icc tournament should never be held in pakistan criticism after three match washed out of champions trophy 2025

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चैंपियंस ट्रॉफी का 10वां मैच अफगानिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया (AFG vs AUS) शनिवार को खेला गया, जो बारिश के कारण रुका और फिर दोबारा शुरू नहीं हो सका. गीले आउटफील्ड के कारण अंपायर ने फैसला लिया कि मैच रद्द किया जाए. इसके साथ ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुका है जबकि अफगानिस्तान का बाहर होना लगभग तय है. इस बीच सोशल मीडिया पर फैंस अपना गुस्सा पीसीबी पर निकाल रहे हैं, दरअसल 10 में से ये तीसरा मैच है जो गीले आउटफील्ड के कारण रद्द हो गया है.

अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 273 रन बनाए थे. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने तेज तर्रार शुरुआत की. मैच 12.5 ओवरों में बारिश के कारण रुका, तब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 109/1 था. बारिश रुकी और ग्राउंड को सुखाने का कार्य तेज हुआ. लेकिन खराब व्यवस्था और तकनीक के कारण ग्राउंड सुखाया नहीं जा सका. इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच और पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश मैच गीले आउटफील्ड के कारण रद्द कर दिए गए थे.

पाकिस्तान में ग्राउंड पर खराब ड्रेनेज सिस्टम

पाकिस्तान कई समय से चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. उसका दावा था कि यहां वर्ल्ड क्लास व्यवस्थाएं दी जाएंगी हालांकि बारिश ने उसके पोपले दावों की पोल खोलकर रख दी. इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी मिलने के बाद भी उसने अपनी व्यवस्थाओं को सुधारा नहीं. इस पर फैंस भी काफी गुस्सा हैं. सोशल मीडिया पर फैंस बोल रहे हैं कि पाकिस्तान में कभी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं होना चाहिए.

एक यूजर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “4 महीने स्टेडियम बनाने में लगे, फिर भी गीली आउटफील्ड के कारण मैच रद्द हो गया. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए यह कितनी शर्म की बात है! पाकिस्तान को निकट भविष्य में किसी भी टूर्नामेंट की मेज़बानी नहीं करनी चाहिए. 

एक अन्य यूजर ने लिखा, “मेजबान पाकिस्तान को बारिश के दौरान पूरा ग्राउंड कवर करना चाहिए.” पाकिस्तान इसे मिनी वर्ल्ड कप बोल रहा था लेकिन इसे एक कॉमेडी शो बनाकर रख दिया.”

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‘एनिमल’ में क्यों बॉबी देओल बने थे गूंगे-बहरे विलेन, डायरेक्टर ने अब बताया सच

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‘एनिमल’ के गूंगे विलेन के पीछे की असली कहानी, कैसे बिना एक भी शब्द बोले बॉबी देओल ने सबको बनाया दीवाना?

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2024 टाइम यूज सर्वे में खुलासा भारतीयों ने काम पर अधिक समय बिताया, सेल्फ केयर में आई कमी

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केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए टाइम यूज सर्वे में सामने आया है कि देश में 2024 में लोगों ने अपने काम पर अधिक समय बिताया और खुद की देखभाल और रखरखाव पर कम समय दिया है. इस सर्वे के अनुसार, 15 से 59 साल के पुरुषों और महिलाओं की कामकाजी गतिविधियों में भागीदारी 2019 में 70.9 प्रतिशत और 21.8 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 75 प्रतिशत और 25 प्रतिशत हो गई है. दूसरी ओर, भारत में लोग अपनी देखभाल और रखरखाव पर औसतन दो प्रतिशत कम समय बिता रहे हैं.

पहली बार साल 2019 में हुआ था सर्वे 

टाइम यूज सर्वे, जो पहली बार 2019 में किया गया था, यह सर्वे पुरुषों और महिलाओं के विभिन्न प्रकार की कामकाजी और गैर-कार्यकारी गतिविधियों पर बिताए गए समय की जानकारी प्रदान करता है. इसमें घरेलू सेवाएं, देखभाल कार्य, स्वयंसेवी कार्य, प्रशिक्षण, रोजगार और संबंधित गतिविधियों, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों, अवकाश, और आत्म देखभाल शामिल हैं.

इतने लोगों पर किया गया सर्वे 

2024 का टाइम यूज सर्वे जनवरी से दिसंबर तक किया गया था और यह दूसरा राष्ट्रीय सर्वे है. इसमें 6 साल और उससे ऊपर के 4.54 लाख व्यक्तियों को शामिल किया गया था, जो 1.39 लाख घरों से थे. इस सर्वे से यह स्पष्ट होता है कि भारतीयों के लिए कामकाजी जीवन में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन खुद की देखभाल और सामाजिक गतिविधियों पर समय की कमी हो रही है. यह बदलाव जीवनशैली और कामकाजी संस्कृति में हो रहे बदलावों का संकेत देता है.

सर्वे में सामने आईं ये मुख्य बातें 

  • 6 साल और उससे ऊपर के 41 प्रतिशत भारतीयों ने 2024 में रोजगार और संबंधित गतिविधियों में भाग लिया, जो 2019 की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत अधिक है. औसतन, भारतीय एक दिन में रोजगार पर 440 मिनट खर्च करते हैं.
  • अनपेड घरेलू सेवाओं पर औसतन 129 मिनट खर्च होते हैं, जो 2019 की तुलना में 2 प्रतिशत कम है. महिलाएं औसतन 289 मिनट एक दिन में अनपेड घरेलू सेवाओं में खर्च करती हैं, जबकि पुरुष 88 मिनट ही खर्च करते हैं.
  • पुरुष अपने घरेलू सदस्य की देखभाल में औसतन 75 मिनट बिताते हैं, जबकि महिलाएं लगभग दोगुना समय, यानी 137 मिनट, इस काम में लगाती हैं.
  • 6-14 साल के बच्चों में 89.3 प्रतिशत ने 2024 में शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया और औसतन 413 मिनट इस गतिविधि में बिताए.
  • 6 साल और उससे ऊपर के व्यक्तियों ने औसतन 171 मिनट हर दिन संस्कृति, छुट्टी और जनसंचार मीडिया में बिताए. पुरुषों और महिलाओं ने 177 और 164 मिनट इस गतिविधि में बिताए.
  • भारतीयों ने 2019 के मुकाबले 5 मिनट कम समय सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक कार्यों और समुदाय में भागीदारी में खर्च किया. 2019 में लोग इस पर औसतन 130 मिनट बिताते थे.

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हिंदू, मुस्लिम, ईसाई…जानिए दुनिया में किस धर्म के हैं सबसे ज्यादा सुपर बिलियनेयर्स

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Super Billionaires List: दुनियाभर में 24 ऐसे लोग हैं, जिन्हें सुपर बिलियनेयर्स कहा जाता है. इन लोगों को आप अमीरों का अमीर मान सकते हैं. इन 24 लोगों में भारत के दो बड़े बिजनेस मैन मुकेश अंबानी और गौतम अडानी भी शामिल हैं. धर्म के हिसाब से देखें तो ये दोनों भारतीय हिंदू धर्म को मानते हैं. चलिए, अब आपको उन 24 लोगों के धर्म के बारे में बताते हैं, जिन्हें दुनिया सुपर बिलियनेयर्स के नाम से जानती है.

किन्हें कहा जाता है सुपर बिलियनेयर्स

हाल के सालों में अरबपतियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब इसमें भी एक नई कैटेगरी उभरी है. सुपर बिलियनेयर्स. ये वो लोग हैं जिनकी संपत्ति 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.15 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा है.

एलन मस्क इस लिस्ट में टॉप पर

एलन मस्क इस खास क्लब के 24 सदस्यों में से एक हैं. दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की कुल संपत्ति 419.4 बिलियन डॉलर (करीब 34.8 लाख करोड़ रुपये) है. यह जानकारी अल्ट्राटा नाम की कंपनी ने दी है, जो दुनिया भर में अमीरों की संपत्ति पर नजर रखती है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क की संपत्ति एक औसत अमेरिकी परिवार की संपत्ति से 20 लाख गुना ज्यादा है.

कितनी है सुपर बिलियनेयर्स की संपत्ति

अल्ट्राटा के डेटा के मुताबिक, फरवरी 2024 तक इन सुपरबिलियनेयर्स के पास दुनिया के सभी अरबपतियों की कुल संपत्ति का 16 फीसदी हिस्सा है. यह आंकड़ा 2014 के मुकाबले चार गुना ज्यादा है, जब यह सिर्फ 4 फीसदी था. इन सुपर बिलियनेयर्स की कुल संपत्ति 3.3 ट्रिलियन (करीब 274 लाख करोड़ रुपये) है.

यहां देखिए सुपर बिलियनेयर्स की पूरी लिस्ट-




























नाम धर्म संपत्ति कंपनी
एलन मस्क (Elon Musk) ईसाई (Christian) 419.4 बिलियन डॉलर टेस्ला (Tesla)
जेफ बेजॉस (Jeff Bezos) ईसाई (Christian) 263.8 बिलियन डॉलर अमेजन (Amazon)
बर्नार्ड अरनॉल्ट (Bernard Arnault) रोमन कैथोलिक (Roman Catholic) 238.9 बिलियन डॉलर एलवीएमएच (LVMH)
लॉरेंस एलिसन (Lawrence Ellison) यहूदी (Jewish) 237 बिलियन डॉलर ओरेकल (Oracle)
मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) यहूदी (Jewish) 220.8 बिलियन डॉलर मेटा (Meta)
सर्जी बिन (Sergey Bin) यहूदी (Jewish) 160.5 बिलियन डॉलर अल्फाबेट (Alphabet)
स्टेवेन बालमर (Steven Ballmer) ईसाई (Christian) 157.4 बिलियन डॉलर माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)
वॉरेन बफेट (Warren Buffet) नास्तिक (Atheist) 154.2 बिलियन डॉलर बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway)
जेम्स वॉल्टन (James Walton) ईसाई (Christian) 117.5 बिलियन डॉलर वॉलमार्ट (Walmart)
सैमुअल रॉबसन वॉल्टन (Samuel Robson Walton) ईसाई (Christian) 114.4 बिलियन डॉलर वॉलमार्ट (Walmart)
अमान्सियो ओर्टेगा (Amancio Ortega) रोमन कैथोलिक (Roman Catholic) 113 बिलियन डॉलर इंडिटेक्स (Inditex)
एलिस वॉल्टन (Alice Walton) ईसाई (Christian) 110 बिलियन डॉलर वॉलमार्ट (Walmart)
जेनसेन हुआंग (Jensen Huang) बौद्ध धर्म (Buddhist) 108.4 बिलियन डॉलर एनवीडिया (Nvidia)
बिल गेट्स (Bill Gates) रोमन कैथोलिक (Roman Catholic) 106 बिलियन डॉलर माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)
माइकल ब्लूमबर्ग (Michael Bloomberg) यहूदी (Jewish) 103.4 बिलियन डॉलर ब्लूमबर्ग (Bloomberg)
लॉरेंस पेज (Lawrence Page) यहूदी (Jewish) 100.9 बिलियन डॉलर अल्फाबेट (Alphabet)
मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) हिंदू (Hindu) 90.6 बिलियन डॉलर रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries)
चार्ल्स कोच (Charles Koch) ईसाई (Christian) 67.4 बिलियन डॉलर कोच इंडस्ट्रीज (Koch Industries)
जूलिया कोच (Julia Koch) ईसाई (Christian) 65.1 बिलियन डॉलर कोच इंडस्ट्रीज (Koch Industries)
फ्रेंकोइस बेटनकॉर्ट मेयर्स (Francoise Bettencourt Meyers) रोमन कैथोलिक (Roman Catholic) 61.9 बिलियन डॉलर लोरियल (L’Oréal)
गौतम अडानी (Gautam Adani) हिंदू (Hindu) 60.6 बिलियन डॉलर अडानी ग्रुप (Adani Group)
माइकल डेल (Michael Dell) यहूदी (Jewish) 59.8 बिलियन डॉलर डेल टेक्नोलॉजीज (Dell Technologies)
झोंग शनशान (Zhong Shanshan) बौद्ध धर्म (Buddhist) 57.7 बिलियन डॉलर नोंगफू स्प्रिंग (Nongfu Spring)
प्रजोगो पंगेस्टू (Prajogo Pangestu) ईसाई (Christian) 55.4 बिलियन डॉलर बैरिटो पैसिफ़िक (Barito Pacific)

किस धर्म में सबसे ज्यादा सुपर बिलियनेयर्स

सुपर बिलियनेयर्स की लिस्ट में अलग-अलग धर्मों के लोग शामिल हैं. सूची में 9 ईसाई हैं जिनमें से 4 रोमन कैथोलिक हैं. साथ ही 6 यहूदी, 2 हिंदू और 2 बौद्ध धर्म के लोग भी शामिल हैं. वहीं 1 व्यक्ति नास्कित है. यानी वह किसी धर्म को नहीं मानता. वहीं मुस्लिम धर्म की बात करें तो इस लिस्ट में एक भी मुस्लिम बिजनेस मैन शामिल नहीं है.

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