SEBI ने विदेशी निवेशकों के लिए लिया बड़ा फैसला! शेयर मार्केट पर दिख सकता है असर

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भारतीय पूंजी बाजार नियामक SEBI ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए डिस्क्लोजर थ्रेशोल्ड बढ़ाने का फैसला किया है. अब 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा इक्विटी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले FPIs को ही अतिरिक्त जानकारियां देनी होंगी, जबकि पहले यह सीमा 25,000 करोड़ रुपये थी. यह फैसला SEBI के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडे की अगुवाई में हुए बोर्ड मीटिंग में लिया गया.

अब क्या बदला?

पुराना नियम: 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा इक्विटी AUM वाले FPIs को अपने सभी निवेशकों/हितधारकों की डिटेल्ड जानकारी देनी होती थी.

नया नियम: अब सिर्फ 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा AUM वाले FPIs को यह डिस्क्लोजर करना होगा.

SEBI ने कहा, “FY 2022-23 की तुलना में अब कैश इक्विटी मार्केट का ट्रेडिंग वॉल्यूम दोगुना हो चुका है. इसलिए, थ्रेशोल्ड बढ़ाने का फैसला लिया गया है.”

यह नियम क्यों लाया गया था?

24 अगस्त 2023 के सर्कुलर में SEBI ने FPIs को 2 शर्तें दी थीं- अगर किसी FPI का 50 फीसदी से ज्यादा इक्विटी AUM किसी एक कॉर्पोरेट ग्रुप में है, तो उसे अतिरिक्त डिस्क्लोजर करना होगा. इसके अलावा, 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा AUM वाले FPIs को अपने अंतिम निवेशकों (natural persons तक) की जानकारी देनी होगी. दरअसल, इसका मकसद Minimum Public Shareholding (MPS) और Takeover नियमों का पालन सुनिश्चित करना था, ताकि बाजार में गड़बड़ी न हो. अब SEBI ने साफ किया कि MPS और टेकओवर नियमों से जुड़ी जांचें पहले की तरह जारी रहेंगी. साथ ही, सभी FPIs को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून) का पालन करना होगा.

इससे क्या फर्क पड़ेगा?

इससे बड़े विदेशी निवेशकों FPIs को राहत मिलेगी. दरअसल, अब छोटे-मध्यम FPIs को ज्यादा डिस्क्लोजर की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनका कामकाज आसान होगा. इसके अलावा, बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, यानी SEBI का लक्ष्य बाजार को स्थिर रखते हुए निवेशकों की गोपनीयता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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क्या BSNL की तरफ से आया है KYC को लेकर कोई नोटिस? हो जाएं अलर्ट, भूलकर भी न करें भरोसा

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Cyber Crime: धोखाधड़ी करने की ताक में बैठे साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं. कभी वो KYC अपडेट करने के नाम पर चूना लगाते हैं तो कभी डिलिवरी एड्रेस अपडेट करने के बहाने से लोगों से संपर्क करते हैं. आजकल वो BSNL के नाम से लोगों के पास फर्जी नोटिस भेज रहे हैं. पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट से इसे लेकर लोगों को अलर्ट किया है. आइए जानते हैं कि इस नोटिस में क्या लिखा होता है और कैसे इस तरह के स्कैम से बचा जा सकता है.

नोटिस में कही जा रही KYC सस्पेंड होने की बात

स्कैमर्स की तरफ से भेजे जा रहे इस नोटिस में लिखा होता है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने आपकी सिम KYC को सस्पेंड कर दिया है. आपका सिम कार्ड 24 घंटे में ब्लॉक कर दिया जाएगा. इसमें KYC एग्जीक्यूटिव का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर भी दिया गया है. लोगों को इस नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है. पीआईबी फैक्ट चेकिंग यूनिट ने इस नोटिस को फर्जी बताया है. पीआईबी की तरफ से कहा गया है कि यह नोटिस फर्जी है. BSNL कभी ऐसे नोटिस नहीं भेजती.

ऐसे स्कैम से कैसे बचें?

आजकल स्कैमर्स डेटा चोरी और आर्थिक ठगी के लिए लोगों के पास ऐसे फर्जी ईमेल और नोटिस भेज रहे हैं. कुछ दिन पहले भारतीय डाक की तरफ से लकी ड्रॉ निकालने को लेकर भी एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की जा रही थी. ऐसे स्कैम से बचने के लिए कई सावधानियां बरतनी जरूरी हैं.

  • अनजान या संदिग्ध व्यक्ति की तरफ से आए किसी भी मैसेज या ईमेल पर क्लिक न करें.
  • अगर कोई सरकारी अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल पर धमकी दें तो घबराएं ना और संबंधित विभाग से संपर्क करें.
  • किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP या बैंकिंग डिटेल जैसी संवेदनशील जानकारी शेयर न करें.
  • साइबर क्राइम का शिकार होने की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें.

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ट्रंप भी ग्रीन कार्ड वाले भारतीयों का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे! बस कर लें ये काम तो खत्म होगी टें

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Indian Green Cards Holders: अमेरिकी सरकार की ओर से आव्रजन नीति में सख्ती के कारण, ग्रीन कार्ड धारकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. हाल ही में, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान दिया था, “ग्रीन कार्ड आपको अमेरिका में रहने का अनिश्चित अधिकार नहीं देता है.”

जिसके बाद, अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीयों में चिंता बढ़ गई है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के कानूनों का पालन करने वाले भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों को घबराने की जरूरत नहीं है.

क्या ग्रीन कार्ड धारकों की स्थिति खतरे में है?
ग्रीन कार्ड तभी रद्द हो सकता है यदि धारक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो. ग्रीन कार्ड ऑटोमैटिक रद्द नहीं होता जब तक कि धारक अमेरिका से लंबे समय तक अनुपस्थित न रहे. अमेरिका में निवास बनाए रखना जरूरी है. साथ ही टैक्स फाइलिंग, बैंक अकाउंट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज अपडेट रखने होंगे.

विदेश यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान ?
छह महीने से कम की यात्रा करने में आमतौर पर कोई समस्या नहीं होती. छह महीने से एक साल तक की यात्रा में अमेरिका लौटने पर जांच हो सकती है. वहीं, एक साल से अधिक की अनुपस्थिति – यदि फॉर्म I-131 (री-एंट्री परमिट) नहीं है, तो ग्रीन कार्ड छोड़ने का अनुमान लगाया जा सकता है.

विदेश से अमेरिका लौटते समय किन दस्तावेजों को साथ रखें?
वैध ग्रीन कार्ड (फॉर्म I-551) समाप्त नहीं होना चाहिए.
पासपोर्ट – अपने होम कंट्री से जारी वैध पासपोर्ट होना चाहिए.
री-एंट्री परमिट (यदि लागू हो) – एक साल से अधिक लेकिन दो साल से कम समय तक विदेश में रहने वालों के लिए आवश्यक.
एम्प्लॉयमेंट वेरिफिकेशन लेटर – वर्तमान काम देने वाली कंपनी से पिछले वर्ष का W-2 फॉर्म और संघीय आयकर रिटर्न.
अमेरिकी बैंक अकाउंट डिटेल्स – यह दिखाने के लिए कि अमेरिका में वित्तीय लेनदेन जारी है.
अमेरिकी ड्राइविंग लाइसेंस – अमेरिका में निवास बनाए रखने का एक सबूत.

अगर अमेरिका लौटने पर CBP अधिकारी ग्रीन कार्ड को चुनौती दें तो क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी फॉर्म पर हस्ताक्षर न करें, विशेष रूप से फॉर्म I-407, जो कानूनी स्थायी निवासी स्थिति को छोड़ने का रिकॉर्ड है. यदि अधिकारियों से सवाल-जवाब के दौरान समस्या हो, तो ‘स्थगित निरीक्षण’ (Deferred Inspection) की मांग करें. यदि CBP अधिकारी ग्रीन कार्ड को छोड़ने के लिए कहें, तो इमिग्रेशन जज के सामने पेश होने का अनुरोध करें. इससे एयरपोर्ट पर ग्रीन कार्ड सरेंडर करने की जरूरत नहीं होगी.

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15 ओवर में थे 170, फिर भी 209 रन ही बना सकी लखनऊ; पूरन-मार्श के बाद सारे सूरमा फेल

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DC vs SG Highlights First Innings: लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले खेलते हुए 209 रन बना लिए हैं. लखनऊ के मिचेल मार्श और निकोलस पूरन दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे, लेकिन अंतिम ओवरों में मिचेल मार्श ने गेंदबाजी में कहर बरपाया. जिस हिसाब से लखनऊ की टीम ने शुरुआत की थी, उस हिसाब से ऐसा प्रतीत होता है जैसे टीम ने अब भी 20-25 रन कम बनाए हैं. शर्मनाक बात यह रही कि पूरन और मार्श के अलावा लखनऊ का कोई बल्लेबाज नहीं चल पाया.

सिर्फ पूरन और मार्श ने बड़े स्कोर तक पहुंचाया

मिचेल मार्श ने लखनऊ टीम के लिए पारी की शुरुआत की थी. उन्होंने मात्र 21 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और अपनी तूफानी पारी में उन्होंने 36 गेंद खेलकर 72 रन बनाए. पूरी पारी में उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के लगाए. उनके अलावा निकोलस पूरन भी दिल्ली के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे. उन्होंने 30 गेंद में 75 रन बनाए और उन्होंने भी अपनी पारी में 6 चौके और 7 छक्के लगाए. कप्तान ऋषभ पंत तो खाता तक नहीं खोल पाए, वो 6 गेंद में बिना खाता खोले ही आउट हो गए.

लखनऊ सुपर जायंट्स ने 15 ओवर में 170 रन बना लिए थे और टीम बड़े स्कोर की ओर अग्रसर थी. मगर यहां से दिल्ली के गेंदबाजों ने कहर बरपाना शुरू किया. आखिरी 5 ओवरों में LSG के बल्लेबाज सिर्फ 39 रन ही बना पाए. अगर लखनऊ का वही 11 से अधिक का नेट रन-रेट जारी रहता तो लखनऊ 230-235 रनों के स्कोर तक पहुंच सकती थी.

मिचेल स्टार्क कहर बनकर टूटे

मिचेल स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स के सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए. वो शुरुआत में थोड़े महंगे जरूर साबित हुए, लेकिन उन्होंने 4 ओवरों में 42 रन देकर 3 विकेट चटकाए. अपने बल्ले से आग उगलने वाले निकोलस पूरन को भी स्टार्क ने भी क्लीन बोल्ड किया था. इसके अलावा उन्होंने शहबाज अहमद और रवि बिश्नोई का भी विकेट लिए.

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IIT Delhi ने जारी किया JAM 2025 स्कोर कार्ड, इस तरह करें डाउनलोड

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा मास्टर्स (JAM 2025) के स्कोर कार्ड आज, 24 मार्च 2025 को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं. जिन उम्मीदवारों ने इस साल JAM परीक्षा में भाग लिया था, वे अब अपना स्कोरकार्ड JOAPS पोर्टल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं. स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी आवेदन संख्या और पासवर्ड की आवश्यकता होगी.

18 मार्च को आया था रिजल्ट

गौरतलब है कि IIT दिल्ली ने JAM 2025 का परिणाम पहले ही 18 मार्च को जारी कर दिया था. परिणाम की घोषणा के बाद अब स्कोरकार्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है. JAM परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

किन पाठ्यक्रमों में मिलता है प्रवेश?

JAM स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को देशभर के IITs और अन्य संस्थानों में एमएससी, एमएससी (टेक), एमएस रिसर्च, एमएससी-एमटेक ड्यूल डिग्री, संयुक्त एमएससी-पीएचडी और एमएससी-पीएचडी ड्यूल डिग्री जैसे कई पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों में दाखिला मिलता है. JAM 2025 के जरिए कुल 2000 से अधिक सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा.

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स्कोरकार्ड में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?

JAM 2025 स्कोरकार्ड में उम्मीदवार का नाम, पंजीकरण संख्या, प्राप्त अंक, अखिल भारतीय रैंक (AIR), परीक्षा में उपस्थित छात्रों की संख्या, योग्यता अंक समेत अन्य जरूरी जानकारी दी गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कोरकार्ड को प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखें, क्योंकि आगे दाखिले के समय इसकी आवश्यकता होगी.

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ऐसे करें JAM 2025 स्कोरकार्ड डाउनलोड

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट joaps.iitd.ac.in पर जाएं.
  • होमपेज पर दिए गए ‘JOAPS पोर्टल’ लिंक पर क्लिक करें.
  • अब अपनी आवेदन संख्या/ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करें.
  • कैप्चा कोड भरें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें.
  • आपका JAM 2025 स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.
  • स्कोरकार्ड को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें.

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कुणाल कामरा को लेकर सोशल मीडिया पर आई मीम की बाढ़, यूजर्स जमकर ले रहे हैं मजे

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कुणाल कामरा देश के जाने पहचाने स्टेंडअप कॉमेडियन हैं. वैसे कुणाल आए दिन अपनी कॉमेडी के दौरान लगातार देश की राजनीति पर हमलावर रहते हैं, जिससे उन्हें विवादों का सामना करना पड़ता है. हाल ही में उनके एक शो में गाए गाने को लेकर महाराष्ट्र में विवाद छिड़ गया है जिसे लेकर अब कुणाल कामरा के खिलाफ मुकदमे भी हुए हैं और मुंबई स्थित उनके स्टूडियो में शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ भी कर दी है.

दरअसल, कुणाल कामरा पर कथित तौर पर महाराष्ट्र के एक बड़े नेता का अपमान करने का आरोप लग रहा है. जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुणाल को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम

अपने यूट्यूब चैनल पर कॉमेडी शो का एक वीडियो डालने के बाद महाराष्ट्र राजनीति के एक गुट के कार्यकर्ता कुणाल कामरा से खासे नाराज हो गए हैं. इन सभी के बीच कुणाल के मुंबई स्थित स्टूडियो में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ भी कर दी है. जिसके बाद कुणाल कामरा को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और कहा जा रहा है कि कुणाल कामरा जहां दिखे उनके चेहरे पर कालिख पोतकर बदला लिया जाएगा. जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह के मीम वायरल हो रहे हैं.

एक मीम में बॉबी देओल की फिल्म का सीन दिखाया गया है, जिसमें बॉबी देओल को एक कमरे में बंद होकर कई सारे लॉक लगाते हुए दिखाया गया है. इस मीम को कुणाल कामरा से जोड़ा जा रहा है जो कि काफी वायरल हो रहा है.

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किस बात को लेकर मचा है हंगामा

कुणाल कामरा ने हाल ही में कथित तौर पर एकनाथ शिंदे पर कॉमेडी की थी. उन्होंने नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका इशारा डिप्टी सीएम की तरफ ही था. उन्होंने ‘दिल तो पागल है’ फिल्म के गाने के अंदाज में टिप्पणी की.  जिसके बाद सोशल मीडिया के साथ साथ महाराष्ट्र में भी हंगामा मच गया. नाराज शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने खार में उनके स्टूडियो में जमकर तोड़फोड़ की.

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सावधान! ChatGPT को ज्यादा यूज करने से बन सकते हैं अकेलेपन का शिकार, सामने आए कई नुकसान

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ChatGPT जैसे AI चैटबॉट के आ जाने के कारण आजकल कई काम आसान हो गए हैं. स्कूल-कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक और अस्पतालों से लेकर कंपनियों तक, हर जगह इनका इस्तेमाल होने लगा है. हालांकि, इनका ज्यादा इस्तेमाल खतरों से खाली नहीं है. एक स्टडी में सामने आया है कि इन चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल से अकेलापन बढ़ता है और लोग दूसरे लोगों से मेलजोल में कम समय बीता रहे हैं. ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI और MIT की एक रिसर्च में यह जानकारी सामने आई है.

ये हैं चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल के खतरे

स्टडी में सामने आया कि जो लोग ChatGPT के साथ रोजाना ज्यादा समय बीताते हैं, वो भावनात्मक रुप से इस पर निर्भर हो जाते हैं. इस वजह से उन्हें अकेलापन महसूस होने लगता है और उन्हें दूसरे लोगों के साथ मेलजोल में परेशानी आती है. रिसर्चर ने पाया कि इंसानी रिश्ते में भावनात्मक रूप से ज्यादा जुड़ाव महसूस करने वाले और चैटबॉट पर ज्यादा भरोसा करने वाले लोगों ने ChatGPT के इस्तेमाल के बाद तुलनात्मक रुप से अधिक अकेलापन महसूस किया.

चैटबॉट के यूज को लेकर जताई जा रही चिंता

बता दें कि पिछले काफी समय से इस टेक्नोलॉजी के खासकर खासकर युवाओं और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों के बीच असर को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है. पिछले साल एक कंपनी के चैटबॉट पर बच्चों को खुद की जान लेने के लिए उकसाने का आरोप लगा था. इसी मामले में एक 14 वर्षीय बच्चे ने आत्महत्या भी कर ली थी. ताजा स्टडी करने वाले रिसर्चर का कहना है कि अभी तक यह रिसर्च शुरुआती चरण में है और इसका पूरा असर अभी तक पता नहीं चल पाया है. हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे और स्टडी का रास्ता खुलेगा. एक रिसर्चर ने कहा कि AI पर ध्यान देना मजेदार है, लेकिन इसका लोगों पर क्या असर पड़ता है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है.

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शनि का 29 मार्च को मीन में गोचर, गुरु की राशि पर क्या पड़ेगा असर, कौन से काम न करें जानें

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Shani Gochar 2025: न्याय के देवता शनि इस साल 29 मार्च को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कंटक शनि की पनौती से छुटकारा मिल जाएगा वहीं कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी.

सभी नौ ग्रहों में न्यायाधिपति और कर्मफलदाता शनि को सबसे प्रभावशाली ग्रह माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं. यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं. शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि वालों पर सकारात्मक वहीं कुछ पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा.

बड़े ग्रहों का गोचर

साल 2025 में शनि, गुरु और राहु-केतु जैसे प्रमुख और बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने जा रहा है. इनमें से सबसे पहले न्यायप्रिय और कर्मफलदाता शनि का गोचर होगा. वैदिक ज्योतिष में शनि को सबसे प्रभावशाली ग्रह माना जाता है. शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं, क्योंकि यह किसी एक राशि में ढाई वर्षों तक रहते हैं. इस तरह से शनि को राशि चक्र का पूरा चक्कर लगाने में 30 वर्ष का समय लग जाता है.

शनि की धीमी चाल और एक ही राशि में करीब ढाई सालों तक रहने के कारण इनका प्रभाव जिन-जिन राशियों पर पड़ता है काफी देर तक रहता है. शनि जब-जब राशि परिवर्तन करते या फिर चाल में बदलाव करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर किसी न किसी रूप में अवश्य ही पड़ता है.

शनि मीन राशि में कब तक रहेंगे

दरअसल अभी शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि और स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं और आने वाले दिनों में यानी 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. मीन राशि पर गुरु का स्वामित्व है. शनि मीन राशि में 03 जून 2027 तक रहेंगे, फिर मेष राशि की अपनी यात्रा को प्रारंभ करेंगे. शनि के मीन राशि में गोचर होने से कुछ राशियों को लाभ तो कुछ की परेशानियों में इजाफा देखने को मिलेगा.

शनि के मीन राशि में जाने से असर

न्याय के देवता शनिदेव 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. यह गोचर मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है. जो जातक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में सफलता प्राप्त हो सकती है. व्यापार-व्यवसाय में कोई नया आइडिया या प्रभावशाली योजना का विस्तार कर सकते हैं.

इस अवधि में विदेश से धन लाभ हो सकता है. जातक को सलाह दी जाती है कि इस अवधि में शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें और अन्य प्रलोभन वाली चीजों से भी बचें अन्यथा नुकसान हो सकता है. इस अवधि में कोई निकट का व्यक्ति धोखा दे सकता है. सतर्क रहें. प्रतिदिन सूर्यास्त के पश्चात शनि चालीसा का पाठ करें.

मीन राशि में शनि का प्रवेश खोलेगा तरक्की के मार्ग

ग्रहों के न्यायाधीश कर्मफल दाता शनिदेव 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जब-जब शनि मीन राशि में होते हैं तब हम सभी के लिए कुछ न कुछ नया कार्य अवश्य होगा. एक बार फिर शनि मीन राशि में आ रहे हैं और दुनिया में महत्वपूर्ण घटना घटित होगी. जिसका लाभ सभी को मिलेगा.

इस बार शनि देव कोई बड़ी बीमारी का इलाज देंगे. मेडिकल क्षेत्र में नए-नए आविष्कार होंगे और लाइलाज बीमारियों का इलाज मिलेगा. डिजिटल संचार तकनीकी क्षेत्र में कोई नई क्रांति की संभावना. भारत के लिए मीन राशि का शनि महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. हम सभी को फायदा होगा. कोई महत्वपूर्ण घटना घटित होगी.

प्राकृतिक आपदा और दुर्घटनाओं की आशंका

बड़े मामले सामने आएंगे. बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के योग बनेंगे. राजनीतिक उथल-पुथल एवं प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी. धरना जुलूस प्रदर्शन आंदोलन गिरफ्तारियां होगी. दुर्घटना होने की संभावना. 

देश और दुनिया में राजनीतिक बदलाव होंगे. सत्ता संगठन में परिवर्तन होगा. आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा. अचानक मौसमी बदलाव भी हो सकते हैं. बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है. सेना की ताकत बढ़ेगी. देश की कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी। मनोरंजन फिल्म खेलकूद एवं गायन क्षेत्र से बुरी खबर मिलेगी. बड़े नेताओं का दुखद समाचार मिलने की संभावना.

उपाय

  • शिव उपासना और हनुमत उपासना करें. मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें.
  • हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें. शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें.
  • गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं. पशु पक्षियों के लिए दाने,  हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें.
  • तेल का दान भी करना चाहिए. तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है.
  • शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए. इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं.
  • लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है. काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं.
  • सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है.

इन गलतियों को करने से बचें

  • किसी असहाय को बेवजह परेशान नहीं करें.
  • मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल नही करें.
  • कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें.
  • अनैतिक कार्यों से दूर रहें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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अमृतसर में रह रहे ISI के लोग? पाक एक्सपर्ट का दावा- खालिस्तानियों से भी होती हैं मुलाकातें…

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पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने पिछले साल दिसंबर से पंजाब में हो रहे हमलों के पीछे पाक की इंटेल एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) का हाथ होने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा है कि शायद आईएसआई के लोग वहां रहते हैं, जो युवाओं को भड़काकर हमले करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के पंजाब और पाकिस्तान के लाहौर के बीच जो बॉर्डर है वो काफी पोरस है.

पाक एक्सपर्ट ताहिर गोरा ने पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह कह रहे हैं कि आईएसआई पंजाब के युवाओं को छोटे लालच देकर हमले करवा रही है. उन्होंने कहा कि टाइम टू टाइम आईएसआई पंजाब में चीजों को भड़काती है.

उन्होंने कहा कि शायद अभी आईएसआई वहां न हो, लेकिन शायद कभी गई है या वो वहां रहते हों क्योंकि साथ ही तो बॉर्डर है. ताहिर गोरा ने कहा, ‘मैंने तो बॉर्डर देखा हुआ है. मैंने अमृतसर की तरफ से भी बॉर्डर देखा हुआ है और लाहौर की तरफ से भी देखा हुआ है कि वो कितना पोरस बॉर्डर है. इसमें कोई शक वाली बात ही नहीं है कि आईएसआई वहां ये सब न करवा रही हो.’ 

उन्होंने यह भी कहा कि खालिस्तानी एलिमेंट्स से भी आईएसआई मिलती है और इन हमलों में खालिस्तानी एलिमेंट भी हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में जो हमलों की घटनाएं हुई हैं, ये कनाडा और यूके में जो खालिस्तानी एलिमेंट्स हैं, उनसे भी जुड़ी हुई हैं और आईएसआई के जो लोग यहां बैठे हुए हुए हैं, वो खुलम-खुल्ला यही काम कर रहे हैं.

ताहिर गोरा ने कहा, ‘खालिस्तानी एलिमेंट भी आईएसआई से खुल्लम-खुल्ला मिलते हैं. मैंने कई बार देखा हुआ है. तो भारत के पंजाब में ये कार्रवाइयां फिर भड़कना वाकई चैलेंजिंग है. मैं यह समझता हूं कि इस वक्त वहां पर आम आदमी पार्टी की जो सरकार है, उनको इस मसले को ठीक ठाक तरीके से रोकना चाहिए, वरना ये मामलात एक स्टेप आगे चैलेंज बन सकता है.’

ताहिर गोरा ने बीबीसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 2024 से अब तक पंजाब में कई हमले हुए, जिनमें कभी पुलिस स्टेशन का निशाना बनाया गया और कभी मंदिर को. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 4 दिसंबर, 2024 को मजीठिया थाने के बाहर धमाका हुआ, फिर 12 दिसंबर को गुरदासपुर के अलीवार गांव के पुलिस स्टेशन पर हमला किया गया, 17 दिसंबर को अमृतसर में एक पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ, 18 दिसंबर को गुरदासपुर पुलिस चौकी बक्शीवाल पर हमला किया गया, 20 दिसंबर को वडाला बंगर पुलिस चौकी को निशाना बनाया, 3 फरवरी को अमृतसर पुलिस स्टेशन चौकी फतेहगढ़ चुरिया बाईपास पर हमला हुआ, 11 मार्च को हिंदू मंदिर ठाकर दवारा में धमाका हुआ और 16 मार्च को जालंधर के गांव रसूल में एक घर पर धमाका हुआ.

 

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