IPL 2025 के बीच ऐतिहासिक सीरीज का अंत! भारत को बहुत बड़ा झटका; जानें क्या है माजरा

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Pataudi Trophy Retire: भारत और इंग्लैंड के बीच लंबे समय से पटौदी ट्रॉफी खेली जाती रही है. यह एक टेस्ट सीरीज है, जिसे महान क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी के सम्मान में करवाया जाता रहा है. मगर अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस ट्रॉफी को रिटायर करने का फैसला लिया है. पटौदी ट्रॉफी पहली बार साल 2007 में हुई थी, जिसमें भारत ने इंग्लैंड को 1-0 से हराया था. जून-जुलाई के महीने में भारतीय टीम जब इंग्लैंड का दौरा करेगी, तभी से पटौदी ट्रॉफी को आधिकारिक रूप से समाप्त किया जा सकता है.

पटौदी ट्रॉफी को क्यों रिटायर किया जा रहा है, इसके कारण का खुलासा नहीं किया गया है. मगर किसी अन्य महान क्रिकेटर के नाम पर नई ट्रॉफी का शुरू किया जाना भी कोई चौंकाने वाला विषय नहीं होगा. क्रिकबज में छपी एक रिपोर्ट अनुसार इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के किसी अधिकारी ने इस विषय पर पुष्टि नहीं की है. क्रिकेट में आमतौर पर बहुत कम मौकों पर ट्रॉफी रिटायर की जाती हैं, लेकिन इससे पहले इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली विसडन ट्रॉफी को रिटायर किया गया था. उसके बाद रिचर्ड्स-बॉथम ट्रॉफी की शुरुआत की गई थी.

मंसूर अली खान पटौदी का क्रिकेट करियर

मंसूर अली खान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे. उन्होंने 1961-1975 के बीच भारतीय टीम का 46 टेस्ट मैचों में प्रतिनिधित्व किया था. इस दौरान उन्होंने अपने करियर में 2,793 रन बनाए, साथ ही उन्होंने अपने करियर में 6 शतक और 16 फिफ्टी भी लगाई थीं.

खास बात यह रही कि मंसूर अली खान पटौदी ने अपने करियर के 40 टेस्ट मैच बतौर कप्तान खेले थे. आपको याद दिला दें कि बहुत छोटी उम्र में उनका एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद उनकी दायीं आंख चोटिल हो गई थी. इस घटना के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने महज 21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी.

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अब WhatsApp पर भी बजेगा आपका पसंदीदा गाना, जानें कैसे स्टेटस पर अपलोड होगा सॉन्ग?

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WhatsApp Status Update: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर एक मजेदार फीचर अपडेट हुआ है. ये फीचर आपके स्टेटस और भी बेहतर बना सकता है. मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक की तरह ही अब आप व्हाट्सएप स्टेटस पर भी अपनी फोटो के साथ सॉन्ग अपलोड कर सकते हैं. इस अपडेट के आने से पहले लोग फोटो के साथ सॉन्ग लगाने के लिए किसी दूसरे एप से एडिटिंग करके स्टेटस अपलोड करते थे. लेकिन अब व्हाट्सएप में ही यूजर्स को ये सॉन्ग अपलोड करने का ऑप्शन मिलेगा.

WhatsApp में कैसे बजेगा गाना?

व्हाट्सएप स्टेटस पर सॉन्ग लगाने का प्रोसेस काफी कुछ इंस्टाग्राम और फेसबुक की तरह ही है. ये भी कह सकते हैं कि मेटा ने व्हाट्सएप के लिए इसे और भी आसान बनाया है.

  • सबसे पहले व्हाट्सएप खोलें और ऊपर दिए गए ऑप्शन में Updatesपर जाएं.
  • इसके बार Add Status पर क्लिक करें और अपनी पसंद की फोटो सेलेक्ट करें, जिसे आप स्टेटस पर गाने के साथ अपलोड करना चाहते हैं.
  • फोटो लेने के बाद उसी स्टेटस एडिटिंग स्क्रीन पर ऊपर की तरफ एक म्यूजिक का ऑप्शन बना हुआ मिलेगा, जिस पर क्लिक करके आप सॉन्ग सेलेक्ट कर सकते हैं.
  • अपनी पसंद का गाना चुनने के बाद, गाने का कौन सा हिस्सा आप फोटो के साथ इस्तेमाल करना चाहते हैं, उसे नीचे दिए गए ट्रैक से फाइनल कर सकते हैं.
  • इसके बाद Done पर क्लिक करके स्टेटस पर सॉन्ग लग जाएगा. इसके बाद सबसे नीचे कॉर्नर में दिए गए सैंड बटन पर क्लिक करने से स्टेटस अपलोड हो जाएगा.
  • व्हाट्सएप पर गाना फोटो के साथ ही वीडियो के लिए भी लगाया जा सकता है. इस नए फीचर से फोटो के साथ 15 सेकंड का गाना लगाया जा सकता है. वहीं वीडियो में 60 सेकंड के गाने के साथ स्टेटस अपलोड किया जा सकता है.

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‘अगर अमेरिका डूबा तो हम सब डूबेंगे’, सुप्रीम कोर्ट की चुनावी रैली में एलन मस्क ने क्यों कही ये

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टेक दिग्गज अरबपति और अमेरिकी सरकार के विभाग (DOGE) के चीफ एलन मस्क ने रविवार (30 मार्च, 2025) को विस्कॉन्सिन राज्य में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वो किसी भी हालत में अमेरिका छोड़ने वाले नहीं है. उन्होंने अमेरिका के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा, ‘मैं अमेरिका में ही मरूंगा’.

डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के चीफ एलन मस्क ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं चांद पर जा सकता हूं लेकिन तब वो भी अमेरिका का ही हिस्सा होगा’. मस्क ने एक बार फिर से अमेरिका के प्रति अपनी कर्तव्यनिष्ठा जाहिर की. हालांकि, उनका ये संदेश सिर्फ व्यक्तिगत निष्ठा के ही बारे में नहीं था, ये एक तरह से सभी को मस्क की चेतावनी भी थी.

‘अगर अमेरिका का जहाज डूबता है तो हम सब डूबेंगे’
एलन मस्क ने साफतौर पर कहा, ‘अगर अमेरिका का जहाज डूबता है तो हम सब उसके साथ डूबेंगे. अमेरिकी उद्योगपतियों को लेकर मस्क ने कहा कि मैं इस देश के सभी बिजनेसमैन से ये कहना चाहता हूं कि अगर अमेरिका सिकुड़ता है, कमजोर होता है तो आपका भी बिजनेस डाउन होगा. आप भी तरक्की नहीं कर पाएंगे. इसके लिए हम सभी लोगों को मिलकर साथ काम करना होगा ताकि ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो’.

‘प्रदर्शनकारी ने मस्क को भाषण देने से रोकने की कोशिश की’
विस्कॉन्सिन में टाउन हॉल में भाषण के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने मस्क को भाषण देने से रोकने की कोशिश की. इसके बाद मस्क ने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी को उनके प्रतिद्वंदी अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस ने भेजा था. मस्क ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मेरी ओर से जॉर्ज को हाय कहना’. यह सुनते ही वहां मौजूद भीड़ ने उनके साथ ‘यूएसए, यूएसए’ के नारे लगाए. 

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क की उस आशंका का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि टेस्ला और उनके शोरूम पर बढ़ते हमलों के पीछे जॉर्ज सोरोस का ही हाथ है. यह तब शुरू हुआ था जब मस्क राष्ट्रपति ट्रंप की मुख्य टीम का हिस्सा बने. 

विस्कॉन्सिन में रैली करने का मकसद
ये रैली विस्कॉन्सिन के सुप्रीम कोर्ट चुनाव से कुछ दिन पहले आयोजित की गई, जिसे मस्क ने राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे और सभ्यता के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया. एलन मस्क ने विस्कॉन्सिन के दो मतदाताओं को $1 मिलियन के चेक दिए और उन्हें अपने राजनीतिक समूह के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया.

उन्होंने रैली में जिले की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने की सुप्रीम कोर्ट की शक्ति के संभावित परिणामों पर भी बात की. मस्क ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट जिलों को फिर से परिभाषित कर सकता है, जिसके कारण सदन डेमोक्रेटिक बहुमत में बदल सकता है. अगर ऐसा होता है तो वे उन सभी सुधारों को रोकने की कोशिश करेंगे जिन पर हम अमेरिकी लोगों के लिए काम कर रहे हैं’. 

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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में व्रत से कौन-कौन से ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता

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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि एक पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है, जिसमें देवी दुर्गा की उपासना की जाती है. इस दौरान व्रत रखने की परंपरा है, जिसे न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. व्रत रखने से शरीर शुद्ध होता है, आत्मिक ऊर्जा बढ़ती है और ग्रहों की अशुभता भी कम होती है.

व्रत और ग्रहों का संबंध
ज्योतिष में नवग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर सीधा पड़ता है. नवरात्रि के दौरान व्रत करने से इन ग्रहों को शांत किया जा सकता है.

1. सूर्य : आत्मबल और सफलता

  • सूर्य की स्थिति यदि कुंडली में कमजोर हो तो नवरात्रि में व्रत रखने से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है.
  • गुड़ और लाल फूल चढ़ाने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है.

2. चंद्रमा : मानसिक शांति

  • कमजोर चंद्रमा चिंता और भावनात्मक अस्थिरता का कारण बनता है.
  • नवरात्रि के दौरान दूध, चावल और सफेद मिठाई का भोग लगाना चंद्रमा को संतुलित करता है.

3. मंगल : साहस और ऊर्जा

  • मंगल दोष से गुस्सा और अशांति होती है.
  • व्रत के साथ गुड़ और अनार का सेवन मंगल को बल प्रदान करता है.

4. बुध : बुद्धि और संवाद क्षमता

  • बुध कमजोर हो तो निर्णय क्षमता प्रभावित होती है.
  • नवरात्रि में हरे रंग की चीजें (पान, मूंग) अर्पित करने से बुध ग्रह को लाभ मिलता है.

5. गुरु : ज्ञान और समृद्धि

  • गुरु कमजोर होने से जीवन में बाधाएं आती हैं.
  • व्रत के दौरान पीली वस्तुएं (चना दाल, हल्दी) अर्पित करने से गुरु ग्रह की कृपा मिलती है.

6. शुक्र : सुख और वैवाहिक जीवन

  • शुक्र ग्रह कमजोर होने से वैवाहिक और आर्थिक समस्याएं होती हैं.
  • सफेद फूल और मिश्री का भोग लगाने से शुक्र मजबूत होता है.

7. शनि : कर्म और न्याय

  • शनि की दशा कठिनाइयाँ ला सकती है.
  • व्रत के साथ काले तिल और सरसों के तेल का दान करने से शनि शांत होते हैं.

8. राहु : भ्रम और नकारात्मकता

  • राहु से मानसिक भ्रम और अस्थिरता बढ़ सकती है.
  • नवरात्रि में नारियल और नीले फूल चढ़ाने से राहु का प्रभाव कम होता है.

9. केतु : आध्यात्मिकता और संयम

  • कमजोर केतु जीवन में अस्थिरता लाता है.
  • व्रत के दौरान तुलसी और धूप-दीप का प्रयोग करने से केतु शांत होता है.

नवरात्रि का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ग्रहों को संतुलित करने का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय उपाय भी है. सही विधि से व्रत करने और विशेष उपाय अपनाने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. इस नवरात्रि, व्रत का संकल्प लेकर अपने ग्रहों को अनुकूल बनाएं और सुख-समृद्धि प्राप्त करें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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क्या आपका तकिए का कवर टॉयलेट सीट से भी गंदा है? नई स्टडी चौंका देगा

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Pillowcase Bacteria : हम सभी का दिन रोजाना कई कीटाणुओं के बीच गुजरता है. घर के स्विच बोर्ड हो या दरवाजों के हैंडल या फिर वॉशबेसिन,पोछे के कपड़े, चादरें, तकिए के खोल, तौलिए, कंघी, टीवी या एसी के रिमोट कंट्रोल, पानी की बोतल, फ्रिज का हैंडल, सोफे हर जगह हजारों-लाखों कीटाणु छुपे रहते हैं, जो जरा सा मौका पाते ही आपको बीमार बना सकते हैं.

अगर आपको लगता है कि आपकी टॉयलेट सीट गंदे और खतरनाक बैक्टीरिया का घर है तो आप गलत हैं, क्योंकि एक नई स्टडी में पता चला है कि तकिये के कवर में टॉयलेट सीट से भी ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं. आइए जानते हैं इनसे बचने का तरीका…

तकिए पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया

एक अमेरिकी NGO, नेशनल स्लीप फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक सप्ताह तक न धोए गए तकिए के कवर में टॉयलेट सीट की तुलना में अधिक बैक्टीरिया होते हैं. बिस्तर, जिसमें चादरें और तकिए के कवर भी शामिल हैं, नियमित रूप से साफ न किए जाने पर समय के साथ काफी मात्रा में बैक्टीरिया जमा कर सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, बिना धोए चार सप्ताह के बाद, तकिए के कवर और चादर दोनों में प्रति वर्ग इंच लाखों कॉलोनी बनाने वाली यूनिट्स (CFU) हो सकती हैं. आपके तकिए के कवर पर एक हफ्ते सोने के बाद इसमें टॉयलेट सीट की तुलना में 17,000 से ज्यादा बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, या प्रति वर्ग इंच 3 से 5 मिलियन से अधिक कॉलोनी बनाने वाली यूनिट्स बैक्टीरिया जमा हो जाती हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, बिस्तर में पाए जाने वाले सामान्य तरह के बैक्टीरिया में ग्राम-नेगेटिव रॉड, ग्राम-पॉजिटिव रॉड, बेसिली और ग्राम-पॉजिटिव कोकी हैं. इनमें से कुछ बैक्टीरिया इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं.

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तकिए के कवर में बैक्टीरिया कैसे जमा होते हैं

हमारा शरीर हर रात तकिए के संपर्क में रहता है, जिससे कई तरह की गंदगी उसमें जमा हो जाती है. इसमें पसीना और तेल, डेड स्किन सेल्स, बालों की गंदगी, लार और नमी की वजह से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और उसी पर जमा हो जाते हैं. जिन पर ज्यादातर लोगों का ध्यान ही नहीं जाता है.

तकिए के गंदे कवर से होने वाले नुकसान

1. गंदे तकिए से मुंहासे, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

2. तकिए में जमा धूल और बैक्टीरिया से अस्थमा और एलर्जी ट्रिगर हो सकती हैं.

3. गंदे तकिए से डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.

4. बैक्टीरिया और वायरस से संक्रमण होने की आशंका रहती है.

तकिए के कवर को बदलने का सही समय

1. एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर हफ्ते कम से कम एक बार तकिए का कवर बदलना चाहिए.

2. अगर आपकी स्किन ऑयली है या आपको एलर्जी की समस्या है, तो इसे हर 3-4 दिन में बदलना बेहतर होगा.

 

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ईद पर पठानी लुक में दिखे सलमान खान, बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे दिए पोज

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सलमान खान हर साल ईद का त्योहार अपने घर पर फैमिली के साथ मनाते हैं. इसके साथ ही वो घर की बालकनी में आकर अपने फैंस से भी मुलाकात करते हैं.

सलमान खान हर साल ईद का त्योहार अपने घर पर फैमिली के साथ मनाते हैं. इसके साथ ही वो घर की बालकनी में आकर अपने फैंस से भी मुलाकात करते हैं.

इस साल भी सलमान खान आज यानि ईद के दिन अपने घर बालकनी में नजर आए. लेकिन खास बात ये थी कि एक्टर ने बुलेटप्रूफ गिलास के पीछे पोज दिए.

इस साल भी सलमान खान आज यानि ईद के दिन अपने घर बालकनी में नजर आए. लेकिन खास बात ये थी कि एक्टर ने बुलेटप्रूफ गिलास के पीछे पोज दिए.

ईद पर सलमान खान का पठानी लुक देखने को मिला. उन्होंने व्हाइट कुर्ता पहना था. जिसमें एक्टर काफी डैशिंग लग रहे थे.

ईद पर सलमान खान का पठानी लुक देखने को मिला. उन्होंने व्हाइट कुर्ता पहना था. जिसमें एक्टर काफी डैशिंग लग रहे थे.

सलमान खान के साथ इस दौरान उनकी क्यूट भांजी आयत शर्मा भी नजर आई. जो शरार सूट पहने हुई थी.

सलमान खान के साथ इस दौरान उनकी क्यूट भांजी आयत शर्मा भी नजर आई. जो शरार सूट पहने हुई थी.

कुछ तस्वीरों में सलमान अपनी भांजी आयत के साथ पोज देते हुए भी दिखाई दिए. दोनों का ये अंदाज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

कुछ तस्वीरों में सलमान अपनी भांजी आयत के साथ पोज देते हुए भी दिखाई दिए. दोनों का ये अंदाज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

सलमान खान ने अपने फैंस और पैपराजी को ईद का सलाम किया. भाईजान को देखने हजारों की भीड़ उनके घर के बाहर मौजूद थी.

सलमान खान ने अपने फैंस और पैपराजी को ईद का सलाम किया. भाईजान को देखने हजारों की भीड़ उनके घर के बाहर मौजूद थी.

वहीं घर के अंदर जाने से पहले सलमान खान ने फैंस को हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा. वर्कफ्रंट की बात करें तो बीते दिन एक्टर की फिल्म ‘सिकंदर’ रिलीज हुई है.

वहीं घर के अंदर जाने से पहले सलमान खान ने फैंस को हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा. वर्कफ्रंट की बात करें तो बीते दिन एक्टर की फिल्म ‘सिकंदर’ रिलीज हुई है.

Published at : 31 Mar 2025 05:55 PM (IST)

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YouTube का सीक्रेट फीचर! दोस्तों को फ्री में भेजें बिना ऐड वाले वीडियो, ये है तरीका

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YouTube Premium: यूट्यूब का देश में काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन यूट्यूब वीडियो देखते हुए ऐड्स यूजर्स को काफी परेशान करते हैं. वहीं, प्रीमियम यूजर्स को ऐड फ्री वीडियो देखने को सुविधा मिलती है. अब YouTube कुछ चुनिंदा Premium यूज़र्स को एक नई सुविधा दे रहा है जिससे वह अपने दोस्तों को ऐड फ्री वीडियो शेयर कर सकते हैं. Android Police के मुताबिक, इसे अभी परिक्षण के तौर पर यूजर्स को दिया जा रहा है. इस टेस्ट के तहत, वे प्रति माह 10 वीडियो बिना विज्ञापन के नॉन-प्रिमियम यूज़र्स के साथ साझा कर सकते हैं.

कैसे काम करता है यह फीचर

YouTube Premium यूज़र किसी वीडियो का लिंक Share ad-free बटन पर क्लिक करके आसानी से साझा कर सकता है. हालांकि, कुछ कंटेंट जैसे कि म्यूजिक वीडियो, YouTube Originals, Shorts, लाइव स्ट्रीम, और Movies & Shows को बिना विज्ञापन के साझा नहीं किया जा सकता. हालांकि बता दें कि इस फीचर का लाभ उठाने के लिए यह जरूरी है कि वीडियो प्राप्त करने वाला यूजर उस देश में रहता हो जहां YouTube Premium सर्विस उपलब्ध है.

किन देशों में उपलब्ध है ये सेवा

फिलहाल, यह सुविधा केवल चुनिंदा YouTube Premium सदस्यों के लिए उपलब्ध है. यह फीचर अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा, मैक्सिको, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम में मौजूद प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के लिए टेस्टिंग फेज़ में है.

अगर आप ऊपर बताए गए देशों में हैं तो किसी वीडियो के वॉच पेज पर जाकर Share बटन दबाएं और देखें कि Share ad-free का विकल्प उपलब्ध है या नहीं. वहां से आप लिंक कॉपी कर सकते हैं या किसी ऐप के जरिए भेज सकते हैं. साथ ही, आपको यह भी दिखेगा कि आपके पास कितने ऐड फ्री शेयर बचे हैं. अगर Share ad-free ऑप्शन ग्रे हो चुका है तो इसका मतलब है कि आपकी मासिक 10 वीडियो की सीमा खत्म हो चुकी है या फिर वह वीडियो इस सुविधा के योग्य नहीं है.

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“इंस्टाग्राम पर वीडियो लाइक कर बुरी तरह फंसी चंडीगढ़ की महिला, जो हुआ जानकर आप को यकीन नहीं होगा

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फ्रांस की नेता मरीन ले पेन फंड्स में हेर-फेर के मामले में दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सज

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Misuse of European Parliament Funds :  पेरिस की एक अदालत ने यूरोपियन पार्लियामेंट फंडस की हेरफेरी मामले में सोमवार (31 मार्च) को एक बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपियन पार्लियामेंट के फंडस की हेरफेरी और दुरुपयोग करने के मामले में दोषी पाया है. कोर्ट ने फंडस की हेराफेरी मामले में दोषी पाए जाने के बाद मरीन को 4 साल की जेल की और 5 सालों तक सार्वजनिक ऑफिस के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है. वहीं, अपने 4 साल की जेल की सजा के दौरान वह 2 साल इलेक्ट्रॉनिक मॉनेटरिंग में बिताएंगी.

अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए क्या कहा?

फ्रांसीसी अदालत में पीठासीन जज बेनेडिक्ट डी पर्थुइस ने कहा, “मामले में दोषी पाई गई दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन पर प्रतिबंध लगाना अनिवार्य था, क्योंकि प्रतिबंध एक दंड के रूप में और किसी कार्य के होने से रोकने के लिए लगाई जाती है.” मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद मरीन ले पेन तब हैरान हो गई, जब जज ने बताया कि किस तरह से उनकी पार्टी ने अपने निजी फायदे के लिए यूरोपियन यूनियन के पार्लियामेंट्री फंडस में हेराफेरी की.

मरीन ले पेन की राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को लगा झटका

फ्रांसीसी अदालत की ओर से सोमवार (31 मार्च) को सुनाया गया यह फैसला 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन के राजनीतिक महत्वकांक्षाओं के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. मरीन ले पेन दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी की एक नेता हैं, जो जज के फैसला सुनाने के दौरान नाटकीय ढंग से अदालत से बाहर निकल गई. फ्रांसीसी नेता ने अदालत में जज के पूरा फैसला पढ़ने का इंतजार भी नहीं किया और अपना बैग लेकर रिपोर्टर्स को नजरअंदाज करते हुए चेंबर से बाहर निकल गई.

हालांकि, जब अदालत ने उन्हें फंडस की हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया तब वह शांति थीं, लेकिन जैसे ही अदालत में जज ने बताया कि किस तरह से उनकी पार्टी ने यूरोपियन पार्लियामेंट फंडस का दुरुपयोग किया, वह काफी हैरान हो गई थी.

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बेंगलुरु में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स पर लगेगा डोमेस्टिक वेस्ट कलेक्शन और डिस्पोजल चार्ज

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Bengaluru: बेंगलुरु में रहना 1 अप्रैल से और महंगा होने जा रहा है. अब पहले से लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स बिल पर 1 अप्रैल से डोमेस्टिक वेस्ट कलेक्शन और डिस्पोजल चार्ज भी लगने वाला है. कचरे के निपटान के लिए यूजर फीस को कर्नाटक सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई है. बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने पिछले साल नवंबर में इस शुल्क का प्रस्ताव रखा था, जिसे उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता वाले शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है. 

किन्हें कितनी देनी होगी फीस?

इस फीस में हर रोज लोगों के घरों से कचरा उठाए जाने और फिर उसे डिस्पोज किए जाने का खर्च शामिल है. बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, BSWML के लगाए गए अनुमान के मुताबिक इस यूजर फीस से सालाना 600 करोड़ रुपये तक की कमाई होगी.

प्रॉपर्टी की साइज के आधार पर इस फीस स्ट्रक्चर के छह स्लैब हैं. 600 स्क्वॉयर फीट की बिल्डिंग को हर महीने 10 रुपये देने होंगे, जबकि 4,000 स्क्वॉयर फीट या उससे बड़ी प्रॉपर्टी के लिए हर महीने 400 रुपये तक की फीस देनी होगी. मान लीजिए कि 30×40 स्क्वॉयर फीट की जगह पर बनी तीन मंजिला इमारत पर महीने की 150 रुपये की फीस लगाई जाएगी. 

इन्हें और भी देना होगा एक्स्ट्रा

इसी तरह से कई बड़े-बड़े अपार्टमेंट या कमर्शियल बिल्डिंग ऐसे होते हैं, जहां हर रोज इकट्ठा खूब सारा कूड़ा निकाला जाता है. अगर ये किसी वेस्ट प्रॉसेसिंग एजेंसी की मदद नहीं लेते हैं, तो इस स्थिति में इनसे प्रति किलो कूड़े पर 12 रुपये एक्स्ट्रा लिए जाएंगे. 

सरकार ने दी यह सफाई

बता दें कि लोगों से पहले से ही प्रॉपर्टी टैक्स के एक हिस्से के रूप में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) का चार्ज वसूला जाता है. इससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव के लिए किया जाता है. सरकार का दावा है कि बेंगलुरु में वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार लाने के लिए नए फीस को लगाए जाने की जरूरत है. शहर में कचरे की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए यह उठाया गया एक सही कदम है. 

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