पाकिस्तान में क्यों चाय पीने के लिए तरस रहे हैं लोग, जानिए वजह

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Sugar Price in Pakistan : पाकिस्तान में चीनी की कीमतों में आई भारी उछाल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है पाकिस्तान में चीनी की बढ़ती खपत और चीनी की कमी प्रमुख कारण हैं. खुदरा बाजार में चीनी 170-180 रुपये प्रति किलो बिक रही है. इससे पाकिस्तानी जनता को चीनी का स्वाद नहीं मिल रहा है. वहीं, रावलपिंडी और खैबर-पख्तूनख्वा के कई इलाकों चीनी को लेकर मारामारी तक शुरू हो गई है, जबकि रावलपिंडी में चीनी व्यापारियों ने हड़ताल की चेतावनी भी दे दी है.

व्यापारियों ने सरकार की नीतियों को बताया जिम्मेदार

पाकिस्तान के चीनी व्यापारियों ने चीनी की बढ़ते दामों के लिए सरकार के आयात-निर्यात नीतियों को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा, “सरकार ने हमें आयात और निर्यात के दलदल में फंसा दिया है. हम 163 रुपये प्रति किलो चीनी खरीदकर लाते हैं, लेकिन सरकार चाहती है कि हम चीनी को 164 रुपये प्रति किलो ही बेचें. ऐसा कैसे हो सकता है?”

603 टन चीनी खा जाते हैं पाकिस्तानी

पाकिस्तान के खाद्य विभाग के मुताबिक, पाकिस्तान में 2024 में 603 टन चीनी की खपत हुई थी. यह आंकड़ा 2023 के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा थी. पाकिस्तानी में चीनी की खपत लगातार बढ़ती जा रही है. वह भी तब, जब पाकिस्तान के लोग भारी संख्या में लोग डायबिटीज से पीड़ित है.

हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुल 3 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. यह पाकिस्तान की कुल आबादी का करीब 26 प्रतिशत है. ऐसे में पाकिस्तान भविष्य में डायबिटीज का एक एपिक सेंटर बन सकता है.

पाकिस्तान में अचानक क्यों बढ़ गए चीनी के दाम?

पाकिस्तान में चीनी के दामों में भारी उछाल के पीछे की वजह कम चीनी का आना है. पाकिस्तान में इस बार 100 टन चीनी कम आया. वही, रमजान की वजह से चीनी की मांग में भी तेजी आई है. इस चीनी संकट पर पीएम शहबाज शरीफ की सरकार ने शुरुआत में ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब हालत काबू से बाहर होने लगे तो खुदरा बाजार के लिए दाम तय करने का फैसला दे दिया गया.

पाकिस्तानी सरकार का कहना था कि अगर चीनी की कालाबाजारी पर रोक लगती है तो इसके दामों की कमी आ सकती है. हालांकि, ऐसा होता दिख नहीं रहा है.

सरकार के किया दावा- सबकुछ कंट्रोल में है

चीनी संकट को लेकर पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सब कुछ कंट्रोल में है. सरकार ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान में महंगाई दर में पिछले साल की तुलना में कमी आई है. वहीं, पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने कहा, “अगर इसी तरह सब कुछ चलता रहा तो पाकिस्तान जल्द ही महंगाई पर काबू कर लेगा.”

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Instagram यूजर्स के लिए बड़ी अपडेट! जल्द आ रहा है Telegram जैसा यह फीचर, होंगे कई फायदे

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Instagram यूजर्स के लिए एक बड़ी अपडेट है. उनके लिए जल्द ही कम्युनिटी चैट्स फीचर को रोलआउट किया जा सकता है. यह Telegram चैनल की तरह काम करेगा, जहां यूजर्स एक ग्रुप में बातें कर सकते हैं. अभी कंपनी इस फीचर पर काम कर रही है और इसे अगले कुछ हफ्तों में यूजर्स के लिए लाइव किया जा सकता है. कम्युनिटी चैट्स के एक ग्रुप में 250 यूजर्स शामिल हो सकेंगे. आइए जानते हैं कि इस बारे में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है. 

इंस्टाग्राम भी रखेगी नजर

रिपोर्ट्स के अनुसार, कम्युनिटी चैट्स में क्रिएटर्स के पास कन्वर्सेशन को मॉडरेट करने के लिए एडमिन सेलेक्ट करने का ऑप्शन होगा. ये एडमिन नियमों के उल्लंघन करने वाले मैसेज को हटा सकेंगे और इनके पास मेंबर्स को ग्रुप से बाहर करने का भी ऑप्शन होगा. यह भी बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम अपनी गाइडलाइंस के तहत कम्युनिटी चैट्स पर नजर रखेगी. हालांकि, अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेंबर्स के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा.

क्रिएटर के पास मेंबर अप्रूव करने का ऑप्शन

कम्युनिटी चैट्स में क्रिएटर्स के पास ग्रुप को लॉक करने का भी ऑप्शन होगा. ग्रुप लॉक होने के बाद केवल वहीं मेंबर इसमें एड हो पाएंगे, जिन्हें क्रिएटर अप्रूव करेंगे. ब्रॉडकास्ट चैनल की तरह क्रिएटर अपनी कम्युनिटी चैट्स को अपने प्रोफाइल पेज और चैनल पर भी शो कर सकेंगे.

ब्रॉडकास्ट चैनल से कैसे अलग होगा कम्युनिटी चैट्स?

अभी इंस्टाग्राम पर कम्युनिटी बेस्ड फीचर के तौर पर ब्रॉडकास्ट चैनल सिस्टम मौजूद है. इसे खासतौर पर क्रिएटर्स और इंफ्लूएंसर्स के लिए लाया गया था. इसमें वो टेक्स्ट, फोटो और वीडियो अपडेट को पोस्ट करते हैं. इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए इसमें पोल और क्वेश्चन अपडेट भी अवेलेबल है. क्रिएटर्स दूसरे क्रिएटर को भी गेस्ट के तौर पर अपने चैनल में इन्वाइट कर सकते हैं. बता दें कि यह फीचर केवल प्रोफेशनल अकाउंट के लिए उपलब्ध है और इसमें मेंबर के पास अपनी पोस्ट शेयर करने का कोई ऑप्शन नहीं है.

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‘स्त्री 2’ और ‘बाहुबली 2’ का भी विक्की कौशल की ‘छावा’ ने तोड़ दिया रिकॉर्ड, तीसरे हफ्ते में मार

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Chhaava Box Office Collection Week 3: विक्की कौशल इन दिनों सुर्खियां का हिस्सा बने हुए हैं. बीते महीने उनकी फिल्म छावा सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. तभी से ये फिल्म हर जगह छाई हुई है. 14 फरवरी को रिलीज हुई छावा में विक्की कौशल के साथ रश्मिका मंदाना लीड रोल में नजर आईं हैं. छावा बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है और जल्द ही 500 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली है. फिल्म ने तीसरे हफ्ते में श्रद्धा कपूर की स्त्री 2 और एसएस राजामौली की बाहुबली 2 को भी पीछे छोड़ दिया है.

छावा में विक्की कौशल छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज के रोल में नजर आए हैं. वहीं अक्षय खन्ना ने औरंगजेब का किरदार निभाया है. औरंगजेब के किरदार में अक्षय छा गए हैं. उन्हें एक बार में पहचान पाना भी मुश्किल होगा.


छावा ने तोड़ा स्त्री 2 का रिकॉर्ड
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि छावा ने तीसरे हफ्ते में 2 बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. स्त्री 2 ने तीसरे हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर 72.83 करोड़ का कलेक्शन किया था. वहीं बाहुबली 2 ने हिंदी में 69.75 करोड़ की कमाई की थी. इन दो शानदार फिल्मों को छावा ने पीछे छोड़ दिया है. छावा ने तीसरे हफ्ते में 84.94 करोड़ का कलेक्शन किया है.

छावा 84.94 करोड़ का कलेक्शन करके तीसरे हफ्ते में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म बन गई है. पहले नंबर पर अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 107.75 करोड़ कलेक्शन से अपनी जगह बनाए बैठी है.

छावा के टोटल कलेक्शन की बात करें तो फिल्म अब तक 496.90 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है. आज ये फिल्म 500 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएगी. वर्ल्डवाइड भी छावा ने अच्छा कलेक्शन किया है.

छावा को लक्ष्मण उतेकर ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में विक्की कौशल, रश्मिका मंदाना, अक्षय खन्ना, दिव्या दत्ता, आशुतोष राणा, डायना पेंटी अहम किरदार निभाते नजर आए हैं.

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क्या बिटकॉइन के साम्राज्य से अमेरिका को ग्रेट बनाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, सरकार के पास है खजाना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अमेरिका का पहला स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व बनाया जाएगा. यह फैसला व्हाइट हाउस में क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले आया है. इस रिजर्व में उन बिटकॉइन को शामिल किया जाएगा, जो अमेरिकी सरकार ने आपराधिक और नागरिक संपत्ति जब्ती के तहत हासिल किए हैं. इससे सरकार को अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा और टैक्सपेयर्स पर कोई बोझ भी नहीं आएगा.

अमेरिका के पास बिटकॉइन का खजाना

मिंट की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सरकार के पास लगभग 200,000 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत करीब 16.4 अरब डॉलर है. इसके अलावा, सरकार के पास 400 मिलियन डॉलर मूल्य के अन्य डिजिटल टोकन भी हैं. ये सभी संपत्तियां आपराधिक और नागरिक मामलों में जब्ती के जरिए हासिल की गई हैं. ट्रंप के आदेश के तहत अब इन डिजिटल संपत्तियों की पूरी अकाउंटिंग की जाएगी और उन्हें स्ट्रैटेजिक रिजर्व में शामिल किया जाएगा.

क्या है स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व?

स्ट्रैटेजिक रिजर्व वह भंडार होता है, जिसे सरकारें महत्वपूर्ण संसाधनों की आपूर्ति में किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखती हैं. इसी तर्ज पर, अमेरिकी सरकार ने बिटकॉइन को एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में मान्यता देते हुए इस रिजर्व को बनाने का फैसला किया है. इसमें जब्त किए गए बिटकॉइन को स्टॉक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसे बाजार में जारी किया जा सकेगा.

डिजिटल एसेट स्टॉकपाइल भी होगा तैयार

ट्रंप के आदेश में “यूएस डिजिटल एसेट स्टॉकपाइल” बनाने की भी बात कही गई है. इसमें बिटकॉइन के अलावा अन्य डिजिटल संपत्तियां भी शामिल होंगी, जैसे ईथर, एक्सआरपी, सोलाना और कार्डानो. हालांकि, सरकार इन्हें केवल जब्ती के जरिए ही हासिल करेगी और इन्हें खरीदने के लिए टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. साथ ही, इस फंड के मूल्य को अधिकतम करने के लिए विशेष रणनीतियां भी तैयार की जाएंगी.

बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट

हालांकि, ट्रंप के इस आदेश के बाद से ही बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. शुक्रवार को बिटकॉइन की कीमत में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह 88,201.88 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया. इसके अलावा, ईथर, एक्सआरपी, कार्डानो और सोलाना जैसे अन्य डिजिटल टोकन की कीमतों में भी 5 फीसदी तक की कमी देखी गई.

क्रिप्टो समिट में हो सकती है बड़ी घोषणा

शुक्रवार को व्हाइट हाउस में होने वाले क्रिप्टो समिट में राष्ट्रपति ट्रंप इस स्ट्रैटेजिक रिजर्व और अन्य डिजिटल संपत्तियों को लेकर विस्तृत योजना की घोषणा कर सकते हैं. इसके साथ ही, उन्होंने पांच डिजिटल एसेट्स – बिटकॉइन, ईथर, एक्सआरपी, सोलाना और कार्डानो – को रिजर्व में शामिल करने की बात कही है, जिससे इनके बाजार मूल्य में उछाल आने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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थाईलैंड के पटाया बीच पर भारतीयों ने मचाई गंद, शराब पीकर वहीं सोने का वीडियो वायरल

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Indian Tourists In Thailand Viral Video: भारत से बहुत से लोग दुनिय के अलग-अलग देशों में घूमने जाते है. लोग अपनी सहूलियत और अपने मूड़ के हिसाब से घूमने का प्लान बनाते हैं. कोई ठंडी जगह जाता है. तो कोई समुद्र के किनारे. अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जगहें, अलग-अलग तरह के देश पसंद होते है. थाईलैंड भी ऐसा देश है जहां बहुत से भारतीयों को जाना पसंद होता है. साल 2024 की बात की जाए तो 21 लाख से भी ज्यादा भारतीय लोग थाईलैंड घूमने गए.

जो कि साल 2023 के मुकाबले 30% ज्यादा है. एक बात यह भी है कि बाकी देशों के मुकाबले थाईलैंड सस्ता भी पड़ जाता है. भारत से थाईलैंड गए टूरिस्ट इस तरह की हरकत कर देते हैं. जो कि सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण बन जाती है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जहां शराब पीकर भारतीय टूरिस्ट बीच पर ही सोते दिखाई दे रहे हैं. 

थाईलैंड बीच पर शराब पीकर सो गए भारतीय 

भारत से लाखों की संख्या में पर्यटक थाईलैंड घूमने जाते हैं. थाईलैंड में घूमने के लिए एक से एक बेहतरीन जगह है. लेकिन जो भी थाईलैंड जाता है वह थाईलैंड का पटाया बीच जरूर घूम आता है. लेकिन अक्सर भारतीय जहां जाते हैं. वहां अपनी छाप जरूर छोड़कर आते हैं.

 

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ऐसा ही कुछ हो रहा है वायरल हो रहे इस वीडियो में जहां पटाया बीच पर बहुत से भारतीय पर्यटक नजर आ रहे हैं. यह सभी पर्यटक बीच पर शराब पी रहे हैं. और शराब पीने के बाद वहीं बोतलें फेंक कर वहीं सो गए हैं. सोशल मीडिया पर भारतीय पर्यटकों की इस तरह की हरकत का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. 


 

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लोग कर रहे हैं कमेंट्स

वायरल हो रहे इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @thaiexplorelife नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इस वीडियो को तकरीबन 50,000 के करीब लोग लाइक कर चुके हैं. इसको लेके लोगों के काफ़ी कमेंट पर आ रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है ‘ क्या वहां आस-पास कोई रेलवे स्टेशन है?’ एक और यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है ‘मैं कैलिफोर्निया से पटाया आया हूं, तो मुझे यह देखकर लगा कि मैं दिल्ली में हूं.’

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यूपी के के शिक्षकों के लिए बड़ा कदम, सरकार ने की इन सहायता राशि में बढ़ोतरी

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<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के अध्यापकों के लिए राहत की खबर आई है. प्रदेश की <a title="योगी आदित्यनाथ" href=" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक कल्याण प्रतिष्ठान की नियमावली में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने शिक्षक सहायता कोष में वृद्धि की है. इस बदलाव से प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण आर्थिक मदद मिलेगी.<br /><br />सरकार ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में तीन गुना से अधिक वृद्धि की है, जिससे शिक्षकों को इलाज के लिए अब पहले से कहीं अधिक मदद मिलेगी. इसके अलावा मृत शिक्षकों की बेटियों की शादी के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. पहले यह राशि 10 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है. यह फैसला मृतक शिक्षकों के परिवारों को राहत देने के लिए लिया गया है.<br /><br /><strong>गंभीर रोग से ग्रस्त शिक्षकों के लिए तत्काल सहायता का प्रावधान</strong><br />इसके अलावा गंभीर बीमारी से ग्रस्त अध्यापकों के मामलों में मंत्री के अनुमोदन से एक सप्ताह के भीतर 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी. यदि विशेष परिस्थितियां बनती हैं तो अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी. इसके लिए आवेदक को सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र देना होगा.<br /><br /><strong>ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया</strong><br />माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा है कि इस प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा. शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए आवेदन पत्र एक नए पोर्टल के माध्यम से लिए जाएंगे जहां आवेदनों की समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा जो आवेदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी.<br /><br />अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने यह भी बताया कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि के कोष को बढ़ाने की आवश्यकता है. इसके लिए शिक्षक दिवस पर शिक्षकों से 100 रुपये सहयोग राशि ली जाएगी जिसे शिक्षक संगठनों के साथ बातचीत के बाद लागू किया जाएगा. इसके अलावा प्रकोष्ठ के संचालन के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मानदेय पर रखा जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- ​<a title="UPSC CAPF Recruitment 2025: असिस्टेंट कमांडेंट के 375 पदों पर निकली वैकेंसी, ये कैंडिडेट्स कर सकते हैं अप्लाई" href=" target="_blank" rel="noopener">UPSC CAPF Recruitment 2025: असिस्टेंट कमांडेंट के 375 पदों पर निकली वैकेंसी, ये कैंडिडेट्स कर सकते हैं अप्लाई</a></strong></p>

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चैंपियंस ट्रॉफी की शुरूआत कब और कैसे हुई? जानें पूरा इतिहास

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ICC Champions Trophy History: चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी. यह चैंपियंस ट्रॉफी का 9वां संस्करण है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस टूर्नामेंट की शुरूआत कैसे हुई? चैंपियंस ट्रॉफी पहली बार कब खेला गया. इसके अलावा इस टूर्नामेंट में महज टॉप-8 टीमें ही क्यों होती हैं? दरअसल, चैंपियंस ट्रॉफी की शुरूआत तकरीबन 27 साल पहले हुई थी. हालांकि, उस वक्त चैंपियंस ट्रॉफी को नॉकआउट ट्रॉफी के नाम से जाना जाता था. नॉकआउट ट्रॉफी 1998 को साउथ अफ्रीका ने जीता था. लेकिन इसके बाद नॉकआउट ट्रॉफी का नाम बदल दिया गया. अब नॉकआउट ट्रॉफी को चैंपियंस ट्रॉफी का नाम दिया गया.

फिर नॉकआउट ट्रॉफी बन गया चैंपियंस ट्रॉफी…

चैंपियंस ट्रॉफी 2000 में भारत और न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में पहुंची. इस बार न्यूजीलैंड ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया. अब तक चैंपियंस ट्रॉफी को सबसे ज्यादा बार भारत और ऑस्ट्रेलिया ने जीता है. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2-2 बार चैंपियंस ट्रॉफी का टाइटल जीता है. इसके अलावा साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की टीम 1-1 बार चैंपियन बनी है. इस बार फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें हैं. अब यह देखना मजेदार होगा कि क्या भारतीय टीम रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में कामयाब होती है? या फिर न्यूजीलैंड तकरीबन 25 साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी टाइटल जीतेगी?

चैंपियंस ट्रॉफी में महज टॉप-8 टीमों को क्यों चुना जाता है? 

अब आपके जेहन में सवाल आएगा कि चैंपियंस ट्रॉफी में महज टॉप-8 टीमों को क्यों चुना जाता है? दरअसल, आईसीसी ने टूर्नामेंट की शुरूआत नॉकआउट ट्रॉफी नाम से की थी. लिहाजा, इसका फॉर्मेट ऐसा बनाया गया कि सारी टीमों का पहला ही मैच नॉकआउट के जैसा हो. उदाहरण के लिए नॉकआउट ट्रॉफी 1998 की शुरूआत ही क्वार्टरफाइनल मैच से हुई थी. हालांकि, उस टूर्नामेंट की शुरूआत में 9 टीमें थीं, लेकिन प्रीलिमिनरी मैच में न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे को हराकर क्वार्टरफाइनल स्टेज के लिए क्वालीफाई किया था. बहरहाल, उसके बाद नॉकआउट ट्रॉफी का नाम बदल कर चैंपियंस ट्रॉफी कर दिया गया, लेकिन टूर्नामेंट में टॉप-8 टीमें ही खेलती हैं. बताते चलें कि वनडे वर्ल्ड कप के प्वॉइंट्स टेबल की टॉप-8 टीमें चैंपियंस ट्रॉफी का हिस्सा बनती हैं.

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YouTube ने सख्त किए नियम, अब ऐसा कंटेट बनाने वाले क्रिएटर्स की खैर नहीं, बैन हो जाएगा अकाउंट

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ऑनलाइन गैंबलिंग कंटेट बनाने वाले क्रिएटर्स के खिलाफ YouTube सख्ती बरतने जा रही है. कंपनी ने ऐलान कर दिया है कि ऐसे क्रिएटर्स को प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया जाएगा, जो अनसर्टिफाईड गैंबलिंग ऐप्स और वेबसाइट को प्रमोट करते हैं. इसके साथ ही कंपनी उन क्रिएटर्स के अकाउंट भी ब्लॉक करेगी, जो अपने कंटेट में गूगल से अनअप्रूव्ड गैंबलिंग सर्विस का लोगो या लिंक दिखाते हैं.

कम्युनिटी को बचाने के लिए यह जरूरी कदम- यूट्यूब

यूट्यूब ने कहा कि इस फैसले से केसिनो गेम्स और ऐप्स समेत गैंबलिंग कंटेट बनाने वाले क्रिएटर्स प्रभावित होंगे, लेकिन कम्युनिटी को और खासतौर पर युवा दर्शकों को बचाने के लिए यह जरूरी कदम है. बता दें कि गैंबलिंग साइट और ऐप्स पर दर्शकों को रिडायरेक्टर करना पहले से नियमों का उल्लंघन माना जाता था, लेकिन अब अगर कोई क्रिएटर किसी भी गैंबलिंग साइट या ऐप से गारंटीड रिटर्न मिलने का दावा करेगा तो भी उसका कंटेट प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा.

19 मार्च से लागू होंगे नए नियम

इसके साथ ही यूट्यूब उन वीडियो पर एज रेस्ट्रिक्शन लगा देगी, जो किसी ऑनलाइन केसिनो साइट या ऐप्स का प्रमोशन करते हैं. ऐसे वीडियो साइन आउट रहने वाले और 18 साल के कम उम्र के व्यूअर्स को नहीं दिखाए जाएंगे. ये सभी नियम 19 मार्च से लागू हो जाएंगे. बता दें कि ऑनलाइन गैंबलिंग को लेकर गूगल की कड़ी नीति है. भारत में कंपनी ने गैंबलिंग संबंधी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है और ऑनलाइन केसिनो गेम्स का प्रमोशन भी नहीं करने देती.

करोड़ों में है ऑनलाइन गैंबलिंग साइट्स का ट्रैफिक

भारत में ऑनलाइन गैंबलिंग साइट्स पर हर महीने बड़ी संख्या में लोग जाते हैं. डिजिटल इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट बताती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापनों के जरिए चार अवैध गैंबलिंग साइट्स पर तीन महीनों में करीब 4.3 करोड़ विजिट रिकॉर्ड हुई हैं. इसके अलावा डायरेक्ट URL के जरिए भी इन साइट्स पर 100 करोड़ से अधिक विजिट्स रिकॉर्ड हुई हैं.

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आर-पार की लड़ाई के मूड में ड्रैगन! टैरिफ बढ़ाने को लेकर फिर दी USA को धमकी, अब क्या करेंगे ट्रंप

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<p style="text-align: justify;"><strong>US-China Relations:</strong> टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन इस समय आमने-सामने आ गए हैं. चीन ने चेतावनी देते हुए है कि वो इसके लिए तैयार हैं. वहीं, अमेरिका ने भी पलटवार नहीं किया है. इसी बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार (7 मार्च) को कहा कि बीजिंग अमेरिकी दबाव का दृढ़ता से मुकाबला करेगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया है, जिसके बाद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध शुरू होने के आसार लग रहे हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीन के विदेश मंत्री ने कही ये बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘यदि राष्ट्र केवल अपने हितों को ही आगे बढ़ाने लगे तो दुनिया में जंगल का कानून लागू हो सकता है. संयुक्त राज्य अमेरिका में फेंटेनाइल महामारी के खिलाफ लड़ाई में बीजिंग के सहयोग की सराहना करते हुए वांग ने कहा कि वाशिंगटन को दयालुता का बदला नाराजगी से नहीं चुकाना चाहिए और न ही बिना कारण टैरिफ लगाना चाहिए.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>’दुनिया में लागू हो जाएगा जंगल राज’&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वांग ने कहा, "दुनिया में लगभग 190 देश हैं. कल्पना कीजिए कि यदि प्रत्येक देश अपनी प्राथमिकता पर जोर देने लगे और ताकत और स्थिति में विश्वास करने लगे तो दुनिया फिर से जंगल के कानून में फंस जाएगी. &nbsp;वाशिंगटन की वर्तमान नीति "किसी जिम्मेदार बड़े देश के आचरण के अनुरूप नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘चीन-अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक संबंध पारस्परिक हैं."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>’चीन मजबूती से देगा जवाब'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "यदि आप सहयोग करना चुनते हैं तो आप पारस्परिक रूप से लाभकारी और अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. यदि आप केवल दबाव का उपयोग करते हैं, तो चीन दृढ़ता से जवाब देगा." वहीं, वांग ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए वार्ता का आह्वान किया है.</p>

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कई सालों तक अपनी नाभि में जमी रुई को स्टोर करता रहा शख्स, फिर बना दिया घिनौना वर्ल्ड रिकॉर्ड

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<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">दुनिया में अजीबोगरीब शौकों की कोई कमी नहीं है. कुछ लोग डाक टिकट जमा करते हैं, तो कुछ पुरानी कारें. लेकिन एक शख्स ने ऐसा शौक पाला, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. ये शख्स कई सालों तक अपनी नाभि में जमी रुई को इकट्ठा करता रहा. इस शख्स ने यह नाभि में रुई जमा करके इसका घिनौना वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना डाला. </span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><strong class="selectable-text copyable-text false x117nqv4">ऑस्ट्रेलियाई लाइब्रेरियन ने बनाया यह अजीब वर्ल्ड रिकॉर्ड</strong></strong></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">दुनिया में कुछ लोगों के शौक भी अजीब होते हैं, जिनके शौक सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है. ऐसा ही एक अनोखा शौक है ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में रहने वाले लाइब्रेरियन ग्राहम बार्कर का. ग्राहम 26 सालों से अपनी नाभि में जमा होने वाली रुई को इकट्ठा कर रहा था और बाद में उसने इस अनोखे शौक के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया.</span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><strong class="selectable-text copyable-text false x117nqv4">नाभि से औसतन 22.1 ग्राम रुई कर ली थी इकट्ठा</strong></strong></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">45 वर्षीय ग्राहम के अनुसार वो उन्होंने औसतन 22.1 ग्राम रुई इकट्ठा कर ली थी. उसके अनुसार रुई इकट्ठा करने की यह प्रक्रिया उनके लिए बहुत आसान थी. नाभि से रुई इकट्ठा करने के लिए वो नहाने से पहले सिर्फ 10 सेकंड में रुई इकट्ठा कर लेते हैं. </span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><strong class="selectable-text copyable-text false x117nqv4">बोर हो रहे थे तो लगा नाभि से रुई इकट्ठा करने का शाैक</strong></strong></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">ग्राहम के अनुसार उनको यह करने का शौक तब लगा जब वो एक शाम बोर हो रहे थे. उन्होंने अपनी नाभि में रुई देखी और सोचा कि एक व्यक्ति कितना रुई जमा कर सकता है. जिसके बाद उन्होंने नाभि में जमा रुई को इकट्ठा करना शुरू कर दिया.</span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><strong class="selectable-text copyable-text false x117nqv4">कांच के बर्तन में जमा करता था नाभि की रुई</strong></strong></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">ग्राहम के अनुसार वह अपनी रुई को एक छोटे कांच के बर्तन में जमा करता था और हर साल के लास्ट में इसे अलग कांच के बर्तन में एक साथ जमा कर देता था. उनके अनुसार उनकी रुई में कभी फफूंद नहीं लगती और न ही इसमें से दुर्गंध आती थी.</span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><strong class="selectable-text copyable-text false x117nqv4">ग्राहम ने नाभि की रुई के तीन जार बेचे</strong></strong></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><span class="selectable-text copyable-text false">ग्राहम ने अपनी रुई के तीन बड़े जार एक म्यूजियम को बेच दिए थे. वहीं वह इस रुई के पांच और जार भरना चाहते हैं, जिसके बाद नाभि में जमी रुई को स्टोर करने को लेकर ग्राहम बार्कर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया था.</span></p>
<p class="selectable-text copyable-text x15bjb6t x1n2onr6" dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><span class="selectable-text copyable-text false">ये भी पढ़ें – </span><a href=" को लेकर सोशल मीडिया पर संग्राम, बागेश्वर बाबा अकाउंट से जूता मारते तस्वीर वायरल, यूजर्स ने कही यह बात</a></strong></p>