बेटे की पार्टी से गायब दिखे गोविंदा, यशवर्धन ने मां और बहन संग काटा केक

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Yashvardhan Ahuja Birthday Viral Video: बॉलीवुड के हीरो नंबर वन यानि गोविंदा पिछले कई दिनों से पत्नी सुनीता आहूजा संग तलाक की अफवाहों को लेकर चर्चा में हैं. हालांकि एक्टर की वाइफ ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया है. इसी बीच गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा ने अपना 28वां जन्मदिन मनाया. इसके लिए एक शानदार पार्टी रखी गई. जिसकी कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. हैरानी की बात ये है कि इन वीडियोज से गोविंदा गायब दिखे.

गोविंदा के बिना यशवर्धन ने सेलिब्रेट किया बर्थडे?

दरअसल यशवर्धन आहूजा के फैनपेज पर उनके बर्थडे का एक वीडियो शेयर किया गया है. इस वीडियो में यश अपनी मां सुनीता और बहन टीना आहूजा संग केक कट करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान गोविंदा सेलिब्रेशन से गायब दिखे. जिसके बाद एक बार फिर लोगों ने एक्टर और उनकी वाइफ के बीच अनबन के कयास लगाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन आपको बता दें कि यशवर्धन की ये वीडियो इस साल की नहीं बल्कि साल 2023 की है. जब उन्होंने पैप्स के साथ केक काटा था.


राशा थडानी के साथ यशवर्धन ने मचाया धमाल

वहीं बीते दिन यानि 1 मार्च को भी यशवर्धन के बर्थडे का जबरदस्त जश्न मनाया गया. जिसमें उनकी फैमिली के साथ कई खास दोस्त भी शामिल हुए. इस पार्टी से भी एक वीडियो खासा वायरल हो रहा है. जिसमें यशवर्धन रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी के साथ ‘अंखियों से गोली मारे’ गाने पर धमाकेदार डांस करते हुए दिखाई दिए. दोनों का वीडियो फैंस खूब पसंद कर रहे हैं. राशा ने यशवर्धन के साथ एक तस्वीर भी अपने इंस्टा पर शेयर की है. हालांकि इस पार्टी में भी गोविंदा कहीं नजर नहीं आए. 

बेटे की पार्टी से गायब दिखे गोविंदा, यशवर्धन ने मां और बहन संग काटा केक, राशा थडानी के साथ किया धमाकेदार डांस

तलाक पर सुनीता आहूजा ने कही थी ये बात

बता दें कि तलाक की अफवाहें को बढ़ता हुआ देख गोविंदा की वाइफ सुनीता आहूजा ने कहा था कि, जब से गोविंदा राजनीति में गए है. तब से उन्होंने अलग घर लिया है और उसमें अपना ऑफिस बनाया. ताकि वो घर में आराम से शॉर्ट्स पहनकर घूम सके. उन्होंने ये भी कहा कि कोई माई का लाल नहीं जो उन्हें और गोविंदा को अलग कर सके.

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जेलेंस्की को दिया झटका, लेकिन नेतन्याहू पर ट्रंप लुटा रहे खजाना! इजरायल को US देगा 4 बिलियन डॉल

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US Military Aid to Israel : अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (1 मार्च) को कहा कि उन्होंने इजरायल को करीब 4 बिलियन डॉलर के सैन्य सहायता देने में तेजी लाने के लिए एक घोषणापत्र पर साइन किया है.

मार्को रुबियो ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को करीब 12 बिलियन डॉलर के प्रमुख विदेशी मिलिट्री हथियार बिक्री को मंजूरी दी है.” उन्होंने आगे कहा, “इजरायल की सुरक्षा के लिए अमेरिका अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए मौजूद सभी माध्यमों का इस्तेमाल करना जारी रखेगा.

मार्को रुबियो में अपने बयान में क्या कहा?

अमेरिका के विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने अमेरिका के मिडिल ईस्ट के सहयोगी इजरायल को जल्द से जल्द सैन्य सहायता पहुंचाने के लिए इमरजेंसी अथॉरिटी का इस्तेमाल किया है, जो कि इस वक्त गाजा के साथ युद्ध के बीच हमास आतंकियों के साथ एक कमजोर सीजफायर में बंधा हैं.

वहीं, पेंटागन ने शुक्रवार (28 फरवरी) को कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने इजरायल को करीब 3 बिलियन डॉलर के बम, डिमोलिशन किट और अन्य तरह की हथियारों की संभावित बिक्री के लिए मंजूरी दे दी है.

ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस को दी जानकारी

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को इमरजेंसी तौर पर हो रहे हथियारों की बिक्री को लेकर जानकारी दी. वहीं इस दौरान लंबे समय से चली आ रही एक प्रथा को दरकिनार कर दिया गया, जिसके तहत सदन के विदेशी मामलों और सीनेट के विदेश संबंध कमिटियों की ओर से बिक्री की समीक्षा की जाती थी और कांग्रेस में जानकारी देने से पहले अधिक जानकारी की मांग की जाती थी.

हालांकि, इजरायल को जल्द से जल्द हथियारों की बिक्री की मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से शुक्रवार (28 फरवरी) को की गई इमरजेंसी की घोषणा पिछले कुछ हफ्तों में दूसरी बार है. वहीं, जो बाइडेन प्रशासन ने भी कांग्रेस की समीक्षा के बिना इजरायल को हथियारों की बिक्री को मंजूरी देने के लिए इमरजेंसी अथॉरिटी का इस्तेमाल किया था.

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पापा की परी ने नशे में तोड़ी सारी मर्यादाएं! आशिक संग बाइक पर खड़े होकर कर दी छिछोरी हरकत

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देश में नशा और छपरीपना आम होता जा रहा है. शराब के नशे में अजीब हरकतें करते लोग तो आपने सोशल मीडिया पर खूब देखे होंगे. लेकिन कई बार लोग नशे की हालत में हदें पार कर देते हैं और फिर उनकी अकल ठिकाने लगाने पुलिस को आगे आना पड़ता है. हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की बाइक पर दो लड़कों के बीच बैठकर हुड़दंग मचाती दिख रही है. इसके बाद वो चलती बाइक पर खड़े होकर जो हरकत करती है उसे देखकर किसी का भी खून खौल उठेगा. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

दो युवकों के साथ बाइक पर स्टंट करती दिखाई दी लड़की

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक बाइक पर तीन लोग सवार हैं. इनमें एक लड़की और दो लड़के शामिल हैं. लड़की दोनों लड़कों के बीच खड़ी है और बुरी तरह से नशे में दिखाई पड़ रही है. रील बनाने का खुमार इस कदर सिर पर हावी है कि लड़की चलती बाइक पर खड़े होकर कैमरे के सामने फ्लाइंग किस दे रही है. बाइक पर पीछे बैठे लड़के ने लड़की को पकड़ा हुआ है. जिसके बाद लड़की हुड़दंग मचाते हुए तेज रफ्तार बाइक पर स्टंट दिखाती नजर आ रही है. वीडियो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का बताया जा रहा है.

तेज रफ्तार बाइक पर खड़े होकर दिए फ्लाइंग किस

सड़क पर उत्पात मचा रही लड़की का ये वायरल वीडियो भोपाल के vip रोड का बताया जा रहा है. वीडियो में कैद हुई लड़की का ये दृश्य लोगों को काफी हैरान कर रहा है. दो दिनों से वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. बताया जा रहा कि वीडियो में दिख रही लड़की की पहचान नहीं हो पाई है लेकिन राहगिरों ने बाइक का नंबर नोट कर लिया था. वीडियो में दिख रही काले रंग की बाइक महाराष्ट की बताई जा रही है.

यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा-‘लड़की नशे में इतनी धुत थी कि उसे कुछ होश हवास नहीं था, सड़क के अगल-बगल से आने जाने वाली गाड़ियों को न सिर्फ ये लड़की फ्लाइंग किस देती नजर आई बल्कि पूरे रास्ते जोर-जोर से गालियां भी दे रही थी. वीडियो में नशे की हालत में धुत लड़की को दो युवकों के बीच बाइक पर खड़े होकर स्टंट करते भी देखा जा सकता है.’

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यूजर्स ने दिए तीखे रिएक्शन

वीडियो को @ManojSh28986262 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में यूजर्स वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पकड़कर अंदर डालो, सारा भूत उतर जाएगा. एक और यूजर ने लिखा…सख्त से सख्त जुर्माना लगाया जाए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…रील एक दिन सभी को बर्बाद करके मानेगी.

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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और साइंटिस्ट इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी से हैं पढ़े, ये है एडमिशन प्रोसेस

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<p>केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत स्थापित, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात (CUG) ने अपने 16 सालों के सफर में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 2009 में अपनी यात्रा शुरू करने वाले इस विश्वविद्यालय ने शुरुआत में छोटे पैमाने पर कार्य किया, लेकिन आज यह गुजरात का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान बन चुका है.&nbsp;विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य था उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी और पहुंच योग्य बनाना. शुरुआत में सेक्टर 29, गांधीनगर में अस्थायी परिसर से शुरू हुआ यह विश्वविद्यालय, अब शाहपुर में अपने स्थायी परिसर में विकसित हो रहा है.</p>
<p><strong>प्रवेश प्रक्रिया: योग्य छात्रों के लिए अवसर</strong></p>
<p>CUG में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित है. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों को CUET-PG (सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट ग्रेजुएट) परीक्षा पास करना आवश्यक है. वहीं, पीएचडी प्रोग्राम के लिए UGC-NET या CSIR-NET के साथ-साथ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटरव्यू में पास होना जरूरी है.</p>
<p><strong>यूनिवर्सिटी में ये हैं कोर्स और फीस स्ट्रक्चर</strong></p>
<p>वर्तमान में CUG में कई स्कूल और केंद्र हैं जो विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम कर रहे हैं:</p>
<p>- स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज<br />- स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज<br />- स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉर्मेशन साइंस</p>
<p>स्नातक स्तर पर BA, BA (Hons.) Research &nbsp;की वार्षिक फीस लगभग 7,500 से 10,000 रुपये के बीच है, मास्टर्स स्तर पर MA, M.Sc, M.Ed, M.Phil की फीस 8 हज़ार से 14 हजार जबकि पीएचडी प्रोग्राम के लिए शुल्क प्रति वर्ष लगभग 8,000 से 12,000 रुपये है. यह शुल्क अन्य निजी विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी कम है, जिससे अधिक से अधिक छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.</p>
<p><strong>प्रसिद्ध पूर्व छात्र और उनकी उपलब्धियां:&nbsp;</strong></p>
<p>CUG के कई पूर्व छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. कुछ प्रमुख नाम हैं:</p>
<p>- डॉ. प्रणव पटेल, जिन्होंने पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में अपने शोध के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता.<br />- सुश्री अंजलि मेहता, जो अब ISRO में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं.<br />- डॉ. राजेश शर्मा, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपने काम के लिए ख्याति प्राप्त की है और अब दिल्ली के एक प्रमुख थिंक टैंक में कार्यरत हैं.<br />- सुश्री नीलम सिंह, जो अब एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए काम कर रही हैं.<br />&nbsp;भविष्य की योजनाएं</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a title="Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर" href=" target="_blank" rel="noopener">Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर</a></strong></p>

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कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती में किसे मिलेगा मौका? भारतीय प्लेइंग 11 में होंगे 4 स्पिनर्स!

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Varun Chakaravarthy vs Kuldeep Yadav: चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें अपना आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच खेलेगी. इससे पहले भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान को हराया. रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है. लिहाजा, न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत बिना किसी दबाव के उतरेगा. ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा पूरी तरह फिट नहीं हैं. रोहित शर्मा की जगह प्लेइंग इलेवन में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को मौका मिल सकता है. इसके अलावा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में क्या-क्या बदलाव संभव है?

भारत के पास विकल्प क्या-क्या हैं?

ऐसा माना जा रहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती को मौका मिल सकता है, लेकिन सवाल है कि अगर भारतीय प्लेइंग इलेवन में वरुण चक्रवर्ती को शामिल किया जाता है तो किसे बाहर बैठना होगा? क्या कुलदीप यादव की जगह वरुण चक्रवर्ती को मौका मिलेगा? या फिर अक्षर पटेल या रवींद्र जडेजा की जगह वरुण चक्रवर्ती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे? अब सवाल है कि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव में ज्यादा असरदार कौन है? दरअसल, कुलदीप यादव की स्टॉक बॉल राइड हैडेंड बैट्समैन के लिए बड़ी चुनौती बनती है. जबकि वरुण चक्रवर्ती लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन के लिए ज्यादा घातक साबित होते हैं.

वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव में कौन कितना असरदार?

इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव की गेंदबाजी में सबसे बड़ा अंतर स्पीड का है. दरअसल, कुलदीप यादव धीमी और हवा में गेंद को फ्लाइट देना पसंद करते हैं. वहीं, वरुण चक्रवर्ती को विकेट टू विकेट और थोड़ी तेज गेंद पसंद है. साथ ही दोनों गेंदबाज आसानी से गूगली डालने के लिए जाने जाते हैं. बहरहाल, अब देखना मजेदार होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय प्लेइंग 11 में किसे मौका मिलता है? ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय टीम अपनी प्लेइंग 11 में 4 स्पिनरों के साथ उतर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल खेलते नजर आएंगे.

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ट्रंप के साथ बहस से जेलेंस्की को हुआ फायदा! यूक्रेन की जनता अपने नेता के लिए हुई एकजुट

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Ukrainians Support President Zelensky: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. हालांकि, मामले के बाद यूक्रेन के नागरिकों ने ज़ेलेंस्की के साथ एकजुटता दिखाई, भले ही दुनिया के कुछ सबसे शक्तिशाली नेताओं ने उनकी आलोचना की हो.

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ज़ेलेंस्की के साथ खड़े होने वाले यूक्रेनी नागरिकों ने उनके साहस की सराहना की है. कीव में एक 67 वर्षीय रिटायर महिला नतालिया सेरहिएंको ने कहा, “ज़ेलेंस्की शेर की तरह लड़े, और उन्होंने अपने देश के हितों की रक्षा की.” यूक्रेन में यह भावना व्यापक रूप से महसूस की जा रही है. खासकर तब जब ट्रंप और वेंस ने ज़ेलेंस्की को उनके तरफ से दिए गए मदद के लिए आभारी न होने का आरोप लगाया.

ट्रंप-जेलेंस्की टकराव की पृष्ठभूमि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार (28 फरवरी) को खुले तौर पर यूक्रेनी नेता को फटकार लगाई और आरोप लगाया कि ज़ेलेंस्की “शांति के लिए तैयार नहीं” हैं. इसके अलावा, जेलेंस्की पर अमेरिका का अपमान करने का भी आरोप लगाया गया. यह बैठक खनिज सौदे के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए निर्धारित थी, लेकिन वह समझौता अधर में लटक गया.

यूक्रेनी एकता और जेलेंस्की की समर्थन लहर
यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की का समर्थन करते हुए यूक्रेनी सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन में जबरदस्त प्रतिक्रिया दी है. कीव में 43 वर्षीय विटालिना तारासोवा ने कहा, “ट्रंप और वेंस का व्यवहार युद्ध में मारे गए लोग और उनके परिवारों का अपमान था.” एक अन्य 30 वर्षीय एंड्री यूक्रेनी नागरिक ने बीबीसी से कहा, “वे यूक्रेन के लोगों का सम्मान नहीं करते,” जबकि 26 वर्षीय दिमित्रो का मानना है, “ऐसा लगता है जैसे वाशिंगटन रूस का समर्थन कर रहा है!”

राष्ट्रपति जेलेंस्की की लोकप्रियता
रूसी आक्रमण से पहले जेलेंस्की की ट्रस्ट रेटिंग 37 फीसदी थी, लेकिन युद्ध के बाद यह 90 फीसदी तक पहुंच गई. जेलेंस्की की तीखी आलोचना के बावजूद, उनके पक्ष में समर्थन में वृद्धि देखी गई है, यहां तक कि उनके विरोधी भी उनके चारों ओर इकट्ठा हो रहे हैं.

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मॉर्गन स्टैनली ने कहा, भारत में इकोनॉमिक ग्रोथ पकड़ रही रफ्तार, RBI की नीति से मिल रहा सपोर्ट

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India GDP Growth: वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट के 6.2 फीसदी रहने के बाद मॉर्गन स्टैनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर तिमाही का जीडीपी आंकड़ा हमारे नजरिए को सही सिद्ध करता है और ये दिखाता है कि भारत में इकोनॉमिक ग्रोथ वापस से तेज हो रही है. 

मॉर्गन स्टैनली ने कहा कैपिटल एक्सपेंडिचर और खपत को बढ़ावा देने वाली मॉनिटरी पॉलिसी  और कम होती ब्याज दरों, बढ़ती लिक्विडिटी एवं रेगुलेशन में ढील देने के कारण मौद्रिक नीति में आई नरमी से भारत की विकास दर को रफ्तार मिल रही है. ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सर्विस निर्यात में तेजी आना जॉब मार्केट के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे विकास दर को बढ़ाने में मदद मिल रही है.

रिपोर्ट में बताया गया कि दिसंबर तिमाही का जीडीपी आंकड़ा हमारे नजरिए को सही सिद्ध करता है और दिखाता है कि ग्रोथ वापस से तेज हो रही है. जनवरी और फरवरी के हाई फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स मिलाजुला संकेत देते हैं. यह दिखाता है कि धीरे-धीरे रिकवरी हो रही है. एडवांस एस्टीमेंट्स के मुताबिक, मार्च तिमाही की अनुमानित वृद्धि 7.6 प्रतिशत है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि वृद्धि संभवतः 6.7 प्रतिशत से कम रहेगी. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 में 6.3 प्रतिशत पर रह सकती है.

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही के लिए, आंतरिक आंकड़े बताते हैं कि सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि मुख्य रूप से निजी खपत और सरकारी खपत (सरकारी खर्च में वृद्धि) दोनों में मजबूती के कारण हुई. इस दौरान निजी खपत में सालाना आधार पर 6.9 प्रतिशत का इजाफा देखा गया. वहीं, सरकारी खपत में सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो कि पिछली पांच तिमाही की उच्चतम वृद्धि दर है. 

रिपोर्ट में बताया गया कि इंडस्ट्री में अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में विनिर्माण गतिविधि और बिजली, गैस और खपत में वृद्धि हुई, जबकि निर्माण गतिविधि की गति पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रही. सर्विस सेक्टर में वृद्धि का नेतृत्व व्यापार, होटल, परिवहन और संचार सेवाओं ने किया, जिसे हॉलिडे सीजन से सपोर्ट मिला; जबकि अन्य की स्थिति पिछली तिमाही समान ही थी. 

 

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