एजिंग आउट के कारण US में भारतीयों का भविष्य खतरे में, कनाडा जाने का प्लान बना रहे स्टूडेंट

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Children of H-1B Visa Holders in US : संयुक्त राज्य अमेरिका में हजारों की संख्या में भारतीयों का भविष्य खतरे में हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में H-4 वीजा पर रह रहे हजारों भारतीय 21 साल की उम्र के करीब पहुंचने पर ‘एजिंग आउट’ की समस्या का सामना कर रहे हैं. अमेरिका के मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों के तहत अब वे अपने H-1B वीजा धारक माता-पिता के आश्रित के रूप में नहीं माने जाएंगे. अगर H-1B वीजा धारक माता-पिता को ग्रीन कार्ड नहीं मिलता है तो इन बच्चों को अमेरिका छोड़ना भी पड़ सकता है.

इस समस्या की वजह से कई बच्चे अब कनाडा और यूके जैसे देशों में जाने का विकल्प तलाश कर रहे हैं, जहां अमेरिका के मुकाबले नियम ज्यादा आसान हैं. अमेरिकी रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड सिस्टम में भारी बैकलॉग के कारण भारतीय प्रवासियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

एजिंग आउट की समस्या का कर रहे हैं सामना

इम्प्रूव द ड्रीम नाम के एक संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष दीप पटेल ने इस बारे में जानकारी दी है. उन्होंने एनडीटीवी को बताया कि इम्प्रूव द ड्रीम संगठन ऐसे युवा प्रवासियों का समर्थन और वकालत करता है, जो H-1B वीजा पर रहने वाले माता-पिता के साथ अमेरिका में ही पले-बढ़े हैं. लेकिन अब ये बच्चे देश में एजिंग आउट की समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका का चिल्ड्रन एक्ट इनके लिए एक उम्मीद की किरण हो सकती है.

एजिंग आउट के कारण करना पड़ सकता है सेल्फ डिपोर्टेशन

संगठन के संस्थापक दीप पटेल ने ‘एजिंग आउट’ और ‘सेल्फ-डिपोर्टेशन’ के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, “एजिंग आउट की स्थिति तब होती है जब H-1B वीजा होल्डर के बच्चे की उम्र 21 साल पूरी हो जाती है, लेकिन इस दौरान उसके माता-पिता को ग्रीन कार्ड नहीं मिला होता है. ‘एजिंग आउट’ होने पर उन बच्चों को अमेरिका में अब माता-पिता पर आश्रित नहीं माना जाता है. ऐसे में अगर माता-पिता की ग्रीन कार्ड का आवेदन लंबित भी होता है और बच्चे की उम्र 21 साल हो जाती है तो उसे सेल्फ-डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ेगा.”

अमेरिका का चिल्ड्रेन एक्ट एक उम्मीद की किरण

अमेरिकाज चिल्ड्रेन एक्ट के बारे में पटेल ने कहा, “यह अमेरिकी कांग्रेस में सबसे ज्यादा द्विदलीय इमिग्रेशन विधेयकों में से एक है. यह उन बच्चों को सक्षम बनाने के लिए जो अमेरिका में पले-बढ़े हैं और वहां के कानून की वैध स्थिति को बनाए रखते हैं और देश के विकास में भी अपना योगदान देना चाहते हैं. वे अमेरिका में रह सकेंगे और अमेरिकी नागरिकता लेने के लिए एक स्पष्ट और सीधा रास्ता भी हासिल कर पाएंगे.” यह एक्ट यह सुनिश्चित करेगा कि उस व्यक्ति के देश छोड़ने की जरूरत न हो.

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आवेश खान-रजत पाटीदार समेत ये खिलाड़ी हो सकते हैं BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर

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BCCI Central Contract List 2025: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) आगामी वार्षिक वर्ष के लिए जल्द ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी करने वाला है. बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकलन करने के बाद लिस्ट जारी करेगा. आपको बता दे कि पिछले साल फरवरी में ही लिस्ट जारी कर दी गई थी लेकिन इस बार चैंपियंस ट्रॉफी के चलते इसमें देरी हुई. पिछले साल बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल कई प्लेयर्स अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भाग नहीं लेने के कारण इस बार की लिस्ट से बाहर हो सकते हैं.

ये खिलाड़ी हो सकते हैं बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर

आवेश खान, रजत पाटीदार, केएस भारत आदि वो खिलाड़ी हैं, जो इस बार बीसीसीआई की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर हो सकते हैं. पिछले साल तीनों खिलाड़ियों को ‘सी ग्रेड’ में रखा गया था. सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने के बाद रजत पाटीदार ने पिछले कैलेंडर वर्ष में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला. बेशक उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के पिछले संस्करण में शानदार प्रदर्शन किया और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज रहे लेकिन उन्हें भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज में जगह नहीं मिली थी. इस बार आईपीएल (IPL 2025) में आरसीबी की कप्तानी करने वाले रजत पाटीदार बीसीसीआई की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर हो सकते हैं.

गेंदबाज आवेश खान भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर हो सकते हैं. उन्होंने 2024 में खेले 6 टी20 मैचों में 6 विकेट लिए. उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच 2023 में खेला था. संभावना है कि इस बार आवेश लिस्ट से बाहर हो सकते हैं. केएस भरत को भी लिस्ट से बाहर रखा जा सकता है, उन्होंने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच फरवरी 2024 में खेला था. 

शार्दुल ठाकुर को भी बीसीसीआई की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर रखा जा सकता है. वैसे रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्हें जून में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना जा सकता है. देखना होगा कि क्या वह अपना स्थान लिस्ट में बचा पाएंगे या नहीं. रविचंद्रन अश्विन भी लिस्ट से बाहर होंगे क्योंकि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी है.

श्रेयस अय्यर को मिल सकती है जगह 

पिछले साल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर होने वाले खिलाड़ियों में एक बड़ा नाम श्रेयस अय्यर का था. उन्हें घरेलु क्रिकेट को गंभीरता से नहीं लेने के चलते बाहर किया गया था. अब चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल किया जा सकता है.

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कैसी होगी iPhone 17 सीरीज? डिजाइन से लेकर परफॉर्मेंस तक, ये डिटेल्स आ चुकी हैं सामने

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iPhone 17 सीरीज के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस साल सितंबर में लॉन्च होने वाली इस सीरीज में Phone 17, iPhone 17 Air, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max समेत चार मॉडल लॉन्च होने की उम्मीद है. इस सीरीज में डिजाइन, डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और परफॉर्मेंस के मामले में कई अपग्रेड मिलने की उम्मीद है. आइए इस सीरीज से जुड़ी अब तक सामने आई डिटेल्स पर एक नजर डालते हैं.

डिजाइन

iPhone 17 के डिजाइन में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है. ओवरऑल एस्थेटिक के मामले में यह iPhone 16 के समान हो सकता है और इसमें USB-C पोर्ट और एक्शन बटन दिया जाएगा. हालांकि, प्रो मॉडल के कैमरा मॉड्यूल में बदलाव देखने को मिल सकता है. इसके रियर में एक नया रेक्टेंगुलर कैमरा बार दिया जा सकता है. इसके अलावा एयर मॉडल लाइनअप का सबसे सस्ता पतला आईफोन होगा. 

डिस्प्ले

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ऐपल iPhone 17 का स्क्रीन साइज बढ़ाकर 6.3 इंच कर सकती है. इसी तरह प्रो मॉडल्स में स्क्रीन साइज 6.9 इंच रखा जा सकता है. एयर मॉडल की बात करें तो इसमें 6.6 इंच की स्क्रीन मिल सकती है. इस सीरीज के सभी मॉडल्स में ProMotion टेक्नोलॉजी दी जा सकती है. सीरीज में एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग मिल सकती है, जो आउटडोर में स्क्रीन विजिबिलिटी को बेहतर करेगी.

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस के मामले में iPhone 17 सीरीज किसी से पीछे नहीं रहने वाली है. iPhone 17 और iPhone 17 Air को कंपनी के नए A19 चिपसेट से लैस किया जा सकता है, वहीं प्रो मॉडल्स में और दमदार A19 Pro चिप दी जा सकती है. ये बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी के साथ तेज और शानदार परफॉर्मेंस देती है. ओवरहीटिंग को रोकने के लिए वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया जा सकता है.

कैमरा

आगामी सीरीज में ऐपल 24MP फ्रंट कैमरा पेश कर सकती है. यह मौजूदा सीरीज में मिलने वाले 12MP फ्रंट कैमरा की तुलना में बड़ा बदलाव होगा. रियर की बात करें तो iPhone 17 में 48MP मेन कैमरा मिल सकता है. प्रो मॉडल्स में ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें वाइड, अल्ट्रा वाइड और टेलीफोटो लेंस मिल सकते हैं.

बैटरी

बैटरी की कैपेसिटी को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बड़े स्क्रीन साइज को लेकर ऐसी उम्मीद है कि ऐपल इस सीरीज में बड़ी बैटरी पेश कर सकती है. ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ऐपल इस सीरीज में 35W फास्ट चार्जिंग को इंट्रोड्यूस कर सकती है.

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इंसान है या भालू? इस खतरनाक सिंड्रोम से जूझ रहे भारतीय लड़के ने बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

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छावा ने रचा इतिहास, 25वें दिन वर्ल्डवाइड 700 करोड़ के हुई पार

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 Chhaava Worldwide Box Office Collection Day 25: विक्की कौशल की ऐतिहासिक एपिक ड्रामा फिल्म ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर थमने का नाम नहीं ले रही है. इस फिल्म का क्रेज देश ही नहीं दुनियाभर में दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. इसी के साथ ये फिलम हर दिन नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है. 25वें दिन भी ‘छावा’ ने वर्ल्डवाइड इतिहास रच दिया है और एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है.

‘छावा’ ने 25वें दिन वर्ल्डवाइड कितनी की कमाई? 
‘छावा’ को सिनेमाघरों में दमदार परफॉर्म करते हुए अब एक महीना होने वाला है. लेकिन इस फिल्म के लिए फैंस का प्यार कम नहीं हो रहा है. ‘छावा’ अब भी दर्शकों को बड़े पर्दे पर खींच रही है. फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस देखते हुए तो अभी इसके थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. दरअसल ‘छावा’ की एंटरटेनिंग कहानी, ग्रैंड विजुअल और यकीनन विक्की कौशल की शानदार एक्टिंग ने इसे साल 2025 की सबसे बड़ी फिल्म बना दिया है. दिलचस्प बात ये हैं कि फिल्म देश ही नहीं दुनियाभर में बवाल काट रही है और शानदार कमाई भी कर रही है. अपने 25वें दिन, फिल्म ने आधिकारिक तौर पर दुनिया भर में 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया.

इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिलक के अनुसार, छावा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 85 करोड़ रुपये की भारी कमाई की है. जबकि भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 620.3 करोड़ रुपये है. 25वें दिन के एंड तक, छावा ने आधिकारिक तौर पर दुनिया भर में 705.3 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है.

‘छावा’ ने 25वें दिन भारत में कितनी की कमाई?
वहीं सैकनिलक के मुताबिक ‘छावा’ की कमाई में चौथे सोमवार को थोड़ी गिरावट आई और इसने 25वें दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 6.25 करोड़ रुपये कमाई की. इसी के साथ, छावा ने अपने 25-दिनों की थिएट्रिकल परफॉर्मेंस से भारत में 526.05 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. वहीं अब होली की छुट्टियों के दौरान एक बार फिर फिल्म की कमाई में तेजी आने की उम्मीद है.जिसके बाद फिल्म 600 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है. 

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15 हजार रुपये से कम में बैचलर्स और मास्टर्स की पढ़ाई, जानिए कैसे मिलता है एडमिशन

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<p>सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक (सीयूके) आज भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक के रूप में उभरा है. यह विश्वविद्यालय अपनी क्वालिटी एजुकेशन और रिसर्च के लिए जाना जाता है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक की स्थापना वर्ष 2009 में संसद के अधिनियम द्वारा की गई थी. यह कर्नाटक राज्य का दूसरा केंद्रीय विश्वविद्यालय है. शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने अस्थायी परिसर से अपना कार्य आरंभ किया था, लेकिन वर्तमान में यह कलबुरगी जिले के कदगंची गाँव में अपने स्थायी 654 एकड़ के विशाल परिसर में स्थित है. विश्वविद्यालय ने अपनी यात्रा कुछ विभागों से शुरू की थी, और अब यह 16 से अधिक स्कूलों और 30 से अधिक डिपार्टमेंट्स के साथ विस्तारित हो चुका है.&nbsp;</p>
<p><strong>जानिए कैसे मिलता है सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक में प्रवेश</strong></p>
<p>ग्रेजुएशन और मास्टर्स&nbsp;पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं पर आधारित है. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए CUET-PG और स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए CUET-UG परीक्षा आयोजित की जाती है. परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती है और उम्मीदवारों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है. पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET/JRF) या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के बाद इंटरव्यू के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है.</p>
<p><strong>ये है यूनिवर्सिटी का मौजूदा पाठ्यक्रम</strong>&nbsp;</p>
<p>विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में बैचलर्स में बीए,बीएसी, बी.कॉम, बी.टेक,BBA जैसे कोर्स और मास्टर्स में और MA, MSC, M.Com, M.Tech, और MBA जबकि पीएचडी स्तर के सभी विभागों का पाठ्यक्रम प्रदान करता है.&nbsp;</p>
<p><strong>ये है सेंट्रल यूनिवर्सिटी का फीस स्ट्रक्चर&nbsp;</strong></p>
<p>केंद्रीय कर्नाटक विश्वविद्यालय की फीस संरचना अन्य निजी विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी किफायती है:</p>
<p>-ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम (BA/BSc/BCom): 5,000-7,000 रुपये प्रति सेमेस्टर<br />-मास्टर्स पाठ्यक्रम (MA/MSc/MCom): 8,000-12,000 रुपये प्रति सेमेस्टर<br />-इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम (B.Tech): 25,000-30,000 रुपये प्रति सेमेस्टर<br />-पीएचडी पाठ्यक्रम: 15,000-20,000 रुपये प्रति वर्ष</p>
<p>इसके अतिरिक्त, मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्तियां भी उपलब्ध हैं.</p>
<p><strong>ये हैं यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध पूर्व छात्र</strong></p>
<p>केंद्रीय कर्नाटक विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं जिनमें डॉ. प्रकाश नारायण जोकि प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध कार्य के लिए प्रतिष्ठा प्राप्त की है. सुश्री अनुपमा वर्मा जोकि प्रतिष्ठित सिविल सेवा अधिकारी, जिन्होंने <a title="UPSC" href=" data-type="interlinkingkeywords">UPSC</a> परीक्षा में उच्च रैंक हासिल की. श्री विनोद कुमार जोकि प्रख्यात उद्यमी, जिन्होंने एक सफल स्टार्टअप की स्थापना की है जो अब करोड़ों का व्यापार करता है. डॉ. सुनीता रेड्डी जोकि प्रतिष्ठित चिकित्सक और मानवाधिकार कार्यकर्ता, जिन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी" href=" target="_blank" rel="noopener">बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी</a></strong></p>

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चांदी में निवेश का मौका, जीरोधा फंड हाउस ने लॉन्च किया सिल्वर ईटीएफ

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Zerodha Fund House Silver ETF: चांदी की कीमतों (Silver Prices) में हाल के महीनों में शानदार तेजी देखने को मिली है. चांदी जल्द ही 1 लाख रुपये प्रति किलो को छूने के कागर पर है. ऐसे में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Exchange-Traded Fund) के जरिए चांदी में निवेश का शानदार अवसर निवेशकों के पास है. जीरोधा फंड हाउस Zerodha Fund House ने सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Silver Exchange-Traded Fund) लॉन्च किया जिसमें निवेशक 10 मार्च से लेकर 18 मार्च 2025 तक निवेश कर सकते हैं.  

जीरोधा फंड हाउस ने चांदी में निवेश का अवसर प्रदान करने के लिए सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) लॉन्च किया है. निवेशक कम से कम सिल्वर ईटीएफ में 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से कम से कम 1000 रुपये निवेश कर सकते हैं. जीरोधा सिल्वर ईटीएफ में 10 से 18 मार्च 2025 के बीच निवेश किया जा सकेगा. कंपनी ने बताया कि जीरोधा सिल्वर ईटीएफ का मकसद घरेलू मार्केट में चांदी के दामों की कीमतों के प्रदर्शन के आधार पर निवेशकों को रिटर्न दिलाना है.

जीरोधा फंड हाउस के सीईओ विशाल जैन ने कहा, इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो और मॉडर्न इंडस्ट्रीज दोनों ही में चांदी की बड़ी भूमिका है. एक इंडस्ट्रियल मेटल और एक कीमती धातु दोनों के रूप में अपनी दोहरी पहचान के साथ सिल्वर ईटीएफ निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और इस मेटल की अनूठी विशेषताओं का लाभ उठाने के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है.

जीरोधा सिल्वर ईटीएफ अपने फंड का 90-100 फीसदी रकम सिल्वर और इससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश करेगा. बाकी बचे रकम को डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाएगा. कई ब्रोकरेज हाउस चांदी की कीमतों में उछाल को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Motilal Oswal Financial Services Ltd) ने कमोडिटीज आउटलुक 2025 (Commodities Outlook 2025) में चांदी को लेकर अपने नोट में कहा था कि वो मध्यम से लंबी अवधि के लिए चांदी पर बेहद पॉजिटिव है. नोट के मुताबिक घरेलू मार्केट में चांदी का भाव 1,11,111 रुपये से लेकर 1,25,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है. ब्रोकरेज हाउस ने 12-15 महीने की अवधि को ध्यान में रखते हुए चांदी खरीदने की सलाह दी है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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डोनाल्ड ट्रंप का एक और बड़ा ऐलान, इस बार टैरिफ को लेकर कह दिया कुछ ऐसा कि इन देशों की उड़ जाएगी नींद

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देशों मेक्सिको और कनाडा को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 2 अप्रैल से उनके खिलाफ टैरिफ लागू हो सकते हैं और समय के साथ ये और बढ़ सकते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देशों मेक्सिको और कनाडा को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 2 अप्रैल से उनके खिलाफ टैरिफ लागू हो सकते हैं और समय के साथ ये और बढ़ सकते हैं.

USMCA के तहत ये पारस्परिक टैरिफ लगाए जाएंगे. ट्रंप ने जोर दिया कि उनके प्रशासन के पास अमेरिकी व्यवसायों को प्रोटेक्ट करने की स्पष्ट योजना है.

USMCA के तहत ये पारस्परिक टैरिफ लगाए जाएंगे. ट्रंप ने जोर दिया कि उनके प्रशासन के पास अमेरिकी व्यवसायों को प्रोटेक्ट करने की स्पष्ट योजना है.

ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को अन्य देशों से लगातार लूटने का अनुभव हुआ है. अब वह इसे रोकने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां चीजों को तैयार करने पर कोई टैरिफ नहीं होगा,

ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को अन्य देशों से लगातार लूटने का अनुभव हुआ है. अब वह इसे रोकने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां चीजों को तैयार करने पर कोई टैरिफ नहीं होगा,” जिसका मतलब है कि अमेरिका अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है.

अमेरिका, मेक्सिको, और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव और टैरिफ के कारण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह उत्तरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है. हालांकि, ट्रंप ने 2025 में मंदी की किसी भी भविष्यवाणी से इनकार किया, यह कहते हुए कि अभी संक्रमण का दौर चल रहा है.

अमेरिका, मेक्सिको, और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव और टैरिफ के कारण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह उत्तरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है. हालांकि, ट्रंप ने 2025 में मंदी की किसी भी भविष्यवाणी से इनकार किया, यह कहते हुए कि अभी संक्रमण का दौर चल रहा है.

ट्रंप से उनके प्रशासन की योजना के बारे में पूछा गया कि क्या वे संघीय सरकार के आकार को छोटा करने पर काम कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे रक्षा खर्च में कटौती करना पसंद करेंगे, लेकिन

ट्रंप से उनके प्रशासन की योजना के बारे में पूछा गया कि क्या वे संघीय सरकार के आकार को छोटा करने पर काम कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे रक्षा खर्च में कटौती करना पसंद करेंगे, लेकिन “अभी” यह संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि चीन और रूस जैसी चुनौतियों के कारण रक्षा बजट में फिलहाल कोई कमी नहीं की जाएगी.

ट्रंप की टैरिफ नीति और USMCA समझौते के तहत 2 अप्रैल से मेक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लागू होने की संभावना है. यह नीति व्यापारिक तनाव को बढ़ा सकती है.

ट्रंप की टैरिफ नीति और USMCA समझौते के तहत 2 अप्रैल से मेक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लागू होने की संभावना है. यह नीति व्यापारिक तनाव को बढ़ा सकती है.

ट्रंप की तरफ से टैरिफ लगाने का असर उत्तरी अमेरिकी व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. ट्रंप का कहना है कि यह अमेरिकी व्यापार और उत्पादन को फिर से मजबूत करने का एक बड़ा कदम है.

ट्रंप की तरफ से टैरिफ लगाने का असर उत्तरी अमेरिकी व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. ट्रंप का कहना है कि यह अमेरिकी व्यापार और उत्पादन को फिर से मजबूत करने का एक बड़ा कदम है.

Published at : 11 Mar 2025 07:58 AM (IST)

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Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण देने आ रहा है टेंशन, जॉब, करियर और लव लाइफ को लग सकता है ब्रेक

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Surya Grahan 2025:  साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च, 2025 शनिवार को लगने वाला है. सूर्य ग्रहण कई राशियों को शुभ प्रभाव कई राशियों को टेंशन, जॉब, करियर और लव लाइफ में परेशानियां खड़ी कर सकता है. जानते हैं कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण और किन राशियों को रहना होगा एलर्ट.

सूर्य ग्रहण 2025 कितने बजे लगेगा?

  • साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025, को लग रहा है.
  • भारतीय समय अनुसार यह ग्रहण दोपहर 2.20 मिनट पर लगेगा और शाम 6.16 मिनट पर समाप्त होगा.
  • ग्रहण की कुल अवधि 2.53 मिनट रहेगी.

मेष राशि (Aries)-
मेष राशि वालों पर सूर्य ग्रहण का असर नजर आएगा. इससे मेष राशि वालों को आर्थिक रुप से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. करियर और जॉब में कई प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो सकती है, जिस वजह से आप परेशान रह सकते हैं. लव लाइफ में ब्रेक-अप हो सकता है, शादीशुदा कपल्स वाद-विवाद में उलझ सकते हैं.

कर्क राशि (Cancer)-
कर्क राशि वालों को साल के पहले सूर्य ग्रहण के बाद करियर और जॉब में चुनौतियां आ सकती है. बिजनेस करने वालों का पैसा कहीं फंस सकता है, जिस वजह से आप परेशान हो सकते हैं और टेंशन में रह सकते हैं. फिजूल खर्चों से अपने को दूर रखें. किसी भी प्रकार के विवाद से अपने को दूर रखें. शादीशुदा लाइफ में मधुरता के साथ पार्टनर से बात करें.

मीन राशि (Pisces)-
मीन राशि वालों को साल के पहले सूर्य ग्रहण से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान मन को शांत करें और योग और ध्यान का सहारा लें. जॉब में बॉस और सीनियर के साथ रिश्ते खराब हो सकते हैं. परिवार को समय दें. शादी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय मुश्किल रहेगा. लव लाइफ में हर कदम सावधानी पूर्वक रखें. किसी प्रकार की हड़बड़ी ना करें.

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण से कितना डरना चाहिए, ये किन राशियों के लिए होने जा रहा कष्टकारी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Apple करने जा रही है यह बड़ा काम, बदल जाएगा iPhone, iPad और Mac के OS का लुक, जानें डिटेल

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टेक दिग्गज Apple एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. इसके बाद iPhone, iPad और Mac के ऑपरेटिंग सिस्टम का लुक पूरी तरह बदल जाएगा और ऐपल यूजर्स को एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐपल अपने सॉफ्टवेयर को पूरी तरह बदलने जा रही है. इससे iPhone, iPad और Mac के ऑपरेटिंग सिस्टम और इंटरफेस में भी बड़ा बदलाव होगा. आइए जानते हैं कि इस बारे में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है. 

इसी साल हो सकता है बदलाव

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, सॉफ्टवेयर में बदलाव इसी साल हो सकता है और यह विजन प्रो के सॉफ्टवेयर पर बेस्ड हो सकता है. इस रिवैम्प में कंपनी आइकन्स, मेनू, ऐप्स, विंडो और सिस्टम बटन आदि को स्टाइल अपडेट दे सकती है. दरअसल, कंपनी अपने डिवाइस को कंट्रोल और नेविगेट करना आसान बनाना चाह रही है ताकि यूजर्स को किसी तरह की दिक्कत न आए. इसके साथ ही ऐपल चाहती है कि उसके अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम एक समान नजर आएं.

जून में दिख सकती है झलक

नए ऑपरेटिंग सिस्टम और इंटरफेस की झलक जून में दिख सकती है. दरअसल, ऐसे कयास हैं कि जून में होने वाली वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में ऐपल इसकी झलक पेश कर सकती है. बता दें कि इस आयोजन में कंपनी की तरफ से अन्य कई घोषणाओं की उम्मीद है.

इस साल कई प्रोडक्ट्स लॉन्च कर चुकी है ऐपल

ऐपल पिछले कुछ दिनों में iPhone 16e और iPad Air और MacBook Air के नए मॉडल्स समेत कई प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है. ग्राहकों को लुभाने के लिए इन्हें AI फीचर्स से लैस किया जा रहा है. ऐसे भी कयास हैं कि कंपनी अपने पहले फोल्डेबल आईफोन पर भी काम कर रही है और इसे अगले साल आईफोन 18 सीरीज के साथ लॉन्च किया जा सकता है. इसकी कीमत लगभग 1.75 लाख रुपये से शुरू होने की उम्मीद है. 

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