आमलकी एकादशी की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, इससे जुड़े नियम जान लें

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फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जोकि इस साल 10 मार्च 2025 को पड़ रही है. इसे आवंला एकादशी और रंगभरी एकादशी जैसे नामों से भी जाना जाता है. यही कारण है कि इस एकादशी में भगवान विष्णु के साथ ही आंवला वृक्ष की भी पूजा करने का महत्व है.

फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जोकि इस साल 10 मार्च 2025 को पड़ रही है. इसे आवंला एकादशी और रंगभरी एकादशी जैसे नामों से भी जाना जाता है. यही कारण है कि इस एकादशी में भगवान विष्णु के साथ ही आंवला वृक्ष की भी पूजा करने का महत्व है.

धार्मिक व पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान विष्णु सृष्टि की रचना कर रहे थे, तभी आंवला का वृक्ष भी प्रकट हुआ था. इसलिए हिंदू धर्म में तुलसी, पीपल आदि की तरह आंवला को भी शुभ और सौभाग्य वाला वृक्ष माना जाता है. आइए जानते हैं आंवला एकादशी पर किन गलितयों से बचें और किन नियमों का पालन करें.

धार्मिक व पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान विष्णु सृष्टि की रचना कर रहे थे, तभी आंवला का वृक्ष भी प्रकट हुआ था. इसलिए हिंदू धर्म में तुलसी, पीपल आदि की तरह आंवला को भी शुभ और सौभाग्य वाला वृक्ष माना जाता है. आइए जानते हैं आंवला एकादशी पर किन गलितयों से बचें और किन नियमों का पालन करें.

आमलकी एकादशी पर भगवान श्रीहरि के साथ ही आंवला वृक्ष का पूजन भी जरूर करें. साथ ही आंवले से बनी चीजों का सेवन भी करें. लेकिन भूलकर भी मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन, मसूर की दाल और चावल का सेवन न करें.

आमलकी एकादशी पर भगवान श्रीहरि के साथ ही आंवला वृक्ष का पूजन भी जरूर करें. साथ ही आंवले से बनी चीजों का सेवन भी करें. लेकिन भूलकर भी मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन, मसूर की दाल और चावल का सेवन न करें.

आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें तुलसी के पत्ते जरूर चढ़ाएं. लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें. आप पूजा के लिए पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़ लें.

आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें तुलसी के पत्ते जरूर चढ़ाएं. लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें. आप पूजा के लिए पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़ लें.

एकादशी व्रत रखने वाले व्रतधारियों को मन में किसी के प्रति भी बुरे ख्याल या विचार नहीं लाने चाहिए. साथ ही व्रत के दौरान वाद-विवाद और क्रोध भावना से भी दूर रहें.

एकादशी व्रत रखने वाले व्रतधारियों को मन में किसी के प्रति भी बुरे ख्याल या विचार नहीं लाने चाहिए. साथ ही व्रत के दौरान वाद-विवाद और क्रोध भावना से भी दूर रहें.

आमलकी एकादशी के दिन बाल या नाखून आदि काटने से बचें. जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें इस दिन नहाते समय शैंपू या साबुन का उपयोग न करते हुए सिर्फ सादे पानी से स्नान करना चाहिए.

आमलकी एकादशी के दिन बाल या नाखून आदि काटने से बचें. जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें इस दिन नहाते समय शैंपू या साबुन का उपयोग न करते हुए सिर्फ सादे पानी से स्नान करना चाहिए.

Published at : 04 Mar 2025 09:51 AM (IST)

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iPhone 16e के बाद एक और लॉन्च के लिए तैयार Apple, Tim Cook ने शेयर किया टीजर, जानें डिटेल

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iPhone 16e के बाद Apple एक और लॉन्च के लिए तैयार है. कंपनी के सीईओ ने एक्स पोस्ट में एक और प्रोडक्ट लॉन्च की जानकारी दी है. माना जा रहा है कि यह नया MacBook Air हो सकता है. फिलहाल ऐपल के स्टोर में इसके पुराने वर्जन की इन्वेंट्री खत्म हो गई है. आमतौर पर ऐपल किसी भी प्रोडक्ट की लॉन्च से पहली यह रणनीति अपनाती आई है. ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनी M4 MacBook Air को लॉन्च कर सकती है. यह पुराने मॉडल के मुकाबले कई अपग्रेड्स के साथ आएगा.  

चिपसेट के तौर पर होगा सबसे बड़ा अपग्रेड

नए मैकबुक एयर में सबसे बड़ा अपग्रेड चिपसेट के तौर पर हो सकता है. कंपनी इसे M4 चिपसेट से लैस कर सकती है. यह 10-कोर CPU, 10-कोर GPU और 16-कोर न्यूरल इंजन से लैस होगा, जो हर सेकंड 38 ट्रिलियन ऑपरेशन हैंडल करने में सक्षम है. यह ऐपल इंटेलीजेंस फीचर्स को भी हैंडल कर पाएगा. इसके साथ कंपनी इसकी RAM को भी 8GB से बढ़ाकर 16GB कर सकती है.

बेहतर बैटरी की उम्मीद

नए मैकबुक एयर में दमदार बैटरी मिलने की उम्मीद है. अभी कंपनी की तरफ से इसकी कैपेसिटी को लेकर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि M4 चिप के कारण यह लंबी बैटरी लाइफ देगा. 

नैनो-टेक्सचर डिस्प्ले ऑप्शन

ऐपल अपनी नैनो-टेक्सचर टेक्नोलॉजी को धीरे-धीरे और डिवाइसेस में भी ला रही है. यह टेक्नोलॉजी ग्लेयर को कम करती है और ज्यादा रोशनी वाले वातारण में शानदार विजिबिलिटी देती है. मैकबुक प्रो, आईमैक और आईपैड प्रो में मिलने वाली यह टेक्नोलॉजी मैकबुक एयर भी दी जा सकती है. हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को अतिरिक्त पैसा देना पड़ सकता है.

कैमरा में भी मिल सकता है अपग्रेड

माना जा रहा है कि मैकबुक एयर के कैमरा में भी अपग्रेड मिल सकता है. इस बार इसमें सेंटर स्टेज सपोर्ट के साथ 12MP कैमरा दिया जा सकता है. आईमैक और मैकबुक प्रो में मिलने वाला यह फीचर वीडियो कॉल के दौरान यूजर को फ्रेम में रखने के लिए कैमरा को ऑटोमैटिक एडजस्ट कर लेता है. 

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घरों की कीमतों में तेजी संभव, पर टैरिफ वॉर और गिरती GDP से बढ़ी रियल एस्टेट सेक्टर की चिंता

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Housing Price Increase Likely: अगर आप सपनों का आशियाना खरीदने का सोच रहे हैं तो ज्यादा कीमत देने के लिए तैयार रहिए. क्योंकि रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है. वहीं महंगे घरों के बावजूद इसका सेल्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. साथ रियल एस्टेट कंपनियों की ओर से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्चिंग का सिलसिला जारी रहने वाला है. 

साल 2024 की चौथी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए नाईट फ्रैंक इंडिया-नारेडको रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स जारी किया गया है. इस रिपोर्ट में वैश्विक बदलते आर्थिक हालातों के साथ स्टेकहोल्डर्स में इकोनॉमिक ग्रोथ की चिंताओं को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े स्टोकहोल्डर्स में चिंता भी देखी जा रही है.  नाईट फ्रैंक इंडिया-नारेडको रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स में मौजूदा और भविष्य के लिए सेंटीमेंट उम्मीद से बेहतर है लेकिन पिछले तिमाही के मुकाबले सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. 2024 की चौथी तिमाही में करेंट सेंटीमेंट स्कोर घटकर 59 पर आ गया है जो कि तीसरी तिमाही में 64 था. साथ ही भविष्य के लिए सेंटीमेंट स्कोर भी घटकर 59 पर आ गया है जो पिछले तिमाही में 67 था. 

रिपोर्ट के मुताबिक इन करेक्शन के बावजूद, वर्तमान और भविष्य दोनों ही के लिए सेंटीमेंट आशावादी बनी हुई है, जो इस सेक्टर में लंबी अवधि में  संभावनाओं में निरंतर विश्वास को दर्शाती है. 

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स आशावादी दायरे में रहते हुए भी बेहद सावधान है. भू-राजनीतिक स्थिति में तेज बदलाव और घरेलू आर्थिक हालातों के ऐसा हो रहा है. उन्होंने कहा, वैश्विक आर्थिक नीति में बदलाव, विशेष रूप से अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में बदलाव, साथ ही घरेलू विकास में मंदी ने रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक सतर्क रुख अपनाने के लिए विवश हो रही हैं. आने वाली तिमाहियों में, डेवलपर्स और निवेशकों से प्रतीक्षा और निगरानी का दृष्टिकोण बनाए रखने की उम्मीद है, जिसका लक्ष्य पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र द्वारा बनाई गई गति को बनाए रखना है. 

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भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में कौन सी टीम फेवरेट? सुनील गावस्कर ने कर डाली बड़ी भविष्यवाणी

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Sunil Gavaskar Prediction India vs Australia: भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल पर क्रिकेट एक्सपर्ट लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल पर अपनी बात रखी है. सुनील गावस्कर के मुताबिक, भारतीय टीम निश्चित तौर पर फेवरेट है. ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंट, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे बड़े खिलाड़ी टीम का हिस्सा नहीं होंगे. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाजी आक्रमण कमजोर नजर आ रही है. लिहाजा, ऑस्ट्रेलिया के लिए भारतीय टीम को रोकना आसान नहीं होगा.

‘ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी अच्छी है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर…’

सुनील गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी अच्छी है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही है. इसके अलावा सुनील गावस्कर ने पिच के मिजाज पर अपनी बात रखी. दरअसल, भारत-न्यूजीलैंड मैच के बाद लगातार कहा जा रहा है कि पिच खास तौर पर स्पिनरों के लिए तैयार किया गया. लिहाजा, इस पिच पर स्पिनरों को बहुत मदद मिल रही है, लेकिन लिटिल मास्टर इससे इत्तेफाक नहीं रखते. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता पिच से कोई बहुत मदद मिल रही हो. आपने हमारे स्पिनरों को देखा, शुरूआती ओवरों में विकेट नहीं आए, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा पिच स्पिनरों के मुफीद होता चला गया.

‘भारत-न्यूजीलैंड मैच में स्पिनरों के लिए मदद जरूर थी, लेकिन यह…’

सुनील गावस्कर ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मैच में स्पिनरों के लिए मदद जरूर थी, लेकिन यह कोई ऐसी पिच नहीं थी जिस पर बल्लेबाजी करना नामुमकिन हो. उन्होंने कहा कि पिच में थोड़ी मदद जरूर थी, लेकिन हमारे गेंदबाजों ने अच्छी लाइन और लेंग्थ पर गेंदबाजी कर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए काम मुश्किल बना दिया. बताते चलें कि भारत ने अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में न्यूजीलैंड के 44 रनों से हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 249 रनों का स्कोर बनाया. जिसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 205 रनों पर सिमट गई. भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए. वहीं, इस मैच में भारतीय स्पिनरों ने 9 बल्लेबाजों को आउट किया.

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कश्मीर-मणिपुर को लेकर UN मानवाधिकार प्रमुख ने दिया ज्ञान तो भारत ने दिया करारा जवाब

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India slams UN Human Rights Remarks : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख की कश्मीर और मणिपुर को लेकर की गई ‘व्यर्थ और निराधार’ टिप्पणियों की भारत ने निंदा की है और करारा जवाब भी दिया है. इसके अलावा भारत ने इस तरह से निशाना लगाकर और चुनिंदा स्थितियों पर टिप्पणी करने को लेकर भी चिंता जाहिर की.

इस दौरान सबसे दिलचस्प बात यह थी कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने वैश्विक घटनाक्रम की जानकारी में भारत के कश्मीर और मणिपुर का उल्लेख तो किया, लेकिन उन्होंने इसमें पाकिस्तान के नाम का जिक्र भी नहीं किया, जहां अल्पसंख्यकों पर होने वाले उत्पीड़न के बारे में पूरी दुनिया को पता है.

भारत ने दिया करारा जवाब

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत अरिंदम बागची ने सोमवार (3 मार्च) को कहा, “जैसा कि वैश्विक घटनाक्रमों में भारत का नाम लिया गया है, मैं शुरुआत में ही इस बात को स्पष्ट कर देता हूं कि दुनिया के सबसे बड़ा लोकतंत्र सतत रूप से एक जीवंत और बहुतवादी समाज है. अपडेट जानकारी में निराधार और बेबुनियाद टिप्पणियां भारत की जमीनी सच्चाई से बिल्कुल अलग है.”

भारत ने बताई वास्तविक अपडेट की आवश्यकता

इस दौरान भारत ने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक अपडेट को एक वास्तविक अपडेट की जरूरत है. अरिंदम बागची ने कहा, “वैश्विक अपडेट में हम बड़े स्तर पर जटिल मुद्दों के अतिसरलीकरण, व्यापक और सामान्यीकृत टिप्पणियों, ढीली शब्दावली के उपयोग और स्थितियों को स्पष्ट रूप से चुनकर पेश करने को लेकर चिंतित हैं.”

UN मानवाधिकारी प्रमुख ने क्या कहा?

दरअसल, भारत की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया तब आई, जब जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने वैश्विक घटनाओं पर दी गई जानकारी में भारत के उल्लेख के साथ कश्मीर और मणिपुर की स्थिति का जिक्र किया. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा, “मैं मणिपुर में हिंसा और विस्थापन का हल निकालने के लिए बातचीत, शांति स्थापना और मानवाधिकारों के आधार पर कदम उठाने का भी आह्वान करता हूं.”

पाकिस्तान का नहीं किया जिक्र

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा, “मैं कश्मीर समेत अन्य स्थानों पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कानूनों और उत्पीड़न को लेकर चिंतित हूं.” बता दें कि तुर्क के वैश्विक अपडेट में यूक्रेन, गाजा से लेकर बांग्लादेश, अफगानिस्तान और अमेरिका तक के संघर्षों और स्थितियों का उल्लेख किया गया था, लेकिन इसमें पाकिस्तान का कहीं पर भी जिक्र नहीं किया गया.

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शाहरुख खान ने अटेंड की थी आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क की शादी, देखें वीडियो

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Shah Rukh Khan At Konark Gowarikar’s Wedding: दिग्गज फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क गोवारिकर की शादी हो गई है. कोणार्क ने 2 मार्च को नियति कनकिया के साथ सात फेरे लिए थे. उनकी शादी में कई दिग्गज बॉलीवुड सितारों ने शिरकत की थी जिनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे. इस फंक्शन में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान भी शामिल हुए थे जिनका इवेंट से एक वीडियो भी सामने आया है.

शाहरुख खान ने आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क की शादी में ग्रैंड एंट्री ली. वे अपनी मैनेजर पूजा ददलानी और बॉडीगार्ड्स के साथ वहीं पहुंचे. इस दौरान किंग खान का स्टाइलिश अंदाज देखने को मिला.

किंग खान के स्टाइलिश एंट्री
व्हाइट शर्ट, ब्लैक ब्लेजर-पैंट और गले में टाई पहने सुपरस्टार काफी डैशिंग दिख रहे थे. मैचिंग सनग्लासेस और फॉर्मल शूज के साथ उन्होंने अपना लुक फाइनल किया था. कोणार्क गोवारिकर की शादी से शाहरुख खान का जो वीडियो सामने आया है उसमें देखा जा सकता है कि सुपरस्टार को देखते ही आशुतोष उन्हें गले लगा लेते हैं. वहीं किंग खान की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वे न्यूली वेड कपल कोणार्क और नियति के साथ पोज देते दिख रहे हैं. 

शाहरुख और गोवारिकर ने किया साथ काम
बता दें कि शाहरुख खान और आशुतोष गोवारिकर ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया है. उन्होंने फिल्म ‘चमत्कार’ (1992), ‘कभी हां कभी ना’ (1994) और ‘स्वदेश’ (2004) में साथ काम किया. वे 1989 के शो ‘सर्कस’ में भी साथ नजर आए थे.

आशुतोष गोवारिकर के बेटे की शादी में पहुंचे थे ये सितारे
शाहरुख खान के अलावा आशुतोष गोवारिकर के बेटे की शादी में कई बड़े सितारों ने शिरकत की थी. इनमें आमिर खान, किरण राव, जेनेलिया डिसूजा, रितेश देशमुख, विद्या बालन, सिद्धार्थ रॉय कपूर, सोनाली बेंद्रे, पूजा हेगड़े और चंकी पांडे शामिल हैं.

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जान ले लेगा ये भाईचारा! एक बाइक पर बैठ गए 7 दोस्त फिर हवा से की बातें, वीडियो देख भड़के यूजर्स

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कहते हैं भाईचारा सभी के लिए अच्छा होता है. इससे दोस्ती पक्की रहती है और मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ भाईचारे आपकी जान भी मुसीबत में डाल सकते हैं. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ छपरी लड़के एक बाइक पर सवार हैं और इसे अपनी समझदारी और बहादुरी का परिचय समझ रहे हैं. आप भी एक नजर मार लीजिए यकीनन आपका भी खून खौल जाएगा.

एक बाइक पर बैठे 7 लोग!

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सात दोस्त एक ही बुलेट बाइक पर सवार होकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं. जी हां, जिस बाइक पर आमतौर पर दो लोग मुश्किल से बैठते हैं, उस पर ये दोस्त ‘भाईचारा’ का अनोखा प्रदर्शन कर रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक दोस्त बाइक चला रहा है और बाकी छह किसी न किसी तरह उस पर अटके हुए हैं. जिनमें एक दोस्त टंकी पर बैठा है, दो कंधों पर लदे हैं और पीछे तीन लटककर किसी तरह से बैलेंस बना रहे हैं. इनकी ये भाईचारा राइड देखकर लोग हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं. वीडियो पश्चिम बंगाल का बताया जा रहा है.

सड़क पर भरा फर्राटा

आपको बता दें कि बाइक पर 2 से ज्यादा सवारी बैठाना गैरकानूनी है और इसके लिए आपको मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है. लेकिन बावजूद इसके ये लापरवाह लोग एक बाइक पर 7 लोग बैठे हैं और इस तरह से मौज उड़ाते हुए जा रहे हैं मानों इसमें कुछ गलत उन्होंने किया ही नहीं है. इन लोगों को न तो अपनी जान की परवाह है और न ही दूसरे लोगों की जिंदगी का ख्याल. बहरहाल वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है जिसके बाद लोग अलग अलग तरह से रिएक्ट कर रहे हैं.

यूजर्स ने खींची टांग

वीडियो को @VishalMalvi_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई बुलेट बाइक को बुलेट ट्रेन बना डाला. एक और यूजर ने लिखा…गाड़ी नंबर के आधार पर इन लोगों की पहचान की जाए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…क्या लापरवाही है, जिंदगी से प्यार नहीं है क्या.


अनस्कूलिंग करने वाले बच्चों का कैसा होगा करियर, कौन से देश इस दिशा में कर रहे काम?

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परंपरागत शिक्षा प्रणाली से हटकर एक नया ट्रेंड दुनिया भर में तेजी से अपनी जगह बना रहा है ‘अनस्कूलिंग’. यह शिक्षा का एक ऐसा मॉडल है जिसमें बच्चों को औपचारिक स्कूली व्यवस्था से बाहर रखकर उन्हें अपनी रुचि और प्राकृतिक जिज्ञासा के अनुसार सीखने की आजादी दी जाती है. लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस तरह की शिक्षा पाने वाले बच्चों का भविष्य और करियर सुरक्षित होगा?

जानिए क्या है अनस्कूलिंग 

अनस्कूलिंग शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जिसमें बच्चे किसी निर्धारित पाठ्यक्रम या स्कूली समय-सारिणी के बिना, अपनी रुचि और गति से सीखते हैं. यह होमस्कूलिंग से भी अलग है, क्योंकि इसमें माता-पिता बच्चों को किसी तय पाठ्यक्रम पर नहीं बल्कि उनकी स्वाभाविक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करते हैं. शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. अमित शर्मा के अनुसार, ‘अनस्कूलिंग बच्चों को real-world experiences के माध्यम से सीखने पर जोर देता है. इसमें बच्चों को प्रश्न पूछने, खोज करने और अपने हितों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.’

अनस्कूलिंग और करियर की संभावनाएं

कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे तो उनका करियर कैसा होगा? क्या वे कॉम्पिटेटिव जॉब मार्केट में सफल हो पाएंगे? अनस्कूलिंग के समर्थकों का मानना है कि इस तरह की शिक्षा पाने वाले बच्चे अक्सर अधिक आत्मनिर्भर, रचनात्मक और problem-solving skills से लैस होते हैं. वे एंटरप्रेन्योरशिप की ओर अधिक झुकाव रखते हैं और नए विचारों को अपनाने में अधिक फ्लेक्सबल होते हैं.

अनस्कूलिंग के वैश्विक अध्ययनों से पता चलता है कि इस पद्धति से सीखने वाले बच्चे अक्सर क्रिएटिव आर्ट्स, टेक्नॉलजी इनोवेशन और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में अपना करियर बनाते हैं. ये बच्चे परंपरागत नौकरियों के अलावा नए-नए करियर पाथ तलाशने में अधिक सफल होते हैं.

शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. मीरा गुप्ता बताती हैं, ‘डिजिटल एज में स्किल्स का महत्व डिग्री से अधिक हो गया है. कई बड़ी कंपनियां जैसे गूगल और एप्पल अब फॉर्मल डिग्री को हायरिंग का इसेंचल क्राइटेरिया नहीं मानतीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स और इनोवेटिव थिंकिंग पर अधिक जोर देती हैं.’

हालांकि, चुनौतियां भी हैं. अनस्कूल्ड बच्चों को फॉर्मल डिग्री और सर्टिफिकेट की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें कई एम्प्लॉयर अभी भी महत्व देते हैं.

जानिए कौन से देश दे रहे हैं अनस्कूलिंग को बढ़ावा?

फिनलैंड

फिनलैंड, जिसकी शिक्षा प्रणाली पहले से ही दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है, अब अनस्कूलिंग के कांसेप्ट को अपने मुख्यधारा शिक्षा प्रणाली में शामिल कर रहा है. यहां “phenomenon-based learning” को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें विषयों की सीमाओं को मिटाकर असली जीवन के कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया जाता है.

न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड में, अनस्कूलिंग को कानूनी मान्यता प्राप्त है और सरकार इसे एक वैकल्पिक शिक्षा मार्ग के रूप में स्वीकार करती है. यहां के शिक्षा मंत्रालय अनस्कूलिंग करने वाले परिवारों को संसाधन और समर्थन प्रदान करता है.

कनाडा

कनाडा के कई प्रांतों में अनस्कूलिंग के लिए लचीले नियम हैं. यहां “unschooling-friendly communities” बढ़ रही हैं, जहां परिवार अपने अनुभवों को साझा करते हैं और संसाधनों का आदान-प्रदान करते हैं.

भारत में अनस्कूलिंग की स्थिति

भारत में अनस्कूलिंग अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है. बेंगलुरु, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में कई परिवार इस विकल्प को अपना रहे हैं.

शिक्षाविद् सुधा रामन कहती हैं, ‘भारत में अनस्कूलिंग के लिए कानूनी ढांचा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन नई शिक्षा नीति 2020 में लचीलापन और विकल्पों को महत्व दिया गया है, जो अनस्कूलिंग जैसे वैकल्पिक शिक्षा मॉडल्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकता है.’

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Alert! सोशल मीडिया पर India Post के नाम पर चल रहा फर्जी लकी ड्रॉ, सरकार ने बताया Scam

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Social Media पर India Post (भारतीय डाक) के नाम पर एक फर्जी लकी ड्रॉ चल रहा है. एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय डाक की 170वीं वर्षगांठ के मौके पर हर किसी के पास शानदार उपहार जीतने का मौका है. रिवॉर्ड को क्लेम करने के लिए कंटिन्यू करने को कहा जा रहा है. अगर आपके सामने भी ऐसी कोई पोस्ट या मैसेज आया है तो सावधान हो जाने की जरूरत है. सरकार ने इसे स्कैम बताया है. 

सरकार ने दी यह सलाह

पीआईबी फैक्ट चेक ने इस फर्जी दावे की पोल खोली है. पीआईबी ने बताया कि भारतीय डाक के नाम पर एक फेक लकी ड्रॉ चलाया जा रहा है. इसमें फ्री गिफ्ट्स का लालच दिखाकर लोगों से उनकी पर्सनल जानकारी चुराई जा रही है. यह एक स्कैम है और यह भारतीय डाक से संबंधित नहीं है. सरकार ने लोगों से सावधान रहते हुए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचने को कहा है.

स्कैमर्स इस लुभावने विज्ञापन के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाने की ताक में है. इस पोस्ट के साथ एक फॉर्म अटैच किया गया है. इसमें दिए गए सवालों का जवाब देने पर लोगों को गिफ्ट जीतने का लालच दिया जा रहा है. असल में यह लोगों की पर्सनल जानकारी चुराने की कोशिश है.

ऐसे स्कैम से कैसे बचें?

  • सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापन के लालच में न आएं.
  • लालच देने या बड़े-बड़े दावे करने वाली किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें.
  • किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से आए मैसेज या ईमेल में दिए गए लिंक या अटैचमेंट को ओपन न करें.
  • किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति के साथ OTP समेत पर्सनल जानकारी शेयर न करें.
  • अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें. शुरुआती कुछ मिनटों में नुकसान रोका जा सकता है. 

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वित्त वर्ष 2025-26 में GDP ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहने का अनुमान, कर्ज होगा सस्ता, महंगाई से राहत

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India GDP Growth Rate: एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ेगी. आने वाले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है. साथ ही बेहतर मानसून के चलते महंगाई से भी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आ सकती है. 

क्रिसिल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जारी की रिपोर्ट में कहा कि निजी खपत में सुधार होने की उम्मीद है. हालांकि, निवेश वृद्धि निजी पूंजीगत व्यय पर निर्भर करेगी. रिपोर्ट में कहा गया कि कृषि उत्पादन में सुधार और खाद्य महंगाई में कमी की उम्मीद के कारण निजी खपत में और सुधार की उम्मीद है. खाद्य महंगाई में नरमी से घरेलू बजट में विवेकाधीन खर्च के लिए जगह बनेगी. रिपोर्ट में बताया गया कि केंद्रीय बजट 2025-26 में इनकम टैक्स में बढ़ाई गई छूट से खपत को बढ़ावा मिलेगा. इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मौद्रिक नीति में ढील देने से भी खपत को बढ़ावा मिलेगा. 

क्रिसिल को उम्मीद है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2025-26 में रेपो रेट में 50-75 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती कर सकता है. आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की जीडीपी विकास दर 9.2 प्रतिशत से कम है. हालांकि, विकास दर वित्त वर्ष 2011 और 2020 के बीच महामारी से पहले के दशक के औसत 6.6 प्रतिशत के करीब बनी हुई है और इससे भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था का अपना टैग बरकरार रखने में मदद मिलेगी. 

चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बढ़कर 7.6 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत हो जाएगी.  चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई है, जो दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत से अधिक है. 

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