देश के 3522 यूनिवर्सिटी और कॉलेज में नहीं घटी खुदकुशी की कोई घटना: UGC

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<p>यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्रीय, राज्य, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों सहित कॉलेजों से कोई आत्महत्या के मामले सामने नहीं आए हैं. हालांकि, इस पर याचिकाकर्ताओं ने यह दावा किया कि IITs, IIMs और राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों (NLUs) ने आत्महत्या से संबंधित डेटा नहीं दिया है, जबकि इन संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं पहले सामने आ चुकी हैं.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि जानकारी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों, 293 राज्य विश्वविद्यालयों, 269 निजी विश्वविद्यालयों और 103 डीम्ड विश्वविद्यालयों से प्राप्त की गई है. इसके अलावा, 2,812 कॉलेजों से भी डेटा लिया गया है.</p>
<p>याचिकाकर्ता आबेदा सलीम तड़वी और राधिका वेमुला, जो दो छात्रों की आत्महत्या के मामलों में अपनी याचिका लेकर कोर्ट में आईं थीं, ने यह आरोप लगाया कि IITs, IIMs और NLUs ने आत्महत्या के मामलों और जातिवाद आधारित भेदभाव के बारे में यूजीसी के अनुरोध पर जानकारी नहीं दी. इस पर वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट में यह दावा किया कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों ने यूजीसी द्वारा मांगी गई जानकारी का जवाब नहीं दिया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.</p>
<p>यूजीसी के हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया कि देशभर में 1,503 छात्रों ने जातिवाद आधारित भेदभाव की शिकायतें की थीं, जिनमें से 1,426 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है. इस पर तुषार मेहता ने बताया कि एक विशेषज्ञ समिति को गठित किया गया था, जो SC/ST/OBC/PwD और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में मौजूदा यूजीसी नियमों की दोबारा समीक्षा करेगी. इस समिति ने यूजीसी (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स) रेगुलेशन 2025 का ड्राफ्ट भी तैयार कर दिया है.</p>
<p>यूजीसी ने जो जानकारी दी है उससे यह संकेत मिलता है कि हालांकि आत्महत्या के मामले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से संबंधित नहीं आए हैं, लेकिन जातिवाद आधारित भेदभाव की शिकायतों की संख्या बहुत अधिक रही है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षिक संस्थानों से और अधिक पारदर्शिता की उम्मीद जताई है, खासकर जब यह संबंधित मामलों में डेटा साझा करने की बात हो. यह मामला अब इस पर विचार करने के लिए कोर्ट में चला गया है कि क्या इन संस्थानों को आत्महत्या और जातिवाद जैसे मामलों पर अधिक जानकारी और जवाबदेही के लिए बाध्य किया जा सकता है.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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RBI ने कहा 2000 रुपये के 98 फीसदी से ज्यादा नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस

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Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्रचलन में रहे 2,000 रुपये के 98.18 परसेंट नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गए हैं. अब केवल 6,471 करोड़ रुपये के ऐसे नोट जनता के पास है. शनिवार को जारी एक स्टेटमेंट में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2,000 रुपये के नोटों की स्थिति के बारे में जानकारी दी.  RBI ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये के बैंक नोट को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की थी. उस वक्त प्रचलन में इन नोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था. 28 फरवरी, 2025 तक यह आंकड़ा तेजी से घटकर 6,471 करोड़ रुपये रह गया है. 

2000 रुपये के नोट जमा कराने की प्रक्रिया

7 अक्टूबर, 2023 तक आप बैंक के ब्रांच में जाकर 2,000 रुपये के नोट बदल सकते थे या जमा कर सकते थे, लेकिन अब जिनके भी पास यह नोट है वे रिजर्व बैंक के 19-निर्गम कार्यालयों में जमा कर सकते हैं. आरबीआई के निर्गम कार्यालय 9 अक्टूबर, 2023 से व्यक्तियों और संस्थाओं से उनके बैंक खातों में जमा करने के लिए 2000 रुपए के नोट स्वीकार कर रहे हैं. देश की जनता के लिए इस प्रॉसेस को और बनाने के लिए लोग किसी भी डाकघर से भारतीय डाक के माध्यम से भी रिजर्व बैंक के इन कार्यालयों को 2000 रुपये के नोट भेजने की भी सुविधा शुरू की गई है, जिन्हें बाद में उनके खातों में जमा करा दिया जाएगा. 

क्यों वापस लिए जा रहे 2000 के नोट?

रिजर्व बैंक ने बताया कि प्रचलन से वापस लिए जाने के बावजूद 2,000 रुपये के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे. बता दें कि 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेना भारतीय रिजर्व बैंक की स्वच्छ नोट नीति का हिस्सा है, ताकि क्षतिग्रस्त, नकली और कम उपयोग किए गए नोटों को प्रचलन से हटाया जा सके. 

 

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विद्या बालन ने इंस्टाग्राम पर क्यों शेयर कर दिया अपना ही फेक वीडियो? जानें वजह

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Vidya Balan: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में एक पोस्ट शेयर किया है. शेयर किए गए पोस्ट में एक्ट्रेस AI जनरेटेड कंटेंट की निंदा कर रहीं है. साथ ही उन्होंने लोगें से इंफॉर्मेशन शेयर करने से पहले उसे वेरीफाई करने की अपील की. 

उन्होंने इस पोस्ट के साथ अपना एक फेक वीडियो उदाहरण के लिए शेयर किया है और साथ में ही हैशटैग का इस्तेमाल कर लोगों को फेक वीडियो और कंटेंट से अलर्ट रहने और जागरूक रहने की भी सलाह दी है. उनके इस वीडियो में ‘स्कैम अलर्ट’ भी लिखा दिख रहा है.

पोस्ट में विद्या ने क्या लिखा?
एक्ट्रेस विद्या बालन ने लिखा, ‘आजकल सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि वे किसी फेमस व्यक्ति से जुड़े हैं. एक्ट्रेस ने आगे लिखा कि – ‘इनमें से कुछ वीडियो में मेरी उपस्थिति का दावा किया जा रहा है. हालांकि, मैं आपको यह स्पष्ट करना चाहतीं हूं कि ये वीडियो पूरी तरह से AI-generated (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाए गए) और नकली हैं.’


क्या है इन वीडियो का सच?
विद्या ने आगे बताया कि इन वायरल वीडियो में जो भी दावे किए गए हैं, वे झूठे हैं. एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मुझे इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाए गए वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है. मैं इस वीडियो कंटेंट का समर्थन बिलकुल भी नहीं करतीं हूं’. 

क्यों हो रहे हैं ऐसे वीडियो वायरल?
एआई और टेक्केनोलॉजी के जमाने में, किसी भी व्यक्ति की आवाज, चेहरा या व्यक्तित्व की नकल करना बहुत आसान हो गया है. ऐसी तकनीकें बहुत तेजी से उभर रही हैं, और इनका गलत उपयोग भी बढ़ता ही जा रहा है. कई बार लोग इन टेक्केनोलॉजी का इस्तेमाल नकली वीडियो बनाने के लिए करते हैं, जिसे पहचानना मुश्किल हो जाता है. 

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कैमरे के पीछे जेलेंस्की ने ऐसा क्या किया, जो गुस्से में लाल हो गए ट्रंप? अमेरिकी विदेश मंत्री ब

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Trump-Zelensky Meeting: व्हाइट हाउस में शुक्रवार (28 फरवरी 2025) को हुई तीखी नोकझोंक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सुझाव दिया है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेंलेंस्की को डोनाल्ड ट्रंप ने मांफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बैठक से पहले जेलेंस्की का काफी तनाव में थे, यही वजह है कि लाइव मीटिंग के दौरान तीखी नोकझोंक हुई थी. 

कैमरे के पीछे जेलेंस्की ने क्या किया?

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बचाव करते हुए रुबियो ने कहा, “आप लोगों ने केवल वीडियो का अंत देखा है. आप उन सभी चीजों को नहीं देखा, जिसके कारण यह हुआ. रुबियो ने तर्क दिया कि बैठक से पहले जेलेंस्की की हरकतें अमेरिकी नेतृत्व को घेरने की थी. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन जेलेंस्की ने इस बैठक को कमजोर कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि क्या जेलेंस्की वास्तव में रूस के साथ युद्ध को समाप्त करना चाहते थे?

सीएनएन से बात करते हुए अमेरिकी विदेश ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की समाधान के बजाय शर्तें रख रहे थे. ट्रंप के साथ तीखी नोकझोंक के कुछ घंटों बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया, जिसके लिए उन्हें माफी मांगने की जरूरत हो. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि यह तीखी नोकझोंक अच्छी नहीं थी, लेकिन इसमें अपनी भूमिका के लिए उन्होंने कोई खेद व्यक्त नहीं किया.

दोस्तों के बीच खुली बात हुई- जेलेंस्की

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ नोकझोंक का बचाव करते हुए कहा कि यह दोस्तों के बीच एक खुली और ईमानदार बातचीत थी. अमेरिकी नेताओं ने जेलेंस्की पर उनकी टिप्पणियों के लिए व्हाइट हाउस और अमेरिका का अनादर करने का आरोप लगाया. दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए. इस समझौते का उद्देश्य कीव के युद्ध प्रयासों में किए मदद के लिए यूक्रेन के दुर्लभ खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के भंडार पर अमेरिका का अधिकार स्थापित करना था.

जेलेंस्की ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन पाना हमारे लिए महत्वपूर्ण है. वह युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हमसे ज्यादा कोई शांति नहीं चाहता है. हमलोग यूक्रेन में युद्ध को जी रहे हैं. यह हमारी आजादी, हमारे अस्तित्व की लड़ाई है.” उन्होंने कहा, “यूक्रेन शांति चाहता है, लेकिन यह न्यायसंगत और स्थायी शांति होनी चाहिए. इसके लिए हमें बातचीत की मेज पर मजबूत होने की जरूरत है.”

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पेंसिल से भी पतला होगा यह फोन, 5200 mAh की दमदार बैटरी के साथ मिलेगा जबरदस्त कैमरा सेटअप

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Tecno Spark Slim: पतले फोन लाने वाली कंपनियों में अब TECNO भी शामिल हो गई है. कंपनी ने कहा है कि वह अगले हफ्ते मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में SPARK Slim कॉन्सेप्ट फोन को पेश करेगी. इस डिवाइस को अल्ट्रा-थिन कॉन्सेप्ट के तौर पर पेश किया जाएगा. इस फोन की मोटाई बेशक कम होगी, लेकिन इसमें किसी भी तरह के फीचर्स के साथ समझौता नहीं किया गया है. कंपनी का यह भी दावा है कि 5200 mAh की बैटरी के साथ आने वाला दुनिया का सबसे पतला फोन होगा. 

5.75mm होगी मोटाई

SPARK Slim कॉन्सेप्ट फोन की मोटाई 5.75mm होगी. कंपनी ने एक पेंसिल के साथ इसकी मोटाई को कंपेयर किया है, जिसमें यह कॉन्सेप्ट फोन पतला नजर आ रहा है. इसके फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.78 इंच की 3D-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 4500 निट्स ब्राइटनेस के साथ आती है. इसकी मदद से धूप में भी स्क्रीन पर कंटेट देखने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. कॉन्सेप्ट के रियर में 50MP+50MP लेंस के साथ डुअल रियर कैमरा सेटअप और फ्रंट में 13MP का लेंस दिया गया है. विजुअल इफेक्ट के लिए इसमें इंटरेक्टिव लाइट बेंड लगा हुआ है. इसकी बॉडी की रिसाइकल्ड एल्युमिनियम और स्टेनलेस स्टील से तैयार किया गया है, जो प्रीमियम लुक के साथ एर्गोनॉमिक डिजाइन पेश करती है.

कॉन्सेप्ट फोन में होगी दमदार बैटरी

SPARK Slim कॉन्सेप्ट फोन में 5200mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के जरिए यह दिखाना चाहती है कि पतले फोन में भी दमदार बैटरी दी जा सकती है. कंपनी इसे ऑक्टा-कोर प्रोसेसर से लैस कर सकती है. हालांकि, अभी तक इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. अगले हफ्ते बार्सिलोना में MWC के दौरान यह कंपनी के स्टॉल पर हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस के लिए उपलब्ध होगा. बता दें कि यह अभी कॉन्सेप्ट है और इसके लॉन्च होने की कोई गारंटी नहीं है.

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अगर ऐसा हुआ तो सेमीफाइनल में IND vs AUS का मुकाबला, न्यूजीलैंड से भिड़ेगी दक्षिण अफ्रीका

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ICC Champions Trophy 2025 Semi Final: 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार, 2 मार्च को आखिरी लीग मैच खेला जाएगा. यह मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच होगा. हालांकि, दोनों ही टीमें पहले ही टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं. उधर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ग्रुप-बी से सेमीफाइनल में पहुंचे हैं. अब फैंस जानना चाह रहे हैं कि आखिर टीम इंडिया सेमीफाइनल में किस टीम से भिड़ेगी. कई फैंस भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल होने की बात कर रहे हैं. यहां आपको इसका जवाब मिल जाएगा. 

बता दें कि भारतीय टीम दुबई में 4 मार्च को पहला सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगी. टूर्नामेंट के आगाज से ही यह तय था. दूसरा सेमीफाइनल मैच लाहौर में 5 मार्च को खेला जाएगा. यानी यह तय है कि टीम इंडिया दुबई में पहला सेमीफाइनल मैच खेलेगी. 

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल?

अगर रविवार को अपने आखिरी लीग मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को हरा दिया तो फिर सेमीफाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा. दरअसल, भारत अगर कीवी टीम को हरा देता है तो फिर वो ग्रुप-ए में टॉप पर फिनिश करेगा. ग्रुप-ए की टॉप पर रहने वाली टीम सेमीफाइनल में ग्रुप-बी की दूसरे नंबर पर रहने वाली टीम से भिड़ेगी. ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप-बी में दूसरे नंबर पर फिनिश किया है. 

अगर न्यूजीलैंड से हारा भारत तो दक्षिण अफ्रीका से होगा सेमीफाइनल 

अगर टीम इंडिया कल यानी रविवार को न्यूजीलैंड से हार जाती है तो फिर सेमीफाइनल में भारत को मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा. दरअसल, अगर भारत हारता है तो फिर वो ग्रुप-ए में दूसरे नंबर पर फिनिश करेगा. ऐसे में उसका मुकाबला ग्रुप-बी में टॉप पर रहने वाली दक्षिण अफ्रीका से होगा. 

बता दें कि अगर टीम इंडिया फाइनल में पहुंचती है तो फिर खिताबी मुकाबला दुबई में खेला जाएगा. वहीं अगर भारतीय टीम फाइनल में प्रवेश नहीं कर पाती है तो फिर खिताबी मैच पाकिस्तान में खेला जाएगा. 

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Capricorn Weekly Horoscope 2025: मकर राशि वाले बहसबाजी से बचें, पढ़ें अपना साप्ताहिक राशिफल

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Capricorn Weekly Horoscope 2025: ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर यह सप्ताह यानी 2 से 8 मार्च 2025 तक का समय कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है. साप्ताहिक राशिफल में जानेंगे मकर राशि वालों के लिए यह नया सप्ताह कैसा रहेगा.

बात करें मकर (Makar Rashi) की तो, यह राशिचक्र की दसवीं राशि है, जिसके स्वामी शनि हैं. ज्योतिष के अनुसार 2-8 मार्च तक का समय मकर राशि वालों के लिए सामान्य लेकिन शुभ साबित होगा. यहां जानिए मकर राशि वालों का साप्ताहिक राशिफल (Saptahik Rashifal).

मकर राशि साप्ताहिक राशिफल (Makar Saptahik Rashifal 2025)

  • मकर राशि वालों को सप्ताह की शुरुआत अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अधिक भागदौड़ और परिश्रम करनी पड़ सकती है. फेस्टिवल सीजन  को देखते हुए घर के रिनोवेशन और डेकोरेशन के कार्यों को लेकर अधिक व्यस्तता बनी रह सकती है. अचानक से आए कुछे बड़े खर्च आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं.
  • घर में किसी बुजुर्ग व्यक्ति की खराब सेहत भी आपकी चिंता का विषय बनी रहेगी. यदि आप रोजी-रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं तो आपका इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है. वहीं नौकरी पेशा वालों पर कामकाज का बोझ सडनली से बढ़ सकता है. ऑफिस में अपने सीनियर या जूनियर के साथ बहसबाजी करने से बचें, अन्यथा आपको बेवजह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं.
  • प्रेमी (Love Partner) के साथ किसी बात को लेकर पैदा हुई गलतफहमी आपके प्रेम संबंध को प्रभावित कर सकती है. जीवनसाथी (Life Partner) के साथ मतभेद को मनभेद में न बदलने दें और घरेलू समस्याओं को संवाद के जरिए दूर करने का प्रयास करें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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‘दोस्त’ ने ही छोड़ा जेलेंस्की का साथ! ट्रंप के गुस्से से NATO पर मंडराया खतरा, जानें यूक्रेन के

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Trump-Zelensky Meeting: व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमीर जेलेंस्की की तीखी बहस ने दो अहम सवालों को जन्म दिया है. पहला- बिना अमेरिकी मदद के यूक्रेन रूस का सामना कैसे करेगा? दूसरा- उस नाटो का भविष्य क्या होगा, जिसमें शामिल होने के लिए जेलेंस्की ने रूस के साथ वो जंग मोल ले ली, जो आज यूक्रेन के लिए अस्तित्व का सवाल बन गया है.

ट्रंप के निशाने पर रहे हैं जेलेंस्की

व्हाइट हाउस में शुक्रवार (28 फरवरी 2025) को जो कुछ हुआ उसे देखकर अधिक हैरानी नहीं हुई, क्योंकि ट्रंप लगातार यूक्रेन और जेलेंस्की को निशाने पर ले रहे हैं और जंग के लिए कीव को जिम्मेदार बता रहे थे. वह जेलेंस्की को तानाशाह तक कह चुक हैं. ट्रंप ने रूस के साथ यूक्रेन संकट पर शांति वार्ता शुरू कर दी. रियाद में हुई इस बातचीत में यूक्रेन सहित किसी यूरोपीय देश को शामिल नहीं किया गया.

अमेरिका-यूक्रेन रिश्तों में आई खाई को भरना होगा

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासनकाल में जो यूएस-यूक्रेन गठबंधन मजबूती से खड़ा था वो अब भरभरा कर गिर गया है. सभी जानकार इस बात पर सहमत हैं कि बिना अमेरिकी मदद के यूक्रेन के लिए रूस से युद्ध जीतना करीब-करीब असंभव है. जेलेंस्की ने शायद अपने राष्ट्रपति काल की सबसे बड़ी चुनौती को शुक्रवार को झेला. अब उनके सामने क्या विकल्प हैं? जानकार मानते हैं आगे की राह बहुत मुश्किल है. उन्हें या तो जादुई तरीके से अमेरिका-यूक्रेन रिश्तों में आई दरार को भरना होगा या किसी तरह अमेरिका के बिना अपने देश को बचाना होगा.

क्या इस्तीफे से सब हो जाएगा ठीक?

एक रास्ता- पद छोड़ देना भी हो सकता है, किसी और को देश का नेतृत्व करने का मौका देना. बाकी ऑप्शन के मुकाबले यह आसान विकल्प है, लेकिन इसमें खतरे भी बहुत हैं. सत्ता से हटना रूस को फायदा पहुंचा सकता है, क्योंकि ऐसा करने से अग्रिम मोर्चे पर संकट पैदा हो सकता है, राजनीतिक स्पष्टता खत्म हो सकती है, कीव में सरकार की वैधता भी प्रभावित हो सकती है, युद्ध के दौरान एक पारदर्शी चुनाव कराना भी बहुत बड़ी चुनौती है जिससे पार पाना मुश्किल है.

NATO पर मंडराया खतरा

जिस तरह यूक्रेन का भविष्य अंधेरे में दिख रहा है उसी तरह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का क्या होगा यह भी सवालों के घेरे में आ गया है. यूक्रेन के बाहर यूरोपीय सुरक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता के बारे में कई संदेह और सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप अपने पूर्ववर्ती हैरी ट्रूमैन की तरफ से 1949 में किए गए उस वादे को निभाएंगे कि नाटो सहयोगी पर हमले को अमेरिका पर हमला माना जाएगा.

संयुक्त राज्य अमेरिका नाटो का अग्रणी और संस्थापक सदस्य रहा है. नाटो के गठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की पारंपरिक विदेश नीति को उलट दिया, जो अलग-थलग रहने पर आधारित थी. इसी नीति की वजह से अमेरिका जितना संभव हो सका प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध से बाहर रहा. दोनों ही अवसरों पर, उसकी नौसैनिक परिसंपत्तियों पर हमले ने अंततः उसे युद्ध की स्थिति में धकेल दिया.

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप बिल्कुल अलग राह पर चल रहे हैं. उन्होंने पिछले दिनों स्पष्ट कहा था कि यूक्रेन को नाटो मेंबरशिप भूल जानी चाहिए. उन्होंने कहा था, “नाटो, आप इसके बारे में भूल सकते हैं. मुझे लगता है कि शायद यही कारण है कि यह सब शुरू हुआ.” साफ है तीन साल के रूस-यूक्रेन युद्ध ने न सिर्फ यूक्रेन को बल्कि पूरे यूरोप के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.

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Sanam Teri Kasam fame Harshvardhan Rane spot हुए ABP के special event पर

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<p>Sanam Teri Kasam के मश्हूर इंदर यानि Harshvardhan Rane काफी समय से लाइमलाइट से गायब थे लेकिन हालही में उनकी फिल्म सनम तेरी कसम जब Re-release हुई तो लोग उनके लिए फिरसे पागल होते दिख रहे हैं. हालही में Harshvardhan Rane ABP के खास Fan Meetup के लिए नजर आए. यहां भी उन्हें फैंस ने घेर लिया. लोग उनके साथ फोटो खिंचाते और Autograph लेते नजर आए. लेकिन लगता है लोग उन्हें अब भी Mawra के साथ ही देखना चाहते हैं. आपको Harshvardhan का लुक कैसा लगा कमेंट करके हमें जरूर बताइए और आप Harshvardhan फिरसे किसके साथ देखना चाहते हैं ये भी कमेंट करें.</p>

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IMF ने बताया 2025-26 में इतनी रहेगी भारत की जीडीपी ग्रोथ, विकास ने भर ली है रफ्तार

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Indian Economy: अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा है कि भारत मजबूत निजी निवेश और व्यापक आर्थिक स्थिरता के दम पर 2025-26 में 6.5 परसेंट GDP ग्रोथ हासिल कर सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था के अपने पोजीशन को बरकरार रखेगा. IMF ने कहा कि  भारत अपने स्ट्रॉन्ग इकोनॉमिक परफॉर्मेंस के आधार पर देश को कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक सुधार का मौका मिलेगा, जिससे 2047 तक एडवांस्ड इकोनॉमी बनने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. 

IMF ने देश के जीडीपी को लेकर भी लगाया अनुमान

IMF ने यह भी कहा कि देश का सकल घरेलू उत्पाद 2024-25 और 2025-26 में 6.5 परसेंट की दर से बढ़ने की उम्मीद है. इसे निरंतर व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के दम पर निजी स्तर पर खपत बढ़ने का बड़ा योगदान मिलेगा. भारत सरकार के लगाए गए अनुमान के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था के 2024-25 के दौरान 6.5 परसेंट की दर से बढ़ने की उम्मीद है.  भारतीय अधिकारियों के साथ एनुअल आर्टिकल iv परामर्श के बाद IMF ने अपनी रिपोर्ट में कहा, खाद्य महंगाई में कमी और मुख्य महंगाई के लक्ष्य के करीब पहुंचने की भी उम्मीद है. हालांकि, इसके लिए निजी निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने और संरचनात्मक सुधारों के सख्त प्रयास की जरूरत होगी. 

भारत को इन पर ध्यान देने की जरूरत

आईएमएफ ने यह भी कहा कि भारत को उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करने, निवेश को बढ़ावा देने और लंबी अवधि में आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है. इसी के साथ लेबर मार्केट में भी सुधार करने के साथ ह्यूमन कैपिटल को मजबूत करने और वर्क फोर्स में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर भी ध्यान देना चाहिए. इसमें टैरिफ और नॉन-टैरिफ रिडक्शन के उपाय भी शामिल होंगे. इसमें आगे कहा गया कि हाल के समय में आए उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और 2024-25 की पहली छमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6 परसेंट रहने का अनुमान है. 

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