इंडियन ओवरसीज बैंक में निकली 750 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट्स फटाफट करें अप्लाई

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अगर आप भी बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखते हैं तो ये खबर आपके बेहद काम की है. इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने बंपर अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य उम्मीदवारों को बैंक में अप्रेंटिस के रूप में काम करने का मौका मिलेगा. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 9 मार्च 2025 तक IOB की आधिकारिक वेबसाइट iob.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान के जरिए बैंक में अप्रेंटिसशिप के कुल 750 पदों पर भर्ती की जाएगी. आइए जानते हैं इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए जरूरी योग्यता और उम्र क्या है?

योग्यता
इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना जरूरी है.

उम्र सीमा
आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 1 मार्च 2025 के अनुसार 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. इस भर्ती में आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 944 रुपये है. वहीं, एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 708 रुपये और पीएच (दिव्यांग) वर्ग के उम्मीदवारों को 472 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में जमा करना होगा.

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चयन प्रक्रिया
इस भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑनलाइन रिटेन टेस्ट से गुजरना होगा. यह परीक्षा बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार की होगी, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा के चार मुख्य सेक्शन होंगे. जोकि नीचे बताए गए हैं.  ऑनलाइन टेस्ट में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को लोकल लैंग्वेज टेस्ट से गुजरना होगा. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.

जनरल/फाइनेंसिंग अवेयरनेस: 25 प्रश्न
जनरल इंग्लिश: 25 प्रश्न
क्वांटिटेटिव एवं रीजनिंग एप्टीट्यूड: 25 प्रश्न
कंप्यूटर या विषय ज्ञान: 25 प्रश्न

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कितना होगा स्टाइपेंड
चयनित उम्मीदवारों को उनके तैनाती स्थान के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा. मेट्रो ब्रांच में तैनाती होने पर 15,000 रुपये, शहरी (Urban) क्षेत्र में 12,000 रुपये, और सेमी-उर्बन/ग्रामीण (Semi-Urban/Rural) क्षेत्र में 10,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा.

ऐसे करें अप्लाई
कैंडिडेट्स सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक में अप्रेंटिसशिप भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.iob.in पर जाना होगा. यहां “Careers” सेक्शन में या फिर वेबसाइट www.bfsissc.com के “Career Opportunities” सेक्शन में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें. आवेदन से जुड़ी डिटेल्स दर्ज करें. साथ ही निर्धारित शुल्क जमा कर दें. फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट निकाल लें.  

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बेरोजगारी, महंगाई और टैक्स... ट्रंप के टैरिफ प्लान से अमेरिकियों को भुगतना पड़ेगा बड़ा खामियाजा, एक्सर्ट्स ने दी चेतावनी

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गांव, गाय और क्रांति से खड़ी हुई ये कंपनी, आज हर घर में सुबह-सुबह पहुंच जाता है इसका प्रोडक्ट

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Amul Success Story: भारत में दूध और डेयरी उत्पादों का नाम आते ही सबसे पहले जो ब्रांड दिमाग में आता है, वह है AMUL. यह न सिर्फ एक ब्रांड है, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और सहकारिता की एक मिसाल है. AMUL, जिसका पूरा नाम ‘आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड’ है, ने न सिर्फ भारत को ‘दूध की कमी’ वाले देश से ‘दूध का सबसे बड़ा उत्पादक’ बनने की राह दिखाई, बल्कि लाखों किसानों की जिंदगी भी बदल दी. यह कहानी है AMUL की सफलता की, जो आज दुनिया भर में एक मॉडल के तौर पर पहचानी जाती है.

एक सपना और संघर्ष

AMUL की नींव 1946 में रखी गई थी, जब गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों ने अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई. उस समय ब्रिटिश शासन और बड़े डेयरी व्यवसायियों के चंगुल में फंसे किसानों को दूध के लिए उचित दाम नहीं मिलते थे. इस स्थिति से तंग आकर सरदार वल्लभभाई पटेल और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में किसानों ने एक सहकारी समिति बनाई, जिसका नाम रखा गया ‘खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड’. इसी संगठन ने आगे चलकर AMUL का रूप लिया.

डॉ. वर्गीज कुरियन, जिन्हें ‘भारत की श्वेत क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है, ने इस आंदोलन को नई दिशा दी. उनके नेतृत्व में AMUL ने न सिर्फ किसानों को उचित दाम दिलाए, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में भी क्रांति ला दी.

दूध क्रांति की शुरुआत

1970 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन फ्लड’ ने AMUL की सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत को दूध के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था. इस कार्यक्रम के तहत AMUL ने गांव-गांव में डेयरी सहकारी समितियों का नेटवर्क बनाया. किसानों को प्रशिक्षण दिया गया, दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराई गई और एक कुशल आपूर्ति श्रृंखला विकसित की गई.

ऑपरेशन फ्लड की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1970 में भारत दूध की कमी वाला देश था, लेकिन 1998 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बन गया. AMUL ने इस क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाई.

AMUL का बिजनेस मॉडल

AMUL की सफलता का राज इसके अनूठे बिजनेस मॉडल में छुपा है. यह मॉडल ‘सहकारी समितियों’ पर आधारित है, जिसमें किसान सीधे तौर पर जुड़े होते हैं. AMUL के पास आज 36 लाख से ज्यादा किसान सदस्य हैं, जो हर रोज करोड़ों लीटर दूध का उत्पादन करते हैं.

इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें किसानों को दूध का उचित दाम मिलता है और वे उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं. AMUL ने डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला विकसित की है, जिसमें दूध, दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट जैसे उत्पाद शामिल हैं.

‘द टेस्ट ऑफ इंडिया’

AMUL ने न सिर्फ उत्पादन में, बल्कि ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी नए मानदंड स्थापित किए हैं. AMUL का मशहूर नारा ‘उत्तम दूध, उत्तम स्वास्थ्य’ और ‘द टेस्ट ऑफ इंडिया’ ने इसे घर-घर में पहचान दिलाई. AMUL की मास्कट ‘अमुल गर्ल’ और उसके विज्ञापनों ने भारतीय जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है.

वैश्विक पहचान और भविष्य

आज AMUL न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में एक विश्वसनीय ब्रांड है. इसने निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है. AMUL की सफलता ने साबित किया है कि सहकारिता और सामूहिक प्रयास से किसानों की जिंदगी बदली जा सकती है. भविष्य में AMUL नई तकनीकों और इनोवेशन के जरिए अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के जरिए AMUL ने अपनी पहुंच को और व्यापक बनाया है.

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बेरोजगारी, महंगाई… ट्रंप के टैरिफ प्लान को लेकर एक्सपर्ट्स ने अमेरिकियों को क्या चेतावनी दी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान ने दुनियाभर में तो ट्रेड वॉर जैसी स्थिति पैदा कर ही दी है, लेकिन इसका खामियाजा अमेरिकियों को भी भुगतना पड़ेगा. एक्सपर्ट्स ने अमेरिका और जवाब में दूसरे देशों की ओर से लगाए जा रहे टैक्स को देखते हुए अनुमान जताया है कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और महंगाई की भी मार अमेरिकियों को झेलनी पड़ेगी. अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की व्यापार नीतियों से कीमतें बढ़ेंगी, प्रोडक्शन कम होगा, आपूर्ति बाधित होगी और आर्थिक अस्थिरता आएगी.

सोमवार (3 मार्च, 2025) को अमेरिकी सरकार के टैरिफ ऐलान से पहले ही एक दस्तावेज में चिंता जताई गई थी कि टैरिफ बढ़ाए जाने से प्रोडक्सन पर असर पड़ेगा. उसमें तर्क दिया गया कि अगर ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको के लिए टैरिफ बढ़ाया तो सामानों के फैक्ट्री गेट प्राइस में बढ़ोतरी होगी, जिसकी वजह से प्रोडक्शन पर असर पड़ेगा. फैक्ट्री गेट प्राइस किसी सामान की टैक्स लगाए जाने से पहले की कीमत होती है. 

ट्रंप के टैरिफ प्लान से बढ़ेगी बेरोजगारी
कनेडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के सीईओ कैंडेस लेइंग ने कहा कि ट्रंप का यह फैसला अमेरिका और कनाडा को मंदी, बेरोजगारी और आर्थिक आपदा की ओर मजबूर कर रहा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप जो टैरिफ लगा रहे हैं, वो अमेरिकियों के लिए टैक्स है. कैंडेस ने कहा कि ट्रंप अमेरिका के स्वर्ण युग की शुरुआत की बातें कर रहे हैं, लेकिन उनके ये फैसले उपभोक्ताओं और उत्पादकों के लिए लागत बढ़ाएंगे, जिसकी वजह से प्रोडक्शन और आपूर्ति श्रंखला बाधित होगी.  

अमेरिकियों का बढ़ेगा बोझ
ट्रंप के टैरिफ प्लान से ग्रोसरी मार्केट बड़े स्तर पर प्रभावित होगा. खाद्य मुद्रास्फिती (Food Inflation) पहले से ही अमेरिकियों के लिए चिंता का विषय है. अमेरिका मेक्सिको से बड़े लेवल पर सब्जियां, फल और फ्रोजन जूस खरीदता है. 2023 में अमेरिका ने 10 अरब डॉलर की सब्जियां और 11 अरब डॉलर के फल और जूस खरीदे थे. अब नए टैरिफ लगने से अमेरिकियों का घर खर्च बढ़ेगा. इसके अलावा, मेक्सिको से आने वाले एवेकेडो, बीयर, टकीला और खाद्य सामानों की कमीतों में वृद्धि का बोझ भी अमेरिकियों पर पड़ेगा.

अमेरिका में इस्तेमाल किए जाने वाले आधे से ज्यादा ऑटोमोटिव व्हीकल्स, पार्ट्स और इंजन मेक्सिको और कनाडा में बनते हैं. ट्रंप के ऐलान से ऑटोमोटिव सेक्टर भी प्रभावित होगा.

ट्रंप के ऐलान से शेयर मार्केट को लगा झटका
टैरिफ की खबरों का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला. शेयर मार्केट जबरदस्त तरीके से नीचे गया, जबकि सेफ-हेवन बॉन्ड्स में बढ़ोतरी देखी गई. सोमवार को यूएस वॉल स्ट्रीट का मुख्य स्टोक इंडेक्स नीचे गिर गया और देर रात काफी कम पर बंद हुआ. एस एंड पी 500 1.75 फीसदी की गिरवट के साथ 5,850.31 पॉइंट्स पर बंद हुआ, जबकि नसदाक कोम्पोसाइट (Nasdaq Composite) 2.64 पर्सेंट की गिरावट के साथ 18,350 पर आ गया. डोउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.47 पर्सेंट की गिरावट के साथ 43,197.30 पर बंद हुआ.

चीन, कनाडा और मेक्सिको ने भी अमेरिकी इंपोर्ट पर लगाए टैरिफ
चीन, कनाडा और मेक्सिको पर अमेरिका ने ट्रैरिफ लगाया, जिसके बाद इन देशों ने भी अमेरिकी इंपोर्ट पर जवाब में टैरिफ लगा दिए. चीन पर अमेरिका ने 20 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जिसके बाद चीन ने अमेरिकी इंपोर्ट पर 10 से 15 फीसदी तक के अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. उधर, कनाडा और मेक्सिको को एक महीने की मोहलत देने के बाद 3 मार्च से ट्रंप प्रशासन ने 25 पर्सेंट का टैरिफ लगा दिया. कनाडाई एनर्जी प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया गया है. कनाडा ने भी अमेरिकी सामानों पर 25 पर्सेंट का टैरिफ लगाया है

 

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अब Netflix की तरह काम करेगी YouTube, होने जा रहा बड़ा बदलाव, कंपनी ने बनाया यह प्लान

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वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कंपनी अब सब्सक्रिप्शन-बेस्ड कंटेट की तरफ ज्यादा ध्यान लगाएगी. नेटफ्लिक्स और अमेजन की तरह यहां भी थर्ड-पार्टी कंटेट इंटीग्रेट किया जा सकता है. दरअसल, YouTube विज्ञापनों के अलावा अन्य तरीकों से भी पैसा कमाने के रास्ते खोज रही है. इसके चलते पूरे प्लेटफॉर्म के लेआउट को भी रीडिजाइन करने की योजना बनाई जा रही है. आइए जानते हैं कि इस बारे में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है.

कैसा होगा रीडिजाइन्ड प्लेटफॉर्म?

रिपोर्ट्स के अनुसार, YouTube ऐप का लेआउट दोबारा डिजाइन किया जाएगा और इस बारे इसे नेटफ्लिक्स या डिज्नी प्लस जैसा लुक दिया जा सकता है. इसमें शोज को एक अलग जगह पर दिखाया जाएगा. इसी तरह पेड सब्सक्रिप्शन सर्विसेस के लिए अलग से सेक्शन दिया जा सकता है. क्रिएटर्स के लिए इस नए डिजाइन में काफी कुछ होगा. क्रिएटर्स को अपने शोज के एपिसोड्स और सीजन दिखाने के लिए डेडिकेटेड शो पेज मिलेंगे, जो अभी तक उपलब्ध नहीं है. इसकी मदद से व्यूअर्स के लिए अपने मनपसंद क्रिएटर्स के शोज देखना आसान हो जाएगा.

YouTube से ही कई सर्विसेस के लिए किया जा सकेगा साइन-अप

अमेजन अभी अपनी ऐप पर कई स्ट्रीमिंग सर्विसेस के सब्सक्रिप्शन ऑफर करती है. इसी तरह YouTube पर भी कई सर्विसेस में लॉग-इन की सुविधा मिलेगी. यूजर्स बिना YouTube से बाहर आए इनकी सर्विसेस को सब्सक्राइब कर सकेंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार, नया डिजाइन पेड सर्विसेस के साथ-साथ क्रिएटर्स के शोज को डिस्कवरी को आसान बनाने का काम करेगा. इसकी टाइमलाइन अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में यूजर्स को YouTube का एक नया रूप देखने को मिलेगा.

विज्ञापन दिखाने का तरीका भी बदलेगी YouTube

यूट्यूब ने कहा है कि 12 मई से वीडियो के नैचुरल ब्रेकप्वाइंट पर विज्ञापन नजर आएंगे. इसका मतलब है कि अभी जैसे वीडियो के बीच में कहीं भी विज्ञापन चलना शुरू हो जाते हैं. इसे बदलकर अब कंपनी किसी सीन या डायलॉग के बीच विज्ञापन नहीं दिखाएगी. अब ये विज्ञापन किसी सीन के ट्रांजिशन पर पॉज पर प्लेस किए जाएंगे. इससे वीडियो देखने का अनुभव बेहतर होगा और क्रिएटर्स की कमाई भी बढ़ेगी.

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स्टेज पर अक्षय कुमार को रेखा ने किया इग्नोर, अमिताभ बच्चन के बेटे को लगाया गले, वीडियो वायरल

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Rekha-Akshay Kumar Video: बॉलीवुड सेलेब्स के नाम अक्सर किसी न किसी के साथ जुड़ते रहते हैं. कुछ लिंकअप्स हमेशा याद रहते हैं. बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा रेखा का नाम जब भी लिया जाता है तो अमिताभ बच्चन का नाम अपने आप लिया जाने लगता है. अमिताभ बच्चन के अलावा  भी कई एक्टर्स के साथ रेखा का नाम जुड़ा है. उनमें से एक अक्षय कुमार भी है. रेखा और अक्षय ने साथ में फिल्म खिलाड़ियों का खिलाड़ी में काम किया था. उस समय रिपोर्ट आईं थीं कि रेखा अक्षय को पसंद करने लगी थीं. अब कई सालों बाद दोनों एक साथ आए तो रेखा ने उन्हें इग्नोर कर दिया. रेखा और अक्षय का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है.

सोमवार को एक अवॉर्ड फंक्शन हुआ था जिसमें कई बड़े कलाकार पहुंचे थे. अक्षय कुमार से लेकर रेखा अभिषेक बच्चन और शिल्पा शेट्टी भी शामिल हुए थे. अवॉर्ड शो में रेखा को सम्मानित किया गया. जिसके बाद का वीडियो सामने आया है.

रेखा ने अक्षय को किया इग्नोर
वीडियो में रेखा स्टेज पर हाथ में अवॉर्ड लेकर खड़ी हैं. अक्षय कुमार और शिखर धवन साथ में स्टेज पर आते हैं. रेखा शिखर धवन को तो गले मिलती हैं और अक्षय कुमार को इग्नोर कर देती हैं. अक्षय साइड में जाकर खड़े हो जाते हैं.


अभिषेक बच्चन को मिलीं गले
अक्षय कुमार के जाने के बाद अभिषेक बच्चन स्टेज पर आते हैं. अभिषेक के आने पर रेखा उन्हें बहुत प्यार से हग कर रही हैं.  इस वीडियो पर लोग ढेर सारे कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- अक्षय कुमार को क्यों इग्नोर किया. एक ने लिखा-एक ऐसी घटना जिसने कई रिश्ते बनाए और तोड़े. एक ने लिखा- अभिषेक सोच रहा है आज मम्मी मारेगी.

बता दें इस शो का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी साथ में डांस करते नजर आ रहे हैं. उनका ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है.

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ऑफिस में बैठकर काम करने वाले हो रहे हैं मोटापे का शिकार, आपकी सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

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मोटापा दिन पर दिन एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है. इसे आप कभी भी हल्के में न लें क्योंकि यह बस शुरुआत होती है. इसके बाद आप कई दूसरी गंभीर बीमारियों का दरवाजा खोल देते हैं. इसलिए कहते हैं न मोटापा वक्त रहते कंट्रोल कर लेना चाहिए. लैंसेट की स्टडी के मुताबिक जितना हो सके मोटापा को शुरुआत में ही कंट्रोल कर लेना चाहिए. 

लगातार बैठकर काम करने के कारण मोटापे का शिकार हो रहे हैं लोग

हेल्दी और मोटापा में जमीन  आसमां का फर्क है. यह एक गंभीर हेल्थ कंडीशन है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है खराब खानपान और लाइफस्टाइल. दुनिया का लगभग हर देश इस परेशानी से जूझ रहा है. लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले सालों में 25 साल या उससे अधिक उम्र वाले लोग ओवरवेट या मोटापे का शिकार हो जाएंगे. ‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों की उम्र 25 से ज्यादा है. उनमें से 59 प्रतिशत लोग गंभीर मोटापे का शिकार हो जाएंगे. यह सिर्फ जवान और बूढ़े लोगों को ही नहीं बल्कि वयस्क और बच्चे लोगों को भी अपना शिकार बना लेगा. अगर इसे रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह गंभीर रूप ले सकती है. 

आने वाले साल में मोटापा का ऐसा रहेगा आंकड़ा

लैंसेट की स्टडी के मुताबिक 2.11 बिलियन 25 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों का वजन ज्यादा है या फिर मोटापे के शिकार तेजी से हो रहे हैं. दूसरी तरफ 493 मिलियन बच्चे या 5 से 24 साल के लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं. जबकि 1990 में केवल 731 मिलियन वयस्क और 198 मिलियन बच्चे इस स्थिति में थे. इस रिपोर्ट में खुलकर यह बात रखी गई है कि वक्त रहते इस कंट्रोल किया जाए नहीं तो परिणाम काफी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं. इसी रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा रहा है कि  2050 तक 3.8 बिलियन 25 या ज्यादा उम्र के लोग और 746 मिलियन बच्चे व 24 साल से कम उम्र के लोग ओवरवेट या मोटापे के शिकार हो जाएंगे. यह स्थिति काफी ज्यादा खतरनाक है. 

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मोटापे का कारण इन गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं लोग

लैंसेट ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी का वजन पिछली पीढ़ी की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है और मोटापा भी पहले से बढ़ रहा है. इससे टाइप 2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी रोग और कम उम्र में होने वाले कई कैंसर सहित स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने अपने मासिक रेडियो संबोधन “मन की बात” में इस मुद्दे पर बात करने के बाद से देश में मोटापे पर बड़े पैमाने पर ध्यान दिया जा रहा है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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