क्या पाकिस्तान को मिलेगा IMF का आर्शीवाद! 7 अरब डॉलर के लोन प्रोग्राम की बातचीत तय करेगी

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 Pakistan IMF Loan: पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ 7 अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम की समीक्षा वार्ता की शुरुआत की. इस सफल वार्ता के परिणामस्वरूप पाकिस्तान को IMF से 1 बिलियन डॉलर की अगली किस्त जारी हो सकती है.

वित्त मंत्री औरंगजेब के नेतृत्व में पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने आईएमएफ टीम को जुलाई से जनवरी तक की वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी दी. इस बैठक की अध्यक्षता आईएमएफ के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख नाथन पोर्टर ने की, जिसमें राजकोषीय घाटा, प्रांतों के अधिशेष, और राजस्व संग्रह से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए गए. सूत्रों के अनुसार, जुलाई से दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान का राजकोषीय घाटा 1537 बिलियन रुपये दर्ज किया गया. इसके साथ ही, एफबीआर के अध्यक्ष राशिद महमूद लांगरियाल ने राजस्व संग्रह पर विस्तृत जानकारी दी.

दो चरणों में होगी बातचीत
यह बातचीत 15 मार्च तक चलेगी और इसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा
पहला चरण: इसमें तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी.
दूसरा चरण: नीति-स्तरीय वार्ता पर केंद्रित होगा.
इन बातचीत में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, योजना आयोग, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, एफबीआर, ओजीआरए, एनईपीआरए और प्रमुख प्रांतीय संस्थान शामिल होंगे.

प्रांतीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक
वार्ता के दौरान पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें होंगी. आईएमएफ का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लगभग दो सप्ताह तक पाकिस्तान में रहेगा और देश के 2025-26 के संघीय बजट के लिए सिफारिशें भी देगा.

IMF की कड़ी शर्त
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान के रियल एस्टेट क्षेत्र में कर चोरी पर नकेल कसने की मांग की है. ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में 1 बिलियन डॉलर के ऋण की किस्त को अनलॉक करने के लिए बातचीत शुरू हो गई है. नाथन पोर्टर के नेतृत्व में नौ सदस्यीय मिशन सोमवार (3 मार्च) को ही  पाकिस्तान पहुंचा, ताकि अगले 1 बिलियन डॉलर की किस्त जारी करने का निर्धारण करने के लिए पाकिस्तान के आर्थिक प्रदर्शन का आकलन किया जा सके.

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चीन ने दिया डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब, अब अमेरिका को भारी पड़ेगा ड्रैगन का टैरिफ

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अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर एक बार फिर तेज़ हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर नए टैरिफ लगाने के बाद बीजिंग ने भी जवाबी हमला किया है. चीन ने अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर 10 से 15 फीसदी तक के इम्पोर्ट टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया है.

चीन का पलटवार

चीन ने अमेरिका की 25 कंपनियों पर एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट को लेकर पाबंदियां भी लगा दी हैं. यह कदम तब उठाया गया जब अमेरिका ने चीनी सामानों पर ड्यूटी बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी, साथ ही मैक्सिको और कनाडा से आने वाले इम्पोर्ट पर भी 25 फीसदी का नया टैरिफ लगा दिया.

किन प्रोडक्ट्स पर लगेगा नया टैरिफ?

चीन के वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, 10 मार्च से अमेरिका से आने वाले कई उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा. इनमें ये चीजें शामिल हैं-

15% टैरिफ – अमेरिकी चिकन, गेहूं, कॉर्न और कॉटन पर

10% टैरिफ – सोयाबीन, ज्वार, पोर्क, बीफ, मछली, फल-सब्जियां और डेयरी उत्पादों पर

अमेरिका ने WTO नियमों का उल्लंघन किया

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका पर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है. मंत्रालय ने कहा कि यह कदम चीन और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है. चीन ने साफ किया कि वह अपने “वैध अधिकारों और हितों की रक्षा” करेगा.

ट्रंप ने क्यों लगाया नया टैरिफ?

अमेरिका ने 4 मार्च से चीन पर कुल 20 फीसदी ड्यूटी लागू कर दी है. यह फैसला ट्रंप प्रशासन ने ड्रग्स की सप्लाई को लेकर चीन के रवैये पर नाराज़गी जताते हुए लिया. व्हाइट हाउस का कहना है कि चीन उन केमिकल्स की सप्लाई करता है जिनका इस्तेमाल फेंटानाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स बनाने में होता है. हालांकि, चीन ने इन आरोपों से इनकार किया है.

अमेरिकी टेक प्रोडक्ट्स पर भी गिरेगी गाज

इस नए टैरिफ का असर सिर्फ कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगा. कई अमेरिकी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी 20 फीसदी की नई दर लागू होगी, जिनमें शामिल हैं-

  • स्मार्टफोन्स
  • लैपटॉप
  • वीडियो गेम कंसोल
  • स्मार्टवॉच
  • ब्लूटूथ डिवाइसेज़

अमेरिका ने भी लगाए हैं कड़े टैरिफ

ट्रंप प्रशासन पहले ही चीन से इम्पोर्ट होने वाले 370 अरब डॉलर के उत्पादों पर 25 फीसदी तक की ड्यूटी लगा चुका है. पिछले साल, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी चीन से आने वाले सेमीकंडक्टर्स पर टैरिफ 50 फीसदी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर 100 फीसदी कर दिया था.

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भारी तादाद में स्टेडियम पहुंच रहे भारतीय फैंस, जानें विराट कोहली के लिए क्या कहा; वीडियो

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Fans Reaction On Virat Kohli: आज चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़त होगी. दोनों टीमों के बीच मुकाबला भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे से दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. वहीं, भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल से पहले भारतीय फैंस जोश से भरे हैं. भारतीय फैंस भारी-तादाद में दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंच रहे हैं. सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. टीम इंडिया के फैंस को उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मैच में विराट कोहली जरूर रन बनाएंगे. इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली ने शतक बनाया था.

भारी-तादाद में स्टेडियम पहुंच रहे टीम इंडिया के फैंस

भारतीय फैंस काफी पहले से दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंचने लगे हैं. टीम इंडिया के समर्थकों की भारी-भीड़ देखी जा सकती है. साथ ही क्रिकेट फैंस लगातार भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. दरअसल, इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है. रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने बांग्लादेश को हराकर अपने अभियान का आगाज किया. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को हराया. जबकि टीम इंडिया ने अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया. इस तरह भारतीय टीम ने अपने सारे ग्रुप स्टेज मैच जीते.

बताते चलें कि आज चैंपियंस ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल खेला जाएगा. पहले सेमीफाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने होंगी. भारतीय समयनुसार मुकाबला दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा. इस मैच की विजेता टीम फाइनल में पहुंच जाएगी. रविवार को टूर्नामेंट का फाइनल खेला जाएगा.

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मां और बेटे ने पार कर दीं सारी हदें, वीडियो देखते ही यूजर्स ने लगा दी क्लास

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Trending Video: कहते हैं दुनिया में मियां बीवी के बाद अगर कोई पवित्र रिश्ता है तो वो है एक मां से अपनी औलाद का. एक मां अपने बेटे से जिस कदर चाहे मुहब्बत लुटा सकती है. अपनी औलाद पर मां का पूरा हक होता है. लेकिन अगर ये मोहब्बत अश्लीलता और फूहड़ता में बदल जाए तो क्या हो? जाहिर है, आंखों से जहन्नम देखने वाला नजारा होगा क्योंकि मां-बेटे जैसे पवित्र रिश्ते में अश्लीलता की कहीं से कहीं तक कोई जगह बनती ही नहीं है और न ही कोई इस बारे में सोच भी सकता है. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर आपकी नजरें शर्म से झुक जाएंगी. क्योंकि इस वीडियो में मां और बेटे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि उन्हें वीडियो के कमेंट सेक्शन को बंद करना पड़ गया है.

मां बेटे के रिश्ते को तार तार करता वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को देखने के बाद आपका खून खौल उठेगा, मुमकिन है कि आप शर्म से पानी पानी भी हो जाएं. लेकिन इस वीडियो को बनाने वाले क्रिएटर्स को न लाज आई न शर्म. जी हां, वेस्टर्न ड्रेस पहनकर हाथ में गुलाब लिए जो कपल वॉक इस महिला को अपने पति के साथ करना था, लाइक्स और व्यूज पाने के लिए इस महिला ने अपने बेटे के साथ ये हरकत कर डाली. फिर क्या था, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ऐसी क्लास लगाई कि इन लोगों को अपना कमेंट बॉक्स ही बंद करना पड़ गया.


लाइक और व्यूज के लिए फैलाई अश्लीलता!

सोशल मीडिया पर आपने कई तरह की फूहड़ता फैलाते और अश्लीलता करते लोगों को देखा होगा, लेकिन लाइक और व्यूज के लिए अब लोग मां और बेटे जैसे पवित्र रिश्ते तक की भेंट अश्लीलता को चढ़ा रहे हैं. ये पहला मौका नहीं है जब इस तरह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हो. इससे पहले भी एक महिला अपने बेटे के साथ किस करते हुए वायरल हुई थी, जिसके बाद यूजर्स ने उन्हें काफी हड़काया था.

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यूजर्स ने लगाई क्लास

वीडियो को santoormomrachna नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देते दिखे. लोगों ने पेज के दूसरे वीडियो पर जाकर इन लोगों को हड़काना शुरू कर दिया. एक यूजर ने लिखा…लाइक और व्यूज के लिए कितना गिरना बाकी और रह गया है. एक और यूजर ने लिखा…ये किस तरह का फूहड़पना है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इनका पेज ही इंस्टाग्राम को बंद कर देना चाहिए.

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गर्मियों से पहले बड़ा धमाका! इस कंपनी ने लॉन्च कर दिए 11 AC, Voltas को मिलेगी कड़ी टक्कर

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गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है और अब एयर कंडीशनर्स (AC) की मांग बढ़ने वाली है. इसे देखते हुए कई कंपनियां अपने नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं. अब शार्प बिजनेस सिस्टम (इंडिया) ने भी AC की तीन नई रेंज लॉन्च की है. कंपनी का कहना है कि इन रेंज के एनर्जी एफिशिएंट AC शानदार कूलिंग परफॉर्मेंस देते हैं और इनमें एयर प्यूरिफिकेशन के लिए एडवांस्ड फिल्टर लगे हैं.

तीन रेंज में लॉन्च हुए 11 एयर कंडीशनर्स

कंपनी ने Reiryou, Seiyro और Plasma Chill सीरीज के तहत 11 एयर कंडीशनर्स लॉन्च किए हैं. ये 7-स्टेज फिल्टरेशन, 7-इन-1 कन्वर्टिबल फंक्शनलिटी, सेल्फ डायग्नोसिस और सेल्फ-क्लिनिंग टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं. इससे ये आराम के साथ-साथ ग्राहकों की सेहत और सुविधा का भी ध्यान रखते हैं. इन्हें घर और ऑफिस दोनों जगहों पर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है.

1-2 टन कैपेसिटी

Reiryou Series के एयर कंडीशनर्स की कैपेसिटी 1.5-2 टन है. 3 और 5 स्टार एनर्जी रेटिंग के साथ आने वाले इन एयर कंडीशनर्स को लेकर कंपनी का दावा है कि ये 58 डिग्री तापमान वाली गर्मी में भी कूलिंग देते हैं. इंट्रोडक्टरी लॉन्च ऑफर के तौर पर कंपनी इस सीरीज के साथ 7 साल की कॉम्प्रीहैंस्व वारंटी दे रही है. इसी तरह Seiryo Series में 1-1.5 टन वाली AC रखे गए हैं, जो 3 और 5 स्टार रेटिंग के साथ आते हैं. Plasma Chill सीरीज की बात करें तो 1-1.5 टन कैपेसिटी वाले ये AC 3 स्टार एनर्जी रेटिंग के साथ आते हैं.

कीमत और उपलब्धता

Reiryou सीरीज की कीमत 39,999 रुपये से शुरू हो रही है. Seriyo की शुरुआती कीमत 32,499 रुपये है और Plasma Chill की कीमत 32,999 रुपये से शुरू होती है. ये देश के प्रमुख ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर मौजूद हैं.

Voltas के इस AC को मिलेगी टक्कर

शार्प के ये AC Voltas के लिए मुकाबला कड़ा करेंगे. Voltas भी लगभग समान कीमत में 1.5 टन कैपेसिटी वाला AC पेश कर रही है. Voltas का 3 स्टार एनर्जी रेटिंग वाला 2024 मॉडल 4-इन-1 एडजस्टेबल मोड और एंटी-डस्ट फिल्टर आदि से लैस है. इस पर कंपनी एक साल की कॉम्प्रीहैंसिव वारंटी दे रही है. अमेजन से इसे 33,900 रुपये में खरीदा जा सकता है.

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डिमेंशिया का खतरा भांप लेता है आपके शरीर का यह अंग, जानें कैसे करता है अलर्ट?

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कभी शायद हम सोचना भी न चाहें कि आंखें न होतीं तो क्या होता! खूबसूरत दुनिया देखने से हम महरूम हो जाते. अपने जज्बात जाहिर करने से चूक जाते. सवाल यह उठता है कि क्या आंखें हमारा यही दर्द बयां करती हैं तो इसका जवाब है नहीं, क्योंकि आंखें और भी बहुत कुछ बताती हैं. हममें से जिनकी दृष्टि ठीक है, वे बेफिक्र रहते हैं. सोच यही कि चश्मा नहीं लगा, कॉन्टैक्ट लेंस नहीं लगा, तो चिंता कैसी? लेकिन एक शोध बताता है कि रेगुलर चेकअप जरूरी है. अगर आप चश्मा नहीं पहनते हैं तो भी आपको ऑप्टोमेट्रिस्ट के पास जांच के लिए जाना जरूरी है. एक शोध तो यही बताता है. ब्रिटिश जर्नल्स ऑफ ऑप्थोमोलॉजी में एक शोध प्रकाशित हुआ, जो डिमेंशिया और आंखों से संबंधित था. यह कई साल के रिसर्च पर आधारित था.

रिसर्च में सामने आई यह बात

शोध में पता चला कि हमारी आंखें हमारे मस्तिष्क को हमारे आस-पास की चीजों के बारे में बहुत सारी जानकारी देती हैं. इससे ये साबित हुआ कि हमारी आंखों और मस्तिष्क के बीच का संबंध बहुत मजबूत होता है. शोध में पाया गया कि आई हेल्थ भी डिमेंशिया और कॉग्निटिव गिरावट का एक प्रारंभिक संकेतक हो सकता है.

स्टडी में इतने लोगों को किया गया शामिल

स्टडी में 2006 से 2010 के बीच जांची गईं आंखों की दास्तान थी और फिर 2021 में इन्हीं लोगों को जांचा गया, तो रिजल्ट सामने आया. यूके बायोबैंक की इस रिसर्च स्टडी में 55-73 वर्ष की आयु के 12,364 वयस्क शामिल हुए. प्रतिभागियों का 2006 और 2010 के बीच बेसलाइन पर मूल्यांकन किया गया और 2021 की शुरुआत तक उन पर नजर रखी गई. ये देखने के लिए कि क्या सिस्टमैटिक डिजीज (प्रणालीगत बीमारियों) से डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है? यहां सिस्टमैटिक डिजीज से मतलब डायबिटीज, हृदय रोग और डिप्रेशन से था. पाया गया कि जो लोग इन समस्याओं से पीड़ित थे या फिर उम्र संबंधित एएमडी (मैक्यूलर डिजनरेशन, जिसमें धुंधला दिखने लगता है) से जूझ रहे थे, उनमें डिमेंशिया का जोखिम सबसे अधिक था.

कब करानी चाहिए आंखों की जांच?

जिन लोगों को कोई नेत्र रोग नहीं था, उनकी तुलना में जिन लोगों को आयु-संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन था, उनमें 26% जोखिम बढ़ा था, मोतियाबिंद वाले लोगों में 11% जोखिम बढ़ा था और मधुमेह से संबंधित नेत्र रोग वाले लोगों में 61% जोखिम बढ़ा था. इससे स्पष्ट होता है कि अगर कोई डायबिटीज से पीड़ित है, किसी को हार्ट संबंधी दिक्कत है या फिर डिप्रेशन का शिकार है, तो उसे नियमित तौर पर आंखों की जांच करानी चाहिए. इसके साथ ही गर्भवती को भी चिकित्सक इसकी सलाह देते हैं. इस दौरान हार्मोनल चेंजेस होते हैं. कइयों को धुंधलेपन की शिकायत होती है, तो कुछ ड्राई आइज से जूझ रही होती हैं. ऐसी स्थिति में भी चिकित्सक की सलाह जरूरी होती है.

यह चीज पहुंचाती है सबसे ज्यादा नुकसान

एक और चीज जो आज की लाइफस्टाइल से जुड़ गई है, वो है स्क्रीन टाइम. तो जिसका भी मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर वक्त ज्यादा बीतता है, उन्हें नियमित चेकअप कराना चाहिए. हाल ही में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक ने एक स्टडी के आधार पर कहा कि भारत में औसतन लोग साढ़े तीन घंटे स्क्रीन देखते हुए गुजारते हैं. पुरुषों का औसत स्क्रीन टाइम 6 घंटे 45 मिनट है, जबकि महिलाओं का औसत स्क्रीन टाइम 7 घंटे 5 मिनट है. ये भी खतरे का ही सबब है. अगर ऐसा है, तो जल्द से जल्द ऑप्टोमेट्रिस्ट से अपॉइंटमेंट लेना जरूरी हो जाता है.

कैसे रखें आंखों का ख्याल?

अब बात आती है कि आखिर आंखों का ख्याल हम कैसे रख सकते हैं. फंडा एक ही है, अच्छा और पोषक खाएं. विटामिन ए का इनटेक बढ़ाएं. पोषक तत्वों से भरपूर पौधों-फलों, सब्जियों, मेवों, बीजों, साबुत अनाज और फलियों को अपनी डाइट में शामिल करें. गाजर को पारंपरिक रूप से आंखों के लिए सबसे अच्छी सब्जी माना जाता है, तो वहीं शकरकंद, अंडे, बादाम, मछली, पत्तेदार साग, पपीता और बीन्स भी दृष्टि का ख्याल रखने में माहिर हैं.

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4 बार दिया UPSC, तीन बार हुए पास, चौथी बार में बने IAS, पढ़िए ऐसे ही एक ऑफिसर की Success Story

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UPSC पास करने में लोगों को सालों गुजर जाते हैं. कई युवा एक बार भी पास नहीं कर पाते हैं तो कुछ ऐसे भी युवा हैं जो तीन-तीन बार UPSC क्लियर कर लेते हैं. हम आपके लिए एक खास सीरीज ‘सक्सेस मंत्रा’ लेकर आए हैं, जिसमें आज हम आपको बताएंगे गुजरात के निवासी कार्तिक जीवानी के बारे में. आईपीएस अधिकारी बनने के बाद भी आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की. उनकी यह यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें उनका लक्ष्य हासिल करने में मदद की. 

आईआईटी बॉम्बे से की मेकेनिकल इंजीनियरिंग

गुजरात के एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार्तिक जीवानी ने अपनी शिक्षा आठवीं कक्षा तक गुजराती माध्यम से की थी. इसके बाद, उन्होंने अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में प्रवेश लिया और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, उन्होंने जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा दी और दोनों में सफलता प्राप्त की. इसके बाद, उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया.

दूसरे अटेम्प्ट में बने IPS

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए, जीवानी ने सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया और 2016 में यूपीएससी की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू की. पहले प्रयास में, यानी 2017 में, वह असफल हो गए. लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अगले दो सालों तक कड़ी मेहनत की. 2019 में उन्होंने दूसरा प्रयास किया और इस बार उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 94वीं रैंक हासिल की. हालांकि, वह आईएएस के लिए सिर्फ दो रैंक से चूक गए, लेकिन वह आईपीएस अधिकारी के तौर पर चयनित हो गए.

चौथे अटेम्प्ट में बने IAS

आईपीएस की ट्रेनिंग शुरू करने के बाद भी, जीवानी ने अपनी आईएएस की तैयारी जारी रखी. उन्होंने 2019 में तीसरे प्रयास में 84वीं रैंक प्राप्त की, और इसके बाद 2020 में चौथे प्रयास में उन्होंने 8वीं रैंक हासिल की, जिससे वह आईएएस बन गए. उनके पिता के अनुसार, उन्होंने आईपीएस की ट्रेनिंग से 15 दिन की छुट्टी ली थी ताकि वह यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हो सकें.

रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई से पाई सफलता 

जीवानी ने रोजाना 10 घंटे पढ़ाई की. उनकी अधिकतर पढ़ाई रात में होती थी. वह सिर्फ किताबों पर निर्भर नहीं थे, बल्कि उन्होंने ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री का भी उपयोग किया और बहुत सारे नोट्स बनाए, जो उनकी तैयारी में सहायक साबित हुए. उनके इस संघर्ष और समर्पण से यह साबित होता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगर सच्ची मेहनत और लगातार प्रयास किया जाए, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.

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रूस की सेना ने किया 19,556 बच्चों का अपहरण? पूरी दुनिया में चर्चा का विषय

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Russia-Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक चलने वाला युद्ध है. इस युद्ध में हजारों की संख्या में लोगों की जान गई. अरबों डॉलर की संपत्ति पूरी तरह से तबाह हो गई. लेकिन अब इस युद्ध के दौरान रूस के खिलाफ एक ऐसा आरोप लगाया है, जिसे सुनने वाला हर इंसान हैरान हो गया है.

दरअसल, ब्रिटेन में लेबर पार्टी की एक सांसद ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार से सवाल किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति के लिए होने वाली चर्चा में क्या उन 19,556 बच्चों की सुरक्षित वापसी का भी जिक्र किया गया है, जिन्हें रूसी सैनिकों ने युद्ध के दौरान अगवा कर लिया था. हजारों यूक्रेनी बच्चों के अपहरण का मामला अब काफी जोर पकड़ता जा रहा है.

ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि जब तक इन बच्चों को सुरक्षित तरीके से वापस नहीं किया जाएगा, तब तक शांति को लेकर कोई बात नहीं हो सकती.

बिट्रिश सांसद ने की मांग, पीएम ने दिया जवाब

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में बहस के दौरान लेबर पार्टी की सांसद जोहाना बैक्सटर ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से सवाल किया कि क्या वह उनके साथ इस बात पर सहमति रखते हैं कि यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करने लिए रूस को पहले उन 19,556 बच्चों को सुरक्षित रूप से वापस करना होगा, जिन्हें रूसी सैनिक चुराकर ले गए.

इस सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, “आपका गुस्सा पूरी तरह से जायज है. इन बच्चों को अगवा कर ले जाया गया है. हम उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेंगे. उसके बिना शांति स्थापित करने की कोई चर्चा आगे नहीं बढ़ सकती.” प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को उठाने के लिए बैक्सटर को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें ऐसे सवाल बार-बार करने चाहिए.

19,546 बच्चे लापता, 599 की हो चुकी है मौत

यूक्रेन की सरकार का अनुमान है कि 2022 में जब से युद्ध की शुरुआत हुई, तब से कम से कम 19,500 बच्चों को यूक्रेन से रूस ले जाया गया है. जिनमें से सिर्फ 388 बच्चे ही अपने घर लौटे हैं. इन सभी बच्चों की उम्र 3 से 10 साल बताई जा रही है. हालांकि, रूस ने अभी तक इस आरोप को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

Childrenofwar.gov.ua की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध के दौरान करीब 19,546 बच्चे लापता हुए. इनमें से 599 की मौत हो चुकी है और 1774 घायल अवस्था में थे.

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वन नाइट स्टैंड के बाद प्रेग्नेंट हुई थीं कुब्रा सेत, अबॉर्शन पर सालों बाद कही ये बात

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Kubbra Sait On Abortion: एक्ट्रेस कुब्रा सेत अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं. एक्ट्रेस ने अपनी एक किताब लिखी है जिसका टाइटल ओपन बुक है. इस किताब के एक चैप्टर में कुब्रा ने बताया था कि साल 2013 में एक वन नाइट स्टैंड के बाद वे प्रेग्नेंट हो गई थीं. ऐसे में उन्हें सबसे छुपकर अबॉर्शन कराना पड़ा था. अब सालों बाद एक्ट्रेस ने अपने अबॉर्शन पर फिर बात की है और बताया है कि उस वक्त वे काफी कमजोर महसूस कर रही थीं.

बॉलीवुड बबल को दिए एक इंटरव्यू में कुब्रा सेत ने कहा- ‘मुझे लगता है कि जब मैं अबॉर्शन से गुजरी तो मैं बिल्कुल इतनी मजबूत नहीं थी. मैं बहुत कमजोर थी उसके लिए. मुझमें ये हिम्मत नहीं थी कि अगर ये हम नहीं करेंगे तो हम इसके साथ रह लेंगे. मैं उस वक्त बहुत कमजोर महसूस कर रही थी. बहुत खाली महसूस कर रही थीं. मुझे लग रहा था कि मैं इस लायक ही नहीं हूं. लेकिन बाद में ये हिम्मत आई कि आपने अपने लिए फैसला लिया और आपने जो किया आप उसपर बने रहे और स्टेरियोटिपिकल सोसाइटल नॉर्म्स को तोड़ा.’


बिना किसी को बताए खुद करवा लिया अबॉर्शन
कुब्रा ने आगे खुलासा किया कि उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन की बात सबसे छुपाई थी. उन्होंने कहा- ‘किसी को इस बारे में पता नहीं था. मैं खुद गई और मैंने जाकर खुद अबॉर्शन कराया. मैंने किसी को नहीं बताया. मैं दो से तीन हफ्ते तक सोचती रही, कुछ ऐसी चीजें होती रहीं. फिर मैं अपनी एक दोस्त से मिली एक कॉफी शॉप पर और वो कह रही थी कि तुम सुन नहीं रही. फिर मैंने बताया कि मुझे अबॉर्शन कराना है और उसने पूछा किसे तुम्हें कराना है. मैं रोने लगी क्योंकि मुझे ध्यान आया कि यार ये तो मैंने किसी को नहीं बताया था और किसी को नहीं पता था कि मैं किस चीज से गुजर रही हूं.’

‘5-6 साल बाद मुझे बहुत ब्लीडिंग हो रही थी’
कुब्रा ने इस दौरान ये भी खुलासा किया कि अबॉर्शन के कई साल बाद उन्हें काफी दिक्कतें हुई थीं. उन्होंने कहा- ‘5-6 साल बाद मुझे बहुत ब्लीडिंग हो रही थी जब मैं एक ट्रैवल शो के लिए शूट कर रही थीं. मुझे बहुत गर्मी लग रही थी, मैं बहुत बीमार हो रही थी, बहुत क्रैंकी थी. मुझे एहसास हुआ कि मैं अपने डायरेक्टर को बता सकती थी. इनक्रेडिबल लेडी उर्मी डायरेक्ट कर रही थीं लेकिन मैंने उन्हें एक बार नहीं बताया. मुझे लगा कि कोई नहीं समझेगा. फिर मुझे लगा कि कोई नहीं समझता तो ना समझे.  जब मैं किताब लिख रही थी तो मुझे किसी की फिक्र नहीं है क्योंकि ये उनके लिए नहीं था, वो मेरे लिए था. अगर मैं खुद के लिए अपने फैसलों को लेकर रहम दिल नहीं हो सकती तो क्या फायदा.’

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