शारीरिक संबंध और इंटीमेसी को आर्ट की तरह दिखाती हैं ये बॉलीवुड फिल्में

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Best Movies on Intimacy: इंटीमेसी, फिजिकल रिलेशनशिप, स्मूच और किसिंग का नाम किसी फिल्म के साथ जुड़ते ही ये मान लिया जाता है कि ये वल्गर फिल्म होने वाली है. लेकिन बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिनमें खुलापन था और इंटीमेसी को एक हद से भी ज्यादा बढ़कर दिखाया गया था.

हालांकि, इसकी बावजूद ये फिल्में वल्गर नहीं थीं, बल्कि इनमें ऐसे सीन्स आर्टिस्टिक वे में दिखाए गए थे. यानी जो देखकर आपको अश्लील न लगे. आज यहां ऐसी ही फिल्मों के बारे में जानते हैं.

कामसूत्र (Kama Sutra A Tale of Love)

1996 में आई इस फिल्म को बेहतरीन डायरेक्टर मीरा नायर ने डायरेक्ट किया था. 3 दशक पहले आई इस फिल्म में रेखा और इंदिरा वर्मा जैसी एक्ट्रेस थीं. फिल्म को लेकर तब काफी विवाद हुआ था और इसे इंडिया में बैन भी कर दिया गया था.

हालांकि, इसे कान्स फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था और दुनियाभर में तारीफों के बीच सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन सीशेल अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी किया गया था.

शारीरिक संबंध और इंटीमेसी को आर्ट की तरह दिखाती हैं ये बॉलीवुड फिल्में

फायर (Fire)

इस इंडो-कैनेडियन मूवी को दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था. ये फिल्म कामसूत्र वाले साल यानी 1996 में आई थी. उस जमाने में जब फिल्मों में किस तक दिखाना बवाल करवा जाता था, इस फिल्म में समलैंगिक संबंधों को दिखाया गया था. हालांकि, इसे भी तब इंडिया में बैन कर दिया गया था. इस फिल्म में शबाना आजमी और नंदिता दास ने काम किया था.

शारीरिक संबंध और इंटीमेसी को आर्ट की तरह दिखाती हैं ये बॉलीवुड फिल्में

मर्डर (Murder)

अनुराग बसु के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म साल 2004 में आई थी. इस फिल्म में इमरान हाशमी और मल्लिका शेरावत थे. फिल्म की खास बात ये थी कि इरोटिक होने के बावजूद फिल्म के सीन इतनी खूबसूरती से फिल्माए गए थे कि वो कहीं भी वल्गर नहीं लग रहे थे. इस फिल्म को काफी सराहा गया था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था.

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मोबाइल से 72 घंटे की दूरी बेहतर कर सकती है मूड, दिमाग पर होते हैं कई सकारात्मक प्रभाव

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आजकल Smartphone का यूज बहुत बढ़ गया है. बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, रोजाना कई घंटों तक इन मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. कई लोगों को मोबाइल की इतना बुरी लत लग जाती है कि इसके बिना उनका मूड चिड़चिड़ा होने लगता है. हालांकि, इस लत से छुटकारा पाया जा सकता है. एक रिसर्च में सामने आया है कि मोबाइल से सिर्फ 72 घंटे की दूरी व्यक्ति के दिमाग पर कई सकारात्मक असर डालती है.

तीन दिन तक चला ट्रायल

हाल ही में हुई एक स्टडी में पता चला है कि थोड़े समय के लिए भी फोन से दूरी दिमाग पर अच्छा असर डालती है. इस स्टडी के लिए रिसर्चर ने युवाओं को 72 घंटे तक मोबाइल इस्तेमान न करने को कहा. हालांकि, इस दौरान उन्हें अपने परिवार और पार्टनर से बात करने के लिए मोबाइल यूज की छूट दी गई थी. तीन दिन तक चले इस ट्रायल से पहले इन युवाओं का MRI और साइकलॉजिकल टेस्ट किया गया था. इसके अलावा उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी लेने के लिए मूड, फोन चलाने की आदतें और क्रेविंग आदि के बारे में जानकारी ली गई थी.

स्टडी में पता चली यह बात

फोन पर 72 घंटे की पाबंदी के बाद रिसर्च में शामिल युवाओं को एक बार फिर MRI स्कैन किया गया. इससे पता चला कि स्मार्टफोन के कम इस्तेमाल से डोपेमाइन और सेरोटोनिन से जुड़े हिस्सों में बदलाव हुआ है. डोपेमाइन और सेरोटोनिन न्यूरोट्रांसमीटर होते हैं, जो मूड, इमोशन और लत आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. फोन छोड़ने से दिमाग पर नशीले पदार्थ छोड़ने जैसा असर होता है.

इंटरनेट से दूरी के भी हैं कई फायदे

अमेरिका और कनाडा की कुछ यूनिवर्सिटीज की रिसर्च में यह सामने आया था कि इंटरनेट यूज न करने से दिमाग जवान रहता है. रिसर्च में हिस्सा लेने वाले लोगों ने इंटरनेट का यूज न कर खुद को पहले से ज्यादा खुश और जिंदगी से अधिक संतुष्ट पाया. इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में हुआ सुधार कॉग्नेटिव बिहेवियरल थेरैपी (CBT) के बराबर था. इन लोगों ने बताया कि उनका फोकस बेहतर हुआ है और रोजाना औसतन 17 मिनट अधिक नींद ली. अटेंशन टेस्ट में इन लोगों ने अपनी उम्र से 10 साल जवान लोगों के दिमाग के बराबर प्रदर्शन किया था.

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अमेरिका की डिमांड कार इम्पोर्ट पर जीरो टैरिफ लगाए भारत, क्या टेस्ला की राह होगी आसान?

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Elon Musk Tesla: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार चाहती है कि भारत प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत ऑटोमोबाइल के इम्पोर्ट पर से टैरिफ हटा दे. रॉयटर्स से बात करते हुए कुछ सूत्रों ने जानकारी दी कि भारत सरकार संभावित कटौती पर विचार कर रही है, लेकिन इसे पूरी तरह से हटा देने से हिचकिचा रही है. 

भारत दूसरे देशों से वाहनों के आयात पर 110 परसेंट टैरिफ लगाता है. टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने इसे सबसे अधिक बताया था. टैरिफ के चलते ही इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली इस अमेरिकी कंपनी ने भारतीय बाजारों में प्रवेश करने के अपने प्लान को टाल दिया था. बता दें कि भारत ऑटोमोबाइल के सेक्टर में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. 

भारत के हाई टैरिफ से अमेरिका को ऐतराज

रॉयटर्स को दी गई जानकारी के मुताबिक, ऑटोमोबाइल पर भारत के इस भारी-भरकम टैरिफ को लेकर आने वाले समय में औपचारिक वार्ता की जाएगी. इसका बेनिफिट एलन मस्क के टेस्ला को मिल सकता है, जिसकी भारत में एंट्री लगभग तय हो चुकी है. कंपनी अपना पहला शोरूम मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में खोलने जा रही है. ट्रंप भी एलन मस्क का समर्थन करते हुए भारत के हाई टैरिफ की बार-बार आलोचना कर चुके हैं. 

अब भारत पर टैरिफ लगाएगा अमेरिका

मंगलवार को कांग्रेस के ज्वॅइंट सेशन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘भारत यूएस ऑटोमोबाइल पर 100 फीसदी से भी ज्यादा टैरिफ लगाता है.’ इसके जवाब में उन्होंने 2 अप्रैल से भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की बात कह दी. एक सूत्र की दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘अमेरिका चाहता है भारत कृषि को छोड़कर बाकी अधिकतर क्षेत्रों में टैरिफ को या शून्य कर दे या कम से कम कर दे.’

टैरिफ को लेकर दोनों देशों में हुई बात

हाल ही में ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक में दोनों देशों ने टैरिफ विवादों को सुलझाने और 2025 तक समझौते के प्रारंभिक चरण को विकसित करने पर सहमत हुए, तथा 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा. 

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​​SSC CHSL Tier-2 स्कोरकार्ड और फाइनल आंसर की जारी, 20 मार्च तक कर सकेंगे डाउनलोड

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कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने SSC CHSL टियर-2 परीक्षा 2024 का फाइनल आंसर की, स्कोरकार्ड और रिस्पॉन्स शीट जारी कर दी है. परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने अंक और उत्तर कुंजी देख सकते हैं. आयोग ने 18 फरवरी 2025 को SSC CHSL 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी किया था और अब एग्जाम में सफल और असफल सभी अभ्यर्थियों के लिए स्कोरकार्ड डाउनलोड करने का विकल्प दिया गया है.

20 मार्च तक देख सकेंगे स्कोरकार्ड

SSC ने एक आधिकारिक नोटिस में बताया है कि उम्मीदवार 6 मार्च 2025 (शाम 6 बजे) से 20 मार्च 2025 (शाम 6 बजे) तक अपनी पंजीकृत आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके रिजल्ट/मार्क्स सेक्शन में जाकर अपने अंक देख सकते हैं. इस समय सीमा के बाद स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं रहेगा, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को समय पर इसे डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है.

उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्र का प्रिंट आउट लेना जरूरी

आयोग ने यह भी बताया है कि उम्मीदवार अपनी फाइनल आंसर की और प्रश्न पत्र के साथ प्रतिक्रिया पत्रक (रिस्पॉन्स शीट) का प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रख लें, क्योंकि बाद में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.

SSC CHSL परीक्षा का महत्व

SSC CHSL परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), पोस्टल असिस्टेंट और अन्य पदों पर नौकरी पाना चाहते हैं. इस परीक्षा के माध्यम से हजारों उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी मिलती है.

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SSC CHSL Tier-2 स्कोरकार्ड ऐसे करें डाउनलोड

  • स्टेप 1: सबसे पहले उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं.
  • स्टेप 2: इसके बाद होमपेज पर लॉगिन सेक्शन में अपनी पंजीकृत आईडी और पासवर्ड डालें.
  • स्टेप 3: फिर उम्मीदवार “रिजल्ट/मार्क्स” टैब पर क्लिक करें.
  • स्टेप 4: आवेदन अब आपकी स्क्रीन पर स्कोरकार्ड खुल जाएगा.
  • स्टेप 5: इसके बाद उम्मीदवार सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें और फिर डाउनलोड करें.
  • स्टेप 6: आगे के लिए स्कोरकार्ड का प्रिंट आउट निकाल लें, ताकि बाद में कोई समस्या न हो.

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मार्च महीने में 4 ग्रहों का राशि परिवर्तन, ये राशियां रहें सतर्क

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March Grah Gochar 2025: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मार्च माह ग्रह और नक्षत्रों के हिसाब से काफी खास होने वाला है क्योंकि इस माह सूर्य, बुध, शनि और शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने वाले हैं. मार्च माह में 4 ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है. मार्च के महीने में भी कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदलेंगे.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मार्च मास में शुक्र, बुध, शनि और सूर्य ग्रह राशि परिवर्तन करने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राशि परिवर्तन करने से 12 राशियों के जीवन में शुभ या फिर अशुभ प्रभाव पड़ता है

शुक्र 02 मार्च को होंगे वक्री

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुखों के कारक शुक्र ग्रह 02 मार्च को सुबह 06:02 मिनट पर मीन राशि मीन में वक्री होंगे. यह गोचर मीन राशि वालों के लिए प्रतिकूल प्रभाव देने वाला रहेगा जातक के वैभव ऐश्वर्य, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा में कमी आएगी.

लाइफ पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. समय को धैर्यपूर्वक निकालें. शुक्रवार के दिन सफेद रंग की मिठाई का भोग लक्ष्मी माता को लगाकर छोटी कन्याओं को दान करें.

सूर्य का मीन में गोचर

ग्रहों के राजा सूर्य देव 14 मार्च को संध्याकाल 06: 34 मिनट पर अपने मित्र ग्रह बृहस्पति की राशि मीन में गोचर करेंगे. सूर्य का गोचर मीन राशि के जातकों के लिए अत्यधिक लाभदायक रहने वाला है. सरकारी नौकरी अथवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर लोगों को सफलता मिल सकती है.

व्यापार-व्यवसाय में जिन जातकों का काम रुका हुआ है, वह काम पूरा हो सकता है. जातक का आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा. समाज में मान सम्मान, ख्याति प्राप्त होगी. राजनीति से जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है.

बुध 15 मार्च को होंगे वक्री

ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह मीन राशि में 15 मार्च को दोपहर 12:20 पर वक्री होंगे और 7 अप्रैल को दोपहर 4:39 पर मार्गी होंगे। इस दौरान मीन राशि के जातक को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा. जातक भ्रमित रहेंगे. निर्णय लेने की क्षमता में कमी आयेगी.

बुद्धि और विवेक का तालमेल नहीं बनेगा. जातक को व्यापार-व्यवसाय में हानि हो सकती है. सतर्क रहें गृह क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.साथ ही छोटे भाई बहन से लड़ाई या विवाद हो सकता है. जातक का दिमाग पढ़ाई-लिखाई में नहीं रहेगा. मन भय, नकारात्मक विचारों से ग्रस्त हो सकता है.

19 मार्च को अस्त होंगे बुध ग्रह

बुध ग्रह 19 मार्च को सुबह 5:54 पर अस्त होंगे और 1 अप्रैल को सुबह 8:37 पर उदय होंगे. यह गोचर मीन राशि के जातकों के लिए अच्छा नहीं रहेगा. जातक इस अवधि में तनाव ग्रस्त महसूस करेंगे जो जातक नौकरी से जुड़े हैं, उन पर बोझ बढ़ सकता है. व्यापार-व्यवसाय में भी नकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे.

जातक इस अवधि में अत्यधिक खर्च कर सकता है. सलाह दी जाती है कि जरूरत होने पर ही पैसे खर्च करें. आर्थिक दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं रहेगा. जातक को पेट दर्द का भी सामना करना पड़ सकता है. प्रतिदिन गणेश जी पर दूर्वा चढ़ाएं और गणेश अथर्वशीर्ष का नियमित पाठ करें.

शनि का मीन में गोचर

न्याय के देवता शनिदेव 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. यह गोचर मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है. जो जातक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में सफलता प्राप्त हो सकती है. व्यापार-व्यवसाय में कोई नया आइडिया या प्रभावशाली योजना का विस्तार कर सकते हैं.

इस अवधि में विदेश से धन लाभ हो सकता है. जातक को सलाह दी जाती है कि इस अवधि में शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें और अन्य प्रलोभन वाली चीजों से भी बचें अन्यथा नुकसान हो सकता है. इस अवधि में कोई निकट का व्यक्ति धोखा दे सकता है. सतर्क रहें. प्रतिदिन सूर्यास्त के पश्चात शनि चालीसा का पाठ करें.

प्राकृतिक आपदा और दुर्घटनाओं की आशंका

बड़े मामले सामने आएंगे. बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के योग बनेंगे. राजनीतिक उथल-पुथल एवं प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी. धरना जुलूस प्रदर्शन आंदोलन गिरफ्तारियां होगी.

दुर्घटना होने की संभावना. देश और दुनिया में राजनीतिक बदलाव होंगे. सत्ता संगठन में परिवर्तन होगा. आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा. अचानक मौसमी बदलाव भी हो सकते हैं. बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है. सेना की ताकत बढ़ेगी. देश की कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी. मनोरंजन फिल्म खेलकूद एवं गायन क्षेत्र से बुरी खबर मिलेगी. बड़े नेताओं का दुखद समाचार मिलने की संभावना.

राशियों को होगा फायदा

वृषभ, मिथुन, कर्क, तुला और मीन राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता मिलने वाली है. आर्थिक मामलों में भी फायदा मिलेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. कार्य स्थल में आपके काम की प्रशंसा होगी. ऐसे में पदोन्नति भी मिल सकती हैं. व्यापारी वर्ग के लोगों को भी मुनाफा मिलेगा।कार्यों में अच्छी सफलताएं प्राप्त होंगी.

करें पूजा-पाठ और दान

  • ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें.
  • प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • हनुमान चालीसा और संकट मोचन का पाठ करें. लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं.
  • हनुमान जी को पान और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है.
  • महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए. माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.

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Disclaimer : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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टैरिफ का किस्सा है पुराना: जब खत्म हुआ था सेकेंड वर्ल्ड वॉर और जर्मनी में बढ़ी थी चिकन की खपत

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<p style="text-align: justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ये एलान किया कि आने वाले 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया जाएगा. ऐसे में सबसे पहले ये सवाल उठता है कि आखिर ये रेसिप्रोकल टैरिफ है क्या और इसके लागू किए जाने से भारत और पूरी दुनिया में उसका क्या कुछ असर होगा. दरअसल, टैरिफ एक तरह का टैक्स है जो किसी देश की तरफ से लगाया जाता है, जब वे किसी दूसरे देश से सामान खरीदते हैं. यानी आयात करने के ऊपर ये टैक्स लगाया जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसे प्रोटेक्शनिस्ट पॉलिसी (Protectionist policy) कहा जाता है. इसके लगाने से ये होता है कि जिस देश से हम सामान लेते हैं, वो सामान महंगा हो जाता है. स्थानीय उत्पाद और उद्योगों को संरक्षण के लिए ये कदम उठाया जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब सवाल आता है उस रेसिप्रोकल की, जिसके बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बात की है. रेसिप्रोकल टैरिफ वो होता है जो हम उस देश पर लगाते हैं और उसी मैचिंग से लगाते हैं जिस देश ने हमारे ऊपर टैरिफ लगाया होता है. मान लीजिए कि दो देश है- ए और बी. अगर देश ए ने बी पर अगर 10% टैरिफ देश बी पर लगाया है तो देश बी भी इसके जवाब में आयात पर 10% टैरिफ लगाता है. इसे रेसिप्रोकल टैक्स कहा जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रेसिप्रोकल टैरिफ लगने की कहानी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, अब सवाल ये उठता है कि ये टैरिफ आखिरकार आया कहां से है. टैरिफ कर लगाने का एक पुराना तरीका है. अब बताते हैं कि आखिर कब से ये लगाना शुरू किया गया. सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद जर्मनी में लोगों ने खूब चिकन खाना शुरू कर दिया, खासकर अमेरिकन चिकन. इससे यूनाइटेड स्टेट्स के किसानों के चिकन की बिक्री बहुत ज्यादा होने लग गई. 50 मिलियन डॉलर के करीब उनके चिकन की बिक्री होने लगी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src=" /></p>
<p style="text-align: justify;">इसका परिणाम ये हुआ कि यूरोपीयन किसानों पर इसका असर होने लग गया. आज जिस संघ को हम जानते हैं यूरोपीयन यूनियन, उस वक्त जो ऑर्गेनाइजेशन थी उसने ये कहा कि हम चिकन पर टैरिफ लगा देते हैं और उन्होंने टैरिफ लगा दिया. इसके बाद जो चिकन 1.60 डॉलर का था वो हो गया 2.25 डॉलर का. इससे आयात कम होना शुरू हो गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आयात को हतोत्साहित करने का प्रयास</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जब आयात कम हुए तो जैसे आज डोनाल्ड ट्रंप बात कर रहे हैं कि अमेरिकन इकॉनोमी प्रभावित हो रही है, &nbsp;मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (मागा) का स्लोगन दे रहे हैं. उस वक्त अमेरिकी नेताओं ने ये सोचा कि जर्मनी एक बड़ी मार्कट उनके चिकन की बिक्री के लिए है, तो उन्होंने सोचा कि हम जर्मन को कैसे रोकें, ताकि उनके दिमाग में बदलाव लाया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद उन्होंने 25% टैरिफ ट्रकों के ऊपर लगा दिया, जैसे जर्मन वॉक्स वैगन है और ये उनका तरीका काम किया भी. इसके बाद उनके ट्रकों की बिक्री अमेरिका में कम हो गई.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका असर ये हुआ कि जर्मनी के लोगों को चिकन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े. दूसरा अमेरिका के लोगों के लिए ये हुआ कि उनके पास ट्रकों के ऑप्शन कम हो गए. यानी, टैरिफ उपभोक्ताओं को प्रभावित करने के लिए लगाया जाता है. कुछ निश्चित उद्योग के संरक्षण में ये कदम उठाया जाता है. या फिर सामने वाले देश के व्यवहार में बदलाव के लिए ऐसा किया जात है.</p>
<p style="text-align: justify;">यहां जिस तरह से ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की बात है, इसका मकसद साफ तौर पर दिख रहा है कि उनकी कोशिस सामने वाले देश के व्यवहार में बदलाव लाने का उनका ये प्रयास है.</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आपको याद हो तो 2018 में टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने कहा था कि मैं इसको इकॉनोमिक नेशनलिज्म मानता हूं. जाहिर है ऐसे में अगर टैरिफ लगता है तो आयात वाली चीजों को दाम बढ़ेंगे. दुनिया में ट्रेड वॉर शुरू हो जाएगा और मंदी की उसके बाद एक बड़ी आहट आ सकती है. क्योंकि जब एक देश टैरिफ लगाएगा तो सामने वाला देश भी लगाएगा. भारत में तो रुपये की कीमत लगातार बढ़ रही है. इसमें आयात वाली वस्तुओं की चीजें तो महंगी हो ही रही है. दाम बढ़ेंगे. प्रोडक्शन गिरेगा. इस तरह से पूरी दुनिया पर इसका व्यापक असर होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]&nbsp;</strong></p>

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फाइनल में भारत की जीत की गारंटी है ये चार खिलाड़ी! ऐसा हुआ तो न्यूजीलैंड की हार पक्की

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Champions Trophy 2025 Final: भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच खेला जाएगा. यह मुकाबला रविवार को दुबई में आयोजित होगा. वरुण चक्रवर्ती, मोहम्मद शमी, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है. ये चारों खिलाड़ी अगर फाइनल में चल गए तो न्यूजीलैंड की हार लगभग तय हो जाएगी. अगर न्यूजीलैंड के पिछले मैच के प्रदर्शन को देखें तो वह भी भारत को फाइनल में कड़ी टक्कर दे सकती है.

भारत ने न्यूजीलैंड को ग्रुप मैच में हरा दिया था. इस मुकाबले में वरुण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. उन्होंने 10 ओवरों में 42 रन देकर 5 विकेट झटके थे. वरुण की स्पिन न्यूजीलैंड को परेशान कर सकती है. वे फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं. वरुण 7 विकेट ले चुके हैं. उनके साथ-साथ मोहम्मद शमी भी भारत की जीत में अहम साबित हो सकते हैं. शमी 4 मैचों में 8 विकेट ले चुके हैं. फाइनल में शमी का परफॉर्मेंस भी अहम साबित हो सकता है.

कोहली और अय्यर का नहीं है कोई तोड़ –

विराट कोहली और श्रेयस अय्यर अभी तक कमाल के फॉर्म में दिखे हैं. कोहली नंबर तीन पर बैटिंग करते हुए भारत के लिए इस टूर्नामेंट में 217 रन बना चुके हैं. उन्होंने एक शतक भी जड़ा है. कोहली ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी कमाल का प्रदर्शन किया. वे बड़े मैच के खिलाड़ी हैं. अगर रिकॉर्ड्स को देखें तो वे ऐसे मुकाबलों में जरूर अच्छा परफॉर्म करते हैं. अय्यर की बात करें तो वे मिडिल ऑर्डर को मजबूत करते हैं. अय्यर 195 रन बना चुके हैं और फाइनल में भी कमाल दिखा सकते हैं.

दुबई में चल सकता है टीम इंडिया का सिक्का –

भारत ने पिछले मैच में न्यूजीलैंड को बुरी तरह हराया था. उसने पाकिस्तान और बांग्लादेश को भी धोया. टीम इंडिया सेमीफाइनल में भी रंग में दिखी. उसने ऑस्ट्रेलिया को हराया. उसका दुबई में अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है. अब भारतीय टीम फाइनल में भी कमाल कर सकती है.

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Tamannaah Bhatia & Vijay Varma Part Ways After Years Of Being Together

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<p>amannaah Bhatia &nbsp;और Vijay Varma के बीच कुछ दिन पहले breakup की खबर आई थी. अब reports के reports, Tamannaah ने अपने social media से Vijay के साथ सारी photos हटा दी हैं. उनके साथ जो भी photos थीं, वह सब delete कर दी हैं, जो fans को काफी shock देने वाली बात है. ये step उठाने के बाद, social media पर speculations बढ़ गई हैं कि दोनों के बीच कुछ serious issues चल रहे हैं. लेकिन, Tamannaah और Vijay दोनों ने अपने breakup पर अभी तक कोई official statement नहीं दिया है, लेकिन Tamannaah का ये step fans के लिए काफी surprising था. ये देखना अब interesting होगा कि ये story आगे कहां तक ​​जाती है, और updates के लिए बने रहें.</p>

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इस डिफेंस स्टॉक को मिला एक और ऑर्डर, मार्केट खुलते ही रॉकेट बन सकता है स्टॉक

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<p>भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), जो देश की बड़ी डिफेंस PSU कंपनियों में से एक है, ने हाल ही में 577 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर हासिल किए हैं. यह ऑर्डर 20 फरवरी 2025 के बाद से मिले हैं. इसके साथ ही, BEL का कुल ऑर्डर बुक वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में 13,724 करोड़ तक पहुंच गया है.</p>
<p><strong>क्या हैं ये ऑर्डर?</strong></p>
<p>BEL ने स्टॉक एक्सचेंजों को दिए गए एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि इन ऑर्डर में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं, जैसे- एयरबोर्न इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रोडक्ट्स, पनडुब्बियों के लिए एडवांस्ड कम्पोजिट कम्युनिकेशन सिस्टम, डॉपलर वेदर रडार, ट्रेन कम्युनिकेशन सिस्टम, रडार अपग्रेडेशन और स्पेयर पार्ट्स और सर्विसेज.</p>
<p><strong>इंटरिम डिविडेंड भी देगी कंपनी</strong></p>
<p>भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने बुधवार, 5 मार्च 2025 को वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए 1.50 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है. यह डिविडेंड शेयरधारकों को घोषणा के 30 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा. इसके लिए BEL ने 11 मार्च 2025 को रिकॉर्ड डेट तय किया है. इसका मतलब है कि इस तारीख तक BEL के शेयरधारक ही डिविडेंड के हकदार होंगे.</p>
<p><strong>शेयर प्राइस पर क्या असर हुआ?</strong></p>
<p>इंटरिम डिविडेंड की घोषणा के बाद मंगलवार को BEL के शेयर में तेजी देखी गई. शेयर का भाव 3.76 फीसदी बढ़कर 274.90 रुपये तक पहुंच गया. हालांकि, पिछले एक महीने में BEL के शेयर में 3 फीसदी और पिछले तीन महीनों में 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.</p>
<p><strong>क्या कहते हैं एक्सपर्ट</strong></p>
<p>एक्सपर्ट्स का मानना है कि BEL का लगातार अच्छा प्रदर्शन और डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है. यह कंपनी न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न भी दे रही है.</p>
<p><strong>डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)</strong></p>
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