IPO Alert: NAPS IPO Price Band, GMP, Lot Size: कितने का Profit कर सकते हैं? | Review | Paisa Live

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इस Video में हम NAPS IPO के बारे में पूरी जानकारी देंगे, जिसमें IPO की GMP, Price Band, और Lot Size शामिल हैं। NAPS IPO के बारे में सभी important details जानें, जैसे इसके Launch Date, Subscription Dates, और Expected Returns। हम इसके Risks और Benefits पर भी चर्चा करेंगे, ताकि आप सही निर्णय ले सकें। अगर आप NAPS IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं तो इस वीडियो को जरूर देखें। NAPS IPO के बारे में सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें और Comment करें!                                      

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लगता है पहली बार पाला पड़ा है…शॉपिंग माल में एस्क्लेटर से ऐसे उतरीं भौजाई, आने लगे चक्कर

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शहर के मॉल और रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर लगे होना आम बात है, लेकिन जब कोई पहली बार इस पर चढ़ता है तो उसके रिएक्शन देखने लायक होते हैं. हाल ही में ऐसा ही एक मजेदार वीडियो सामने आया है, जिसमें दो गांव की भाभियां पहली बार एस्केलेटर पर चढ़ने की कोशिश करती हैं, लेकिन उतरने के वक्त ऐसा कंफ्यूजन मचता है कि आप हंस हंसकर लोटपोट हो जाएंगे. वीडियो में एस्केलेटर पर फुलऑन ड्रामा चल रहा है. जिसके बाद दोनों भाभियों का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

एस्केलेटर पर चढ़ती भाभियों का वीडियो हो रहा वायरल

वीडियो में दिख रहा है कि दो भाभियां डरते डरते एस्केलेटर पर चढ़ती हैं और एक दूसरे का हाथ पकड़कर सहारा लेती हैं फिर वहीं बैठ जाती हैं. जैसे तैसे नीचे पहुंचती हैं, लेकिन उतरने की बारी आते ही ड्रामा शुरू हो जाता है. पहली भाभी ने जैसे ही कदम रखा, बैलेंस बिगड़ गया और वह वहीं रुक गई लेकिन जैसे तैसे वो पार पा गई. लेकिन दूसरी भाभी पीछे से चिल्लाने लगी और वापस चलती सीढ़ी पर उल्टी जाने लगी. फिर हिम्मत दिखाते हुए जैसे ही भाभी ने जमीन पर कदम रखा वो धड़ाम से नीचे गिर पड़ी.


एक दूसरे का हाथ पकड़ बुरी तरह से कांपी भाभियां

वीडियो में दिख रहा है कि दो भाभियां पहले तो डरी डरी एस्केलेटर पर चढ़ती हैं, दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर ऐसे कांप रही हैं जैसे किसी तूफान से जूझ रही हों. ऊपर तो पहुंच गईं, लेकिन उतरने की बारी आई, तो पैर कांपने लगे. इस पूरी घटना का वीडियो वहां खड़े लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के लिए हंसी का पात्र बना हुआ है. हालांकि भाभियों के हाथ में हेलमेट है जिससे लग रहा है कि कोई तीसरा शख्स भी उनके साथ है जो उन्हें एस्केलेटर से उतरना सिखा रहा है.

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यूजर्स ने लिए मजे

वीडियो को rjkisnaa नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई भाभियों को रोज लेकर आओ और उन्हें ट्रेनिंग दो. एक और यूजर ने लिखा…अरे भाभी तो गिर पड़ी. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कैसे लोग हैं, मदद की बजाए वीडियो बना रहे हैं.

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पहले रोहित शर्मा को कहा मोटा, अब दी सफाई; ‘विवादित’ टिप्पणी करने वाली कांग्रेस नेता ने क्या कहा

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कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा पर आपत्तिजनक टिपण्णी (Shama Mohamed tweet on Rohit Sharma) करने के बाद चौतरफा घिर गई हैं. खुद उनकी पार्टी ने भी उन्हें फटकार लगाई है. बीसीसीआई ने भी इसे अनुचित बयान कहा है. शमा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर रोहित शर्मा को मोटा कहा था. पिछले साल अपनी कप्तानी में टीम को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले रोहित शर्मा को उन्होंने अप्रभावी कप्तान बताया था. उन्होंने वो विवादित ट्वीट डिलीट तो कर दिए हैं लेकिन अब अपने उस बयान को लेकर सफाई दी है.

शमा मोहम्मद की रोहित शर्मा को लेकर किए गए ट्वीट आपत्तिजनक थे, जिसका बचाव शायद ही कोई करेगा. उन्होंने रोहित शर्मा को मोटा कहा, जो किसी की शरीर का मजाक उड़ाना है. ऐसे में विपक्षी पार्टियों ने भी इसका विरोध जताया, उनकी खुदकी पार्टी भी उनका बचाव नहीं कर सकी. उन्हें अपने वो ट्वीट डिलीट करने पड़े. हालांकि अब उनकी सफाई आई है, उसमें वह लोकतंत्र का हवाला देकर बोल रही हैं कि ये उनका अधिकार है.

शमा मोहम्मद ने दी सफाई

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शमा ने कहा, “यह एक खिलाड़ी की फिटनेस के बारे में एक सामान्य ट्वीट था. यह बॉडी शेमिंग नहीं थी मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि एक खिलाड़ी को फिट रहना चाहिए, और मुझे लगा कि उसका वजन थोड़ा ज़्यादा है, इसलिए मैंने बस उसके बारे में ट्वीट किया. मुझ पर बिना किसी कारण के हमला किया गया. जब मैंने उनकी तुलना पिछले कप्तानों से की, तो मैंने एक बयान दिया. कहने में क्या ग़लत है? मुझे इसका अधिकार है, यह लोकतंत्र है.

शमा मोहम्मद ने की विराट कोहली की तारीफ

शमा मोहममद ने आगे कहा, “जब पाकिस्तान से हारे थे, तब लोग मोहम्मद शमी पर हमला कर रहे थे. बतौर अच्छे कप्तान उनके साथ खड़े रहे. जब भी कोई युवा खिलाड़ी कैच पकड़ता है, वह (Virat Kohli) उसे गले लगाता है. टीम को फ्रंट से लीड करता है. वह अपनी टीम के लिए रन बनाता है. और जब कोई विरोधी टीम अच्छा करती है, वह उसकी भी सराहना करता है.”

रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया 2023 के वनडे फाइनल में पहुंची. अगले साल 2024 में भारत ने उनकी कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता. रोहित की कप्तानी में इंडिया अभी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 खेल रही है, उसमें भी टीम सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी. उसका सेमीफाइनल मैच 4 मार्च को ऑस्ट्रेलिया से है. बतौर प्लेयर रोहित शर्मा के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में काफी रिकॉर्ड हैं, बतौर कप्तान भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है. आईपीएल में उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस 5 बार चैंपियन बन चुकी है.



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छावा फेम एक्टर विनीत सिंह ने याद किए स्ट्रगल के दिन, बोले- शाहरुख खान के मन्नत के बाहर बैठता था

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Vineet Singh Struggle: विक्की कौशल की फिल्म छावा इन दिनों धूम मचा रही है. इस फिल्म ने तकरीबन 475 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. फिल्म में एक्टर विनीत सिंह भी नजर आए हैं. फिल्म में विनीत सिंह के काम की काफी चर्चा हो रही है. विनीत सिंह आज जिस मुकाम पर हैं उसे पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है. विनीत सिंह ने बहुत स्ट्रगल देखा है. 

अब एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब भी वो हताश होते हैं तो वो शाहरुख खान के घर मन्नत के बाहर जाकर बैठ जाते थे.

‘मन्नत देता है हौसला’

Just Too Filmy से बातचीत में विनीत ने कहा, ‘मन्नत हम जैसों के लिए हिम्मत है. मन्नत एक ऐसा पता है जो बताता है कि इस शहर मैं आपका एक मकान हो सकता है. मन्नत इस बात का प्रमाण है जो उन सपनों को दखने वाली आंखों को एक हौसला देता है कि सपने हाथ पकड़े रखना. ये शहर जादूई शहर है. ना जाने कब कौन कहां मिल जाए और आपकी गड़ी चल निकले. ‘


विनीत ने कहा, ‘कई बार ऐसा हुआ कि जब मैंने हताश महसूस किया. मैं मन्नत के बाहर जाकर बैठ जाता हूं. चाय लेता हूं और देखता रहता हूं. मैं सोचता ये था कि अगर शाहरुख खान यहां तक आए. ये मकान नहीं ये हिम्मत है. इसीलिए मैं जाता हूं और महसूस करता हूं और वापस आ जाता हूं.’

इन फिल्मों में दिखे विनीत सिंह

विनीत के काम की बात करें तो उन्होंने 2002 में फिल्म Pitaah से काम शुरू किया था. वो हथियार, चेन कुली की मेन कुली, जन्नत, सिटी ऑफ गोल्ड, गैंग्स ऑफ वासेपुर, अगली, गोरी तेरे प्यार में, मुक्केबाज, आधार, दास देव, सांड की आंख, गुंजन सक्सेना, घुसपैठिया जैसी फिल्में की हैं. उन्होंने ओटीटी पर भी काम किया है. वो बार्ड ऑफ ब्लड, बेताल और रंगबाज: डर की राजनीति में नजर आए.

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स्कैमर्स की चाल में बुरा फंसा बुजुर्ग, CBI अफसर बनकर ठग लिए लाखों, Scam से खुद को ऐसे रखें सेफ

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<p style="text-align: justify;">चंडीगढ़ में स्कैमर्स ने सरकारी अधिकारी बनकर भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी को लाखों का चूना लगा दिया. 79 वर्षीय पीड़ित को स्कैमर्स ने वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताकर 13 लाख रुपये ठग लिए. स्कैम के दौरान स्कैमर्स ने कभी CBI अधिकारी तो कभी मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर पीड़ित को डराया और उसका खाता खाली कर दिया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>13 जनवरी से शुरू हुआ मामला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 जनवरी को एयरफोर्स से रिटायर्ड अधिकारी सुरिंदर कुमार के एक कॉल आती है. कॉल करने वाले ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताया. उसने कुमार को कहा है कि अज्ञात कारणों से उनका मोबाइल नंबर 6 घंटों के लिए बंद किया जा रहा है. इससे चिंतित कुमार ने जब कंपनी के कस्टमर केयर से बात करनी चाही तो उन्हें एक और नंबर पर रिडायरेक्ट कर दिया गया. यहां बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को CBI अधिकारी बताया और कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनका नाम आया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डराने के लिए पुलिस अधिकारी बनकर की बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीड़ित को डराने के लिए स्कैमर्स ने मुंबई पुलिस का एक अधिकारी बनकर बात की. कॉल करने वाले ने कहा कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें पैसे देने पड़ेंगे. गिरफ्तारी से बचने के लिए कुमार स्कैमर्स को पैसे चुकाने के लिए तैयार हो गए. अगले कुछ दिनों के भीतर कुमार ने उन्हें 13 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर कर दिए. बाद में कुमार को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने 21 फरवरी को पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे मामलों से कैसे बचें?</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">अगर कोई सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करें तो संबंधित विभाग से उसकी पहचान जरूर सत्यापित करें.</li>
<li style="text-align: justify;">फोन या मैसेज पर किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से अपनी संवेदनशील जानकारी शेयर न करें.</li>
<li style="text-align: justify;">याद रखें कि असली सरकारी अधिकारी कभी भी पैसे की मांग या गिरफ्तारी की धमकी नहीं देंगे. ऐसी कॉल मिलने पर तुरंत जांच एजेंसियों से संपर्क करें.</li>
<li style="text-align: justify;">किसी भी अनजान व्यक्ति से आए मैसेज या ईमेल में मिले लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="दुनिया से अलग राह पर भारत, स्कूल में Smartphone ले जा सकेंगे छात्र, कोर्ट ने दिया आदेश" href=" target="_self">दुनिया से अलग राह पर भारत, स्कूल में Smartphone ले जा सकेंगे छात्र, कोर्ट ने दिया आदेश</a></strong></p>

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जानें क्या है दारुल उलूम हक्कानिया, जिसे कहा जाता है जिहाद की यूनिवर्सिटी

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Darul Uloom Haqqania: पाकिस्तान में एक धार्मिक स्कूल में आत्मघाती हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई  है. इसे ‘जिहाद की यूनिवर्सिटी’ कहा जाता है. यह विस्फोट खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दारुल उलूम हक्कानिया के भीतर स्थित मस्जिद में हुआ था

मरने वालों में स्कूल का प्रमुख हामिद उल हक भी शामिल था, जो तालिबान से जुड़ा हुआ था. यहां से तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर ने भी शिक्षा प्राप्त की हुई है. आइये जानते हैं कि दारुल उलूम हक्कानिया क्या है और इसे क्यों जिहाद की यूनिवर्सिटी कहा जाता है? 

1947 में हुई थी स्थापना

दारुल उलूम हक्कानिया उत्तरी शहर पेशावर से लगभग 55 किलोमीटर दूर अकोरा खट्टक में स्थित है. यहां लगभग 4,000 छात्र रहते हैं, जिन्हें मुफ्त में खाना, कपड़े और शिक्षा दी जाती है.इस विद्यालय की स्थापना 1947 में शेख अब्दुल हक ने की थी, जिन्होंने भारत के देवबंद में स्थित दारुल उलूम देवबंद मदरसा से शिक्षा प्राप्त की थी. 1866 में स्थापित यह मदरसा वह स्थान था जहां देवबंदी आंदोलन की शुरुआत हुई थी. इसमें इस्लाम के मूल सिद्धांतों की ओर लौटने की वकालत की गई थी.

भारत के विभाजन के बाद देवबंदी आंदोलन के अनुयायी पूरे दक्षिण एशिया में फैल गए और उन्होंने इस्लाम की शिक्षा देने वाले मदरसे स्थापित किए. इसी दौरान पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर अब्दुल हक ने दारुल उलूम हक्कानिया की स्थापना की. यह स्कूल जल्द ही क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों में से एक बन गया. यह स्कूल जल्द ही देवबंद विचारधारा का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र बन गया.

1988 में हुआ बदलाव 

1980 के दशक तक दारुल उलूम हक्कानिया सुर्खियों में नहीं आया था. टीआरटी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब्दुल हक की मृत्यु के बाद उनके बेटे समी उल हक ने 1988 में मदरसा की कमान संभाली और जिहाद के विचार को फैलाना शुरू कर दिया है. इसके बाद यहां पर तालिबान नेताओं को प्रशिक्षण दिया गया, जो अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ लड़ सके. इसके बाद पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों ने इस स्कूल का उपयोग अफगानिस्तान पर सोवियत आक्रमण का विरोध करने वाले विद्रोहियों की भर्ती और उनकी ट्रेनिंग के लिए किया.

जानें किस-किस ने की है यहां से पढ़ाई 

दारुल उलूम हक्कानिया के पूर्व छात्रों में तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर और हक्कानी नेटवर्क की स्थापना करने वाले जलालुद्दीन हक्कानी हैं. अल-कायदा की दक्षिण एशिया शाखा का नेता रहा आसिम उमर भी इस स्कूल में पढ़ चुका है.  वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोवियत संघ के अफ़गानिस्तान से चले जाने के बाद मदरसे ने तालिबान नेताओं के साथ अपने संबंध बनाए रखे, जिन्होंने 1990 के दशक के मध्य में काबुल पर कब्जा कर लिया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2001 में तालिबान सरकार को सत्ता से बेदखल करने में संयुक्त राज्य अमेरिका की मदद के बाद मदरसे ने कई विद्रोही तैयार किए, जिन्होंने अफ़गानिस्तान की अमेरिका समर्थित सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इन वजहों से समी उल हक को ‘तालिबान का जनक’ कहा जाने लगा. 2018 में उनकी हत्या के बाद उनके बेटे हामिद उल हक ने मदरसे की कमान संभाली और शुक्रवार को हुए विस्फोट में उनकी मौत हो गई.

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शुरू हो गए रमजान, जानिए फास्टिंग का बॉडी पर कैसे पड़ता है असर

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Roza Fasting Effects : रमजान का महीना शुरू हो गया है. मुस्लिम भाई-बहन इस पूरे महीने रोजा रख रहे हैं. वैसे तो फास्टिंग सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. इससे डाइजेस्टिव सिस्टम अच्छा होता है और शरीर डिटॉक्सिफाई. हालांकि, रोजेदारों को फास्टिंग में ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है.चूंकि इस बार गर्मी अभी से पड़ने लगी है और रमजान (Ramadan 2025) खत्म होते-होते और भी ज्यादा तापमान बढ़ सकता है. ऐसे में बुजुर्ग और बीपी, शुगर, थायराइड जैसी दवाईयां लेने वालों को खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. अपनी हेल्थ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं फास्टिंग का बॉडी पर कैसे असर पड़ता है…

फास्टिंग के फायदे

शरीर के अंदर की गंदगी साफ होती है.

पाचन तंत्र सुधरता है

दिमाग हेल्दी रहता है.

डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ से जुड़ी प्रॉब्लम्स दूर होती हैं.

फास्टिंग से ब्रेन को रेस्ट मिलता है.

रोजा रखने का सेहत पर क्या असर पड़ता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रमजान में रोजा रखने से शरीर पर करीब-करीब उसी तरह से असर होता है, जिस तरह इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) का. रोजे में लंबे समय तक बिना खाए रहने से पाचन तंत्र को अच्छा-खासा आराम मिलता है. इससे पेट की अच्छी तरह सफाई होती है. गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं. यह नेचुरल तरीके से शरीर को साफ करने में मदद करता है.

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रोजे रखने के फायदे

1. रोजे में खान-पान को लेकर कई तरह की सावधानियां बरती जाती हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म फास्ट होता है और शरीर की चर्बी ऊर्जा में बदलने लगती है. इससे वजन जल्दी कम होता है.

2. रोजा रखने से मन को काफी शांति मिलती है. तनाव, चिंता,डिप्रेशन दूर होता है. इससे मानसिक शांति मिलती है.

रोजा रखते समय इन बातों का दें ध्यान

रोजा में अपनी सेहत का ख्याल रखें. क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज से जूझ रहे हैं तो रोजा रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. इस दौरान ज्यादा देर तक खाली पेट होने से इंसुलिन से जुड़ी समस्या और ब्लड शुगर बढ़ सकता है. दवाओं में गैप होने से सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है. इसलिए बिना डॉक्टर से पूछे कुछ खाएं-पिएं नहीं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, बिहार पुलिस में निकली SI की भर्ती, ऐसे करें अप्लाई

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Bihar Sub Inspector Prohibition Jobs 2025: बिहार पुलिस में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने अवर निरीक्षक मद्य निषेध (Sub Inspector Prohibition) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है.

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आखिरी तारीख 27 मार्च 2025 तय की गई है. अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 28 पदों पर भर्ती की जाएगी. इस अभियान के लिए कौन-कौन कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं क्या उम्र और योग्यता आवश्यक है, आइए जानते हैं.

शैक्षिक योग्यता

बिहार पुलिस अवर निरीक्षक पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) या समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है.

उम्र सीमा

इसके साथ ही न्यूनतम आयु सीमा 20 वर्ष तय की गई है. वहीं, अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए 37 वर्ष और महिलाओं के लिए 40 वर्ष निर्धारित की गई है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. आयु की गणना 1 अगस्त 2024 के अनुसार की जाएगी.

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इतना देना होगा आवेदन शुल्क

इस भर्ती अभियान के लिए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. अप्लाई करने वाले सामान्य (Gen), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अन्य राज्य के उम्मीदवारों के लिए 700 रुपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है. जबकि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और बिहार राज्य की महिला अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये रखा गया है.

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ऐसे करें आवेदन

  1. सबसे पहले बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाएं.
  2. होम पेज पर “Prohibition Dept.” वाले लिंक पर क्लिक करें.
  3. अब रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके खुद को रजिस्टर करें और आवेदन शुल्क जमा करें.
  4. फिर “Fill Application Form” पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
  5. आवेदन पत्र जमा करने के बाद “View Application Status” पर क्लिक करके फॉर्म का स्टेटस चेक करें .
  6. इसके बाद उम्मीदवार पेज का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रख लें.

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Chandra Grahan 2025: होली पर चंद्रमा और केतु की युति से बनेगा ‘ग्रहण योग’, इन राशियों पर चंद्र

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Chandra Grahan 2025: साल 2025 में कुल चार ग्रहण लगने वाले हैं, जिसमें दो चंद्र और दो सूर्य ग्रहण होंगे. हालांकि इनमें सिर्फ एक ग्रहण ही भारत में नजर आएगा. साल का सबसे पहला ग्रहण धुलंडी होली पर लगने वाला है. आइए जानते हैं साल का पहला चंद्र ग्रहण किन राशियों के लिए होगा अधिक खतरनाक.

कन्या राशि में बनेगा ग्रहण योग

शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को धुलंडी पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा. लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ज्योतिष के अनुसार, अगर ग्रहण दृश्यमान न हो तो इसका धार्मिक कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन राशियां जरूर प्रभावित होती हैं. चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 09 बजकर 29 मिनट पर लगेगा और दोपहर 3 बजकर 29 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, जब ग्रहण लगेगा तब चंद्रमा कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे. वहीं कन्या राशि में पहले से ही केतु भी विराजमान रहेगे. ऐसे में कन्या राशि में चंद्रमा और केतु की युति बनेगी, जिससे ‘ग्रहण योग’ (Grahan Yog) का निर्माण होगा. ग्रहण योग मानसिक तनाव को बढ़ाता है और विभिन्न तरह की समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं.

इस राशि-नक्षत्र में जन्मे लोगों पर चंद्र ग्रहण का अधिक खतरा

ग्रहण के दौरान वैसे तो हर किसी को सावधानी बरतने की जरूरत रहती है. लेकिन 14 मार्च को चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है. ऐसे में कुछ राशि और नक्षत्र में जन्मे लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी, क्योंकि इन पर ग्रहण का अधिक प्रभाव पड़ सकता है.

ज्योतिष के मुताबिक, चूंकि ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इसलिए इस राशि और इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को चंद्र ग्रहण के समय खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस राशि और नक्षत्र में ग्रहण का गहरा प्रभाव पड़ सकता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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रामदेव अग्रवाल ने दिया लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप के बीच अंतर कम करने के ये टिप्स

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<p style="text-align: justify;"><strong>Share Market:</strong> भारतीय शेयर बाजार में मंदी जारी है. चारों ओर से बिकवाली का दबाव भी बढ़ता जा रहा है. NSE का निफ्टी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 16 परसेंट नीचे जा चुका है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और शेयर मार्केट के मझे हुए खिलाड़ी रामदेव अग्रवाल ने बाजार में आई इस भारी गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि और गिरावट आने से मार्केट तेजी से नीचे चला जाएगा.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">बाजार के सामने यह भी है बड़ी चुनौती</h3>
<p style="text-align: justify;">CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ”हर करेक्शन की एक नई कहानी है और यही मार्केट की खूबसूरती है. अभी हम करेक्शन कर रहे हैं क्योंकि अर्निंग प्रोफाइल धीमी हो गई है, लेकिन यह टूटा नहीं है. मार्केट रेगुलेटर ने हर पहलु पर सख्ती दिखाई है. चुनाव भी हुआ, सरकारी खर्च और अन्य कामों में देरी भी हुई, लेकिन यह दौर बीत गया.” इस दौरान उन्होंने निफ्टी पीई रेशो के 20 के नीचे आने का भी जिक्र किया, जो इसके 10 साल के औसत से भी नीचे है. इसी के साथ उन्होंने बाजार की एक और चुनौती को लेकर आगाह किया वह है लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में अंतर.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">लार्ज-मिड और स्मॉल कैप के बीच अंसतुलन</h3>
<p style="text-align: justify;">पिछले पांच सालों में निफ्टी में करीब 95-96 परसेंट की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि मिड-कैप शेयरों में 177-180 परसेंट तक का जबरदस्त उछाल देखने को मिला था. रामदेव अग्रवाल ने आगे कहा, ”अभी इनके बीच का अंतर काफी ज्यादा है. लगभग 100-110 परसेंट के बीच का अंतर समझ में आता है. यह अंतर इनके बीच अंसतुलन की ओर इशारा करता है. इस अंतर को कम करने के लिए लार्ज और मिड कैप में निवेश को आगे बढ़ाना होगा. इसी के साथ मिड और स्मॉल कैप के बीच का अंतर भी बहुत बड़ा लगता है.”</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज शेयर मार्केट का हाल</h3>
<p style="text-align: justify;">सोमवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान के साथ ओपन हुआ. निवेशक यह सोचकर खुश थे कि सेंसेक्स में सुधार आ रहा है, लेकिन इसके आधे घंटे बाद ही बाजार में फिर से गिरावट देखने को मिली. सोमवार को मार्केट ओपन होते ही सेंसेक्स में 400 अंकों से ज्यादा की बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा उछल गया, लेकिन आधे घंटे बाद ही दोनों गिर पड़े.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)</strong></p>
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