हूं कि इब्राहिम एक बड़े स्टार बनेंगे.

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Shani Gochar 2025: शनि गोचर 10 दिन बाद, इन राशियों पर पड़ेगा गहरा प्रभाव?

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Shani Gochar 2025: शनि की साढ़े साती कुल साढ़े सात साल और ढैय्या ढाई साल तक चलती है. जब 29 मार्च 2025 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तो मकर राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी. वहीं मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा. आइए जानते हैं, किन राशियों पर पड़ेगा इसका असर.

29 मार्च 2025 ज्योतिष के अनुसार एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इस दिन साल का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन होगा. शनि कुंभ राशि की यात्रा समाप्त कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां वे करीब ढाई साल तक रहेंगे. वैदिक ज्योतिष में शनि को एक कठोर और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है. अगर शनि किसी व्यक्ति की कुंडली में अनुकूल नहीं है, तो उसे जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं, और केवल यही ग्रह साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी विशेष दशाएं देते हैं.

हालांकि, शनि हमेशा बुरे फल ही नहीं देते. अगर कुंडली में शनि शुभ स्थान पर हों, तो वे व्यक्ति को गरीबी से उठाकर राजा बना सकते हैं. शनि कर्मों के आधार पर फल देने वाले ग्रह हैं, इसलिए इन्हें न्यायाधीश और दंडाधिकारी कहा जाता है. शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं. वे तुला राशि में उच्च और मेष राशि में नीच के माने जाते हैं. आइए जानते हैं, इन राशियों के बारे में:

  • मेष राशि (Aries): मेष राशि के लोगों के लिए शनि दसवें और 11वें भाव के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके द्वादश भाव में होने जा रहा है. मेष राशि के लोगों के लिए शनि का यह गोचर कुछ मुश्किलें ला सकता है. स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें खर्चे आमदनी से ज्यादा हो सकते हैं, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. परिवार में विवाद होने की संभावना है, इसलिए शांति और समझदारी से काम लें.
  • मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के लोगों के लिए शनि प्रथम और द्वितीय भाव के स्वामी होते हैं और शनि का गोचर आपके तृतीय भाव में होने जा रहा है. इस भाव में स्थित शनि की दृष्टि आपके पंचम, नवम और द्वादश भाव पर रहेगी. मकर राशि के लोगों के लिए यह शनि गोचर बहुत शुभ रहेगा. आप साढ़ेसाती से मुक्त होने वाले हैं, जिससे जीवन में राहत और सकारात्मक बदलाव आएंगे.
  • मीन राशि (Pisces): मीन राशि के लोगों के लिए शनि 11वें और 12वें भाव के स्वामी होते हैं. अब शनि का गोचर सीधे आपकी राशि में होने वाला है.जब शनि आपके लग्न में प्रवेश करेंगे, तो आपकी साढ़ेसाती का मध्य चरण शुरू हो जाएगा. शनि का लग्न में गोचर आपके जीवन में कुछ चुनौतियां ला सकता है. इस समय यात्राओं में खास सावधानी बरतें. कार्य स्थल पर आपको बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप साझेदारी में कोई काम शुरू करना चाहते हैं, तो पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें और फिर आगे बढ़ें.

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