अप्रैल में रोलआउट होगा Apple का iOS 18.4 अपडेट, जानें कौन-कौन से नए फीचर्स होंगे शामिल

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Apple iOS 18.4 Update: Apple ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि iOS 18.4 और iPadOS 18.4 का अपडेट अप्रैल में जारी किया जाएगा. इस नए अपडेट में iPhone और iPad यूजर्स के लिए कई नए फीचर्स को ऐड किया जाएगा. इसका पहला बीटा वर्जन डेवलपर्स और पब्लिक टेस्टर्स के लिए पहले ही उपलब्ध हो चुका है लेकिन फाइनल वर्जन में कुछ जरूरी बदलाव देखने को मिलेंगे जिनमें खासतौर पर फूड लवर्स के लिए एक नया सेक्शन, नोटिफिकेशन में सुधार और म्यूजिक एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाना शामिल है.

Apple News+ Food

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस नए iOS 18.4 अपडेट का एक मेन फीचर Apple News+ Food है जो Apple News ऐप के अंदर एक खास सेक्शन के रूप में जोड़ा गया है. यह सेक्शन खासतौर पर Apple News+ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा और इसमें Bon Appétit, Food & Wine, और Allrecipes जैसे टॉप फूड पब्लिशर्स की हजारों रेसिपी शामिल होंगी.

लेकिन यह केवल रेसिपी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें रेस्टोरेंट्स से जुड़ी खबरें, हेल्दी ईटिंग टिप्स, किचन एसेंशियल्स और अन्य जरूरी जानकारियां भी दी जाएंगी. Apple ने इसे यूजर्स के लिए आसान बनाने के लिए ब्राउज़, सर्च और फ़िल्टर करने के विकल्प दिए हैं. इसके अलावा, एक “कुक मोड” भी जोड़ा गया है जिससे यूजर किसी भी रेसिपी को फुल-स्क्रीन मोड में देख सकते हैं और आसानी से फॉलो कर सकते हैं. पसंदीदा रेसिपी को ऑफलाइन सेव करने का विकल्प भी दिया गया है.

Priority Notifications

iOS 18.4 में एक और महत्वपूर्ण फीचर “Priority Notifications” जोड़ा गया है जो Apple Intelligence का उपयोग करके सबसे महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन को लॉक स्क्रीन पर प्राथमिकता देगा. हालांकि, यह फीचर सिर्फ iPhone 15 Pro, iPhone 15 Pro Max और iPhone 16 सीरीज़ के लिए उपलब्ध होगा.

Control Center में Ambient Music फीचर

म्यूजिक लवर्स के लिए iOS 18.4 में Ambient Music फीचर को जोड़ा गया है जिसे Control Center से एक्सेस किया जा सकता है. यह चार अलग-अलग कैटेगरी में होगा जिसमें Sleep, Chill, Productivity और Wellbeing के तहत क्यूरेटेड प्लेलिस्ट को जल्दी से चलाने की सुविधा देता है.

नया Sketch ड्रॉइंग स्टाइल

Apple ने इस अपडेट में Apple Intelligence को और अधिक भाषाओं में उपलब्ध कराया है जिसमें फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश, जापानी और चीनी भाषा शामिल हैं. इसके अलावा, Image Playground फीचर में “Sketch” का एक नया ड्रॉइंग स्टाइल जोड़ा गया है जो पहले से मौजूद “Animation” और “Illustration” स्टाइल्स के साथ उपलब्ध होगा. यह फीचर यूजर्स को टेक्स्ट डिस्क्रिप्शन के आधार पर इमेज जनरेट करने की सुविधा देता है.

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शेयर बाजार से कमाई करने के सरकार के मंसूबों को लगेगा झटका, 50 फीसदी घट सकता है STT कलेक्शन

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Zerodha News: शेयर बाजार में गिरावट के असर ब्रोकरेज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कंपनियों के बिजनेस पर पड़ने लगा है. जीरोधा के सीईओ और सह-संस्थापक नितिन कामत ने कहा कि 15 वर्षों में पहली बार उनके बिजनेस में गिरावट देखने को मिली है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कामत ने कहा कि ट्रेडर्स की संख्या और कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है. 

नितिन कामत ने मुताबिक, सभी ब्रोकर्स के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग गतिविधि में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है. उन्होंने कहा कि 15 साल पहले बिजनेस की शुरुआत करने के बाद से लेकर अब तक पहली बार कारोबार में गिरावट देखने को मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद से दुनिया के बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है. ट्रंप ने कहा कि मैक्सिको और कनाडा से आने वाले सामानों पर टैरिफ 4 मार्च से प्रभावी हो जाएंगे। इसके अलावा चीनी आयात पर टैरिफ को दोगुना कर 20 प्रतिशत कर दिया गया है. 

नितिन कामत के मुताबिक, ट्रेडिंग गतिविधियों में गिरावट का असर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से सरकार की आय पर हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एसटीटी कलेक्शन 40,000 करोड़ रुपये के नीचे रह सकता है, जो कि सरकार के अनुमान 80,000 करोड़ रुपये से 50 प्रतिशत कम है. कामत ने कहा कि उन्हें कोई आइडिया नहीं है कि मार्केट यहां से कहां जाएगा, लेकिन मैं ब्रोकिंग इंडस्ट्री के बारे में बता सकता हूं. हम ट्रेडर्स और वॉल्यूम दोनों में एक बड़ी गिरावट देख रहे हैं. 

28 फरवरी के कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,414.33 अंक या 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,198 और निफ्टी 420.35 अंक या 1.86 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,124 पर था. फरवरी में बाजार का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है. 500 में से 450 निफ्टी शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं। इस दौरान निफ्टी 5.89 प्रतिशत और सेंसेक्स में 5.55 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

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क्या है Unschooling, जिसका बढ़ रहा ट्रेंड, क्या भारत में यह है कानूनी?

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<p>अमेरिका में 2 मिलियन से अधिक बच्चे घर पर ही शिक्षा प्राप्त करते हैं. इनमें से लगभग 13% बच्चे ‘अनस्कूलिंग’ मेथड फॉलो करते हैं. इसको भारत में लेकर क्या कानून है इसको लेकर आज हम आपको बताएं. इसके साथ ही हम आपको बता रहे हैं कि आखिर अनस्कूलिंग होती क्या है.</p>
<p><strong>जानिए अनस्कूलिंग क्या है?</strong></p>
<p>अनस्कूलिंग एक एजुकेशन मेथड है जिसमें बच्चे औपचारिक सिलेबस के बजाय अपनी रुचि और जिज्ञासा के अनुसार सीखते हैं. 1977 में अमेरिकी शिक्षक जॉन होल्ट ने इस विचार को लोकप्रिय बनाया. उन्होंने "ग्रोइंग विदाउट स्कूलिंग" नामक पत्रिका शुरू की, जिसमें बताया कि बच्चे स्कूल के बाहर भी प्रभावी रूप से सीख सकते हैं.</p>
<p><strong>ऐसे काम करती है अनस्कूलिंग&nbsp;</strong></p>
<ul>
<li>इस मेथड में:</li>
</ul>
<p>- बच्चे खुद चुनते हैं कि वे क्या और कैसे सीखना चाहते हैं<br />- माता-पिता सिर्फ सहायक वातावरण बनाते हैं<br />- पाठ्यपुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं पर निर्भरता नहीं होती<br />- बच्चे किताबें, लोगों से बातचीत, विभिन्न स्थानों पर भ्रमण और प्रकृति के साथ अनुभवों से सीखते हैं<br />- परीक्षा या ग्रेडिंग नहीं होती<br />- बच्चा अपनी गति से सीखता है</p>
<p><strong>अनस्कूलिंग के ये हैं फायदे&nbsp;</strong></p>
<ul>
<li>इस एजुकेशन मेथड के कई फायदे हैं:</li>
</ul>
<p>- सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण<br />- परिवार के मूल्यों के अनुरूप शिक्षा<br />- परीक्षा से जुड़े तनाव से मुक्ति (शोध बताता है कि 40% बच्चों में से 10% को परीक्षा की चिंता होती है)<br />- बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह और जिज्ञासा बढ़ती है<br />- परिवार के सदस्यों के बीच अधिक निकटता<br />- लचीला कार्यक्रम जो परिवार-केंद्रित जीवनशैली को बढ़ावा देता है</p>
<p>अनस्कूलिंग एक ऐसा विकल्प है जिसमें बच्चे स्वाभाविक जिज्ञासा के माध्यम से अपनी शिक्षा का नेतृत्व करते हैं, जबकि माता-पिता उनकी यात्रा में सहायक की भूमिका निभाते हैं.</p>
<p><br /><strong>भारत में होमस्कूलिंग/अनस्कूलिंग का वर्तमान सिनेरियो</strong></p>
<p>भारत में होमस्कूलिंग की अवधारणा विश्व के अन्य देशों से अलग है. यह एक रातोंरात आई प्रथा नहीं है, बल्कि 1970 के दशक से शुरू हुए बदलावों का परिणाम है, जिसने भारत में शिक्षा के वैकल्पिक तरीकों के प्रति नया दृष्टिकोण पैदा किया.</p>
<p>भारतीय माता-पिता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार हर बच्चे के ‘शिक्षा के अधिकार’ को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी कारण भारतीय न्यायिक प्रणाली होमस्कूलिंग या ऑनलाइन शिक्षा को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की किसी भी धारा (विशेषकर धारा 18 और 19) का उल्लंघन नहीं मानती है.</p>
<p><strong>भारत में अनस्कूलिंग की वैधता पर विचार</strong></p>
<p>भारत में अनस्कूलिंग (जो होमस्कूलिंग से थोड़ा अलग है, क्योंकि इसमें औपचारिक पाठ्यक्रम का पालन नहीं किया जाता) की वैधता एक ग्रे एरिया है. हालांकि RTE अधिनियम आधिकारिक तौर पर होमस्कूलिंग या अनस्कूलिंग को मान्यता नहीं देता, लेकिन इसे अवैध भी नहीं घोषित करता.</p>
<p>2010 में, गुजरात उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया था जिसमें कहा गया था कि माता-पिता अपने बच्चों को घर पर शिक्षा देने का विकल्प चुन सकते हैं, बशर्ते वे बच्चे के ऑल राउंड डेवलपमेंट को सुनिश्चित करें. वर्तमान में, कई भारतीय परिवार विभिन्न ऑनलाइन स्कूलों, ओपन स्कूलिंग सिस्टम (जैसे NIOS) या विदेशी बोर्ड के माध्यम से होमस्कूलिंग का विकल्प चुन रहे हैं, जो कानूनी रूप से स्वीकार्य है.</p>
<p>अनस्कूलिंग के संदर्भ में, यह आवश्यक है कि बच्चे के सीखने के अनुभव को दस्तावेजित किया जाए और वह कुछ मानक मूल्यांकनों में भाग ले, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसका शैक्षिक विकास हो रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
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नॉर्वे की कंपनी अमेरिकी सेना को नहीं करेगी फ्यूल सप्लाई, ट्रंप-जेलेंस्की की बहस के बाद की घोषणा

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Norway Firm stops Fuel Supply to US: नॉर्वे की एक तेल और शिपिंग कंपनी ने देश के बंदरगाहों पर रुके अमेरिकी सैन्य बलों की फ्यूल सप्लाई पर तुरंत रोक लगाने की घोषणा की है. कंपनी का ये फैसला शुक्रवार (28 फरवरी) को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के तनावपूर्ण बैठक के सीधी प्रतिक्रिया के रूप में आया है.

इसके बाद नॉर्वे की कंपनी हॉल्टबैक बंकर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक बयान जारी किया. कंपनी ने साल 2024 में अमेरिकी सेना के करीब 3,000,000 लीटर फ्यूल की सप्लाई की थी.

कंपनी ने फेसबुक पर किया पोस्ट

कंपनी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “आज हमने टीवी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के सबसे खराब शो को देखा है. हालांकि, अमेरिका की तरफ से एक टीवी शो दिखाया, लेकिन इसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति को खूब तारीफ करनी चाहिए कि उन्होंने इस दौरान धैर्य रखा और शांत रहे.”

इस नतीजा यह रहा कि कंपनी ने घोषणा की, “हमने नॉर्वे के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले अमेरिकी जहाजों और नॉर्वे में अमेरिकी सेना की फ्यूल सप्लाई को तुरंत रोक लगाने का निर्णय लिया है.” हालांकि, कंपनी ने अपने फेसबुक पेज पर हेवी ट्रैफिक को देखते हुए पोस्ट को डिलीट कर दिया.

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक

अमेरिका के व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में शुक्रवार (28 फरवरी) को रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापित करने और यूक्रेन-अमेरिका के बीच संभावित खनिज समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बैठक हुई थी. लेकिन इस बैठक के दौरान दोनों देशों के नेताओं की बातचीत एक तनावपूर्ण स्थिति में बदल गई.

बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूक्रेने के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की खुलेआम आलोचना की और उन पर रूस के शांति समझौते को ठुकराते हुए वैश्विक शांति को खतरे में डालने का आरोप लगाया. इस दौरान ट्रंप ने जेलेंस्की पर अमेरिका के समर्थन को उचित सम्मान न देने का भी आरोप लगाया.

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सचिन और धोनी से बहुत आगे निकल गए हैं विराट कोहली, 300 वनडे मैचों के बाद जानिए कौन सबसे बेहतर

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Virat Kohli 300th ODI Match: विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने वनडे करियर के 300वें वनडे मैच में उतरने वाले हैं. उनसे पहले एमएस धोनी और सचिन तेंदुलकर समेत 6 भारतीय खिलाड़ी इस उपलब्धि को प्राप्त कर चुके हैं.वो दुनिया के ऐसे पहले खिलाड़ी बनने जा रहे हैं, जो 300 वनडे, 100 टेस्ट और 100 टी20 मैच खेले हैं. इस ऐतिहासिक करियर में वो 27,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय रन और 82 शतक लगाने समेत कई उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं. यहां आइए जानते हैं कि 300 वनडे मैचों तक सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी का रिकॉर्ड कैसा था?

300 वनडे मैचों के बाद कहां थे सचिन और धोनी

सचिन तेंदुलकर की बात करें तो उन्होंने अपने 300 वनडे मैच पूरे करने तक 11,544 रन बना लिए थे. उस समय तक तेंदुलकर ने अपने एकदिवसीय करियर में कुल 30 शतक लगाए थे. उन्होंने अपना 300वां वनडे मैच सन 2002 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जिसमें वो 7 रन ही बना पाए थे.

दूसरी ओर एमएस धोनी पर नजर डालें तो वो 300वां वनडे मैच खेलने तक 9,657 रन बना चुके थे. धोनी ने 300 मैचों में 9 शतकीय पारी खेली थीं और इस समय तक उनका औसत 52.20 का था. धोनी ने भी सचिन तेंदुलकर की तरह अपने करियर का 300वां वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने नाबाद 49 रनों की पारी खेली थी.

विराट कोहली का अब तक वनडे करियर

विराट कोहली ने अब तक 299 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें वो 14,085 रन बना चुके हैं. सचिन तेंदुलकर की तुलना में विराट बहुत आगे निकल चुके हैं. जहां 300 वनडे मैचों के बाद सचिन ने 30 सेंचुरी लगाई थीं, वहीं विराट अब तक 51 शतक लगा चुके हैं. अब तक विराट ने 58.20 के बेहतरीन औसत से रन बनाए हैं और अब अपना 300वां मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेंगे. अब तक सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी, राहुल द्रविड़, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली और युवराज सिंह ही ऐसा कर पाए हैं.

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Ramadan 2025: रमजान का पहला रोजा आज, रोजेदार एक क्लिक में जानें पूरे महीने सहरी-इफ्तार का समय

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Ramadan 2025 Sehri Iftar Timing: इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए रमजान का महीना खास महत्व रखता है, जिसमें मुख्य रूप से रोजा रखना और अल्लाह की इबादत करना महत्वपूर्ण माना जाता है. रमजान को इबादत, रहमत और बरकतों वाला पवित्र महीना माना गया है. इस साल माह-ए-रमजान की शुरुआत रविवार, 2 मार्च 2025 से हो चुकी है.

रमजान में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज है. क्योंकि रोजा इस्लाम के पांच मूलभूत स्तंभों में एक है. शाबान महीने के अंतिम दिन चांद का दीदार होने के बाद से ही रमजान महीने की शुरुआत हो जाती है जोकि इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना होता है. इस पूरे महीने रोजेदार रोजा रखते हैं. 29-30 दिनों का रोजा पूर्ण होने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है.

रमजान में पूरे महीने नियमित रूप से  रोजा रखा जाता है और इस दौरान पांच वक्त की नमाज भी अदा की जाती है. इसे फजिर, दुहर, असर, मगरिब और इशा की नमाज कहते हैं. रोजे की शुरुआत सुबह सूरज निकलने के कुछ समय पहले ही हो जाती है. इस समय रोजेदार हल्का भोजन करते हैं जिसे ‘सहरी’ कहते हैं. सहरी करने के साथ ही व्रत का संकल्प लिया जाता है. सहरी के बाद पूरे दिन खाना-पीना वर्जित होता है. इसके बाद शाम में इफ्तार की जाती है. रोजा में अन्न-जल के साथ ही मन में आ रहे बुरे विचारों का भी त्याग करना और गुनाहों से तौबा करना होता है. रोजेदार यहां देखें रजमान महीने में सहरी-इफ्तार के समय का पूरा कैलेंडर-




रमजान 2025 सहरी-इफ्तार टाइमिंग (Ramadan 2025 Full Calendar Sehri and Iftar Timings)

































तारीख (Date) सहरी (Sehri Time)  इफ्तार (Iftar Time)
रविवार, 2 मार्च 2025 सुबह 05:26 शाम 06:22
सोमवार, 3 मार्च 2025 सुबह 05:26 शाम 06:23
मंगलवार, 4 मार्च 2025 सुबह 05:24 शाम 06:23
बुधवार, 5 मार्च 2025 सुबह 05:23 शाम 06:24
गुरुवार, 6 मार्च 2025 सुबह 05:22 शाम 06:25
शुक्रवार, 7 मार्च 2025 सुबह 05:21 शाम 06:25
शनिवार, 8 मार्च 2025 सुबह 05:20 शाम 06:26
रविवार, 9 मार्च 2025 सुबह 05:19 शाम 06:26
सोमवार, 10 मार्च 2025 सुबह 05:18 शाम 06:27
मंगलवार, 11 मार्च 2025 सुबह 05:17 शाम 06:28
बुधवार, 12 मार्च 2025 सुबह 05:16 शाम 06:28
गुरुवार, 13 मार्च 2025 सुबह 05:14 शाम 06:29
शुक्रवार, 14 मार्च 2025 सुबह 05:13 शाम 06:29
शनिवार, 15 मार्च 2025 सुबह 05:12 शाम 06:30
रविवार, 16 मार्च 2025 सुबह 05:11 शाम 06:31
सोमवार, 17 मार्च 2025 सुबह 05:10 शाम 06:31
मंगलवार, 18 मार्च 2025 सुबह 05:09 शाम 06:32
बुधवार, 19 मार्च 2025 सुबह 05:07 शाम 06:32
गुरुवार, 20 मार्च 2025 सुबह 05:06 शाम 06:33
शुक्रवार, 21 मार्च 2025 सुबह 05:05 शाम 06:33
शनिवार, 22 मार्च 2025 सुबह 05:04 शाम 06:34
रविवार, 23 मार्च 2025 सुबह 05:02 शाम 06:35
सोमवार, 24 मार्च 2025 सुबह 05:01 शाम 06:35
मंगलवार, 25 मार्च 2025 सुबह 05:00 शाम 06:36
बुधवार, 26 मार्च 2025 सुबह 04:59 शाम 06:36
गुरुवार, 27 मार्च 2025 सुबह 04:57 शाम 06:37
शुक्रवार, 28 मार्च 2025 सुबह 04:56 शाम 06:37
शनिवार, 29 मार्च 2025 सुबह 04:55 शाम 06:38
रविवार, 30 मार्च 2025 सुबह 04:55 शाम 06:38

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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एफआईआई की बिकवाली के बीच पीयूष गोयल बोले, FII नहीं, घरेलू निवेशक तय करेंगे भारत का भविष्य

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Stock Market: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि भारत का भविष्य विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) नहीं, बल्कि घरेलू निवेशक तय करेंगे. उन्होंने इंडस्ट्री से छोटे निवेशकों के हितों की सुरक्षा करने और बाजार में उतार-चढ़ाव को कम करने का आग्रह किया है. 

पीयूष गोयल ने कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 70 लाख करोड़ रुपये हैं और जल्द ही 100 लाख करोड़ रुपये हो जाएंगी, जो बाजार पर हावी होगी. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) समिट 2025 में अपने संबोधन के दौरान गोयल ने कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्तीय साक्षरता को प्रोत्साहित किया है और उद्योग और निवेशकों तक नए वित्तीय विचारों को पहुंचाकर भारत की विकास गाथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

केंद्रीय मंत्री ने कोविड के बाद एफआईआई द्वारा पैदा की गई कमी को पूरा करने के लिए घरेलू निवेशकों की सराहना की है. पीयूष गोयल ने कहा, “घरेलू निवेशकों के साथ-साथ एसआईपी जैसे निवेश के तरीकों ने बाजार को सहारा दिया है. उन्होंने देश के हर हिस्से में वित्तीय जागरूकता और वित्तीय उत्पादों को फैलाने में मदद की है. बड़े पैमाने पर फंड का प्रवाह और निवेशकों के बीच आकर्षक शेयरों को खोने का डर राइटसाइजिंग के दौरान निवेशकों के बीच संकट लेकर आया. 

गोयल ने कहा कि बाजार की एकतरफा राह पर चलने की कभी न खत्म होने वाली क्षमता के बारे में बहुत सारी गलत सूचनाएं जारी हुई हैं. उन्होंने शेयर बाजार की अनिश्चितता को इंडस्ट्री और उसके छोटे निवेशकों के लिए एक वेक-अप कॉल बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि एएमएफआई को भी गुमराह निवेशकों को बाकी लोगों से अलग कर अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत होना चाहिए. हाल की उथल-पुथल के दौरान भी हिम्मत वाली कंपनियों ने शेयर बाजार में उचित मूल्य बनाए रखा है. 

गोयल ने कहा, “बाजार के प्रति इंडस्ट्री के कर्तव्य और जिम्मेदारियां निवेशकों को अल्पावधि में मिलने वाले लाभदायक रिटर्न से कहीं अधिक हैं. ” उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी खर्च और निजी पूंजीगत व्यय में वापसी के संकेत मिल रहे हैं.  म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अपने निवेशकों के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री ने प्रतिभागियों से निवेशकों को जोखिम लेने से सावधान करने में अधिक सतर्क रहने का आग्रह किया. 

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