AI से चलने वाली मशीनें बन रहीं गेमचेंजर, TB की जल्दी पहचान में आ रहीं काम, मरीजों को फायदा

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<p style="text-align: justify;">आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) ने कई क्षेत्रों में बड़ी क्रांति की शुरुआत कर दी है. पढ़ाई से लेकर मेडिकल तक के क्षेत्र में इसका अलग-अलग इस्तेमाल हो रहा है. AI-पावर्ड एक्स-रे मशीनें अब ट्यूबरकुलोसिस (TB) की जल्दी पहचान करने में मददगार साबित हो रही हैं. हाथ में पकड़े जाने वाली इन छोटी एक्स-रे मशीन के कारण इस साल 6.8 लाख मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें इस बारे में जानकारी दे दी गई है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टीबी उन्मूलन अभियान में हो रहा इस्तेमाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">AI इनेबल्ड इन मशीनों का देश में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान में इस्तेमाल हो रहा है. 100 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य देश को टीबी मुक्त बनाना है. टीबी की पहचान में इन मशीनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. अगर इन मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता तो करीब 43 प्रतिशत मरीजों में टीबी का पता नहीं चल पाता. समय पर बीमारी का पता न लगना खतरनाक हो सकता है और कोई भी बीमारी समय के साथ गंभीर होती जाती है. अगर टीबी के एक मरीज के एक साल के भीतर इलाज नहीं किया जाता है तो उससे यह बीमारी 15 और लोगों तक फैल सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मशीन का है यह फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मशीन बहुत शुरुआती चरण में ही बीमारी की पहचान कर लेती है. अगर किसी व्यक्ति में टीबी के शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं, तब भी यह मशीन बीमारी का पता लगा लेती है. इस मशीन से एक दिन में लगभग 100 मरीजों की स्क्रीनिंग की जा सकती है और रिमोट इलाकों में इसका उपयोग आसान है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>माइक्रोसॉफ्ट लेकर आई है नया एआई टूल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मेडिकल क्षेत्र में लगातार एआई की मांग बढ़ रही है. इसे देखते हुए टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने Dragon Copilot नाम से एक नया एआई चैटबॉट लॉन्च किया है. इसे डॉक्टरों की मदद करने के लिए तैयार किया गया है. यह डॉक्टरों और मरीजों की बातचीर रिकॉर्ड कर सकता है क्लिनिकल नोट्स तैयार कर सकता है.&nbsp;</p>
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<p style="text-align: justify;"><strong><a title="होली पर BSNL का नया ऑफर, अब इस सस्ते प्लान में मिलेगी एक साल की वैलिडिटी, इस तारीख से पहले कर लें रिचार्ज" href=" target="_self">होली पर BSNL का नया ऑफर, अब इस सस्ते प्लान में मिलेगी एक साल की वैलिडिटी, इस तारीख से पहले कर लें रिचार्ज</a></strong></p>

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NSDL IPO: 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ को लेकर आया बड़ा अपडेट, जल्द हो सकता है लॉन्च

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NSDL IPO: डिपॉजिटरी कंपनी NSDL यानी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड इस महीने अपना बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लॉन्च कर सकती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इसकी जानकारी दी है. फरवरी में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए NSDL का लक्ष्य शेयर मार्केट से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है. 

अप्रूवल लेने की तैयारी में NSDL 

आईपीओ को लॉन्च करने से पहले इसके मसौदा दस्तावेजों के लिए NSDL को कई रेगुलेटरी अप्रूवल की जरूरत होगी, जिसमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की भी मंजूरी शामिल है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि अप्रूवल लेने के लिए अभी कंपनी के पास वक्त है. इसकी समय सीमा मार्च में समाप्त होने वाली है. इस अपकमिंग आईपीओ की टाइमलाइन के बारे में पूछ जाने पर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमारे पास मार्च तक का वक्त है. हम जल्द से जल्द अपना काम निपटा रहे हैं. हम मार्च से पहले ही आईपीओ को लॉन्च करने की तैयारी में हैं. 

यह है NSDL का काम

बता दें कि NSDL भारत की सबसे बड़ी और पुरानी डिपॉजिटरी है. यह संस्था निवेशकों के शेयरों सहित अन्य सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखती है. इसकी स्थापना 1996 में हुई थी और हेडक्वॉर्टर मुंबई में है. देश में ऑनलाइन ट्रेडिंग सर्विस देने वाली यह पहली डिपॉजिटरी थी. यह डिपॉजिटरी ज्यादातर डीमैट अकाउंट की देखरेख करती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सेबी की तरफ से मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (एमआईआई) के रूप में सेबी की दी गई मंजूरी की ही वजह से NSDL शेयर बेचने का काम तेजी से कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, एनएसई, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एचडीएफसी बैंक भी इस इश्यू में 5.72 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्लान बना रहे हैं, जो पूरी तरह से ओएफएस यानी ओपन फॉर सेल होगा. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

 

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MNREGA में मां के साथ हुई एक घटना के बाद बेटे ने IAS बनने की ठानी, आज हैं इस पद पर

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देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को पास करना हर किसी के बस की बात नहीं होती. इसके लिए कठिन परिश्रम, मजबूत इरादा और जबरदस्त लगन की जरूरत होती है. हम आपके लिए एक खास सीरीज ‘सक्सेस मंत्रा’ लेकर आए हैं, जिसमें आज हम आपको बताएंगे IAS हेमंत पारीक की, जिन्होंने गरीबी को बहुत करीब से देखा और उसे हराकर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया.

जानिए कौन हैं IAS हेमंत पारीक

हेमंत पारीक राजस्थान के एक छोटे से गांव के साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी. उनके पिता गांव के एक मंदिर में पुजारी का काम करते थे और मां मनरेगा (MNREGA) के तहत मजदूरी करके घर का खर्च चलाती थीं. हेमंत के एक हाथ में दिव्यांगता होने के कारण वह शारीरिक श्रम का काम करने में असमर्थ थे. ऐसे में उनकी मां ही पूरे परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाती थीं.

हेमंत का बचपन बेहद कठिनाइयों में बीता. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कई बार खाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था. लेकिन इन परेशानियों ने हेमंत के हौसले को कमजोर नहीं किया, बल्कि उनके अंदर एक बड़ा अफसर बनने का सपना जगा दिया.

जब एक घटना ने बदल दी हेमंत की जिंदगी

हेमंत पारीक की जिंदगी में एक ऐसा दिन आया जिसने उनकी सोच और दिशा दोनों को बदल दिया. हुआ यूं कि उनकी मां मनरेगा के तहत मजदूरी करती थीं और दिनभर खेतों में काम करती थीं. एक दिन मजदूरी के 220 रुपये के भुगतान के लिए हेमंत अपनी मां के ठेकेदार के पास गए. लेकिन ठेकेदार ने उनका मजाक उड़ाते हुए कहा, “क्या तू इस गांव का कलेक्टर है जो पैसे मांगने आई है?”

इस घटना ने हेमंत के दिल को गहराई से झकझोर दिया. उसी दिन हेमंत ने ठान लिया कि एक दिन वह सच में कलेक्टर (IAS) बनकर दिखाएंगे और उन लोगों को जवाब देंगे जो गरीबी का मजाक उड़ाते हैं.

गरीबी के बीच पढ़ाई का संघर्ष

हेमंत ने अपनी पढ़ाई जारी रखी, लेकिन गरीबी के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उनके पास कोचिंग या किताबों के लिए पैसे नहीं थे. उन्होंने कृषि (Agriculture) विषय से स्नातक (Graduation) किया और UPSC की तैयारी करने लगे. कॉलेज के दिनों में साथी छात्र और सीनियर उनके अंग्रेजी कमजोर होने का मजाक उड़ाते थे. लेकिन हेमंत ने हार नहीं मानी और पूरी मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई पर फोकस किया. पढ़ाई के दौरान कई बार उन्हें भूखा भी रहना पड़ा. संडे को कैंपस मेस बंद होता था, इसलिए उस दिन वे अक्सर भूखे ही रहते थे ताकि पैसे बचाकर पढ़ाई जारी रख सकें.

पहले ही प्रयास में पास की UPSC परीक्षा

हेमंत पारीक ने बिना किसी कोचिंग और सीमित संसाधनों के साथ कड़ी मेहनत की और साल 2023 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास कर ली. उन्होंने अखिल भारतीय रैंक (AIR) 884 हासिल की और उनका चयन IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के लिए हुआ. उनकी इस उपलब्धि ने पूरे गांव और परिवार को गर्व महसूस कराया.

IAS बनने के बाद की जिम्मेदारी

आज हेमंत पारीक धर्मशाला नगर निगम के नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) और वक्फ बोर्ड के सीईओ (CEO of Waqf Board) के पद पर तैनात हैं. उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हो और मेहनत करने का जुनून हो, तो कोई भी इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है.

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Elon Musk ने शेयर किया मंगल ग्रह का ऐसा Video, X पर हुआ वायरल, मिले एक अरब से अधिक व्यूज

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अमेरिकी अरबपति और Tesla के CEO Elon Musk इन दिनों दुनिया के सबसे चर्चित व्यक्तियों में से एक हैं. वो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खासे एक्टिव हैं और लगातार पोस्ट करते रहते हैं. उनकी पोस्ट्स की दुनियाभर में चर्चा होती है. कुछ दिन पहले उन्होंने दुबई के एक रिटेल बिजनेस कंसल्टेंट अली अल समाही की एक पोस्ट को रिपोस्ट किया था, जिसे एक अरब से अधिक बार देखा जा चुका है.

मस्क ने किया अली की पोस्ट को रिपोस्ट

45 वर्षीय अली अकसर अपने विचार, इंटरेस्ट और कैची वीडियो एक्स पर शेयर करते रहते हैं, लेकिन उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी पोस्ट एलन मस्क का ध्यान आकर्षित कर सकती है. दरअसल, अली ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें नासा के क्यूरोसिटी रोवर से ली गई मंगल ग्रह की फुटेज थी. मस्क ने उनकी इस पोस्ट को ‘टाइम टू गो टू मार्स’ कैप्शन के साथ रिपोस्ट कर दिया. उनकी यह पोस्ट इतनी वायरल हुई कि इसे अब तक एक अरब से अधिक बार देखा जा चुका है. इस पोस्ट पर 66 लाख लाइक्स आए हैं, 57,000 कमेंट आ चुके हैं और 64,000 बार ये पोस्ट रिपोस्ट हो चुकी है. 

अली बोले- अद्भुत अनुभव

मस्क की तरफ से अपनी पोस्ट को रिपोस्ट किए जाने का अनुभव बताते हुए अली ने कहा कि अद्भुत था. दुनिया के हर हिस्से से लोग मेरी पोस्ट को शेयर कर रहे थे और इस पर बातचीत कर रहे थे. यह ग्लोबल डिस्कोर्स का हिस्सा बन गई. नोटिफिकेशन बंद नहीं हो रहे थे और मुझे यकीन नहीं था कि मेरी पोस्ट के साथ लोग इतना जुड़ाव महसूस करेंगे.

दूसरी पोस्ट के जवाब में आया मस्क का रिप्लाई

अली की उत्सुकता यहीं खत्म नहीं हुई. अली ने चीन के बेलोंग एलिवेटर का एक वीडियो पोस्ट किया था. यह दुनिया का सबसे ऊंचा आउटडोर एलिवेटर है. उनके इस वीडियो को एक बड़े एंटरप्रेन्योर और इंफ्लूएंसर मारियो नावफाल ने रिपोस्ट किया था. इसके जवाब में भी मस्क का रिप्लाई आया. मस्क ने इसके रिप्लाई में ‘वॉव’ लिखा. इसका असर यह हुआ कि इस वीडियो को अब तक 14 लाख बार देखा जा चुका है.

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‘बंद कर देंगे बिजली की सप्लाई’, ट्रंप के अंदाज में कनाडा के इस शहर ने दी अमेरिका को धमकी

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Canada-US Trade War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडा, मेक्सिको और चीन पर भारी टैरिफ लागू करने के फैसले के बाद व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है. इसके जवाब में कनाडा के ओंटारियो प्रांत ने अमेरिका को निर्यात की जाने वाली बिजली पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की.

दरअसल, ओंटारियो से न्यूयॉर्क, मिनेसोटा और मिशिगन में 1.5 मिलियन अमेरिकी उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई की जाती है. ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाया, तो वह अमेरिका को बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर सकते हैं.

‘टैरिफ बढ़ाया तो कर देंगे बिजली गुल’

डग फोर्ड ने कहा, “अगर अमेरिका अपने टैरिफ को बढ़ाता है, तो मैं बिजली पूरी तरह बंद करने में संकोच नहीं करूंगा.” फोर्ड ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी नागरिकों के लिए बुरा महसूस करते हैं, क्योंकि यह व्यापार युद्ध उन्होंने शुरू नहीं किया, बल्कि इसके लिए सिर्फ एक व्यक्ति राष्ट्रपति ट्रंप जिम्मेदार हैं.

ओंटारियो को मिलेगा आर्थिक लाभ
नई बिजली दरों से ओंटारियो सरकार को प्रतिदिन CA$ 300,000 से CA$ 400,000 ($208,000 – $277,000 USD) का एडिशनल रेवेन्यू जेनरेट होगा. यह पैसा ओंटारियो के श्रमिकों, परिवारों और व्यवसायों के समर्थन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. यह टैरिफ संघीय सरकार की ओर से अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए $21 बिलियन के प्रतिशोधी टैरिफ के अतिरिक्त होगा.

अमेरिकी टैरिफ और फोर्ड की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको पर 25% और चीन पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिससे इन्फ्लेशन और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई. मेक्सिको, कनाडा और चीन ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की. फोर्ड ने ट्रंप से टैरिफ वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक ये शुल्क पूरी तरह खत्म नहीं होंगे, ओंटारियो पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा, “मैं अमेरिकियों को अधिकतम दर्द देने के लिए कुछ भी करूंगा, क्योंकि ट्रंप हर दिन अपना रुख बदलते हैं और कनाडा पर हमला कर रहे हैं.”

बता दें कि अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने दोनों देशों के व्यापारिक और ऊर्जा संबंधों को प्रभावित किया है. ओंटारियो का 25% बिजली शुल्क ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ एक कड़ा जवाब माना जा रहा है. अगर यह विवाद आगे बढ़ता है, तो यह अमेरिका और कनाडा के आर्थिक संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है.

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8 चौके, चार सिक्स और 22 गेंद में फिफ्टी…, सब गया बेकार, रोमांचक मैच में MI की 9 रनों से जीत

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MI vs GG Highlights Today Match: मुंबई इंडियंस ने गुजरात जायंट्स को 9 रनों से हरा दिया है. मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मुंबई ने पहले खेलते हुए 179 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा किया था, जवाब में गुजरात की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 170 रन ही बना पाई. गुजरात की आधी टीम 70 के स्कोर पर आउट हो गई थी, मगर भारती फूलमाली की 61 रनों की तूफानी पारी ने मैच में जान फूंकी, लेकिन टीम को जीत तक नहीं ले जा सकीं.

गुजरात की आखिरी मैच में हार

यह WPL 2025 के लीग स्टेज में गुजरात जायंट्स का आखिरी मैच था. मुंबई को हराकर उसके लिए डायरेक्ट फाइनल में जाने के दरवाजे खुल सकते थे, लेकिन आखिरी 2 ओवरों में MI के गेंदबाजों ने पूरा मैच ही पलट दिया. दरअसल मैच वहां से पलटा जब 17वें ओवर में अमेलिया केर ने भारती फूलमाली का विकेट चटकाया. उसके बाद गुजरात के पुछल्ले बल्लेबाज दबाव में ढह गए. दूसरी ओर मुंबई इंडियंस अब डायरेक्ट फाइनल में जाने के करीब आ गई है. उसे सुनिश्चित करना होगा कि RCB के खिलाफ हार की स्थिति में भी उसका नेट रन-रेट दिल्ली कैपिटल्स से नीचे ना जाए.

भारती फूलमाली की आंधी

180 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात जायंट्स ने 70 रन के स्कोर पर 5 विकेट गंवा दिए थे. यहां से भारती फूलमाली नाम की आंधी में मुंबई के गेंदबाज उड़ते दिखे. उन्होंने महज 22 गेंद में फिफ्टी पूरी की और मैच में 61 रन की तूफानी पारी से कहर बरपाया. भारती ने इस पारी में 8 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के भी लगाए. उन्होंने एक समय मैच में जान फूंक दी थी, लेकिन जब टीम को जीत के लिए 38 रन चाहिए थे, तभी स्लोवर गेंद पर चकमा खा कर भारती आउट हो गईं.

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सिर्फ खांसी ही नहीं लंग्स कैंसर के लक्षण हाथ-पैर पर भी दिखाई देते हैं

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फेफड़े का कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो फेफड़ों की कोशिकाओं में बढ़ता है. यह बीमारी जानलेवा है और दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है. जिसकी वजह से 2020 में लगभग 1.8 मिलियन मौतें हुई हैं, जो कि लगभग 18 प्रतिशत है.

फेफड़े का कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो फेफड़ों की कोशिकाओं में बढ़ता है. यह बीमारी जानलेवा है और दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है. जिसकी वजह से 2020 में लगभग 1.8 मिलियन मौतें हुई हैं, जो कि लगभग 18 प्रतिशत है.

इन संख्याओं में धूम्रपान करने वाले और धूम्रपान न करने वाले दोनों ही लोग शामिल हैं. धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए जोखिम बहुत अधिक है, जबकि धूम्रपान न करने वालों के लिए जोखिम कम है. फेफड़ों के कैंसर के विभिन्न प्रकार हैं और यदि प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाए. तो इसका इलाज किया जा सकता है.

इन संख्याओं में धूम्रपान करने वाले और धूम्रपान न करने वाले दोनों ही लोग शामिल हैं. धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए जोखिम बहुत अधिक है, जबकि धूम्रपान न करने वालों के लिए जोखिम कम है. फेफड़ों के कैंसर के विभिन्न प्रकार हैं और यदि प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाए. तो इसका इलाज किया जा सकता है.

हाथों और पैरों पर फेफड़ों के कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक डिजिटल क्लबिंग है. इस स्थिति के कारण उंगलियों या पैरों की उंगलियों के सिरे सूज जाते हैं. जिससे वे गोल या बल्बनुमा दिखने लगते हैं. नाखून भी नरम हो सकते हैं और उंगलियों के सिरे के चारों ओर मुड़ सकते हैं. क्लबिंग रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में बदलाव के कारण होती है जो फेफड़ों के कैंसर के कारण हो सकता है.

हाथों और पैरों पर फेफड़ों के कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक डिजिटल क्लबिंग है. इस स्थिति के कारण उंगलियों या पैरों की उंगलियों के सिरे सूज जाते हैं. जिससे वे गोल या बल्बनुमा दिखने लगते हैं. नाखून भी नरम हो सकते हैं और उंगलियों के सिरे के चारों ओर मुड़ सकते हैं. क्लबिंग रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में बदलाव के कारण होती है जो फेफड़ों के कैंसर के कारण हो सकता है.

फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित कुछ लोगों को हाथों और पैरों में बिना किसी कारण के दर्द या सूजन का अनुभव हो सकता है. यह ट्यूमर के नसों या रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालने के कारण हो सकता है. जिससे हाथ-पैरों में सूजन या बेचैनी हो सकती है. सूजन कैंसर के फैलने या लसीका तंत्र को प्रभावित करने के परिणामस्वरूप द्रव प्रतिधारण के कारण भी हो सकती है.

फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित कुछ लोगों को हाथों और पैरों में बिना किसी कारण के दर्द या सूजन का अनुभव हो सकता है. यह ट्यूमर के नसों या रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालने के कारण हो सकता है. जिससे हाथ-पैरों में सूजन या बेचैनी हो सकती है. सूजन कैंसर के फैलने या लसीका तंत्र को प्रभावित करने के परिणामस्वरूप द्रव प्रतिधारण के कारण भी हो सकती है.

फेफड़ों के कैंसर के कारण कभी-कभी नाखूनों के रंग में बदलाव हो सकता है. जैसे कि आपके हाथों और पैरों के नाखूनों का नीला या बैंगनी रंग. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फेफड़ों का कैंसर ऑक्सीजन के संचार में बाधा डाल सकता है. जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है. नतीजतन, नाखून गहरे या फीके दिखाई दे सकते हैं.

फेफड़ों के कैंसर के कारण कभी-कभी नाखूनों के रंग में बदलाव हो सकता है. जैसे कि आपके हाथों और पैरों के नाखूनों का नीला या बैंगनी रंग. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फेफड़ों का कैंसर ऑक्सीजन के संचार में बाधा डाल सकता है. जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है. नतीजतन, नाखून गहरे या फीके दिखाई दे सकते हैं.

एडिमा ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ का निर्माण है, जो हाथों और पैरों में सूजन या सूजन का कारण बन सकता है. यह इस बात का संकेत हो सकता है कि फेफड़ों का कैंसर संचार या लसीका जल निकासी को प्रभावित कर रहा है. यह कैंसर के लसीका नोड्स या छाती क्षेत्र में रक्त वाहिकाओं में फैलने का परिणाम भी हो सकता है.

एडिमा ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ का निर्माण है, जो हाथों और पैरों में सूजन या सूजन का कारण बन सकता है. यह इस बात का संकेत हो सकता है कि फेफड़ों का कैंसर संचार या लसीका जल निकासी को प्रभावित कर रहा है. यह कैंसर के लसीका नोड्स या छाती क्षेत्र में रक्त वाहिकाओं में फैलने का परिणाम भी हो सकता है.

Published at : 10 Mar 2025 09:22 PM (IST)

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Mesh Rashi 11 March 2025: मेष राशि वाले क्रिएटिविटी को उजागर करने की कोशिश करें, पढ़ें मंगलवार

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Mesh Rashi 11 March 2025: मेष राशिफल 11 मार्च, मंगलवार के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. आपकी राशि के स्वामी मंगल हैं. ज्योतिष ग्रंथों में मंगल को ग्रहों में सेनापति बताया गया है. वहीं मंगल ग्रह साहस, तकनीक,क्रोध, जमीन आदि का कारक है. आइए जानते हैं कि आज के दिन आपकी मेष राशि क्या कहती है.

मेष राशि जॉब राशिफल (Aries Job Horoscope)-

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा. नौकरी करने वाले जातकों की बात करें तो आज आप अपने कार्यक्षेत्र में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का अनुभव करेंगे, आपके कार्यक्षेत्र में आपकी बहुत अधिक तारीफ हो सकती है,  आपके सहकर्मी आपका पूरा साथ देंगे जिससे आप अपने सभी कार्यों को  समय से निपटाने में सक्षम रहेंगे.

मेष राशि हेल्थ राशिफल (Aries Health Horoscope)-

आपकी सेहत की बात करें तो आप अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें.  नियमित व्यायाम करें.

मेष राशि बिजनेस राशिफल (Aries Business Horoscope)-

व्यापार करने वाले जातकों की बात करें तो आज आपके व्यापार में आपको नए अवसर आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आप अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में सक्षम रहेंगे. आज आप अपने व्यापार में किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचे अन्यथा, आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है,  आपके निजी जीवन की बात करें तो आज आपके किसी पुराने मित्र के मिलने से आपका रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है.

मेष राशि फैमली राशिफल (Aries Family Horoscope)-

पारिवारिक रिश्तों में मिठास बनाए रखने की कोशिश करें, पारिवारिक जीवन में समर्पण का भाव रखें.  आज आप अपनी क्रिएटिविटी को उजागर करने की कोशिश करें किसी भी प्रकार का निर्णय लेने में ना डरे. युवा जातक अपने मन में सकारात्मकता बनाए रखने की कोशिश करें, इससे आपको जीवन में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. 

Aries Monthly Horoscope March 2025: मेष वाले रहें सावधान! नौकरी में आ सकती है समस्या, पढ़ें मार्च मासिक राशिफल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति पर बन रही है फिल्म, एक्टर्स के नाम पर मुहर लगना बाकी

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Narayan Murthy Biopic: इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति की जिंदगी को अब सिल्वर स्क्रीन पर उतारा जाएगा. राइटर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर की जोड़ी अश्विनी अय्यर-तिवारी और नितेश तिवारी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. इस फिल्म को हिंदी, तमिल और नारायण मूर्ति की मातृभाषा यानी कि कन्नड़ में बनाया जाएगा. 

फिल्म को लेकर नारायण मूर्ति बेहद एक्साइटेड

नारायण मूर्ति अपनी इस बायोपिक को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने फिल्ममेकर्स को इस फिल्म पर काम जल्द से जल्द शुरू करने की बात कही है. जहां एक तरफ नारायण मूर्ति आईटी सेक्टर में अपने काम के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनकी पत्नी सुधा मूर्ति सामाजिक कार्यों के साथ-साथ किताबें लिखने के लिए भी जानी जाती हैं. इतना ही नहीं, वह कुछ कन्नड़ फिल्मों में काम भी कर चुकी हैं. वह प्रार्थने’, ‘प्रीति इलदा मेले’ और ‘उप्पू, हुली, खरा’ जैसी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभा चुकी हैं. 

स्क्रिप्ट पर जोरो-शोरों से चल रहा काम

इस फिल्म को बनाने के लिए अश्विनी अय्यर-तिवारी और नितेश तिवारी मूर्ति परिवार से हर छोटी-बड़ी जानकारियों को जुटाने में लगे हुए हैं ताकि इनके आधार पर फिल्म की कहानी बनाई जा सके. फिल्म के लिए अभी कोई नाम फाइनल नहीं किया गया है. फिलहाल, प्रोजेक्ट को ‘मूर्ति’ के नाम से आगे बढ़ाया जा रहा है. एक बार स्क्रिप्ट तैयार हो जाने के बाद कलाकारों के नाम फाइनल किए जाएंगे. 

इसलिए फिल्म के बनने में हो रही देरी

इस फिल्म को बनने में लग रहे समय पर जानकारी देते हुए  News18 Showsha को दिए एक इंटरव्यू में अश्विनी ने कहा, ”इसकी कहानी अभी लिखी जा रही है. इसमें वक्त जरूर लग रहा है, लेकिन इनकी कहानी लोगों तक पहुंचाने की मुझे खुशी भी है. उन्होंने बताया कि वह एक ऐसी फिल्म बनाने की तैयारी में जुटे हैं, जिससे दर्शक खुद को जोड़ सके. उनका मकसद सिर्फ कमर्शियली हिट फिल्म बनाने का नहीं है.” 

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