इन बड़ी यूनिवर्सिटीज में मुस्लिमों को मिलता है रिजर्वेशन, जानिए कैसे मिलता है एडमिशन

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<p>भारत में कई प्रमुख शैक्षिक संस्थान हैं जो मुस्लिम समुदाय के लिए बनाए गए हैं. इनमें से कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, कुछ राज्य विश्वविद्यालय और कुछ निजी संस्थान हैं. दिल्ली क्षेत्र के संस्थानों में जामिया मिलिया इस्लामिया एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना 1920 में हुई थी. इसे 1988 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और 2011 में अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा दिया गया. यहां प्रवेश में मुस्लिम छात्रों को 50% आरक्षण मिलता है. इसी क्षेत्र में जामिया हमदर्द भी एक प्रसिद्ध संस्थान है जो आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में विशेषज्ञता रखता है. इसे 1989 में मानद विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसकी फार्मेसी शिक्षा काफी प्रसिद्ध है.</p>
<p><strong>आजादी के पहे स्थापित की गई थी ये यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>दक्षिण भारत में हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसका नाम भारत के पहले शिक्षा मंत्री के नाम पर रखा गया है. इसे भी अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है और 2016 तक यह भारत का एकमात्र उर्दू विश्वविद्यालय था. इसी शहर में स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय भी एक ऐतिहासिक संस्थान है जिसकी स्थापना 1918 में हैदराबाद के निज़ाम द्वारा की गई थी. यह भारत का पहला ऐसा विश्वविद्यालय था जहां शिक्षा का माध्यम उर्दू था, हालांकि अब इसे धर्मनिरपेक्ष विश्वविद्यालय माना जाता है.</p>
<p><strong>प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी हैं कतार में &nbsp;</strong></p>
<p>तमिलनाडु में बी.एस. अब्दुर रहमान क्रेसेंट इंस्टिट्यूट एक प्रमुख निजी विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी. यह तमिलनाडु के पहले सेल्फ फाइनेंसड इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है. कर्नाटक के गुलबर्गा में स्थित खाजा बंदनवाज विश्वविद्यालय एक अपेक्षाकृत नया संस्थान है जिसकी स्थापना 2018 में हुई थी. इसका नाम प्रसिद्ध सूफी संत बंदे नवाज़ के नाम पर रखा गया है.</p>
<p><strong>मुस्लिम शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रही है ये यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>पूर्वी भारत के संस्थानों में कोलकाता का आलिया विश्वविद्यालय सबसे पुराना है, जिसकी स्थापना 1869 में हुई थी. यह पश्चिम बंगाल में मुस्लिम शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है और स्वायत्त मॉडल के तहत संचालित होता है. पटना में स्थित मौलाना मजहरुल हक अरबी एंड पर्शियन यूनिवर्सिटी की स्थापना 1998 में हुई थी और यह अरबी और फारसी भाषाओं में विशेषज्ञता रखता है.</p>
<p><strong>लखनऊ और जम्मू-कश्मीर में भी हैं इस्लामिक यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>उत्तर भारत में लखनऊ स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण राज्य विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना 2009 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी. मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना 2006 में हुई थी और यह बहु-विषयक शिक्षा प्रदान करता है. राजस्थान के जोधपुर में मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय की स्थापना 2013 में हुई थी और यहां 8,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना 2005 में हुई थी और इसने 2006 से शिक्षण कार्यक्रम शुरू किए थे.</p>
<p><strong>50 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय के लिए&nbsp;</strong></p>
<p>इन अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर मेरिट से होता है. कुल सीटों का 50 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय के लिए और 50 प्रतिशत अन्य समुदायों के लिए आरक्षित है. अल्पसंख्यक कोटे में खाली बची सीटें अन्य समुदायों के छात्रों से भरी जा सकती हैं.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी" href=" target="_blank" rel="noopener">बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी</a></strong></p>

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दी गई तस्वीर में छिपे हैं दो अंतर! 10 सेकंड में जवाब देने वाला कहलाएगा नवाब

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image 1इसलिए हम आपकी लालसा का ख्याल रखते हैं और आपके लिए रोज कुछ ना कुछ इस तरह का लेकर आते रहते हैं. आगे दिखाई जा रही तस्वीर को PLAYBUZZ ने पहली बार शेयर कर लोगों से इसका जवाब मांगा था.

image 1इसलिए हम आपकी लालसा का ख्याल रखते हैं और आपके लिए रोज कुछ ना कुछ इस तरह का लेकर आते रहते हैं. आगे दिखाई जा रही तस्वीर को PLAYBUZZ ने पहली बार शेयर कर लोगों से इसका जवाब मांगा था.

आज हम आपके लिए अंतर बताने वाली एक तस्वीर लेकर के आए हैं, तस्वीर में आपको दो एक जैसे भाग दिख रहे होंगे जिसमें एक लड़की अपने घर की खिड़की से बाहर के नजारे का दीदार करती दिख रही होगी . आपको इन्हीं में से बस अंतर बताना है.

आज हम आपके लिए अंतर बताने वाली एक तस्वीर लेकर के आए हैं, तस्वीर में आपको दो एक जैसे भाग दिख रहे होंगे जिसमें एक लड़की अपने घर की खिड़की से बाहर के नजारे का दीदार करती दिख रही होगी . आपको इन्हीं में से बस अंतर बताना है.

क्या है आपके लिए चैलेंज, आइए आपको बताते हैं. ऑप्टिकल इल्युजन अक्सर आपको धोखा दे सकते हैं, जिससे आप कई बार ऐसा महसूस करते हैं जो वास्तव में मौजूद ही नहीं है.

क्या है आपके लिए चैलेंज, आइए आपको बताते हैं. ऑप्टिकल इल्युजन अक्सर आपको धोखा दे सकते हैं, जिससे आप कई बार ऐसा महसूस करते हैं जो वास्तव में मौजूद ही नहीं है.

अगर आप इस अंक को ढूंढने में कामयाब हो जाते हैं तो आप कहलाएंगे ऑप्टिकल इल्यूजन की दुनिया के सूरमा और अगर नहीं ढूंढ पाए तो आपको अपनी आंखों की केयर थोड़ी और करनी होगी. क्या आपको वह अंतर  दिखे?

अगर आप इस अंक को ढूंढने में कामयाब हो जाते हैं तो आप कहलाएंगे ऑप्टिकल इल्यूजन की दुनिया के सूरमा और अगर नहीं ढूंढ पाए तो आपको अपनी आंखों की केयर थोड़ी और करनी होगी. क्या आपको वह अंतर दिखे?

यह अंतर ढूंढना इतना भी मुश्किल नहीं है, जितना आपको लग रहा है. बस अपने दिमाग को शांत और आंख को तेज रखिए. चलिए हम ही आपको बता देते हैं.

यह अंतर ढूंढना इतना भी मुश्किल नहीं है, जितना आपको लग रहा है. बस अपने दिमाग को शांत और आंख को तेज रखिए. चलिए हम ही आपको बता देते हैं.

तस्वीर का जवाब उम्मीद है आपको मिल गया होगा, 10 सेकंड में जवाब देने वालों को बधाई, जो असफल हुए वो अबकी बार ज्यादा तैयारी से आएं, क्योंकि जो डर गया वो घर गया.

तस्वीर का जवाब उम्मीद है आपको मिल गया होगा, 10 सेकंड में जवाब देने वालों को बधाई, जो असफल हुए वो अबकी बार ज्यादा तैयारी से आएं, क्योंकि जो डर गया वो घर गया.

Published at : 12 Mar 2025 10:06 AM (IST)

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भाई ने तो नासा वालों को भी फेल कर दिया! डबल डेकर ऑटोरिक्शा देख उड़ जाएंगे आपके भी होश

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Trending News: भारत में जुगाड़ टेक्नोलॉजी का कोई मुकाबला नहीं. यहां लोग नए नए आविष्कार और क्रिएटिव आइडियाज के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इस बार जो चीज वायरल हुई है, उसने इंटरनेट की जनता को हैरान ही नहीं, बल्कि पेट पकड़कर हंसने पर भी मजबूर कर दिया है. दरअसल, एक शख्स ने ऑटो रिक्शा को ‘डबल डेकर’ बना डाला. हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने दो मंजिला ऑटो रिक्शा. आपने आजतक केवल डबल डेकर बस या फिर ट्रेन ही देखी होगी. हालांकि प्लेन में भी डबल डेकर एरिया होता है. लेकिन डबल डेकर ऑटोरिक्शा देख आपका दिमाग सच में चक्कर खा जाएगा.

कैसा दिखता है यह ‘डबल डेकर ऑटो रिक्शा’?

इस ऑटो के ऊपर की छत पर एक और छोटी सी सीटिंग एरिया बना दी गई है. निचले हिस्से में सामान्य ऑटो की तरह ही तीन यात्रियों के बैठने की जगह है, लेकिन असली ट्विस्ट ऊपर है. ऊपर की सीट तक पहुंचने के लिए एक छोटी सी सीढ़ी भी बनाई गई है. तस्वीर देखकर आपका भी मन कहीं न कहीं इस ऑटो रिक्शा में सवारी करने का करेगा.

भाई ने तो नासा वालों को भी फेल कर दिया! डबल डेकर ऑटोरिक्शा देख उड़ जाएंगे आपके भी होश

इस अनोखे डबल डेकर ऑटो को एक देसी जुगाड़ू इंजीनियर ने तैयार किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर के मुताबिक, यह ऑटो गुजरात के किसी शहर का बताया जा रहा है. हालांकि शहर की जानकारी सामने नहीं आई है.

लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन 

जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर आई, लोगों ने कमेंट्स की बौछार कर दी. कुछ ने इसे ‘इंजीनियरिंग का करिश्मा’ बताया, तो कुछ ने ‘डरावना जुगाड़’ कहकर इसका मजाक उड़ाया. एक ने लिखा…”भाई, अब बस ‘ट्रिपल डेकर’ बनाना बाकी है.” एक और यूजर ने लिखा..अगर ये मुंबई में चलता तो ऊपर वाले लोग सीधे लोकल ट्रेन में कूद जाते.” तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भारत वाले तो नासा से भी आगे हैं.

यह भी पढ़ें: ‘गाना सुनकर सिर फोड़ लेंगे आप…’ न बोल समझ आ रहे न सिंगर, फिर भी झूम रहे लोग; वायरल हो रहा वीडियो

अगले हफ्ते लॉन्च हो सकता है Google Pixel 9a, मिलेंगे ये दमदार फीचर्स, अनुमानित कीमत भी आई सामने

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Google Pixel 9a की लॉन्चिंग नजदीक आ गई है. अभी तक कंपनी की तरफ से इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि 19 मार्च को इसकी ग्लोबल लॉन्चिंग हो सकती है. भारत में इसे 20 मार्च को लॉन्च किया जा सकता है. माना जा रहा है कि उसी दिन से इसके लिए प्री-ऑर्डर शुरू हो जाएंगे और 26 मार्च से इसकी बिक्री शुरू हो सकती है. आइए लॉन्चिंग से पहले इसके फीचर्स और अनुमानित कीमत के बारे में भी जान लेते हैं.

Google Pixel 9a के अनुमानित फीचर्स

अब तक सामने आईं लीक्स में Google Pixel 9a के कई फीचर्स से पर्दा उठ चुका है. इस फोन में 6.3 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जो 120 Hz रिफ्रेश रेट, 2700 निट्स की पीक ब्राइटनेस और HDR10+ सपोर्ट के साथ आएगा. प्रोसेसर की बात करें तो इसमें गूगल टेंसर G4 चिपसेट दिया जा सकता है. साथ ही इसमें प्राइवेसी के लिए Titan M2 सिक्योरिटी चिप, 8GB RAM और 256GB तक स्टोरेज मिलने की उम्मीद है. 

कैमरा और बैटरी

बाकी पिक्सल डिवाइस की तरह आगामी पेशकश में भी गूगल दमदार कैमरा सेटअप दे सकती है. कयास हैं कि इसके रियर में 48MP का मेन और 13MP का अल्ट्रावाइड सेंसर मिल सकता है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 13MP का फ्रंट लेंस दिया जा सकता है. यह फोन 5,100 mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हो सकता है, जो 23W चार्जिंग स्पीड के साथ आएगी.

क्या रह सकती है कीमत?

ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में Google Pixel 9a के 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत लगभग 43,000 रुपये रह सकती है, वहीं इसके 256GB वेरिएंट के लिए ग्राहकों को 52,000 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं.  गूगल इस फोन के साथ 6 महीने का फिटबिट प्रीमियम, 3 महीने के लिए यूट्यूब प्रीमियम और 3 महीने के लिए 100GB गूगल वन स्टोरेज फ्री दे सकती है. 

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Karj Ke Upay: कुंडली में कैसे बनता है कर्ज लेने का योग, जानें ऋण मुक्ति का अचूक समाधान

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Karj Ke Upay: कर्ज के तले दबा हुआ व्यक्ति कभी चैन की नींद नहीं सो पता है. ज्योतिष में कर्ज से संबंधित अनेक प्रकार के योग और सूत्र ऋषि मुनियों के द्वारा लिखे गए हैं, जिनका प्रभाव पड़ने से व्यक्ति के जीवन में कर्ज लेने की नौबत आ जाती है. कुछ लोग तो कर्ज चुका देते हैं लेकिन कुछ लोग कर्ज नहीं चुका पाते हैं और आत्महत्या तक कर लेते हैं.

ज्योतिष के पूर्व जन्म वाले सूत्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्व जन्म में दूसरों का धन हड़प कर लेता है, अगले जन्म में वह व्यक्ति ऋणी बनता है. उसकी कुंडली में ईश्वर नियति के माध्यम से ऋण के योगों को स्थापित कर देता है. वह व्यक्ति आजीवन रन से ग्रसित रहता है तथा दूसरों का ऋण देने में ही जीवन बिताता है.

कैसे बनता है कुंडली कर्ज का योग – 

जन्म कुंडली में छठा भाव कर्ज से संबंधित माना जाता है तथा द्वितीय भाव धन संचय का, एकादश भाव कमाई का और द्वादश भाव खर्च का माना जाता है. जब कभी कुंडली के द्वितीय भाव पर नकारात्मक प्रभाव होता है कोई नीच ग्रह द्वितीय भाव में हो तथा द्वितीय भाव का स्वामी पीड़ित अथवा किसी खराब स्थिति में हो तो धन हानि बहुत अधिक मात्रा में होती है. यदि द्वितीय भाव पर छठे भाव के स्वामी का प्रभाव पड़े तो कर्ज लेने का योग बनता है, ऐसी स्थिति में व्यक्ति के पास धन संचय नहीं हो पाता है और कर्ज के सहारे अपने कार्यों को करना पड़ता है.

यदि छठे भाव का स्वामी द्वितीय भाव में हो या द्वितीय भाव के स्वामी के साथ हो अथवा द्वितीय भाव का स्वामी छठे भाव में हो तो ऋण लेने का प्रबल योग बनता है. जब व्यय भाव अर्थात द्वादश भाव और छठे भाव का स्वामी द्वितीय भाव के स्वामी के साथ हो अथवा द्वितीय भाव में हो और किसी भी शुभ ग्रह का द्वितीय भाव पर कोई प्रभाव ना हो तो ऋण लेने की नौबत बार-बार आती रहती है तथा अत्यधिक धन भी खर्च होता रहता है.

ऐसी स्थिति में व्यक्ति कई बार अपने कार्यों को पूरा करने के लिए ऋण लेता है लेकिन इस धन का उपयोग करने से पहले ही बीमारी अथवा किसी अन्य फ्रॉड आदि में धन बर्बाद हो जाता है. यह परिस्थितियों जीवन को अत्यधिक दुष्कर स्थिति में डाल देती हैं.

कर्ज मुक्ति के उपाय (Karj Mukti Ke Upay)– 

ऋण का सर्वोत्तम उपाय गजेन्द्रमोक्ष का पाठ है. ऋषि मुनियों ने इस स्थिति से निकलने के लिए ग्रहों से संबंधित उपाय तो बताए ही हैं, लेकिन इसके साथ साथ स्तुति स्तोत्र आदि भी बताए हैं, जिसमें गजेंद्र मोक्ष सबसे अच्छा और प्रभावकारी स्तोत्र माना गया है. श्रीमद्भागवत महापुराण में इस स्तोत्र का वर्णन आता है. जब गजेंद्र हाथी को मगरमच्छ ने पैर से पकड़कर ग्रसना शुरू कर लिया था तो गजेंद्र ने भगवान विष्णु की स्तुति की थी. इसके बाद भगवान विष्णु जी ने मगरमच्छ के मुंह को अपने सुदर्शन चक्र से क्या डाला और गजेंद्र को पानी से निकाल दिया.

गजेंद्र हाथी की वह स्तुति अपने आप में एक भक्ति में स्तुति भी है जिसको यदि कोई व्यक्ति रोज सुबह शाम पड़े तो उसके जीवन से कई संकट होता है समाप्त होने लगते हैं. मन में यदि यह भाव रखा जाए कि जिस प्रकार गजेंद्र को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ा दिया था, इस प्रकार भगवान विष्णु मुझे भी इस कर्ज के चंगुल से छुड़ा दीजिए. तो इस प्रकार का भाव रखने से यह स्तोत्र कर्ज से संबंधित परेशानियों का निदान करता है. इसके अलावा कोर्ट कचहरी के मामलों में भी यह स्तोत्र बहुत अधिक प्रभावशाली देखा गया है.

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[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.]

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फिल्मों में इंटीमेट सीन करने से क्यों परहेज करती हैं करीना कपूर ? एक्ट्रेस ने बताई चौंकाने वाली

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Kareena Kapoor On Intimate Scene: करीना कपूर बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड और वर्सेटाइल एक्ट्रेस में से एक हैं. वे फिल्मों में किसी भी किरदार को काफी सहजता और कॉन्फिडेंस के साथ निभाने के लिए जानी जाती हैं. जहां आजकल की एक्ट्रेसेस फिल्मों में खूब इंटीमेट सीन देती हैं वहीं  करीना कपूर ऐसी सीन्स से परहेज करती हैं. वहीं एक्ट्रेस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि आखिर वे फिल्मों में इंटीमेट सीन देना क्यों पसंद नहीं करतीं.

फिल्मों में इंटीमेट सीन देने से क्यों परहेज करती हैं करीना कपूर?
दरअसल द डर्टी मैगज़ीन द्वारा आयोजित एक बातचीत में करीना कपूर और गिलियन एंडरसन शामिल हुई थीं. इस दौरान उन्होंने सिनेमा में महिला रिप्रेजेंटेशन के बारे में खुलकर बात की. इस दौरान महिला की इच्छा और स्क्रीन पर इंटीमेसी जैसे टॉपिक पर भी चर्चा की. बता दें कि करीना, नेअपने करियर में कभी फिल्मों में इंटीमेट सीन नहीं किया है. इसकी वजह का खुलासा करते हुए एक्ट्रेस  ने कबूल किया कि वह इसे लेकर कंफर्टेबल महसूस नहीं करती हैं, उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शक अभी भी उतने खुले नहीं हैं जितना कुछ लोग उम्मीद कर सकते हैं.

गिलियन ने करीना से इंटीमेट को फिल्माने के बारे में उनके रुख के बारे में पूछा. इस पर करीना ने जवाब दिया, “मुझे लगता है कि ये कहानी को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी नहीं है. मुझे नहीं लगता कि यह ऐसा कुछ है जो कहानी के रूप में दिखाने के लिए जरूरी है. मुझे पता है कि मैं स्क्रीन पर ऐसा करने में कंफर्टेबल नहीं हो सकती. मैंने ऐसा कभी नहीं किया है.हमें इसे स्क्रीन पर दिखाने से पहले इसे और ज्यादा देखना और सम्मान करना शुरू करना होगा. मैं जिस फैक्ट से आ रही हूं वह ये है कि हम अभी भी उतने ओपन नहीं हैं.”

 


करीना को बॉलीवुड में इस साल पूरे होंगे 25 साल
बता दें कि इस साल करीना बॉलीवुड में 25 साल पूरे कर रही हैं. दिग्गज अभिनेता रणधीर कपूर और बबीता की बेटी करीना ने 2000 में रिफ्यूजी से डेब्यू किया था. फिल्म में वे अभिषेक बच्चन संग नजर आई थीं. हालांकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं किया था, लेकिन करीना की एक्टिंग ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्होंने जल्द ही बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली.

 पिछले कुछ सालों में उन्होंने चमेली, कभी खुशी कभी गम, जब वी मेट, तलाश, ऐतराज़, क्रू और जाने जान जैसी शानदार फिल्में की हैं. करीना कपूर की आखिरी रिलीज फिल्म द बकिंघम मर्डर्स और सिंघम अगेन थी. हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो करीना मेघना गुलजार की अपकमिंग फिल्म का हिस्सा हो सकती हैं, जिसका संभावित नाम दायरा है, जिसमें वह कथित तौर पर मलयालम अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ अभिनय करेंगी, जो एक पुलिस वाले की भूमिका निभाएंगे. हालांकि इसे लेकर कुछ भी ऑफिशियली अनाउंस नहीं किया गया है.

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आज 12 मार्च 2025 का मुहूर्त, राहुकाल का समय और पंचांग जानें

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Aaj Ka Panchang 12 March 2025: पंचांग देख कर कार्य करने की परंपरा हिंदू धर्म में सनातन काल से चली आ रही है. आज 12 मार्च 2025 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी और बुधवार है. बुधवार गणपति और बुध ग्रह को समर्पित है.

बुध को मजबूत करने के लिए आप बुधवार को हरी वस्तुओं का दान करें. गाय को हरा चारा और किसी गरीब ब्राह्मण को हरे फल, हरी सब्जियां, हरे वस्त्र, कांसे का बर्तन आदि दान कर सकते हैं. कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होने पर जातक को जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल होता है. खासकर कारोबार में व्यक्ति अपने फैसले से बुलंदी पर पहुंच जाता है.

बुध की दशा को सुधारने के लिए रविवार को छोड़कर बाकी सभी दिन तुलसी को जल देना शुभ होता है.

आइए जानते हैं आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त (Shubh muhurat 12 March 2025), राहुकाल (Aaj Ka Rahu kaal), शुभ योग, ग्रह परिवर्तन, व्रत-त्योहार, तिथि आज का पंचांग (Panchang in Hindi)

आज का पंचांग, 12 मार्च 2025 (Panchang 12 March 2025)














तिथि चतुर्दशी (12 मार्च 2025, सुबह 9.11 – 13 मार्च 2025, सुबह 10.35)
पक्ष शुक्ल
वार बुधवार
नक्षत्र मघा
योग सुकर्मा, रवि योग
राहुकाल दोपहर 12.31 – दोपहर 2.00
सूर्योदय सुबह 6.57 – शाम 6.14
चंद्रोदय
शाम 4.39 – शाम 6.03, 13 मार्च
दिशा शूल
उत्तर
चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि कुंभ

शुभ मुहूर्त, 12 मार्च 2025 (Shubh Muhurat 12 March 2025)









ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.13 – सुबह 06.01
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12.09 – दोपहर 12.56
गोधूलि मुहूर्त शाम 6.20 – शाम 6.45
विजय मुहूर्त दोपहर 01.59 – दोपहर 02.44
अमृत काल मुहूर्त
प्रात: 1.30 – प्रात) 3,14, 13 मार्च
निशिता काल मुहूर्त रात 12.09 – प्रात: 12.59, 11 मार्च

12 मार्च 2025 अशुभ मुहूर्त (Aaj Ka ashubh Muhurat)

  • यमगण्ड – सुबह 8.03 – सुबह 9.33
  • आडल योग – सुबह 4.05 – सुबह 6.33, 13 मार्च
  • विडाल योग – सुबह 6.33 – सुबह 4.05, 13 मार्च
  • गुलिक काल – सुबह 11.02 – दोपहर 12.31

Holika Dahan 2025: होलिका की रात ऐसे करें मंत्र जाप, सिद्ध होते हैं सारे काम

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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अडानी समूह को मिला मुंबई का मोतीलाल नगर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट, 36000 करोड़ आएगी लागत

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Adani Group: मुंबई में धारावी झुग्गी पुनर्विकास परियोजना से जुड़े अडानी समूह ने अब मोतीलाल नगर के पुनर्विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई है. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी है. मोतीलाल नगर-1, 2 और 3 मुंबई की सबसे बड़ी आवास पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक है. यह उपनगरीय इलाके गोरेगांव (पश्चिम) में 143 एकड़ में फैली हुई है. अडानी समूह की कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड (एपीपीएल) इस परियोजना के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है. इसने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलएंडटी के मुकाबले अधिक निर्मित क्षेत्र की पेशकश की है.

इस परियोजना के लिए अडानी समूह को आवंटन पत्र (एलओए) निर्धारित समय में जारी कर दिया जाएगा. हालांकि, अडानी समूह ने इस घटनाक्रम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अडानी समूह पहले से ही एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में शामिल धारावी का पुनर्विकास कर रहा है. धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड (अब नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड) में अडानी समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि बाकी हिस्सेदारी राज्य सरकार की है. 

मुंबई उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह ही महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को किसी निर्माण एवं विकास एजेंसी (सीएंडडीए) के जरिये मोतीलाल नगर का पुनर्विकास करने की अनुमति दी थी. राज्य सरकार ने इसे एक ‘विशेष परियोजना’ घोषित किया है. म्हाडा का इस पर नियंत्रण बना हुआ है लेकिन उसने काम पूरा करने के लिए आवश्यक क्षमता न होने पर सीएंडडीए के जरिये काम कराने का फैसला किया है. अडानी समूह मोतीलाल नगर को आधुनिक फ्लैट वाले इलाके में बदलने की कोशिश करेगा. मोतीलाल नगर के पुनर्विकास की कुल अनुमानित लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपये है, और पुनर्वास अवधि परियोजना की शुरुआत/आरंभ तिथि से सात साल है. 

मोतीलाल नगर पुनर्विकास के लिए निविदा शर्तों के तहत सीएंडडीए को 3.83 लाख वर्ग मीटर का आवासीय क्षेत्र सौंपने का प्रावधान है. हालांकि अडानी समूह की कंपनी ने म्हाडा को 3.97 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र सौंपने पर सहमति जताते हुए बोली जीती है. 

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तनाव के बीच भारत क्यों आ रहे कनाडा के सुरक्षा खुफिया सेवा के निदेशक, क्या फिर बिगड़ेंगे हालात

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India-Canada Relations: कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के निदेशक डैनियल रोजर्स के अगले सप्ताह भारत में आयोजित होने वाले सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है. यह सम्मेलन रायसीना डायलॉग के दौरान आयोजित किया जाएगा, जो भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक और सुरक्षा सम्मेलन है.

सुरक्षा सम्मेलन में वैश्विक चिंताओं जैसे आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराध और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा की जाएगी. एनएसए अजीत डोभाल के नेतृत्व में यह सम्मेलन दुनिया भर के खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों को चर्चा और सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करेगा.

भारत-कनाडा के सुरक्षा संबंधों में सुधार
रोजर्स की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच 2023 से उत्पन्न तनाव को कम करने का एक मंच हो सकता है. पिछले साल, खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा ने भारत पर आरोप लगाए थे, जिससे संबंधों में कड़वाहट आ गई थी. यह सम्मेलन भारत-कनाडा सुरक्षा संबंधों को फिर से मजबूत करने का अवसर हो सकता है.

दुनियाभर के प्रमुख अधिकारी होंगे शामिल
सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड, ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल, और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, और UAE के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं. यह सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा.

रायसीना डायलॉग का महत्व
रायसीना डायलॉग का दसवां संस्करण 17 से 19 मार्च, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. इस बार न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लक्सन इस वैश्विक मंच का उद्घाटन करेंगे.रायसीना डायलॉग हर साल आयोजित होने वाला एक प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-अर्थशास्त्र सम्मेलन है. इसका आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और विदेश मंत्रालय की ओर से किया जाता है. यह सम्मेलन दुनिया भर के राजनीतिक, औद्योगिक, मीडिया, और नागरिक समाज के नेताओं को एक मंच पर लाता है, जहां वे अंतरराष्ट्रीय संबंधों, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, और व्यापार जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करते हैं.

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शाहिद अफरीदी ने पाकिस्तान क्रिकेट पर दे डाला बहुत बड़ा बयान; अपने देश की टीम को खूब सुनाया

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Shahid Afridi Statement in Hindi: पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने ऑलराउंडर शादाब खान की टी20 टीम में वापसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत फैसलों की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट आईसीयू में है. पिछले टी20 विश्व कप के बाद से बाहर चल रहे शादाब को टीम में वापस बुलाया गया है और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए सलमान अली आगा की अगुआई वाली टीम का उपकप्तान भी नियुक्त किया गया है. 

मीडिया से बातचीत के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा, “किस आधार पर शादाब खान को टीम में वापस बुलाया गया है. घरेलू क्रिकेट में उसका प्रदर्शन क्या रहा है या फिर ऐसा क्या है कि उसे फिर से टीम में चुना गया है. उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा तैयारियों की बात करते हैं और जब कोई टूर्नामेंट आता है और हम असफल हो जाते हैं तो हम इसका इलाज करने की बात करते हैं. सच्चाई यह है कि गलत फैसलों की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट आईसीयू में है.”

शाहिद अफरीदी ने कहा कि जब भी कोई नया अध्यक्ष कार्यभार संभालता है तो वह आकर सब कुछ बदल देता है. पूर्व कप्तान अफरीदी ने सवाल किया, बोर्ड के निर्णयों और नीतियों में कोई निरंतरता या एकरूपता नहीं है. हम कप्तान, कोच या कुछ खिलाड़ी बदलते रहते हैं लेकिन बोर्ड अधिकारियों की जवाबदेही क्या है. 

उन्होंने कहा कि कोच को अपनी नौकरी बचाने के लिए खिलाड़ियों पर दोष लगाते देखना दुखद है और प्रबंधन को अपनी जगह बचाने के लिए खिलाड़ियों और कोच पर दोष लगाते देखना दुखद है. अफरीदी ने कहा, “जब कप्तान और कोच के सिर पर लगातार तलवार लटकी रहती है तो हमारा क्रिकेट कैसे आगे बढ़ सकता है.” उन्होंने यह भी महसूस किया कि पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक सकारात्मक व्यक्ति हैं लेकिन सच्चाई यह है कि उन्हें क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.

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