क्या भारत-बांग्लादेश के बीच कभी सुधरेंगे रिश्ते? मोहम्मद यूनुस ने कर दिया बड़ा खुलासा

[ad_1]

Muhammad Yunus On India Relations: बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से देश की कमान मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के हाथ में है. भारत के साथ पड़ोसी देश के संबंधों में दरार भी आई है. इसको लेकर मुहम्मद यूनुस का कहना है कि बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि संबंधों में कुछ खामियां थीं और ये दुष्प्रचार के कारण आई थीं.

बीबीसी बांग्ला को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, “बीच में कुछ संघर्ष देखा गया. मैं कहूंगा कि कुछ बादल छाए रहे. ये बादल ज्यादातर दुष्प्रचार की वजह से आए. दूसरे लोग भी इसे प्रोपेगेंडा ही मानेंगे.” बांग्लादेश में अंतरिम सरकार को सात महीने पूरे होने को हैं और राजनयिक सूत्रों का कहना है कि 4 अप्रैल, 2025 को बैंकॉक में आयोजित होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पहली बार आमने-सामने की बैठक हो सकती है.

‘भारत-बांग्लादेश के संबंध बहुत गहरे’

एक सवाल के जवाब में यूनुस ने कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और इसमें कोई गिरावट नहीं आई है. डॉ. यूनुस ने कहा कि इसके बाद कुछ गलतफहमियां पैदा हो गईं. उन्होंने कहा, “हम उन गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारे बुनियादी संबंधों में कोई समस्या नहीं है.” मुख्य सलाहकार ने कहा कि उन्होंने हमेशा समझाया है कि बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध बहुत गहरे हैं, रिश्ते अच्छे हैं और भविष्य में भी अच्छे बने रहेंगे.

‘भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना प्राथमिकता’

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध “ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से” बहुत करीबी हैं और वे इससे “विचलित नहीं हो सकते.” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच निरन्तर संवाद जारी है. 1 जनवरी को विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने स्पष्ट किया था कि 2025 में तीन बड़े देशों – भारत, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली के साथ ढाका के संबंध एक मुद्दे से आगे बढ़ेंगे.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में उथल-पुथल मचाने की कौन रच रहा साजिश? मोहम्मद यूनुस ने कर दिया बड़ा खुलासा

[ad_2]

IRCTC को भी मिला नवरत्न कंपनी का दर्जा, जानें क्या है इसका मतलब

[ad_1]

Indian Railway: सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) को  ‘नवरत्न’ का दर्जा देने की दी मंजूरी है. ‘नवरत्न’ का मतलब है कि इसे अब कुछ खास अधिकार मिलेंगे, जिससे ये अधिक स्वतंत्रता के साथ काम कर सकेगा. इससे पहले IRFC इस दर्जे से बाहर था. अब यह भारतीय रेलवे से जुड़ा 26वां ‘नवरत्न’ बन गया है.

क्या है ‘नवरत्न’ का मतलब?

IRFC एक सरकारी कंपनी है जो भारतीय रेलवे के लिए पैसे का इंतजाम करती है. इसका काम रेलवे को वित्तीय मदद देना है ताकि रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा सके. वित्तीय वर्ष 2023-24 में IRFC ने 26,644 करोड़ रुपये का कारोबार (टर्नओवर) किया और 6,412 करोड़ रुपये का मुनाफा (PAT) कमाया. इसके पास कुल 49,178 करोड़ रुपये की संपत्ति (नेट वर्थ) है.  ‘नवरत्न’ का दर्जा मिलने से IRFC को अपने फैसले खुद लेने में ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी. यह सरकारी कंपनी अब और बेहतर तरीके से काम कर सकेगी और रेलवे के विकास के लिए ज्यादा प्रभावी ढंग से काम कर पाएगी. इससे भारतीय रेलवे के लिए अधिक संसाधन जुटाए जा सकेंगे और इसके विस्तार में मदद मिलेगी. 

रेल मंत्री ने दी बधाई

रेल मंत्री ने इस उपलब्धि पर IRCTC और IRFC की टीम को बधाई दिया है. उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर लिखा, ”आईआरसीटीसी और आईआरएफसी की टीम को नवरत्न का दर्जा मिलने पर बधाई.” 

IRCTC को भी मिला नवरत्न कंपनी का दर्जा 

  • रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) IRCTC को नवरत्न का दर्जा मिलने के बाद अब ये सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ कंपनियों में 25वीं नवरत्न कंपनी बन गई है. 
  • IRCTC का सालाना टर्न ओवर ₹4,270.18 करोड़ रूपए है. साल 2020-24 में इसकी नेटवर्थ ₹3,229.97 Cr आंकी गई है.

ये भी पढ़ें:

Ola Electric से बाहर निकाले जाएंगे 1,000 से अधिक लोग! 5 महीने में दूसरी बार हो रही छंटनी



[ad_2]

IND vs AUS: ‘दुबई हमारा घर नहीं.’, पिच पर सवाल उठाने वालों को रोहित शर्मा ने दिया मुंह तोड़ जवाब

[ad_1]

Rohit Sharma press conference: चैंपियंस ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार को खेला जाएगा. इस मुकाबले की पूर्व संध्या पर टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा प्रेस कांफ्रेंस में आए. इस दौरान उनसे दुबई में टीम इंडिया को मिल रहे फायदे पर उठ रहे सवालों को लेकर पूछा. कप्तान रोहित ने इसका करारा जवाब दिया. टीम इंडिया टूर्नामेंट (Champions Trophy 2025) के सभी मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही खेल रही है, यहां तक अगर इंडिया फाइनल में पहुंची तो खिताबी भिड़ंत भी इसी ग्राउंड पर होगी.

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का मेजबान पाकिस्तान है. हालांकि बीसीसीआई ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि वह अपनी टीम सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान नहीं भेज सकती. तय हुआ कि भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगी. मेजबान पाकिस्तान को भी भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज का मुकाबला खेलने के लिए दुबई आना पड़ा. इस पर कई लोग सवाल उठा चुके हैं, उनके अनुसार अन्य टीमें अलग अलग ग्राउंड पर खेल रही है जबकि भारत सिर्फ एक ही ग्राउंड पर खेलेगी. 

कहा गया कि टीम इंडिया को टूर्नामेंट के दौरान एक ही वेन्यू पर खेलना है तो उसे ट्रेवल भी नहीं करना होगा. जबकि अन्य टीमें पाकिस्तान और दुबई के बीच ट्रेवल करेगी. इसको लेकर कप्तान रोहित शर्मा से प्रेस कांफ्रेंस में पूछा गया तो उन्होंने इसका मुह तोड़ जवाब दिया. 

दुबई हमारा घर नहीं, हमें भी पिच के बारे में नहीं पता- रोहित शर्मा

“ऐसा नहीं है कि हम जानते हैं कि इन पिचों पर क्या होने वाला है. हम नहीं जानते कि सेमीफाइनल में किस पिच का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन जो भी हो, हमें उसके अनुसार ढलना होगा और देखना होगा कि यह कैसा रहता है. और यह हमारा घर भी नहीं है, यह दुबई है. हम यहां बहुत ज़्यादा मैच नहीं खेलते, यह हमारे लिए भी नया है.”

रोहित शर्मा ने आगे कहा, “हमारी टीम ने जो 3 मैच खेले हैं, उनमें सतह की प्रकृति एक जैसी थी, लेकिन सभी मैचों में पिच ने अलग-अलग व्यवहार किया.

न्यूजीलैंड के खिलाफ, हमने देखा कि जब उनके तेज गेंदबाजों ने गेंद को स्विंग और सीम किया. पिछले दोनों मैचों में हमारे गेंदबाज पहले गेंदबाजी कर रहे थे और तब हमने ऐसा नहीं देखा था. और शाम को, मौसम यहां थोड़ा ठंडा होता है, इसलिए गेंद के स्विंग होने की संभावना होती है.

[ad_2]

सत्ता हिलाने फिर लौटी ‘महारानी’, हुमा कुरैशी की सीरीज का दमदार टीजर आउट

[ad_1]

Maharani Season 4 Teaser Released: बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी एक बार फिर अपनी सीरीज ‘महारानी’ के चौथे सीजन के साथ लौट रही है. आज यानि सोमवार के दिन मेकर्स ने ‘महारानी 4’ का टीजर रिलीज कर दिया है. जिसमें एक बार फिर हुमा का दमदार किरदार देखने को मिला है. आप भी डालिए इसके वीडियो पर एक नजर…

महारानी 4का टीजर हुआ रिलीज

महारानी वेब के पहले तीन सीजन को दर्शकों ने खासा पसंद किया है. इनकी अपार सफलता के बाद अब हुमा कुरैशी सीरीज के चौथे सीजन के साथ वापिस लौट रही हैं. सीरीज का टीजर सोमवार को रिलीज हो चुका है. जिसमें एक बार फिर हुमार रानी भारती के किरदार में धांसू एंट्री लेती हुई नजर आई हैं.


हुमा कुरैशी के साथ हुई टीजर की दमदार शुरुआत

‘महारानी 4’ का टीजर 50 सेकंड का है. जिसे सोनी लिव ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर रिलीज किया है. टीजर की शुरुआत हुमा के साथ होती है. जो कहती हैं कि ‘किसी ने हमें ग्वारिन कहा, किसी ने हत्यारन, लेकिन हमें सत्ता से नहीं परिवार से मोह और हमारा परिवार बिहार है. कोई उसे चोट पहुंचाएगा तो हम सत्ता हिला डालेंगे..’ टीजर में हुमा का चेहरा नजर नहीं आ रहा लेकिन उनकी दमदार आवाज दर्शकों का दिल जीत रही है. यूजर्स वीडियो को खूब लाइक कर रहे हैं.

कब रिलीज होगा महारानीका चौथा सीजन?

इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया कि, ‘हो जाइए तैयार, महारानी का स्वागरत करिए चौथी बार..’ महारानी 4 के इस छोटे से टीजर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. फैंस अब सीरीज के रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि अभी तक इसकी रिलीज डेट की घोषणा नहीं हुई है. लेकिन माना जा रहा है कि सीरीज का चौथा सीजन जल्द ही सोनी लिव (Sony Liv) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें –

वन शोल्डर टॉप संग मैचिंग स्कर्ट में करीना कपूर ने दिखाया स्वैग, शूटिंग लोकेशन से सामने आईं तस्वीरें

 

 

 



[ad_2]

शिक्षा में मातृभाषा की अनदेखी, करोड़ों छात्रों के सपनों के बीच भाषा बनी दीवार!

[ad_1]

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन की वैश्विक शिक्षा निगरानी (जीईएम) टीम की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी को उस भाषा में शिक्षा हासिल करने की सुविधा नहीं मिल रही है जिसे वे बोलते या समझते हैं. कुछ निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. इस रिपोर्ट में शिक्षा के क्षेत्र में बहुभाषी नीतियों की जरूरत पर जोर दिया गया है.

विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में भी भाषा का मुद्दा शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करता रहा है. यहां शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी या हिंदी होने के कारण कई क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले छात्र समझ की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई शिक्षकों को मातृभाषा में पढ़ाने का प्रशिक्षण नहीं मिलता है. रीजनल लैंग्वेज में पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं होती है. कुछ माता-पिता अंग्रेजी को ही प्राथमिकता देते हैं, जिससे मातृभाषा में शिक्षा को कम समर्थन मिलता है. शहरों में विभिन्न भाषाई बैकग्राउंड के छात्रों की संख्या बढ़ने से शिक्षा के माध्यम की समस्या बढ़ गई है.

यह भी पढ़ें: बैंक ऑफ इंडिया में ग्रेजुएट्स कैंडिडेट्स के लिए मौका, इस डेट तक कर सकते हैं आवेदन

यूनेस्को ने क्या कहा
यूनेस्को ने सुझाव दिया कि सभी देशों को बहुभाषी शिक्षा नीतियों को लागू करना चाहिए जिससे प्रत्येक शिक्षार्थी को समान अवसर मिले. इसके लिए शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम में सुधार और भाषाओं के प्रति संवेदनशील नीति अपनाने की जरूरत बताई गई है.

यह भी पढ़ें: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और ISRO के साइंटिस्ट इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कर चुके हैं पढ़ाई, जानिए कैसे मिलता है एडमिशन

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर रिपोर्ट जारी
यह रिपोर्ट 25वें अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रकाशित की गई जिसमें भाषा संरक्षण और इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि 3.1 करोड़ से अधिक विस्थापित युवा भाषा संबंधी बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं.

यह भी पढ़ें: Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

संगीत की लाइव मौत! चाहत फतेह अली खान ने गाया चल छैय्यां छैय्यां, कानों से आ जाएगा खून

[ad_1]


चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की मूर्ति किस दिशा में रखें, क्या है नियम

[ad_1]

चैत्र नवरात्रि में  माता की तस्वीर उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) की ओर स्थापित करें. ये देव दिशा मानी गई है. इस दिशा में माता की पूजा करने से पूजा जल्द सफल होती है.

चैत्र नवरात्रि में माता की तस्वीर उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) की ओर स्थापित करें. ये देव दिशा मानी गई है. इस दिशा में माता की पूजा करने से पूजा जल्द सफल होती है.

वास्तु के हिसाब से मां दुर्गा की प्रतिमा को लकड़ी के पाट पर रखें. अगर आपके पास चंदन की चौकी हो तो उस पर भी रख सकते हैं. लकड़ी या चंदन की चौकी सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है. image 2

वास्तु के हिसाब से मां दुर्गा की प्रतिमा को लकड़ी के पाट पर रखें. अगर आपके पास चंदन की चौकी हो तो उस पर भी रख सकते हैं. लकड़ी या चंदन की चौकी सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है. image 2

वास्तु के अनुसार चैत्र नवरात्र के दौरान घर की दक्षिण दिशा में मां दुर्गा की तस्वीर या घटस्थापना नहीं करनी चाहिए. यह दिशा यमराज की मानी जाती है.

वास्तु के अनुसार चैत्र नवरात्र के दौरान घर की दक्षिण दिशा में मां दुर्गा की तस्वीर या घटस्थापना नहीं करनी चाहिए. यह दिशा यमराज की मानी जाती है.

नवरात्रि में घट स्थापित कर रहे हैं या 9 दिन तक व्रत करते हैं तो घर को कभी सूना न छोड़ें. माता की तस्वीर विराजमान करने के बाद रोजाना नौ दिन विधिविधान से पूजन करें, नहीं तो पूजा का फल नहीं मिलता.

नवरात्रि में घट स्थापित कर रहे हैं या 9 दिन तक व्रत करते हैं तो घर को कभी सूना न छोड़ें. माता की तस्वीर विराजमान करने के बाद रोजाना नौ दिन विधिविधान से पूजन करें, नहीं तो पूजा का फल नहीं मिलता.

माता की तस्वीर या घटस्थापना के लिए आप जिस जगह का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो गंदी नहीं होनी चाहिए. घट में मिट्टी और गंदा पानी न भरें.

माता की तस्वीर या घटस्थापना के लिए आप जिस जगह का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो गंदी नहीं होनी चाहिए. घट में मिट्टी और गंदा पानी न भरें.

घट को यदि एक बार स्थापित कर दिया है, तो उसे नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान गलती से भी न हिलाएं.

घट को यदि एक बार स्थापित कर दिया है, तो उसे नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान गलती से भी न हिलाएं.

Published at : 03 Mar 2025 03:08 PM (IST)

ऐस्ट्रो फोटो गैलरी

ऐस्ट्रो वेब स्टोरीज

[ad_2]

दुनिया से अलग राह पर भारत, स्कूल में Smartphone ले जा सकेंगे छात्र, कोर्ट ने दिया आदेश

[ad_1]

स्कूलों में छात्रों के Smartphone यूज करने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता. स्कूलों में छात्रों के स्मार्टफोन यूज करने पर कोर्ट ने कहा कि यह डिवाइस छात्रों और परिजनों के बीच कॉर्डिनेशन बनाए रखने समेत कई काम आता है, जिससे बच्चों की सेफ्टी सुनिश्चित होती है. दुनिया के अन्य कई देशों के स्कूलों में मोबाइल पर बैन है. ऐसे में भारत एक नई राह पर चलता नजर आ रहा है.

स्कूल में फोन के यूज को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता- कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि नीतिगत तौर पर छात्रों को स्कूलों में स्मार्टफोन ले जाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन इसके इस्तेमाल पर निगरानी रखी जा सकती है. छात्र स्कूल में सुरक्षित जगह पर अपना फोन रख सकते हैं और घर जाते समय इसे वापस ले जा सकते हैं. क्लासरूम में अनुशासन बनाए रखने के लिए क्लास में फोन के यूज पर प्रतिबंध होना चाहिए और कॉमन एरिया और स्कूल वाहन में स्मार्टफोन के कैमरा और रिकॉर्डिंग के इस्तेमाल पर पाबंदी रहनी चाहिए.

छात्रों का स्मार्टफोन का नैतिक उपयोग सीखाएं

कोर्ट ने अपने ऑर्डर में यह भी कहा कि स्कूलों को अपने छात्रों को जिम्मेदारीपूर्ण ऑनलाइन बर्ताव, डिजिटल मैनर और फोन के नैतिक उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए. इसके अलावा छात्रों को ज्यादा स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग और बैचेनी आदि से बचने के लिए काउसिंलिग आदि देनी चाहिए. 

दुनिया से अलग राह पर निकला भारत

अमेरिका और फ्रांस समेत दुनिया के कई देशों में छात्रों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. स्वीडन में 2 साल से कम के बच्चे को स्क्रीन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. किशोरावस्था में भी छात्र सीमित समय तक स्क्रीन यूज कर सकते हैं. इसी तरह अमेरिका भी स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर नियम बनाने पर विचार कर रहा है. इटली में माध्यमिक स्कूल तक के छात्र फोन इस्तेमाल नहीं कर सकते.

ये भी पढ़ें-

Android Smartphone में भूलकर भी न करें ये काम, मजा हो जाएगा खराब, नहीं करेगा फोन यूज करने का मन

[ad_2]

प्रेमानंद महाराज ने पहले ही खोल दी थी IITian बाबा की पोल! अब वीडियो खूब हो रहा वायरल

[ad_1]


इजरायल के हाइफा में चाकू से हमला, एक की मौत और 4 घायल; हमास ने की हमले की तारीफ

[ad_1]

Attack in Haifa Israel: उत्तरी इजरायल के हाइफा शहर में चाकू से हमले के बाद सोमवार (3 मार्च, 2025) को एक 60 साल के शख्स की मौत हो गई और अन्य 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इजरायल के अधिकारियों ने कहा कि हमलावर को भी मार दिया गया.

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली पुलिस ने बताया कि यह जानलेवा हमला उत्तरी इजरायल के हाइफा शहर के एक व्यस्त बस स्टेशन सेंट्रल ट्रांजिट हब पर हुआ. इस घटना के बाद इस सिक्योरिटी गार्ड और एक अन्य नागरिक ने मिलकर हमलावार को मार गिराया. हमलावर के बारे में पुलिस ने बताया कि वो एक इजरायली मूल का अरब नागरिक था. वह पिछले कुछ समय से विदेश में रह रहा था और हाल ही में वापस इजरायल लौटाकर आया था.

इससे पहले, इमरजेंसी रेसक्यू सर्विस मगेन डेविड अडोम के प्रमुख एली बिन ने इजरायली मीडिया से कहा कि इस जानलेवा हमले में 5 लोगों पर चाकू से हमला किए गए. उन्होंने आगे बताया कि चाकू से हमले से चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है. वहीं, एक 70 साल के शख्स की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हालांकि, बाद में उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई.

घटना को कहा जा रहा आतंकवादी हमला

उत्तरी इजरायल के हाइफा शहर में घटी ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब गाजा युद्ध विराम को लेकर इजरायल में क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. ऐसे में इजरायली पुलिस ने कहा कि वह इस घटना को काफी गंभीर और एक आतंकवादी हमले के रूप में मान रहे हैं.

हमास ने की हमले की तारीफ

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली शहर हाइफा में हुए इस हमले के आतंकवादी समूह हमास ने तारीफ की है. लेकिन उसने इस हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है.

यह भी पढ़ेंः इटली में महल के नीचे मिली 600 साल पुरानी ऐसी चीज, साइंटिस्ट भी हैरान; लियोनार्डो दा विंची से जुड़ी है कहानी

[ad_2]