‘कोई नहीं जानता बॉस क्या करेंगे’, 2 अप्रैल की टैरिफ डेडलाइन से पहले ट्रंप के करीबी ने ऐसा क्यों

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Donald Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ डेडलाइन 2 अप्रैल जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ट्रंप प्रशासन के भीतर कन्फ्यूजन बढ़ रहा है. पॉलिसी बनाने में अंदरूनी कलह और अचानक फैसलों ने व्हाइट हाउस के अधिकारियों को भ्रमित कर दिया है.

पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स सहित शीर्ष अधिकारी भी इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि ट्रंप वास्तव में क्या करने वाले हैं. व्हाइट हाउस के एक सहयोगी ने कहा,”कोई नहीं जानता कि क्या हो रहा है.”

अचानक बदलाव से व्यापार क्षेत्र में चिंता
हाल ही में ऑटोमोबाइल उद्योग पर 25% टैरिफ लगाने का ट्रंप प्रशासन का अचानक लिया गया फैसला इस अनप्रेडिक्टेबल पॉलिसी-मेकिंग का उदाहरण है. यह निर्णय इतनी जल्दी लिया गया कि इससे व्हाइट हाउस की अन्य योजनाएं प्रभावित हुईं और उद्योग जगत को बिना तैयारी के छोड़ दिया. व्यवसाय और निवेशक चिंतित हैं क्योंकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ऑटो कंपनियां टैरिफ की भरपाई के लिए कारों की कीमतें बढ़ाती हैं तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.

वैश्विक व्यापार भागीदारों में चिंता
ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य रेसिप्रोकाल टैरिफ लागू करना है, जिससे उन शुल्कों का मुकाबला किया जा सके जो अन्य देश अमेरिकी निर्यात पर लगाते हैं. हालांकि, इस नीति की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार साझेदारों को संघर्ष करना पड़ रहा है.  कुछ देशों ने पहले ही प्रभाव को कम करने के उपाय शुरू कर दिए हैं. कनाडा ने 12 अमेरिकी राज्यों में एक अभियान शुरू किया है जिसमें बिलबोर्ड और विज्ञापन के माध्यम से जनता को टैरिफ के प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है.

भारत पर संभावित प्रभाव
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग भी अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हो सकता है. ट्रंप प्रशासन की 25% टैरिफ नीति भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं और ऑटो पार्ट्स निर्यातकों के लिए चुनौती बन सकती है. विश्लेषकों का अनुमान है कि इस टैरिफ से भारतीय ऑटो पार्ट्स कंपनियों के परिचालन मार्जिन में 125-150 आधार अंकों की गिरावट हो सकती है. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत पर कुल प्रभाव सीमित रहेगा, क्योंकि अमेरिका को भारतीय ऑटो निर्यात की मात्रा कम है. अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या 2 अप्रैल वास्तव में “लिबरेशन डे” होगा या फिर वैश्विक व्यापार में नई चुनौतियां लेकर आएगा.

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‘सिकंदर’ के सामने भी कम नहीं हुई ‘एल2: एम्पुरान’ की कमाई, जानें 4 दिन का कलेक्शन

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L2 Empuraan Box Office Collection Day 4: मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की एल 2 एम्पुरान ने बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग डे से ही धमाल मचा रखा था. फिल्म को रिलीज हुए आज 4 दिन हो चुके हैं और आज फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ ऐसा कर दिया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे.

दरअसल फिल्म ने आज खुद के ओपनिंग डे कलेक्शन को पछाड़ दिया है. इसके अलावा, सलमान खान की सिकंदर के सामने भी फिल्म कहीं से भी कमजोर नहीं दिख रही. बता दें कि सिकंदर आज ही रिलीज हुई है उसके बावजूद एल 2 एम्पुरान चौथे दिन अच्छा कलेक्शन कर पाने में सफल हो गई है.

एल2 एम्पुरान का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

सैक्निल्क के मुताबिक, मोहनलाल की फिल्म ने 21 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली. इसके बाद, दूसरे और तीसरे दिन फिल्म की कमाई 11.1 करोड़ और 13.1 करोड़ ही रही. हालांकि, चौथे दिन फिल्म की कमाई में तूफानी तेजी देखने को मिली और फिल्म ने 11 बजे तक 14 करोड़ रुपये कमा लिए हैं. फिल्म का टोटल कलेक्शन 59.35 करोड़ रुपये हो चुका है. ये आंकड़ा फाइनल नहीं हैं. इसमें बदलाव हो सकता है.


एल2 एम्पुरान ने बनाया सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली मलयालम फिल्म का रिकॉर्ड

एल2 ने सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म आदुजीवितम द गोट लाइफ के 8.95 करोड़ रुपये के कलेक्शन को पीछे करके सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली मलयालम फिल्म बन गई. 

सिकंदर का एल2 एम्पुरान पर कैसा असर

सिकंदर को जहां टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, 16,787 स्क्रीन्स मिली हैं, तो वहीं एल2 को लगभग 4000 स्क्रीन्स में शेयर किया गया है. उसके बावजूद फिल्म की आज की कमाई में सिकंदर का कोई खास असर नहीं दिखा है.

एल2 एम्पुरान के बारे में

एल2 2019 में आई मोहनलाल की फिल्म लूसिफर का सेकेंड पार्ट है. इन दोनों ही फिल्मों में पृथ्वीराज सुकुमारन ने एक्टिंग करने के साथ डायरेक्श भी किया है. बता दें कि फिल्म को सिकंदर की ही तरह 180 करोड़ के भारी-भरकम बजट में तैयार किया गया है. 

और पढ़ें: सलमान खान सच में निकले ‘सिकंदर’ या सच कुछ और है? पहले दिन की कमाई क्या कह रही



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Capricorn Horoscope 31 March 2025:मकर राशि वालों की मेहनत रंग लाएगी नौकरी में मिलेगा बड़ा इनाम

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Makar Rashi 31 March 2025: मकर राशिफल 31 मार्च,सोमवार  के दिन आपकी लाइफ में कुछ खास होने जा रहा है. मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ज्योतिष ग्रंथों में शनि देव दास्य वृत्ति का कारक हैं. आइए जानते हैं कि आज के दिन आपकी मकर राशि क्या कहती है.

मकर राशि जॉब राशिफल (Capricorn Job Horoscope)-
मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. आज का दिन आपके लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ सकता है.  नौकरी करने वाले जातकों की बात करें तो नौकरी करने वाले जातको को आज यदि अपने कार्य क्षेत्र में बहुत अधिक मेहनत करेंगे तो आप अपनी मेहनत का अच्छा फल प्राप्त करने के लिए भी तैयार रहे,  आपको कामयाबी मिल सकती है.

मकर राशि हेल्थ राशिफल (Capricorn Health Horoscope)-
आपकी सेहत की बात करें तो आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. किसी प्रकार का कोई शारीरिक कष्ट नहीं रहेगा, परंतु मानसिक तनाव से बचने के लिए आप नियमित योगासन या ध्यान करें तो अच्छा रहेगा.

मकर राशि व्यापार राशिफल (Capricorn Business Horoscope)-
व्यापार करने वाले जातकों की बात करें तो आज आप अपने व्यापार से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह से सोच विचार करें, उसके बाद ही निर्णय करें,आज आपकी आर्थिक स्थिति की बात करें तो आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी. आपको रूपए पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी. 

मकर राशि  युवा राशिफल (Capricorn Youth Horoscope)-
आज युवा जातको की बात करें तो आज युवा जातको के रिश्ते बेहतर बने रहेंगे.  आप अपने परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करेंगे.  आज आपकी क्रिएटिविटी चरम सीमा पर रहेगी.  यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट से जुड़ना चाहते हैं तो आपके लिए समय बहुत अधिक अच्छा रहेगा. 

Sagittarius Monthly Horoscope March 2025: धनु राशि वालों के पर्सनल लाइफ में रहेगी परेशानी, पढ़ें मार्च मासिक राशिफल
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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थम रही है विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अप्रैल में कैसा रहने वाला है भारतीय शेयर बाजार का मूड

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<p>भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का रुख लगातार तीसरे महीने बिकवाली का रहा. 2025 की शुरुआत से ही ये निवेशक भारतीय बाजार में नेट सेलर बने हुए हैं. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में FPI ने 3,973 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इससे पहले, जनवरी में 78,027 करोड़ रुपये और फरवरी में 34,574 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी.</p>
<p>हालांकि, मार्च के आखिरी दिनों में बिकवाली की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि 21 मार्च से 28 मार्च के बीच विदेशी निवेशकों ने धीरे-धीरे खरीदारी की, जिससे कुल बिकवाली का प्रभाव थोड़ा कम हुआ.</p>
<p><strong>बाजार में सुधार के संकेत</strong></p>
<p>सेंसेक्स अब भी अपने ऑल-टाइम हाई 85,978 अंकों से 8,500 अंक नीचे है. हालांकि, विदेशी निवेशकों ने मार्च के अंतिम हफ्तों में कुछ खरीदारी की, जिससे भारतीय बाजारों को थोड़ी राहत मिली.</p>
<p><strong>अमेरिकी टैरिफ नीति से बाजार में अस्थिरता</strong></p>
<p>वैश्विक बाजारों में अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ समानता (Tariff Reciprocity) पर जोर दिया है, जिसके तहत अमेरिका उन्हीं देशों पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना वे अमेरिका पर लगाते हैं.</p>
<p>इससे भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना रहा, क्योंकि विदेशी निवेशक इस अस्थिरता से बचने के लिए निकासी कर रहे थे. हालांकि, फरवरी में आए किफायती महंगाई दर के आंकड़ों (Inflation Data) ने भारतीय बाजार को थोड़ा सहारा दिया.</p>
<p><strong>पिछले तीन सालों का बाजार प्रदर्शन</strong></p>
<p>2024 में सेंसेक्स और निफ्टी ने 9-10 फीसदी की बढ़त दर्ज की.</p>
<p>2023 में भारतीय बाजार 16-17 फीसदी बढ़े.</p>
<p>2022 में सिर्फ 3 फीसदी की मामूली बढ़त देखने को मिली.</p>
<p><strong>क्या आगे विदेशी निवेशक खरीदारी करेंगे?</strong></p>
<p>मार्च के अंतिम हफ्तों में विदेशी निवेशकों की हल्की खरीदारी ने संकेत दिए हैं कि वे भारतीय बाजारों में दोबारा दिलचस्पी ले सकते हैं. हालांकि, अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता अभी भी एक चुनौती बनी हुई है. अब देखना होगा कि अप्रैल में विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में वापस लौटते हैं या बिकवाली का सिलसिला जारी रहता है.</p>
<p><strong>डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href=" Idea से जुड़ी बड़ी खबर! कंपनी में भारत सरकार बढ़ाने जा रही है हिस्सेदारी, 36,950 करोड़ की डील</a></strong></p>

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Chaitra Navratri 2025: जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी ने कराया था राजराजेश्वरी मंदिर

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Chaitra Navratri 2025: नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से 16 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है. परमहंसी गंगा आश्रम जिसे जिले वासी झोतेश्वर के नाम से भी जाना जाता यहां पर स्थित है राजराजेश्वरी माता का का मंदिर, जिसका निर्माण दो पीठों के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने करवाया था. परमहंसी गंगा आश्रम को शंकराचार्य स्वरूपानंद जी की तपस्थली के नाम से भी जाना जाता है. शंकराचार्य स्वरूपानंद जी सरस्वती जी की समाधि भी यही हैं.

 

मंदिर की विशेषता:-

 

मंदिर को दक्षिण भारत की निर्माण शैली के रूप में बनाया गया है. मंदिर में माता त्रिपुर सुंदरी की मनमोहक मूर्ति स्थापित है, जिनके दर्शन करने मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत से लोग आते हैं. मंदिर की ऊंचाई लगभग 224 फिट है. इस मंदिर राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी की मनमोहक प्रतिमा स्थापित है, जिसे ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी ने की मां भगवती के साथ ही जब हम मातारानी की परिक्रमा करते हैं. तब हमें चौसठ योगिनी माता के भी दर्शन लाभ होते हैं. यहां पर नित्या भगवती की भी प्रतिमा विराजमान है.

 

दर्शन की मान्यता

  • मां भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी माता के दर्शन मात्र से जन्मों जन्मों का फल प्राप्त हो जाता है. नवरात्रि में हर दिन माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है. मां भगवती की अखंड ज्योत कलश की स्थापना की जाती है और विशेष पूजन अर्चन की जाती है. जो भक्त सच्चे मन ओर श्रद्धा से मां भगवती की आराधना करता है उसे भोग और मोक्ष दोनों प्राप्त होता है. 
  • नवरात्रि पर सुबह से भक्ति के आने का तांता लग जाता है. मंदिर में भक्त मां भगवती की आरती कर अपनी मनोकामना मांगते है. लोग मां की आराधना करते है. क्या छोटा क्या बड़ा सभी मां के भक्त होते है. भक्त भी अपनी मुराद लेकर मां के पास आते हैं और मां भी अपने भक्तों की मुराद पूरी करती हैं. नवरात्रि में यहां पर भक्तों का उत्साह बहुत ज्यादा होता हैं.
  • साथ ही यहां पर बसंत पंचमी में 7 दिन का मेला भी लगता है और यहां पर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर ज़िले के गोटेगांव में मां राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का मंदिर है. यह मंदिर, प्रकृति की खूबसूरती के बीच बना है. इस मंदिर में झोतेश्वर मंदिर, लोधेश्वर मंदिर, हनुमान टेकरी, विचार शिला, और स्फटिक से बना शिवलिंग भी है. 

मंदिर की खास बातें:

  • यह मंदिर, जगत गुरु शंकराचार्य की तपोभूमि है. 
  • यहां बसंत पंचमी के मौके पर सात दिनों का मेला लगता है. 
  • श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां सच्चे मन से मां राजराजेश्वरी से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. 
  • मां राजराजेश्वरी वर और मोक्ष दोनों देने वाली हैं.

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अमेरिका के 5 सबसे महंगे कॉलेज, जहां पढ़ाई करने के देने होते हैं इतने लाख रुपये

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<p class="" data-start="78" data-end="438">अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करना कई छात्रों का सपना होता है, लेकिन वहां की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई करना बेहद महंगा साबित हो सकता है. कुछ कॉलेजों की ट्यूशन फीस और अन्य खर्च मिलाकर सालाना 85,000 डॉलर (लगभग 70 लाख रुपये) से भी अधिक हो जाते हैं. इसके बावजूद, ये कॉलेज अपने उच्च शिक्षण स्तर, शोध अवसरों और ग्लोबल नेटवर्क के लिए प्रसिद्ध हैं.</p>
<p class="" data-start="440" data-end="653">अमेरिका के इन प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ाई करने का मतलब है कि आपको अत्याधुनिक सुविधाएं, विश्वस्तरीय प्रोफेसर्स और इंटरनेशनल स्टूडेंट कम्युनिटी के साथ सीखने का मौका मिलेगा. लेकिन इसके लिए मोटी रकम खर्च करनी होगी.&nbsp;आइए जानते हैं अमेरिका के टॉप 5 सबसे महंगे कॉलेजों के बारे में, जहां पढ़ाई की लागत सबसे ज्यादा है और जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं.</p>
<p><strong>अमेरिका के टॉप 5 सबसे महंगे कॉलेज:</strong></p>
<p><strong>हार्वे मड कॉलेज</strong></p>
<ul>
<li>स्थान:301 प्लैट बोलवर्ड, क्लेरमॉन्ट, CA 91711, USA</li>
<li>रैंकिंग: US News &amp; World Report द्वारा #12</li>
<li>ट्यूशन फीस: 62,817 डॉलर प्रति वर्ष</li>
<li>कॉस्ट ऑफ़ अटेंडेंस: 84,896 डॉलर प्रति वर्ष</li>
</ul>
<p>दिसंबर 1955 में स्थापित, हार्वे मड कॉलेज इंजीनियरिंग, साइंस और मैथ के लिए देश का टॉप लिबरल आर्ट्स कॉलेज है. अमेरिका के सबसे महंगे कॉलेजों में से एक, यह स्कूल सभी स्टूडेंट्स के लिए अंडरग्रेजुएट रिसर्च पर जोर देता है, जिससे हाई रेट पर PhD डिग्री मिलती है. आप बायोलॉजी, केमिस्ट्री, इंजीनियरिंग, मैथ और फिजिक्स में बैचलर, मास्टर और PhD डिग्री पा सकते हैं. अमेरिका के सबसे महंगे यूनिवर्सिटी हार्वे में, आप एक क्लोज, क्रिएटिव और फन करने वाले कम्युनिटी का पार्ट होंगे. साथ ही, आप 25 स्टूडेंट-लेड ऑर्गनाइजेशन में जॉइन कर सकते हैं जो हर वीक मजेदार इवेंट्स होस्ट करते हैं.</p>
<p><strong>शिकागो यूनिवर्सिटी</strong></p>
<ul>
<li>स्थान:5801 S Ellis Avenue, शिकागो, IL 60637, USA</li>
<li>रैंकिंग: QS World University रैंकिंग में #21</li>
<li>ट्यूशन फीस: 64,260 डॉलर प्रति वर्ष</li>
<li>कॉस्ट ऑफ़ अटेंडेंस: 86,856 डॉलर प्रति वर्ष</li>
</ul>
<p>शिकागो यूनिवर्सिटी अमेरिका के सबसे महंगे कॉलेजों में से एक है जो पिछले 125 सालों से एक्सट्राऑर्डिनरी एजुकेशन प्रोवाइड कर रहा है. पिछले कुछ सालों में, यूनिवर्सिटी ने साइंस, मेडिसिन, इकोनॉमिक्स, लॉ, हिस्ट्री, कल्चर और आर्ट में बड़ी सक्सेस की फाउंडेशन रखी है. अमेरिका के इस सबसे महंगे यूनिवर्सिटी में 217 एकड़ का बोटैनिकल गार्डन, 31 इंट्राम्यूरल स्पोर्ट क्लब, 18 वर्सिटी स्पोर्ट्स टीम और 350 से ज्यादा रेकग्नाइज्ड स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन हैं. जब आप क्लास में नहीं होते, तो आप बुक्स लिख और पब्लिश कर सकते हैं, स्टार्टअप लॉन्च कर सकते हैं, स्टेज पर परफॉर्म कर सकते हैं, डिबेट में पार्टिसिपेट कर सकते हैं या स्टूडेंट्स के होस्ट किए फंक्शन में अटेंड कर सकते हैं. और अगर आप वर्ल्ड को चेंज करना चाहते हैं, तो आप ग्राउंडब्रेकिंग रिसर्च के थ्रू आइडियाज और बिलीफ्स को चैलेंज कर सकते हैं.</p>
<p><strong>पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी</strong></p>
<ul>
<li>स्थान: फिलाडेल्फिया, PA 19104, USA</li>
<li>रैंकिंग: QS World University रैंकिंग में #11</li>
<li>ट्यूशन फीस: 63,452 डॉलर प्रति वर्ष</li>
<li>कॉस्ट ऑफ़ अटेंडेंस: 85,738 डॉलर प्रति वर्ष</li>
</ul>
<p>अमेरिका के सबसे महंगे कॉलेजों की हमारी लिस्ट में अगला नाम पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी है, जिसकी स्थापना 1740 में हुई थी. 28,711 से ज्यादा स्टूडेंट्स का होम, यह यूनिवर्सिटी स्टडी अब्रॉड स्टूडेंट्स की नंबर के मामले में आइवी लीग स्कूल्स में फर्स्ट पोजिशन पर है. साथ ही, यह देश के टॉप रिसर्च यूनिवर्सिटीज में से एक है, जिसका एनुअल R&amp;D एक्सपेंस $1.37 बिलियन से ज्यादा है. इंक्लूजन, इंटेलेक्चुअल रिगर और रिसर्च पर फोकस के साथ, पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी 4 अंडरग्रेजुएट और 12 ग्रेजुएट स्कूल ऑफर करता है. इनमें स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज, स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन, स्टुअर्ट वीट्ज़मैन स्कूल ऑफ डिज़ाइन और पेन कैरी लॉ शामिल हैं. स्टडीज के अलावा, आप USA के सबसे महंगे यूनिवर्सिटीज में से एक पेन में वैरियस सोशल, पॉलिटिकल और मल्टीकल्चरल एक्टिविटीज का पार्ट बन सकते हैं.</p>
<p><strong>येल यूनिवर्सिटी</strong></p>
<ul>
<li>स्थान: न्यू हेवन, CT 06520, USA</li>
<li>रैंकिंग:QS World University रैंकिंग में #23</li>
<li>ट्यूशन फीस: 62,250 डॉलर प्रति वर्ष</li>
<li>कॉस्ट ऑफ़ अटेंडेंस: 85,120 डॉलर प्रति वर्ष</li>
</ul>
<p>नॉलेज, इनोवेशन और कल्चर येल के हार्ट में हैं, जो अमेरिका के सबसे महंगे स्कूल्स में से एक है. येल की ओरिजिन 1640 के दशक में हुई थी जब कोलोनियल मिनिस्टर्स ने यूरोपियन लिबरल एजुकेशन के प्रिंसिपल्स पर बेस्ड लोकल कॉलेज बनाने के लिए मूवमेंट शुरू किया था. यह 1701 में था, जब कनेक्टिकट लेजिस्लेचर ने कॉलेजिएट स्कूल एस्टैब्लिश करने के लिए चार्टर अप्रूव किया था. आज, येल 9,500 से ज्यादा स्टूडेंट्स और 5,499 फैकल्टी मेंबर्स का होम है, जो फिजिक्स, आर्किटेक्चर, आर्ट, कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स और साइकोलॉजी में कई डिग्री अचीव कर रहे हैं. अमेरिका के सबसे महंगे कॉलेजों में से एक येल में, आप डिफरेंट आर्ट्स और कल्चर, एथलेटिक्स और रिक्रिएशन, और हेल्थ और वेलनेस प्रोग्राम्स का भी पार्ट बन सकते हैं.</p>
<p><strong>दक्षिणी कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (USC)</strong></p>
<ul>
<li>स्थान: लॉस एंजिल्स, CA 90007, USA</li>
<li>रैंकिंग: QS World University रैंकिंग में #125</li>
<li>ट्यूशन फीस: 64,726 डॉलर प्रति वर्ष</li>
<li>कॉस्ट ऑफ़ अटेंडेंस: 85,064 डॉलर प्रति वर्ष</li>
</ul>
<p>यह 1880 में था, जब दक्षिणी कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (USC) ने फर्स्ट टाइम 53 स्टूडेंट्स और 10 टीचर्स के लिए अपने डोर्स ओपन किए थे. आज, USC 48,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स और 4,400 फुल-टाइम फैकल्टी का होम है. एक लीडिंग प्राइवेट रिसर्च यूनिवर्सिटी और अमेरिका के सबसे महंगे कॉलेजों में से एक, USC अपनी अकादमिक एक्सीलेंस, रिसर्च ऑपर्च्युनिटीज और डाइवर्स और इंक्लूसिव स्टूडेंट एक्सपीरियंस के लिए फेमस है. USC ने वैरियस कम्युनिटी इनिशिएटिव्स को सपोर्ट करने के लिए 35 मिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ सभी यूनिवर्सिटी सोर्स से लगभग 464.3 मिलियन डॉलर की फाइनेंशियल एड भी प्रोवाइड की है. USA का यह सबसे महंगा यूनिवर्सिटी आपको कई स्टूडेंट-रन एक्टिविटीज का पार्ट बनाएगा, जैसे कि स्पेशल फिल्म स्क्रीनिंग, रिसर्च शोकेस, ओपन माइक नाइट्स, आउटडोर योगा और पॉप-अप शो.&nbsp;</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="NASA में सबसे छोटी पोस्ट कौन-सी, यहां कर्मचारियों को कितने साल में मिलता है प्रमोशन?" href=" target="_blank" rel="noopener">NASA में सबसे छोटी पोस्ट कौन-सी, यहां कर्मचारियों को कितने साल में मिलता है प्रमोशन?</a></strong></p>

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CSK vs RR: चेन्नई को धोनी भी नहीं जिता सके मैच, राणा-हसरंगा के दम पर राजस्थान ने दर्ज की पहली ज

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RR beat CSK: रविवार को आईपीएल में खेले गए डबल हेडर के दूसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 6 रनों से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 182 रन बनाए थे. जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स 20 ओवरों में 176 रन ही बना सकी. एमएस धोनी आज सही समय पर आए थे, लगा था कि वह मैच जिताएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

183 रनों का पीछा करते हुए सीएसके की शुरुआत खराब हुई थी. इन फॉर्म बल्लेबाज रचिन रविन्द्र को पहले ओवर में जोफ्रा आर्चर ने शून्य पर आउट कर दिया था. इसके बाद राहुल त्रिपाठी ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर 46 रनों की साझेदारी की थी. त्रिपाठी 19 गेंदों में 23 रन बनाकर वानिन्दु हसरंगा की गेंद पर कैच आउट हो गए थे.

इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए शिवम दुबे 10 गेंदों में 18 रन बनाकर वानिन्दु हसरंगा की गेंद पर आउट हुए, इस छोटी पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौका लगाया. लेकिन उनके विकेट के बाद सीएसके पर दबाव बढ़ने लगा था. इसके बाद विजय शंकर भी 9 रन बनाकर वानिन्दु हसरंगा की गेंद पर बोल्ड हो गए. हालांकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 63 रनों की अच्छी पारी खेली लेकिन वह भी हसरंगा का शिकार बन गए. 44 गेंदों में 63 रनों की पारी में ऋतुराज ने 7 चौके और 1 छक्का लगाया.

धोनी नहीं जिता पाए मैच

16वें ओवर में ऋतुराज के आउट होने के बाद एमएस धोनी क्रीज पर आ गए थे, तब लगा था कि आज वह मैच जिता देंगे. इस समय सीएसके को जीत के लिए 25 गेंदों में 54 रन चाहिए थे. संदीप शर्मा द्वारा डाले गए 17वें ओवर में धोनी और जडेजा सिर्फ 9 रन ही बना पाए. महेश थीक्षाना के 18वें ओवर में भी कोई बॉउंड्री नहीं आई, सिर्फ 6 रन आए और सीएसके पर दबाव और बढ़ गया. 

आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे, स्ट्राइक पर एमएस धोनी थे और गेंदबाजी संदीप शर्मा कर रहे थे. वाइड के बाद पहली लीगल गेंद पर एमएस धोनी कैच आउट हो गए और फैंस का दिल टूट गया. धोनी ने 11 गेंदों में 16 रन बनाए. रवींद्र जडेजा भी महत्वपूर्ण समय में बड़े शॉट्स नहीं लगा पाए, जिस कारण लक्ष्य और दूर होता गया. जडेजा ने 22 गेंदों में 32 रन बनाए.

वानिन्दु हसरंगा ने चटकाए 4 विकेट

बल्ले से फ्लॉप हुए वानिन्दु हसरंगा ने गेंदबाजी में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार स्पेल डाला. उन्होंने 4 ओवरों के अपने स्पेल में 35 रन देकर 4 विकेट चटकाए. जोफ्रा आर्चर का स्पेल भी शानदार रहा, उन्होंने 3 ओवरों में सिर्फ 13 रन देकर 1 विकेट लिया. संदीप शर्मा ने 4 ओवरों में 42 रन देकर 1 विकेट चटकाया.

नितीश राणा ने खेली थी 81 रनों की ताबड़तोड़ पारी

राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 182 रन बनाए थे. यशस्वी जायसवाल के रूप में पहले ओवर में विकेट गिरने के बाद नितीश राणा ने शानदार पारी खेली थी. उन्होंने 36 गेंदों में 81 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. इसमें उन्होंने 5 छक्के और 10 चौके जड़े थे. 

हालांकि अंतिम 8 ओवरों में चेन्नई सुपर किंग्स ने रनों की गति और लगातार विकेट लेकर राजस्थान को 182 रनों पर रोक दिया था. 12 ओवरों के बाद राजस्थान रॉयल्स का स्कोर 129 रन था और 7 विकेट हाथ में थे. राजस्थान ने आखिरी 8 ओवरों में सिर्फ 53 रन बनाए थे.

खलील अहमद, मथीशा पथिराना और नूर अहमद ने 2-2 विकेट लिए थे. पथिराना और नूर अहमद ने अपने स्पेल में 28-28 रन दिए थे. रवींद्र जडेजा और अश्विन के नाम 1-1 विकेट रहा था.



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ट्रंप की धमकी से नहीं डरे पुतिन! यूक्रेन के इस शहर पर कर दिया ड्रोन हमला, 2 लोगों की मौत, कई घा

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Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम को लेकर अमेरिका कई बैठकें कर चुका है, लेकिन दोनों देशों के बीच हमले का दौर कम नहीं हो रहा है. यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि रूसी ड्रोन ने शनिवार (29 मार्च) देर रात खार्किव में एक सैन्य अस्पताल, शॉपिंग सेंटर, अपार्टमेंट ब्लॉक और अन्य इमारतों पर हमला किया. इस हमले में दो लोगों की मौत और 35 के घायल होने की खबर सामने आई है.

यूक्रेन ने रूस पर लगाया हमले का आरोप

यूक्रेन ने ये आरोप ठीक उसी दिन लगाया है, जिस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की तेल पर सैकेंडरी टैरिफ लगाने को लेकर पतिन को धमकी दी. यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने सैन्य अस्पताल पर हुए हमले की निंदा की. उन्होंने कहा कि रूस के हमले में यूक्रेन के कई सैनिक घायल हुए, जिनका इस अस्पताल में पहले से इलाज चल रहा था. यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने 111 विस्फोटक ड्रोन से हमला किया, जिसमें से 65 को रोक लिया गया.

जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने कितनी मिसाइलें दागी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार (30 मार्च 2025) को कहा कि पिछले हफ्ते यूक्रेन के ज्यादातर इलाके रूसी हमले की चपेट में आ गए. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “यूक्रेन पर 1310 रूसी हवाई बम, 1000 से ज्यादा हमलावर ड्रोन और बैलिस्टिक समेत कई तरह की नौ मिसाइलें दागी गईं.” जेलेंस्की ने यह भी दोहराया कि रूस युद्ध को खींच रहा है. उन्होंने गुरुवार को पेरिस में भी यही कहा था कि रूस युद्ध विराम वार्ता को केवल अधिक जमीन हड़पने के प्रयास के लिए लंबा खींच रहा है.

रूस भी ये आरोप लगा रहा है कि यूक्रेन उस पर ड्रोन से हमला किया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने यूक्रेन के छह ड्रोन को नीचे गिरा दिया. उन्होंने दावा किया कि उनके सैनिकों ने यूक्रेन के आंशिक रूप से कब्जे वाले डोनेट्स्क क्षेत्र के एक गांव पर नियंत्रण कर लिया है. रूसी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी और यूक्रेन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

ट्रंप की धमकियों से नहीं डरे पुतिन

यूक्रेन की सरकार के अनुसार रूसी सेनाएं कीव पर दवाब बढ़ाने और सीजफायर मीटिंग में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए आने वाले हफ्तों में एक नया हमला करने की तैयारी कर रही है. यूक्रेन के दावों से ऐसा लगा रहा है कि पुतिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज कर रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (30 मार्च 2025) को अमेरिकी न्यूज चैनल एनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा, “यदि रूस और अमेरिका यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए कोई समझौता कराने में असमर्थ रहते हैं और अगर इसमें रूस की गलती पाई गई तो हम रूस से आने वाले सभी तेलों पर सेकेंडरी टैरिफ लगा देंगे.” 

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‘छावा’ को छू भी नहीं पाई ‘सिकंदर’, निकली फिसड्डी!

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Sikandar Box Office Collection: सलमान खान की सिकंदर की रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग का जो डेटा आया उसे देखकर ये अंदाजा लगाया जाने लगा कि फिल्म सलमान के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली फिल्म बन जाएगी, लेकिन सैक्निल्क पर अभी तक अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक ऐसा होता नहीं दिखा.

न तो सलमान खान की सिकंदर उनकी ही पुरानी फिल्म टाइगर 3 के 43 करोड़ के ओपनिंग डे कलेक्शन को पीछे कर पाई और न ही इसी साल रिलीज हुई विक्की कौशल-रश्मिका मंदाना की ब्लॉकबस्टर फिल्म छावा के ओपनिंग डे कलेक्शन को छू पाई.

छावा का रिकॉर्ड भी नहीं तोड़ पाई सिकंदर

ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक, छावा ने ओपनिंग डे पर 33.5 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. ऐसा करते ही फिल्म इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली बॉलीवुड फिल्म और गेम चेंजर (54 करोड़) के बाद दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली भारतीय फिल्म बन गई.

अब सिकंदर के आंकड़ों पर नजर डालें तों आज 10:30 बजे तक फिल्म ने सिर्फ 26 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. यानी फिल्म छावा की ओपनिंग डे कमाई से काफी पीछे रह गई है.

क्या सिकंदर बनेगी छावा जैसी ब्लॉकबस्टर?

130 करोड़ में बनी छावा ने 45 दिनों में 600 करोड़ के आसपास की कमाई करके ब्लॉकबस्टर फिल्म बनने का रिकॉर्ड कायम किया है. साथ ही फिल्म देश की 7वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बन गई है. सिकंदर से उम्मीदें थीं कि ये फिल्म छावा का लाइफटाइम कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ सकती है.

हालांकि, अभी से ये कहना जल्दबाजी होगी कि सलमान की फिल्म ऐसा नहीं कर पाएगी, क्योंकि अभी फिल्म के पास 10 अप्रैल को सनी देओल की जाट आने से पहले 10 दिन का टाइम है. हो सकता है कि फिल्म कोई इतिहास रच ही दे.


कैसा है सिकंदर का रिव्यू और स्टार कास्ट

सिकंदर को ज्यादातर रिव्यूर्स ने कमजोर फिल्म बताया है. एबीपी न्यूज ने अपने रिव्यू में फिल्म को सुस्त बताते हुए इसे सिर्फ एक स्टार दिया है. फिल्म को एआर मुरुगदॉस ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में सलमान के साथ सत्यराज, रश्मिका मंदाना, प्रतीक बब्बर जैसे कई चेहरे हैं.

और पढ़ें: Sikandar Box Office Collection: ओपनिंग डे पर इन 5 मामलों में फेल हो गई सलमान खान की ‘सिकंदर’!



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भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी! EY ने जताया 6.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान

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नए वित्तीय साल की शुरुआत के साथ ही EY ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर दी है. उनकी नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था 6.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी. लेकिन यह तभी हो पाएगा जब सरकार पैसे के इस्तेमाल को लेकर सही फैसले ले.

रिपोर्ट के अनुसार, बीते वित्त वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था ने 6.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की थी. यह आंकड़ा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा पिछले महीने जारी संशोधित अनुमानों से थोड़ा कम है, जिसमें 2024-25 के लिए 6.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था. विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए निजी खपत और सरकारी निवेश दोनों को बढ़ावा देना होगा.

रिपोर्ट में और क्या है?

EY की रिपोर्ट में कुछ प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया गया है. पिछले कुछ समय से निजी क्षेत्र के निवेश में कमी देखी जा रही है, जिसके चलते वित्त मंत्रालय ने हाल ही में उद्योग जगत से निवेश बढ़ाने की अपील की थी. साथ ही, सरकार को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी खर्च बढ़ाने की जरूरत होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा पर खर्च को वर्तमान के 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 2048 तक जीडीपी का 6.5 फीसदी करना होगा, जबकि स्वास्थ्य व्यय को 3.8 फीसदी तक ले जाना होगा.

युवाओं पर भरोसा

EY इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव ने मीडिया से बताया कि भारत की युवा आबादी देश के लिए एक बड़ा अवसर है. उनके अनुसार, “कामकाजी उम्र की बढ़ती आबादी विकास, रोजगार, बचत और निवेश का एक सकारात्मक चक्र शुरू कर सकती है. लेकिन इसके लिए हमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर पर्याप्त निवेश सुनिश्चित करना होगा.”

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजस्व बढ़ाने और साथ ही राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की होगी. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि धीरे-धीरे राजस्व-से-जीडीपी अनुपात को 21 फीसदी से बढ़ाकर 29 फीसदी करने से सरकार को इन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी.

मजबूत होने वाली है भारतीय अर्थव्यवस्था

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जारी यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के पास मजबूत विकास का अवसर तो है, लेकिन इसके लिए सही नीतिगत फैसलों और सतर्क प्रबंधन की आवश्यकता होगी. अब देखना यह है कि सरकार और उद्योग जगत इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और क्या वे इस साल 6.5 फीसदी की विकास दर हासिल कर पाते हैं.

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