क्या होता है Vapor Operation जिसके कारण Google ने हटाए 300 से ज्यादा ऐप्स!

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Vapor Operation एक साइबर अपराधी नेटवर्क द्वारा चलाई गई डिजिटल धोखाधड़ी की रणनीति है जिसका मकसद यूजर्स के डेटा को चुराना और फर्जी ट्रैफिक जनरेट करके विज्ञापन धोखाधड़ी करना था.

Vapor Operation एक साइबर अपराधी नेटवर्क द्वारा चलाई गई डिजिटल धोखाधड़ी की रणनीति है जिसका मकसद यूजर्स के डेटा को चुराना और फर्जी ट्रैफिक जनरेट करके विज्ञापन धोखाधड़ी करना था.

इस ऑपरेशन में कई हानिकारक मोबाइल ऐप्स शामिल थे जिन्हें बेहद आकर्षक तरीके से डिजाइन किया गया था ताकि यूजर्स को पता न चले कि वे किसी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं.

इस ऑपरेशन में कई हानिकारक मोबाइल ऐप्स शामिल थे जिन्हें बेहद आकर्षक तरीके से डिजाइन किया गया था ताकि यूजर्स को पता न चले कि वे किसी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं.

साइबर अपराधियों ने ऐप्स को इस तरह डिजाइन किया कि वे असली और भरोसेमंद लगे ताकि लोग उन्हें आसानी से डाउनलोड कर लें. ये ऐप्स मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद यूजर्स का पर्सनल डेटा, लोकेशन, और ब्राउजिंग डिटेल्स चोरी करते थे.

साइबर अपराधियों ने ऐप्स को इस तरह डिजाइन किया कि वे असली और भरोसेमंद लगे ताकि लोग उन्हें आसानी से डाउनलोड कर लें. ये ऐप्स मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद यूजर्स का पर्सनल डेटा, लोकेशन, और ब्राउजिंग डिटेल्स चोरी करते थे.

ऐप्स के जरिए फर्जी ट्रैफिक और नकली ऐड क्लिक जनरेट किए जाते थे जिससे ऐड कंपनीयों को भी भारी नुकसान होता था.

ऐप्स के जरिए फर्जी ट्रैफिक और नकली ऐड क्लिक जनरेट किए जाते थे जिससे ऐड कंपनीयों को भी भारी नुकसान होता था.

कुछ ऐप्स में स्पाइवेयर और मैलवेयर छिपे होते थे, जो फोन को स्लो कर सकते थे या अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा सकते थे.

कुछ ऐप्स में स्पाइवेयर और मैलवेयर छिपे होते थे, जो फोन को स्लो कर सकते थे या अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा सकते थे.

Google की सुरक्षा टीम ने Vapor Operation से जुड़े ऐप्स की जांच और विश्लेषण किया और पाया कि वे डेटा चोरी, विज्ञापन धोखाधड़ी और साइबर हमलों में शामिल थे. इसके बाद, Google ने करीब 330 ऐसे ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया और यूजर्स को उन्हें डिलीट करने की सलाह दी.

Google की सुरक्षा टीम ने Vapor Operation से जुड़े ऐप्स की जांच और विश्लेषण किया और पाया कि वे डेटा चोरी, विज्ञापन धोखाधड़ी और साइबर हमलों में शामिल थे. इसके बाद, Google ने करीब 330 ऐसे ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया और यूजर्स को उन्हें डिलीट करने की सलाह दी.

सिर्फ भरोसेमंद डेवलपर्स के ऐप्स डाउनलोड करें. ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके रिव्यू और परमीशन्स को ध्यान से पढ़ें. Google Play Protect को ऑन रखें ताकि संदिग्ध ऐप्स डिटेक्ट हो सकें. अगर कोई ऐप अजीब व्यवहार करे या ज्यादा बैटरी खर्च करे, तो तुरंत डिलीट करें.

सिर्फ भरोसेमंद डेवलपर्स के ऐप्स डाउनलोड करें. ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके रिव्यू और परमीशन्स को ध्यान से पढ़ें. Google Play Protect को ऑन रखें ताकि संदिग्ध ऐप्स डिटेक्ट हो सकें. अगर कोई ऐप अजीब व्यवहार करे या ज्यादा बैटरी खर्च करे, तो तुरंत डिलीट करें.

Published at : 23 Mar 2025 11:47 AM (IST)

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टेक्नोलॉजी वेब स्टोरीज

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पाउडर वाले दूध में होते हैं केमिकल जो पहुंचा सकते हैं नुकसान, जानें काम की बात

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Powder Milk Side Effects : क्या आप भी अपने बच्चे को फार्मूला मिल्क यानी पाउडर वाला दूध पिला रहे हैं. अगर हां तो सावधान हो जाइए. क्योंकि यह बच्चे की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. हाल ही में इस दूध के सैंपलों की जांच करने पर लीड (सीसा) और आर्सेनिक पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. 

कंज्यूमर रिपोर्ट की जांच में करीब-करीब सभी फार्मूला मिल्क के सैंपल में पॉलीफ्लोरोएल्काइल(PFA) भी मिला है. एक सैंपल में तो बिस्फेनॉल ए (BPA) और एक्रिलामाइड तक मिला है. जिसके बाद इन दूध को बनाने वाली कंपनियों पर सवाल खड़े हो गए हैं. आइए जानते हैं क्या है रिपोर्ट और ये दूध बच्चों के लिए कितना खतरनाक…

बच्चों की सेहत के लिए सेफ नहीं पाउडर वाला दूध

कितने सैंपल में खतरनाक तत्व मिले

कंज्यूमर रिपोर्ट्स की ओर से टेस्ट किए गए 41 फ़ॉर्मूला मिल्क के सैंपलों में से 34 में लेड पाया गया है, जो 1.2 से लेकर 4.2 PPB तक था. इसमें सबसे ज़्यादा लेवल एनफ़ामिल न्यूट्रामिजेन में मिला है. हालांकि, टेस्ट किए गए किसी भी सैंपल में लेड का लेवल मानक से ज्यादा नहीं था लेकिन इनकी कम मात्रा भी खतरानक ही है. वहीं, इस दूध को बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि उन्होंने जानबूझक ये तत्व और केमिकल नहीं मिलाए हैं. ये पहले से ही पर्यावरण में मौजूद रहते हैं और वहीं से फूड्स में चले जाते हैं.

पाउडर मिल्क से बच्चों पर होने वाले खतरनाक प्रभाव

दिमाग और मेंटल हेल्थ ग्रोथ में परेशानी आ सकती है

पाचन संबंधी समस्याएं जैसे गैस, डायरिया और कब्ज़

किडनी और लिवर पर बुरा असर

इम्यून सिस्टम कमजोर होना, जिससे बार-बार बीमार पड़ना

हड्डियों की कमजोरी और ग्रोथ में रुकावट

बच्चों के लिए सुरक्षित विकल्प

WHO और डॉक्टर पहले छह महीने तक सिर्फ माँ के दूध की सलाह देते हैं क्योंकि यह सभी जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है.

अगर मां का दूध संभव नहीं है, तो ऑर्गेनिक और प्रमाणित फॉर्मूला मिल्क दे सकते हैं. हालांकि, लेबल ध्यान से पढ़कर तय करे कि उसमें हानिकारक केमिकल्स न हो.

जब बच्चा एक साल का हो जाए, तो डॉक्टर की सलाह से ताजे और शुद्ध दूध देने चाहिए.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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नोट नहीं जले, आम आदमी की न्याय से उम्मीदें जल गई! जस्टिस वर्मा से बरामद नोटों पर यूजर्स ने…

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Delhi High Court Judge: आपने अक्सर लोगों को तकलीफ के बाद अपने मुखालिफ खड़े शख्स से कहते देखा होगा..” Will See You in Court” ये जुमला किसी आम आदमी के लिए केवल जुमला नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा दिखाता है कि उसे भारत की न्याय व्यवस्था पर कितना भरोसा है. हालांकि ईंट का जवाब तुरंत पत्थर फेंक कर भी दिया जा सकता है, लेकिन कानून को हाथ में लेने से पहले आम जनता तो कई बार सोचती है. लेकिन क्या हो कि कोई न्यायाधीश ही करोड़ों का गबन करके कानून की धज्जियां उड़ा दे. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है. जहां दिल्ली हाईकोर्ट के जज साहब के घर से जले हुए नोटों के बंडल मिले हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है. अब यूजर्स का गुस्सा खुलकर जज साहब पर निकला है जो कि इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक किया वीडियो

न्याय का मंदिर कहे जाने वाले न्यायालय का दरवाजा हर कोई केवल इसलिए खटखटाता है क्योंकि उसे ये भरोसा होता है कि देश में कहीं भी भ्रष्टाचार हो रहा हो, लेकिन यहां कम से कम पारदर्शिता से न्याय दिया जाएगा. लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों की इस उम्मीद को भी तोड़ दिया है. जहां दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर से नोटों का अंबार निकला है. गौरतलब है कि यशवंत वर्मा के घर बीते 14 मार्च को आग लग गई थी, जिसके बाद आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को जस्टिस वर्मा के घर से जले हुए नोटों के बंडल बरामद हुए. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोटों के इस वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं और यूजर्स का गुस्सा देखते ही बन रहा है.

जले हुए नोटों का अंबार देख हिल जाएगा आपका भी दिमाग

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नोटों के बंडल को आग लग चुकी है और उनमें कई सारे अधजले नोट शामिल हैं. रात का वक्त है और टीम नोटों की आग बुझाते हुए वीडियो निकाल रही है. वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर और पूरे देश में मानों हंगामा मचा हुआ है. वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोग वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन देते हुए दिखाई दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: इसे पैदा नहीं डाउनलोड किया गया है…छोटी सी उम्र में दे रहा बड़े-बड़े जवाब, बच्चे की होशियारी देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान 

यूजर्स ने जताई निराशा

एक यूजर ने लिखा…ये नोट नहीं जले हैं जज साहब, आम आदमी की न्याय के प्रति उम्मीदें जल गई हैं. एक और यूजर ने लिखा…जब न्याय देने वाले ही बिक जाएं तो फिर लोकतंत्र की मौत पक्की है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इस वीडियो ने आज करोड़ों लोगों को तोड़कर और उनकी उम्मीदों पर पानी फेरकर रख दिया.

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तीन दशकों बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी का बड़ा विस्तार नजफगढ़ में खुला वीर सावरकर कॉलेज!

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<p>दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) लगभग तीन दशकों के अंतराल के बाद अपने विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. इस शैक्षणिक सत्र से नजफगढ़ के रोशनपुरा क्षेत्र में स्थित वीर सावरकर कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ होगी. यह नवनिर्मित कॉलेज डीयू के पश्चिमी परिसर से मात्र पांच मिनट की दूरी पर स्थित है.</p>
<p><strong>आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया संस्थान</strong></p>
<p>डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने शुक्रवार को आयोजित 92वीं वार्षिक कोर्ट मीटिंग में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा की. इस नए कॉलेज को 140 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है. कॉलेज का कुल निर्माण क्षेत्रफल 18,816.56 वर्ग मीटर है, जहां निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं:</p>
<p>- 24 कक्षाएं और 8 ट्यूटोरियल कक्ष<br />- 40 अध्यापक कक्ष और विभागीय पुस्तकालय<br />- सम्मेलन कक्ष और भोजनालय</p>
<p>शिक्षा निदेशालय के अनुसार, दिल्ली में बढ़ती उच्च शिक्षा की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इस नए कॉलेज की स्थापना की गई है.</p>
<p><strong>नए परिसरों का विकास प्रगति पर</strong></p>
<p>वीर सावरकर कॉलेज के अतिरिक्त, डीयू दो और नए परिसरों का विकास कर रहा है:</p>
<p>1. पूर्वी परिसर &ndash; सूरजमल विहार में<br />2. पश्चिमी परिसर &ndash; द्वारका सेक्टर 22 में</p>
<p>प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href=" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> 3 जनवरी 2025 को इन नए परिसरों की आधारशिला रखेंगे. इन विस्तार योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य वर्तमान कॉलेजों पर छात्र दबाव को कम करना और विद्यार्थियों को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करना है.</p>
<p><strong>प्रवेश संख्या में वृद्धि</strong></p>
<p>शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में, डीयू के 69 कॉलेजों में संचालित 79 स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए कुल 2,46,194 आवेदन प्राप्त हुए. छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान 1.72 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम वरीयताएं दर्ज कराईं. इस वर्ष 70,422 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में सफलतापूर्वक प्रवेश दिया गया.</p>
<p><strong>नवीन शैक्षणिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>डीयू इस शैक्षणिक सत्र में कई नए पाठ्यक्रम भी प्रारंभ कर रहा है, जिनमें प्रमुख हैं:</p>
<p>- एमटेक (कंप्यूटर विज्ञान)<br />- बीए (ऑनर्स) रूसी भाषा<br />- डीएम (जेरिएट्रिक मानसिक स्वास्थ्य और फेफड़ा चिकित्सा)<br />- एमएससी (मनोरोग चिकित्सा – मानसिक स्वास्थ्य)</p>
<p><strong>फैकल्टी अपॉइंटमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट:-&nbsp;</strong></p>
<p>पिछले साढ़े तीन वर्षों में डीयू ने 4,784 नए शिक्षकों की भर्ती की है और 7,423 फैकल्टी मेंबर्स को पदोन्नति प्रदान की है. विश्वविद्यालय 1,838.41 करोड़ रुपये की लागत से अपने बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है, जिसमें नए शैक्षणिक भवन, शोध सुविधाएं और छात्र सुविधाएं सम्मिलित हैं.</p>
<p><strong>कौशल आधारित शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता</strong></p>
<p>डीयू में कौशल वर्धन पाठ्यक्रम (स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज) और मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम (वैल्यू-एडेड कोर्सेज) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.</p>
<p><strong>स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज में छात्र संख्या:</strong><br />- व्यक्तित्व विकास और संचार: 38,642<br />- राजनीतिक नेतृत्व और संचार: 36,193<br />- डिजिटल विपणन: 35,370<br />- दैनिक जीवन में संचार: 31,185</p>
<p><strong>वैल्यू-एडेड कोर्सेज में छात्र संख्या:</strong><br />- डिजिटल सशक्तिकरण: 69,457<br />- वित्तीय साक्षरता: 54,401<br />- संवैधानिक मूल्य और प्रसन्न रहने की कला: 37,244</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="यहां है CUET क्रैक करने का फॉर्मूला, तैयारी में अपनाएं ये मास्टर स्ट्रोक" href=" target="_blank" rel="noopener">यहां है CUET क्रैक करने का फॉर्मूला, तैयारी में अपनाएं ये मास्टर स्ट्रोक</a></strong></p>

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KKR पर RCB की जीत के बाद आई मजेदार मीम्स की बाढ़, देखकर हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

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RCB vs KKR Viral Memes: शनिवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (RCB) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को आसानी से हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 174 रनों का स्कोर बनाया. जिसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु ने 16.2 ओवर में 3 विकेट पर टारगेट हासिल कर लिया. वहीं, ईडेन गार्डेन्स (Eden Gardens) में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की जीत के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई. सोशल मीडिया पर लगातार मजेदार मीम्स वायरल हो रहे हैं.

दरअसल, सोशल मीडिया यूजर्स रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की जीत के बाद लगातार फनी मीम्स शेयर कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर मजेदार मीम्स की बाढ़ आ गई है. इन मजेदार मीम्स को देखने के बाद आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे.

ऐसा रहा कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों का हाल

बताते चलें कि पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 174 रनों का स्कोर बनाया. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कप्तान अंजिक्य रहाणे ने सबसे ज्यादा 31 गेंदों पर 56 रन बनाए. सुनील नरेन ने 26 गेंदों पर 44 रन बनाए. इसके अलावा अंग्रिष रघुवंशी ने 22 गेंदों पर 30 रनों की इनिंग खेली, लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स के अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया. रिंकू सिंह, आंद्रे रसल, क्विंटन डी कॉक और वेंकटेश अय्यर जैसे बल्लेबाजों ने निराश किया. लिहाजा, कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम अच्छी शुरूआत के बावजूद महज 174 रनों तक पहुंच सकी.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु ने आसानी से जीता मैच

कोलकाता नाइट राइडर्स के 174 रनों के जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की शुरूआत अच्छी रही. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के ओपनर फिल साल्ट और विराट कोहली ने पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़े. विराट कोहली ने 59 रन बनाए. जबकि फिल साल्ट ने 56 रनों का योगदान दिया. इसके अलावा रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने 16 गेंदों पर 34 रन बनाए.

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बलोच विद्रोहियों के हमले से दहल उठा पाकिस्तान, चार पुलिसकर्मियों को घेर कर मारा

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Pakistan News: बलूचिस्तान के नोशकी जिले में बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला किया है. पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.

अधिकारियों के मुताबिक, गोलीबारी की यह घटना गरीबाबाद इलाके में हुई, जहां हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस की गश्ती वैन को घेरकर फायरिंग की. इस हमले में चार सुरक्षाकर्मी मारे गए. हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए. 

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने की हमले की निंदा

रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने शवों को स्थानीय अस्पताल भेज दिया. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने हमले को कायराना कृत्य करार दिया और कहा कि बलूचिस्तान में शांति और विकास प्रक्रिया को बाधित करने के ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे. बुगती ने चेतावनी दी, “जो लोग निर्दोष लोगों की जान लेते हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.”

नोशकी में यह हाल ही में हुआ दूसरा बड़ा हमला है. इससे पहले, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला किया था और सैनिकों से भरी बस को विस्फोट से उड़ा दिया था. विद्रोहियों ने 90 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया, हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने केवल 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि की.

पंजाबी मजदूरों की हत्या

बलूचिस्तान के कलात जिले में शनिवार को हमलावरों ने पंजाब के चार मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी. रिपोर्ट के अनुसार, मजदूर एक स्थानीय जमींदार के लिए ट्यूबवेल खोद रहे थे, जब उन पर हमला हुआ. सभी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर फरार होने में कामयाब रहे.

बलूचिस्तान में बढ़ते हमले

हाल के दिनों में अलगाववादी विद्रोही समूहों ने बलूचिस्तान में हमले तेज कर दिए हैं. बीते हफ्ते, बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को कब्जे में ले लिया था, जिसमें 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था.

करीब दो दिन बाद पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को छुड़ाने का दावा किया, लेकिन विद्रोहियों ने इस दावे को खारिज कर दिया. बाद में विद्रोहियों ने सभी बंधकों की हत्या करने का दावा किया, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया.

 

 

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Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की डिटेल्स लीक! जानें कैसे होगा डिजाइन

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Apple Foldable iPhone: Apple के पहले फोल्डेबल iPhone को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं. हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन कई रिपोर्ट्स और लीक इसके डिजाइन, बैटरी और मजबूती की डिटेल्स पेश कर रहे हैं. Apple इस डिवाइस को न सिर्फ पावर एफिशिएंट बनाने पर ध्यान दे रहा है बल्कि इसे सबसे पतला फोल्डेबल फोन बनाने की भी योजना बना रहा है. कोरियाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple इस फोन के डिस्प्ले ड्राइविंग आईसी (DDI) कंपोनेंट्स को अपग्रेड कर इसे और पतला बनाने की कोशिश कर रहा है.

कैसे होगा डिजाइन

टेक एनालिस्ट मिंग-ची कुओ और डिजिटल चैट स्टेशन के अनुसार, यह फोल्डेबल iPhone 7.8-इंच के मेन डिस्प्ले के साथ आएगा जबकि फोल्ड होने पर इसका कवर डिस्प्ले 5.5-इंच का होगा. इससे यह साफ है कि Apple ने डिवाइस के हार्डवेयर को लेकर अपने प्लान लगभग फाइनल कर लिए हैं. डिजाइन के मामले में, यह फोन बुक-स्टाइल फोल्ड होने वाला है ठीक वैसे ही जैसे Samsung Galaxy Z Fold है. यानी यह हॉरिजॉन्टली खुलेगा, न कि वर्टिकली, जैसा कि Galaxy Z Flip में देखा जाता है. मजबूती को लेकर Apple लिक्विड मेटल का उपयोग करने की योजना बना रहा है खासकर इसके हिंज (hinge) मैकेनिज्म में. यह मटेरियल पहले भी कंपनी द्वारा छोटे कंपोनेंट्स, जैसे SIM इजेक्टर पिन, में इस्तेमाल किया जा चुका है और इसकी मजबूती तथा लचीलापन (flexibility) इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.

होगा सबले पतला

Apple का लक्ष्य फोल्डेबल iPhone को बेहद पतला बनाने का है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनफोल्ड होने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.5mm होगी जबकि फोल्ड होने पर यह 9mm से 9.5mm के बीच होगी. इसे हल्का और कॉम्पैक्ट बनाने के लिए कंपनी संभवतः Face ID को हटा सकती है और उसकी जगह पावर बटन में ही Touch ID सेंसर इंटीग्रेट कर सकती है. इसके अलावा, इस डिवाइस में टाइटेनियम फ्रेम होने की भी संभावना है, जिससे इसकी बिल्ड क्वालिटी प्रीमियम होगी.

बैटरी को लेकर Apple इस डिवाइस में हाई-डेंसिटी बैटरी इस्तेमाल कर सकता है हालांकि इसकी सटीक क्षमता को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन उम्मीद की जा रही है कि Apple इसे ज्यादा पावर-इफिशिएंट बनाने पर फोकस कर रहा है जिससे बैटरी बैकअप लंबा हो.

कितनी होगी कीमत

हालांकि, यह फोल्डेबल iPhone बाजार में 2026 के अंत तक ही उपलब्ध होगा क्योंकि इसका मास प्रोडक्शन इसी समय शुरू होने की संभावना है. लेकिन एक और महत्वपूर्ण पहलू इसकी संभावित कीमत है जो लगभग $2,300 (करीब 1,98,000 रुपये) बताई जा रही है.

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शेयर बाजार में गिरावट के चलते IPO-QIP के जरिए फंड जुटाने की गतिविधि पर लगा ब्रेक

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IPO Market: शेयर बाजार में पिछले छह महीनों से जारी करेक्शन का असर आईपीओ और क्यूआईपी के जरिए कंपनियों के फंड जुटाने की गतिविधि पर पड़ा है. साल 2024 में 90 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए कुल 1.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाये थे. तो साल 2025 के पहले तीन महीनों में 10 आईपीओ के जरिए केवल 16983 करोड़ रुपये ही जुटाया जा सका है.

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की इंवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी एमके इंवेस्टमेंट बैंकिंग ने कहा कि बाजार में करेक्शन के चलते डील स्ट्रीट में गतिविधि कम हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इक्विटी मार्केट में करेक्शन के चलते फंड जुटाने की गतिविधि प्रभावित हुई है. साल 2024 में 92 कंपनियां आईपीओ लेकर आई थी जिसमें 1,62,261 करोड़ रुपये जुटाये गए थे. जबकि 91 कंपनियों ने क्यूआईपी के जरिए 1,36,424 करोड़ रुपये जुटाये थे. 

रिपोर्ट के मुताबिक साल दर साल आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 के जनवरी से फरवरी के बीच 10 आईपीओ ने बाजार में दस्तक दिया है जबकि 2024 में 15 आईपीओ ने बाजार में दस्तक दिया था. साल 2025 में जनवरी से मार्च के दौरान केवल 7 क्यूआईपी आया है जबकि 2024 में इसी अवधि में 18 क्यूआईपी आया था. 

एमके इंवेस्टमेंट बैंकिंग ने अपने रिपोर्ट में कहा, म्यूचुअल फंड में एसआईपी निवेश में लगातार जारी मजबूती से बाजार को सहारा मिल रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 के पिछले 11 महीनों से लगातार एसआईपी फ्लो 20000 करोड़ के ऊपर बना हुआ है. पिछले 5 महीनों में एसआईपी फ्लो 25000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. ये तब है जब सितंबर 2024 के बाद से ही बाजार में निवेशकों को नेगेटिव रिटर्न मिल रहा है. जबकि बाजार एसआईपी फ्लो में गिरावट की उम्मीद कर रहा था. हालांकि भविष्य में एसआईपी निवेश में किसी भी प्रकार की कमी से बाजार के प्रदर्शन पर बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है. 

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों के निवेश वापस निकालने के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इसकी भरपाई की है. डेटा के मुताबिक पिछले 11 महीनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,88,000 करोड़ रुपये के मुकाबले  5,70,000 करोड़ रुपये निवेश किए हैं.  

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