कब आएगा बिहार बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट, जान लीजिए ताजा अपडेट?

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Bihar Board Result Date 2025: बिहार बोर्ड के कक्षा 12वीं और 10वीं के रिजल्ट का इंतजार लाखों छात्रों को है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में बिहार बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं, जिसमें परीक्षा की तिथि और समय जारी करने की बात कही जा रही है, जिससे बिहार बोर्ड की परीक्षा देने वाले लाखों छात्र भ्रमित हो रहे हैं. ऐसे में आपको बता दें कि आधिकारिक रूप से बिहार बोर्ड की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर इसके बारे में आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है. 

बता दें, BSEB बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से जारी परीक्षा परिणाम छात्र अपना रोल नंबर और रोल कोड डालकर चेक कर सकेंगे. बता दें, बिहार बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट पर आधारित रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार बोर्ड परीक्षा 12वीं का रिजल्ट 27 मार्च, 2025 को सुबह 10 बजे तक जारी किया जाएगा. वहीं, 10वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 5 अप्रैल को जारी होगा. 

इस दिन जारी होगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 

बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा का रिजल्ट: 27 मार्च, 2025 सुबह 10 बजे 

बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा का रिजल्ट: 6 अप्रैल, 2025 सुबह 10 बजे 

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बता दें, बिहार बोर्ड परीक्षा में 12वीं की परीक्षा 1 फरवरी से 25 फरवरी तक अगल-अगल परीक्षा केंद्रों पर दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में करीब 13 लाख छात्र शामिल हुए थे. बता दें, बिहार बोर्ड परीक्षा राज्य के 1677 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. 

ऐसे कर सकते हैं चेक

बिहार बोर्ड का रिजल्ट चेक करने के लिए आपको सबसे पहल बिहार बोर्ड परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट results.biharboardonline.com पर जाना होगा. इसके बाद आप होम पेज पर बिहार बोर्ड 12वीं या 10वीं रिजल्ट के ऑप्शन पर क्लिक करें. परीक्षा परिणाम देख्खने के लिए आपको रोल कोड और रोल नंबर की जरूरत पड़ेगी. दिए गए ऑप्शन पर रोल कोड और रोल नंबर को भरें. डिटेल डालते ही आपका रिजल्ट आपकी आंखों के सामने होगा. आप इसे डाउनलोड करके प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं. 

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बोइंग में बड़ी छंटनी, भारत में 180 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

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Boeing Layoff: एयरक्राफ्ट बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग ने बेंगलुरू में अपने इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी सेंटर से 180 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है. कंपनी दुनिया भर के अपने ऑफिसेज में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है. भारत में बोइंग के लगभग 7,000 कर्मचारी हैं. 

भारी कर्ज के जाल में फंसी बोइंग

बताया जा रहा है कि वर्तमान समय में बोइंग वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रही है. कंपनी ने पिछले साल अपने वर्कफोर्स में 10 परसेंट कटौती की बात की थी. हालांकि, हाल ही में हुई छंटनी को लेकर कंपनी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. सूत्रों ने जानकारी दी है कि कंपनी के स्ट्रैटेजिक एडजस्टमेंट के तहत कुछ पद प्रभावित जरूर हुए हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसका ग्राहकों या सरकारी परिचालन में कोई असर न पड़े. 

भारत में अधिक संतुलित तरीके से छंटनी

कंपनी ने कहा कि कुछ पुराने रोल खत्म किए जाने के साथ कुछ नए रोल भी क्रिएट किए गए हैं. भारत में ग्राहक सेवा, सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर फोकस रखते हुए कंपनी ने छंटनी अधिक संतुलित तरीके से की है. बता दें कि बेंगलुरु और चेन्नई में बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (BIETC) में एडवांस्ड एयरोस्पेस बनाने का काम होता है. 

बोइंग को मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

इस बीच, शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोइंग को अमेरिकी वायुसेना का अब तक का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया. इसके चलते कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया. नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेंस (NGAD) कार्यक्रम के तहत अमेरिकी वायु सेना के लिए बनाए जाने वाले छठी पीढ़ी के इस फाइटर जेट को  F-47 के नाम से जाना जाएगा, जो पांचवी पीढ़ी के F-22 रैप्टर की जगह लेगा. 

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‘सिकंदर’ का ट्रेलर आते ही नेटिंजस चीख-चीखकर कहने लगे ऐसी बात

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Sikandar Trailer: सलमान खान की सिकंदर का ट्रेलर आउट हो चुका है. फिल्म 30 मार्च को रिलीज हो रही है और इससे ठीक एक हफ्ते पहले फिल्म से जुड़ी कई बातें लोगों को ट्रेलर देखकर ही पता चल चुकी हैं. ज्यादातर फैंस इस ट्रेलर को पसंद कर रहे हैं, तो वहीं कुछ को इसमें कमियां भी दिख रही हैं.

कई नेटिजंस सोशल मीडिया पर फिल्म के ट्रेलर की इन कमियों को गिनाते नजर आ रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि ट्रेलर में ऐसा क्या दिख गया है कि नेटिजंस सोशल मीडिया पर बातें करने लगे हैं.

सिकंदर के ट्रेलर पर क्या बोल रहे यूजर्स

एक यूजर ने सलमान खान से लेकर वीएफएक्स तक को नंबर वन बताते हुए कुछ कमियां बता डालीं. यूजर ने लिखा- ‘स्टोरी नंबर 1, सलमान खान का प्रेजेंटेशन नंबर 1, एक्शन सीक्वेंस नंबर 1 और वीएफएक्स नंबर 1 है. लेकिन रश्मिका की डायलॉग डिलीवरी थोड़ी वीक लगी.’

यूजर ने आगे ये भी लिखा- ‘कुछ सीन में भाई की भी डायलॉग डिलिवरी कमजोर लगी. और सत्यराज के अलावा कोई दमदार विलेन और नहीं है तो थोड़ा वो पॉइंट भी वीक है. हालांकि, ओवरऑल मस्त और फ्रेश स्टोरी है.’

Sikandar Trailer में दिखीं नेटिजंस को गलतियां, चीख-चीखकर कह रहे Salman Khan की फिल्म पर ऐसी बात

एक और यूजर ने लिखा- ‘विलेन दमदार नहीं है.’

Sikandar Trailer में दिखीं नेटिजंस को गलतियां, चीख-चीखकर कह रहे Salman Khan की फिल्म पर ऐसी बात

ज्यादातर फैंस कर रहे तारीफ

वैसे नीचे वाले स्क्रीनशॉट देखकर आप ये अंदाजा भी लगा लेंगे कि फिल्म के ट्रेलर पर नेगेटिव रिव्यू देने वाले कम और पॉजिटिव रिव्यू देने वाले यूजर्स ज्यादा हैं. ज्यादातर यूजर्स ने इसे पहले ही ब्लॉकबस्टर, धमाकेदार, और सुपरहिट बता दिया है.

Sikandar Trailer में दिखीं नेटिजंस को गलतियां, चीख-चीखकर कह रहे Salman Khan की फिल्म पर ऐसी बात

ज्यादातर यूजर्स ने जताई डायलॉग डिलीवरी पर चिंता

खैर हमने जितने भी कमेंट्स देखे उनमें से ज्यादातर ट्रेलर और सलमान भाई की तारीफ करते नजर आए. हालांकि, उनमें से कुछ फिल्म में उनकी और रश्मिका मंदाना की डायलॉग डिलीवरी से खफा दिखे. यहां देखें ऐसे नेटिजंस के कमेंट्स.

Sikandar Trailer में दिखीं नेटिजंस को गलतियां, चीख-चीखकर कह रहे Salman Khan की फिल्म पर ऐसी बात

अब नेटिजंस कितने सही हैं और कितने गलत, ये आप खुद नीचे ट्रेलर देखकर अंदाजा लगा लीजिए. और बाकी का पता आप फिल्म रिलीज होने के बाद तो लगा ही लेंगे.


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बांग्लादेश को आई अक्ल! मोहम्मद यूनुस ने भारत से की पीएम मोदी से मुलाकात कराने की गुजारिश

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Muhammad Yunus News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुरोध किया है. हालांकि भारत ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

दरअसल, प्रधानमंत्री के अगले महीने 2 से 4 अप्रैल के बीच बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए बैंकॉक में रहने की उम्मीद है. यूनुस भी इसमें भाग ले रहे हैं और बांग्लादेश ने आधिकारिक तौर पर दोनों नेताओं के बीच बैठक की मांग की है, लेकिन भारत ने अभी तक बैठक की पुष्टि नहीं की है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा था, “हमने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने के लिए भारत से कूटनीतिक संपर्क किया है.”

विदेश मंत्रालय का बयान
इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार ( 21 मार्च, 2025 ) को कहा था, “मेरे पास इस समय साझा करने के लिए कोई अपडेट नहीं है.” अल्पसंख्यकों पर हमले, सीमा विवाद, जल बंटवारा और व्यापार समझौते जैसे कई मुद्दों पर भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसदीय परामर्श समिति की बैठक में इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला अभी विचाराधीन है.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले
भारतीय सांसदों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है. भारत ने बांग्लादेश से इन मामलों में उचित कार्रवाई की मांग की है. बांग्लादेश की सरकार ने कहा कि ये हमले राजनीति से प्रेरित हैं और अल्पसंख्यकों को निशाना नहीं बनाया जा रहा.

भारत बांग्लादेश सीमा विवाद
दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है. अवैध घुसपैठ और सीमा पर होने वाली झड़पें लगातार चिंता का विषय हैं. भारत सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाना चाहता है.

BIMSTEC और क्षेत्रीय सहयोग
भारत BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) को और मजबूत बनाना चाहता है, ताकि यह SAARC का एक बेहतर विकल्प साबित हो. पाकिस्तान की ओर से SAARC को बाधित करने के कारण भारत अब BIMSTEC को प्राथमिकता दे रहा है. बांग्लादेश इस क्षेत्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

बांग्लादेश के अनुरोध पर भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसदीय परामर्श समिति की बैठक में कहा, “बांग्लादेश के अनुरोध की अभी पुष्टि नहीं हुई है. यह मामला विचाराधीन है.” जयशंकर ने कहा कि भारत अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों पर बांग्लादेश सरकार से चर्चा करता रहेगा. दरअसल, पिछले साल बांग्लादेश में हुई हिंसा और राजनीतिक उथल पुथल के कारण भारत सतर्क रुख अपना रहा है.

BIMSTEC शिखर सम्मेलन और भारत बांग्लादेश संबंध
भारत BIMSTEC को दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच एक मजबूत आर्थिक और रणनीतिक गठजोड़ के रूप में विकसित कर रहा है. यह SAARC की तुलना में अधिक प्रभावी क्षेत्रीय संगठन बनने की ओर बढ़ रहा है. वहीं, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. अंतरिम सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहती है. बता दें कि भारत बांग्लादेश में स्थिरता और लोकतंत्र को मजबूत करने के पक्ष में है,लेकिन, भारत यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें हावी न हों.

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मछली की पूंछ और शक्ल एलियन वाली! समुद्र किनारे टहल रहे कपल को मिला अजीब जीव, देखें तस्वीरें

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फर्ज कीजिए आप समुद्र किनारे अपने पार्टनर के साथ टहल रहे हों, और आपका पैर एक ऐसी चीज पर पड़े जो दिखने में एलियन जैसी हो और उसे मछली की पूंछ लगी हो तो आप क्या करेंगे. जाहिर सी बात है आप हैरान होने के साथ-साथ मुमकिन है कि डर जाए. हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मामला वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है एक कपल जो समुद्र किनारे टहल रहा था उन्हें एलियन की शक्ल वाला जीव दिखा, जिसके बाद कपल ने उस जीव की तस्वीरें निकाली और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दीं.

समुद्र किनारे कपल को दिखा अजीब जीव

यूनाइटेड किंगडम में एक कपल तब हैरान रह गया जब उन्हें इंग्लैंड के एक समुद्र तट पर टहलते वक्त एक रहस्यमयी “कंकाल जैसी” आकृति दिखी. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार , पाउला और डेव रेगन ने तस्वीरें ऑनलाइन शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने 10 मार्च को मार्गेट केंट में तट पर टहलते वक्त जलपरी जैसी कंकाल वाली एक आकृति देखी. तस्वीरों में कैद यह रहस्यमयी जीव रेत में दबा हुआ है और समुद्री शैवाल से घिरा हुआ दिखाई दे रहा है. दिखने में यह एक नक्काशीदार लकड़ी का लग रहा है जिसकी पूंछ मछली की है और धड़ और सिर किसी एलियन की याद दिला रहा है.

देखने में मछली और एलियन जैसा

पोस्ट के अनुसार, पाउला रेगन ने कहा, “मैं आपको यह नहीं बता सकती कि यह क्या था. यह सबसे अजीब चीज थी.” “पहले तो मुझे लगा कि यह बहकर आई लकड़ी या शायद कोई मरी हुई सील है, क्योंकि मैं इसे अजीबोगरीब पूंछ के पंख जैसी चीजें के रूप में देख और समझ पा रही थी. “सिर कंकाल जैसा लग रहा था, लेकिन पीछे का हिस्सा जहां मछली की पूंछ थी नरम और चिपचिपा था. अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि यह आखिर है क्या बला और लोग अपने-अपने तर्क दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: इसे पैदा नहीं डाउनलोड किया गया है…छोटी सी उम्र में दे रहा बड़े-बड़े जवाब, बच्चे की होशियारी देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान 

यूजर्स ने लगाया अनुमान

पोस्ट को @dotconnectinga नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे अबतक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने पोस्ट को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स पोस्ट को लेकर तरह-तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…मुझे लगता है ये कोई खिलौना हो सकता है. एक और यूजर ने लिखा…ये बिल्कुल प्रतीत किए गए एलियन जैसा दिख रहा है इसका मतलब ये खिलौना ही है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…समुद्र में कई चीजें गिर जाती है, जहाज से गिर गया होगा.

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Google ने 331 खतरनाक ऐप्स को Play Store से हटाया! कहीं आपके फोन में भी तो नहीं हैं ये Apps

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Google ने इन खतरनाक ऐप्स को अपने Play Store से हटा दिया है. हालांकि, Bitdefender की रिपोर्ट के अनुसार, शोध के अंत तक 15 ऐप्स अब भी उपलब्ध थे. Vapor Operation एक साइबर अपराधियों द्वारा चलाया गया धोखाधड़ी अभियान है. शुरुआत में, इसमें 180 ऐप्स शामिल थे, जो हर दिन 200 मिलियन फर्जी विज्ञापन अनुरोध उत्पन्न कर रहे थे.

Google ने इन खतरनाक ऐप्स को अपने Play Store से हटा दिया है. हालांकि, Bitdefender की रिपोर्ट के अनुसार, शोध के अंत तक 15 ऐप्स अब भी उपलब्ध थे. Vapor Operation एक साइबर अपराधियों द्वारा चलाया गया धोखाधड़ी अभियान है. शुरुआत में, इसमें 180 ऐप्स शामिल थे, जो हर दिन 200 मिलियन फर्जी विज्ञापन अनुरोध उत्पन्न कर रहे थे.

अब यह संख्या 331 ऐप्स तक पहुंच गई है, जो Health Trackers, QR Scanners, Notes Apps, और Battery Optimizers जैसी कैटेगरी में फैले हुए हैं. इन ऐप्स में AquaTracker, ClickSave Downloader, और Scan Hawk शामिल हैं जिन्हें 1 मिलियन से अधिक डाउनलोड किया गया है.

अब यह संख्या 331 ऐप्स तक पहुंच गई है, जो Health Trackers, QR Scanners, Notes Apps, और Battery Optimizers जैसी कैटेगरी में फैले हुए हैं. इन ऐप्स में AquaTracker, ClickSave Downloader, और Scan Hawk शामिल हैं जिन्हें 1 मिलियन से अधिक डाउनलोड किया गया है.

वहीं, TranslateScan और BeatWatch ऐप भी शामिल हैं जिन्हें 1 लाख से 5 लाख डाउनलोड मिले हैं. ये ऐप्स अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच Google Play Store पर अपलोड किए गए थे.

वहीं, TranslateScan और BeatWatch ऐप भी शामिल हैं जिन्हें 1 लाख से 5 लाख डाउनलोड मिले हैं. ये ऐप्स अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच Google Play Store पर अपलोड किए गए थे.

ब्राज़ील, अमेरिका, मैक्सिको, तुर्की और दक्षिण कोरिया में इन ऐप्स के सबसे ज्यादा डाउनलोड हुए. भारत जैसे देशों में भी यह तकनीकी जानकारी कम रखने वाले यूज़र्स के लिए बड़ा खतरा बने.

ब्राज़ील, अमेरिका, मैक्सिको, तुर्की और दक्षिण कोरिया में इन ऐप्स के सबसे ज्यादा डाउनलोड हुए. भारत जैसे देशों में भी यह तकनीकी जानकारी कम रखने वाले यूज़र्स के लिए बड़ा खतरा बने.

ये ऐप्स शुरुआत में सिर्फ विज्ञापन दिखाने वाले ऐप्स की तरह काम करते थे. बाद में, अपडेट्स के जरिए कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) सर्वर से खतरनाक कोड भेजा गया. इंस्टॉल होने के बाद, इन ऐप्स ने खुद को छिपाने के लिए होम स्क्रीन से अपना आइकन गायब कर लिया.

ये ऐप्स शुरुआत में सिर्फ विज्ञापन दिखाने वाले ऐप्स की तरह काम करते थे. बाद में, अपडेट्स के जरिए कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) सर्वर से खतरनाक कोड भेजा गया. इंस्टॉल होने के बाद, इन ऐप्स ने खुद को छिपाने के लिए होम स्क्रीन से अपना आइकन गायब कर लिया.

कुछ ऐप्स ने अपने नाम बदलकर Google Voice जैसे भरोसेमंद ऐप्स जैसा दिखने का प्रयास किया. एक बार इंस्टॉल होने के बाद, ये ऐप्स बिना किसी यूज़र इंटरेक्शन के एक्टिवेट हो जाते थे. फुल-स्क्रीन विज्ञापन दिखाकर फोन को हैंग कर देते थे. फेक लॉगिन पेज बनाकर Facebook, YouTube, और पेमेंट गेटवे की जानकारी चुराने की कोशिश करते थे.

कुछ ऐप्स ने अपने नाम बदलकर Google Voice जैसे भरोसेमंद ऐप्स जैसा दिखने का प्रयास किया. एक बार इंस्टॉल होने के बाद, ये ऐप्स बिना किसी यूज़र इंटरेक्शन के एक्टिवेट हो जाते थे. फुल-स्क्रीन विज्ञापन दिखाकर फोन को हैंग कर देते थे. फेक लॉगिन पेज बनाकर Facebook, YouTube, और पेमेंट गेटवे की जानकारी चुराने की कोशिश करते थे.

कुछ ऐप्स ने झूठे अलर्ट दिखाए कि

कुछ ऐप्स ने झूठे अलर्ट दिखाए कि “आपका फोन वायरस से संक्रमित है”, ताकि यूज़र्स अधिक मैलवेयर डाउनलोड करने पर मजबूर हो जाएं. कई यूज़र्स ने शिकायत की कि वे ऐड लूप में फंस गए, जहां कोई भी बटन दबाने पर उन्हें फर्जी वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता था. कई ऐप्स यूज़र्स के बैंक डिटेल्स और पासवर्ड चुराने के लिए डिज़ाइन किए गए थे.

Published at : 23 Mar 2025 10:53 AM (IST)

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शुगर के मरीजों के लिए सेफ हैं ये मिठाइयां, क्रेविंग कर सकते हैं दूर

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Safe Sweets for Suger Patients : शुगर यानी डायबिटीज के मरीजों को कुछ भी खाने से पहले हजार बार सोचना पड़ता है. खासकर मिठाइयां या कोई मीठी चीज. क्योंकि जरा सी लापरवाही से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बढ़ा सकता है. इसी डर से उन्हें अपने मन को मानकर मीठे से दूरी बनानी पड़ती है लेकिन कई बार क्रेविंग इतनी ज्यादा हो जाती है कि खुद को रोक पाना मुश्किल होता है. इसके लिए आप ऐसी मिठाइयां खा सकते हैं, जो सही तरीके से बनाई जाएं और उनमें नेचुरल स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया जाए. ये शुगर पेशेंट के मीठे की क्रेविंग तो खत्म करते ही हैं, हेल्दी भी होते हैं और ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखते हैं.

शुगर के मरीजों के लिए सेफ मिठाइयां

1. गुड़ और नारियल से बनी लड्डू

गुड़ नैचुरल स्वीटनर होता है और यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे अचानक ग्लूकोज स्पाइक नहीं होता. नारियल में फाइबर और हेल्दी फैट होते हैं, जो इसे और भी हेल्दी बनाते हैं

बनाने का तरीका

गुड़ को हल्की आंच पर पिघला लें.

उसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल मिलाएं.

इस मिश्रण को ठंडा होने के बाद छोटे-छोटे लड्डू के आकार में बना लें.

2. शुगर-फ्री बेसन के लड्डू

बेसन में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है. इसे शुगर-फ्री या स्टीविया से बनाया जा सकता है.

बनाने का तरीका

सबसे पहले घी में बेसन भूनें

स्टीविया पाउडर और कटे हुए मेवे डालें

अब मिश्रण से लड्डू बना लें.

3. ओट्स और ड्राई फ्रूट्स बर्फी

ओट्स में हाई फाइबर होता है, जो शुगर कंट्रोल में मदद करता है. इसमें मौजूद ड्राई फ्रूट्स नेचुरल मिठास देते हैं, जिससे एक्स्ट्रा चीनी की जरूरत नहीं होती है.

बनाने का तरीका

ओट्स को भूनकर पाउडर बना लें.

इसमें खजूर का पेस्ट और कटे हुए मेवे मिलाएं.

इस मिश्रण को सेट होने दें.

अब बर्फी के टुकड़ों में काट लें.

4. रागी हलवा

रागी लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) फूड है, जो धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करता है, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है.

बनाने का तरीका

रागी के आटे को हल्के घी में भूनें

स्टीविया या गुड़ डालें

दूध मिलाकर अच्छी तरह पकाएं.

इसे तैयार होने पर ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करें.

5. खजूर और नट्स की एनर्जी बॉल्स

खजूर में नेचुरल मिठास होती है. यह फाइबर से भरपूर होता है, जिससे ब्लड शुगर नहीं बढ़ता है. इससे बनी मिठाई शुगर पेशेंट्स के लिए सेफ होती है. 

बनाने का तरीका

सबसे पहले खजूर, बादाम, अखरोट और काजू को मिक्सी में पीस लें.

इसे छोटे-छोटे बॉल्स के रूप में बना लें और स्टोर कर दें.

जब मन करें ये मिठाई खा सकते हैं

6. चिया सीड्स और कोको पुडिंग

चिया सीड्स में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इससे बनी मिठाई शुगर पेशेंट्स के लिए अच्छी होती है. इससे अपनी क्रेविंग शांत कर सकते हैं.

बनाने का तरीका

सबसे पहले दूध लें.

इसमें चिया सीड्स और कोको पाउडर डालें.

अब स्टीविया मिलाकर रातभर फ्रिज में रख दें.

 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

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कौन हैं विग्नेश पुथुर? बिना घरेलू क्रिकेट खेले IPL में एंट्री, MI के लिए किया यादगार डेब्यू

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Vignesh Puthur MI Player: चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ रोहित शर्मा की जगह दूसरी पारी में इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए मुंबई इंडियंस प्लेयर विग्नेश पुथुर को आईपीएल में डेब्यू का मौका मिला. इस मौके को उन्होंने खूब भुनाया और अपने आईपीएल डेब्यू को यादगार बनाया. विग्नेश ने सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के रूप में अपना पहला आईपीएल विकेट लिया. इसके बाद उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज शिवम दुबे (9) को अपना शिकार बनाया.

अभी तक घरेलु क्रिकेट नहीं खेले हैं विग्नेश पुथुर 

बाएं हाथ के स्पिनर विग्नेश पुथुर ने 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. उन्होंने केरल क्रिकेट लीग के पहले सत्र में एलेप्पी रिपल्स टीम का हिस्सा थे. पुथुर ने उस टूर्नामेंट में सिर्फ़ तीन विकेट लिए, लेकिन मुंबई इंडियंस के स्काउट्स का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ, जिन्होंने उन्हें ट्रायल के लिए आमंत्रित किया था. 

विग्नेश पुथुर अभी तक घरेलू क्रिकेट में केरल टीम के लिए नहीं खेले हैं. हालांकि इससे पहले ही उन्होंने अपना आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया था. उन्हें आईपीएल ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने 30 लाख रूपये में खरीदा. 



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चीन की सेना में AI क्रांति, पीएलए ने डीपसीक AI को गैर-लड़ाकू सहायता कार्यों में किया तैनात

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China News: चीन अपनी टेक्नोलॉजी का सटीक उपयोग कर रहा है, साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं का भी विस्तार कर रहा है, और इसका सबसे ताजा उदाहरण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में “डीपसीक AI” का उपयोग है.

PLA ने डीपसीक AI को सैन्य अस्पतालों, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP), और राष्ट्रीय रक्षा इकाइयों में तैनात किया है. AI डॉक्टरों को ट्रीटमेंट प्लान्स बनाने में मदद करता है और अन्य नागरिक क्षेत्रों में भी उपयोग हो रहा है. यह PLA के टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और AI-आधारित सैन्य रणनीति को दर्शाता है, जो भविष्य में युद्ध के मैदान की निगरानी और निर्णय लेने में मदद करेगा.

क्या है डीपसीक AI और कैसे कर रहा है PLA इसका उपयोग?
डीपसीक एक चीन-आधारित AI टूल है, जिसे एक ओपन-सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के रूप में विकसित किया गया है. मेडिकल सेक्टर में PLA के सैन्य अस्पतालों में डॉक्टरों की मदद के लिए AI ट्रीटमेंट प्लान्स बनाने में सुझाव देता है. साथ ही मरीजों की जानकारी लोकल सर्वर पर स्टोर होती है, जिससे डेटा सुरक्षित रहता है. PAP और अन्य सैन्य संस्थानों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है.

डीपसीक AI बनाम अन्य AI मॉडल:
डीपसीक ने ChatGPT जैसे AI मॉडल्स को कंप्यूटेशनल दक्षता के कारण पीछे छोड़ दिया. यह Apple के ऐप स्टोर पर शीर्ष रैंक वाले मुफ़्त ऐप के रूप में ChatGPT को पछाड़ चुका है.

1. AI का युद्धक्षेत्र की रणनीति में इस्तेमाल
PLA ने पहले ही ड्रोन झुंड रणनीति, पायलट प्रशिक्षण और युद्ध निर्णय लेने में AI को शामिल किया है.

2. निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना

3. निगरानी और सुरक्षा में AI का योगदान
PLA AI का उपयोग निगरानी और खुफिया अभियानों में भी कर सकता है. चीन की सरकारी एजेंसियां भी भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों में डीपसीक मॉडल को अपना रही हैं.

क्या AI चीन की सैन्य रणनीति को नया आयाम दे सकता है?
बता दें कि PLA लगातार AI, साइबर युद्ध और मशीन लर्निंग आधारित रणनीति का विकास कर रहा है. चीन का AI आधारित सैन्य विकास अमेरिका और अन्य देशों की सुरक्षा रणनीतियों के लिए एक नई चुनौती बन सकता है. AI को सैन्य अभियानों में शामिल करने से चीन को खुफिया निगरानी और आक्रामक रक्षा में बढ़त मिल सकती है. PLA के लिए मानव रहित हथियार प्रणालियां विकसित की जा सकती हैं. युद्धक्षेत्र की वास्तविक समय रणनीति तैयार करने के लिए AI का उपयोग बढ़ सकता है.

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अंबानी के कैम्पा को चुनौती देने के लिए पेप्सीको और कोका-कोला ने चली नई चाल

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Cold Drinks Market: गर्मियां पड़ने वाली हैं और इसी के साथ बेवरेजेस कंपनियां ग्राहकों को लुभाने की कोशिश में जुट गई हैं. इस दौरान कोला इंडस्ट्री में भी लाइट और डाइट ड्रिंक्स के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. कोका-कोला, पेप्सिको और रिलायंस कंज्यूमर के कैंपा जैसी कई बड़ी कंपनियां ग्राहकों की सेहत का ख्याल रखते हुए शुगर-फ्री मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. 

10 रुपये के अफोर्डेबल पैक में शुगर फ्री वेरिएंट

इस बीच, कोका-कोला और पेप्सिको दोनों ही महज 10 रुपये के अफोर्डेबल पैक में डाइट और लाइट ड्रिंक्स को लॉन्च करने के साथ लोगों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई हैं.

200 मिलीलीटर की इन बोतलों की कीमत कई दूसरे कोल्ड ड्रिंक ब्रांड के मुकाबले सस्ती है और ये कंज्यूमर के बीच फेमस भी हो रहे हैं. कोका-कोला और पेप्सिको ने थम्स अप एक्स फोर्स, कोक जीरो, स्प्राइट जीरो और पेप्सी नो-शुगर जैसे कई शुगर-फ्री वेरिएंट लॉन्च किए हैं.

ये सभी ड्रिंक्स बाजारों में 10 रुपये के छोटू पैक में उपलब्ध हैं. दोनों कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक, देश में पहली बार डाइट और लाइट ड्रिंक्स के लिए इतनी कम कीमतें तय की गई हैं. इन सबके बीच कंपनियां रिलायंस के कैंपा कोला की मार्केट स्ट्रैटेजी पर भी फोकस कर रही हैं. 

कैम्पा भी लाने जा रहा 10 रुपये का छोटू पैक

डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कोका-कोला के सबसे बड़े बॉटलिंग पार्टनर्स में से एक MMG ग्रुप के चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने बताया कि उपभोक्ता कम या बिना चीनी वाले ड्रिंक्स को अधिक पसंद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके डाइट और लाइट पोर्टफोलियो में डाइट कोक, कोक जीरो, स्प्राइट जीरो और थम्स एक्स फोर्स जैसे ड्रिंक्स शामिल हैं. जिनकी कीमत साइज के आधार पर 10 रुपये से लेकर 30 रुपये तक है.

ये ड्रिंक्स अब अब 250 मिली और 500 मिली की बोतलों में उपलब्ध हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बीच चुनने के लिए कई ऑप्शंस हैं. इस बीच, रिलायंस के कैम्पा की भी 10 रुपये की कीमत वाली 200 मिलीलीटर की शुगर-फ्री बोतल के साथ मार्केट में दमदार एंट्री होने जा रही है. यह भारत के कई कोला ब्रांड्स के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. 

सेहत को लेकर जागरूक हो रहे लोग

भारत में शुगर-फ्री और कम चीनी वाले बेवरेजेस का मार्केट तेजी से फल-फूल रहा है. पिछले साल इनकी बिक्री 700-750 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. पेप्सिको के पार्टनर वरुण बेवरेजेज के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पेप्सिको की बिक्री में कम चीनी या बिना चीनी वाले ड्रिंक्स की हिस्सेदारी अब 44.4 परसेंट है. शहरों में इनकी सबसे ज्यादा डिमांड है क्योंकि यहां लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक हो रहे हैं. 

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